बीपीटी और एमपीटी छात्र-छात्राओं को जाॅब स्कोप पर दी गई महत्वपूर्णं जानकारियां
एक दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने जाना कैंसे करें सही स्ट्रीम का चुनाव
देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज के फिजियोथेरेपी विभाग द्वारा बीपीटी एवं एमपीटी के छात्र-छात्राओं के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं, विशेषकर इंटर्न्स को फिजियोथेरेपी की विभिन्न स्ट्रीमों की जानकारी देकर उन्हें अपनी रुचि और भविष्य की संभावनाओं के अनुसार सही स्ट्रीम का चयन करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुलपति श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन, कुलसचिव डॉ. लोकश गंभीर तथा अन्य गणमान्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्व प्रसिद्ध डॉ. अली ईरानी (भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपिस्ट) रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न करियर विकल्पों, स्पेशलाइजेशन और रोजगार के अवसरों पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. ईरानी ने छात्रों को आधुनिक और उन्नत तकनीकों के बारे में भी जानकारी दी, जिनकी मदद से मरीजों को दर्द से शीघ्र राहत प्रदान की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी, न्यूरो फिजियोथेरेपी, ऑर्थोपेडिक फिजियोथेरेपी, कार्डियो-पल्मोनरी फिजियोथेरेपी सहित कई विशेषज्ञताएं उपलब्ध हैं। छात्र यदि अपनी रुचि, कौशल और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर सही स्ट्रीम का चयन करें, तो इस क्षेत्र में बेहतर करियर बना सकते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में संयोजक प्रो. (डॉ.) कीर्ति सिंह, आयोजक प्रो. (डॉ.) नीरज कुमार एवं डॉ. शारदा शर्मा का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि डॉ. सोनिया गंभीर और डॉ. मालविका कांडपाल भी उपस्थित रहीं। साथ ही फिजियोथेरेपी विभाग, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल तथा स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड एलाइड हेल्थ साइंसेज की समस्त फैकल्टी भी मौजूद रही।
खेल विश्वविद्यालय की ओर बढ़ते कदम- रेखा आर्या
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने हल्द्वानी के गोलापार क्षेत्र में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय और उससे जुड़ी खेल अवसंरचना परियोजना की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 8 करोड़ 57 लाख 13 हजार 171 रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। शासन की ओर से जारी आदेश में यह धनराशि खेल विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दरअसल, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए वन विभाग की भूमि की आवश्यकता थी, जिसे केंद्र सरकार से पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। वन भूमि के उपयोग के बदले नियमानुसार राज्य सरकार को प्रतिपूरक व्यवस्था करनी होती है। इसके तहत जिन पेड़ों का नुकसान होगा, उनकी भरपाई के लिए अन्य स्थानों पर नए वृक्ष लगाए जाने और उसके लिए आवश्यक भूमि तथा धनराशि उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इसी प्रतिपूरक वृक्षारोपण और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने यह धनराशि स्वीकृत की है। आदेश के अनुसार स्वीकृत राशि का उपयोग वित्तीय वर्ष 2025-26 में परियोजना से जुड़े सर्वेक्षण, तकनीकी परीक्षण, परामर्श और अन्य प्रक्रियात्मक कार्यों के साथ-साथ प्रतिपूरक वृक्षारोपण से संबंधित व्यवस्थाओं पर किया जाएगा।
मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस आदेश के जारी होने के बाद खेल विश्वविद्यालय परियोजना से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने का रास्ता साफ हो गया है और अब मैदान स्तर पर व्यावहारिक कार्य शुरू होने की प्रक्रिया तेज होगी।
किडनी शरीर का एक छोटा लेकिन बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो शरीर को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह खून को फिल्टर कर शरीर से विषैले तत्वों और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालती है। लेकिन बदलती जीवनशैली, बढ़ता ब्लड प्रेशर और अनियंत्रित शुगर लेवल किडनी की सेहत के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते सावधानी न बरतने पर किडनी से जुड़ी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं और किडनी फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार किडनी का मुख्य कार्य शरीर में मौजूद खून को शुद्ध करना और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। एक स्वस्थ किडनी रोजाना बड़ी मात्रा में खून को फिल्टर कर यूरिया, क्रिएटिनिन जैसे जहरीले तत्वों को शरीर से बाहर निकालती है। इसके साथ ही यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने और रक्त के pH स्तर को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
हाल के वर्षों में किडनी से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। खासकर कम उम्र के लोगों में भी किडनी संबंधी समस्याएं देखने को मिल रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार खराब खानपान, अनियमित दिनचर्या और बढ़ता तनाव किडनी के लिए जोखिम बढ़ाने वाले प्रमुख कारण बनते जा रहे हैं।
किडनी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, उनमें किडनी की बीमारी होने की संभावना अधिक होती है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को दुनिया भर में क्रॉनिक किडनी डिजीज के प्रमुख कारणों में गिना जाता है।
डॉक्टर बताते हैं कि लंबे समय तक बढ़ा हुआ शुगर लेवल किडनी की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे फिल्टरिंग सिस्टम कमजोर पड़ने लगता है। इस स्थिति को डायबिटिक नेफ्रोपैथी कहा जाता है, जिसमें पेशाब में प्रोटीन आने लगता है और धीरे-धीरे किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होती है।
इसी तरह हाई ब्लड प्रेशर भी किडनी की नाजुक नसों पर अतिरिक्त दबाव डालता है। लगातार बढ़ा हुआ ब्लड प्रेशर किडनी की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है, जिससे किडनी सही तरीके से काम नहीं कर पाती। जब किडनी की कार्यक्षमता घटती है तो शरीर में नमक और पानी जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर और बढ़ सकता है। जिन लोगों को हाई बीपी और डायबिटीज दोनों समस्याएं होती हैं, उनमें किडनी खराब होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को किडनी की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते जांच व उपचार के लिए प्रेरित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार किडनी को स्वस्थ रखने के लिए नियमित व्यायाम करना, संतुलित आहार लेना और नमक का सीमित मात्रा में सेवन करना जरूरी है। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, ताजे फल-सब्जियों और साबुत अनाज को आहार में शामिल करना भी लाभदायक माना जाता है। प्रोसेस्ड फूड, अधिक नमक और मीठे खाद्य पदार्थों से दूरी बनाना किडनी की सेहत के लिए बेहतर होता है।
डॉक्टर यह भी सलाह देते हैं कि वजन को नियंत्रित रखें और धूम्रपान व शराब से बचें, क्योंकि ये आदतें किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। नियमित स्वास्थ्य जांच और ब्लड प्रेशर तथा शुगर को नियंत्रण में रखकर किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?
ज्योति रौतेला ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा है। तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं। उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है।
प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि आज जब देश में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार सूत्रों के हवाले से क्यों बयानबाजी कर रही है? प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। समस्या इतनी गंभीर है कि दिल्ली हाईकोर्ट में किचन बंद हो गयी है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर सिलेंडर ना होने की वजह से होटल बंद करने का ऐलान कर दिया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। जहां एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 तक पहुंचाकर गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत रहा है। मोदी सरकार एक ओर महंगाई को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें महंगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी सभी चुनावी जनसभाओं में महंगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 12 साल के कार्यकाल में मंहगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है।
ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाडी आदि उपस्थित थे।
अभियान के दौरान पहचान संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज न दिखा पाने वाले 49 व्यक्तियों को पुलिस ने लिया हिरासत में
देहरादून। अपराध और अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए राज्यभर में चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रैकडाउन के तहत देहरादून पुलिस ने शहर में व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर बाहरी जनपदों और राज्यों से आकर रह रहे लोगों, किरायेदारों और संदिग्ध व्यक्तियों के सत्यापन के लिए पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की।
अभियान के तहत 12 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक (नगर) के नेतृत्व में कोतवाली नगर क्षेत्र की चौकी लक्ष्मण चौक के अंतर्गत गांधी ग्राम, न्यू पार्क रोड, गुरुद्वारा रोड और मालवीय नगर में विशेष सत्यापन अभियान चलाया गया। इस दौरान पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले कुल 469 लोगों का सत्यापन किया।
जांच में पाया गया कि कई मकान मालिकों ने अपने किरायेदारों का सत्यापन नहीं कराया था। इस पर पुलिस ने 92 मकान मालिकों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 83 के तहत कार्रवाई करते हुए 9 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
इसके अलावा क्षेत्र में संदिग्ध रूप से रह रहे 49 लोगों को बीएनएसएस की धारा 172 के तहत हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने लाया गया। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 49 लोगों के खिलाफ पुलिस एक्ट की धारा 81 के तहत चालान कर 12,250 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद भर में सत्यापन अभियान लगातार जारी रहेगा और किरायेदारों व बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन न कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा की एक्शन-एडवेंचर फिल्म ‘द ब्लफ’ ओटीटी पर रिलीज होते ही चर्चा में आ गई है। फिल्म को भले ही समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली हो, लेकिन दर्शकों ने इसे काफी पसंद किया है। यही कारण है कि रिलीज के कुछ ही दिनों में फिल्म ने व्यूअरशिप के मामले में बड़ा रिकॉर्ड बना लिया और स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली ओरिजिनल फिल्मों में शामिल हो गई।
ओटीटी पर टॉप पर पहुंची फिल्म
रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी के आखिर में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई ‘द ब्लफ’ ने 27 फरवरी से 5 मार्च के बीच करीब 300.3 मिलियन मिनट की व्यूअरशिप हासिल की। इस शानदार प्रदर्शन के साथ फिल्म स्ट्रीमिंग ओरिजिनल फिल्मों की सूची में पहले स्थान पर पहुंच गई।
अन्य फिल्मों की व्यूअरशिप
इसी अवधि में कई अन्य फिल्मों को भी दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला, लेकिन वे व्यूअरशिप के मामले में ‘द ब्लफ’ से पीछे रहीं।
दूसरे स्थान पर ‘एक्यूज्ड’ – 213.1 मिलियन मिनट
तीसरे स्थान पर ‘फायरब्रेक’ – 177.2 मिलियन मिनट
चौथे स्थान पर ‘पॉल मैककार्टनी: मैन ऑन द रन’ – 156.2 मिलियन मिनट
पांचवें स्थान पर ‘द रेकिंग क्रू’ – 110.6 मिलियन मिनट
प्रियंका की सफलता से खुश फैंस
फिल्म की इस सफलता से प्रियंका चोपड़ा के प्रशंसक बेहद खुश हैं। सोशल मीडिया पर फैंस लगातार अभिनेत्री की तारीफ कर रहे हैं। एक फैन ने लिखा कि प्रियंका इस सफलता की हकदार हैं और उन्होंने इसके लिए बहुत मेहनत की है। वहीं कई लोगों ने फिल्म को शानदार बताते हुए प्रियंका के अभिनय की सराहना की है।
फिल्म की कहानी
फिल्म की कहानी केमन द्वीप्स की पृष्ठभूमि पर आधारित है। इसमें प्रियंका चोपड़ा एर्सेल बोर्डेन नाम की महिला का किरदार निभा रही हैं, जो अपने परिवार के साथ शांत जीवन जी रही होती है। लेकिन उसका पुराना दुश्मन कॉनर नाम का खतरनाक समुद्री डाकू उसके परिवार को खतरे में डाल देता है। ऐसे में एर्सेल को अपने पुराने और खतरनाक रूप ‘ब्लडी मैरी’ में वापस आना पड़ता है और अपने परिवार की रक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ता है।
फिल्म से जुड़ी खास बातें
‘द ब्लफ’ का निर्देशन फ्रैंक ई. फ्लावर्स ने किया है। फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के साथ कार्ल अर्बन, सफिया ओकले-ग्रीन और टेमुएरा मॉरिसन जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। यह फिल्म 25 फरवरी 2026 से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर स्ट्रीम हो रही है और रिलीज के बाद से ही दर्शकों के बीच लगातार लोकप्रियता हासिल कर रही है।
(साभार)
संसद में कोई व्यक्ति भी नियमों से ऊपर नहीं, लोकसभा में बोले ओम बिरला
नई दिल्ली। लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर हुई चर्चा के बाद स्पीकर ओम बिरला पहली बार सदन की अध्यक्षता करते हुए नजर आए। इस दौरान उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में मजबूत विपक्ष की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और कोई भी व्यक्ति संसद के नियमों से ऊपर नहीं है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि लोकतंत्र में सत्ता पक्ष के साथ-साथ एक मजबूत विपक्ष भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेता प्रतिपक्ष या किसी भी सांसद को बोलने से रोकने की कोई मंशा नहीं रही है, बल्कि हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि सदन में पिछले दो दिनों में 12 घंटे से अधिक समय तक चर्चा हुई, ताकि सभी दलों और सांसदों को अपनी राय रखने का मौका मिल सके। बिरला ने कहा कि लोकसभा देश के 140 करोड़ नागरिकों की भावनाओं और अपेक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है, इसलिए यहां हर सांसद की आवाज अहम होती है।
स्पीकर ने कहा कि उनका हमेशा प्रयास रहा है कि सदन में हर सांसद को बोलने का अवसर मिले, खासकर उन सदस्यों को जो कम बोलते हैं। उनके मुताबिक, जितनी ज्यादा चर्चा और संवाद होगा, लोकतंत्र उतना ही मजबूत होगा।
ओम बिरला ने सभी सांसदों का आभार जताते हुए कहा कि सदन विचारों का जीवंत मंच है, जहां अलग-अलग मत और विचार सामने आते हैं। उन्होंने कहा कि आलोचना भी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है और हर सदस्य की बात को गंभीरता से सुना जाता है।
विपक्ष की ओर से उठाई गई आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि संसद की कार्यवाही पूरी तरह नियमों के आधार पर चलती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में कोई भी व्यक्ति नियमों से ऊपर नहीं है। यहां तक कि प्रधानमंत्री को भी नियम 372 के तहत बोलने से पहले अध्यक्ष की अनुमति लेना अनिवार्य होता है।
बेंगलुरु में खेला जाएगा आईपीएल 2026 का पहला मैच, आरसीबी और हैदराबाद होगी आमने-सामने
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन के पहले चरण का कार्यक्रम जारी कर दिया है। दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग आईपीएल 2026 का आगाज 28 मार्च से होगा, जबकि पहले चरण के मुकाबले 12 अप्रैल तक खेले जाएंगे। इस दौरान देश के अलग-अलग शहरों में कुल 20 मैच खेले जाएंगे और कई हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे।
आईपीएल 2026 का पहला मुकाबला 28 मार्च को बंगलूरू के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में मौजूदा चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान में उतरेगी। आरसीबी इस सीजन में अपने खिताब की रक्षा करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पिछले साल 2025 के फाइनल में आरसीबी ने पंजाब किंग्स को हराकर पहली बार आईपीएल ट्रॉफी अपने नाम की थी।
टूर्नामेंट के दूसरे दिन यानी 29 मार्च को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच मुकाबला खेला जाएगा, जो दर्शकों के लिए एक बड़ा आकर्षण माना जा रहा है।
आईपीएल के पहले चरण में कुल 20 मुकाबले खेले जाएंगे, जो देश के 10 अलग-अलग शहरों में आयोजित होंगे। इनमें बंगलूरू, मुंबई, गुवाहाटी, न्यू चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद शामिल हैं। इस चरण में चार डबल-हेडर मुकाबले भी रखे गए हैं, जिनमें एक ही दिन दो मैच खेले जाएंगे। दोपहर का मैच भारतीय समयानुसार 3:30 बजे और शाम का मुकाबला 7:30 बजे से शुरू होगा।
फ्रेंचाइजी टीमों के होम वेन्यू भी तय कर दिए गए हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु अपने पांच घरेलू मैच बंगलूरू में और दो मुकाबले रायपुर में खेलेगी। पंजाब किंग्स के चार घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ में जबकि तीन मुकाबले धर्मशाला में आयोजित होंगे। वहीं राजस्थान रॉयल्स के तीन मैच गुवाहाटी और चार मुकाबले जयपुर में खेले जाएंगे।
बीसीसीआई ने फिलहाल केवल पहले चरण का कार्यक्रम जारी किया है। देश के कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए पूरे टूर्नामेंट का शेड्यूल अभी घोषित नहीं किया गया है। असम, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चुनाव प्रस्तावित हैं, इसलिए इन राज्यों में होने वाले मैचों की तारीखें बाद में तय की जाएंगी। चुनाव कार्यक्रम स्पष्ट होने के बाद आईपीएल के शेष मुकाबलों का पूरा शेड्यूल जारी किया जाएगा।
इस बीच बंगलूरू में होने वाले मुकाबलों को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है। कर्नाटक सरकार की विशेषज्ञ समिति 13 मार्च को एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम का निरीक्षण करेगी। निरीक्षण के दौरान मैच डे की तैयारियों का मॉक डेमो भी किया जाएगा, जिसके बाद यह तय होगा कि स्टेडियम आईपीएल मैचों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं।

ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जताया आभार
देहरादून। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से उत्तराखंड राज्य को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत लगभग 55 अपूर्ण कार्यों को पूरा करने का वित्तीय भार राज्य सरकार को वहन करना प्रस्तावित था। अब केंद्र सरकार के निर्णय के बाद यह राशि केंद्र व राज्य के बीच 90:10 के अनुपात में वहन की जाएगी, जिससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला वित्तीय भार काफी कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस निर्णय से प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और विकास को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत PIB भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के दौरे पर है
देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां दी
देहरादून। देहरादून के लोक भवन में ओडिशा के एक मीडिया डेलीगेशन ने उत्तराखंड के गवर्नर, लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (रि.) से बातचीत की। यह डेलीगेशन भारत सरकार के सूचना और प्रसारण मंत्रालय के तहत प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (पीआईबी) भुवनेश्वर द्वारा आयोजित उत्तराखंड के चार दिन के प्रेस टूर पर है।
देवभूमि उत्तराखंड में डेलीगेशन का स्वागत करते हुए, गवर्नर ने राज्य की आध्यात्मिक विरासत, आर्थिक तरक्की और विकास की पहल पर अहम जानकारियां साझा की। उन्होंने ओडिशा और उत्तराखंड के बीच समानताओं, खासकर प्राकृतिक आपदाओं के प्रति उनकी कमज़ोरी पर ज़ोर दिया, और साइक्लोन फानी के बाद ओडिशा के अपने दौरे को याद करते हुए लोगों की हिम्मत की तारीफ़ की।
ओडिशा की तारीफ़ करते हुए, गवर्नर ने कहा कि देश खुशकिस्मत है कि राज्य ने देश को एक महिला राष्ट्रपति दी है, जो महिलाओं के एम्पावरमेंट के लिए भारत के कमिटमेंट को दिखाता है। उन्होंने भगवान जगन्नाथ, “ब्रह्मांड के भगवान” के प्रति अपने आध्यात्मिक झुकाव के बारे में भी बात की, और पुरी के आध्यात्मिक महत्व पर ज़ोर दिया। “PURI” शब्द का मतलब बताते हुए, उन्होंने इसे “U – You और I – I” के रूप में समझाया, जो भगवान और भक्तों के बीच आध्यात्मिक संबंध का प्रतीक है। उन्होंने ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं की भी तारीफ़ की और राज्य के लोगों को सीधा-सादा और मिलनसार बताया।
उत्तराखंड के राष्ट्रीय महत्व पर ज़ोर देते हुए, गवर्नर ने बताया कि राज्य में भारत सरकार के 82 इंस्टिट्यूशन हैं, जिनमें मसूरी में लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडमी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेशन (LBSNAA), देहरादून में इंडियन मिलिट्री एकेडमी (IMA), फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) और सर्वे ऑफ़ इंडिया जैसे खास इंस्टिट्यूशन शामिल हैं।
इस दौरे के दौरान, मीडिया डेलीगेशन ने देहरादून में सौर्य स्थल वॉर मेमोरियल, राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) और फ़ॉरेस्ट रिसर्च इंस्टिट्यूट (FRI) सहित कई ज़रूरी इंस्टिट्यूशन का भी दौरा किया।
शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल पर, डेलीगेशन ने देश की सेवा में सबसे बड़ा बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। इंडियन आर्मी द्वारा बनाया गया यह मेमोरियल उन सैनिकों के साहस और बहादुरी की याद दिलाता है जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान दे दी। शौर्य स्थल वॉर मेमोरियल और RIMC के दौरे में कर्नल मनीष श्रीवास्तव, PRO डिफेंस भी साथ थे, जिन्होंने डेलीगेशन को इंस्टिट्यूशन के महत्व और इंडियन आर्म्ड फ़ोर्स की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
बाद में डेलीगेशन ने मशहूर राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (RIMC) का दौरा किया, जहाँ RIMC के कमांडेंट राहुल अग्रवाल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। 1922 में बना यह इंस्टीट्यूशन, इंडियन आर्म्ड फोर्सेज़ में करियर के लिए युवा कैडेट्स को तैयार करने वाले देश के सबसे बड़े इंस्टीट्यूशन्स में से एक है। अधिकारियों ने पत्रकारों को इंस्टीट्यूशन की विरासत और ट्रेनिंग फ्रेमवर्क के बारे में बताया, जिसका मकसद भविष्य के डिसिप्लिन्ड लीडर्स को तैयार करना है।
ओडिशा मीडिया डेलीगेशन ने फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूशन (FRI), देहरादून का भी दौरा किया और इसकी रिसर्च एक्टिविटीज़ और प्रोग्राम्स को समझने के लिए साइंटिस्ट्स से बातचीत की। डॉ. डी.पी. खली, GCR/हेड, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स डिवीज़न और साइंटिस्ट-G, ने डेलीगेशन को फॉरेस्ट्री साइंस और सस्टेनेबल डेवलपमेंट में इंस्टीट्यूशन के योगदान के बारे में बताया। डेलीगेशन ने FRI के कई म्यूज़ियम्स का भी दौरा किया, जहाँ फॉरेस्ट्री, फॉरेस्ट प्रोडक्ट्स, पैथोलॉजी, एंटोमोलॉजी और टिम्बर टेक्नोलॉजी से जुड़े कलेक्शन दिखाए गए, जिससे भारत की फॉरेस्ट वेल्थ और बायोडायवर्सिटी के बारे में जानकारी मिली।
मीडिया डेलीगेशन में ओडिशा के नौ सीनियर जर्नलिस्ट शामिल हैं और उनके साथ PIB भुवनेश्वर के असिस्टेंट डायरेक्टर महेंद्र जेना और इन्फॉर्मेशन असिस्टेंट विकास रंजन दलाई भी हैं। बातचीत के दौरान PIB देहरादून के असिस्टेंट डायरेक्टर संजीव सुंदरियाल भी मौजूद रहे।
