जनता मिलन कार्यक्रम में मुआवजा, पेयजल और निर्माण गुणवत्ता प्रकरणों पर सीडीओ द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश
पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न जनसमस्याओं पर त्वरित संज्ञान लेते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। इस दौरान पेयजल आपूर्ति, राशन वितरण, खेल मैदान विस्तार, राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण से जुड़े मुआवजा प्रकरण तथा निर्माण कार्यों की गुणवत्ता संबंधी करीब आधा दर्जन शिकायतें दर्ज हुईं। मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाय तथा आगामी सोमवार को प्रत्येक प्रकरण पर की गई कार्यवाही की आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाय।
जनता मिलन में तहसील पौड़ी के ग्राम नौली निवासी राकेश सिंह द्वारा पेयजल आपूर्ति बाधित होने, राशन न मिलने एवं आर्थिक तंगी की शिकायत पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपजिलाधिकारी पौड़ी को निर्देशित किया कि राजस्व कर्मियों से स्थलीय जांच कराकर वस्तुस्थिति स्पष्ट की जाए तथा खाद्य एवं पूर्ति विभाग उज्ज्वला गैस योजना एवं राशन वितरण की स्थिति स्पष्ट करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करे। वहीं ग्राम बौंसरी निवासी सुरेशचन्द्र बड़थ्वाल द्वारा ल्वाली के निकट डडुवादेवी क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल मैदान के विस्तारीकरण संबंधी प्रकरण पर संबंधित विभागीय अधिकारी को त्वरित परीक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए।
नांदलस्यूं बैंग्वाड़ी निवासी ऊषा देवी द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण के अंतर्गत तिमंजिला आवासीय भवन के कम आकलित मुआवजे संबंधी शिकायत पर अवगत कराया गया कि भारत सरकार से मुआवजे की धनराशि का अवार्ड पारित हो चुका है तथा आपत्ति की स्थिति में अपर आयुक्त स्तर पर मध्यस्थता का प्रावधान उपलब्ध है। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित एसएलएओ कार्यालय को फरियादी को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए। इसी क्रम में गढ़वाल बैडमिंटन एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट राजेन्द्र सिंह बंगारी द्वारा कण्डोलिया स्थित इण्डोर बैडमिन्टन हॉल में लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खण्ड द्वारा बनाए जा रहे लकड़ी के फर्श की गुणवत्ता पर उठायी गयी आपत्ति को गंभीरता से लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं खेल विभाग के अधिकारियों को संयुक्त निरीक्षण कर वस्तुस्थिति स्पष्ट करने तथा आवश्यकता पड़ने पर तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अभिनव रावत, ईओ नगर पालिका परिषद पौड़ी संजय कुमार, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल तथा अपर जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार की नीतियों पर उठाये सवाल
पश्चिम बंगाल। गृह मंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल को तेज करते हुए दक्षिण 24 परगना में आयोजित एक जनसभा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। अपने संबोधन में उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए विकास और कानून-व्यवस्था के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा।
गृह मंत्री ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि इससे राज्य की प्रगति प्रभावित हुई है। उन्होंने दावा किया कि पश्चिम बंगाल आर्थिक दबाव में है और भारी कर्ज के बोझ से जूझ रहा है। साथ ही उन्होंने मदरसों को दी जा रही आर्थिक सहायता को लेकर भी सवाल उठाए।
सभा के दौरान अमित शाह ने अन्य राज्यों की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए परिवारवाद के मुद्दे को उठाया। उन्होंने विभिन्न विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे क्षेत्रीय राजनीति को परिवार तक सीमित कर रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को नुकसान पहुंच रहा है।
भाजपा की रणनीति पर बोलते हुए शाह ने कहा कि पार्टी की “परिवर्तन यात्रा” का उद्देश्य राज्य में राजनीतिक बदलाव लाना और विकास को गति देना है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है तो भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाएगी और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में पारदर्शिता की कमी है और सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की सुरक्षा और सीमाई इलाकों में घुसपैठ एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, जिस पर सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
अमित शाह ने आश्वासन दिया कि भाजपा सत्ता में आने पर सीमा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी और नागरिकों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा उन्होंने सरकारी कर्मचारियों के लिए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतन व्यवस्था लागू करने का भी वादा किया।
SCO यूथ डेल्फिक गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी सुलभा जोशी
देहरादून। उत्तराखण्ड की सुप्रसिद्ध विजुअल आर्टिस्ट सुलभा जोशी ने अंतरराष्ट्रीय कला जगत में राज्य का मान बढ़ाया है। सुलभा उत्तराखंड की पहली महिला कलाकार बन गई हैं जिन्हें विजुअल आर्ट्स के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जूरी (International Jury) सदस्य के रूप में चुना गया है।
सुलभा को किर्गिस्तान के बिश्केक में आयोजित प्रथम SCO यूथ डेल्फी गेम्स (1st SCO Youth Delphic Games) के लिए इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्त किया गया है।
सुलभा जोशी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के बीच होने वाले इस सांस्कृतिक महाकुंभ में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। यह आयोजन कला और संस्कृति के माध्यम से वैश्विक एकता को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा मंच है।
अपनी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कोटद्वार निवासी सुलभा ने कहा कि यह न केवल उनके लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण है। उनकी कला यात्रा पहाड़ों की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक जड़ों से प्रेरित रही है। सुलभा का यह चयन राज्य की अन्य उभरती महिला कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।
सीएम धामी बोले—होली भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक
देहरादून। मुख्यमंत्री आवास में पारंपरिक उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। समारोह में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति की छटा के साथ रंग, संगीत और लोकपरंपराओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होली की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि आपसी विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देने वाला उत्सव है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक विविधता हमारी शक्ति है और ऐसे आयोजन हमारी पारंपरिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने का माध्यम बनते हैं। समारोह में मंत्रीगण, विधायकगण, प्रशासनिक अधिकारी तथा समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े गणमान्य उपस्थित रहे। सभी ने मुख्यमंत्री से भेंट कर होली की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल और कुमाऊँ की पारंपरिक होली के साथ-साथ जौनसार-बावर और तराई क्षेत्र की लोकधुनों ने वातावरण को रंगमय बना दिया। लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश की विविध लोक परंपराओं की झलक दिखाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश की लोकसंस्कृति, लोकभाषाओं और पारंपरिक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विरासत ही उत्तराखण्ड की पहचान है और इसे सहेजना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। समारोह में सभी ने पारंपरिक ढंग से एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।
होली मिलन कार्यक्रम में जुटे गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक के कलाकार
मुख्यमंत्री आवास में सोमवार को होली के रंगों की बहार नजर आई। प्रदेश भर से आए लोक कलाकारों और होल्यारों ने अपनी अपनी धुनों से माहौल को उत्सवमय कर दिया। इस दौरान एक तरफ, हारूल नृत्य करते जौनसारी कलाकार थे तो दूसरी तरफ, अपनी ही धुन में मगन होली गीत गाते कुमांउनी होल्यारों की टीम। इन सबके बीच पौड़ी जिले के राठ क्षेत्र से आई सांस्कृतिक टोली ने भी अपना रंग जमाया। इस दौरान आम और खास ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को रंग लगाकर शुभकामनाएं प्रेषित की।
मुख्यमंत्री आवास का प्रांगण सोमवार को होली के रंगों में सराबोर नजर आया। इस दौरान प्रदेश की सांस्कृतिक समृद्धि और एकता के भी दर्शन हुए। पूर्वाह्न से ही प्रदेश भर के लोक कलाकारों, संस्कृति कर्मियों की टोलियां होली गायन करते हुए, सीएम आवास पहुंचती रही। एक तरफ गढ़वाल-कुमाऊं से लेकर जौनसार तक का होली गायन था, नृत्य था। इस दौरान होली के गीत गूंजे। पारंपरिक गायन हुआ। ढोल, मंजीरे बजे। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगत ने होली गीतों के प्रभाव को और बढ़ा दिया। आओ दगड़ियो, नाचा गावा, आ गई रंगीली होली का आह्वान आदि। कुमाऊं से आए कलाकारों ने किया, तो राठ क्षेत्र के कलाकारों ने गाया-आई डान्ड्यू बसंत, डाली मा मौल्यार।
इस दौरान जो भी यहां पहुंचा लोक के रंगों में खो गया। लोक संस्कृति का वह प्रभाव भी था, जो उत्तराखंड को सांस्कृतिक तौर पर विशिष्टता प्रदान करता है। लोक कलाकार इस बात से बेहद खुश दिखे कि उन्हें विशेष तौर पर बुलाया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी लोक कलाकारों के संग होली के रंगों में पूरी तरह से रंगे नजर आए। मुख्यमंत्री खुद लोक कलाकारों के साथ थिरकने को मजबूर हो गए।
लोक संस्कृति पर सीएम कर रहे अच्छा काम
उत्तराखंड के विभिन्न स्थानों से आए लोक कलाकारों ने कहा कि लोक संस्कृति पर सीएम अच्छा काम कर रहे हैं। राज्य सरकार लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए, लोक कलाकारों को संरक्षण प्रदान कर रही है।
होली के रंगों के साथ मस्ती करना हर किसी को पसंद होता है, लेकिन इस उत्साह में अक्सर लोग अपनी आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। खासतौर पर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों के लिए यह लापरवाही गंभीर समस्या बन सकती है, क्योंकि केमिकल युक्त रंग आंखों को गहरा नुकसान पहुंचा सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर होली खेलना सुरक्षित नहीं माना जाता। बाजार में मिलने वाले कई रंगों में हानिकारक रसायन, भारी धातुएं और बारीक कण मौजूद होते हैं। जब ये रंग लेंस के संपर्क में आते हैं, तो लेंस उन्हें सोख लेते हैं और ये रसायन लंबे समय तक आंखों के संपर्क में बने रहते हैं, जिससे कॉर्निया को नुकसान पहुंच सकता है।
डॉक्टरों के मुताबिक होली खेलते समय लेंस की बजाय चश्मा पहनना ज्यादा सुरक्षित विकल्प है। चश्मा आंखों को बाहरी कणों और रंगों से बचाने में मदद करता है। अगर कोई व्यक्ति लेंस पहनकर रंगों के संपर्क में आता है, तो आंखों में जलन, संक्रमण और गंभीर स्थिति में कॉर्नियल अल्सर जैसी समस्या भी हो सकती है।
दरअसल, कॉन्टैक्ट लेंस की सतह छिद्रयुक्त होती है, जो रंगों में मौजूद केमिकल को अपने अंदर समाहित कर लेती है। इससे आंखों में जलन, लालिमा और केमिकल बर्न का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, लेंस की गुणवत्ता भी प्रभावित हो सकती है, जिससे देखने में धुंधलापन आ सकता है।
यदि रंग लेंस और आंख के बीच फंस जाए, तो यह कॉर्निया पर रगड़ पैदा करता है, जिससे उसकी ऊपरी परत को नुकसान पहुंच सकता है। इसके अलावा, इस स्थिति में बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी बढ़ जाता है, जिससे संक्रमण और पस बनने जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं।
अगर गलती से आंख में रंग चला जाए, तो तुरंत लेंस को निकालकर आंखों को साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। कम से कम 10 से 15 मिनट तक आंखों को धोना जरूरी है और इस दौरान आंखों को रगड़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे स्थिति और खराब हो सकती है।
यदि आंखों में लालिमा, जलन, पानी आना या धुंधलापन महसूस हो, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। घरेलू उपायों से बचना बेहतर होता है, क्योंकि गलत तरीके स्थिति को और बिगाड़ सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार आंखों की चोट के बाद शुरुआती कुछ घंटे इलाज के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।
(यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है, किसी भी समस्या की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।)
(साभार)
हर संभव सहायता का दिया भरोसा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी मालदेवता क्षेत्र पहुंचे, जहां बीती देर रात्रि रायपुर क्षेत्र के अंतर्गत शेरकी गांव में डंपर की चपेट में आने से 17 वर्षीय युवक की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। इस दौरान उन्होंने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। उन्होंने दिवंगत युवक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए ईश्वर से शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
काबीना मंत्री जोशी ने जिलाधिकारी टिहरी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून से दूरभाष के माध्यम से वार्ता कर ऐसी घटना होने के कारण पर अंकुश लगाने और भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। इस बाबत कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और सरकार की ओर से हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
तमिल सिनेमा के सुपरस्टार सूर्या की आगामी फिल्म को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। लंबे समय से ‘सूर्या 46’ के नाम से चर्चा में चल रही इस फिल्म का अब आधिकारिक टाइटल और पहला पोस्टर जारी कर दिया गया है, जिसने रिलीज से पहले ही फैंस की उत्सुकता बढ़ा दी है।
अब इस फिल्म का नाम ‘विश्वनाथ एंड संस’ रखा गया है। हाल ही में जारी पोस्टर में सूर्या एक छोटे बच्चे को गोद में लिए नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे की हल्की मुस्कान पोस्टर को भावनात्मक स्पर्श देती है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि फिल्म पारिवारिक रिश्तों और संवेदनाओं पर आधारित होगी। पोस्टर सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
फिल्म का निर्देशन वेंकी एटलुरी कर रहे हैं, जो अपनी भावनात्मक और कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। इस फिल्म को भी एक फैमिली एंटरटेनर बताया जा रहा है, जिसमें इमोशन और ड्रामा का संतुलित मिश्रण देखने को मिलेगा। फिल्म में ममिता बैजू के साथ-साथ रवीना टंडन भी अहम भूमिका निभाती नजर आएंगी।
संगीत की जिम्मेदारी जी. वी. प्रकाश कुमार को सौंपी गई है। मेकर्स के अनुसार, फिल्म को जुलाई 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा। पोस्टर और स्टारकास्ट को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि सूर्या इस बार दर्शकों के लिए एक भावुक और अलग अंदाज की कहानी लेकर आ रहे हैं, जिसका फैंस को बेसब्री से इंतजार है।
(साभार)
होलिका दहन धर्म की अधर्म पर और भक्ति की अहंकार पर विजय का प्रतीक है- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेशवासियों को होलिका दहन के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि होलिका दहन धर्म की अधर्म पर और भक्ति की अहंकार पर विजय का प्रतीक है, जो समाज को सत्य और सदाचार का संदेश देता है।
मुख्यमंत्री धामी ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे अपने जीवन से नकारात्मकता, अहंकार और बुराइयों का त्याग करें तथा प्रेम, सद्भाव और सकारात्मकता के मार्ग पर चलें। उन्होंने कहा कि इस पावन पर्व पर सभी को समाज और राष्ट्र की उन्नति में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए।
संजू सैमसन की 97 रन की धमाकेदार पारी से भारत की शानदार जीत
अब सेमीफाइनल में इंग्लैंड से भिड़ेगा भारत, 5 मार्च को होगा बड़ा मुकाबला
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को पांच विकेट से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। अब टीम इंडिया का अगला मुकाबला 5 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में इंग्लैंड के खिलाफ होगा।
कोलकाता में रविवार को खेले गए इस अहम मुकाबले में भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए वेस्टइंडीज ने निर्धारित 20 ओवर में चार विकेट के नुकसान पर 195 रन बनाए और भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। संजू सैमसन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 97 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसकी बदौलत भारत ने 19.2 ओवर में पांच विकेट खोकर 199 रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है और अब टीम की नजरें सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ जीत दर्ज कर फाइनल में पहुंचने पर होंगी।
मुख्यमंत्री धामी के सख्त निर्देश—पेंशन प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें अधिकारी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेंशन प्रकरणों का निस्तारण पूर्ण तत्परता और समयबद्धता के साथ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र व्यक्ति सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पेंशन योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक योग्य लाभार्थियों तक पहुँचाने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान संचालित किया जाए और वंचित एवं कमजोर वर्गों को योजनाओं से जोड़ने के लिए नवाचार आधारित प्रभावी कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम के अंतर्गत राज्यभर में आयोजित शिविरों का व्यापक सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है, जिसके परिणामस्वरूप पेंशनार्थियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने इसे सरकार की संवेदनशील और प्रतिबद्ध कार्यशैली का प्रमाण बताते हुए निर्देश दिए कि दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में ऐसे विशेष अभियान निरंतर जारी रखे जाएँ ताकि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सामाजिक सुरक्षा का लाभ सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक ले रहे थे | बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के करकमलों द्वारा समाज कल्याण विभाग की माह फरवरी 2026 की पेंशन किश्त का वन-क्लिक के माध्यम से सफलतापूर्वक भुगतान किया गया। इस अवसर पर कुल 9,57,651 लाभार्थियों को ₹14,191.61 लाख अर्थात ₹141 करोड़ 91 लाख 61 हजार की धनराशि वितरित की गई। यह राशि मासिक पेंशन के साथ-साथ एरियर भुगतान को भी सम्मिलित करती है, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय पर आर्थिक संबल प्राप्त हुआ है।
फरवरी माह में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत 5,93,184 लाभार्थियों को प्रति माह ₹1500 की दर से ₹8897.76 लाख की धनराशि वितरित की गई, जबकि विधवा पेंशन योजना के तहत 2,31,593 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह की दर से ₹3473.895 लाख का भुगतान किया गया। दिव्यांग पेंशन योजना में 87,477 लाभार्थियों को ₹1500 प्रतिमाह के अनुसार ₹1312.155 लाख की राशि हस्तांतरित की गई। किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 27,638 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹331.656 लाख वितरित किए गए। परित्यक्ता पेंशन योजना में 8,096 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹97.24 लाख की राशि दी गई, जबकि भरण-पोषण अनुदान योजना के अंतर्गत 7,409 लाभार्थियों को ₹700 प्रतिमाह की दर से ₹51.86 लाख वितरित किए गए। तीलू रौतेली पेंशन योजना में 2,125 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह के अनुसार ₹25.5 लाख की राशि प्रदान की गई तथा बौना पेंशन योजना के तहत 129 लाभार्थियों को ₹1200 प्रतिमाह की दर से ₹1.55 लाख की धनराशि हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि राज्य सरकार की संवेदनशीलता, सामाजिक न्याय और समावेशी विकास के संकल्प की सशक्त अभिव्यक्ति हैं। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि समाज के कमजोर, वंचित और जरूरतमंद वर्गों को सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु निरंतर और प्रभावी आर्थिक संबल उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में सचिव श्रीधर बाबू अद्यांकी, अपर सचिव संदीप तिवारी, संजय सिंह टोलिया सहित समाज कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
