असहाय और वृद्ध नागरिकों की फरियाद पर प्रशासन सख्त, कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जनता दरबार का आयोजन किया गया। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस जनता दरबार में भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, अतिक्रमण, मारपीट, भरण-पोषण, आपदा क्षतिपूर्ति, आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कुल 190 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से अधिकांश मामलों का त्वरित समाधान मौके पर ही किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनता दरबार के दौरान निराश्रित, असहाय और पीड़ित नागरिकों की कई मार्मिक कहानियां सामने आईं। प्रशासन ने मानव पीड़ा और सामाजिक अन्याय से जुड़े मामलों पर गंभीरता दिखाते हुए अधिकारियों को आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए।
वृद्ध विधवाओं की व्यथा पर प्रशासन सख्त
80 वर्षीय विधवा कांता देवी ने आरोप लगाया कि उनके पुत्रों ने उन्हें घर से निकाल दिया है और अपनी ही भूमि पर रहने नहीं दे रहे। इस प्रकरण में एसडीएम सदर को भरण-पोषण एवं वरिष्ठ नागरिक संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसी तरह डोईवाला निवासी 85 वर्षीय कमला देवी और चंद्रबनी निवासी पुष्पा देवी ने पुत्र और पुत्रवधू द्वारा मारपीट व संपत्ति हड़पने की शिकायत की, जिस पर संबंधित अधिकारियों को विधिक कार्रवाई के आदेश दिए गए।
भूमि कब्जा और पारिवारिक विवादों पर निर्देश
कांवली निवासी उमा देवी ने संपत्ति से वंचित किए जाने की शिकायत दर्ज कराई, जबकि डोईवाला निवासी सुनीता देवी ने पति के निधन के बाद भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया। इन मामलों में एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं उददीवाला और भाऊवाला क्षेत्रों से भी निजी और ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जों की शिकायतें सामने आईं।
स्वास्थ्य, शिक्षा और आपदा से जुड़े मामलों पर त्वरित संज्ञान
एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद संक्रमण से पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सरकारी अस्पताल में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सहस्रधारा निवासी विकास कुमार की आर्थिक तंगी के चलते बच्चे की स्कूल फीस माफी की मांग पर संबंधित विभाग को सहानुभूतिपूर्वक निर्णय लेने को कहा गया।
कोटि कनासर और जोथीं क्षेत्रों में आपदा से क्षतिग्रस्त स्कूल की चारदीवारी, पुलिया मरम्मत और सुरक्षा कार्यों को लेकर उप जिलाधिकारियों को स्थलीय जांच के निर्देश दिए गए। वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग-07 से जुड़े मुआवजा मामलों, नालियों की सफाई और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायतों पर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई के आदेश दिए गए।
जनता दरबार में एसडीएम अपूर्वा सिंह, विनोद कुमार, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वी.के. ढौडियाल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
पर्यटन, विनिर्माण, आयुष, ग्रीन एनर्जी, कौशल विकास, रोजगार और शहरी अवसंरचना से राज्य के समावेशी व सतत विकास को मिलेगी नई गति
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बलवीर रोड स्थित भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित मीडिया प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय बजट 2026–27 को विकसित भारत @2047 और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी बजट बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की आत्मा, आत्मविश्वास और विकासशील सोच को मजबूती प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बजट में पूंजीगत व्यय में की गई बढ़ोतरी से दीर्घकालिक विकास की मजबूत नींव रखी गई है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने के साथ-साथ भारत की रणनीतिक स्वायत्तता और संप्रभुता को भी सुदृढ़ करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट के तीन प्रमुख स्तंभ—संतुलित एवं समावेशी विकास, वंचित वर्गों का क्षमता निर्माण और सबका साथ-सबका विकास—दूरस्थ के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों, गांवों, महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों, बच्चों और वंचित वर्गों सभी के समग्र उत्थान का स्पष्ट मार्ग प्रशस्त करते हैं।
उन्होंने बताया कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास से उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार और हल्द्वानी जैसे शहरों को विशेष लाभ मिलेगा। प्रत्येक जनपद में महिला छात्रावास की व्यवस्था से महिला सुरक्षा, शिक्षा और सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलेगी। ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘विश्वास आधारित शासन’ से निवेश, रोजगार और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में किए गए विविध और नीतिगत प्रावधानों से उत्तराखंड में रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे। आयुष, फार्मा, हथकरघा, खादी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। ग्रीन एनर्जी पर विशेष फोकस से उत्तराखंड जैसे पर्वतीय एवं वन संपदा से समृद्ध राज्य में ग्रीन इकोनॉमी को बल मिलेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप उत्तराखंड के हितों का ध्यान रखा गया है। राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर केंद्र सरकार को दिए गए प्रस्तावों और अनुरोधों को भी बजट में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित किया गया है, जो राज्य-केंद्र के सहयोगात्मक संघवाद का सशक्त उदाहरण है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026–27 उत्तराखंड को रोजगार, निवेश, निर्यात, कौशल विकास और शहरी अवसंरचना के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा और राज्य के समावेशी, संतुलित व सतत विकास की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW), श्रम विभाग, उत्तराखण्ड द्वारा विकसित श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (Training Management System – TMS) का शुभारंभ किया। यह पोर्टल पंजीकृत श्रमिकों एवं उनके आश्रित परिवारजनों के कौशल विकास को पारदर्शी, प्रभावी एवं तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार श्रमिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को पूर्णतः ऑनलाइन एवं पारदर्शी बनाए जाने के उद्देश्य से इस पोर्टल का विकास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कौशल प्रशिक्षण के उपरांत श्रमिकों के सर्वांगीण विकास से जुड़ी अन्य आवश्यकताओं पर भी प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। साथ ही राज्य के उद्यमियों से कौशल आवश्यकताओं के संबंध में नियमित फीडबैक लिया जाए, ताकि प्रशिक्षण को रोजगार से बेहतर रूप से जोड़ा जा सके।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्लम्बर, कारपेंटर, इलेक्ट्रीशियन आदि व्यवसायों में प्रशिक्षण पर विशेष बल देने के निर्देश दिए, जिससे स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति स्थानीय श्रमिकों से हो सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। इससे क्षेत्रीय जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने में भी सहायता मिलेगी।
उन्होंने प्रशिक्षणोपरांत फॉरवर्ड लिंकेज को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए श्रम विभाग द्वारा संचालित डीबीटी योजनाओं की सराहना की तथा UKBOCW को अपनी आय बढ़ाने हेतु निरंतर प्रयास करने के निर्देश भी दिए।
इस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण व्यवस्था को बनाया जाएगा पारदर्शी व प्रभावी
श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दंकी ने बताया कि विभाग द्वारा मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी योजनाओं को अधिक पारदर्शी एवं परिणामोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
इस दौरान श्रमायुक्त पी.सी. दुमका द्वारा पोर्टल की कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। उन्होंने कहा कि श्रमिक प्रशिक्षण पोर्टल (TMS) के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदाताओं, मूल्यांकनकर्ताओं, प्रशिक्षण केंद्रों एवं प्रशिक्षकों का चयन भारत सरकार में इम्पैनल्ड (Impanelled) संस्थाओं एवं प्रमाणित व्यक्तियों से पूरी तरह ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपस्थिति एवं मूल्यांकन भी डिजिटल माध्यम से सुनिश्चित होंगे।
इस पोर्टल से—
– प्रशिक्षण कार्यक्रमों में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।
– डुप्लीकेसी की प्रभावी रोकथाम होगी।
– प्रशिक्षण की गुणवत्ता में निरंतर सुधार होगा।
– प्रशिक्षित श्रमिकों का केन्द्रीयकृत डाटाबेस उपलब्ध होगा।
– प्रशिक्षण प्रदाताओं एवं संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद आया कोर्ट का फैसला
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराते हुए अदालत ने कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-चार ने सुनाया, जिसमें अदालत ने दोनों मामलों में पांच-पांच साल की सजा तय की है।
आवासीय परियोजना में जमीन आवंटन को लेकर मामला
अदालती कार्यवाही के अनुसार, ये मामले राजधानी ढाका के नजदीक पूर्बाचोल क्षेत्र में विकसित की जा रही राजुक न्यू टाउन आवासीय योजना से जुड़े हैं। आरोप है कि इस परियोजना के तहत 10-10 काठा के दो प्लॉट नियमों को ताक पर रखकर आवंटित किए गए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए जमीन आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। यह परियोजना राजधानी विकास प्राधिकरण राजुक के अधीन आती है।
परिवार और अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इन मामलों में शेख हसीना के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने तुलिप सिद्दीकी को चार साल की जेल, रदवान मुजीब सिद्दीकी और अजमीना सिद्दीकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, राजुक के सदस्य मोहम्मद खुर्शीद आलम को, जिन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, दो साल की कैद दी गई है। सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
बताया जा रहा है कि शेख हसीना फिलहाल भारत में निवास कर रही हैं। अगस्त 2025 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे पहले अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद दर्ज हुए केस
इन दोनों मामलों को बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने दर्ज किया था। आयोग का आरोप है कि आवासीय योजना में जमीन आवंटन के दौरान सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और सत्ता का दुरुपयोग हुआ।
खेल मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दिया निर्देश
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दिए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बारे में सोमवार को मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
अपने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नेशनल गेम्स में हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था और पहली बार उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में पदकों का शतक लगाया।
उन्होंने कहा कि पदक विजेताओं को नगद इनाम धन राशि पहले ही दी जा चुकी है लेकिन कई तकनीकी बाधाओं के चलते आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में देरी हुई है।
कैबिनेट मंत्री में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के लिए 242 अधिसंख्य पदों का सृजन खेल विभाग में ही किया जाना चाहिए क्योंकि पूर्व में अन्य विभागों में खिलाड़ियों को नौकरी देने के अनुभव संतोषजनक नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदक विजेताओं को उनके अभ्यास और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अवसर व सुविधाएं मिलनी आवश्यक हैं।
पत्र में कहा गया है कि इन अधिसंख्य पदों के अतिरिक्त 23 खेल अकादमियों को संचालित करने के लिए आवश्यक 544 पदों को भी जल्द सृजित किया जाए।


अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी भारत ए टीम
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ होने वाले अभ्यास मुकाबलों के लिए भारत ए टीम की घोषणा कर दी है। इन मुकाबलों में भारत ए की कप्तानी युवा बल्लेबाज आयुष बदोनी करेंगे। टीम चयन में सबसे खास नाम तिलक वर्मा का है, जो चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं और लंबे समय बाद मैदान पर वापसी के करीब माने जा रहे हैं।
टी20 विश्व कप का आगाज सात फरवरी से होने जा रहा है, जिसमें कुल 20 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। भारत ने पिछला टी20 विश्व कप 2024 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर जीता था। इस बार सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी, जबकि अभ्यास मैचों के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म को परखा जाएगा।
तिलक वर्मा की वापसी पर सबकी नजर
बीसीसीआई के अनुसार, तिलक वर्मा भारतीय सीनियर टीम से जुड़ने से पहले भारत ए के लिए केवल एक अभ्यास मैच खेलेंगे। पेट की सर्जरी के कारण वह हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से बाहर रहे थे। फिलहाल तिलक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। भारत ए टीम में उनका चयन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह टी20 विश्व कप से पहले पूरी तरह फिट हो सकते हैं।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण
भारत ए टीम में युवा प्रतिभाओं के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है, जिससे अभ्यास मैचों में टीम संयोजन को परखने में मदद मिलेगी। चयनकर्ताओं की नजर खास तौर पर तेज गेंदबाजों और ऑलराउंडरों के प्रदर्शन पर रहेगी।
टी20 विश्व कप अभ्यास मैचों के लिए भारत ए टीम
आयुष बदोनी (कप्तान), नमन धीर, आशुतोष शर्मा, प्रियांश आर्या, एन. जगदीशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रियान पराग, मानव सुथार, अशोक शर्मा, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), गुरजपनीत सिंह, विपराज निगम, रवि बिश्नोई, खलील अहमद और मयंक यादव।
अनुपम त्रिवेदी के आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बंधाया परिवार को ढांढस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी के आवास पर पहुंचकर उनकी दिवंगत माताजी स्वर्गीय गीता त्रिवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें। उनके इस संवेदनशील कदम से पत्रकार जगत सहित शहर के गणमान्य लोगों में भी शोक की भावना व्यक्त की गई।
मुंह में छाले होना आम बात मानी जाती है और अधिकतर लोग इसे पेट की गड़बड़ी या विटामिन की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मुंह का कोई छाला लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार उसी जगह पर घाव बन रहा हो, तो यह गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। खासकर तीन सप्ताह से अधिक समय तक बने रहने वाले छाले को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक न भरने वाले घाव ओरल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। भारत में मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है, जिसके पीछे तंबाकू, गुटखा, सुपारी और शराब का सेवन प्रमुख कारण माना जाता है। शुरुआती दौर में यह बीमारी अक्सर बिना दर्द के सफेद या लाल धब्बों के रूप में दिखाई देती है, जिसे लोग सामान्य छाला समझकर अनदेखा कर देते हैं। समय पर इलाज न होने की स्थिति में कैंसर जबड़े, गले और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है।
सामान्य छाले और कैंसर के घाव में क्या है फर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य छाले दर्दनाक होते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। वहीं कैंसर से जुड़े शुरुआती घाव अधिकतर दर्द रहित होते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं। यदि छाले के साथ मुंह में गांठ महसूस हो, दांत ढीले होने लगें, आवाज में बदलाव आए या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। इसकी पुष्टि केवल बायोप्सी जांच से ही संभव होती है।
तंबाकू और सुपारी से बढ़ता है खतरा
आंकड़ों के मुताबिक भारत में ओरल कैंसर के अधिकांश मामलों में तंबाकू सेवन अहम भूमिका निभाता है। तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्व मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं सुपारी चबाने से मुंह की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाता है, जिसे गंभीर चेतावनी संकेत माना जाता है। शराब का सेवन इस खतरे को और बढ़ा देता है।
इन लक्षणों पर तुरंत दें ध्यान
ओरल कैंसर के अन्य लक्षणों में निगलने में दिक्कत, बिना वजह कान में दर्द, गले में सूजन, मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच, जीभ सुन्न होना या हिलाने में परेशानी शामिल हैं। कई मामलों में गले या जबड़े में ऐसी गांठ बनती है जिसमें दर्द नहीं होता, जिससे मरीज को बीमारी का आभास देर से होता है।
समय पर पहचान से बचाई जा सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि ओरल कैंसर के इलाज में शुरुआती पहचान सबसे अहम है। यदि पहली अवस्था में बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज के बाद मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी अधिक होती है। तंबाकू और शराब से दूरी बनाना, नियमित डेंटल जांच कराना और मुंह में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना ही सबसे बड़ा बचाव है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।
(साभार)
हत्या के बाद इलाके में दहशत, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
देहरादून। कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत दूल्हा बाजार के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गली में एक युवक ने धारदार हथियार से एक युवती पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवती को उपचार के लिए दून चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हमला घर के बाहर किया गया, जहां बाइक सवार युवक ने अचानक युवती पर चापड़ से वार कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और मामले में अग्रिम आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
प्रेम प्रसंग के चलते महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दिए कठोरतम कार्रवाई के निर्देश
ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवाजीनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में एम्स ऋषिकेश में संविदा पर तैनात 32 वर्षीय महिला कर्मचारी प्रीति रावत की उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस जघन्य अपराध पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल ने पुलिस आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और आरोपी के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए जो समाज में नजीर बन सके।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रीति रावत मूल रूप से यम्केश्वर निवासी ऋषिकेश में शिवाजीनगर में एक किराए के मकान में अकेली रहती थीं, रात करीब 9:30 बजे आरोपी ने उनके घर पर पहुंचकर गोली मारी थी।
मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ऋषिकेश से फोन पर वार्ता के क्रम में जानकारी ली, जिसमें तथ्यों के अनुसार मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग और विवाह के दबाव से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि आरोपी मृतका से शादी करने के लिए दवाब बना रहा था, जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को भी तलाक दे दिया था। जब मृतका ने शादी से इनकार किया और उसकी बात नहीं मानी, तो उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसओ ऋषिकेश से वार्ता कर अब तक कार्यवाही की प्रगति की रिपोर्ट ली है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में महिलाओं के प्रति बढ़ते ऐसे अपराध कतई स्वीकार्य नहीं हैं। अध्यक्षा ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि पीड़िता के परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ने जानकारी में बताया कि फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
