मुख्यमंत्री धामी ने जन औषधि दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जन औषधि दिवस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह पहल देश के करोड़ों लोगों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में देशभर में शुरू किए गए जन औषधि केंद्र जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आम लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध हो रही हैं, जिससे इलाज पर आने वाला आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, बल्कि सरकार के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जन औषधि केंद्रों के माध्यम से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
फिल्म निर्देशक सुदीप्तो सेन की बतौर निर्माता नई फिल्म चरक: फियर ऑफ फेथ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसे विषयों पर आधारित इस फिल्म से मेकर्स को अच्छी शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर इसकी कमाई उम्मीद से काफी कम रही।
पहले दिन की कमाई
रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म ने रिलीज के पहले दिन बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10 लाख रुपये का कारोबार किया है। ओपनिंग डे के हिसाब से यह कलेक्शन काफी कम माना जा रहा है। शुरुआती प्रतिक्रिया से संकेत मिल रहे हैं कि अंधविश्वास पर आधारित यह फिल्म दर्शकों को ज्यादा आकर्षित नहीं कर पा रही है।
फिल्म की कहानी
चरक: फियर ऑफ फेथ की कहानी पश्चिम बंगाल के एक गांव में लगने वाले पारंपरिक चरक मेले के इर्द-गिर्द घूमती है। यह मेला प्राचीन मान्यताओं और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा है, जहां लोग अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की उम्मीद में कठिन और जोखिम भरी रस्में निभाते हैं। फिल्म आस्था और अंधविश्वास के बीच की पतली रेखा को दिखाते हुए तंत्र-मंत्र, अघोरी प्रथाओं और मानव बलि जैसे विषयों के अंधेरे पहलुओं को सामने लाती है।
फिल्म के मुख्य कलाकार
फिल्म में अंजलि पाटिल, सुब्रत दत्ता, साहिदुर रहमान, शशि भूषण और संखदीप बनर्जी मुख्य भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म का निर्माण धवल जयंतीलाल गडा ने सुदीप्तो सेन प्रोडक्शंस और सिपिंग टी सिनेमा के सहयोग से किया है।
कहानी का सार
फिल्म में दिखाया गया है कि गांव के लोग मानते हैं कि चरक मेले में पूजा-पाठ और विशेष अनुष्ठान करने से संतान प्राप्ति या अन्य मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। लेकिन इन मान्यताओं के पीछे छिपे अंधविश्वास और खतरनाक परंपराएं कहानी को धीरे-धीरे एक रहस्यमय और डरावने मोड़ तक ले जाती हैं।
(साभार)
31 संगठित दुकानेंः शहर की हलचल से दूर सुरक्षित फूड स्पेस
देहरादून का नया फूड हबः युवाओं के लिए रोजगार और शहरवासियों के लिए स्वाद
देहरादून। राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में नगर निगम देहरादून द्वारा निर्मित शहर के प्रथम फूड कोर्ट डेस्टिनेशन का कार्य अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है और शीघ्र ही आम जनता के लिए खोला जाएगा।
यह फूड कोर्ट महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के निकट रायपुर-थानों रोड पर स्थापित किया जा रहा है और नगर निगम की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में से एक है। यह न केवल शहरवासियों के लिए बल्कि पर्यटकों के लिए भी एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आकर्षक फूड स्पेस प्रदान करेगा। यहाँ विभिन्न राज्यों और देशों के व्यंजनों का स्वाद एक ही स्थान पर लेने का अवसर मिलेगा।
थानों रोड पर बन रहे फूड कोर्ट में कुल 31 संगठित दुकानों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। परिसर में स्वच्छता, शौचालय, ओपन डाइनिंग के साथ लाइट शो, बैठने की सुव्यवस्थित व्यवस्था और पर्यटकों के लिए वॉकिंग गैलरी/पाथवे की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। थानो-एयरपोर्ट मार्ग के हैवी ट्रैफिक को देखते हुए नगर निगम ने पर्याप्त पार्किंग क्षेत्र का निर्माण भी किया है।
देहरादून नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि देहरादून को उन शहरों की तर्ज पर विकसित करने की योजना है जहाँ इंदौर मॉडल के अनुसार फूड कोर्ट/फूड पार्क का निर्माण किया जा सके। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फूड पार्क में सौंदर्यकरण, ब्यूटीफिकेशन और साइनबोर्ड का कार्य अंतिम चरण में है। यह फूड कोर्ट पर्यटकों और शहरवासियों के लिए भीड़-भाड़ और ट्रैफिक से दूर, उत्तराखंड के स्वादिष्ट स्ट्रीट फूड का आनंद लेने का नया स्थल प्रदान करेगा।
नागरिक सुविधाओं के साथ-साथ यह फूड कोर्ट स्थानीय युवाओं और व्यापारियों के लिए रोजगार सृजन का भी अवसर प्रदान करेगा और शहर में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप, देहरादून जल्द ही एक नए, आधुनिक और आकर्षक फूड डेस्टिनेशन का लाभ उठाएगा।
सहस्त्रधारा रोड पर डिवाइडर से फूल उखाड़ने की घटना का एमडीडीए ने लिया संज्ञान, फूल उखाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
देहरादून। देहरादून शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को बनाए रखने के लिए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के बीच सहस्त्रधारा रोड पर डिवाइडर में लगाए गए फूलों को उखाड़ने की घटना सामने आई है। निरीक्षण के दौरान सामने आई इस घटना को प्राधिकरण ने गंभीरता से लेते हुए इसे शहर की सुंदरता और सार्वजनिक संपत्ति के साथ खिलवाड़ करार दिया है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियों में शामिल असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के दिशा-निर्देशों के क्रम में देहरादून शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा सजावटी फूल-पौधों का रोपण कराया जा रहा है। शहर को स्वच्छ, हरित और आकर्षक बनाने के उद्देश्य से एमडीडीए द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सहस्त्रधारा रोड, राजपुर रोड समेत अन्य महत्वपूर्ण मार्गों के डिवाइडरों को रंग-बिरंगे मौसमी फूलों और सजावटी पौधों से सजाया गया है। इस पहल से शहर की सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और राहगीरों को भी एक सुखद वातावरण मिल रहा है।
एमडीडीए की टीम द्वारा इन पौधों की सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित रूप से स्थलीय निरीक्षण किया जा रहा है। इसी क्रम में हाल ही में सहस्त्रधारा रोड पर किए गए निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि डिवाइडर पर लगाए गए कई फूलों और पौधों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़ दिया गया है। प्राधिकरण की टीम ने मौके की तस्वीरें भी संकलित की हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि लगाए गए पौधों को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया है।
प्राधिकरण के अनुसार इस प्रकार की घटनाएं न केवल शहर की हरियाली और सौन्दर्यीकरण को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि सरकारी संसाधनों से किए जा रहे विकास कार्यों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती हैं। सार्वजनिक धन से किए गए इन प्रयासों को नुकसान पहुंचाना एक गंभीर मामला है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि शहर की सार्वजनिक संपत्ति और सौन्दर्यीकरण कार्यों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण और निगरानी को भी और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
प्राधिकरण ने शहरवासियों से भी अपील की है कि वे देहरादून की हरियाली और सुंदरता को बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए पौधों को नुकसान पहुंचाने या उखाड़ने जैसी गतिविधि करते हुए देखा जाता है, तो इसकी सूचना तत्काल प्राधिकरण अथवा प्रशासन को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
एमडीडीए का मानना है कि देहरादून की पहचान उसकी प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली से है। इसे संरक्षित और समृद्ध बनाए रखना केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य के साथ प्राधिकरण द्वारा शहर को स्वच्छ, हरित और व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून शहर की प्राकृतिक सुंदरता और हरियाली को बनाए रखना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों और डिवाइडरों पर बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण तथा सजावटी पौधों का रोपण कराया जा रहा है। यह प्रयास न केवल शहर के सौन्दर्यीकरण को बढ़ावा देता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और नागरिकों के बेहतर जीवन स्तर से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि सहस्त्रधारा रोड पर लगाए गए फूलों को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उखाड़े जाने की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इस प्रकार की गतिविधियां शहर की छवि को धूमिल करने के साथ-साथ सरकारी संसाधनों की भी क्षति करती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के कृत्यों में संलिप्त व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे शहर की हरियाली की रक्षा में प्रशासन का सहयोग करें और सार्वजनिक संपत्ति को सुरक्षित रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और डिवाइडरों पर लगाए गए पौधों की नियमित निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में सहस्त्रधारा रोड पर किए गए निरीक्षण के दौरान कुछ फूलों को उखाड़े जाने की घटना सामने आई है, जिसकी तस्वीरें भी टीम द्वारा संकलित की गई हैं। उन्होंने कहा कि शहर के सौन्दर्यीकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नागरिकों से भी अपील की कि वे ऐसे असामाजिक तत्वों की सूचना प्रशासन को दें और शहर की हरियाली को सुरक्षित रखने में सहयोग करें।
नेपाल में बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” (RSP) की जीत से भारत-नेपाल संबंध मजबूत होने की संभावना- महाराज
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने नेपाल में हुए राष्ट्रीय चुनाव में काठमांडू के मेयर रह चुके युवाओं में बेहद लोकप्रिय पूर्व रैपर बालेंद्र शाह (बालेन) और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” को भारी बहुमत से विजयी होने पर शुभकामनाएं दी हैं।
कैबिनेट मंत्री महाराज ने कहा है कि नेपाल में बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” (RSP) की जीत से भारत-नेपाल संबंध मजबूत होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि RSP की “नेपाल फर्स्ट” नीति भारत के साथ संतुलित विकास का रास्ता खोलेगी और पारंपरिक आर्थिक फायदे को बढ़ावा देगी।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि बालेंद्र शाह और उनकी “राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी” 1950 के भारत-नेपाल संधि को नया स्वरूप देगी और दोनों देशों के बीच रोटी-बेटी के संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के साथ-साथ भारत के साथ मिलकर काम करेंगी, जिससे दोनों देशों को आर्थिक और रणनीतिक लाभ मिलेगा।
कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूरी, डीएम ने विभागों को समन्वय और सुरक्षा चाक-चौबंद रखने के दिए निर्देश
होटल गॉडविन में प्रशासनिक टीम मुस्तैद, डीएम ने परखी सुरक्षा एवं लॉजिस्टिक व्यवस्थाएं, मांगे सेफ्टी सर्टीफिकेट
होटल गॉडविन के संपर्क मार्ग पर सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता सुनिश्चित करने के दिए कड़े निर्देश
देहरादून। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 07 मार्च को प्रस्तावित उत्तराखंड दौरे को लेकर प्रशासन ने सभी तैयारियां तेज कर दी हैं। दौरे से एक दिन पूर्व देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोभाल ने जौलीग्रांट एयरपोर्ट से लेकर हरिद्वार जनपद की सीमा तक सुरक्षा और व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियां समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने तथा सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह चाक-चौबंद रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने रायवाला स्थित होटल गॉडविन का भी दौरा किया, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अल्प विश्राम करने के साथ पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। जिलाधिकारी ने एसएसपी के साथ होटल तक जाने वाले संपर्क मार्ग और होटल परिसर की आंतरिक व्यवस्थाओं का गहन जायजा लिया।
जिलाधिकारी ने होटल में विद्युत व्यवस्था, एयर कंडीशनिंग, फायर सेफ्टी, लिफ्ट, ग्रीन रूम, रेस्ट रूम, मीटिंग हॉल और पार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने होटल प्रबंधन को तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्युत विभाग के अधिकारियों को जेनसेट के साथ वैकल्पिक बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि किसी भी स्थिति में कार्यक्रम प्रभावित न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आज शाम तक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश देते हुए लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों से सेफ्टी सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने को भी कहा। उन्होंने कहा कि सभी व्यवस्थाएं पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की चूक न हो।
इसके अलावा जिलाधिकारी ने होटल गॉडविन तक जाने वाले संपर्क मार्ग की स्थिति का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मार्ग पर सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था तथा स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को संपर्क मार्ग पर विशेष सफाई और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शनिवार को हरिद्वार पहुंचकर उत्तराखंड में पिछले चार वर्षों में किए गए विकास कार्यों, संचालित तथा प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करेंगे। कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी।
जिला प्रशासन के निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेन्द्र सिंह डोबाल, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी, अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, उप जिलाधिकारी ऋषिकेश योगश मेहरा सहित सड़क, विद्युत, पेयजल, फायर सेफ्टी आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
कहा इस बार भी रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना
देहरादून। बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर शुरू होने वाली है। 06 मार्च से यात्रियों के पंजिकरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। इस बार भी चारधाम यात्रा में रिकॉर्ड श्रृद्धांलुओं के आने की संभावना को देखते हुए प्रदेश सरकार ने चारधाम यात्रा से जुड़ी सभी तैयारियां पूर्ण कर ली हैं।
उक्त जानकारी देते हुए प्रदेश के पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम की तीर्थ यात्रा हिंदुओं के लिए काफी महत्व रखती है। लाखों की संख्या में भक्त हर साल आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति के उद्देश्य से गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की यात्रा पर जाते हैं। सुरक्षित और सुगम चारधाम यात्रा के कुशल प्रबंधन के कारण वर्ष 2025 में छप्पन लाख इकतीस हजार श्रद्धालुओं ने चार धाम के दर्शन किए थे। इस वर्ष भी सरकार ने चारधाम यात्रा को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए विशेष प्रबंध किये हैं।
पर्यटन धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा में पंजीकरण का कार्य छह मार्च से प्रारंभ हो गया है। चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलेंगे। जबकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट परंपरागत तौर पर अक्षय तृतीय के दिन 19 अप्रैल को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे। चारधाम यात्रा के दृष्टिगत सभी सरकारी विभागों की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने बताया सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए भी पूरी व्यवस्था की है। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए कुल 50 काउंटर बनाने बनाये गये हैं। इनमें 30 काउंटर ऋषिकेश में और 20 काउंटर विकासनगर में स्थापित किए गए हैं। यह सभी काउंटर दिन-रात यानी पूरे 24 घंटे काम करेंगे, ताकि किसी भी यात्री को पंजीकरण में कोई परेशानी न हो। श्रद्धालु अपना पंजीकरण वेबलिंक-Weblink-registrationandtouristcare.uk.gov.in और Mobile App- Tourist Care Uttarakhand Mobile App- Tourist Care Uttarakhand के माध्यम से कर सकते हैं। इसके अलावा श्रद्धालू अपना पंजीकरण आधार कार्ड के माध्यम से भी कर सकेंगे जबकि विदेशी श्रद्धालुओं के लिए ई-मेल आईडी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिन श्रद्धालुओं के पास आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है, उनके लिए पिछले वर्ष की भाँति इस वर्ष भी यात्रा पंजीकरण केन्द्र एवं ट्रॉजिट कैम्प ऋषिकेश, पंजीकरण केन्द्र ऋषिकुल ग्राउंड हरिद्वार और पंजीकरण केन्द्र विकास नगर देहरादून में पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था की गई है। इन भौतिक काउंटरों पर पंजीकरण सेवा कपाट खुलने से दो दिन पूर्व 17 अप्रैल 2026 से प्रारम्भ की जाएगी। रजिस्ट्रेशन स्थलों पर श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गये हैं।
महाराज ने बताया कि यात्रा मार्ग पर सार्वजनिक शौचालय और पीने के पानी के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। चारधाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पर्याप्त मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था के साथ साथ यात्रा रूट पर मुख्य मार्गो और वैकल्पिक मार्गो को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश और यात्रा के मानकों को ध्यान में रखते हुए SOP भी जारी की जाएगी। यात्रा के दौरान हर वाहन के ट्रिप कार्ड पर यात्रियों और चालक की जानकारी के साथ-साथ टूर आपरेटर या वाहन मालिक का नाम, मोबाइल नंबर और लाइसेंस नंबर दर्ज होना अनिवार्य किया गया है।
पर्यटन मंत्री महाराज ने बताया कि चारधाम यात्रा में इस बार कुल 1800 बसें संचालित की जाएंगी, जिनमें 400 बसें रिजर्व रहेंगी। प्रतिदिन 130 बसें रवाना होंगी और 10 दिन की यात्रा अवधि में लगभग 1300 मार्गों पर चलेंगी।
टिहरी लेक फेस्टिवल’ शुरू, सीएम नेे की घोषणा-कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे निर्माण होगा
नौ मार्च तक चलने वाले ‘टिहरी लेक फेस्टिवल’ की भव्य शुरूआत
सीएम ने किया कोटी डोबरा पर्यटन मार्ग का वर्चुअल शिलान्यास
टिहरी। पर्यटन, साहसिक खेल के साथ ही पर्यावरण और संस्कृति के स्पष्ट संदेश के बीच ‘हिमालयन 0.2 द टिहरी लेक फेस्टिवल’ का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इसका उद्घाटन करते हुए विश्वास प्रकट किया कि सुंदर टिहरी झील आने वाले समय में देश ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में साहसिक खेलों और पर्यटन का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगी। इस मौके पर उन्होंने घोषणा कि कोटी कालोनी-नई टिहरी रोपवे का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश-विदेश से आए खिलाड़ियोें के साथ ही अन्य मेहमानों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा आध्यात्मिकता और लोक संस्कृति का अद्भुत संगम रही है। हमारी नदियां, हमारे पर्वत, हमारी झीलें और हमारी परंपराएं पूरे विश्व को आकर्षित करती रही हैं। आज उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए टिहरी झील के किनारे आयोजित ये महोत्सव पर्यटन, खेल और स्थानीय संस्कृति तीनों को एक मंच पर लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
उन्होंने कहा कि हिमालय की गोद में बसी टिहरी झील प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत उदाहरण होने के साथ- साथ साहसिक खेलों के आयोजन स्थल के रूप में तेजी से उभर रही है। यहां आयोजित होने वाली राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की विभिन्न जल क्रीड़ा प्रतियोगिताएं न केवल खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दे रही हैं, बल्कि उत्तराखंड को वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाने का काम भी कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने टिहरी को लेकर अपनी सरकार की मंशा स्पष्ट करते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य है कि टिहरी को वाटर स्पोर्ट्स और एडवेंचर स्पोर्ट्स के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए टिहरी झील में कयाकिंग, कैनोइंग, जेट-स्की, पैरा-सेलिंग, स्कूबा डाइविंग और अन्य साहसिक गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। यहां आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। ताकि हमारे युवा खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकें। उन्होंने कहा कि टिहरी झील के आसपास विकसित हो रहा यह खेल और पर्यटन तंत्र स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण के नए अवसर पैदा कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि टिहरी झील केवल एक पर्यटन स्थल ही न रहे, बल्कि खेल, संस्कृति और प्रकृति के संगम का वैश्विक केंद्र भी बने। उन्होंने कहा कि इसके लिए सरकार के प्रयास जारी रहेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उत्तराखंड से भावनात्मक लगाव जगजाहिर है और उन्होंने स्वयं यहां आकर हमें प्रेरित और प्रोत्साहित किया है। मुख्यमंत्री ने पर्यटन और साहसिक खेलों को प्रोत्साहन देेने के लिए राज्य सरकार के प्रयासों का खास तौर पर जिक्र किया। इस क्रम में उन्होंने आदि कैलाश में राज्य की पहली हाई-एल्टीट्यूड मैराथन, माणा में एमटीबी चैैलेंज, एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे बडे़ स्तर के आयोजनों की चर्चा की।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि हमारे युवा केवल अवसरों की प्रतीक्षा न करें, बल्कि अपने सामथ्र्य और परिश्रम से नए अवसरों का सृजन भी करें। उन्होंने कहा कि आज टिहरी में 400 से अधिक युवा पैराग्लाइडिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। यह जानकारी खुशी देने वाली है। पूर्ण विश्वास है कि ये युवा भविष्य में उत्तराखंड को वैश्विक पैराग्लाइडिंग मानचित्र पर स्थापित करने में अवश्य सफल रहेंगे।
अपने संबोधन में उन्होंने टिहरी क्षेत्र में विकास कार्यों की तस्वीर को सामने रखा। उन्होंने बताया कि टिहरी क्षेत्र के के समग्र विकास हेतु लगभग 1300 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर कार्य गतिमान है। इसमें टिहरी झील का विकास, रिंग रोड का निर्माण, तिमाड़ गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने जैसे प्र्रमुख कार्य शामिल हैं। इसके अलावा यहां भिलंगना विकासखंड की सुनारगांव ग्राम पंचायत को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जा रहा है। विशिष्ट पहाड़ी शैली में एक नया आंगनबाड़ी भवन भी बनाया जा रहा है। उन्होंने अपने संबोधन में जिले के सभी ब्लाक में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 10 कॉम्पेक्टर केंद्रों और 4267 कूड़ा संग्रहण केंद्रों की स्थापना का भी जिक्र किया।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, क्षेत्रीय सांसद श्रीमती माला राज्य लक्ष्मी शाह, विधायक किशोर उपायाय, विक्रम सिंह नेगी, विनोद कंडारी, शक्तिलाल शाह, पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष संजय नेगी, जिला पंचायत अध्यक्ष इशिता सजवाण, जिलाधिकारी श्रीमती नितिका खंडेलवाल, नगर पालिका परिषद नई टिहरी के अध्यक्ष मोहन सिंह रावत व चंबा की अध्यक्ष सोबनी धनोला, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इससे पहले, मुख्यमंत्री का यहां पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। सीएम ने देवडोलियों से आशीर्वाद भी लिया ।
कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का शिलान्यास
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कोटी-डोबरा पर्यटन मार्ग का रिमोट दबाकर वर्चुअल शिलान्यास किया। यह मार्ग एशियन डेवलपमेंट बैंक के स्तर पर वित्त पोषित है,जिसकी कुल लागत 318 करोड़ है। इस मार्ग की लंबाई करीब 15 किलोमीटर है।
नौ मार्च तक होंगी विभिन्न गतिविधियां
टिहरी लेक फेस्टिवल में नौ मार्च तक विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेल व पर्यटन गतिविधियों के अलावा लोक संस्कृति से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं।
राज भवन में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हुए सम्मानित
देहरादून। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजभवन स्थित लोक भवन में आयोजित महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने संयुक्त रूप से सम्मान प्रदान किए।
कार्यक्रम में राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में बहुत तेजी से प्रगति की है और 2047 के विकसित भारत में यहां की महिलाएं बड़ा योगदान करेंगी।
इस अवसर पर मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड सरकार महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वात्सल्य योजना लागू की है तथा अनाथ किशोर-किशोरियों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
रेखा आर्या ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण की असली शुरुआत घर से ही होती है। जब परिवार में महिलाओं को सम्मान और बराबरी का स्थान मिलेगा, तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण उस दिन माना जाएगा, जब उन्हें अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज उठाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और महिला दिवस जैसे औपचारिक आयोजनों की प्रासंगिकता भी स्वतः समाप्त हो जाएगी।
कार्यक्रम में राज्य की प्रथम महिला गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना, विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन और निदेशक बंशीलाल राणा सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
धामी के सुशासन मॉडल को देखने हरिद्वार आ रहे अमित शाह
धर्मनगरी में दिखेगा आस्था, विकास और राजनीति का संगम
देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर एक ऐसे क्षण की साक्षी बनने जा रही है, जहाँ आस्था, विकास और राजनीति—तीनों का संगम दिखाई देगा। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह 7 मार्च को हरिद्वार पहुंचेंगे और राज्य सरकार के चार वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित “जन-जन की सरकार, बेमिसाल 4 साल” कार्यक्रम में भाग लेंगे। यह आयोजन केवल औपचारिक सरकारी कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, बल्कि उत्तराखंड में उभरते सुशासन, विकास की नई गति और प्रशासनिक कार्यसंस्कृति की झलक दिखाने वाला मंच भी बन रहा है।
हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित इस कार्यक्रम में अमित शाह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में बीते चार वर्षों में प्रदेश में हुए विकास कार्यों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सड़कों और संपर्क मार्गों के विस्तार, स्वास्थ्य सेवाओं के विकास, शिक्षा क्षेत्र में सुधार, निवेश को प्रोत्साहन, पर्यटन संवर्धन तथा धार्मिक-सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
साथ ही सीमांत क्षेत्रों के विकास और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उठाए गए कदमों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा। विभिन्न विभागों द्वारा तैयार मॉडल, चित्र और जानकारीपूर्ण पैनलों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास होगा कि किस तरह उत्तराखंड ने विकास और सुशासन के रास्ते पर नई रफ्तार पकड़ी है।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) से भी जुड़ा रहेगा। इस दौरान गृह मंत्री अमित शाह पांच लोगों को भारत की नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंपेंगे। प्रमाण पत्र मिलने के बाद ये सभी व्यक्ति औपचारिक रूप से भारत के नागरिक बन जाएंगे। जनगणना निदेशक इवा आशीष श्रीवास्तव के अनुसार इन पांचों व्यक्तियों के नाम पहले ही राज्य सरकार को भेजे जा चुके हैं। इसे सीएए के क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।

इसी क्रम में 7 से 9 मार्च तक बैरागी कैंप में “न्याय संहिता” विषय पर राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन भी किया जाएगा। इसके माध्यम से नए आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम—के बारे में आमजन को जानकारी दी जाएगी, ताकि न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके। भाजपा का दावा है कि इस कार्यक्रम में लगभग डेढ़ लाख लोगों की भागीदारी की संभावना है, जो इसे एक बड़े जनसमागम का रूप दे सकती है।
यह आयोजन केवल चार वर्षों की उपलब्धियों का उत्सव नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में उभरते नेतृत्व और विकास की दिशा का संदेश भी है। धर्मनगरी हरिद्वार से उठने वाली यह गूंज केवल आस्था की नहीं, बल्कि उस विश्वास की भी प्रतीक होगी कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास, सुशासन और जनसेवा की नई पहचान गढ़ रहा है।
देवभूमि की पावन धरती से उठने वाला यह संदेश एक बार फिर यही कहता प्रतीत होगा—उत्तराखंड अब केवल आस्था की भूमि नहीं, बल्कि संकल्प, विकास और सशक्त नेतृत्व की नई कहानी भी लिख रहा है।
