ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने गणेश जोशी को गढ़ी कैंट में आयोजित होने वाले पूर्व सैनिक रोजगार मेला कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक, पुनर्वास निदेशालय (पश्चिमी क्षेत्र) के ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने सैनिक कल्याण मंत्री को महानिदेशालय पुनर्वास, रक्षा मंत्रालय द्वारा देहरादून के जसवंत ग्राउंड, गढ़ी कैंट में 13 से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले पूर्व सैनिकों (ईएसएम) के लिए रोजगार मेला कार्यक्रम हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया।

मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजनों से पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा
देहरादून। गुरुवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3 करोड़ 5 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की।
कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत नवंबर 25 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दिसंबर में 5114 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 53 लाख 42 हजार रुपए गुरुवार को जारी किए गए हैं। जबकि जनवरी महीने के लिए कुल 5078 लाभार्थियों के 1 करोड़ 52 लाख 34 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।
इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।
इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।
जसप्रीत बुमराह की वापसी संभव, भारतीय गेंदबाजी को मिलेगी धार
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में मौजूदा चैंपियन भारतीय टीम आज यानि गुरुवार को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में नामीबिया के खिलाफ अपने दूसरे लीग मुकाबले में उतरेगी। अमेरिका के खिलाफ पहला मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम का पलड़ा इस मुकाबले में भारी माना जा रहा है, हालांकि कुछ खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर टीम प्रबंधन की चिंताएं बढ़ी हुई हैं।
भारत ने अपने पहले मैच में अमेरिका को हराया था, जबकि नामीबिया को नीदरलैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में आंकड़ों और फॉर्म के लिहाज से यह मुकाबला भारत के पक्ष में नजर आ रहा है। बावजूद इसके, सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तबीयत और ईशान किशन की चोट ने टीम मैनेजमेंट की तैयारियों पर असर डाला है।
अभिषेक शर्मा की तबीयत पर नजर
सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा पेट में संक्रमण और वायरल बुखार के कारण दो दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे थे। हालांकि अब उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है, लेकिन नामीबिया के खिलाफ उन्हें मैदान पर उतारने को लेकर टीम प्रबंधन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। खासकर पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले को देखते हुए उन्हें पूरी तरह फिट होने का समय दिया जा सकता है।
ईशान किशन को अभ्यास के दौरान चोट
बुधवार को अभ्यास सत्र के दौरान ईशान किशन को जसप्रीत बुमराह की तेज यॉर्कर बाएं पैर के अंगूठे पर लग गई, जिससे वह कुछ देर के लिए असहज नजर आए। फिजियो की जांच के बाद उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया, हालांकि बाद में वह एहतियातन नेट्स छोड़कर ड्रेसिंग रूम लौट गए। टीम प्रबंधन का मानना है कि चोट गंभीर नहीं है, लेकिन अंतिम फैसला मैच से पहले लिया जाएगा।
संजू सैमसन को मिल सकता है मौका
अगर अभिषेक शर्मा और ईशान किशन दोनों ही उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में मौका मिल सकता है। सहायक कोच रेयान टेन डेशकाटे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि संजू अच्छी तरह अभ्यास कर रहे हैं और टीम की जरूरत के अनुसार अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। ऐसे में संजू सैमसन और वॉशिंगटन सुंदर की जोड़ी ओपनिंग करती नजर आ सकती है।
बुमराह की वापसी से गेंदबाजी मजबूत
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की इस मैच में वापसी संभव है। वायरल बुखार के कारण वह पिछले मुकाबले में नहीं खेल पाए थे। उनके लौटने से भारत का गेंदबाजी आक्रमण और धारदार हो जाएगा। बुमराह की वापसी की स्थिति में मोहम्मद सिराज को बाहर बैठना पड़ सकता है।
नामीबिया के लिए कड़ी चुनौती
भारत की मजबूत बल्लेबाजी और अनुभवी गेंदबाजी आक्रमण को रोकना नामीबिया के लिए बड़ी चुनौती होगी। जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और हार्दिक पंड्या के सामने नामीबिया के बल्लेबाजों की परीक्षा होगी। आंकड़े भी भारत के पक्ष में हैं—अभ्यास मैच में भारत ए ने नामीबिया को 100 रन से कम पर समेट दिया था।
मैच से जुड़ी अहम जानकारी
मैच स्थान: अरुण जेटली स्टेडियम, दिल्ली
मैच शुरू: शाम 7:00 बजे
टॉस: शाम 6:30 बजे
लाइव प्रसारण: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट
भारत के लिए यह मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले बड़े मैच से पहले लय हासिल करने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है, जबकि नामीबिया के सामने खुद को साबित करने की कठिन चुनौती होगी।
पूर्व सैनिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को रखा सैनिक कल्याण मंत्री के समक्ष
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उनके कैंप कार्यालय में पूर्व सैनिकों ने मुलाकात की। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सैनिक कल्याण मंत्री के समक्ष रखा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों को उनकी समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।

इस दौरान पूर्व सैनिकों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए किए जा रहे के लिए आभार भी जताया।
इस अवसर पर पीबीओआर अध्यक्ष शमशेर बिष्ट सहित अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
करीब दो दशक के लंबे इंतजार के बाद हॉलीवुड की मशहूर एडवेंचर-हॉरर फ्रेंचाइज़ी ‘द ममी’ एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौटने को तैयार है। यूनिवर्सल पिक्चर्स ने ‘द ममी 4’ के निर्माण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि फिल्म में ब्रेंडन फ्रेजर और राहेल वीज की वापसी होने जा रही है, जिससे फैंस की उत्सुकता और भी बढ़ गई है। मेकर्स का दावा है कि यह फिल्म पुरानी सीरीज की रोमांचक भावना और मनोरंजक केमिस्ट्री को नए अंदाज में पेश करेगी।
‘द ममी’ फ्रेंचाइज़ी का सफर
‘द ममी’ सीरीज की शुरुआत वर्ष 1932 में हुई थी, लेकिन 1999 में आई ब्रेंडन फ्रेजर और राहेल वीज अभिनीत फिल्म ने इसे वैश्विक पहचान दिलाई। एक्शन, रोमांच, हल्की कॉमेडी और हॉरर के अनोखे मिश्रण ने इस फिल्म को दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।
1999: द ममी – एवलिन की एक गलती प्राचीन पुजारी इम्होतेप को जगा देती है, जिससे तबाही का सिलसिला शुरू होता है।
2001: द ममी रिटर्न्स – इम्होतेप की वापसी और पहले से कहीं बड़े खतरे का सामना।
2008: द ममी: टॉम्ब ऑफ द ड्रैगन एम्परर – इस बार कहानी चीन पहुंचती है, जहां एक शक्तिशाली सम्राट नई चुनौती बनकर सामने आता है।
‘द ममी 4’ से क्या है उम्मीद
नई फिल्म ‘द ममी 4’ का निर्देशन रेडियो साइलेंस के निर्देशक मैट बेटिनेली-ओल्पिन और टायलर गिलेट कर रहे हैं, जबकि पटकथा डेविड कॉगेशल ने लिखी है। ब्रेंडन फ्रेजर इस प्रोजेक्ट से बतौर एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी जुड़े हुए हैं।
‘द ममी’ फिल्म की चौथी किस्त 19 मई 2028 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में ब्रेंडन फ्रेजर फिर से रिक ओ’कोनेल का रोल निभाएंगे और राहेल वीज एवलिन कार्नाहन (एवी) का किरदार करेंगी। इससे फैंस को बहुत खुशी हो रही है और पुरानी यादें ताजा हो रही हैं। फिल्म की कहानी के बारे में अभी कोई डिटेल नहीं बताई गई है, लेकिन पिछली फिल्मों की जबरदस्त पॉपुलैरिटी को देखते हुए सभी फैंस बहुत उत्साहित हैं।
मेकर्स के अनुसार, फिल्म में जबरदस्त एक्शन, रोमांचक कहानी और पुराने किरदारों की वही लोकप्रिय केमिस्ट्री देखने को मिलेगी, जिसने ‘द ममी’ को दर्शकों के दिलों में खास जगह दिलाई थी। अब फैंस को इसकी रिलीज डेट और ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है।
(साभार)
विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ की मंत्रणा
कहा, कार्ययोजना में नवीन योजनाओं को भी करें शामिल
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन के लिये केन्द्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु करीब एक हजार करोड़ की प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) भेजी जायेगी। जिसमें राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये आधा दर्जन नई योजनाओं को भी शामिल किया जायेगा।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु केन्द्र सरकार को भेजी जाने वाली पीआईपी को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिसमें उन्होंने एनएचएम के अंतर्गत पूर्व से संचालित कार्यक्रमों के आलावा आशाओं का मानदेय बढ़ाये जाने, वैक्सीन स्टोरेज हेतु आवश्यक उपकरण, कोल्ड चेन उपकरण, माॅडल इम्युनाइजेशन सेंटर की स्थापना, चारधाम हेतु मोबाइल वैक्सीनेशन वैन, पर्वतीय क्षेत्रों में सेफ्टी पिट्स व वीपीडी सर्विलांस आदि को प्रमुखता से पीआईपी में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
इसके अलावा उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये राज्य के सभी सांसदगणों से भी सुझाव आमंत्रित कर पीआइपी में शामिल करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के कुछ विकासखण्डों का चयन कर मोतियाबिंद संभावित मरीजों की शतप्रतिशत जांच करने के निर्देश भी बैठक में दिये। डाॅ. रावत ने प्रत्येक ब्लाॅकों में चिकित्सकों के लिये आवश्यकतानुसार ट्रांजिट हाॅस्टल के निर्माण, वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान का संचालन के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल ने बताया कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार पीआईपी तैयार कर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजी दी जायेगी। जिसमें प्रदेश के सांसदगणों के सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।
दोनों आरोपियों के पैर में लगी गोली
आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद
देहरादून। राजधानी देहरादून में हाल ही में हुए हत्याकांड के खुलासे के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मुख्य शूटर और उसके एक सहयोगी को अलग-अलग स्थानों पर हुई मुठभेड़ों के बाद गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है और उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
हत्याकांड के बाद एसएसपी देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक नाकेबंदी कर संदिग्धों की तलाश की जा रही थी। इसी अभियान के दौरान तड़के सुबह रायपुर थाना क्षेत्र के लाडपुर जंगल में पुलिस टीम ने एक संदिग्ध को घेर लिया। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग कर दी, जिस पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। इस दौरान बदमाश के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इसी क्रम में लालतप्पर पुलिस चौकी क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक स्कूटी सवार बदमाश पुलिस को देखकर भागने लगा। पीछा करने पर वह एक खंडर फैक्ट्री में घुस गया और वहां से पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे भी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस आरोपी के दाहिने पैर में गोली लगी है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से दो देशी तमंचे और एक स्कूटी बरामद की है। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने तिब्बती मार्केट के सामने हुए हत्याकांड को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित सहयोगियों की जानकारी जुटा रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास पर आयोजित प्रदेश की कानून-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में घटित होने वाले सभी प्रकार के अपराधों पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए और अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वालों, असामाजिक तत्वों तथा प्रदेश की शांति भंग करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी, ताकि समाज में कानून का भय बना रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आदतन एवं संगठित अपराध में संलिप्त अपराधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ विधिक प्रावधानों के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने थानों और चौकियों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने, संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा सर्वोपरि है और त्वरित कार्रवाई के परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सुशासन राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए प्रशासन को पूरी तत्परता से कार्य करना होगा।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की आम जनता से अपील, अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें, भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की अवश्य करें जांच
देहरादून- नियोजित विकास की दिशा में प्रतिबद्ध मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध व्यापक और निरंतर अभियान संचालित किया जा रहा है। प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित शहरी विकास, आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा तथा आमजन के हितों की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विभिन्न स्थानों पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रभावी कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई उत्तराखंड शहरी एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के प्रावधानों तथा पूर्व में जारी नोटिसों के अनुपालन में की गई।
रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई में लगभग 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण को प्राप्त शिकायतों एवं क्षेत्रीय निरीक्षण के उपरांत यह पाया गया कि जावेद, डेविड एवं अन्य व्यक्तियों द्वारा रामपुर शंकरपुर, सेलाकुई, देहरादून में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के अवैध रूप से प्लॉटिंग की जा रही थी। संबंधित व्यक्तियों को नियमानुसार पूर्व में नोटिस जारी कर कार्य तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए थे। निर्देशों की अवहेलना किए जाने पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की गई सड़कों, प्लॉटों के सीमांकन, मिट्टी समतलीकरण एवं अन्य संरचनात्मक गतिविधियों का ध्वस्तीकरण किया गया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता श्री शशांक सक्सेना, अवर अभियंता श्री सिद्धार्थ सेमवाल, सुपरवाइजर एवं पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। संपूर्ण कार्रवाई विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
ढकरानी, हरबर्टपुर में 10–15 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर सख्त कदम
इसी क्रम में पांवटा रोड स्थित ढकरानी हॉस्पिटल के पीछे, हरबर्टपुर, देहरादून क्षेत्र में अतुल विकास एवं त्यागी द्वारा लगभग 10 से 15 बीघा भूमि पर अनधिकृत प्लॉटिंग किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। स्थलीय निरीक्षण में अवैध विकास की पुष्टि होने पर संबंधित पक्षों को विधिक नोटिस निर्गत किए गए थे। नोटिस के बावजूद अवैध गतिविधियां जारी रहने पर प्राधिकरण की संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर अवैध मार्ग निर्माण, प्लॉटों के चिन्हांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान प्राधिकरण के अधिकारीगण, तकनीकी कार्मिक एवं पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे कार्रवाई सुव्यवस्थित एवं प्रभावी रूप से संपन्न की जा सकी।
सेवला कला में अवैध निर्माण पर सीलिंग
चन्द्र परिसर, सेवला कला, देहरादून में नितिन चौहान द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य किए जाने की पुष्टि होने पर संयुक्त सचिव श्री गौरव चटवाल के आदेशों के अनुपालन में उक्त भवन पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। इस दौरान सहायक अभियंता श्री विजय सिंह रावत, अवर अभियंता श्री अभिजीत सिंह थलवाल, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहे। नियमानुसार सीलिंग की कार्यवाही पूर्ण करते हुए परिसर को अग्रिम आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण सुनियोजित एवं संतुलित विकास के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण न केवल शहरी व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई को भी जोखिम में डालते हैं। प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं वैधानिक अनुमति के किए जा रहे निर्माणों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण एवं सीलिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूखंड खरीदने से पूर्व उसकी विधिक स्थिति की जांच अवश्य करें तथा अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें। नियोजित विकास ही सुरक्षित भविष्य की गारंटी है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्रवर्तन अभियान निरंतर जारी रहेगा। सभी क्षेत्रीय अभियंताओं को नियमित निरीक्षण एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध अधिनियम के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी तथा कार्रवाई का व्यय भी संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा।
प्राधिकरण की अपील
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण आमजन को पुनः सूचित करता है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं विधिक अनुमति के किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग अथवा निर्माण पूर्णतः अवैध है। नागरिकों से अपेक्षा है कि किसी भी संपत्ति क्रय-विक्रय से पूर्व उसकी स्वीकृति एवं वैधानिक स्थिति की पुष्टि अवश्य करें।प्राधिकरण क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं पारदर्शी विकास सुनिश्चित करने हेतु यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
उत्तराखंड रेल परियोजनाओं को लेकर सीएम धामी के निर्देश
देहरादून। राज्य में प्रस्तावित रेल परियोजनाओं में टनल के साथ बनने वाले एस्केप टनल को समानांतर सड़कों ( पैरेलल रोड्स) के रूप में विकसित किया जा सके, इसकी व्यवस्था बनाई जाए। ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल लाइन परियोजना में बनी एस्केप टनल का भविष्य में किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है, इसपर भी कार्य योजना तैयार जाए साथ ही कर्णप्रयाग से बागेश्वर तक रेल लाइन के विस्तार की संभावना पर भी कार्य किया जाए।
यह निर्देश मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को सचिवालय में राज्य में निर्माणाधीन एवं प्रस्तावित रेल परियोजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को टनकपुर – बागेश्वर रेल लाइन परियोजना पर भी तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा उक्त परियोजना के अंतर्गत विभिन्न वैकल्पिक मार्गों पर भी विचार किया जाए। उन्होंने कहा परियोजना के निर्माण कार्य से अधिकांश क्षेत्र एवं जनता लाभान्वित हो सके इसके लिए अल्मोड़ा एवं सोमेश्वर क्षेत्र को भी जोड़ने की संभावनाओं पर कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा केंद्र सरकार से टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किए जाने का आग्रह किया जाए, जिससे इसके निर्माण कार्य को गति मिल सकेगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के लिए इंटीग्रेटेड प्लान बनाया जाए। जिससे इन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थानीय लोगों के लिए बाजार विकसित हो सके। उन्होंने कहा सभी निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों में स्वयं सहायता समूहों, राज्य की स्थानीय उत्पादों की बिक्री के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र में अभी से लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए उन्हें होमस्टे एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जन जागरूकता पर ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन रेलवे स्टेशनों के आसपास स्थित विभिन्न गांव, कस्बों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य पर्यटन स्थलों के विकास के लिए भी रोड मैप तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों के आसपास के स्थानों का समुचित पुनरविकासर किया जाए। ताकि रेल परियोजनाओं के निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भविष्य में बड़ी संख्या में उत्तराखंड आने वाले लोगों के आवागम को सुविधाजनक बनाया जाए।
बैठक में बताया गया कि ऋषिकेश करणप्रयाग रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत 72.5 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है साथ ही टनल निर्माण का 95.30% कार्य पूरा हो गया है। इस परियोजना के अंतर्गत कुछ कल 28 टनलों का निर्माण किया है जिनमें से 16 मुख्य टनल एवं 12 एस्केप टनल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न प्रस्तावित रेलवे स्टेशनों का निर्माण अलग-अलग थीम के आधार पर किया जा रहा है। जिसमें शिवपुरी स्टेशन को नीलकंठ महादेव, ब्यासी को महर्षि वेदव्यास, देवप्रयाग को समुद्र मंथन, जनासु को उत्तराखंड कल्चर, मलेथा को वीर माधो सिंह भंडारी, श्रीनगर को मां राज राजेश्वरी देवी, धारी देवी को मां धारी देवी, तिलनी को केदारनाथ, घोलतीर को पांच महादेव, गौचर को बाल गोविंद कृष्ण एवं कर्णप्रयाग को बद्रीनाथ मंदिर,राधा कृष्ण थीम पर आधारित निर्माण किया जा रहा है।
टनकपुर बागेश्वर रेल लाइन परियोजना के बारे में बताया गया कि परियोजना के अंतर्गत रेलवे द्वारा तीन सर्वेक्षण विकल्प प्रस्तावित किए गए हैं। साथ ही अन्य वैकल्पिक मार्गो एवं अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्र को भी इस रेल मार्ग से जोड़ने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव ब्रजेश कुमार संत, पंकज पांडे, मुख्य परियोजना प्रबंधक हिमांशु बडोनी, विजय, ओम प्रकाश, सुमन सिंह, कल्याण सिंह भंडारी, सनत कुमार सिंह एवं वर्चुअल माध्यम से रेलवे के अधिकारी मौजूद रहे।
