अहमदाबाद में होगा एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप का आयोजन
नई दिल्ली। भारत में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी का बड़ा आयोजन होने जा रहा है। करीब 22 साल के लंबे अंतराल के बाद देश को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता की मेजबानी का मौका मिला है। वर्ष 2027 में एशिया कप तीरंदाजी (आर्चरी) का दूसरा चरण राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। इस संबंध में अंतिम फैसला कोलकाता में हुई वर्ल्ड आर्चरी एशिया की बैठक में लिया गया। इससे पहले भारत ने वर्ष 2005 में दिल्ली में एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप की मेजबानी की थी।
बैठक के दौरान वर्ल्ड आर्चरी एशिया के अध्यक्ष काजी राजीब उद्दीन अहमद चापोल ने आर्चरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव वीरेंद्र सचदेवा से मुलाकात कर आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एशिया कप के आयोजन को लेकर सकारात्मक माहौल है और तैयारियों में किसी बड़ी चुनौती की संभावना नहीं है। साथ ही यह भी संकेत दिए गए कि अगले वर्ष होने वाली कॉमनवेल्थ आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी के लिए भी दिल्ली एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर रही है।
इधर, देश के अन्य शहरों को भी तीरंदाजी से जुड़े महत्वपूर्ण आयोजनों की जिम्मेदारी मिली है। गुजरात के अहमदाबाद को इस वर्ष सितंबर में होने वाली एशियन पैरा आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी सौंपी गई है। वहीं, कोलकाता को 2026 में आयोजित होने वाली साउथ एशियन आर्चरी चैंपियनशिप की मेजबानी मिलेगी। कोलकाता ने इससे पहले वर्ष 2009 में एशियन आर्चरी ग्रां प्री का आयोजन किया था। इसके अलावा संभावना जताई जा रही है कि अगले वर्ष सीनियर नेशनल आर्चरी चैंपियनशिप भी कोलकाता में आयोजित हो सकती है, हालांकि इस पर अभी अंतिम निर्णय बाकी है। इस साल राष्ट्रीय तीरंदाजी चैंपियनशिप शिलांग में आयोजित की जाएगी।
भारतीय तीरंदाजों के लिए वर्ष 2026 भी काफी व्यस्त रहने वाला है। सितंबर-अक्टूबर में जापान के आइची-नागोया में एशियन गेम्स आयोजित होंगे, जिसके लिए भारतीय खिलाड़ी तैयारियों में जुटे हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय सत्र की शुरुआत 21 से 26 मार्च के बीच बैंकॉक में होने वाले एशिया कप आर्चरी के पहले चरण से होगी। दूसरा चरण अप्रैल में इराक में प्रस्तावित है, लेकिन पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण उसके आयोजन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इसके बाद तीसरा और अंतिम चरण नवंबर में चीन में आयोजित होगा।
इसके अलावा आर्चरी विश्व कप का पहला चरण 7 से 12 अप्रैल तक मेक्सिको के पुएब्ला में खेला जाएगा। इसके बाद दूसरा चरण 5 से 10 मई तक शंघाई में और तीसरा चरण 9 से 14 जून तक तुर्किये के अंताल्या में आयोजित किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में भारतीय तीरंदाजों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध – बंशीधर तिवारी
देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने धौरण रोड पर अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” नामक हॉस्पिटल पर सीलिंग की कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार कुश ऐरन द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के उक्त निर्माण किया गया था। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी संबंधित को नियमों के अनुरूप निर्माण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई। सीलिंग की इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता एवं सुपरवाइजर सहित प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही।
इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में आज एमडीडीए की प्रवर्तन टीम द्वारा पछवादून क्षेत्र के विकासनगर के विभिन्न सेक्टरों में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की मौके पर जांच की गई और निर्माणकर्ताओं से मानचित्र स्वीकृति सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जिन निर्माणकर्ताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए या संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, उन्हें चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। उन्होंने आम जनता और निर्माणकर्ताओं से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसलिए एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन निर्माण स्थलों पर मानचित्र स्वीकृति या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि विकासनगर सहित पछवादून क्षेत्र में किए गए निरीक्षण में कुछ निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिनके विरुद्ध जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संस्कृति मंत्री ने सदन को बताया कि यात्रा को सुगम व सुव्यवस्थित बनाने के लिए चल रही हैं तैयारियां
गैरसैंण। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा के प्रथम सत्र 2026 के दूसरे दिन सदन में विधान सभा सदस्य बृजभूषण गैराला द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में कहा कि हिमायली कुंभ के नाम से प्रसिद्ध श्री नंदादेवी राजयात्रा जिसका प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजन होता है। उससे सम्बन्धित सभी तैयारियां विभिन्न स्तरों से की जा रही हैं।
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को बताया कि नदादेवी राजजात यात्रा को सुगम व सुव्यवस्थित बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी चमोली को यात्रा अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी चमोली द्वारा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों हेतु प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर तथा उप जिलाधिकारी चमोली, कर्णप्रयाग एवं थराली को जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पड़ाव के लिए भी पड़ाव अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
महाराज ने पूछे गये प्रश्न के उत्तर में सदन को यह भी बताया कि नन्दादेवी राजजात यात्रा के लिए वर्तमान तक सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा 48 कार्यों हेतु कुल रू0 109.65 करोड़ (रू० एक सौ नौ करोड़ पैंसठ लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गयी है। जिसके क्रम में सम्बन्धित विभागों द्वारा अपने स्तर से कार्य करवाये जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग, उत्तराखण्ड शासन के पत्र 19 अक्टूबर 2025 द्वारा भी नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के अन्तर्गत विभिन्न आवश्यक लघु प्रकृति के कार्यों के शीघ्र सम्पादन हेतु जिलाधिकारी चमोली को रू0 20.00 करोड़ (रू० बीस करोड मात्र) की धनराशि निर्गत की गयी है। जिसके सापेक्ष आस्था पथ से लेकर विभिन्न यात्रा पड़ावों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु सम्बन्धित विभागों द्वारा अपने स्तर से कार्यवाही की जा रही हैं।
योजनाओं की ग्राउंड लेवल पर हो मॉनिटरिंग; पात्र महिलाओं को मिले सरकारी लाभ- कुसुम कंडवाल
पौड़ी में महिला आयोग की जनसुनवाई में 18 मामलों पर हुई कार्रवाई; महिला प्रधानाचार्य के जबरन उत्पीड़न पर खंड शिक्षा अधिकारी के ट्रांसफर के आदेश
शराब पीकर अभद्र व्यवहार करने वाले नर्सिंग अधिकारी पर गिरी गाज; अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्टीकरण और स्थानांतरण के दिए निर्देश
पौड़ी गढ़वाल। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के दूसरे दिन आज जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस विशेष सत्र के दौरान कुल 18 गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से सुनवाई की गई,जिसमें से 13 लिखित प्रार्थना पत्र व 5 टेलीफोनिक शिकायतों को सुना गया।
जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को आगामी कार्रवाई हेतु आयोग में समन के माध्यम से सूचीबद्ध किया गया और कुछ मामलों को त्वरित प्रशासनिक समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की एक महिला प्रधानाचार्य द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन बाधित करने के आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जाँच कमेटी गठित करने और आरोपी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए। इसी क्रम में, यमकेश्वर क्षेत्र से प्राप्त फोटो वायरल करने की शिकायत और पुलिस की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। वहीं, सीएचसी पाबो में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा सहकर्मी रोहित रावत पर शराब पीकर अभद्र व्यवहार और सोशल मीडिया पर बदतमीजी करने की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल स्पष्टीकरण व स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, 53 वर्षीय पीड़िता मंजू देवी का ई-श्रम कार्ड न बनने की समस्या का मौके पर ही समाधान कराते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक 540 पंजीकृत मामलों में से 460 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
अंत में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों में ICC कमेटी का नियमित गठन अनिवार्य है। उन्होंने संवेदनशील भाव से कहा कि महिलाएं कार्यस्थल और घर की दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं, अतः उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनसुनवाई के इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विवेक उपाध्याय, संयुक मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पौड़ी जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रंजीत नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, विधि अधिकारी महिला आयोग दयाराम सिंह, कमल किशोर रावत, सुषमा रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार, निजी सचिव अध्यक्ष, महिला आयोग आधार वर्मा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता, सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहजता से उत्तर दिया।
संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण आपने सैनिकों के जीवन और गतिविधियों को नजदीक से देखा है, क्या आपका मन सेना में जाने का नहीं हुआ? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की अपेक्षा अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक के जीवन की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिताजी के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
हिमांशु रौतेला ने प्रश्न किया कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते आप अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होता है तो उसकी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।
ओ.पी. कण्डारी ने पूछा कि जब हम अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी कर वापस आएंगे, उसके बाद सरकार हमारे रोजगार के लिए क्या व्यवस्था कर रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी? मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए। हालांकि राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है तथा दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने जन अपेक्षाओं और प्रदेशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
अमन सेमवाल ने पूछा कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान का क्या राज है? मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखण्ड देश में अग्रणी स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नई गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है। सेना में निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।
इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिकगण तथा अग्निवीर उपस्थित थे।
होटल-ढाबों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलेंडर
देहरादून। देहरादून में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई में आई रुकावट के कारण शहर में करीब दो दिन का बैकलॉग बन गया है। हालात को देखते हुए फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके।
जानकारी के मुताबिक गैस आपूर्ति में व्यवधान के चलते कई इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपने बुक किए गए सिलिंडरों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला नंबर भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल केवल आवश्यक सेवाओं तक सीमित रखी जाए। इसके तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरी व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
इस निर्णय के चलते फिलहाल शहर के होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिल पाएंगे। इससे व्यापारियों और होटल कारोबारियों को परेशानी होने की संभावना जताई जा रही है।
गैस एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही बैकलॉग खत्म होगा, शहर में गैस की नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से गैस सिलिंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को दी धमकी
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश की, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कठोर होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का जवाब पहले से कहीं अधिक सख्ती के साथ दिया जाएगा।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति को रोकने या बाधित करने की किसी भी कोशिश को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि ईरान ऐसा कदम उठाता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ऐसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिनसे ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हालात इतने खराब नहीं होंगे और तनाव को टाला जा सकेगा।
वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम मार्ग
Strait of Hormuz को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निर्यात होने वाले बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में यदि यहां किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
कई देशों की निर्भरता
ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि उन सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण है जो इस रास्ते से बड़े पैमाने पर तेल आयात करते हैं। इनमें एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनकी ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करती हैं।
ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ का भी जिक्र
अपने बयान में ट्रंप ने अमेरिका की ओर से चलाए गए कथित अभियान ‘मिडनाइट हैमर’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है और इससे क्षेत्र में संभावित बड़े खतरे को टालने में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।
प्रदेश में सात हजार किमी से अधिक सड़कें हुईं गड्डा मुक्त
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण पुननिर्माण किया गया है। प्रदेश में पंचायत भवनों की संख्या 5867 है। इसमें से 1134 पंचायत भवन लंबे समय से जीर्णशीर्ण चल रहे थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग को अभियान चलाकर जीर्ण- शीर्ण भवनों का पुनर्निमाण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत चार वर्ष में विभाग ने 819 पंचायत भवनों का निर्माण- पुननिर्माण कर लिया है। शेष भवनों पर भी कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी सदन के सामने रखी।
7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्डा मुक्त
प्रदेश में लोकनिर्माण विभाग नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सात हजार से अधिक किमी सडकों को गड्डा मुक्त कर चुका है। सदन में विभाग की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार प्रदेश की सड़कों को गड्डा मुक्त करने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के क्रम में विभाग ने वर्ष 2025-26 में मानसून काल से पूर्व 3134 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। जबकि मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। इस दौरान अकेले हरिद्वार जनपद में 313 किमी से अधिक लंबी सड़कों को गड्डामुक्त किया गया।
रोपवे परियोजनाओं पर काम तेज
प्रदेश में विभिन्न तीर्थ स्थलों को रोपवे से जोड़ने की प्रक्रिया गतिमान है। पर्यटन मंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि विभाग ने कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर के लिए पीपीपी मोड़ में रोपवे का संचालन शुरु कर दिया है। इसके अलावा जनपद चम्पावत में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे भी पीपीपी मोड में निर्माणाधीन है। साथ ही जनपद उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक के लिए भी रोपवे पीपीपी मोड में विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ गौरीकुंड से केदारनाथ धाम, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए भी रोपवे निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है।
हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी देना है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण किडनी रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करने के साथ-साथ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। कुशीनगर के चिकित्सक डॉ. रवि कुशवाहा बताते हैं कि किडनी शरीर के ‘नेचुरल फिल्टर’ की तरह काम करती है और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
डॉ. कुशवाहा के अनुसार अधिकतर लोग किडनी की सेहत को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक इसकी कार्यक्षमता काफी हद तक प्रभावित नहीं हो जाती। किडनी से जुड़ी शुरुआती समस्याओं के लक्षण अक्सर सामान्य थकान, पाचन संबंधी परेशानी या शरीर में हल्की सूजन के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने बताया कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी खराब होने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।
पानी और नमक के सेवन पर रखें नियंत्रण
डॉ. कुशवाहा का कहना है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है। हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी किडनी पर दबाव डाल सकता है। सामान्य रूप से एक व्यक्ति को दिनभर में लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नमक का अत्यधिक सेवन भी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक रोजाना करीब 5 ग्राम नमक का सेवन ही पर्याप्त माना जाता है।
बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचें
डॉ. कुशवाहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि सिरदर्द या शरीर दर्द होने पर लोग अक्सर बिना सलाह के पेनकिलर दवाओं का सेवन कर लेते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन दवाओं के अधिक और लगातार उपयोग से किडनी में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और ‘एक्यूट किडनी इंजरी’ का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।
नियमित जांच और बीपी-शुगर पर रखें नियंत्रण
किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित जांच कराना भी जरूरी है। डॉ. रवि कुशवाहा के अनुसार हर साल कम से कम एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्ट जरूर कराना चाहिए, खासकर उन लोगों को जो डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं।
इसके साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन को नियंत्रित रखना भी किडनी की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।
(साभार)
ग्रामीणों ने गुलदार को मारने की उठाई मांग
पौड़ी। पौड़ी जिले के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई, वहीं गुस्साए लोगों ने वन विभाग और प्रशासन के कर्मचारियों को पंचायत घर में रोककर गुलदार को मारने की मांग उठाई है।
घर लौटते समय गुलदार ने किया हमला
जानकारी के अनुसार घटना सोमवार शाम की है। पौड़ी वन प्रभाग से सटे घुड़दौड़ी क्षेत्र के जामलाखाल निवासी 47 वर्षीय प्रकाश लाल इंटरलॉकिंग का काम करके शाम को अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें अपना शिकार बना लिया।
सुबह खोजबीन में हुआ घटना का खुलासा
रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। मंगलवार सुबह खोजबीन के दौरान पता चला कि गुलदार ने प्रकाश लाल को मार डाला है। इस दर्दनाक घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक
घटना से नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार, पटवारी और वन विभाग के करीब 15 कर्मचारियों को पंचायत घर में रोक लिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। उन्होंने गुलदार को मारने या जल्द पकड़ने की मांग की है।
