पहली बार पुलिस सीसीटीवी कैमरे स्मार्ट कंट्रोल रूम से जुड़े, नियम तोड़ने वालों पर होगी पैनी नजर
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से राजधानी में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को नया आयाम मिल रहा है। देहरादून के 11 व्यस्तम जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का कार्य पूरा हो गया है। इसमें महाराणा प्रताप चौक, नालापानी चौक, मोथोरावाला चौक, आईटी पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर, प्रेमनगर चौक, सुधोवाला चौक, रांगड़वाला और सेलाकुई बाजार तिराहा शामिल हैं। वहीं धूलकोट तिराहा और डाकपत्थर तिराहा पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।
पिछले 5 वर्षों में पहली बार पुलिस के सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे सड़कों पर सुरक्षित यातायात की निगरानी और अधिक सुदृढ़ हो गई है।
सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने पर भी प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है। साईं मंदिर जंक्शन, कुठालगेट और दिलाराम चौक का पहाड़ी शैली में सौंदर्यीकरण लगभग पूर्ण हो गया है। यहां आने वाले पर्यटक राज्य की संस्कृति और परंपरा से रूबरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप, कुठालगेट और साईं मंदिर पर नई स्लिप रोड व राउंड अबाउट निर्माण के साथ-साथ चौक-चौराहों को पारंपरिक शैली में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी प्रमुख मार्गों और चौराहों पर प्रदर्शित कराया जा रहा है, ताकि पर्यटक देहरादून की सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सकें।
जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू किए राहत और बचाव कार्य
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। मलबा आने से कई क्षेत्रों में नुकसान की सूचना मिली है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर दी है और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
राहत कार्यों में तेजी
प्रभावित क्षेत्रों में एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। जहां रास्ते बंद हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से अधिकारियों को तुरंत प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
प्रारंभिक क्षति विवरण
स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बहा।
बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांव के दोनों ओर गदेरे में मलबा व पानी भराव।
किमाणा: खेती की जमीन व सड़क पर बड़े बोल्डर और मलबा।
अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म बहा।
छेनागाड़ बाजार: बाजार क्षेत्र में मलबा भरने और वाहनों के बहने की सूचना।
छेनागाड़ डुगर गांव व जौला बड़ेथ: कुछ लोगों के गुमशुदा होने की आशंका।
प्रशासन की सक्रियता
जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और त्वरित राहत देने के लिए लगातार प्रयासरत है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।
मोस्टामानू महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, ₹62 करोड़ की 15 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के अंतर्गत 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े हमारे ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। 6 करोड़ से अधिक की लागत से गंगोलीहाट में हाट कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 43 करोड़ रूपए की लागत से बजेटी शनि मंदिर, हनुमान मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आधुनिक पार्किंग स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित संपूर्ण क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से पिथौरगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में लगभग 21 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू किया चुका है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि सभी भारतवासी स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी सशक्त हो सके। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस मेले में हमारे स्वदेशी उत्पादों के कई स्टॉल लगे हैं, जिसमे हमारे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड बिण के ग्रामसभा देवत पुरचौड़ा स्थित पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए ट्रीटमेंट का कार्य कराया जायेगा। नैनीसैनी-देवत पुरचौडा-कुम्डार से कनारी मोटर मार्ग में सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा। चंडाक में ईको पार्क एवं स्मृति वन का निर्माण किया जायेगा। मोस्टामानू मंदिर का सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। पिथौरागढ़ के नगर क्षेत्र घण्टाकर्ण से चंडाक तक सड़क के डबल कटिंग का कार्य किया जायेगा। ग्राम हलपाटी से मोस्टामानू तक सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। नैनीसैनी एयरपोर्ट के निकट सिटी गार्डन का निर्माण कार्य किया जायेगा।
इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, डीएफओ आशुतोष सिंह, मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोरा सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
2025-26 में विभिन्न विभागों के लिए समूह-ग भर्तियों की संभावित तिथियां घोषित
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने वर्ष 2025-26 के लिए समूह-ग भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग ने विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की संभावित तिथियां और परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित किया है।
कार्यक्रम के अनुसार, वन दरोगा के 124 पदों का विज्ञापन 28 अक्तूबर 2025 को निकलेगा और इसकी लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 से होगी। वहीं, सहायक समीक्षाधिकारी और वैयक्तिक सहायक की टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा 17 नवम्बर 2025 से आयोजित की जाएगी। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सदस्य के 20 पदों के लिए साक्षात्कार 15 दिसम्बर 2025 से होंगे।
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी (विशेष शिक्षा शिक्षक) के 128 पदों का विज्ञापन 12 सितम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 18 जनवरी 2026 से होगी। विशेष तकनीकी योग्यता वाले 62 पदों का विज्ञापन 26 सितम्बर 2025 को और परीक्षा 1 फरवरी 2026 से प्रस्तावित है।
वाहन चालक के 37 पदों का विज्ञापन 15 अक्तूबर 2025 को जारी होगा, परीक्षा 22 फरवरी 2026 से होगी और वाहन चालक का प्रायोगिक परीक्षण 7 अप्रैल 2026 से आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, कृषि इंटरमीडिएट एवं स्नातक योग्यता वाले 212 पदों का विज्ञापन 31 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित होगा और परीक्षा 15 मार्च 2026 से होगी।
इसके अतिरिक्त, सहायक लेखाकार के 36 पदों का विज्ञापन 14 नवम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 29 मार्च 2026 से होगी। सामान्य समूह-ग के तहत कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक एवं अन्य 386 पदों का विज्ञापन 5 दिसम्बर 2025 को प्रकाशित होगा तथा परीक्षा 10 मई 2026 से कराई जाएगी।
आईटीआई, डिप्लोमा और डिग्री धारकों के लिए 41 पदों का विज्ञापन 24 दिसम्बर 2025 को निकलेगा और परीक्षा 31 मई 2026 से होगी। विज्ञान विषय की योग्यता वाले चार पदों के लिए विज्ञापन 7 जनवरी 2026 को और परीक्षा 7 जून 2026 को होगी। इसी तरह, स्नातक योग्यता वाले 48 पदों का विज्ञापन 21 जनवरी 2026 को जारी होगा और परीक्षा 21 जून 2026 से होगी।
टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा का अगला चरण 30 जून 2026 से शुरू होगा। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम केवल प्रस्तावित है। अपरिहार्य परिस्थितियों में रिक्तियों की संख्या और परीक्षा तिथियों में बदलाव संभव है।
सोनाक्षी सिन्हा और सुधीर बाबू की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘जटाधरा’ का दर्सक बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। फिल्म के टीजर ने पहले ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी थी, और अब नया पोस्टर सामने आने के बाद लोगों की जिज्ञासा और भी बढ़ गई है। इस बार फिल्म में एक नई कलाकार शिल्पा शिरोडकर की एंट्री हुई है, जो अपने खतरनाक और रहस्यमयी लुक के साथ नजर आ रही हैं।
शिल्पा शिरोडकर निभाएंगी ‘शोभा’ का किरदार
फिल्म के मेकर्स ने शिल्पा शिरोडकर का लुक रिलीज करते हुए उनके किरदार ‘शोभा’ के बारे में जानकारी दी। बताया गया है कि यह किरदार केवल लालच से प्रेरित नहीं है, बल्कि अपने तरीके से उसे परिभाषित करता है।
खतरनाक और रहस्यमयी लुक में शिल्पा
पोस्टर में शिल्पा काली साड़ी पहने हवन कुंड के पास बैठी नजर आ रही हैं, जहां आग के बीच उनका चेहरा डरावना अंदाज लिए हुआ है। उनके चारों ओर कई कंकालों की खोपड़ी और जलते हुए दीए देखे जा सकते हैं। उनके इस लुक से ऐसा लग रहा है कि वह किसी रहस्यमयी तंत्र या पूजा में शामिल हैं।
पौराणिक थ्रिलर के रूप में ‘जटाधरा’
‘जटाधरा’ एक पौराणिक थ्रिलर फिल्म है, जिसमें भारतीय पौराणिक कथाओं को रोमांचक दृश्यों और डार्क फैंटेसी के साथ जोड़ा गया है। पोस्टर और टीजर में त्रिशूल, गरजते बादल, भगवान शिव के भक्त और सोनाक्षी सिन्हा का क्रोधी रूप फिल्म की कहानी को और प्रभावशाली बनाता है।
जी स्टूडियोज और प्रेरणा अरोड़ा के बैनर तले निर्मित यह फिल्म वेंकट कल्याण और अभिषेक जायसवाल के निर्देशन में बनी है। इसके शानदार VFX और दृश्यावलियों को देखकर उम्मीद है कि फिल्म बड़े पर्दे पर धमाल मचाएगी। फिलहाल ‘जटाधरा’ की रिलीज डेट घोषित नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि यह साल के अंत तक सिनेमाघरों में दस्तक दे सकती है।
(साभार)
बीरगंज अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की दी चेतावनी
बीरगंज। नेपाल के बीरगंज जिले में हैजा के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पिछले हफ्ते से जिले में दर्ज किए गए मामलों में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से अधिक लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। बीरगंज जिला सीमावर्ती और लंबे समय से सूखे की समस्या से जूझ रहा है, जिसे हैजा फैलने का मुख्य कारण माना जा रहा है।
मानसून में बढ़ती हैं बीमारियां
नारायणी अस्पताल के डॉक्टर उदय नारायण सिंह के अनुसार, बीते शुक्रवार से हैजा के मरीजों की संख्या में अचानक इजाफा हुआ है। अधिकांश मरीज डायरिया की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे हैं, जिनमें कई कोलेरा संक्रमण से प्रभावित पाए गए हैं। नारायणी अस्पताल में विशेष वार्ड केवल हैजा के मरीजों के लिए बनाए गए हैं। नेपाल में मानसून के दौरान पानी और भोजन से फैलने वाली बीमारियों में हैजा सबसे गंभीर है। हर साल हजारों लोग इससे प्रभावित होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी हैजा को एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट मानता है।
हैजा की गंभीरता
हैजा एक तीव्र संक्रमणकारी बीमारी है, जो उल्टी और दस्त के कारण शरीर में गंभीर जल की कमी पैदा कर सकती है। अगर तुरंत इलाज न मिले, तो मरीज की स्थिति घातक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बीरगंज में फैली यह बीमारी 2009 में नेपाल के जाजरकोट जिले में हुई हैजा जैसी ही गंभीर स्थिति की याद दिलाती है, जब कई लोगों की मौत हुई थी।
20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को किया सम्मानित
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित राइजिंग स्टार कार्यक्रम में 20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। यह आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में किया गया था।
कार्यक्रम में देहरादून शहर के कुल 20 स्कूलों के 80 खिलाड़ी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ी पूरे समाज का आदर्श होता है और उसकी ख्याति की कोई सीमारेखा नहीं होती। खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बहुत तेजी के साथ खेल संस्कृति विकसित हो रही है और इससे यहां आने वाले समय में बड़ी संख्या में चैंपियन खिलाड़ी तैयार होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 38वें नेशनल गेम्स, अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले प्रदेश के सैकड़ो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस पर उनकी नगद इनाम धन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य होने की बावजूद अपने चैंपियन खिलाड़ियों को जितनी नगद इनाम धनराशि दे रहा है वह खिलाड़ियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी व सामान्य भर्ती में खिलाड़ियों को 4% आरक्षण के फैसले से प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर प्रो. (डा.) ज्योति छाबड़ा, कार्यकारी कुलपति एवं विभागाध्यक्ष, फैशन डिजाइन, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, डॉ. सुभाष गुप्ता, निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर), अमित गम्भीर, साहिब सबलोक सहित स्कूलों के खेल प्रशिक्षक आदि मौजूद रहे।
सुबह उठते ही अगर शरीर में जकड़न, पैरों में खिंचाव या पीठ में अकड़न महसूस होती है, तो यह केवल नींद की वजह नहीं बल्कि स्वास्थ्य का संकेत भी हो सकता है। अक्सर यह ब्लड सर्कुलेशन की कमी, मांसपेशियों की कमजोरी, जोड़ों की समस्या, बढ़ता वजन या उम्र के असर के कारण होता है। अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो भविष्य में आर्थराइटिस, कमर दर्द, सर्वाइकल या घुटनों की समस्या का खतरा बढ़ सकता है।
सही दिनचर्या और सरल व्यायाम से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सुबह उठते ही अचानक बिस्तर से न उठें, बल्कि पहले 2-3 मिनट आराम से बैठें, हल्की स्ट्रेचिंग करें और गहरी सांस लें। पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और नियमित योगासन से न केवल अकड़न दूर होगी, बल्कि शरीर ऊर्जावान और सक्रिय भी रहेगा।
नीचे कुछ सरल योगासन दिए गए हैं, जो सुबह की अकड़न को कम करने और जोड़ों की लचीलापन बनाए रखने में मदद करते हैं:
ताड़ासन (Mountain Pose)
सीधे खड़े हों और दोनों हाथ ऊपर उठाएं। एड़ियों को ऊपर उठाकर पंजों के बल खड़े रहें। पूरे शरीर को ऊपर की ओर खींचें और गहरी सांस लें। यह आसन पूरे शरीर में स्ट्रेच देकर अकड़न कम करता है और ऊर्जा बढ़ाता है।
पवनमुक्तासन
पीठ के बल लेट जाएं और घुटनों को मोड़कर सीने से लगाएं। दोनों हाथों से घुटनों को पकड़ें और गर्दन को उठाकर ठोड़ी को घुटनों के पास लाएं। 30 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। यह आसन कमर, पीठ और पैरों की अकड़न को दूर करता है।
भुजंगासन (Cobra Pose)
पेट के बल लेटें और हथेलियों को कंधों के पास रखें। सांस भरते हुए सिर और सीने को ऊपर उठाएं। नाभि तक शरीर उठाकर 15–20 सेकंड रुकें। यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है और पीठ की जकड़न को कम करता है।
वज्रासन
घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठें। रीढ़ को सीधा रखें और हथेलियों को जांघों पर रखें। 2-5 मिनट तक इसी स्थिति में बैठें। यह आसन पैरों और घुटनों की नसों को आराम देता है और शरीर को स्थिरता प्रदान करता है।
(साभार)
हल्द्वानी: उत्तराखंड के हल्द्वानी क्षेत्र में एक स्कूल बस के पलटने की खबर से हड़कंप मच गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, बस में लगभग 30 बच्चे सवार थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया।
हादसे के कारणों का अभी तक आधिकारिक रूप से पता नहीं चल पाया है।
मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस सेवा और पुलिस को सूचना दी। प्रशासन द्वारा घायलों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है।
रोजाना दो उड़ानों में 20 श्रद्धालु करेंगे हवाई धाम यात्रा
देहरादून। बरसात का मौसम खत्म होते ही एक बार फिर श्रद्धालुओं के लिए हवाई मार्ग से धाम यात्रा शुरू होने जा रही है। जौलीग्रांट हेलिपैड से 15 सितंबर से एमआई-17 हेलीकॉप्टर नियमित उड़ानें संचालित करेगा। प्रतिदिन दो उड़ानों की व्यवस्था की गई है, जिनमें हर बार 20 श्रद्धालु जौलीग्रांट से दो धामों के लिए रवाना होंगे।
गौरतलब है कि रुद्राक्ष एविएशन कंपनी ने इस यात्रा सीजन में 3 मई से ही दो धामों के लिए हेलिकॉप्टर सेवाएं शुरू की थीं, लेकिन 18 जून से बरसात के कारण उड़ानें रोक दी गई थीं। अब मौसम सामान्य होने के बाद दोबारा सेवाएं बहाल की जा रही हैं।
कंपनी अधिकारियों के अनुसार, इस बार दीपावली पहले आने से धामों के कपाट भी जल्दी बंद हो जाएंगे। ऐसे में उड़ान सेवाएं 18 अक्तूबर तक ही संचालित होंगी। श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह है और यही वजह है कि कंपनी लगातार तीसरे साल यह सुविधा उपलब्ध करा रही है।
यात्रा का किराया पहले की तरह ही रहेगा—जौलीग्रांट से दो धामों की एकतरफा यात्रा के लिए प्रति श्रद्धालु 1 लाख 25 हजार रुपये (उसी दिन वापसी) और 1 लाख 35 हजार रुपये (रात्रि विश्राम के साथ) तय किया गया है। बुकिंग की प्रक्रिया ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू हो चुकी है।
— राज शाह, ऑपरेशन मैनेजर, रुद्राक्ष एविएशन