मुख्यमंत्री धामी ने मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में किया प्रतिभाग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून जनपद को विजेता ट्रॉफी एवं 05 लाख रुपये का चेक प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक प्रतियोगिता का अंत नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। खेल आयोजन आज हमारे गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान देने का एक सशक्त माध्यम बन चुका है। उत्तराखंड में खेल प्रतियोगिताएं अब जनचेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि भी बन चुका है। इस आयोजन में 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आज भारत खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों के माध्यम से देश में खेलों की संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है। देश में फिटनेस एक जन आंदोलन बन चुकी है। हमारी युवा पीढ़ी खेलों के प्रति नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है। आज भारत ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐतिहासिक प्रदर्शन कर रहा है। हमारे खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड संख्या में पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया है और कई खेलों में भारत ने विश्व पटल पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित की है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में खेलों को नई प्राथमिकता मिली है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार निरंतर आगे बढ़ी है। 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल और भव्य आयोजन इसका सशक्त प्रमाण बना है, जिसने उत्तराखंड का मान पूरे देश में बढ़ाया है। इन खेलों में हमारे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर 7वाँ स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण देश के अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बना रहा है। हमारे स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएँ अब राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी हैं। सरकार द्वारा राज्य में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान पर कार्य किया जा रहा है, जिसके तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अनेक प्रावधान किए गए हैं। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जा रही है। इसमें खिलाड़ी आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ-साथ खेल उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। सरकार खिलाड़ियों के साथ-साथ उन्हें तैयार करने वाले प्रशिक्षकों का भी पूरा ध्यान रख रही है। उनके मानदेय और प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी की गई है, ताकि वे और बेहतर ढंग से नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मान देने के लिए “उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मान भी दिए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की मेहनत को सही पहचान मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष से खेल महाकुंभ तथा अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 23 नवम्बर 2025 से न्याय पंचायत स्तर से शुरू हुई खेल प्रतियोगिताओं का समापन 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ किया जा रहा है। इसमें हर खिलाड़ी और जनप्रतिनिधि को जोड़ा गया। इसमें 01 लाख 62 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में 26 खेल स्पर्धाएँ शामिल की गईं। आगामी राष्ट्रीय खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए इस तरह के आयोजन खेल प्रतिभाओं को आगे लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, खेल निदेशक डॉ. आशीष चौहान, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल, मुख्य विकास अधिकारी देहरादून अभिनव शाह एवं खेल विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने खाटू श्याम धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की
विकासनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को विकासनगर, देहरादून में खाटू श्याम धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री खाटू श्याम धाम में पूजा-अर्चना कर प्रदेश में खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बाबा खाटू श्याम के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव पर सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बाबा खाटू श्याम की महिमा अपरंपार है। उन्होंने कहा कि बाबा खाटू श्याम आस्था के आराध्य होने के साथ हर टूटे हुए मन को संबल देने वाले हारे के सहारे हैं। जो भी सच्चे मन से बाबा को पुकारता है, बाबा उसकी झोली कृपा से भर देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा श्याम के भजन-कीर्तन, प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव और धार्मिक आयोजनों में उमड़ती श्रद्धालुओं की अपार भीड़ इस बात का जीवंत प्रमाण है कि बाबा हर हृदय में विराजमान हैं। यह दिव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धालुओं के लिए सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा श्याम की कृपा से वे राज्य के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश की जनता की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि जनता के विश्वास और स्नेह को सदैव बनाए रखते हुए वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से राज्य की सेवा करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए कौशल के साथ समर्पण भी आवश्यक है। यदि हम किसी कार्य को समर्पित भाव से करेंगे तो उसमें निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि हमारे जीवन में जो कुछ भी होता है, वह भगवान की कृपा से होता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदारनाथ धाम से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बताया था, जिस पर राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है।
इस अवसर पर विधायक मुन्ना सिंह चौहान, भाजपा जिला अध्यक्ष मीता सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष नीरू देवी, कुलदीप कुमार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
अभिषेक शर्मा की फॉर्म बनी चिंता का विषय, वापसी पर टिकी नजरें
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप में आज भारत का सामना नीदरलैंड टीम से होगा। ग्रुप ए में लगातार तीन जीत दर्ज कर भारत अभी शीर्ष पर काबिज है और सुपर-8 में जगह बना चुका है, ऐसे में यह मुकाबला अगले चरण से पहले रणनीतियों को परखने और कमियों को दूर करने का अहम अवसर माना जा रहा है।
अहमदाबाद में बदलेगा संयोजन
पिछला मैच कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ खेलते हुए भारत ने तीन स्पिनरों के साथ मैदान में उतरने का प्रयोग किया था, लेकिन अब मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में है। घरेलू पिच की प्रकृति को देखते हुए टीम प्रबंधन एक बार फिर दो विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों के साथ उतर सकता है।
अभिषेक की वापसी पर निगाहें
सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पिछली दो पारियों में खाता नहीं खोल सके हैं। घरेलू मैदान पर चल रही आईसीसी प्रतियोगिता में उनसे बड़ी पारी की उम्मीद होगी। आक्रामक शैली के लिए पहचाने जाने वाले अभिषेक के हालिया आंकड़े संकेत देते हैं कि पावरप्ले में उन्हें अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना होगा।
ईशान की फॉर्म से भरोसा
दूसरे छोर पर ईशान किशन की शानदार फॉर्म ने टीम को संतुलन दिया है। पाकिस्तान के खिलाफ उनके प्रदर्शन के बाद एक बार फिर उनसे ठोस शुरुआत की उम्मीद की जा रही है। कप्तान सूर्यकुमार यादव की अगुवाई में बल्लेबाजी क्रम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
गेंदबाजी में रोटेशन संभव
गेंदबाजी विभाग में सुपर-8 से पहले कुछ खिलाड़ियों को आराम दिया जा सकता है। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को लेकर रोटेशन की चर्चा है, हालांकि टीम प्रबंधन का मानना है कि उनकी उपलब्धता बनी रह सकती है। ऐसे में तेज आक्रमण में संतुलन और स्पिन विभाग में संयोजन पर अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जाएगा।
पिच रिपोर्ट
अहमदाबाद की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाती है। अच्छा बाउंस मिलने से रन बनाना आसान रहता है, हालांकि तेज गेंदबाजों को भी मदद मिलती है। यहां पहली पारी का औसत स्कोर करीब 172 रन है और बड़े स्कोर देखने को मिले हैं।
मैच से जुड़ी जानकारी
तारीख: बुधवार, 18 फरवरी
स्थान: नरेंद्र मोदी स्टेडियम, अहमदाबाद
टॉस: शाम 6:30 बजे
मैच शुरू: शाम 7:00 बजे
लाइव प्रसारण
मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर विभिन्न भाषाओं में किया जाएगा। लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी।
देहरादून जनपद ने जीती पहली मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी
मुख्यमंत्री और खेल मंत्री ने ट्रॉफी व 5 लाख का चेक देकर किया सम्मानित
देहरादून। ननूरखेड़ा मिनी स्टेडियम में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के राज्य स्तरीय मुकाबले में देहरादून जनपद की टीम विजेता बनी है। विजेता टीम को प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने ट्रॉफी एवं 5 लाख रुपये का चेक देकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस वर्ष प्रतियोगिता को नए प्रारूप में आयोजित किया गया, जो न्याय पंचायत स्तर से शुरू होकर विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर होते हुए राज्य स्तर तक पहुंची। उन्होंने कहा कि इस पहल से प्रदेश को नए चैंपियन मिले हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिला है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा, जिससे युवाओं का मनोबल बढ़ेगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा आउट ऑफ टर्न नौकरी और सरकारी सेवाओं में आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण निर्णय पहले ही लिए जा चुके हैं। अब प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं और आधारभूत ढांचा विकसित किया गया है, जिससे देवभूमि उत्तराखंड खेल भूमि के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बीते 4 साल में प्रदेश सरकार ने पदक विजेता खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न नौकरी, सरकारी नौकरियों में 4% रिजर्वेशन, युवा खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, प्रदेश का पहला खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में गर्ल्स स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित करने जैसे फैसले लिए हैं। कुल मिलाकर 4 साल का यह समय प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए स्वर्णिम काल कहा जा सकता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने आगामी 39वें राष्ट्रीय खेलों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों के लिए बड़ी तैयारी का मंच है। साथ ही वर्ष 2030 में भारत में प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 में संभावित ओलंपिक मेजबानी को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ियों को अभी से तैयारी करनी होगी।
कार्यक्रम में विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल तथा जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल सहित प्रदेश के सभी जनपदों से आए हजारों खिलाड़ी उपस्थित रहे।
धमकी भरा ई-मेल मिलने से कोर्ट में मचा हड़कंप
देहरादून। दून जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद कोर्ट परिसर में हड़कंप मच गया। धमकी भरा ई-मेल जिला जज कार्यालय को प्राप्त होते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गईं। सूचना मिलते ही एसएसपी सिटी प्रमेंद्र डोबाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल एहतियाती कार्रवाई शुरू की गई।
सुरक्षा कारणों से सभी न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि पूरे कोर्ट परिसर को खाली कराकर चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी गई। पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने परिसर की सघन तलाशी ली।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस ई-मेल के जरिए धमकी दी गई, उसके पीछे किसी पाकिस्तानी संगठन का नाम इस्तेमाल किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस और खुफिया एजेंसियां सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही हैं। धमकी की खबर फैलते ही कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में अफरातफरी का माहौल बन गया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनमोहन कंडवाल ने बताया कि जिला जज कार्यालय को धमकी भरा मेल मिला है और पुलिस टीम मामले की जांच में जुटी हुई है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में उत्तराखंड के कई जिलों में बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। इससे पहले हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी और नैनीताल के जिला न्यायालयों को भी इसी तरह की धमकियां मिली थीं। हालांकि अब तक की जांच में कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
पुलिस इसे असामाजिक तत्वों की शरारत मानकर भी जांच कर रही है। फिलहाल एहतियात के तौर पर सभी मामलों की गहन जांच जारी है और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है।
अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से करवाई जांच, दवा माफियाओं पर जिला प्रशासन का वार
देहरादून। जनता दर्शन में सामने आई शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते माह 4 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में केंद्र पर दवाओं की अनुपलब्धता और केंद्र संचालक द्वारा पास ही निजी मेडिकल स्टोर चलाए जाने का आरोप लगाया गया था।
शिकायत के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम ने मौके पर जांच की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।
जांच के दौरान पाया गया कि जन औषधि केंद्र के संचालक बलवीर सिंह रावत द्वारा सीएचसी परिसर के भीतर जन औषधि केंद्र और लगभग 25 मीटर की दूरी पर ‘मै० रावत मेडिकोज’ नाम से निजी मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था, जिससे स्पष्ट रूप से हितों के टकराव की स्थिति बनी। इसके अलावा जन औषधि केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीएमबीआई के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जा रहा था और बिलिंग कार्य मैनुअल तरीके से किया जा रहा था।
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दवाओं की मांग और आपूर्ति की प्रक्रिया नियमानुसार पोर्टल के माध्यम से न होकर अनौपचारिक रूप से व्हाट्सएप के जरिए की जा रही थी। दवाओं की कमी दूर करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते मरीजों को सस्ती जन औषधि दवाओं के बजाय बाहर स्थित निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ा। इससे निजी लाभ की स्थिति भी उजागर हुई।
इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर और इन्वेंट्री का रख-रखाव भी अव्यवस्थित पाया गया। लाइसेंस निर्गमन और नवीनीकरण से जुड़े दस्तावेजों में भी कई विसंगतियां मिलीं, जिनमें एक ही रेफ्रिजरेटर बिल का दोबारा उपयोग, एसी की कार्यशील स्थिति को लेकर गलत घोषणा और किरायानामा अवधि समाप्त होने के बाद अद्यतन अनुबंध अपलोड न किया जाना शामिल है।
इन सभी अनियमितताओं के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने जनहित में सीएचसी रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और निकटवर्ती निजी मेडिकल स्टोर ‘मै० रावत मेडिकोज’ के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति की है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सस्ती और सुलभ दवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में संतुलित आहार सबसे बड़ी ज़रूरत बन चुका है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि अगर डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर चीज़ों को शामिल किया जाए, तो कई बीमारियों से बचा जा सकता है। ऐसे में ड्राई फ्रूट्स में शामिल अंजीर को सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।
मीठे स्वाद वाला अंजीर न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व इसे एक संपूर्ण हेल्दी फूड बनाते हैं। सूखे और ताजे दोनों रूपों में खाया जाने वाला अंजीर फाइबर, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को कई स्तरों पर लाभ पहुंचाता है।
डाइट में अंजीर क्यों है जरूरी?
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, अंजीर में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स और पॉलीफेनॉल्स शरीर में सूजन को कम करने और कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। सीमित मात्रा में इसका रोज़ाना सेवन करने से शरीर को जरूरी माइक्रो और मैक्रो न्यूट्रिएंट्स मिलते हैं, जिससे ओवरऑल हेल्थ बेहतर रहती है।
अंजीर में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार का फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में सहायक है। इसके नियमित सेवन से कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। साथ ही इसमें मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
अंजीर का पानी भी है लाभकारी
आयुर्वेद में अंजीर को विशेष महत्व दिया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, रातभर अंजीर को पानी में भिगोकर सुबह उसका सेवन करने से इसके पोषक तत्व बेहतर तरीके से शरीर में अवशोषित होते हैं। अंजीर का पानी मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, आंतों की सफाई में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है।
अंजीर के पानी में मौजूद लैक्सेटिव गुण सुबह पेट साफ करने में सहायक होते हैं। इसके नियमित सेवन से भूख नियंत्रित रहती है, जिससे ओवरईटिंग से बचाव होता है और वजन घटाने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा इसमें मौजूद आयरन हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है, जिससे थकान और कमजोरी दूर होती है। महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और हड्डियों को मजबूत करने में भी यह पानी फायदेमंद माना जाता है।
अंजीर खाने के अन्य फायदे
अंजीर कैल्शियम, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करता है। इसमें मौजूद विटामिन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स इम्युनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा को भी स्वस्थ बनाए रखते हैं। हृदय स्वास्थ्य के लिहाज़ से भी अंजीर को लाभकारी माना जाता है।
डायबिटीज में अंजीर कितना सुरक्षित?
अंजीर मीठा होने के कारण डायबिटीज मरीजों के मन में इसे लेकर सवाल रहता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमित मात्रा में सेवन करने पर इसमें मौजूद फाइबर ब्लड शुगर को धीरे-धीरे बढ़ने में मदद करता है, जिससे अचानक शुगर बढ़ने का खतरा कम होता है। हालांकि अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
पोषण विशेषज्ञ नेहा पठानिया के अनुसार, डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, किडनी स्टोन, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम या लेटेक्स एलर्जी से पीड़ित लोगों को अंजीर या इसके पानी का सेवन चिकित्सकीय सलाह के बाद ही करना चाहिए।
नोट: यह लेख डॉक्टरों की सलाह और विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स पर आधारित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
समय पर किताबें मिलने से पढ़ाई होगी आसान और सुचारु
देहरादून। राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल। पहली बार नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही छात्र-छात्राओं को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने की तैयारी है। डॉ. मुकुल सती के अनुसार विभाग का लक्ष्य है कि 28 मार्च तक सभी स्कूलों में किताबों की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी जाए।
अब तक हर वर्ष सरकारी और अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें देने की व्यवस्था तो रही है, लेकिन अधिकांश मामलों में किताबें समय पर नहीं पहुंच पाती थीं। कई बार कक्षा 1 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को शिक्षा सत्र शुरू होने के छह से सात महीने बाद तक भी पुस्तकों का इंतजार करना पड़ता था, जिससे पढ़ाई प्रभावित होती थी। इस बार शिक्षा विभाग ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सत्र शुरू होने से पहले ही किताबें पहुंचाने की ठोस योजना बनाई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के 6 लाख 29 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं के लिए करीब 43 लाख 78 हजार पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। वहीं कक्षा 9 से 12 तक के 3 लाख 44 हजार से अधिक विद्यार्थियों के लिए लगभग 38 लाख 67 हजार किताबों की व्यवस्था की गई है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय पर किताबें मिलने से न केवल छात्रों की पढ़ाई सुचारु रूप से शुरू हो सकेगी, बल्कि शिक्षकों को भी पाठ्यक्रम को तय समयसीमा में पूरा करने में सुविधा मिलेगी।
अभिनेता शिवकार्तिकेयन की आगामी फिल्म ‘सेयोन’ का टीजर जारी कर दिया गया है। खास बात यह है कि यह टीजर शिवकार्तिकेयन के 41वें जन्मदिन के अवसर पर रिलीज किया गया, जिससे उनके फैंस की खुशी दोगुनी हो गई है। फिल्म का निर्देशन शिवकुमार मुरुगेसन ने किया है, जबकि इसका निर्माण दिग्गज अभिनेता कमल हासन के बैनर तले हुआ है।
टीजर सामने आते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है। इसमें शिवकार्तिकेयन एक अत्यंत शक्तिशाली और रहस्यमयी किरदार में नजर आते हैं, जिन्हें लोग ‘भगवान विरुमंडी’ कहकर पुकारते हैं। उनका यह अवतार दर्शकों के लिए बिल्कुल नया और प्रभावशाली बताया जा रहा है।
गांव, रहस्य और एक्शन से सजी है कहानी
फिल्म की कहानी गांव में आयोजित पारंपरिक मंदिर उत्सव ‘मासी कलारी’ से शुरू होती है। उत्सव के दौरान हुई एक झड़प की जांच के लिए पुलिस पहुंचती है, जहां एक रहस्यमयी शख्स को लेकर चर्चा होती है। जैसे ही शिवकार्तिकेयन का किरदार थाने में प्रवेश करता है, लोग श्रद्धा भाव से उनके पैर छूते नजर आते हैं। एक पुलिस अधिकारी उन्हें ‘भगवान विरुमंडी’ बताता है, वहीं एक बुजुर्ग महिला भावुक होकर चिल्लाती है—“ओजी वापस आ गया है।”
इसके बाद कहानी तेज रफ्तार एक्शन और टकराव की ओर बढ़ती है, जहां शिवकार्तिकेयन का किरदार अपने दमदार अंदाज में नजर आता है।
कमल हासन की पुरानी फिल्म से जुड़ा कनेक्शन
फिल्म ‘सेयोन’ का नाम और किरदार विरुमंडी से जुड़ा माना जा रहा है, जिसमें कमल हासन ने मुख्य भूमिका निभाई थी। टीजर में यह संकेत भी मिलता है कि शिवकार्तिकेयन का किरदार पहले सेना से जुड़ा रहा है और बाद में गांव के संघर्षों का हिस्सा बन जाता है।
यह फिल्म शिवकार्तिकेयन और निर्देशक शिवकुमार मुरुगेसन की पहली साझा परियोजना है। इसका निर्माण राज कमल फिल्म्स इंटरनेशनल कर रही है, जबकि संगीत संतोष नारायणन ने दिया है।
फिल्म अक्टूबर 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज होने की तैयारी में है और पहले टीजर ने ही दर्शकों की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है।
(साभार)
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया ‘AI भारत विस्तार’ योजना का शुभारंभ
कृषि मंत्री गणेश जोशी बोले—AI से खेती बनेगी स्मार्ट, सटीक और समयबद्ध जानकारी मिलेगी
देहरादून। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राजस्थान से मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के साथ “AI भारत विस्तार (BHARAT VISTAAR)” योजना का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी सर्किट हाउस, देहरादून से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में जुड़े। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “भारत विस्तार” योजना देशभर के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए राजस्थान के जयपुर से प्रारंभ की गई एक महत्वपूर्ण पहल है।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस योजना के माध्यम से कृषि एवं औद्यानिकी फसलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका महत्वपूर्ण है, जिससे किसानों को सटीक और समयबद्ध जानकारी प्राप्त हो सकेगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसानों को एक ही स्थान पर फसलों की आवश्यकताओं, मंडीभाव, सिंचाई का समय, उन्नत बीज, फसल बीमा तथा अन्य कृषि संबंधी जानकारी उपलब्ध होगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि “AI भारत विस्तार” के माध्यम से किसान भाई अपने मोबाइल से 155261 नंबर डायल कर फसलों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को घर बैठे विशेषज्ञ परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध होगा।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी आभार जताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्लेटफॉर्म खेती को समृद्ध, सशक्त और सरल बनाएगा तथा किसानों को एक क्लिक पर समाधान उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के किसानों की आय दोगुनी करने और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस अवसर पर निरंजन डोभाल, निदेशक उद्यान सुंदर लाल सेमवाल, महेंद्र पाल, नरेंद्र यादव, रतन कुमार सहित बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे।
