शिविर में त्वरित सेवाः 05 आधार कार्ड अपडेट, 07 आयुष्मान कार्ड, 05 लोगों की पेंशन मौके पर स्वीकृत
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में विकास की नई दिशा, रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफार्म से सशक्त भारत की ओर बढ़ते कदम- सांसद
विकसित भारत- गांरटी मिशन, सशक्त गांव, सुरक्षित रोजगार
शिविर में मिला संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ, 159 स्वास्थ्य जांच, निःशुल्क औषधि वितरण
देहरादून। जन जन की सरकार, जन-जन के द्वार कार्यक्रम के अंतर्गत सांसद नरेश बंसल की अध्यक्षता में सहसपुर ब्लाक स्थित सांसद आदर्श ग्राम हरियावाला कलां में वृहद बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से वीबी-जी रामजी योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई , ताकि अधिक से अधिक नागरिक योजना का लाभ प्राप्त कर सकें। इस दौरान सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सांसद ने शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया तथा विभिन्न विभागों की योजनाओं के माध्यम से 357 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। शिविर में 02 महिलाओं को मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट तथा 10 लाभार्थियों को किशोरी किट प्रदान की गई। शिविर के दौरान 05 व्यक्तियों के आधार कार्ड का अद्यतन तथा 07 लोगों को मौके पर ही आयुष्मान कार्ड जारी किए गए।
सांसद ने ग्राम पंचायत हरियावाला कलां में सामुदायिक भवन निर्माण की घोषणा करते हुए कहा कि ग्राम पंचायत को आदर्श ग्राम बनाने के लिए विलेज डेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है। इस योजना के अंतर्गत गांव में 75 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्य स्वीकृत किए गए है। इसमें पुस्ता निर्माण, नई बस्ती में तालाब की चारदीवारी, गांधी मूर्ति पर टिन शेड, हाई मास्क सोलर टावर, मिलन केंद्र की चारदीवारी, आंगनवाडी भवन निर्माण, कृषि भूमि कटाव रोकने के लिए सुरक्षा दीवार, पशुवाडे, उरेडा से 10 सोलर स्ट्रीट लाइट, कृषि एवं औद्यानिक यंत्र वितरण, पॉली हाउस, सब्जी उत्पादन, मुर्गी बाडा, ओपन जिम आदि विकास कार्य शामिल है।
सांसद ने कहा कि जनता का हित सर्वाेपरि है तथा जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर मौके पर ही किया जाना चाहिए। उन्होंने जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान की शुरुआत के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ की नीति के साथ देश के समग्र विकास हेतु निरंतर कार्य कर रही है। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना को अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से इसका नाम परिवर्तित कर “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)” कर दिया गया है। योजना से संबंधित अनेक महत्वपूर्ण नियमों में भी संशोधन किए गए हैं। पूर्व में मनरेगा के अंतर्गत 100 कार्यदिवस निर्धारित थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 125 कार्यदिवस कर दिया गया है। फसलों की बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक योजना के अंतर्गत कार्य नहीं कराया जाएगा। इससे किसानों को कृषि कार्य हेतु पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध होंगे। साथ ही 15 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने की सुदृढ़ एवं अनिवार्य व्यवस्था की गई है। योजना में अनियमितताओं को रोकने के लिए भी ठोस प्रावधान किए गए हैं। अब ग्राम में किए जाने वाले कार्यों का चयन ग्राम सभा की खुली बैठक में किया जाएगा, जिससे ग्राम की आवश्यकताओं के अनुरूप परिसंपत्तियों का निर्माण हो सके और ग्राम का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।
सांसद ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा VB—G RAM G योजना को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के विजन को साकार करने के उद्देश्य से लागू किया गया है, जिससे पारदर्शिता एवं जवाबदेही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के नेतृत्व में प्रदेश सरकार जनहित में निरंतर सकारात्मक एवं प्रभावी कार्य कर रही है।
सहसपुर विधायक सहदेव सिंह पुंडीर ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार’ कार्यक्रम के माध्यम से पात्र नागरिकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ सरल एवं सुगम रूप से पहुँचाया जा रहा है तथा जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने हरियावाला कलां में बहुउद्देशीय शिविर आयोजित करने के लिए सांसद का आभार व्यक्त किया।
शिविर में ग्रामीणों द्वारा कुल 14 समस्याएं प्रस्तुत की गई, जिनमें से अधिकांश का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया। शिविर में विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता मौजूद न होने पर सांसद ने गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए उनका स्पष्टीकरण भी तलब किया। साथ ही उन्होंने गांव में हाई टेंशन लाइन शिफ्ट करने हेतु शीघ्र कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। गांव को जोड़ने वाली सडक के दोनों ओर बरसात के कारण पटरियों का कटान होने से वाहन क्रासिंग में हो रही समस्या पर लोक निर्माण विभाग को एक सप्ताह के भीतर समस्या का समाधान करने के निर्देश दिए। मोक्ष धाम की भूमि पर कब्जें की शिकायत पर सांसद ने एसडीएम को निर्देशित किया कि कहीं पर भी अवैध अतिक्रमण पाया जाता है तो उस पर त्वरित कारवाई सुनिश्चित की जाए।
बहुउद्देशीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा एलोपैथिक पद्धति से 93 तथा आयुर्वेदिक पद्धति से 66 व्यक्तियों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क औषधियों का वितरण किया गया। शिविर में 05 आधार कार्ड एवं 07 आयुष्मान कार्ड मौके पर निर्गत किए गए। कृषि विभाग ने 25 तथा उद्यान विभाग ने 15 किसानों को कृषि यंत्र, बीज एवं प्रधानमंत्री किसान निधि का लाभ प्रदान किया। समाज कल्याण विभाग ने 05 पात्र व्यक्तियों की पेंशन स्वीकृत की। जिला पूर्ति विभाग द्वारा 08 राशन कार्ड धारकों की केवाईसी कराई गई। इसके अतिरिक्त बाल विकास विभाग ने 16, डेयरी 06, सहकारिता 05, उरेडा 15, सेवायोजन 10, पशु चिकित्सा 10, विद्युत 02 तथा श्रम विभाग ने 06 लाभार्थियों को योजनाओं से आच्छादित किया। सेवायोजन विभाग द्वारा 06 युवाओं को करियर परामर्श प्रदान किया गया।
शिविर में सहसपुर विधायक सहदेव पुंडीर, उप जिलाधिकारी विनोद कुमार, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, खंड विकास अधिकारी मुन्नी शाह, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिप सदस्य कंचन, ग्राम प्रधान रजनी देवी, आशु थापा, कोमल अन्य जनप्रतिनिधियों सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
आमजन को उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की सलाह, सस्ते प्लॉट के लालच से बचें, खरीद से पहले जांचें एमडीडीए की स्वीकृति
देहरादून। राजधानी देहरादून में अनियोजित शहरी विस्तार और अवैध कॉलोनियों पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र में करीब 77 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर चला दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने व्यापक अभियान चलाते हुए बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियों के निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। एमडीडीए की इस कार्रवाई को अवैध भूमि कारोबार पर अब तक की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियोजित शहरी विकास से छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
65 बीघा में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी ध्वस्त
मारखम ग्रांट, डोईवाला क्षेत्र में गुरप्रीत एवं राजा द्वारा लगभग 65 बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग विकसित किए जाने का मामला सामने आया था। निरीक्षण में पाया गया कि बिना प्राधिकरण स्वीकृति प्लॉट काटे जा रहे थे तथा कॉलोनी विकसित करने के उद्देश्य से आंतरिक सड़कें बनाई जा चुकी थीं और प्लॉट सीमांकन भी कर दिया गया था। प्रवर्तन टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों की सहायता से अवैध रूप से निर्मित सड़कों, सीमांकन एवं अन्य विकास कार्यों को ध्वस्त कर दिया। साथ ही भविष्य में किसी भी निर्माण गतिविधि पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई।
खेरी क्षेत्र में भी 12 बीघा अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई
इसी क्रम में खेरी-2, संत सागर गुरुद्वारा मार्ग एवं मेजर शहीद दुर्गा मार्ग फाटक रोड क्षेत्र में अशोक पाल एवं वर्मा द्वारा लगभग 12 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी भी प्राधिकरण की कार्रवाई की जद में आई। जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति कॉलोनी विकसित की जा रही थी। एमडीडीए टीम ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सभी विकास कार्यों को ध्वस्त किया तथा संबंधित लोगों को कड़ी चेतावनी जारी की।
आमजन को ठगी से बचाने के लिए सख्ती
एमडीडीए अधिकारियों के अनुसार अवैध प्लॉटिंग के मामलों में आम नागरिकों को सस्ते प्लॉट का लालच देकर जमीन बेची जाती है, जिसके बाद खरीदारों को सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव और कानूनी विवादों का सामना करना पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण द्वारा अनधिकृत कॉलोनियों के खिलाफ लगातार प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा के नेतृत्व में संपन्न हुई, जिसमें अवर अभियंता स्वाती कोहली, प्रवेश नौटियाल सहित प्राधिकरण की टीम मौजूद रही।
अवैध निर्माण पर जीरो टॉलरेंस : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं निर्माण गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बिना स्वीकृति भूमि विकास करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति की खरीद से पूर्व संबंधित लेआउट की प्राधिकरण से स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में आर्थिक और कानूनी नुकसान से बचा जा सके।
लगातार हो रही मॉनिटरिंग : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग की नियमित निगरानी की जा रही है। जहां भी बिना अनुमति भूमि विकास या निर्माण कार्य पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित एवं नियोजित शहरी विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिकता है और आगे भी इस तरह के अभियान लगातार जारी रहेंगे।
गिरफ्तार अभियुक्तों से 02 अवैध पिस्टल व 07 जिन्दा कारतूस हुए बरामद
देहरादून। उत्तराखंड में अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। उत्तराखंड पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात गैंग से जुड़े दो बदमाशों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देशों और पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में पूरे राज्य में सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत बाहरी राज्यों से आए संदिग्धों, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों और अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसटीएफ और दून पुलिस की टीम लगातार सक्रिय गैंग और अपराधियों की निगरानी कर रही थी।
26 फरवरी 2026 को राजपुर क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोका गया। तलाशी के दौरान वाहन से सुनील राठी गैंग के दो सदस्यों—भानू चौधरी और पारस—को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से दो अवैध पिस्टल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए। दोनों के खिलाफ राजपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पारस पहले कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी और संजीव जीवा गैंग से जुड़ा रहा है। बाद में वह सुनील राठी गैंग में शामिल हो गया। दोनों आरोपी हरिद्वार और देहरादून में विवादित जमीनों में हस्तक्षेप कर रंगदारी वसूलने का काम कर रहे थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पारस का जेल में बंद सुनील राठी से लगातार संपर्क था और वह अपने साथी के साथ उससे मिलने भी जाता था। गैंग के नाम पर स्थानीय व्यापारियों को डराकर वसूली किए जाने की बात भी सामने आई है, हालांकि भय के कारण कोई भी पीड़ित सामने नहीं आया।
पुलिस को पूछताछ में हरिद्वार के एक विवादित प्रॉपर्टी डीलर का नाम भी मिला है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और किसी भी आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विधानसभावार 2 से 3 हजार लोग पार्टी में होंगे शामिल, विधायकों की अहम भूमिका- भट्ट
देहरादून। भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आज विभिन्न दलों के नेताओं के साथ सैकड़ों मातृ शक्ति और जेन जी कार्यकर्ताओं ने पार्टी की सदस्यता ली। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा, कुमायूं से गढ़वाल मंडल तक हमारी सरकार और संगठन से प्रभावित होकर सभी दलों से सैलाब हमसे जुड़ रहा है। जिसे देखते हुए पार्टी ने तय किया है कि विधायकों की महत्वपूर्ण भूमिका में विधानसभावार 2 से 3 हजार लोगों की ज्वाइनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बलबीर रोड स्थित प्रदेश कार्यालय में हुए आज के ज्वाइनिंग कार्यक्रम में राजपुर रोड विधानसभा और युवा मोर्चा पदाधिकारियों के नेतृत्व में बड़ी संख्या कांग्रेस, बसपा, यूकेडी, स्वराज सेवा दल एवं अन्य दलों के महिला एवं युवा राजनीतिक एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने पार्टी में विश्वास जताया। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार एवं विधायक राजपुर खजान दास ने सभी नवांगतुक सदस्यों को फूलमाला और पार्टी का पटका पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने खुशी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आज आप सब लोगों का यहां आना बताता है कि हमारी डबल इंजन सरकार शानदार कार्य कर रही है। उन्होंने सभी नए सदस्यों को उनके उचित सम्मान का भरोसा दिलाते हुए 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कमर कसने का आह्वान किया। वही बताया कि इससे पहले हल्द्वानी रुद्रपुर पिथौरागढ़ के साथ-साथ देहरादून, हरिद्वार और गढ़वाल क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर हजारों लोग पार्टी में शामिल हो चुके हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सदस्यता अभियान के दूसरे चरण में बहुत उत्साह प्रदेशभर में ज्वाइनिंग को लेकर देखा जा रहा है। उसे देखते हुए पार्टी विधानसभावार 2 से 3 हजार नए सदस्यों की ज्वाइनिंग के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रही है जिसमें विधायकों की भूमिका बेहद अहम रहने वाली है। चूंकि प्रदेश के सभी छोटे-बड़े दलों के नेताओं के बाद आज बड़ी संख्या में मंडल और बूथ स्तर के कार्यकर्ता भी सरकार के विकास कार्यों और भाजपा संगठन की सक्रियता से प्रभावित होकर राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाना चाहते हैं। इसलिए मिशन 2027 के लक्ष्य को प्राप्त करने और विकसित उत्तराखंड निर्माण के लिए हमने संगठन के दरवाजे सहयोग के लिए खोले हुए हैं।
इस दौरान प्रदेश महामंत्री परिहार ने सभी नए सदस्यों को पार्टी के रीति-नीति, सिद्धांत और विचारों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता आधारित दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी है जिसके देश में सबसे अधिक सांसद, विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष, जिला पंचायत अध्यक्ष समेत तमाम जनप्रतिनिधि, जनता के हम पर अपूर्व विश्वास को दर्शाता है। केंद्र में लगातार तीसरी बार और प्रदेश में लगातार दूसरी बार सरकार बनने के साथ आज भाजपा देश के 20 से अधिक राज्यों में सरकार गठित कर विकास के कार्यों को आगे बढ़ा रहे है।
आज की जॉइनिंग कार्यक्रम में रायपुर विधानसभा से अभिषेक नौटियाल एवं भूपेंद्र बावा के सहयोग से पार्टी की सदस्यता लेने वाले लोगों में कांग्रेस पार्टी से पूर्व महानगर महामंत्री सौरभ सचदेवा, संजीव कुमार, अश्विनी वालिया, सिद्धार्थ कंबोज, शिवम सचदेव, गुरबख्श सिंह के साथ मातृ शक्ति में श्रीमती विजयलक्ष्मी सोढ़ी, श्रीमती अंशु जोशी, श्रीमती मधु राजपूत, पूनम आर्य, ममता सिंह, रेखा कौर, रितु गिल, सिमरन नागपाल, शीला कुमारी, कृष्ण डिमरी, ममता नागपाल, अनीता, पिंकी एवं बड़ी संख्या में सामाजिक राजनीतिक कार्यकर्ता रहे।
इसके अतिरिक्त स्वराज सेवा दल छोड़कर श्रीमती सुनीता देवी के सहयोग से श्रीमती सुनीता साहनी, नीतू, पूजा, अनुपमा, हरविंदर कौर, उर्मिला, अंजना, मंजू, प्रीति, मीनाक्षी, प्रिया, रुक्मणी, नीना चौहान, काजल, पायल, ममता, टीना, ममता कौशल, प्रभा, तारा, संजय सनी, अभिषेक आदि सैकड़ों अन्य दलों के लोगों ने भी पार्टी का दामन थामा।
उनके अतिरिक्त पूर्व पार्षद श्रीमती देविका रानी के नेतृत्व में भी नीरज, सोनू, दीपक, बॉबी, शिवम, अभिलाष, महेंद्र कंडारी, नितेश, नीतू, रोमा, कुसुम चंद आदि ने बड़ी संख्या में पार्टी की रीति-नीति में विश्वास जताया।
वहीं युवा मोर्चा पदाधिकारियों के सहयोग से बसपा के चार बार के प्रदेश अध्यक्ष शीशपाल चौधरी के सपुत्र शेखर चौधरी ने भी आज पार्टी के सदस्यता ग्रहण की। उनके साथ भाजपा में विश्वास जताने वालों में सुमित, सौरभ, शिवम, नवीन पुंडीर, मोहित, हर्ष, नकुल, ललित, ध्रुव, सुशील कुमार, मनोहर, धीरज शाह, मोनू,पवन, राजू, रोहित, अभिषेक, कार्तिक, आदित्य, मयंक, हितेश, कमल, अनिल, पंकज, आदित्य, कार्तिक भंडारी आदि सैकड़ों युवा जेन जी ने पार्टी के सिद्धांतों को आगे ले जाने का प्रण लिया।
पार्टी जॉइनिंग कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कार्यालय सचिव जगमोहन सिंह रावत, सह मीडिया प्रभारी राजेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती कमलेश रमन, धीरेन्द्र पंवार समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
कमांडेंट जितेंद्र मोहन शिलस्वाल को लगातार दूसरे वर्ष मिला प्रतिष्ठित अवॉर्ड
गुवाहाटी। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के 87वें स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर, कमांडेंट जितेंद्र मोहन शिलस्वाल और उनकी 18वीं बटालियन को एक बार फिर जम्मू-कश्मीर सेक्टर की ‘सर्वश्रेष्ठ बटालियन ट्रॉफी’ से नवाजा गया है। उत्तराखंड की माटी के लाल, कमांडेंट शिलस्वाल द्वारा लगातार दूसरे वर्ष यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करना उनके उत्कृष्ट रणनीतिक नेतृत्व का प्रमाण है। गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में आयोजित भव्य परेड के दौरान मुख्य अतिथि, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं यह ट्रॉफी प्रदान की।
सीआरपीएफ की विविध शक्तियों का भव्य प्रदर्शन
स्थापना दिवस परेड के दौरान सीआरपीएफ की अदम्य शक्ति और तकनीकी कौशल का शानदार प्रदर्शन किया गया।कोबरा कमांडो का हैरतअंगेज प्रदर्शन: कोबरा (CoBRA) यूनिट के कमांडो ने हेलीकॉप्टर से उतरने (स्लिदरिंग) और दुश्मन के ठिकानों को नष्ट करने का जीवंत प्रदर्शन किया।
नारी शक्ति का परचम: महिला बाइकर्स दस्ते के साहसी करतबों और महिला मार्चिंग टुकड़ी ने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया।
आधुनिक हथियारों का प्रदर्शन: परेड में ड्रोन तकनीक, माइन-प्रोटेक्टेड वाहन और बल द्वारा उपयोग किए जाने वाले आधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
• नक्सलवाद का अंत: अपने संबोधन में गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का संकल्प दोहराया और इसमें 18वीं बटालियन जैसी इकाइयों के योगदान को सराहा।
जम्मू-कश्मीर में शांति: गृह मंत्री ने कहा कि 18वीं बटालियन जैसे वीर दस्तों की मुस्तैदी के कारण ही कश्मीर में अब पत्थरबाजी बीते दौर की बात हो गई है और विकास का नया अध्याय शुरू हुआ है।
• उत्तराखंड का गौरव: कमांडेंट शिलस्वाल की इस ऐतिहासिक जीत ने देवभूमि की सैन्य परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
देहरादून राजभवन में वसंतोत्सव-2026 की धूम, सतपाल महाराज ने की शिरकत
देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज ने देहरादून स्थित राजभवन (लोकभवन) में आयोजित ‘वसंतोत्सव-2026’ में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह के साथ कार्यक्रम में शिरकत की और विभिन्न पुष्प प्रजातियों का अवलोकन किया।
कार्यक्रम में राजभवन परिसर में सजे रंग-बिरंगे फूलों और आकर्षक पुष्प प्रदर्शनी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर सतपाल महाराज ने कहा कि वसंत ऋतु प्रकृति के नव-सृजन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो लोगों के जीवन में उत्साह और उमंग भरती है।

उन्होंने कहा कि राजभवन में आयोजित यह पुष्पोत्सव न केवल प्रकृति की सुंदरता को दर्शाता है, बल्कि प्रदेश के काश्तकारों की मेहनत और समृद्धि का भी परिचायक है। राज्यपाल के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन करना उनके लिए सुखद अनुभव रहा।
कैबिनेट मंत्री ने प्रदेशवासियों को वसंतोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए प्रकृति संरक्षण और पर्यावरण के प्रति जागरूक रहने का भी आह्वान किया।
भारतीय खानपान में नमक सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत से भी जुड़ा एक अहम तत्व है। पिछले कुछ समय में लोगों के बीच सेंधा नमक का चलन तेजी से बढ़ा है और इसे ज्यादा प्राकृतिक व हेल्दी विकल्प मानकर अपनाया जा रहा है। लेकिन क्या वाकई यह रोजाना के इस्तेमाल के लिए सही है? विशेषज्ञों की मानें तो इस ट्रेंड के पीछे कुछ ऐसे तथ्य भी हैं, जिन्हें नजरअंदाज करना स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकता है।
आजकल फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल के नाम पर कई लोग साधारण आयोडीन युक्त नमक की जगह पूरी तरह सेंधा नमक का इस्तेमाल करने लगे हैं। इसे शुद्ध और मिनरल्स से भरपूर मानकर लोग अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञ इस बदलाव को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
फेमस न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत के अनुसार सेंधा नमक और आयोडीन युक्त नमक के बीच सबसे बड़ा अंतर आयोडीन की मौजूदगी का है। आयोडीन शरीर में थायराइड ग्रंथि के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी होता है। अगर शरीर को पर्याप्त आयोडीन नहीं मिलता, तो थायराइड हार्मोन का निर्माण प्रभावित होता है।
आयोडीन की कमी से शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है, जिससे कब्ज, वजन बढ़ना, बालों का झड़ना, थकान और ठंड ज्यादा लगना जैसी समस्याएं सामने आने लगती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हाल के वर्षों में सेंधा नमक के बढ़ते उपयोग के साथ हाइपोथायरायडिज्म के मामलों में भी इजाफा देखा गया है।
अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि सेंधा नमक में कई जरूरी मिनरल्स होते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि इन मिनरल्स की मात्रा बहुत कम होती है, जिसे हम सामान्य संतुलित आहार से आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। वहीं, जरूरत से ज्यादा किसी भी प्रकार का नमक खाने से हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ सकता है।
डॉक्टरों का मानना है कि बिना किसी मेडिकल सलाह के आयोडीन युक्त नमक को पूरी तरह छोड़ देना सही नहीं है। दोनों तरह के नमक के अपने-अपने फायदे हैं, लेकिन संतुलन बनाए रखना सबसे जरूरी है।
क्या रखें ध्यान में?
रोजमर्रा के उपयोग के लिए आयोडीन युक्त नमक को प्राथमिकता देना बेहतर माना जाता है। सेंधा नमक का इस्तेमाल कभी-कभार या विशेष परिस्थितियों (जैसे व्रत) में किया जा सकता है। अगर किसी को थायराइड से जुड़ी समस्या है, तो नमक के सेवन में बदलाव करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार की गई है।
(साभार)
बिना फीडबैक फार्म के अस्पतालों को नहीं मिलेगा भुगतान
देहरादून- उत्तराखंड में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों को लाभार्थी मरीजों के डिस्चार्ज होने पर फीडबैक फार्म भरवाना अनिवार्य होगा। जिसमें उपचार पर हुए खर्च सहित अन्य जानकारियां स्पष्ट रूप से अंकित होंगी। यह व्यवस्था सभी अस्पतालों के लिए अनिवार्य कर दी गई हैं।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के चेयरमैन अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि प्राधिकरण द्वारा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना व अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के अंतर्गत उपचारित होने वाले मरीजों से डिस्चार्ज के समय फीडबैक फार्म भराया जाता है जिसमें उपचारावधि की सारी जानकारियां व फीडबैक होता है। यह फार्म संबंधित अस्पतालों को बिल के साथ अनिवार्य रूप से जमा करना होता है।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के मामलों में भी फीडबैक फार्म की व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। उन्होंने बताया कि एजीएचएस के कई लाभार्थियों को यह पता नहीं होता कि उनके उपचार हेतु क्या प्रक्रिया की गई, कौन सी जांच हुई और उपचार पर कितना खर्च हुआ है। फीडबैक फार्म में अस्पताल द्वारा बिना कोई धन लिए कैशलेस उपचार देने एवं उपचार की गुणवत्ता से लेकर उपचार की प्रक्रिया, प्रयुक्त दवाईयां, जांचें तथा कुल उपचार व्यय आदि का विवरण मरीज को दिखाने/दिए जाने संबंधी अन्य सभी जानकारियां दर्ज होंगी।
अब अस्पतालों को अपने चिकित्सा दावों के साथ लाभार्थी का हस्ताक्षर युक्त फीडबैक फार्म भी जमा कराना होगा जिसे दावे के साथ जमा न किए जाने की दशा में चिकित्सालय को भुगतान नहीं किया जाएगा। प्राधिकरण के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में चेयरमैन द्वारा निर्देश दिए गए कि दावों के परीक्षण के दौरान उक्त अनिवार्य फीडबैक फार्म की उपलब्धता होने पर ही दावों पर विचार किया जाए तथा उपचारित लाभार्थी को रैण्डम आधार पर फोन कर उपचार सम्बंधी फीडबैक फार्म की जानकारियों की पुष्टि भी की जाए।
प्रदेश में 5 लाख से अधिक हैं एसजीएचएस कार्ड धारक
राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत राजकीय व स्वायतशासी कार्मिकों और पेंशनर्स को अंशदान व्यवस्था के आधार पर सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। प्रदेश में करीब 5.16 लाख एसजीएचएस कार्ड धारक हैं। 1.73 लाख मरीजों ने अस्पतालों में भर्ती होकर योजना की कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ उठाया है। योजना के आरंभ से अब तक इस असीमित कैशलेस उपचार सुविधा पर 641 करोड़ रूपए से अधिक की धनराशि खर्च हुई है। वहीं ओपीडी में 1.83 लाख दावों के सापेक्ष 300 करोड़ का खर्च हुआ है।
बढ़े बीमा शुल्क से नाराज हुए घोड़ा-खच्चर संचालक
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ धाम यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। कपाट खुलने से पहले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने पहले चरण के लिए रोस्टर जारी कर दिया है, जबकि दूसरे चरण की प्रक्रिया होली के बाद शुरू होगी।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं और सामान के परिवहन में अहम भूमिका निभाने वाले घोड़े-खच्चरों के पंजीकरण को लेकर पशुपालन विभाग ने 26 से 28 फरवरी तक विभिन्न स्थानों पर शिविर आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस दौरान पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण, माइक्रोचिपिंग, टैगिंग, रक्त जांच और बीमा अनिवार्य रूप से किया जाएगा। इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही जिला पंचायत द्वारा पंजीकरण की अनुमति दी जाएगी। प्रशासन इस बार करीब 5 हजार घोड़े-खच्चरों के संचालन को मंजूरी देने की तैयारी में है।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष रावत के अनुसार 27 फरवरी को चंद्रापुरी और सिद्धसौड़, जबकि 28 फरवरी को घंघासू बांगर और बक्सीर में पंजीकरण शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में पशुओं की फिटनेस सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच की व्यवस्था की गई है।
हालांकि, घोड़ा-खच्चर संचालकों ने बीमा शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस बार बीमा राशि पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गई है, जिसके कारण कई संचालक बीमा कराने से पीछे हट रहे हैं। संचालकों का आरोप है कि विभाग उन पर अनिवार्य रूप से बीमा कराने का दबाव बना रहा है, जबकि यह उनकी स्वेच्छा पर आधारित होना चाहिए।
वहीं अधिकारियों के अनुसार राउंलेक क्षेत्र में करीब 300 घोड़े-खच्चरों का स्वास्थ्य परीक्षण और माइक्रोचिपिंग पूरी हो चुकी है, लेकिन बीमा न होने के कारण लाइसेंस जारी नहीं किए गए हैं। दूसरी ओर मनसूना क्षेत्र में 172 पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें से 143 का बीमा पूरा होने पर उन्हें लाइसेंस भी जारी कर दिए गए हैं।
‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ का ट्रेलर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है। सुदीप्तो सेन की इस फिल्म में ग्रामीण इलाकों में फैले अंधविश्वास, तांत्रिक प्रथाओं और रहस्यमयी घटनाओं को एक सस्पेंस भरे अंदाज में पेश किया गया है, जिसने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है।
फिल्म के ट्रेलर की शुरुआत एक रहस्यमयी माहौल से होती है, जहां गांवों से बच्चों के अचानक गायब होने की घटनाएं सामने आती हैं। परिजन परेशान होकर पुलिस से मदद की गुहार लगाते हैं, लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, मामला साधारण नहीं बल्कि अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा नजर आने लगता है।
ट्रेलर में अघोरी साधुओं, तांत्रिक अनुष्ठानों और ‘चरक मेले’ की झलक दिखाई गई है, जहां लोग धार्मिक आस्था और कट्टर मान्यताओं के बीच उलझे हुए नजर आते हैं। इन घटनाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यही उभरता है कि गायब हुए बच्चों का सच क्या है और इसके पीछे कौन-सी ताकत काम कर रही है।
यह फिल्म तांत्रिक परंपराओं और उनसे जुड़े रहस्यों को मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत करती है। ट्रेलर में अंधविश्वास, बलि प्रथा और रहस्यमयी अनुष्ठानों को गहराई से दिखाया गया है, जो कहानी को और अधिक रोमांचक बनाता है।
निर्देशक शीलादित्य मौलिक की यह फिल्म दर्शकों को सोचने पर मजबूर करने के साथ-साथ एक सिहरन भरा अनुभव देने का दावा करती है। इसमें अंजली पाटिल समेत कई कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
‘चरक: फेयर ऑफ फेथ’ 6 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। ट्रेलर के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह और जिज्ञासा दोनों बढ़ गई हैं।
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