मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद हुआ छात्र का शव
हरिद्वार। हरिद्वार जनपद के रुड़की स्थित नगर निगम घाट पर गंगा नदी में डूबे IIT छात्र का शव बरामद कर लिया गया है। यह हादसा 11 फरवरी 2026 को सामने आया था, जिसके बाद राहत एवं बचाव एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया था।
सूचना मिलते ही SDRF, NDRF तथा जिला पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर गंगा नदी में व्यापक खोज अभियान चलाया। कई दिनों तक चले इस ऑपरेशन के दौरान आधुनिक तकनीक का सहारा लिया गया।
16 फरवरी को सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने स्वयं घटनास्थल और सर्च क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने राहत दलों को आपसी समन्वय के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। सर्च ऑपरेशन में सोनार सिस्टम, अंडरवाटर ड्रोन और डीप डाइविंग तकनीक का इस्तेमाल करते हुए नदी के गहरे और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में लगातार तलाश की गई।
लगातार प्रयासों के बाद 17 फरवरी 2026 को छात्र का शव मोहम्मदपुर झाल क्षेत्र से बरामद किया गया। शव की शिनाख्त परिजनों द्वारा कर ली गई है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई जिला पुलिस द्वारा की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया फ्लैग ऑफ
मुख्यमंत्री धामी ने प्रतिभागियों को दिलाई सड़क सुरक्षा की शपथ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सड़क सुरक्षा जागरूकता एवं पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित 5 किलोमीटर दौड़ का फ्लैग ऑफ किया। विभिन्न आयु वर्गों के प्रतिभागियों ने इस दौड़ में भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने सभी प्रतिभागियों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की शपथ भी दिलाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यातायात के नियमों का पालन करना एवं पर्यावरण की रक्षा प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। सड़क सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, सविता कपूर एवं परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
दक्षिणी गोलार्ध में दिखाई देगा सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा
नई दिल्ली। साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण आज, मंगलवार को लगने जा रहा है। यह ग्रहण चक्राकार सूर्य ग्रहण होगा, जिसे खगोलीय भाषा में ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।आज का सूर्य ग्रहण दोपहर में 3 बजकर 26 मिनट पर लगेगा और शाम को 7 बजकर 57 मिनट पर इसका समापन होगा। हालांकि यह दृश्य बेहद आकर्षक होगा, लेकिन भारत में इसके दर्शन नहीं हो पाएंगे।
चक्राकार सूर्य ग्रहण उस स्थिति में होता है जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में आ जाते हैं और चंद्रमा सूर्य के सामने से गुजरता है। इस दौरान चंद्रमा पृथ्वी से अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर होता है, जिसके कारण वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। NASA के मुताबिक, इसी वजह से सूर्य के चारों ओर चमकदार प्रकाश का छल्ला दिखाई देता है, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है। इस ग्रहण में चंद्रमा सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा, लेकिन किनारों से सूर्य की तेज रोशनी नजर आती रहेगी।
भारत में क्यों नहीं दिखेगा ग्रहण
यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध में घटित होगा। उस समय भारत में सूर्य क्षितिज के नीचे रहेगा, इसलिए देश के किसी भी हिस्से से इस खगोलीय घटना को प्रत्यक्ष रूप से देख पाना संभव नहीं होगा।
ऑनलाइन देख सकेंगे खगोल प्रेमी
हालांकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देगा, लेकिन खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोग अंतरराष्ट्रीय वेधशालाओं और स्पेस एजेंसियों की लाइव स्ट्रीमिंग और वीडियो प्रसारण के जरिए इसका नजारा देख सकेंगे। वैज्ञानिकों और खगोल प्रेमियों के लिए यह ग्रहण अध्ययन और अवलोकन का अहम अवसर माना जा रहा है।
इन क्षेत्रों में दिखेगा ग्रहण
इस सूर्य ग्रहण का सबसे स्पष्ट दृश्य अंटार्कटिका में देखने को मिलेगा, खासकर कॉनकॉर्डिया और मिर्नी अनुसंधान केंद्रों के आसपास। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, तंजानिया, जाम्बिया और जिम्बाब्वे सहित दक्षिणी अफ्रीकी देशों में यह आंशिक रूप से नजर आएगा। दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों, विशेष रूप से अर्जेंटीना और चिली में भी लोग इस खगोलीय घटना के साक्षी बन सकेंगे।
निर्मल बाग और हरिद्वार रोड क्षेत्र में सख्त कार्रवाई, प्राधिकरण ने दी चेतावनी
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बार फिर अवैध निर्माणों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक सीलिंग अभियान चलाया। प्राधिकरण की टीम ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिन्हित कर उन पर सीलिंग की कार्रवाई की। इस दौरान निर्मल बाग ब्लॉक-बी, पशुलोक विस्थापित क्षेत्र तथा हरिद्वार रोड के आसपास अवैध रूप से खड़े किए जा रहे निर्माणों को बंद कराया गया
प्राधिकरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों को दरकिनार कर किसी भी प्रकार का निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से कार्यवाही सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी और जिन निर्माणों को पूर्व में नोटिस दिए गए थे, उन पर भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।
निर्मल बाग से हरिद्वार रोड तक सीलिंग अभियान
एमडीडीए द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत सबसे पहले गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी ऋषिकेश में अमर द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को चिन्हित कर उस पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। यह निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र एवं आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था।इसके बाद गली नंबर 11, निर्मल ब्लॉक-बी पशुलोक विस्थापित क्षेत्र में सुमित मल्होत्रा एवं बाबा राम मोहन द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार पूर्व में चेतावनी के बावजूद निर्माण कार्य जारी रखा गया था, जिसके चलते दोबारा कठोर कदम उठाया गया। गली नंबर 10, निर्मल बाग ब्लॉक-बी पशुलोक ऋषिकेश में जय चौहान द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर भी पुनः सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध निर्माणों को किसी भी परिस्थिति में नियमित नहीं किया जाएगा और कानून के तहत दंडात्मक कार्रवाई भी प्रस्तावित की जा सकती है। इसी क्रम में निकट पुरानी चुंगी, हरिद्वार रोड ऋषिकेश में आलोक एवं संजय गोयल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को भी सील कर दिया गया। यह क्षेत्र व्यावसायिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां अनधिकृत निर्माण से यातायात एवं नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका थी।
अधिकारियों की मौजूदगी में सख्त कार्रवाई, आगे भी जारी रहेगा अभियान
उक्त संपूर्ण कार्रवाई सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की उपस्थिति में की गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया और नियमानुसार सीलिंग प्रक्रिया पूर्ण कराई। प्राधिकरण के अधिकारियों ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल नगर नियोजन व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में आपदा और सुरक्षा संबंधी खतरे भी उत्पन्न कर सकते हैं। विशेषकर ऋषिकेश जैसे तीर्थ एवं पर्यटन नगर में अनियंत्रित निर्माण से यातायात दबाव, पार्किंग संकट और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य प्रारंभ करने से पूर्व प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृति एवं आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करें। बिना अनुमति निर्माण करने वालों के विरुद्ध सीलिंग, ध्वस्तीकरण एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में प्राधिकरण क्षेत्र में विशेष सर्वे अभियान चलाकर अवैध निर्माणों की पहचान की जाएगी और उन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ऋषिकेश क्षेत्र में हुई इस सख्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि एमडीडीए अब अवैध निर्माणों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रहा है। प्रशासन का संदेश साफ है नियमों का पालन करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी करने और पर्याप्त अवसर देने के बाद ही सीलिंग एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति नियमों की अनदेखी करता है तो उसके विरुद्ध कठोर कदम उठाना अनिवार्य हो जाता है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश जैसे धार्मिक और पर्यटन नगर में अनियोजित निर्माण भविष्य में बड़ी समस्या बन सकते हैं। इसलिए प्राधिकरण ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर कार्य कर रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि भवन निर्माण से पूर्व मानचित्र स्वीकृति अवश्य लें, ताकि अनावश्यक कार्रवाई और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और चिन्हित अवैध निर्माणों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन निर्माणकर्ताओं को पूर्व में नोटिस दिए गए थे और फिर भी कार्य जारी रखा गया, उन पर पुनः सीलिंग की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
समीक्षा बैठक में खेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
देहरादून। सब कुछ सही रहा तो जल्द ही प्रदेश में स्पोर्ट्स स्कूल खिलाड़ियों को तैयार करते दिखाई देंगे। खेल मंत्री रेखा आर्या ने विभाग को इस कॉन्सेप्ट पर तेजी से काम करने की निर्देश दिए हैं ताकि छोटी उम्र से बच्चों को खेल पर फोकस कराया जा सके।
सोमवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय पर आयोजित समीक्षा बैठक में खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश को खेल भूमि के रूप में विकसित करने के लिए यह जरूरी है कि छोटी उम्र से बच्चों को खेल का विशेष प्रशिक्षण मिले। उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास 14 स्पोर्ट्स हॉस्टल हैं लेकिन यह पुराना कॉन्सेप्ट आज की जरूरत के हिसाब से उतना कारगर नहीं है। इसलिए इन स्पोर्ट्स हॉस्टल को स्पोर्ट्स स्कूल के रूप में विकसित किया जाए, जहां 6 साल की उम्र से बच्चे खेल के मैदान में रच बस सकें।
बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि प्राइवेट सेक्टर को भी इस तरह के स्कूल शुरू करने के लिए सरकारी मदद कैसे दी जाएगी, इसका प्रस्ताव तैयार करें । साथ ही स्पोर्ट्स नर्सरी बनाने का प्रस्ताव भी अधिकारी जल्द तैयार करें।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि “एक जनपद एक खेल” परिकल्पना के तहत हर जिले में ज्यादा प्रचलित खेल को उस जनपद की पहचान के रूप में विकसित करने के प्रयास किए जाएंगे। इसके लिए भी प्रस्ताव जल्द कैबिनेट में लाने के निर्देश दिए गए हैं।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि फिट उत्तराखंड ऐप पर अभी तक प्रदेश के हर उम्र के 1 लाख 22 हजार से ज्यादा एथलीट रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस ऐप पर यह लोग अपनी खेल गतिविधियों के जो वीडियो अपलोड कर रहे हैं, इन वीडियो का विश्लेषण कर इन्हें ऑनलाइन कोचिंग देने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि अग्नि वीर भर्ती प्रशिक्षण केंद्र या ओपन जिम के लिए स्कूल कॉलेज के ग्राउंड का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
इसके अलावा बैठक में खेल मंत्री ने कहा कि हल्द्वानी के खेल विश्वविद्यालय में इसी जुलाई से कक्षाएं शुरू करने की तैयारी पूरी की जाए।
बैठक में विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
चारधाम यात्रा प्रबंधन पर व्यापक चर्चा, पुलिस प्रशासन ने साझा की रणनीति
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ‘अतिथि देवो भवः’ के साथ चारधाम यात्रा की तैयारियों शुरू
प्रशासन का संकल्पः श्रद्धालुओं को मिले सरल, सुगम और सुरक्षित यात्रा अनुभव
देहरादून। आगामी चारधाम यात्रा 2026 के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने सोमवार को ट्रांजिट कैम्प, ऋषिकेश में होटल एसोसिएशन के पदाधिकारियों, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में यात्रा के दौरान संभावित चुनौतियों एवं उनके व्यावहारिक समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई। विभिन्न स्टेकहोल्डर्स ने अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं एवं सुझावों को प्रस्तुत किया। बैठक में गढ़वाल पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप भी मौजूद थे।
गढ़वाल आयुक्त ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के संकल्प ‘अतिथि देवो भवः’ के अनुरूप चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियाँ व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। चारों धामों के कपाट खुलने की तिथियां घोषित हो चुकी हैं। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेंगे, जबकि श्री केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल 2026 तथा श्री बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।
आयुक्त ने कहा कि यात्रा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित पक्षों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा। होटल एसोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन तथा डंडी-कंडी संचालकों द्वारा उठाई गई व्यवहारिक समस्याओं के समाधान हेतु अपर आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है। समिति की संस्तुतियाँ प्राप्त होते ही एक-दो दिवस के भीतर आवश्यक निर्णय लेते हुए चारधाम पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ करने का प्रयास किया जाएगा।
होटल एसोसिएशन की मांग पर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष यात्रियों की संख्या सीमित नहीं की जाएगी, यद्यपि प्रत्येक यात्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य रहेगा। फर्जी पंजीकरण पर रोक लगाने हेतु न्यूनतम पंजीकरण शुल्क निर्धारित किया जाएगा। साथ ही, पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम एवं पारदर्शी बनाया जाएगा।
टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन की मांग पर आयुक्त ने निर्देश दिए कि चारधाम यात्रा में स्थानीय वाहनों को ही प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। आयुक्त ने परिवहन विभाग को निजी वाहनों द्वारा अवैध रूप से किराए पर सवारी ढोने की प्रवृत्ति पर कठोर प्रवर्तन कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकृत वाहन संचालकों के हितों की रक्षा हो तथा यात्रियों की सुरक्षा एवं व्यवस्था सुचारू बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिन होटलों में यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी, उन्हीं परिसरों में वाहनों की पार्किंग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। डंडी-कंडी संचालकों के साथ हुई वार्ता में आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को उनके पंजीकरण, सत्यापन एवं शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान होटल एसोसिएशन द्वारा पंजीकरण प्रक्रिया को समय पर प्रारंभ करने, चारों धाम की यात्रा करने वाले तीर्थयात्रियों को प्राथमिकता देने, होटल बुकिंग कराने वाले यात्रियों को वरीयता प्रदान करने तथा पंजीकरण प्रणाली को अधिक सुगम बनाने के सुझाव दिए गए। वहीं टूर एंड ट्रेवल्स यूनियन ने बाहरी ट्रेवल एजेंसियों के वाहनों पर प्रतिबंध लगाने एवं निजी वाहनों द्वारा सवारी ढोने पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का सुझाव दिया।
गढ़वाल आयुक्त ने सभी स्टेक होल्डर्स को आश्वस्त किया कि उनके महत्वपूर्ण सुझावों को अमल में लाकर चारधाम यात्रा को सरल, सुगम एवं सुरक्षित बनाया जाएगा तथा यात्रा के सफल संचालन हेतु हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, अपर आयुक्त प्रशासन उत्तम सिंह चौहान, सभागीय परिवहन अधिकारी देहरादून संदीप सैनी, उप निदेशक पर्यटन अमित लोहनी, नियंत्रक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मन महोन सिंह रावत, अध्यक्ष चारधाम एशोसिएशन राजेश मेहता, शैलेन्द्र मठूडा, शैलेश ध्यानी, सचिव होटल एशोसिएशन मनोज सेमवाल, निखिलेश सेमवाल, बीपी नैथानी, सुभाष सिंह, धीरज सेमवाल, अनिल कुमार, विनोद डिमरी, अमर बेलवाल सहित चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों एवं होटल एशोसिएशन, टूर एंड ट्रेवल्स व डंडी-कडी संचालकों के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा
देहरादून। केंद्र सरकार द्वारा कारोबार में सुगमता बढ़ाने के लिए गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई।
मीता राजीव लोचन ने बताया कि उत्तराखंड ने डी-रेगुलेशन 1.0 कम्प्लायंस रिडक्शन में देश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि उपयोग, होम स्टे, उद्यमिता और श्रम सुधार के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि फेज-2 के तहत राज्य के लिए भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति हेतु सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण और पर्यटन क्षेत्र में नवाचार सहित कुल 9 प्राथमिकताएं निर्धारित की गई हैं। इनका उद्देश्य विकास कार्यों को गति देना, निवेश और आधारभूत ढांचे को मजबूत करना तथा नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने सुझाव दिया कि उद्योगों से संबंधित प्रस्तावों को निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृति देने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ सर्टिफिकेशन प्रणाली लागू कर निवेश को बढ़ावा दिया जाए।
उन्होंने बताया कि राज्य का विनिर्माण क्षेत्र सकल घरेलू उत्पाद में 26 प्रतिशत योगदान दे रहा है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस क्षेत्र का लगभग 65 प्रतिशत हिस्सा पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों द्वारा संचालित किया जा रहा है। कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक वातावरण के कारण उत्तराखंड निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बन रहा है।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। निवेश बढ़ाने के लिए नियमों को निवेशकों के अनुकूल बनाया जा रहा है।
उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस फेज-2 के तहत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मानकों का समयबद्ध और समन्वित ढंग से पालन सुनिश्चित किया जाए, जिससे राज्य में निवेश का माहौल और अधिक सरल और अनुकूल बनाया जा सके।
बैठक में केंद्रीय अपर सचिव राहुल शर्मा, राजेश शर्मा, सचिव आर. राजेश कुमार, श्रीधर बाबू अदांकी, रंजीत सिन्हा, रविशंकर, विशेष सचिव मधुकर पराग धकाते, अपर सचिव आनंद श्रीवास्तव, डॉ. सौरभ गहरवार, अभिषेक रोहेला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निर्देशक सुदीप्तो सेन की आगामी फिल्म ‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का टीजर जारी कर दिया गया है। टीजर सामने आते ही फिल्म को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि में रची गई यह फिल्म अंधविश्वास, रूढ़ परंपराओं और आस्था के नाम पर होने वाले अमानवीय कृत्यों पर तीखे सवाल उठाती नजर आती है।
टीजर में दिखी डर और आस्था की टकराहट
टीजर की शुरुआत चरक मेले के रहस्यमय और भयावह माहौल से होती है, जहां एक समुदाय यह मानता है कि यह पर्व उनकी अधूरी मनोकामनाओं को पूरा करने का आखिरी अवसर है। जैसे-जैसे अनुष्ठान आगे बढ़ते हैं, कहानी गहराती जाती है और दर्शकों के सामने ऐसी परंपराओं की झलक आती है, जो आस्था और क्रूरता के बीच की सीमा को धुंधला कर देती हैं।
तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की परतें
फिल्म भारतीय तांत्रिक परंपराओं के उस संसार को टटोलने की कोशिश करती है, जो आमतौर पर रहस्य और भय से घिरा रहता है। टीजर में अघोरी साधना, तंत्र-मंत्र और बलि जैसी प्रथाओं की झलक दिखाई गई है, जो दर्शकों को असहज करने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर करती है। यह कहानी केवल डर पैदा नहीं करती, बल्कि विश्वास और विवेक के बीच के संघर्ष को भी उभारती है।
दमदार कलाकारों की मौजूदगी
शीलादित्य मौलिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अंजली पाटिल, सुब्रत दत्ता, नलनीश नील सहित कई अनुभवी कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। सभी कलाकारों के किरदार टीजर में मनोवैज्ञानिक रूप से गहरे और प्रभावशाली दिखाई देते हैं।
6 मार्च को होगी सिनेमाघरों में रिलीज
‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ 6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर से साफ है कि यह फिल्म आस्था, परंपरा और कट्टरता के बीच की पतली रेखा पर सवाल उठाते हुए दर्शकों को एक असहज लेकिन जरूरी सिनेमाई अनुभव देने वाली है। टीजर के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।
(साभार)
“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल से सुरक्षित रहेगी रिक्शा चालकों की आजीविका
मसूरी। पर्यटन नगरी मसूरी की पहचान मानी जाने वाली माल रोड पर जल्द ही आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था का विस्तार होने जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर माल रोड में कुल 54 गोल्फ कार्ट संचालित की जाएंगी, जिससे पर्यटकों को सुविधाजनक आवागमन मिलेगा और स्थानीय रिक्शा चालकों की आजीविका भी सुरक्षित रहेगी।
“दो चालक–एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू
जिला प्रशासन ने रिक्शा चालकों के हितों को ध्यान में रखते हुए “दो चालकों पर एक गोल्फ कार्ट” मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। इससे परंपरागत रोजगार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और चालक आधुनिक परिवहन व्यवस्था से भी जुड़ सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यह मॉडल रोजगार सुरक्षा और तकनीकी विकास के बीच संतुलन स्थापित करेगा।
14 से बढ़कर 54 होगी गोल्फ कार्ट की संख्या
वर्ष 2024 में इस योजना की शुरुआत केवल चार गोल्फ कार्ट के साथ की गई थी। वर्तमान में 14 गोल्फ कार्ट संचालित हो रही हैं, जबकि अब 40 नई गोल्फ कार्ट शामिल किए जाने से इनकी कुल संख्या 54 हो जाएगी। इससे पर्यटकों को सुरक्षित, आरामदायक और प्रदूषण रहित परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।
सीएसआर से मिली 3.36 करोड़ की स्वीकृति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप जिलाधिकारी द्वारा इस योजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया गया था। लगभग नौ महीने की प्रक्रिया और कई दौर की बैठकों के बाद भारत सरकार की संस्था आरईसी लिमिटेड से सीएसआर मद में 3.36 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली।
बिना सरकारी खर्च के साकार हुई योजना
जिला प्रशासन के अनुसार, इस योजना से राज्य सरकार के खजाने पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। गोल्फ कार्ट संचालन से जहां मसूरी में आधुनिक और सुव्यवस्थित यातायात प्रणाली विकसित होगी, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय चालकों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रशासन का कहना है कि यह पहल मसूरी को आधुनिक, पर्यावरण अनुकूल और विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
सैन्य धाम शहीदों के सम्मान और सैन्य परंपरा का प्रतीक- गणेश जोशी
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने आज कैंप कार्यालय में देहरादून के गुनियाल गांव में निर्माणाधीन सैन्य धाम के अंतिम चरण के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने लोकार्पण से पूर्व सभी निर्माण कार्यों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि सैन्य धाम केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि वीर शहीदों के सम्मान और प्रदेश की गौरवशाली सैन्य परंपरा का प्रतीक है, इसलिए कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
सैनिक कल्याण मंत्री ने अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि लोकार्पण कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। उन्होंने कहा कि सैन्य धाम उत्तराखंड के वीर जवानों के शौर्य और बलिदान को समर्पित है और यह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्थल बनेगा। इस दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने उपनल (UPNL) के अधिकारियों को विदेशों में रोजगार के अवसरों के संबंध में आवश्यक प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित व्यवस्थाओं के तहत 50 प्रतिशत पद पूर्व सैनिकों तथा शेष 50 प्रतिशत पदों पर गैर-सैनिक युवाओं को अवसर प्रदान किए जाएं, ताकि दोनों वर्गों को समान रूप से लाभ मिल सके।
इस अवसर पर सचिव सैनिक कल्याण दीपेंद्र चौधरी, अपर सचिव सैनिक कल्याण श्याम सिंह, उपनल एमडी ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनिदेशक विंग कमांडर निधि बधानी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
