गलवान घाटी झड़प के बाद अब सामान्य हो रहे संबंध
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। एयर चाइना जल्द ही बीजिंग और दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने जा रही है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सीधी उड़ानों से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा
भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने जानकारी देते हुए कहा कि बीजिंग-दिल्ली के बीच उड़ानों की बहाली केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के लिहाज से भी सकारात्मक बताया।
बीते वर्षों में धीरे-धीरे बहाल हो रही सेवाएं
करीब पांच साल के अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच हवाई सेवाएं दोबारा शुरू होने लगी हैं। इससे पहले Air India ने शंघाई-दिल्ली रूट पर सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की थी। वहीं China Eastern Airlines ने भी शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं।
गलवान के बाद बिगड़े थे रिश्ते
साल 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इस घटना में भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर रिश्तों में खटास देखी गई।
राजनयिक स्तर पर बढ़ी बातचीत
हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकातों के बाद रिश्तों को सामान्य करने के प्रयास तेज हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों की बहाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन
देहरादून। भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद – वन अनुसंधान संस्थान में केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस 2026 के अवसर पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय वन दिवस “वन और अर्थव्यवस्थाएँ” विषय के तहत मनाया जा रहा है। जो आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने और आजीविका को सहारा देने में वनों की महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करता है।
इस अवसर पर भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के सहयोग से, 21-22 मार्च, 2026 को ICFRE, देहरादून में “वन-आधारित सतत जैव-अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना: मुद्दे और चुनौतियाँ” विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन कर रहा है। भूपेंद्र यादव ने अपने संबोधन में इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रकृति सर्वोपरि है और मानव अस्तित्व के लिए उसके साथ सह-अस्तित्व में रहना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि वन संरक्षण का अर्थ केवल पेड़ लगाना ही नहीं है, बल्कि इसमें पूरे पारिस्थितिकी तंत्र का संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने वानिकी के प्रति समग्र दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय का आह्वान किया, और वन संसाधनों को बनाए रखने में सांस्कृतिक मूल्यों, ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी), और कार्बन क्रेडिट के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संबोधन का समापन इस बात के साथ किया कि वन केवल अर्थव्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शांति के लिए भी आवश्यक हैं।
इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सचिव तन्मय कुमार; वनों के महानिदेशक एवं विशेष सचिव सुशील कुमार अवस्थी; ICFRE की महानिदेशक कंचन देवी; और वनों के अतिरिक्त महानिदेशक (वन्यजीव) रमेश कुमार पांडे भी उपस्थित रहे।
वर्कशॉप में वन-आधारित जैव-उत्पाद और उनका व्यावसायीकरण, सतत वन प्रबंधन, नीतिगत ढाँचे, उद्यमिता, और जैव-अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नवाचार की भूमिका जैसे मुख्य विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया है। यह वन संसाधनों के सतत उपयोग को रेखांकित करता है, जिसका उद्देश्य मूल्य-वर्धित उत्पादों का निर्माण करना, स्थानीय आजीविका को सहारा देना और प्राकृतिक वनों पर पड़ने वाले दबाव को कम करना है।
तकनीकी सत्रों में कृषि-वानिकी, गैर-काष्ठ वन उत्पाद, इंजीनियर्ड काष्ठ उत्पाद, वन उद्योग, कार्बन बाज़ार, वन्यजीव संरक्षण, इको-टूरिज़्म और डिजिटल निगरानी जैसे विषय शामिल हैं।
यह कार्यशाला पूरे देश से वैज्ञानिकों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के हितधारकों और वन प्रबंधकों को एक मंच पर लाती है, ताकि भारत की वन-आधारित जैव-अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जा सके; इसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख चुनौतियों की पहचान करना, अवसरों की तलाश करना और इस क्षेत्र में नीतिगत तथा रणनीतिक हस्तक्षेपों को दिशा देना है।
बदलती जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के चलते एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति तब पैदा होती है जब शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य से कम हो जाता है, जिससे थकान, कमजोरी, चक्कर और सांस फूलने जैसी परेशानियां सामने आती हैं।
विशेषज्ञ बताते हैं कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है। समय पर ध्यान न देने पर एनीमिया गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि, संतुलित आहार और सही खान-पान की आदतों से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
डाइट में शामिल करें ये चीजें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को नियमित आहार में शामिल कर हीमोग्लोबिन के स्तर को बेहतर बनाया जा सकता है—
पालक का सेवन फायदेमंद
हरी पत्तेदार सब्जियां आयरन का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं। पालक में मौजूद तत्व शरीर में खून बढ़ाने में मदद करते हैं। इसे सूप या सब्जी के रूप में लेना ज्यादा लाभकारी होता है, खासकर जब इसे विटामिन C के साथ लिया जाए।
चुकंदर से बढ़ेगा हीमोग्लोबिन
चुकंदर में आयरन, फोलेट और फाइबर प्रचुर मात्रा में होता है, जो लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में सहायक है। नियमित रूप से इसका जूस या सलाद लेने से खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है।
अनार भी है असरदार
अनार को खून बढ़ाने वाला फल माना जाता है। इसमें आयरन और विटामिन C मौजूद होता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन स्तर को सुधारने में मदद करता है। रोजाना इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।
गुड़ और चना का कॉम्बिनेशन
गुड़ आयरन से भरपूर होता है, जबकि चना प्रोटीन और मिनरल्स देता है। दोनों का एक साथ सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है और कमजोरी भी दूर होती है।
सूखे मेवे से मिलेगी ताकत
किशमिश और खजूर जैसे सूखे मेवे आयरन के साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। इन्हें भिगोकर खाने से शरीर को अधिक लाभ मिलता है और यह खून की कमी को दूर करने में मददगार साबित होते हैं।
(नोट: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।)
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पर्वतीय क्षेत्रों के सेब उत्पादकों को मिलेगा सीधा फायदा
देहरादून। प्रदेश सरकार ने सेब काश्तकारों को राहत देते हुए सेब की अति सघन बागवानी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत ₹35 करोड़ के बजट के सापेक्ष ₹2925.00 लाख (₹29 करोड़ 25 लाख) की धनराशि अवमुक्त कर दी है। इससे प्रदेश के सेब उत्पादक किसानों को योजनाओं का लाभ मिलने की प्रक्रिया तेज होगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में सेब की बागवानी योजना के लिए ₹35 करोड़ की बजट व्यवस्था की गई थी, जिसमें से ₹2925.00 लाख की धनराशि जारी कर दी गई है। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि एप्पल मिशन और सेब की अति सघन बागवानी योजना के अंतर्गत किसानों को मिलने वाली लंबित राजकीय सहायता के भुगतान में अब तेजी आएगी। उन्होंने विभाग के जनपद स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 15 दिनों के भीतर लाभार्थी किसानों को उनकी लंबित सहायता राशि का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सेब उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इस योजना से विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों के सेब काश्तकारों को सीधा लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 का जबरदस्त जलवा देखने को मिल रहा है। रिलीज के दूसरे दिन भी फिल्म ने शानदार कमाई करते हुए 200 करोड़ क्लब में एंट्री मार ली है। वहीं, इसके साथ रिलीज हुई साउथ फिल्म उस्ताद भगत सिंह की रफ्तार दूसरे दिन धीमी पड़ती नजर आई।
दूसरे दिन भी बरकरार रहा ‘धुरंधर 2’ का दबदबा
रणवीर सिंह स्टारर धुरंधर 2 ने ओपनिंग डे पर ही धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी। दूसरे दिन भी फिल्म की कमाई मजबूत बनी रही और इसने करीब 80 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही फिल्म का कुल कलेक्शन 200 करोड़ के पार पहुंच गया है, जो इसकी बड़ी सफलता को दर्शाता है।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी मचा रही धमाल
घरेलू बॉक्स ऑफिस के साथ-साथ धुरंधर 2 का जादू दुनियाभर में भी देखने को मिल रहा है। फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 240 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है और तेजी से रिकॉर्ड्स की ओर बढ़ रही है। इस प्रदर्शन के साथ यह कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए टॉप कमाई करने वाली फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है।
बड़े सितारों की फिल्मों को छोड़ा पीछे
दूसरे दिन के कलेक्शन के मामले में धुरंधर 2 ने कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ दिया है। हिंदी वर्जन में इसने पुष्पा 2 और जवान जैसी फिल्मों के दूसरे दिन के कलेक्शन को भी पार कर लिया, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
‘उस्ताद भगत सिंह’ की कमाई में आई गिरावट
वहीं दूसरी ओर, पवन कल्याण की फिल्म उस्ताद भगत सिंह ने पहले दिन ठीक-ठाक शुरुआत की थी, लेकिन दूसरे दिन इसकी कमाई में गिरावट दर्ज की गई। फिल्म ने दूसरे दिन करीब 9 करोड़ रुपये का ही कारोबार किया, जिससे इसका कुल कलेक्शन लगभग 44 करोड़ रुपये पहुंचा है।
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तीन घंटे की मशक्कत के बाद निकाला गया शव
चमोली। नंदकेशरी-चिड़िगा मोटर मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक पूर्व सैनिक की जान चली गई। कार अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, कोठी गांव निवासी 43 वर्षीय दर्शन सिंह अपनी कार से चिड़िगा गांव से घर लौट रहे थे। इसी दौरान नंदकेशरी से करीब एक किलोमीटर आगे उनकी कार लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
घटना स्थल की दुर्गम परिस्थितियों के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन काफी चुनौतीपूर्ण रहा। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। स्ट्रेचर और रस्सियों की सहायता से देर रात करीब 12 बजे शव को सड़क तक लाया गया।
इसके बाद 108 एंबुलेंस के माध्यम से शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र थराली भेजा गया। परिजनों ने पोस्टमार्टम थराली में ही कराने की मांग की। दर्शन सिंह अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो बेटों को छोड़ गए हैं।
राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा- ममता बनर्जी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच ईद के मौके पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा और इसके खिलाफ उनकी पार्टी पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है और इसे कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया खासतौर पर कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदमों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक एकता पर भी जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्म और जाति के नाम पर विभाजन की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ईद के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और देश की असली ताकत आपसी भाईचारा है।
बेलफास्ट में भिड़ेंगे भारत-आयरलैंड, 26 और 28 जून को होंगे मुकाबले
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम जून में आयरलैंड दौरे पर जाएगी, जहां दोनों टीमों के बीच दो मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने शनिवार को इस सीरीज के कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी है।
सीरीज के दोनों मुकाबले उत्तरी आयरलैंड के बेलफास्ट में आयोजित होंगे। खास बात यह है कि 2007 के बाद पहली बार भारतीय टीम बेलफास्ट में कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला खेलेगी। पहला टी20 मैच 26 जून को जबकि दूसरा मुकाबला 28 जून 2026 को खेला जाएगा। भारतीय समयानुसार दोनों मैच शाम 7:30 बजे शुरू होंगे।
भारत और आयरलैंड के बीच यह सीरीज दोनों टीमों के लिए अहम मानी जा रही है, खासकर आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स को देखते हुए। इससे पहले भारतीय टीम 2018, 2022 और 2023 में भी आयरलैंड का दौरा कर चुकी है।
वहीं, आयरलैंड क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार टीम में नेतृत्व को लेकर बदलाव भी देखने को मिल सकता है। पूर्व कप्तान पॉल स्टर्लिंग के पद छोड़ने के बाद नई कप्तानी में टीम भारत के खिलाफ अपनी तैयारियों को परखेगी।
गौरतलब है कि आयरलैंड दौरे से पहले भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ एक टेस्ट और तीन वनडे मैचों की सीरीज खेलेगी। इसके बाद टीम इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी20 और तीन वनडे मुकाबले खेले जाने हैं। इस तरह जून-जुलाई का महीना भारतीय टीम के लिए काफी व्यस्त रहने वाला है।
हर बूथ पर होगी तकनीकी रुप से दक्ष वॉलिटिसर्य की तैनाती
देहरादून। उत्तराखण्ड में आगामी अप्रैल माह में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने सचिवालय में SIR के लिए तैनता नोडल अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबंधित अधिकारीयों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में बताया कि प्रदेश के सभी बूथ लेवल ऑफिर्स के साथ आईटी वॉलिंटियर्स की तैनाती की जा रही है। ये सभी वालिंटियर्स गणना प्रपत्र के डिजिटलाइजेशन में सहायता करेंगे, इसके साथ ही इनका गणना प्रपत्र बांटने और उसके संकलन में भी वालिंटियर्स सहायता करेंगे। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अपर सचिव ग्राम्या विकास और निर्देशक शहरी विकास विभाग को निर्देश दिए इस सम्बंध में जल्द तकनीकी रुप से दक्ष युवाओं को इस अभियान में शामिल किया जाए।
बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गढ़वाल और कुमाऊ आयुक्तों को भी मैपिंग पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए।
बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र, अपर सचिव झरना कमठान, निदेशक महिला बाल विकास बीएल राणा, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, निदेशक एसआईसी मनीष जुगरान, अपर निदेशक आईटीडीए तीरथ पाल, उप निदेशक सूचना रवि बिजारनियां सहित गढवाल और कुमाऊ मंडल के अपर आयुक्त शामिल रहे।
ऋषिकेश के एम्स (सभागार) में ‘पहाड़ की नारी, देश की शक्ति’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने वर्चुअल माध्यम से जुड़कर दी शुभकामनाएं
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस “दान से लाभ” के अवसर पर ऋषिकेश स्थित एम्स के मुख्य सभागार में पहाड़ की नारी देश की शक्ति के नारे के साथ एक भव्य एवं गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण आध्यात्मिक चेतना के पुंज परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य (शारदापीठाधीश्वर) स्वामी राजराजेश्वरम महाराज का पावन सान्निध्य रहा।
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यस्तता के कारण कार्यक्रम में उपस्थित न हो पाने पर वर्चुअल माध्यम से जुड़ते हुए अपने संबोधन में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के इस महत्वपूर्ण अवसर पर कार्यक्रम के लिए मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महिलाओं की उदारता सहयोग भावना तथा उनके बहुआयामी योगदान को सम्मानित करना तथा इस प्रकार की सकारात्मक पहलें न केवल समाज में सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती हैं बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त कदम भी बढ़ती है।
पूज्य जगतगुरू शंकराचार्य ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति में नारी के स्थान को रेखांकित करते हुए कहा, हमारे देश में माताओं का 100% सम्मान है और प्रत्येक क्षेत्र में उनका 100% अधिकार है। यह गौरव की बात है कि आज उत्तराखंड की बेटियाँ हर क्षेत्र में नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने सम्मानित होने वाली 12 महिलाओं को आशीर्वाद देते हुए कहा, मैं उन सभी के लिए प्रार्थना करता हूँ जिन्हें आज यहाँ सम्मानित किया गया है। मुझे आप सभी से यह आशा और उम्मीद है कि आप भविष्य में भी समाज में माताओं के कल्याण के लिए और भी बेहतर कार्य करेंगे।
उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उपस्थित महिलाओं को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, “आयोग का मुख्य लक्ष्य अंतिम छोर पर खड़ी महिला तक न्याय और स्वरोजगार के अवसर पहुँचाना है। यह सम्मान समारोह केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि नारी शक्ति के प्रति हमारे कृतज्ञ भाव का प्रतीक है।
समारोह में मा. विधायक ऋषिकेश प्रेमचन्द अग्रवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना, डॉ. रीमा पंत, एम्स निदेशक डॉ. मीनू सिंह एवं महापौर शम्भू पासवान ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी वक्ताओं ने ‘दान से लाभ’ विषय की प्रासंगिकता पर चर्चा की और समाज निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य बताया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा, शिक्षा, स्वरोजगार और सामाजिक सेवा में मील का पत्थर स्थापित करने वाली 12 विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित किया गया। इनमें श्रीमती जया बलूनी (एसपी देहात), श्रीमती साक्षी सिंह (IIS), श्रीमती गीता चंदोला, श्रीमती तुलसी मेहरा, सुश्री नेहा सिंह, श्रीमती दर्शनी देवी नेगी, श्रीमती रेखा रयाल, श्रीमती कमला नेगी, श्रीमती चन्द्रिका पुंज, कुमारी मुस्कान (स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी), श्रीमती रेखा राणा और डॉ. अर्पिता नेगी शामिल रहीं।
इस भव्य आयोजन में आयोग की उपाध्यक्ष सायरा बानो, वरिष्ठ प्रबुद्धजन दिनेश सेमवाल, आयोग की सदस्य सदस्य कमला जोशी, विमला नैथानी, किरण देवी, वैशाली नरूला, कंचन कश्यप, सरोज बहुगुणा, सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण तोमर, सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, लक्ष्मी सेमवाल, दिव्या बेलवाल, नीलम चमोली, पूनम व्यास, निवेदिता सरकार, कविता शाह, शकुंतला बेलवाल जिला प्रोबेशन अधिकारी मीना बिष्ट, सीडीपीओ शिखा कंडवाल सहित आयोग के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
