मंदिरों के कपाट रहेंगे बंद
देहरादून। आगामी 3 मार्च 2026 को होली के अवसर पर वर्ष का पहला चंद्रग्रहण लगने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह खग्रास (पूर्ण) चंद्रग्रहण होगा, जो सिंह राशि और पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा। भारतीय समयानुसार इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से प्रारंभ हो जाएगा।
आचार्य डॉ. सुशांत राज के अनुसार चंद्रग्रहण दोपहर 3:20 बजे शुरू होकर शाम 6:47 बजे तक रहेगा, जिसकी कुल अवधि लगभग 3 घंटे 27 मिनट होगी। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक लगने के साथ ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे और सभी प्रकार के मांगलिक कार्यों पर रोक रहेगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण समाप्ति और चंद्र दर्शन के बाद ही पूजा-पाठ एवं अन्य धार्मिक कार्य किए जाने चाहिए। कई मंदिरों में इसे लेकर पूर्व सूचना भी जारी कर दी गई है।
ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि यह ग्रहण विभिन्न प्राकृतिक और सामाजिक प्रभाव भी डाल सकता है। इसके चलते मौसम में बदलाव, अग्निकांड की घटनाओं में वृद्धि, आर्थिक गतिविधियों पर असर और खाद्य पदार्थों की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी संभावनाएं जताई गई हैं।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सूतक काल को ग्रहण से पहले का वह समय माना जाता है, जब सूर्य और चंद्रमा से निकलने वाली किरणों में बदलाव होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इस पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का रंग लाल दिखाई दे सकता है, जिसे आम भाषा में “ब्लड मून” भी कहा जाता है।
राज्य सरकार विकास के साथ‑साथ विरासत को भी आगे बढ़ा रही- मुख्यमंत्री
हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹ 147 करोड़ 28.56 लाख की 40 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिसमें 72 करोड़ 38 लाख की लागत से 23 योजनाओं का लोकार्पण तथा 74 करोड 90 लाख 56 हजार की लागत से 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकार्पण एवं शिलान्यास की गई योजनाओं से नैनीताल जिला विकास की नई रफ्तार से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विकसित उत्तराखंड बनाने की ओर तीव्रता से कार्य कर रही है। राज्य प्रत्येक क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। राज्य सरकार द्वारा लिए गए कई ऐतिहासिक निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ‑साथ विरासत को भी आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र लक्ष्य उत्तराखंड को आगे बढ़ाना है, जिस पर हम संकल्पित होकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त नकल‑विरोधी कानून, धर्मांतरण कानून जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा कि राज्य की संस्कृति, विरासत और पवित्रता से किसी को भी खिलवाड़ नहीं करने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने शिप्रा नदी में 30 मीटर स्पान के मोटर पुल, राजकीय औद्योगिक संस्थान हल्द्वानी में टैक्नोलॉजी लैब, कोटाबाग में नलकूप निर्माण, महादेवपुरम व झलुवाझाला नलकूप, बेलपोखरा नलकूप तथा बैलपडाव में सिंचाई नलकूप का लोकार्पण के साथ‑साथ महिला महाविद्यालय में लैब निर्माण, लालकुआ में नलकूपों पर स्टैबलाइज़र एवं जलजीवन मिशन के अंतर्गत 14 पेयजल योजनाओं — हरिपुर लच्छी, कालूपुर पोखरिया, जीतपुर रैक्वाल, देवलातल्ला, भवानसिंह नवाड़, बसन्तपुर, किशनपुर रैक्वाल, चोरगलिया आमखेड़ा, जयराम परमा, हल्दूचौड़ जग्गी, भवानीपुर कृष्णा, पाडलीपुर, भगवानपुर दुर्गापुर, बकुटिया पेयजल योजना — के साथ‑साथ पशु चिकित्सालय रामगढ़ में भवन निर्माण सहित 23 विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया।
मुख्यमंत्री ने जिन 16 योजनाओं का शिलान्यास किया, उनमें कसियालेख से धारी मोटर मार्ग, रानीबाग‑खुटानी, चाफी‑पदमपुरी‑धानाचुली, मोतियापाथर‑शहरफाटक मार्ग सुधारीकरण, नैनीताल के अनावासीय भवन निर्माण, भेंटी‑दियारी‑खोली मोटर मार्ग, नशा मुक्ति केंद्र पाण्डे नवाड़ मरम्मत एवं कार्य, नवाबी रोड सीवरेज कार्य, सीवरेज 28 एमएलडी एसटीपी निर्माण, नारीमन तिराहे से गौलापुर तक सड़क मरम्मत, देवरामपुर‑गौलागेट सड़क सुधारीकरण, हल्दूचौड़‑गौलारोड डीबीएमसी कार्य, चांदनी चौक‑घुड़दौड़ तक मार्ग सुधारीकरण, पीपल पोखरा में राइज़िंग स्टेशन, हिम्मतपुर‑बैजनाथ पीसी कार्य, वृन्दावन विहार एवं चांदनी चौक में पीसी नवनिर्माण, गुसाईपुर में सड़क सुधारीकरण एवं पनचक्की‑चौफुला‑कठघरिया नहर कवरिंग कार्य शामिल हैं।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अनुपालन में विशेष योजनांतर्गत सहायता (एसपीए) कार्यक्रम में स्वीकृत हल्द्वानी‑काठगोदाम श्रोत एवं ट्रीटमेन्ट संवर्धन पेयजल योजना कार्य, जिसकी लागत कुल 15443 लाख रुपये है, का भी भूमि पूजन किया गया।
इस अवसर पर सांसद अजय भट्ट, अध्यक्ष जिला पंचायत दीपा दरमवाल, विधायक लालकुआं मोहन सिंह बिष्ट, विधायक राम सिंह कैड़ा, नैनीताल की श्रीमती सरिता आर्या, नैनीताल दायित्वधारी अनिल कपूर डब्बू, दिनेश आर्य, शंकर कोरंगा, नवीन लाल वर्मा, दीपक महरा, रेनू अधिकारी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप बिष्ट सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, कुमाऊँ आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी. सी. एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
जयराम रमेश ने कहा- ट्रंप का यह रुख पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष समर्थन देने जैसा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक
नई दिल्ली। अमेरिका की राजनीति से जुड़े हालिया बयान ने भारत की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान की तारीफ और अफगानिस्तान से जुड़े मुद्दों पर उसके समर्थन की बात कहे जाने के बाद, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री पर कड़ा हमला बोला है।
कांग्रेस ने इस पूरे घटनाक्रम को भारत की विदेश नीति के लिए झटका बताते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की कूटनीतिक स्थिति पर सवाल खड़े होते हैं। कांग्रेस के संचार प्रभारी जयराम रमेश ने बयान जारी कर कहा कि ट्रंप का यह रुख पाकिस्तान को अप्रत्यक्ष समर्थन देने जैसा है, जो क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार की कूटनीति अपेक्षित परिणाम देने में असफल रही है। उनके अनुसार, आर्थिक समझौतों में भारत को अपेक्षित लाभ नहीं मिला, जबकि अमेरिका को अधिक फायदे मिले हैं। साथ ही, हाल के व्यापारिक फैसलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाना भी इसी असंतुलन को दर्शाता है।
रणनीतिक मोर्चे पर भी कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को मजबूत करने के बजाय, कुछ बयानों और घटनाओं ने भारत-पाकिस्तान को एक ही नजरिये से देखने की धारणा को बढ़ावा दिया है।
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान के साथ अपने अच्छे संबंधों का जिक्र किया और वहां के नेतृत्व की सराहना की। इस बयान के बाद भारत में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और केंद्र सरकार की विदेश नीति को लेकर बहस एक बार फिर चर्चा में आ गई है।
“खटीमा मेरा घर है” और खटीमावासी मेरा परिवार – होली समारोह में भावुक हुए मुख्यमंत्री धामी
खटीमा। सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर जनसमुदाय के साथ उत्सव की खुशियां साझा कीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के सशक्त आधार हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव, समरसता और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, “खटीमा मेरा घर है और खटीमावासी मेरा परिवार है। अपने परिवारजनों के बीच आकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने मातृशक्ति को नमन करते हुए कहा कि महिला शक्ति के बिना कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो सकता। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा इसी दिशा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू की गई है।
उन्होंने कहा कि खटीमा सर्वधर्म समभाव का प्रतीक है और ‘मिनी इंडिया’ के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। यहां सभी धर्मों, समुदायों और संगठनों के लोग प्रेम, एकता और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी पर्वों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिक परिवेश के बीच भी खटीमा में पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना अत्यंत सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि हम सब मिलकर खटीमा, प्रदेश और देश की उन्नति के लिए कार्य करें तथा प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपना योगदान दें। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया तथा समस्त प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री मंजीत सिंह, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, महासचिव रमेश चंद्र जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, गम्भीर सिंह धामी, सतीश भट्ट, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
नवजात शिशुओं की मालिश को लेकर हमारे समाज में कई तरह की मान्यताएं प्रचलित हैं। अक्सर यह माना जाता है कि नियमित मालिश से बच्चा ज्यादा मजबूत, हेल्दी और तेजी से विकसित होता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इन धारणाओं में पूरी सच्चाई नहीं है। प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. माधवी भारद्वाज ने हाल ही में इस विषय पर जागरूकता बढ़ाते हुए बताया कि मालिश के फायदे अलग हैं और उससे जुड़ी कई मान्यताएं गलतफहमी पर आधारित हैं।
डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे की मालिश का असली उद्देश्य उसके साथ भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना, आंखों के संपर्क के जरिए संवाद बनाना और त्वचा को पोषण देना होता है। कई बार लोग बहुत तेज या ज्यादा दबाव के साथ मालिश करते हैं, जिससे बच्चे को नुकसान भी हो सकता है। इसलिए हल्के हाथों से और सही तरीके से मालिश करना जरूरी है।
विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि मालिश का बच्चे की हड्डियों की मजबूती या मांसपेशियों के विकास पर सीधा असर नहीं पड़ता। यानी यह सोच गलत है कि मालिश न करने से बच्चा कमजोर रह जाएगा।
क्या मालिश से सिर का आकार बदल सकता है?
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के सिर का आकार मालिश या विशेष तकिए से नहीं बदलता। इसके लिए बच्चे की पोजिशन समय-समय पर बदलना ज्यादा प्रभावी होता है। सिर पर दबाव डालना सुरक्षित नहीं होता।
क्या मालिश से बच्चा जल्दी चलना या रेंगना सीखता है?
मालिश का बच्चे के विकास के पड़ावों जैसे बैठना, रेंगना या चलना सीखने से सीधा संबंध नहीं है। ये चीजें मुख्य रूप से जेनेटिक्स और बच्चे को मिलने वाले अवसरों पर निर्भर करती हैं। अगर बच्चे को पर्याप्त मूवमेंट का मौका नहीं मिलता, तो उसका विकास धीमा हो सकता है।
क्या मालिश से वजन बढ़ता है या पैर सीधे होते हैं?
डॉ. माधवी के अनुसार, बच्चे का वजन उसके आनुवंशिक गुणों पर निर्भर करता है, न कि मालिश पर। जन्म के समय बच्चों के पैर हल्के मुड़े हुए होते हैं, जो समय के साथ खुद ही सीधे हो जाते हैं। इसमें मालिश की कोई भूमिका नहीं होती।
तो क्या मालिश जरूरी नहीं है?
मालिश को पूरी तरह नजरअंदाज करना भी सही नहीं है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे माता-पिता और बच्चे के बीच जुड़ाव मजबूत होता है। साथ ही बच्चा रिलैक्स महसूस करता है, उसकी त्वचा स्वस्थ रहती है और वह धीरे-धीरे अपने शरीर को मूव करना भी सीखता है।
अंत में यह समझना जरूरी है कि मालिश को चमत्कारिक उपाय की तरह न देखें। यह बच्चे की देखभाल का एक हिस्सा है, लेकिन उसका संपूर्ण विकास प्राकृतिक प्रक्रियाओं और सही माहौल पर ही निर्भर करता है।
(साभार)
लोक निर्माण सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने राजमार्ग संख्या-34 पर चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया
उत्तरकाशी। लोक निर्माण सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने चारधाम यात्रा के मद्देनजर उत्तरकाशी-भटवाड़ी-हर्षिल-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 पर चल रहे निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान सचिव ने बीआरओ अधिकारियों को निर्देश दिए कि 15 अप्रैल 2026 तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-34 को पूर्ण रूप से दुरुस्त कर लिया जाए।
उन्होंने यात्रा मार्ग से मलबा हटाने, डेंजर और लैंडस्लाइड जोन में आवश्यकतानुसार कटिंग कर सड़क की चौड़ाई बढ़ाने तथा हॉट मिक्स कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुचारु रहे।
सचिव ने स्वाड़ी-गाड में निर्माणाधीन 85 मीटर स्पान स्टील सेतु के कार्य में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व स्टील गर्डर सेतु की लॉन्चिंग, डेक स्लैब का निर्माण तथा एप्रोच रोड का कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का संकल्प है कि चारधाम यात्रा से संबंधित सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से पूरे हों।
डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने मुखवा से धराली तक पैदल मार्ग एवं पैदल सेतु का भी निरीक्षण किया। धराली क्षेत्र में हाल की दैवीय आपदा से क्षतिग्रस्त पैदल सेतु की मरम्मत कार्य प्रारंभ न होने तथा धराली और हर्षिल के बीच दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय राजमार्ग के पुनर्निर्माण कार्य शुरू न होने पर उन्होंने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करें, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
बीआरओ और विभागीय अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि चारधाम यात्रा प्रारंभ होने से पूर्व संबंधित स्थलों पर हॉट मिक्स कार्य कर सड़क की राइडिंग क्वालिटी में आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान इं. रणजीत सिंह, इं. विजय कुमार, इं. नवीन लाल, इं. कैलाश चंद्र नौटियाल, मेजर संतोष कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने लोहाघाट में काली कुमाऊँ होली महोत्सव में की सहभागिता
होली महोत्सव में दिखी लोकसंस्कृति की झलक
लोहाघाट। रामलीला मैदान में आयोजित काली कुमाऊँ होली रंग महोत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सहभागिता कर उपस्थित जनसमूह को होली की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली गायन के साथ जनसमूह के साथ होली गायन में प्रतिभाग किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, परंपराएं और पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान के आधार स्तंभ हैं और चम्पावत के काली कुमाऊँ की होली अपनी विशिष्ट और पारम्परिक होली गायन के लिए विशेष स्थान रखती है।
उन्होने कहा होली समारोह जैसे आयोजन हमारी समृद्ध विरासत को संजोने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और आपसी भाईचारे का प्रतीक है। चम्पावत में आधुनिक परिवेश के बीच भी पारंपरिक संस्कृति को जीवंत बनाए रखना सराहनीय है।
मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे महोत्सव सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ होली खेलकर उत्सव की खुशियों को साझा किया और सभी प्रदेशवासियों को सुख, शांति और समृद्धि से परिपूर्ण होली की मंगलकामनाएं दीं।
इस दौरानसांसद (लोकसभा) एवं भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के राज्य मंत्री अजय टम्टा, विधायक लोहाघाट खुशाल सिंह अधिकारी, दर्जा मंत्री श्याम नारायण पांडे, जिला पंचयात अध्यक्ष आनंद अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, प्रेमा पांडे, सहित मुकेश कलखुड़िया, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, निर्मल महरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विवादों के लंबे दौर के बाद आखिरकार शुक्रवार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। रिलीज के साथ ही फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता देखी गई।
ओपनिंग डे पर कैसा रहा प्रदर्शन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘द केरल स्टोरी 2’ ने पहले दिन करीब 3.50 करोड़ रुपये की कमाई के साथ अपनी शुरुआत की है। हालांकि शुरुआती आंकड़े हैं और वीकेंड के दौरान इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। फिल्म के निर्माताओं का कहना है कि इसकी कहानी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है।
पहले पार्ट से तुलना में कमजोर शुरुआत
अगर पहले भाग से तुलना करें तो ‘द केरल स्टोरी 2’ की शुरुआत थोड़ी धीमी रही। साल 2023 में रिलीज हुई ‘द केरल स्टोरी’ ने पहले दिन लगभग 8.03 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। ऐसे में सीक्वल की ओपनिंग कमाई लगभग आधी रही, जिससे साफ है कि यह पहले दिन के मामले में पीछे रह गई।
क्या है फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी रिश्तों में विश्वासघात और कथित धर्म परिवर्तन जैसे संवेदनशील मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। इसमें अलग-अलग राज्यों की युवतियों की कहानी दिखाई गई है, जो अपने सपनों को पूरा करने निकलती हैं, लेकिन परिस्थितियों और रिश्तों के चलते उनकी जिंदगी में बड़ा बदलाव आ जाता है। फिल्म में उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। निर्देशन कामाख्या नारायण सिंह ने किया है।
बॉक्स ऑफिस पर किन फिल्मों से टक्कर?
सिनेमाघरों में इस समय कई अन्य फिल्में भी लगी हुई हैं, जिनसे ‘द केरल स्टोरी 2’ को कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। तापसी पन्नू की फिल्म ‘अस्सी’ और शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ पहले से ही थिएटर में मौजूद हैं। जहां ‘अस्सी’ ने अपने आठवें दिन करीब 42 लाख रुपये कमाए, वहीं ‘ओ रोमियो’ ने 15वें दिन लगभग 87 लाख रुपये का कलेक्शन किया। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘द केरल स्टोरी 2’ बॉक्स ऑफिस पर कितनी मजबूती से टिक पाती है।
(साभार)
शिविर में त्वरित सेवाः 05 आधार कार्ड अपडेट, 07 आयुष्मान कार्ड, 05 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई दिशा, रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफार्म से सशक्त भारत की ओर बढ़ते कदम- सांसद
विकसित भारत- गांरटी मिशन, सशक्त गांव, सुरक्षित रोजगार
शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ, 159 स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क औषधि वितरण
देहरादून। जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत सांसद नरेश बंसल की अध्यक्षता में सहसपुर ब्लाक स्थित सांसद आदर्श ग्राम हरियावाला कलां में वृहद बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से वीबी-जी रामजी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई , ताकि अधिक से अधिक नागरिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इस दौरान सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सांसद ने शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 357 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 02 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की गई। शिविर के दौरान 05 व्यक्तियों के आधार कार्ड का अद्यतन तथा 07 लोगों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड जारी किए गए।
सांसद ने ग्राम पंचायत हरियावाला कलां में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम बनाने के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के अंतर्गत गांव में 75 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए है। इसमें पुस्ता निर्माण, नई बस्ती में तालाब की चारदीवारी, गांधी मूर्ति पर टिन शेड, हाई मास्क सोलर टावर, मिलन केंद्र की चारदीवारी, आंगनवाडी भवन निर्माण, कृषि भूमि कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, पशुवाडे, उरेडा से 10 सोलर स्ट्रीट लाइट, कृषि एवं औद्यानिक यंत्र वितरण, पॉली हाउस, सब्जी उत्पादन, मुर्गी बाडा, ओपन जिम आदि विकास कार्य शामिल है।
सांसद ने कहा कि जनता का हित सर्वाेपरि है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की नीति के साथ देश के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका नाम परिवर्तित कर “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” कर दिया गया है। योजना से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण नियमों में भी संशोधन किए गए हैं। पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत 100 कार्यदिवस निर्धारित थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 125 कार्यदिवस कर दिया गया है। फसलों की बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि कार्य हेतु पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध होंगे। साथ ही 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की सुदृढ़ एवं अनिवार्य व्यवस्था की गई है। योजना में अनियमितताओं को रोकने के लिए भी ठोस प्रावधान किए गए हैं। अब ग्राम में किए जाने वाले कार्यों का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जाएगा, जिससे ग्राम की आवश्यकताओं के अनुरूप परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके और ग्राम का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा VB—G RAM G योजना को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित में निरंतर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्य कर रही है।
सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम रूप से पहुँचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने हरियावाला कलां में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित करने के लिए सांसद का आभार व्यक्त किया।
शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 14 समस्याएं प्रस्तुत की गई, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शिविर में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मौजूद न होने पर सांसद ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए उनका स्पष्टीकरण भी तलब किया। साथ ही उन्होंने गांव में हाई टेंशन लाइन शिफ्ट करने हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गांव को जोड़ने वाली सडक के दोनों ओर बरसात के कारण पटरियों का कटान होने से वाहन क्रासिंग में हो रही समस्या पर लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। मोक्ष धाम की भूमि पर कब्जें की शिकायत पर सांसद ने एसडीएम को निर्देशित किया कि कहीं पर भी अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो उस पर त्वरित कारवाई सुनिश्चित की जाए।
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 93 तथा आयुर्वेदिक पद्धति से 66 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 05 आधार कार्ड एवं 07 आयुष्मान कार्ड मौके पर निर्गत किए गए। कृषि विभाग ने 25 तथा उद्यान विभाग ने 15 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 05 पात्र व्यक्तियों की पेंशन स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 08 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 16, डेयरी 06, सहकारिता 05, उरेडा 15, सेवायोजन 10, पशु चिकित्सा 10, विद्युत 02 तथा श्रम विभाग ने 06 लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित किया। सेवायोजन विभाग द्वारा 06 युवाओं को करियर परामर्श प्रदान किया गया।
शिविर में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिप सदस्य कंचन, ग्राम प्रधान रजनी देवी, आशु थापा, कोमल अन्य जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
आमजन को उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की सलाह, सस्ते प्लॉट के लालच से बचें, खरीद से पहले जांचें एमडीडीए की स्वीकृति
देहरादून। राजधानी देहरादून में अनियोजित शहरी विस्तार और अवैध कॉलोनियों पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में करीब 77 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चला दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने व्यापक अभियान चलाते हुए बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए की इस कार्रवाई को अवैध भूमि कारोबार पर अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियोजित शहरी विकास से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
65 बीघा में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
मारखम ग्रांट, डोईवाला क्षेत्र में गुरप्रीत एवं राजा द्वारा लगभग 65 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। निरीक्षण में पाया गया कि बिना प्राधिकरण स्वीकृति प्लॉट काटे जा रहे थे तथा कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से आंतरिक सड़कें बनाई जा चुकी थीं और प्लॉट सीमांकन भी कर दिया गया था। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध रूप से निर्मित सड़कों, सीमांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। साथ ही भविष्य में किसी भी निर्माण गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
खेरी क्षेत्र में भी 12 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
इसी क्रम में खेरी-2, संत सागर गुरुद्वारा मार्ग एवं मेजर शहीद दुर्गा मार्ग फाटक रोड क्षेत्र में अशोक पाल एवं वर्मा द्वारा लगभग 12 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी भी प्राधिकरण की कार्रवाई की जद में आई। जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति कॉलोनी विकसित की जा रही थी। एमडीडीए टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी विकास कार्यों को ध्वस्त किया तथा संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी जारी की।
आमजन को ठगी से बचाने के लिए सख्ती
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार अवैध प्लॉटिंग के मामलों में आम नागरिकों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन बेची जाती है, जिसके बाद खरीदारों को सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ लगातार प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें अवर अभियंता स्वाती कोहली, प्रवेश नौटियाल सहित प्राधिकरण की टीम मौजूद रही।
अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बिना स्वीकृति भूमि विकास करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पूर्व संबंधित लेआउट की प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में आर्थिक और कानूनी नुकसान से बचा जा सके।
लगातार हो रही मॉनिटरिंग : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी बिना अनुमति भूमि विकास या निर्माण कार्य पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं नियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है और आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।
