व्यवसायिक प्रतिष्ठान अपने स्टॉक को समझदारी से करें प्रबंधित
गैरसैंण। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण भारत में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित होने से होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हो रही परेशानियों को देखते हुए प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वार्ता की है।
महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान, विशेषकर पश्चिम एशिया में तनाव (ईरान-इजराइल संघर्ष), के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव के चलते अवरोध उत्पन्न हुआ है लेकिन सरकार स्थिति पर नजर रखे हुए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल घरेलू गैस (14.2 किलोग्राम) की आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।
महाराज ने कहा कि होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अस्थायी रूप से बाधित हुई है। इसलिए व्यवसायियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने स्टॉक को समझदारी से प्रबंधित करें और स्थिति सामान्य होने तक सीमित उपयोग करें।
राष्ट्रीय खेलों की सफलता के बाद खेल ढांचे के विस्तार पर जोर
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 75.36 करोड की वित्तीय स्वीकृति
गैरसैंण। 38 वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजन के बाद प्रदेश की धामी सरकार जमीनी स्तर पर खेल सुविधाओं के और विस्तार में जुट गई है। इस क्रम में प्रदेश के हर ब्लॉक में अब मिनी स्टेडियमों का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को बजट सत्र के तीसरे दिन सदन को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हर ब्लाक में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2025 में उत्तराखंड ने न सिर्फ 38 वें राष्ट्रीय खेलों की सफल मेजबानी की थी, बल्कि 103 पदक जीतकर इस स्तर के आयोजन में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी किया था। इस आयोजन ने उत्तराखंड को खेलभूमि के रूप में भी पहचान दी। इस आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधारभूत खेल ढांचा विकसित किया गया। लेगेसी पॉलिसी बनाकर सरकार ने इस खेल ढांचे का इस्तेमाल एकेडमी के तौर पर करने का निर्णय लिया है। ताकि खेल प्रतिभाओं को उचित प्रशिक्षण प्राप्त हो सके। इस संबंध में शासन स्तर पर कार्यवाही चल रही है।
अब वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में हर ब्लॉक में मिनी स्टेडियम के निर्माण के लिए प्रावधान कर दिए जाने को भी अहम माना जा रहा है। बुधवार को प्रश्नकाल में जब खेल मंत्री रेखा आर्या पर्वतीय क्षेत्रों में खेल मैदान और मिनी स्टेडियम से संबंधित सवाल का जवाब दे रही थीं, तब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सदन को यह अहम जानकारी दी। खेल मंत्री रेखा आर्या के अनुसार-पर्वतीय क्षेत्र में मिनी स्टेडियम के लिए 1.18 एकड़ भूमि की आवश्यकता होती है। इसके निर्माण के लिए एक करोड़ 70 लाख रूपये दिए जाने का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास योजनाओं के लिए प्रदान की ₹ 75.36 करोड की वित्तीय स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एस.सी.एस.पी. के अन्तर्गत जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधानसभा क्षेत्र पौड़ी के विकासखण्ड पाबौ मे बेडा का जगड मोटर मार्ग के किमी0 1.00 से 5.00 तक सुदृढीकरण एवं डामरीकरण कार्य हेतु ₹ 3.58 करोड़, जनपद हरिद्वार के राजकीय उपजिला चिकित्सालय रुड़की में विद्युत रिवाईरिंग कार्य हेतु ₹ 3.93 करोड के साथ ही राज्य योजना के अन्तर्गत जनपद देहरादून के विधानसम क्षेत्र मसूरी के अन्तर्गत न्यू कैंट मोटर मार्ग किमी० 1 चै0 0.375 से चै० 1.625 (सालावाला पुल से विजय कॉलोनी पुल) तक मार्ग को दो लेन से 10.50 मी० चौडाई में परिवर्तित (अपग्रेड) किये जाने (द्वितीय चरण) हेतु कुल धनराशि ₹ 16.87 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत बूम से टनकपुर के शारदा नदी के दांये पार्श्व पर (तटबन्ध) बाढ़ सुरक्षा कार्य एवं शारदा नदी के दांये पार्श्व पर पर बूम व उचौलीगोठ में बाढ़ सुरक्षा कार्य हेतु ₹ 15.69 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा नगर निगम, ऋषिकेश क्षेत्रान्तर्गत एकत्रित लीगेसी वेस्ट निस्तारण हेतु ₹ 6.79 करोड़ तथा नगर निगम, पिथौरागढ़ में देवभूमि रजत जयन्ती पार्क के निर्माण हेतु ₹ 9.81 करोड की योजना स्वीकृत किये जाने के साथ ही टनकपुर में मीडिया सेंटर एवं गेस्ट हाउस तथा टनकपुर में कम्यूनिटी हॉल निर्माण किये जाने हेतु ₹ 14.24 करोड स्वीकृत करते हुए प्रथम किश्त के रूप में ₹ 1.00 करोड़ अवमुक्त किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने किया श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की बेहतर सुरक्षा हेतु एआई बेस्ड सिस्टम अधिष्ठापित किये जाने का अनुमोदन
मुख्यमंत्री द्वारा राज्य में स्थित चारधाम एवं मुख्य पर्यटन स्थलों पर लगातार श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या में बढ़ोत्तरी के दृष्टिगत उनकी बेहतर सुरक्षा व्यवस्था हेतु संदिग्ध तत्वों एवं गतिविधियों पर निगरानी के लिए एआई बेस्ड फेसियल रिकुनाईजेशन सिस्टम एवं डाटा एनेलेटिक्स साफ्टवेयर सिस्टम विभिन्न 05 जनपदों में अधिष्ठापित किये जाने हेतु ₹ 4.45 करोड स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया है।
नन्ही मुस्कान और खाकी का सम्मान
देहरादून। पुलिस कार्यालय देहरादून में अपनी समस्याओ को लेकर आने वाले फरियादियों के बीच एक नन्ही और प्यारी सी बच्ची अपने नन्हे हाथों में रंग-बिरंगे फूलों का एक पुष्पगुच्छ थामे एसएसपी देहरादून से मिलने के लिये पहुंची, जिसके द्वारा एसएसपी देहरादून से मुलाकात के दौरान अपनी प्यारी से मुस्कान के साथ अपने साथ लाये फुलो के गुलदस्ते को उन्हें भेंट किया।
छोटी सी उम्र में कप्तान अंकल से मिलने आने का कारण पूछने पर उक्त बच्ची द्वारा मासूमियत से जवाब दिया कि चाहे दिन हो या रात पुलिस वाले अंकल हमेशा सडक पर खडे होकर हमारी रक्षा करते है, बच्ची की बातों के दौरान उसकी आँखों में पुलिस की वर्दी के प्रति डर न होकर एक सम्मान और आकर्षण था। बच्ची की मासूमियत भरी मुस्कान व पुलिस पर जताए भरोसे पर एसएसपी देहरादून द्वारा बच्ची के सिर पर हाथ रखकर उसे जीवन में खूब तरक्की करने का आशीर्वाद दिया गया।
यह छोटी सी मुलाकात केवल एक शिष्टाचार नहीं थी, बल्कि खाकी के प्रति उस मासूम चेहरे पर भरोसे का प्रतीक थी।
‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत हरिद्वार में जनसुनवाई; वेतन रोकने वाले निजी अस्पताल प्रबंधन को चिकित्सकों की सैलरी जारी करने के निर्देश
महिला आयोग को कोई हल्के में न ले, निर्देशों पर लापरवाही हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई — कुसुम कंडवाल
कागजी कार्रवाई नहीं, धरातल पर न्याय चाहिए; पीड़ित महिलाओं की फाइलों का प्राथमिकता से करें निस्तारण- कुसुम कंडवाल
हरिद्वार। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के तीसरे दिन आज जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक विशाल जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोग की सदस्य विमला नैथानी और कमला जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनसुनवाई के दौरान कुल 18 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा, जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि चार गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्यवाही हेतु आयोग मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। इस दौरान निजी अस्पताल(मेट्रो हॉस्पिटल) हरिद्वार में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिछले एक वर्ष और नौ महीनों से उनका वेतन रोका गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल प्रबंधन समिति को कड़ा निर्देश जारी किया कि वे 16 मार्च को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों और एक हफ्ते के भीतर दोनों महिला चिकित्सकों का बकाया वेतन, चेक के माध्यम से प्रदान करें।
जनसुनवाई में अन्य गंभीर प्रकरण भी सामने आए, जिनमें एक महिला ने अपने पति के अतिरिक्त संबंधों और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। अध्यक्ष ने इस मामले में तत्काल जांच के आदेश देते हुए दोनों पक्षों को आयोग में तलब किया है। वहीं, एक अनपढ़ विधवा महिला द्वारा अपने जेठ पर संपत्ति हड़पने और हक न देने के आरोप पर अध्यक्ष ने जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया कि पीड़िता को उसके हिस्से का कब्जा दिलाने हेतु उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मनसा देवी मंदिर मार्ग पर दुकान हटाए जाने से प्रभावित निर्धन महिलाओं की आजीविका के प्रश्न पर अध्यक्ष ने नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन महिलाओं को जीवन यापन के लिए उचित स्थान पर दुकान उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, आयोग द्वारा एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया गया और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों पर नोडल अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
सुनवाई के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में हिदायत दी कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग आयोग द्वारा भेजे गए पत्रों पर समयबद्ध तरीके से जांच रिपोर्ट प्रेषित करें और यदि कोई महिला कर्मचारी अपने विभाग की आईसीसी (ICC) कमेटी की जांच से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए। सभी विभाग पॉश (POSH) से संबंधित कार्यशालाएं अपने विभागों में अवश्य कराएं। अध्यक्ष ने सभी को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनसुनवाई में वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान प्रशासिका द्वारा बताया गया कि इस वर्ष 490 पंजीकृत मामलों में से 488 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक वरीयता के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी एल.एन. मिश्रा, एसपी क्राइम निशा यादव, सदस्य सचिव महिला आयोग उर्वशी चौहान, परियोजना निदेशक नलनीत घिल्डियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी एन.के. हल्दियानी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एस.पी. बलूनी, जिला विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह, विधि अधिकारी दयाराम सिंह और लेबर इंस्पेक्टर उपस्थित रहे। इसके साथ ही अध्यक्ष महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा सहित वन, पर्यटन, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
खाना खाने के बाद अचानक नींद आना, शरीर में भारीपन महसूस होना या आलस लगना कई लोगों के लिए आम बात है। अक्सर लोग इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक यह स्थिति शरीर के मेटाबॉलिज्म और ब्लड शुगर के स्तर से जुड़ी हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि भोजन के बाद कुछ छोटी-छोटी आदतें अपनाकर इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार भोजन करने के बाद शरीर में ग्लूकोज का स्तर तेजी से बढ़ता है। अगर इस दौरान व्यक्ति लंबे समय तक बैठे या लेटे रहता है तो मांसपेशियां उस ग्लूकोज का सही तरीके से उपयोग नहीं कर पातीं। ऐसे में अतिरिक्त ग्लूकोज शरीर में फैट के रूप में जमा होने लगता है, जिससे वजन बढ़ने के साथ-साथ सुस्ती और भारीपन की समस्या भी बढ़ सकती है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि भोजन के बाद अक्सर होने वाली एसिडिटी, गैस और पेट फूलने की समस्या भी इसी कारण से जुड़ी हो सकती है। पाचन प्रक्रिया धीमी होने से व्यक्ति को थकान और नींद का अनुभव होने लगता है। इसलिए भोजन के बाद शरीर को थोड़ी सक्रियता देना जरूरी माना जाता है।
भोजन के बाद टहलना क्यों है फायदेमंद
डॉक्टरों के मुताबिक खाने के बाद हल्की वॉक करने से शरीर की मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं और वे बढ़ते ग्लूकोज को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल करने लगती हैं। इससे इंसुलिन का स्तर संतुलित रहता है और शरीर में शुगर स्पाइक की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा टहलने से आंतों की गति भी बढ़ती है, जिससे पाचन बेहतर होता है और पेट में भारीपन या गैस की समस्या कम होती है।
कितनी देर और कैसे करें वॉक
विशेषज्ञों का सुझाव है कि भोजन के लगभग 5 मिनट बाद हल्की वॉक शुरू की जा सकती है। 10 से 15 मिनट तक धीमी गति से टहलना पर्याप्त माना जाता है। बहुत तेज चलने से पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है, इसलिए सामान्य और आरामदायक गति बनाए रखना बेहतर रहता है।
ऑफिस में क्या करें
अगर ऑफिस में बाहर टहलना संभव न हो तो अपनी सीट के पास ही थोड़ी देर चलना-फिरना या कदमताल करना भी फायदेमंद हो सकता है। यह छोटी-सी शारीरिक गतिविधि भी ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है।
विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भोजन के बाद कुछ मिनट की हल्की वॉक को रोजमर्रा की दिनचर्या में शामिल करने से पाचन बेहतर रहता है और मोटापा व डायबिटीज जैसी बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है।
नोट: यह लेख विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स में दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
प्रेम नगर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन
देहरादून। प्रदेश में लगातार बढ़ती रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में यूथ कांग्रेस ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रेमनगर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।
यह प्रदर्शन यूथ कांग्रेस नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर रितेश छेत्री ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर महिलाओं और गृहस्थी चलाने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर व्यापार मंडल नेता राजेश शर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को उठाना पड़ता है।
व्यापार मंडल नेता राजीव पुंज ने कहा कि महंगाई के कारण बाजार की रौनक कम होती जा रही है और व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। यदि इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो छोटे व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में संजय शर्मा, लाल चंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, संगीता गुप्ता, दीवान सिंह बिष्ट, पिया थापा, आशीष देसाई, कैलाश बाल्मीकि, अनिल बस्नेत, विनय शर्मा, अनूप शर्मा, सुखपाल गांधी, अशोक गुप्ता, हेली, कुलदीप नरूला, हरदीप, इशू, मयंक, सोनू बिष्ट, पीयूष जोशी, प्रियांशु गौड़, वंश सूद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी
देहरादून/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा ₹8.69 लाख करोड़ की लागत से ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को मंजूरी दिए जाने वाले निर्णय का स्वागत करते हुए सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसे ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताया है।
हरिद्वार सांसद रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गांव, गरीब और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। जल जीवन मिशन 2.0 के माध्यम से उत्तराखंड सहित देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक हर घर नल से जल की सुविधा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि जल सेवाओं के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा तथा महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।
सांसद रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है और यह निर्णय उस दिशा में एक और बड़ा कदम है।
उन्होंने इस जनहितैषी और दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर अभिनीत फिल्म ‘डकैत’ की रिलीज डेट में बदलाव कर दिया गया है। पहले यह फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब दर्शकों को इसके लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। मेकर्स ने आधिकारिक तौर पर नई रिलीज तारीख का ऐलान करते हुए बताया कि फिल्म अब अप्रैल में सिनेमाघरों में आएगी।
दरअसल, अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर अभिनीत इस फिल्म की रिलीज डेट आगे बढ़ा दी गई है। नई घोषणा के अनुसार ‘डकैत’ अब 10 अप्रैल 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस संबंध में जानकारी अदिवि शेष ने अपने सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने पोस्ट में नई तारीख बताते हुए फिल्म की रिलीज की पुष्टि की।
फिल्म में अदिवि शेष और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। खास बात यह है कि अदिवि शेष ने इस फिल्म की कहानी और लेखन में भी योगदान दिया है। वहीं प्रसिद्ध फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप भी इस फिल्म में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते दिखाई देंगे, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।
फिल्म की रिलीज डेट बदलने के साथ ही बॉक्स ऑफिस पर होने वाला संभावित बड़ा टकराव भी टल गया है। पहले धुरंधर 2, ‘डकैत’ और ‘टॉक्सिक’ के बीच कड़ी टक्कर की चर्चा थी। यश अभिनीत फिल्म ‘टॉक्सिक’ की रिलीज भी पहले 19 मार्च तय थी, लेकिन अब इसे जून 2026 तक आगे बढ़ा दिया गया है।
वहीं रणवीर सिंह अभिनीत धुरंधर 2, जिसका निर्देशन आदित्य धर ने किया है, अपनी तय तारीख पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ऐसे में मार्च में होने वाला संभावित बड़ा बॉक्स ऑफिस क्लैश अब टल गया है।
(साभार)
धामदेवल चिकित्सालय का नाम वीर सैनिक मोहन सिंह महारा के नाम पर रखने की मांग की
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। बजट विधानसभा सत्र–2026 के दौरान जनपद अल्मोड़ा के विकासखण्ड चौखुटिया से आए जनमानस कल्याण समिति धामदेवल के पदाधिकारियों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों को सैनिक कल्याण मंत्री जोशी के समक्ष रखा।
पदाधिकारियों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आग्रह किया कि चौखुटिया विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम सभा हाट-झला के मध्य स्थित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय धामदेवल का नाम वर्ष 1971 के युद्ध के वीर सैनिक मोहन सिंह महारा के नाम पर रखा जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में शहीद स्वतंत्रता सेनानी स्थल के निर्माण की भी मांग की गई, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के वीरों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया और कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा से सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक रघुवर दत्त, महासचिव प्रताप सहित अन्य पूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।
सीएम धामी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लिया फीडबैक
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर रुके और चाय की चुस्कियों के साथ क्षेत्र के लोगों से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्रों का संतुलित और सुनियोजित विकास करना है। उन्होंने बताया कि सरकार इकोलॉजी और इकॉनमी के बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है, ताकि पहाड़ों में रहने वाले लोगों को सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का सकारात्मक असर भी दिखाई दे रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अच्छे परिणाम को दर्शाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
