उत्तराखंड

जंगल से सूखी पत्तियां इकट्ठी कर बेच रहे ग्रामीण, 50 रुपये में खरीद रही उत्तराखंड सरकार..

जंगल से सूखी पत्तियां इकट्ठी कर बेच रहे ग्रामीण, 50 रुपये में खरीद रही उत्तराखंड सरकार..

 

 

उत्तराखंड: सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाती नजर आ रही है। सीएम की पहल के बाद उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में ग्रामीण पिरूल एकत्र कर रहे हैं। आपको बता दें कि धामी सरकार 50 रूपये किलो की दर से पिरूल खरीद रही है। जंगलों की आग को देखते हुए सीएम धामी ने ग्रामीणों को पिरूल खरीदने के निर्देश दिये थे। उत्तराखंड के जंगलों में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए सीएम धामी ने पिरूल एकत्रित करने की अपील की थी। जिसके बाद अब पहाड़ों में ग्रामीण लोग पिरूल एकत्रित करते नजर आ रहे हैं।

क्या है ‘पिरूल लाओ-पैसे पाओ’ मिशन ?
‘पिरूल लाओ-पैसे पाओ’ मिशन के तहत ग्रामीणों को जंगलों से पिरूल इकट्ठा कर के लाना होगा। जिसके उन्हें रूपए मिलेंगे। सीएम धामी का कहना हैं कि इस मिशन के तहत जंगल की आग को कम करने के उद्देश्य से पिरूल कलेक्शन सेंटर पर 50 रूपए किलो की दर से पिरूल खरीदे जाएंगे। बता दें कि इस मिशन का संचालन पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जाएगा। इसके लिए 50 करोड़ का कार्पस फंड पृथक रूप से रखा जाएगा। आप भी जंगलों में आग लगने के सबसे बड़े कारण पिरूल से पैसे कमा सकते हैं। हालांकि पहाड़ों पर पिरूल को पहले से ही इकट्ठा किया जाता है। लेकिन ये पिरूल गौशाला में इस्तेमाल के लिए उपयोग में लाया जाता है। लेकिन अब इस से आप पैसे कमा सकते हैं। ‘पिरूल लाओ-पैसे पाओ’ मिशन के तहत आपको पिरूल को इकट्ठा कर पिरूल कलेक्शन सेंटर तक ले जाना है। इसके आपको प्रति किलो 50 रूपए मिलेंगे।

आपको बता दें कि प्रदेश में साल 2018 में पिरूल नीति लागू की जा चुकी है। पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यकाल में प्रोजेक्ट पिरूल शुरू किया गया था। इस योजना के तहत पिरूल से बिजली बनाई गई थी। बता दें कि कुछ समय के लिए पिरूल से बिजली का उत्पादन भी हुआ था। लेकिन फिर ये योजना ठीक से चल नहीं पाई। एक बार फिर सीएम धामी के कार्यकाल में इस योजना को शुरू किया गया है।

 

 

 

Share Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *