देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व हिंदी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी भावनाओं, संस्कारों और विचारों की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम है, जो समाज के हर वर्ग को जोड़ने का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि हिंदी जन-जन की संवेदनाओं, रचनात्मकता और संवाद की भाषा है। यह हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करती है।
सीएम धामी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हिंदी की बढ़ती स्वीकार्यता भारत की सांस्कृतिक चेतना और बौद्धिक परंपरा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा कि विश्व हिंदी दिवस हिंदी के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक उपयोग के लिए हम सभी को प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा दें और इसकी गरिमा को बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ में एनएसए डोभाल का युवाओं को संदेश
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने कहा है कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने की यात्रा अब निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के उद्घाटन सत्र में युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश इतनी मजबूत बुनियाद पर खड़ा हो चुका है कि इसकी प्रगति की दिशा अब स्थायी हो गई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय चेतना के साथ देश निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।
युवाओं से सीधा संवाद, अनुभव साझा किए
कार्यक्रम के दौरान एनएसए डोभाल ने अपने जीवन अनुभव साझा करते हुए कहा कि पीढ़ियों के बीच का अंतर बड़ा जरूर है, लेकिन देश के भविष्य को लेकर सोच समान होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वतंत्रता-पूर्व भारत को भी देखा है और आज के भारत को भी, जहां परिवर्तन की गति अभूतपूर्व है। उनके अनुसार, आज का भारत आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
निर्णय क्षमता को बताया सफलता की कुंजी
डोभाल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन और राष्ट्र निर्माण दोनों में फैसलों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने कहा कि भारत का विकसित राष्ट्र बनना तय है, लेकिन यह तभी संभव है जब युवा वर्ग जिम्मेदारी के साथ निर्णय ले और चुनौतियों का सामना करने से पीछे न हटे।
राष्ट्रीय सुरक्षा और शक्ति पर जोर
एनएसए ने वैश्विक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया में जारी संघर्ष इस बात का प्रमाण हैं कि शक्ति और आत्मविश्वास के बिना स्वतंत्रता सुरक्षित नहीं रह सकती। उन्होंने कहा कि सशक्त राष्ट्र ही अपने हितों की रक्षा कर पाते हैं। उनके मुताबिक, नेतृत्व की स्पष्ट दृष्टि और दृढ़ संकल्प देश को आगे बढ़ाने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।
इतिहास से सीख लेकर भविष्य निर्माण की अपील
डोभाल ने ‘विश्व अर्थव्यवस्था का इतिहास’ पुस्तक का हवाला देते हुए कहा कि भारत और चीन लंबे समय तक वैश्विक अर्थव्यवस्था के केंद्र में रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने अतीत में विज्ञान, व्यापार और ज्ञान के क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व किया, लेकिन समय के साथ गिरावट भी आई। ऐसे में इतिहास से सीख लेते हुए निरंतर प्रयास और राष्ट्रवादी सोच के साथ आगे बढ़ना जरूरी है।
बलिदानों को याद कर युवाओं को संदेश
एनएसए ने स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानों को याद करते हुए कहा कि आजादी ऐसे ही नहीं मिली। भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और महात्मा गांधी जैसे महान व्यक्तित्वों के संघर्ष ने आज के भारत की नींव रखी। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे इन मूल्यों को अपनाकर एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें।
वांग झीयी पहुंची फाइनल में
कुआलालंपुर। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मलेशिया ओपन 2026 में फाइनल में पहुंचने का सपना अधूरा रह गया। महिला एकल सेमीफाइनल में उन्हें चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वांग झीयी के हाथों सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सिंधू दबाव के क्षणों में लय नहीं बना सकीं और अनावश्यक गलतियों के कारण 16-21, 15-21 से मैच गंवा बैठीं।
हार के साथ टूर्नामेंट में भारत की चुनौती खत्म
पैर की चोट से उबरने के बाद यह सिंधु का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अच्छी वापसी के संकेत दिए, लेकिन निर्णायक मुकाबले में वह निरंतरता नहीं दिखा सकीं। सिंधू की हार के साथ ही मलयेशिया ओपन में भारत का अभियान समाप्त हो गया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची के चोट के कारण हटने से सिंधू को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला था।
पहले गेम में वांग की रणनीति भारी पड़ी
मैच की शुरुआत में सिंधू ने आक्रामक खेल दिखाया और अपने दमदार स्मैश तथा लंबी पहुंच का प्रभावी इस्तेमाल किया। उन्होंने शुरुआती बढ़त जरूर बनाई, लेकिन वांग झीयी की सधी हुई नेट प्ले और सटीक रिटर्न ने जल्द ही मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। ब्रेक के बाद चीनी खिलाड़ी ने आक्रमण तेज किया और लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में बढ़त के बाद बिगड़ा खेल
दूसरे गेम में सिंधू ने बेहतर शुरुआत की और मध्यांतर तक 11-6 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि ब्रेक के बाद वांग ने तेज रैलियों और आक्रामक शॉट्स से दबाव बनाया। सिंधू लगातार गलतियां करने लगीं, जिससे स्कोर बराबर हो गया। निर्णायक क्षणों में चीन की खिलाड़ी ने मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार अंक हासिल कर मैच समाप्त कर दिया।
फाइनल में पहुंचीं वांग झीयी
लगातार दबाव और मजबूती से खेले गए शॉट्स के दम पर वांग झीयी ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, सिंधू के लिए यह टूर्नामेंट सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया, हालांकि चोट के बाद उनकी वापसी को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
देहरादून। भाजपा राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं सांसद डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्र सरकार से बेटी अंकिता भंडारी की सीबीआई जांच की संस्तुति की है,मैंने कुछ दिन पहले अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि सरकार किसी भी तरह की जांच के लिए तैयार है।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बेटी अंकिता के माता-पिता से बात करके एवं जन भावनाओं को ध्यान में रखते हुए जो सीबीआई जांच की संस्तुति की है, मैं सीबीआई जांच का स्वागत करता हूं और पहले दिन से सरकार की मंशा किसी को बचाने की नहीं है, पहले से सरकार तीन प्रमुख अपराधियों को जेल भेज चुकी है।
डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि वैसे तो सरकार की जांच को न्यायालय ने सरकार की जांच को सही माना है परंतु जनभावनाओ के अनुरूप अब सीबीआई जांच में दूध का दूध और पानी का पानी होगा, कोई भी अपराधी होगा बचेगा नहीं।
देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त और निरंतर कार्रवाई कर रहा है। एमडीडीए की विभिन्न टीमें अपने-अपने सेक्टरों में सक्रिय रूप से निरीक्षण कर अवैध निर्माणों पर सीलिंग तथा अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुनिश्चित कर रही हैं। प्राधिकरण का स्पष्ट उद्देश्य नियोजित विकास को बढ़ावा देना, नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना तथा आम नागरिकों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं कानूनी विकास का लाभ देना है। एमडीडीए प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण अथवा व्यवसायिक गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
वहीं एमडीडीए क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न अवैध निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। देहरादून मालसी-मसूरी रोड, स्थित आर्यन चौधरी द्वारा किए गए अवैध निर्माण, संदीप खुराना एवं मनीष खुराना द्वारा किये गये अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस पूरी कार्रवाई में संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशानुसार सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता उमेश वर्मा, संबंधित सुपरवाइजर एवं पुलिस बल की उपस्थिति में विधिवत रूप से पूर्ण की गई।
इसके साथ ही अतिरिक्त देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड स्थित यामीन एवं आमीर द्वारा अवैध व्यवसायिक निर्माण के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए उसे सील किया गया। यह कार्रवाई भी संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता निशान्त कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप, नेहा एवं सुपरवाइजर की मौजूदगी में नियमानुसार संपन्न की गई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियोजित विकास एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड, मालशी-मसूरी रोड तथा ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी रोड जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। आम नागरिकों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व एमडीडीए से स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके। एमडीडीए का उद्देश्य दंड देना नहीं, बल्कि नियमों के अनुरूप सुरक्षित और सुव्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई पूर्ण पारदर्शिता और नियमों के तहत की जा रही है। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों एवं तकनीकी टीमों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है, तत्पश्चात नियमानुसार सीलिंग अथवा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी प्रवर्तन अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा तथा अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता की अनुरोध व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए अंकिता भंडारी प्रकरण की CBI जांच कराए जाने की संस्तुति प्रदान की है । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य शुरू से अंत तक निष्पक्ष, पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से न्याय सुनिश्चित करना रहा है और आगे भी रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी के साथ हुई इस अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही राज्य सरकार ने बिना किसी विलंब के पूर्ण संवेदनशीलता और निष्पक्षता के साथ कार्रवाई की। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक महिला आईपीएस अधिकारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रकरण से जुड़े सभी अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया गया तथा राज्य सरकार की ओर से प्रभावी एवं सशक्त पैरवी सुनिश्चित की गई, जिसका परिणाम यह रहा कि विवेचना और ट्रायल के दौरान किसी भी अभियुक्त को जमानत नहीं मिल सकी। SIT द्वारा गहन विवेचना के पश्चात अभियुक्तों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की गई और निचली अदालत द्वारा सुनवाई पूर्ण होने पर अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यह पूरे प्रकरण में इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि राज्य सरकार ने आरंभ से लेकर अंत तक निष्पक्षता, पारदर्शिता और दृढ़ता के साथ न्याय सुनिश्चित किया है। साथ ही, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही कुछ ऑडियो क्लिप्स के संबंध में भी अलग–अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं, जिन पर जांच की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तथ्य या साक्ष्य की अनदेखी नहीं की जाएगी। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अंकिता केवल एक पीड़िता नहीं थी, बल्कि वह हमारी भी बहन और बेटी थी।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हाल ही में उन्होंने स्वयं स्वर्गीय अंकिता भंडारी के माता–पिता से मुलाकात की, जिसमें बातचीत के दौरान उन्होंने मामले की CBI जांच कराए जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय अंकिता के माता–पिता के इस अनुरोध और उनकी भावनाओं का पूर्ण सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने इस प्रकरण की CBI से जांच कराने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुनः दोहराया कि राज्य सरकार पहले भी न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध रही है और आगे भी पूरी दृढ़ता एवं संवेदनशीलता के साथ स्वर्गीय बहन अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए संकल्पबद्ध रहेगी।
सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील- सीएम
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।
मुख्यमंत्री ने सभी नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब, प्रदेश की लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त मंच है। उत्तरांचल प्रेस क्लब ने हमेशा अपनी गरिमा, निष्पक्षता और विश्वसनीयता को बनाए रखा है। उन्होंने कहा पत्रकारिता, लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है। यह सरकारों को उत्तरदायी, समाज को जागरूक और आम नागरिक को सजग करता है। स्वतंत्र, जागरूक और जिम्मेदार पत्रकारिता, सरकार और जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल युग में, सोशल मीडिया के माध्यम से फेक न्यूज़ और भ्रामक सूचनाएँ तेज़ी से फैल रही हैं, ऐसे में पत्रकारों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सही तथ्यों के साथ निष्पक्ष और जिम्मेदार रिपोर्टिंग ही समाज को भ्रम से बचा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा उत्तराखंड के पत्रकारों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में साहस के साथ अपना काम किया है। उन्होंने कहा पत्रकारों की कलम में वह शक्ति है, जो समस्याओं को उजागर करने के साथ-साथ समाधान का मार्ग भी प्रशस्त करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पत्रकारों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। पत्रकारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, आकस्मिक सहायता एवं आवासीय योजनाओं को लेकर कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा मान्यता प्राप्त पत्रकारों को शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के साथ दिया जा रहा है। वरिष्ठ पत्रकार सम्मान योजना के अंतर्गत अनेक वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया है। पत्रकार पेंशन में वृद्धि के साथ-साथ, विभिन्न जिलों से देहरादून आने वाले पत्रकारों के लिए सूचना विभाग के माध्यम से आवासीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी प्रयास किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तरांचल प्रेस क्लब के भवन निर्माण के मुद्दे को उन्होंने स्वतः ही कैबिनेट में रखा। जिसपर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है। उन्होंने कहा जल्द ही यह भवन एक मॉडल भवन के रूप में बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पत्रकार पेंशन योजना के अंतर्गत पत्रकार कल्याण कोष का बजट 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये किया गया है। उन्होंने कहा उत्तराखंड प्रत्येक क्षेत्र की भांति जनसंचार के क्षेत्र में भी अपनी एक नई पहचान स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया सेंटरों के आधुनिकीकरण और प्रेस क्लबों के सशक्तिकरण पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा 2026-27 के सामान्य बजट में भी मीडिया सेंटरों को लेकर प्रावधान किए जाएंगे। उन्होंने कहा इससे आने वाले समय में अन्य जिलों में भी पत्रकारों को अच्छी सुविधाएं मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के प्रति उनका भी ऋण और उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा वो स्वयं भी सामान्य परिस्थितियों से उठकर राज्य के मुख्यमंत्री बने हैं। वो अपने कर्तव्य का निर्वाह करते रहेंगे। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने अपनी कर्तव्यों का निर्वहन पहले भी किया है और आगे भी करते रहेंगे।
उत्तरांचल प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हमेशा पत्रकारों के कल्याण के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने कहा पत्रकार, पत्रकारिता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने उत्तरांचल प्रेस क्लब के भवन निर्माण को लेकर कैबिनेट में हुए फैसले के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष अजय सिंह राणा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह नेगी, कनिष्ठ उपाध्यक्ष सोबन सिंह गुसाई, महामंत्री योगेश सेमवाल, संयुक्त मंत्री शिवेश शर्मा, श्रीमती मीना नेगी, कोषाध्यक्ष मनीष डंगवाल, सम्प्रेक्षक विजय जोशी एवं कार्यकारिणी सदस्य वीरेन्द्र डंगवाल ‘पार्थ’, मनमोहन लखेड़ा, श्रीमती रश्मि खत्री, सुलोचना पयाल, मनोज सिंह जयाड़ा, हरीश थपलियाल, मनबर सिंह रावत, ओम प्रकाश जोशी, हिमांशु जोशी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर सौरभ थपलियाल, दायित्वधारी डॉ. देवेंद्र भसीन, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
आरटीआई अधिनियम के तहत सराहनीय कार्य करने वाले लोक सूचना तथा अपीलीय अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने किया सम्मानित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में आरटीआई अधिनियम (सूचना का अधिकार कानून) के लागू होने के 20 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित कार्यक्रम में आरटीआई अधिनियम के तहत सराहनीय कार्य करने वाले 5 लोक सूचना अधिकारियों तथा 5 अपीलीय अधिकारियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने जिन अधिकारियों को सम्मानित किया उनमें जिलाधिकारी बागेश्वर श्रीमती आकांक्षा कोंडे (तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार), अभिनव शाह मुख्य विकास अधिकारी देहरादून, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी आयुष अग्रवाल, लोक सेवा आयोग उत्तराखण्ड के उपसचिव डॉ. प्रशांत, उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा एस.एस. चौहान, उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अनु सचिव राजन नैथानी, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, पिथौरागढ़ ललित मोहन जोशी, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामनगर वन प्रभाग श्रीमती कमला शर्मा, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा, से मुख्य प्रशासनिक अधिकारी से लियाकत अली खान और जिला विकास अधिकारी हरिद्वार वेद प्रकाश शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम भारतीय लोकतंत्र की आत्मा है और पारदर्शी शासन व्यवस्था की आधारशिला है। इस अधिनियम ने शासन और नागरिकों के बीच विश्वास, पारदर्शिता और जवाबदेही का एक नया अध्याय खोला है। उन्होंने कहा कि इस क़ानून ने प्रत्येक नागरिक को शासन की नीतियों, निर्णयों और कार्यप्रणाली को समझने, प्रश्न पूछने और जवाबदेही सुनिश्चित करने का अधिकार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की शासन व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ऑनलाइन पोर्टल, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और जन-सुनवाई जैसे माध्यमों ने शासन और जनता के बीच संबंध को और मजबूत बनाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार पारदर्शी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी शासन व्यवस्था की दिशा में सतत कार्य कर रही है। राज्य में प्रशासनिक प्रक्रियाओं का डिजिटलीकरण किया गया है और अधिकांश सरकारी सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को जानकारी और सेवाओं की उपलब्धता में सुगमता आई है। मुख्यमंत्री ने आरटीआई ऑनलाइन पोर्टल और आयोग की हाइब्रिड सुनवाई व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्याय प्रक्रिया और भी सुलभ हुई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक राज्य सूचना आयोग में 13 लाख से अधिक आरटीआई आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से अधिकांश का सफलतापूर्वक निस्तारण किया जा चुका है। वर्तमान में केवल 700 प्रकरण लंबित हैं, जो आयोग की दक्षता का प्रमाण हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने नागरिक अधिकारों की रक्षा में प्रशंसनीय भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूचना का अधिकार जितना महत्वपूर्ण है, उतनी ही इसके उपयोग में जिम्मेदारी भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में इस अधिनियम का दुरुपयोग देखा गया है, जिस पर रोक लगाने के लिए जनजागरूकता बढ़ाना समय की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विभाग उन सूचनाओं को अपनी वेबसाइट पर नियमित रूप से प्रदर्शित करे जिनकी बार-बार मांग की जाती है, ताकि नागरिकों को स्वतः जानकारी मिल सके और पारदर्शिता बढ़े।
इस अवसर पर मुख्य सूचना आयुक्त श्रीमती राधा रतूड़ी, राज्य सूचना आयुक्त देवन्द्र कुमार आर्य, दलीप सिंह कुंवर, कुशलानन्द, उत्तराखण्ड अवस्थापन अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर मौजूद थे।
आपदा प्रबंधन सामूहिक जिम्मेदारी, सभी विभाग समन्वित रूप से करें कार्य -मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम, हाथीबड़कला में ‘शीतलहर पूर्व तैयारी’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने शीतलहर, बाढ़, मॉक अभ्यास, हवाई यातायात सहायता की एस.ओ.पी., आपदा प्रबंधन विभाग के नववर्ष कैलेंडर 2026 एवं आपदा प्रबंधन हस्तपुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने युवा आपदा मित्रों एवं वर्ष 2025 में आपदा के दौरान राहत एवं बचाव में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया। आपदा प्रबंधन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा उपलब्ध कराए गए चार वाहनों का भी मुख्यमंत्री ने फ्लैग ऑफ किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आपदा प्रबंधन किसी एक विभाग की नहीं, बल्कि समस्त प्रशासन, स्थानीय निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम जनता की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में देश में आपदा जोखिम न्यूनीकरण को एक प्रमुख एजेंडा बनाया गया है। उत्तराखंड सरकार भी उन्हीं के मार्गदर्शन में आपदा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दे रही है। राज्य में ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग एवं अर्ली वार्निंग सिस्टम को सुदृढ़ बनाया जा रहा है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सेंसर लगाने, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम एवं आधुनिक रैपिड रिस्पॉन्स टीमों के गठन जैसे कदमों से आपदा जोखिम को घटाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड जैसे हिमालयी राज्य में हिमस्खलन (एवलांच) एक गंभीर प्राकृतिक जोखिम है। राज्य के कई क्षेत्र हिमस्खलन की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माने जाते हैं। इन क्षेत्रों में पर्यटन, तीर्थाटन एवं पर्वतारोहण गतिविधियों को सुरक्षित बनाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने, आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग, प्रशिक्षित रेस्क्यू बलों की तैनाती तथा सुरक्षित पर्यटन प्रोटोकॉल को और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शीतलहर और अत्यधिक हिमपात से उत्पन्न चुनौतियों से प्रभावी रूप से निपटने के लिए भी राज्य में कई ठोस और व्यावहारिक कदम उठाए गए हैं। सभी जिलों को अर्ली वार्निंग सिस्टम से जोड़ा गया है और अलाव, रैन बसेरों तथा कंबलों की पर्याप्त व्यवस्था के निर्देश भी जिलाधिकारियों को दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन आपस में बेहतर तालमेल बनाए रखें और अर्ली वार्निंग सिस्टम को और अधिक सुदृढ़ करते हुए शीतलहर तथा हिमपात वाले क्षेत्रों में समय पर चेतावनी और आवश्यक तैयारियाँ सुनिश्चित करें। शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया, जुकाम, फ्लू, निमोनिया जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सभी जिला अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और मोबाइल मेडिकल टीमों को सक्रिय रखना होगा। विशेष रूप से सीमांत और ऊँचाई वाले क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, हीटिंग उपकरणों एवं प्राथमिक उपचार सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समुदाय आधारित आपदा प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए ‘युवा आपदा मित्र’ एवं ‘आपदा सखी’ जैसी पहल को और सशक्त बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि इस कार्यशाला के माध्यम से शीत ऋतु के दौरान होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा तथा विभागों के मध्य समन्वय को मजबूत किया जाएगा।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में यह एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि शीतलहर धीरे-धीरे अपना प्रभाव दिखाती है, परंतु इसका असर भयावह होता है। यह आमजन की स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से संवेदनशील लोगों के जनजीवन को प्रभावित करती है। शीतलहर प्रबंधन को हमें केवल मौसमी प्रबंधन की चुनौती के रूप में नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व के रूप में देखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य में आपदा प्रबंधन को सशक्त, संगठित और नीति-आधारित स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य राजेन्द्र सिंह, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विनय रोहिला, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन,आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मो. ओबैदुल्लाह अंसारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी उपस्थित थे।
हिमालयी राज्यों में कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
गुवाहाटी/देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गुवाहाटी में वस्त्र मंत्रियों के राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान आज असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से भेंट की। इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच हिमालयी राज्यों में कृषि एवं ग्रामीण विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई
भेंट के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को उत्तराखंड की सांस्कृतिक एवं धार्मिक परंपराओं के प्रतीक स्वरूप शॉल एवं बद्रीनाथ धाम का पावन प्रसाद भेंट किया। असम के मुख्यमंत्री ने इस सद्भावपूर्ण भेंट के लिए कृषि मंत्री गणेश जोशी का आभार भी व्यक्त किया।
