प्रति लीटर 2 रुपये से ज्यादा बढ़ी कीमत
नई दिल्ली। देश में प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 20 मार्च 2026 से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के तहत प्रति लीटर करीब 2 से 2.30 रुपये तक का इजाफा किया गया है, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद ‘स्पीड’ और ‘पावर’ जैसे हाई-परफॉर्मेंस ईंधन की कीमत बढ़कर 113 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर Hindustan Petroleum Corporation Limited के ‘पावर पेट्रोल’ और Indian Oil Corporation Limited के ‘XP95’ जैसे ब्रांडेड ईंधनों पर पड़ा है। ये प्रीमियम फ्यूल मुख्य रूप से बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और अधिक माइलेज के लिए उपयोग किए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल इस वृद्धि को केवल प्रीमियम पेट्रोल तक सीमित रखा है, जिससे सामान्य पेट्रोल उपयोग करने वाले बड़े वर्ग पर सीधा असर नहीं पड़ा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर और दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी
उत्तरकाशी। उत्तराखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। हर्षिल घाटी में शुक्रवार सुबह से हो रही लगातार बर्फबारी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। भारी हिमपात के चलते गंगोत्री हाईवे सुक्की टॉप के पास बंद हो गया है, जिससे हर्षिल क्षेत्र के सात गांवों सहित गंगोत्री धाम और अंतरराष्ट्रीय सीमा का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है।
लगातार हो रही बर्फबारी के कारण हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। सीमा सड़क संगठन (BRO) के अनुसार, मौसम साफ होते ही मार्ग को खोलने के लिए राहत कार्य शुरू किया जाएगा। वहीं बदरीनाथ धाम में भी करीब दो फीट तक बर्फ जम चुकी है, जिससे तीर्थ क्षेत्र पूरी तरह बर्फ की चादर में ढक गया है।
मौसम विभाग ने प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की है। साथ ही 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है। इसका असर मैदानी इलाकों में भी देखने को मिल सकता है, जहां तेज बारिश और आंधी-तूफान के आसार हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, देहरादून समेत उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अन्य जिलों में येलो अलर्ट लागू है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख बना रहने की संभावना है और 25 मार्च तक प्रदेशभर में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है।
नई दिल्ली। भारत को खेल जगत में एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी मिली है। वर्ल्ड एथलेटिक्स ने वर्ष 2028 की वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी भारत को सौंपी है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित की जाएगी।
यह निर्णय पोलैंड के टोरून में आयोजित विश्व एथलेटिक्स काउंसिल की बैठक में लिया गया। इस उपलब्धि के साथ भारत वैश्विक खेल आयोजनों की मेजबानी के क्षेत्र में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरा है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने इस साल की शुरुआत में इसके लिए औपचारिक दावेदारी पेश की थी, जिसके बाद निरीक्षण टीम ने भुवनेश्वर स्थित कलिंगा स्टेडियम के अत्याधुनिक इंडोर सुविधाओं का दौरा किया था।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि 2028 में पूरी दुनिया की नजरें भुवनेश्वर पर होंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत न केवल खेलों में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, बल्कि बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह आयोजन देश के खेल बुनियादी ढांचे और वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
एक समान हो सभी का गैस सिलिंडर बुकिंग- ऋतु खण्डूडी भूषण
कोटद्वार। कोटद्वार क्षेत्र में गैस सिलेंडर रिफिल में हो रही देरी को लेकर आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वर्तमान में शहरी क्षेत्रों में गैस सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग 25 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर हो रही है, जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है।
इस समस्या का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार से फोन पर वार्ता कर स्थिति की जानकारी ली और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोटद्वार नगर निगम क्षेत्र है, इसलिए यहां एक समान गैस सिलेंडर की बुकिंग 25 दिनों के भीतर सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही अधिकारियों को व्यवस्था में सुधार लाने और आम जनता को राहत देने के लिए प्रभावी कदम उठाने को कहा।
ऋतु खण्डूडी भूषण ने यह भी कहा कि गैस जैसी आवश्यक सेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जनता की सुविधा सर्वोपरि है।
मुख्यमंत्री धामी ने वाराही धाम, देवीधुरा में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से किया संबोधित
मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है- धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास से वाराही धाम, देवीधुरा (चंपावत) में आयोजित मंदिर के नव-निर्माण कार्य के शिलान्यास कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वाराही धाम के नव-निर्माण कार्यों का शुभारम्भ होना सभी के लिए सौभाग्य का क्षण है।
उन्होंने कहा कि मां वाराही का यह प्राचीन धाम सदियों से श्रद्धा, आस्था और शक्ति का केंद्र रहा है। यहां आयोजित होने वाला बग्वाल मेला वीरता, परंपरा और सामूहिक आस्था का अद्भुत संगम है, जिसे राज्य सरकार ने राजकीय मेला घोषित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिर के नव-निर्माण से इसे और अधिक भव्य एवं आकर्षक स्वरूप मिलेगा और यह धाम आस्था के साथ विकास और समृद्धि का भी प्रतीक बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के चारधाम, शक्तिपीठ, सिद्धपीठ और अन्य मंदिर हमारी सनातन परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के जीवंत प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास के साथ धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण व पुनरुत्थान का कार्य भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को भव्य रूप देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि यह देवभूमि देवताओं की भूमि है और सरकार इसकी आध्यात्मिक विरासत को दिव्य, भव्य और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। केदारखंड के साथ ही मानसखंड के पौराणिक मंदिरों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। चंपावत के बालेश्वर मंदिर, पाताल रुद्रेश्वर मंदिर, मां रणकोची मंदिर और मां पूर्णागिरी मंदिर के पुनर्विकास कार्य भी प्रगति पर हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चंपावत क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए शारदा कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। 179 करोड़ रुपये की लागत से शारदा घाट के पुनर्विकास का शिलान्यास किया गया है, जबकि लगभग 430 करोड़ रुपये की लागत से गोल्ज्यू कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में कार्य जारी है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में खेल और शिक्षा के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। लोहाघाट के छमनिया में 10 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक और लगभग 257 करोड़ रुपये की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का निर्माण किया जा रहा है। राजीव गांधी नवोदय विद्यालय में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से भवन और छात्रावास का निर्माण कार्य जारी है।
सड़क संपर्क को मजबूत करने के लिए रीठा साहिब क्षेत्र में लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से सड़क नवीनीकरण कार्य पूरा किया जा चुका है। शहीद शिरोमणी चिल्कोटी मोटर मार्ग का सुधार कार्य भी तेजी से चल रहा है। लोहाघाट में फायर स्टेशन के प्रशासनिक भवन का निर्माण और देवीधुरा में पुलिस चौकी का निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में डीबीटी के माध्यम से पारदर्शिता के साथ योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंच रहा है।
इस अवसर पर गोविंद सामंत, लक्ष्मण सिंह लमगड़िया, हीरा बल्लभ जोशी, निर्मल माहरा, श्याम नारायण पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने धामी कैबिनेट के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्रियों को शुभकामनाएं देते हुए इसे प्रदेश के विकास के लिए अहम कदम बताया।
उन्होंने कहा कि नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण के साथ ही उत्तराखंड में जनकल्याण और विकास के संकल्प को और मजबूती मिली है। सतपाल महाराज ने भीमताल से राम सिंह कैड़ा, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, राजपुर रोड (देहरादून) से खजान दास और रुद्रप्रयाग से भरत सिंह चौधरी को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी।
उन्होंने विश्वास जताया कि सभी नए मंत्री लोकहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम करेंगे और जनसेवा के प्रति उनका समर्पण प्रदेश के विकास कार्यों को नई दिशा और ऊंचाई देगा। साथ ही उन्होंने सभी मंत्रियों के सफल कार्यकाल और उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
चैत्र नवरात्रि के दौरान जहां एक ओर भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं, वहीं खान-पान में भी खास बदलाव देखने को मिलता है। व्रत के दिनों में कुट्टू के आटे से बनी पूड़ी, पकौड़ी और पराठे लोगों की पहली पसंद बन जाते हैं। पोषक तत्वों से भरपूर और ग्लूटेन-फ्री होने के कारण इसे हेल्दी विकल्प माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो इसका अधिक या गलत सेवन सेहत के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुट्टू का आटा हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता। खासकर कुछ लोगों को इसे खाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं किन लोगों को कुट्टू के आटे का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए और व्रत के दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
कमजोर पाचन वाले लोगों को सावधानी
कुट्टू का आटा फाइबर से भरपूर होता है, लेकिन जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उनके लिए यह भारी पड़ सकता है। ज्यादा सेवन से गैस, पेट फूलना, एसिडिटी या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में हल्के और कम तले हुए रूप में इसका सेवन करना बेहतर माना जाता है।
लो ब्लड प्रेशर वालों के लिए जोखिम
विशेषज्ञ बताते हैं कि कुट्टू का आटा शरीर में ब्लड फ्लो को प्रभावित कर सकता है। लो बीपी के मरीजों को इसका ज्यादा सेवन करने पर चक्कर, कमजोरी या थकान महसूस हो सकती है। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डायबिटीज मरीजों को मात्रा पर ध्यान
कुट्टू का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, लेकिन जब इसे ज्यादा तेल में तलकर खाया जाता है, तो यह ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकता है। डायबिटीज के मरीजों को इसे रोटी, चीला या उबले रूप में सीमित मात्रा में ही लेना चाहिए।
तली-भुनी चीजों से बढ़ सकता है खतरा
व्रत के दौरान कुट्टू के आटे से बनी तली हुई चीजों का ज्यादा सेवन कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के साथ-साथ वजन और दिल से जुड़ी समस्याओं को भी बढ़ा सकता है। खासकर हार्ट पेशेंट और मोटापे से जूझ रहे लोगों को इससे बचना चाहिए।
संतुलित आहार है जरूरी
विशेषज्ञों की सलाह है कि व्रत के दौरान सिर्फ एक ही तरह का भोजन बार-बार न खाएं। फल, दूध, दही, मेवे और हल्का आहार शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और कमजोरी से भी बचाव होता है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न स्वास्थ्य विशेषज्ञों और मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार की गई है।
(साभार)
केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन
देहरादून। उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित चारधाम यात्रा 2026 को लेकर श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ही पंजीकरण के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे इस वर्ष रिकॉर्ड संख्या में यात्रियों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
जारी आधिकारिक डेली बुलेटिन के अनुसार अब तक कुल 7.19 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। धामवार आंकड़ों पर नजर डालें तो केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 2.40 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसके बाद बद्रीनाथ धाम के लिए 2.12 लाख से अधिक, गंगोत्री धाम के लिए 1.34 लाख और यमुनोत्री धाम के लिए 1.31 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण कर चुके हैं। इसके अलावा हेमकुंड साहिब के लिए भी 1,150 श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन कराया है।
इस बार पंजीकरण प्रक्रिया में डिजिटल प्लेटफॉर्म का वर्चस्व साफ नजर आ रहा है। अधिकांश श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन माध्यम से पंजीकरण कराया है, जबकि गुरुवार को हरिद्वार, ऋषिकेश, नयागांव और हर्बर्टपुर स्थित ऑफलाइन केंद्रों पर एक भी नया पंजीकरण दर्ज नहीं हुआ। इससे ऑनलाइन सुविधाओं के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास स्पष्ट होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार बेहतर सड़क नेटवर्क, मजबूत संचार व्यवस्था और आसान ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के कारण चारधाम यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हो गई है। वहीं सरकार द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार और व्यापक प्रचार-प्रसार का भी सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है।
आने वाले दिनों में पंजीकरण संख्या में और बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में प्रशासन के सामने यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और व्यवस्थाओं को और सुदृढ़ बनाने की चुनौती भी बढ़ती जा रही है।
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म के साथ ही मेकर्स ने इमोशनल टच देते हुए नया गाना ‘फिर से’ भी जारी किया है, जिसे अरिजीत सिंह की आवाज ने खास बना दिया है। दर्शकों से फिल्म और गाने दोनों को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है।
निर्देशक आदित्य धर की जासूसी और एक्शन से भरपूर फिल्म धुरंधर 2 ने पहले ही दिन दर्शकों का दिल जीत लिया है। रिलीज के दिन फिल्म का नया गाना ‘फिर से नैना’ लॉन्च किया गया, जो भावनाओं से भरपूर है। इस गाने को अरिजीत सिंह ने अपनी मधुर आवाज दी है, जबकि संगीत शाश्वत सचदेव का है और बोल इरशाद कामिल ने लिखे हैं।
गाने की कहानी लंबे समय बाद अपनों से मिलने की खुशी और जुदाई के दर्द को बखूबी दर्शाती है, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया है। सोशल मीडिया और यूट्यूब पर फैंस इस गाने की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई दर्शकों का कहना है कि यह गाना फिल्म के सबसे असरदार पलों में से एक है।
वहीं, अरिजीत सिंह के इस गाने को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में पार्श्व गायन से दूरी बनाने की बात कही थी। ऐसे में उनका नया गाना फैंस के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है।
फिल्म की कहानी जासूसी और बदले पर आधारित है, जिसमें रणवीर सिंह जसकीरत सिंह रांगी नाम के जासूस की भूमिका निभा रहे हैं, जो दुश्मनों के बीच ‘हमजा अली मजारी’ बनकर एक खतरनाक मिशन को अंजाम देता है। फिल्म में उनके साथ सारा अर्जुन, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं।
(साभार)
धामी मंत्रिमंडल में अब 12 मंत्री
शपथ लेने वालों में मदन कौशिक, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा और खजान दास शामिल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए पांच नए मंत्रियों को शामिल किया है। शुक्रवार सुबह देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने सभी विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में मदन कौशिक, भरत चौधरी, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा और खजान दास शामिल हैं।
कैबिनेट विस्तार के बाद अब धामी मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 12 हो गई है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यह विस्तार राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सरकार ने इस फैसले के जरिए क्षेत्रीय, जातीय और सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है। उल्लेखनीय है कि 2022 में सरकार गठन के बाद से ही कई मंत्री पद खाली थे। इसके बाद 2023 में परिवहन मंत्री चंदन रामदास के निधन और 2025 में वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्त पदों की संख्या बढ़ गई थी।
अब इन पदों को भरते हुए सरकार ने संगठन और शासन दोनों को मजबूत करने का संकेत दिया है। रुद्रप्रयाग से भरत चौधरी, रुड़की से प्रदीप बत्रा, हरिद्वार से मदन कौशिक, राजपुर से खजान दास और भीमताल से राम सिंह कैड़ा को मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि ये नए मंत्री आगामी चुनावों से पहले सरकार की छवि और कार्यशैली को कितना मजबूती दे पाते हैं।
