उत्तराखंड

लंबित पेयजल योजनाएं जल्द पूरी हों, हर घर तक पहुंचे स्वच्छ जल- सीडीओ

हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने पर जोर, मानसून से पहले गुणवत्ता जांच पूरी करने के निर्देश

डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच कार्य शुरू न होने पर सीडीओ सख्त, मांगा स्पष्टीकरण

सीडीओ का निर्देश- नल जल मित्रों को जिम्मेदारी के साथ दिया जाए मानदेय

ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक वेस्ट उठान के लिए तय हो रूट और वाहन व्यवस्था

जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की समीक्षा-सीडीओ ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

देहरादून। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति और गुणवत्ता जांच में लापरवाही पर सख्त नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी लंबित योजनाओं का कार्य शीघ्र पूरा कर हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने मानसून से पहले सभी विकासखंडों में पेयजल गुणवत्ता जांच पूर्ण करने, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का तत्काल पुनर्गठन करने तथा नल जल मित्रों को योजनाओं के रखरखाव में सक्रिय भूमिका देने के निर्देश दिए।

गुरुवार को विकास भवन सभागार में आयोजित जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य केवल योजनाओं का निर्माण और हैंडओवर करना नहीं, बल्कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों से फेस-2 की अवशेष योजनाओं को तेजी से पूरा कराने और पूर्ण योजनाओं का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराते हुए हर घर जल सर्टिफिकेशन सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पिछली समीक्षा के निर्धारित लक्ष्य पूरे न होने तथा विकासखंड डोईवाला में पेयजल गुणवत्ता जांच शुरू न किए जाने पर सीडीओ ने संबंधित इंजीनियरों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि मानसून से पहले सभी गांवों में पानी की गुणवत्ता जांच और सर्टिफिकेशन का कार्य हर हाल में पूरा किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समितियों का पुनर्गठन कर इसकी रिपोर्ट शीघ्र प्रस्तुत की जाए। नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षित युवाओं को मास्टरोल आधार पर मानदेय तय करते हुए पेयजल योजनाओं के रखरखाव का कार्य आवंटित किया जाए। साथ ही उन्हें जल गुणवत्ता परीक्षण किट के उपयोग का प्रशिक्षण देकर नियमित पानी जांच सुनिश्चित करने को कहा। दूसरे बैच के चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में गोरछा पेयजल योजना में चल रहे विवाद के निस्तारण के लिए समिति से विस्तृत आख्या तत्काल उपलब्ध कराने को कहा गया। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने ब्लॉक स्तर पर प्लास्टिक वेस्ट संग्रहण के लिए रूट चार्ट तैयार कर वाहन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्लास्टिक निष्पादन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि फेस-2 के तहत जनपद की 760 योजनाओं में से 734 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 26 योजनाएं बजट के अभाव में लंबित हैं। 165 योजनाओं में से 160 का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन किया जा चुका है तथा 121 योजनाओं का वित्तीय क्लोजर भी पूरा कर लिया गया है। पेयजल गुणवत्ता जांच के लिए 635 गांवों में से 117 गांवों में परीक्षण कार्य किया गया है। वहीं 628 गांवों में से 585 गांवों में हर घर जल सर्टिफिकेशन पूरा हो चुका है, जबकि 43 गांवों में कार्य शेष है।

नल जल मित्र कार्यक्रम के तहत प्रथम चरण में 42 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और दूसरे बैच के चयन की प्रक्रिया जारी है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 308 व्यक्तिगत तथा 21 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। वहीं ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के तहत 28 यूनिट स्थापना का कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

बैठक में जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान ग्रामीण नमित रमोला, अधीक्षण अभियंता जल निगम निशा सिंह, अधिशासी अभियंता रविंद्र बिष्ट, राजेन्द्र पाल, राजेश निर्वाल, कंचन रावत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रेम लाल भारती, डीपीआरओ मनोज नौटियाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी अभिषेक मैठाणी सहित समिति अन्य नामित सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित थे।

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