प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं- बंशीधर तिवारी
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध निरंतर सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने डोईवाला क्षेत्र में बड़े पैमाने पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन अधिनियम के प्रावधानों के तहत की गई। एमडीडीए द्वारा पूर्व में संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग को रोकने के निर्देश दिए गए थे, किंतु नियमों की अनदेखी जारी रहने पर यह कठोर कदम उठाया गया। प्राधिकरण का उद्देश्य अनियंत्रित विकास पर रोक लगाकर सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है। अवैध प्लॉटिंग से न केवल भविष्य की आधारभूत सुविधाओं पर दबाव पड़ता है, बल्कि आम नागरिकों को भी आर्थिक एवं कानूनी नुकसान उठाना पड़ता है। एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
ध्वस्तीकरण की गई अवैध प्लॉटिंग का विवरण
रियासत अली, मोन्टी एवं आवेद अली द्वारा कुड़कावाला मार्ग, बी.एस.एफ. कैम्प के पीछे, नकट भट्टा, डोईवाला, देहरादून में लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त दीपू रावत द्वारा झबरावाला, डोईवाला, देहरादून में लगभग 08–10 बीघा क्षेत्र में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को भी ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाती कोहली, सुपरवाइजर एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर उपस्थित रहा।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम जनता के हितों के साथ भी खिलवाड़ है। प्राधिकरण का लक्ष्य नियोजित विकास सुनिश्चित करना और नागरिकों को सुरक्षित, वैध एवं सुविधायुक्त आवासीय वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की भूमि क्रय करने से पूर्व एमडीडीए से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि यह कार्रवाई विधिसम्मत प्रक्रिया के अंतर्गत की गई है। अवैध प्लॉटिंग करने वालों को पूर्व में नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अनुपालन न होने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन कार्यवाही के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। प्राधिकरण क्षेत्र में नियमों के अनुरूप विकास सुनिश्चित करना एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
निर्माणाधीन महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का कैबिनेट मंत्री ने निरीक्षण किया
लोहाघाट/चंपावत। चंपावत जनपद के लोहाघाट में बन रहे महिला स्पोर्ट्स कॉलेज का शुक्रवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था और विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने तैयार हो चुके सिंथेटिक ट्रैक का निरीक्षण किया और उन्होंने यहां अभ्यास करने आए युवा खिलाड़ियों से भी बातचीत की। पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से अब उत्तराखंड की लड़कियां भी खेल जगत में प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
उन्होंने कहा कि इस स्पोर्ट्स कॉलेज में सभी खेल सुविधाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उन्होंने कार्यदायी संस्था के अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति की रिपोर्ट ली और उन्हें आवश्यक निर्देश दिए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में रनिंग ट्रैक (एथलेटिक ट्रैक), फुटबाल ग्राउंड एस्ट्रोटर्फ हॉकी ग्राउंड, वॉलीबाल कोर्ट, बास्केटबाल कोर्ट, तीन छात्रावास (कुल 300 बालिकाओं के लिए), स्टाफ क्वार्टर, प्रशासनिक भवन, मल्टीपर्पज हॉल, एडमिन ब्लॉक, एकेडमिक ब्लॉक, ऑडिटोरियम और गेस्ट हाउस का निर्माण किया जा रहा है।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, सुभाष बगोली, हिमेश कलखुड़िया, जिलाधिकारी मनीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, उपजिलाधिकारी नीतू डागर सहित अन्य संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
महाभियोग के बाद पूर्व राष्ट्रपति को पहली सजा
सियोल। दक्षिण कोरिया की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। एक स्थानीय अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को मार्शल लॉ से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराते हुए पांच साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला उस मामले में आया है, जिसमें यून सुक योल पर वर्ष 2024 के अंत में देश में अस्थायी रूप से मार्शल लॉ लागू करने का आरोप लगाया गया था।
सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का फैसला
सियोल के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने शुक्रवार को सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति को गिरफ्तारी से बचने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की कार्रवाई का विरोध करने का दोषी माना। यह सजा यून सुक योल के खिलाफ दर्ज आठ मामलों में से पहले मामले में सुनाई गई है।
अभियोजन ने मांगी थी 10 साल की सजा
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यून सुक योल के लिए 10 साल की जेल की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए पांच साल की सजा सुनाई। यून की कानूनी टीम ने अभियोजन की मांग को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि इसका ठोस कानूनी आधार नहीं है।
महाभियोग के बाद हुई थी गिरफ्तारी
यून सुक योल को पहले महाभियोग के जरिए राष्ट्रपति पद से हटाया गया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। उन पर आरोप है कि दिसंबर 2024 में उन्होंने सत्ता में बने रहने के इरादे से देश में मार्शल लॉ लागू किया। जांच एजेंसियों का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ था।
यून का बचाव और गंभीर आरोप
अपने बचाव में यून सुक योल ने कहा कि उनका उद्देश्य देश में सैन्य शासन लागू करना नहीं था, बल्कि जनता को यह दिखाना था कि संसद पर कुछ राजनीतिक ताकतों का प्रभाव बढ़ रहा है। हालांकि जांच में आरोप लगाए गए कि उन्होंने सत्ता का दुरुपयोग किया और विद्रोह जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया। इन गंभीर आरोपों के तहत उन्हें आगे और कड़ी सजा का भी सामना करना पड़ सकता है।
फिलहाल, सजा के एलान के बाद पूर्व राष्ट्रपति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, जबकि देश और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस फैसले को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।
पिथौरागढ़ में “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
पिथौरागढ़। जनपद पिथौरागढ़ में गुरुवार को आयोजित “जन-जन की सरकार जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सैकड़ो जन समस्याओं का समाधान किया। कार्यक्रम में अपनी अपनी समस्याएं लेकर भारी संख्या में लोग शामिल हुए।
पिथौरागढ़ के राजकीय इंटर कॉलेज सातशिलिंग में न्याय पंचायत बीसा बजेड की समस्याओं को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान लोगों ने टूटी हुई नाली और सड़क बनवाने, फसलों की सुरक्षा के लिए तार बाड लगाने, पेयजल सप्लाई नियमित करने, राशन कार्ड व अन्य सरकारी दस्तावेज बनवाने, चेक डैम बनवाने और खेल मैदान बनवाने जैसी समस्याएं व मांगे उठाई।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यक्रम में मौजूद सभी विभागों के जिला स्तर के अधिकारियों से इन समस्याओं पर जवाब तलब किया और मौके पर ही उनके निस्तारण के निर्देश दिए। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि भाजपा सरकार प्रदेश के दूरस्थ गांव में भी विकास की धारा को प्रवाहित करने के लिए प्रयासरत है । उन्होंने कहा कि इस तरह के जनसुनवाई कार्यक्रम पहले जिला और ब्लॉक स्तर या विधानसभा स्तर पर आयोजित होते थे लेकिन अब न्याय पंचायत के स्तर पर इस तरह की सुनवाई से समस्याओं के समाधान में तेजी आई है।
उन्होंने कहा कि भाजपा हमेशा से विकास की राजनीति करती आई है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत भी है।
कार्यक्रम के दौरान पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं की सहायता राशि के चेक और महालक्ष्मी किट भी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान कुल मिलाकर 683 लाभार्थियों ने अपनी समस्याओं का निराकरण कराया।
इस अवसर पर मेयर पिथौरागढ़ कल्पना देवलाल, राज्यमंत्री गणेश भंडारी, राज्यमंत्री अशोक नबियाल, जिलाधिकारी आशीष भटगई, मुख्य विकास अधिकारी डॉ दीपक सैनी, उप जिलाधिकारी मनजीत सिंह, प्रभागीय वन अधिकारी आशुतोष सिंह, पूर्व पालिका अध्यक्ष राजेंद्र रावत आदि उपस्थित रहे।
टॉप पर चल रही आरसीबी को गुजरात से मिलेगी कड़ी चुनौती
नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) में आज यानि शुक्रवार को मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है, जब अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना गुजरात जायंट्स से होगा। लगातार जीत की लय में चल रही आरसीबी जहां आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है, वहीं गुजरात जायंट्स मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार के बाद वापसी की कोशिश में मैदान पर उतरेगी।
आरसीबी ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर खुद को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर लिया है। यूपी वारियर्स के खिलाफ 144 रन का लक्ष्य बेहद कम ओवरों में हासिल कर टीम ने अपने आक्रामक तेवर दिखाए। लगातार जीत के साथ आरसीबी न सिर्फ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंची है, बल्कि उसका बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन भी हर मैच के साथ और मजबूत होता जा रहा है।
मंधाना की फॉर्म में वापसी से आरसीबी को मजबूती
आरसीबी के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान स्मृति मंधाना का लय में लौटना है। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया है। उनके साथ ग्रेस हैरिस की तेजतर्रार बल्लेबाजी ने टीम को ठोस शुरुआत दी है। मध्यक्रम में नादिने डि क्लर्क और विकेटकीपर ऋचा घोष की मौजूदगी आरसीबी की बल्लेबाजी को और खतरनाक बनाती है, जिसे रोकना गुजरात के लिए बड़ी चुनौती होगी।
गुजरात जायंट्स को चाहिए सामूहिक प्रदर्शन
गुजरात जायंट्स की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली हार को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करना चाहेगी। टीम के लिए सकारात्मक संकेत कनिका आहूजा का प्रदर्शन रहा है, जिन्होंने ऊपरी क्रम में जिम्मेदारी निभाते हुए प्रभावशाली बल्लेबाजी की है। इसके अलावा भारती फुलमाली ने भी सीमित मौकों में अपनी क्षमता दिखाई है।
हालांकि गुजरात को जीत की राह पर लौटने के लिए अपने अनुभवी खिलाड़ियों से बड़े योगदान की जरूरत होगी। बेथ मूनी, सोफी डिवाइन और कप्तान एशले गार्डनर से टीम को अहम रन की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजी विभाग में भी सुधार की दरकार है, क्योंकि पिछले मुकाबले में शीर्ष क्रम की बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में गेंदबाज नाकाम रहे थे।
दोनों टीमों के संतुलन और हालिया फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला अंक तालिका की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है, जहां आरसीबी अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी और गुजरात जायंट्स जीत के साथ वापसी की कोशिश करेगी।
मुकाबले से जुडी जानकारी –
मैच स्थल: डॉक्टर डी.वाई. पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई
समय: 7:30 PM IST (टॉस 7:00 PM)
लाइव टेलीकास्ट: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports) पर लाइव टीकाकास्ट मिलेगा।
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
गुजरात जाएंट्स: एश्ले गार्डनर (कप्तान), बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, रेणुका सिंह ठाकुर, भारती फुलमाली, तितास साधु, काशवी गौतम, कनिका आहूजा, तनुजा कंवर, जॉर्जिया वेयरहैम, अनुष्का शर्मा, हैप्पी कुमारी, किम गार्थ, यस्तिका भाटिया, शिवानी सिंह, डैनी वाट हॉज, राजेश्वरी गायकवाड़ और आयुषी सोनी।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, जॉर्जिया वोल, नादिने डि क्लर्क, राधा यादव, लॉरेन बेल, लिन्से स्मिथ, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, ग्रेस हैरिस, गौतमी नाइक, प्रत्यूशा कुमार, डी. हेमलता और सयाली सतघरे।”
‘समान कार्य–समान वेतन’ का निर्णय राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति का स्पष्ट प्रमाण- मुख्यमंत्री
देहरादून। उपनल कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर भेंट कर ‘समान कार्य–समान वेतन’ को लेकर कैबिनेट के ऐतिहासिक निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर संघ पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह फैसला लंबे समय से उपनल कर्मियों की मांग थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उपनल कर्मचारी राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
सीएम धामी ने कहा कि ‘समान कार्य–समान वेतन’ का निर्णय राज्य सरकार की कर्मचारी हितैषी नीति का स्पष्ट प्रमाण है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारियों को उनके परिश्रम और जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मान और अधिकार मिलें।
हिमालयी क्षेत्रों के लिए आपदा प्रबंधन पर ठोस रणनीति बनाने पर जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), रुड़की में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं सहनशीलता विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला में आपदा जोखिम न्यूनीकरण, आपदा-पूर्व तैयारी, प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों तथा सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन विचार-विमर्श होगा। साथ ही, तकनीकी नवाचार, अनुसंधान सहयोग एवं साझेदारी को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस रणनीतियां तैयार की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यशाला से प्राप्त सुझाव उत्तराखंड सहित संपूर्ण हिमालयी क्षेत्रों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति के कारण आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे भूकंप, भूस्खलन, बादल फटना, अतिवृष्टि, हिमस्खलन एवं वनाग्नि का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका दुष्प्रभाव वैज्ञानिक दृष्टिकोण, समयबद्ध तैयारी एवं सामूहिक प्रयासों से कम किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए 4P (Predict, Prevent, Prepare, Protect) मंत्र दिया है, उसी के आधार पर 10-सूत्रीय एजेंडा पर इसके लिए कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा-पूर्व तैयारी, एआई आधारित चेतावनी प्रणालियां, डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, ड्रोन सर्विलांस, जीआईएस मैपिंग, सैटेलाइट मॉनिटरिंग, रैपिड रिस्पॉन्स टीमें, फॉरेस्ट फायर अर्ली वार्निंग सिस्टम एवं वनाग्नि प्रबंधन कार्ययोजना पर निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग, वन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आईआईटी रुड़की के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान ने भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में अग्रणी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार आईआईटी के सहयोग से इस प्रणाली के विस्तार, भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों की मैपिंग एवं बाढ़ पूर्व चेतावनी प्रणालियों के विकास पर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संतुलन के लिए राज्य में पौधारोपण, जल संरक्षण, सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अनेक कार्य किए जा रहे हैं। जल संरक्षण तथा संवर्धन की दिशा में स्प्रिंग रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARA) द्वारा कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से सुरक्षित घरों एवं इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण पर ध्यान देने तथा अधिकारियों से सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर जोनल कॉर्डिनेटर, प्रज्ञा प्रवाह, भगवती प्रसाद राधव , निदेशक, आईआईटी रुड़की प्रो. के. के. पन्त , उपनिदेशक, आईआईटी रुड़की, प्रो. यू .पी.सिंह , प्रो.संदीप सिंह एवं विभिन्न राज्यों से आए वैज्ञानिक उपस्थित थे।
बदलती जीवनशैली और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता का असर अब आंखों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने, असंतुलित खानपान और शुगर व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के ठीक से नियंत्रित न होने के कारण आंखों की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इन समस्याओं में ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जो चुपचाप आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचाती है। यह रोग धीरे-धीरे आंखों की ऑप्टिक नर्व को प्रभावित करता है और समय रहते पहचान व इलाज न होने पर स्थायी अंधेपन का कारण भी बन सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि ग्लूकोमा दुनिया भर में अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है, लेकिन इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, जिस वजह से लोग देर से डॉक्टर तक पहुंचते हैं।
क्या है ग्लूकोमा?
ग्लूकोमा में आंखों के अंदर दबाव बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। आंखों में मौजूद तरल पदार्थ का सही तरीके से बाहर न निकल पाना इस दबाव को बढ़ा देता है। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है। इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज है, जिनके परिवार में पहले किसी को ग्लूकोमा रहा हो या जिन्हें आंखों में चोट लगी हो, उनमें इसका जोखिम अधिक होता है।
किन लक्षणों पर दें ध्यान
नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा की शुरुआत में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। लेकिन बीमारी बढ़ने पर धीरे-धीरे किनारों से दिखाई देना कम होने लगता है। आंखों में भारीपन, दर्द, सिरदर्द या रोशनी के चारों ओर घेरा नजर आना भी इसके संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
बचाव और सावधानी जरूरी
हालांकि ग्लूकोमा से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से अंधेपन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल हों, आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद है। शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना भी आंखों की रोशनी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
(साभार)
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मिठाई खिलाकर पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के निरंतर प्रयासों एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मियों के पक्ष में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से उपनल कर्मियों को समान पद–समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। अभी जिन उपनल कर्मियों की सेवाएं निरंतर 10 वर्ष पूर्ण कर लेंगे, उन्हें इस निर्णय का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। लोकभवन, उत्तराखंड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह जी से स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड की नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
भेंट के दौरान स्टेट प्रेस क्लब की ओर से राज्यपाल को लोकभवन की ओर से ब्रह्म कमल के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में स्टेट प्रेस क्लब की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
महामहिम राज्यपाल ने पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड को ओपन यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) करना चाहिए, जिससे पत्रकारों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से पत्रकारों के पेशेवर विकास के साथ-साथ उनके भविष्य को भी मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, कोषाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश पांडे तथा उपाध्यक्ष दीपिका रावत भंडारी उपस्थित रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को क्लब की गतिविधियों, पत्रकारों के हित में किए जा रहे प्रयासों एवं भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया।
भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और राज्यपाल ने भविष्य में भी पत्रकारों के कल्याण से जुड़े सकारात्मक प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया।
