वीबी जी रामजी योजना पर आयोजित जिला सम्मेलन में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
नानकमत्ता/उधमसिंहनगर। रविवार को उधम सिंह नगर के नानकमत्ता स्थित प्रेम पैलेस में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वीबी जी रामजी योजना जन जागरण जिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि मनरेगा के मुकाबले यह योजना हर तरीके से बेहतर है और इसे 20 साल के अनुभव से मिली सीख के आधार पर तैयार किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ इसलिए इस योजना की आलोचना कर रही है क्योंकि राम के नाम से उनका विरोध बहुत पुराना है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 100 के बजाय अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, रोजगार न मिलने की स्थिति में भत्ता देने और साप्ताहिक डिजिटल भुगतान जैसे प्रावधान इस योजना को श्रमिकों के लिए बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि फसलों की कटाई और बुवाई के सीजन में इस योजना के तहत सार्वजनिक काम 60 दिन के लिए रोक दिए जाएंगे ताकि श्रमिक कृषि कार्य में भी काम कर सके और इस योजना के तहत भी उनके लिए रोजगार के अवसर न छूटें।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिए अब सुनियोजित लक्ष्य के साथ निर्माण कार्य होंगे और यह योजना गांवों को 2047 के विकसित भारत में सहयात्री बनाएगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम सिंह दुरना, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, रमेश जोशी, अमित नारंग, उत्तम दत्ता, रमेश जोशी, तरुण दत्ता, विकास गुलाटी, ओम नारायण राणा, देवेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, राजेश बजाज, रश्मि रस्तोगी, विनीत सक्सेना, बिट्टू चौहान, रवि रस्तोगी, पुष्पेंद्र राणा, विजय तोमर, रविंद्र राणा आदि उपस्थित रहे।
नाबालिग को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा कर दून पुलिस का किया आभार व्यक्त
घर मे मन न लगने पर घरवालों को बिना बताए घर से निकल गयी थी नाबालिग बालिका
देहरादून। थाना डालनवाला क्षेत्र से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया है। बालिका की सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों ने दून पुलिस की कार्यशैली की सराहना की है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को डालनवाला निवासी एक व्यक्ति ने थाना डालनवाला में लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग पुत्री के बिना बताए घर से चले जाने की सूचना दी थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद बालिका का कोई सुराग नहीं लग पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डालनवाला में तत्काल मुकदमा संख्या 09/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
प्रकरण को संवेदनशील मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बालिका की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस टीम द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष देहरादून के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से बालिका की तलाश तेज की गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस को बालिका के तमिलनाडु में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को तिरुपुर, तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि घर में मन न लगने के कारण वह परिजनों को बिना बताए घर से निकल गई थी और भटकते हुए तमिलनाडु पहुंच गई। बालिका ने अपने साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी से इनकार किया है। आवश्यक काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नाबालिग की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस और दून पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा की।
तकनीक व डेटा विश्लेषण के जरिये शिक्षा प्रणाली में हो रहा व्यापक सुधार
छात्रों व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे चैटबॉट व ई-सृजन प्लेटफार्म
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित विद्या समीक्षा केन्द्र (VSK) प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से छात्रों की अधिगम प्रगति, शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा विभागीय योजनाओं की निगरानी को डेटा-आधारित किया गया है, जिससे शिक्षण गुणवत्ता, उपस्थिति, प्रशिक्षण एवं संसाधन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन्हीं सुधारों के क्रम में नई शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के तहत विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से छात्रों की साप्ताहिक अधिगम प्रगति की सतत निगरानी की जा रही है। इसके लिए सक्षम कार्यक्रम के अंतर्गत विषयवार क्विज़ एवं उपचारात्मक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ‘मेरी उपस्थिति’ चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों की रीयल-टाइम उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके जरिए लगातार अनुपस्थित छात्रों की पहचान कर समय पर हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिल रही है शिक्षकों के लिए ‘शिक्षक सहायक’ चैटबॉट उपयोगी सिद्ध हो रहा है, जिसके माध्यम से पाठ योजनाएं, वर्कशीट और शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही ई-सृजन प्लेटफार्म पर शिक्षकों को तकनीकी एवं विषयगत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक 92 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण पूर्ण किया गया, जो राज्य में क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त सीआरपी/बीआरपी द्वारा ऑन-साइट मेंटरिंग की निगरानी भी विद्या समीक्षा केन्द्र से की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अभिभावकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत ‘जिज्ञासा’ चैटबॉट प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही आईएफए एवं एनडीडी टैबलेट वितरण, एप्टीट्यूड टेस्ट अंकों का डिजिटलीकरण तथा यू-डाइस प्लस आधारित विश्लेषण जैसी पहलें भी शुरू की गई हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-आधारित निर्णय संभव हो पा रहे हैं। इसके अलावा निजी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी इस प्लेटफार्म से जोड़ा जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नौनिहालों का सर्वांगीण विकास हो सके।
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए भी नई पहल की गई है। इसके तहत फरवरी 2026 से ग्रेड 4 से 9 के लिए पहल डायग्नोस्टिक असेसमेंट तथा
ग्रेड 1 एवं 2 के लिए निपुण एंडलाइन असेसमेंट में ओसीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जाएगी और शिक्षक ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और 2 से 3 दिनों के भीतर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।
बयान
“विद्या समीक्षा केन्द्र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। तकनीक और डेटा के माध्यम से अब न केवल छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर सतत निगरानी संभव हो रही है, बल्कि शिक्षकों को भी आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन रही है।”
— डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के जन्मदिवस के अवसर पर सीएम धामी ने दी शुभकामनाएं
देहरादून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के जन्मदिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित भद्रकाली मंदिर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कैबिनेट मंत्री को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भद्रकाली मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की। मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का स्नेह और आशीर्वाद उनके लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने प्रदेश के विकास और जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आज के समय में हाई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ बुज़ुर्गों की बीमारी नहीं रह गई है। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के चलते यह समस्या अब युवाओं और यहां तक कि 20 साल से कम उम्र के लोगों में भी तेजी से देखी जा रही है। डॉक्टरों के मुताबिक, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल सीधे तौर पर दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है, इसलिए इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।
दरअसल, कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए पूरी तरह नुकसानदायक नहीं है। यह हार्मोन बनाने, कोशिकाओं को मजबूत रखने और पाचन प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन जब शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल की मात्रा जरूरत से ज्यादा बढ़ जाती है, तब यह सेहत के लिए गंभीर खतरा बन जाता है।
अगर आपके ब्लड टेस्ट में भी बार-बार कोलेस्ट्रॉल हाई आ रहा है, तो इसकी एक बड़ी वजह आपकी रोजमर्रा की डाइट और किचन से जुड़ी कुछ आम गलतियां हो सकती हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल क्यों है खतरनाक
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, तला-भुना खाना, फास्ट फूड, ट्रांस फैट, रिफाइंड ऑयल और जरूरत से ज्यादा घी-मक्खन का सेवन बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाता है। इसके अलावा लंबे समय तक बैठे रहना, एक्सरसाइज न करना, मोटापा, धूम्रपान और शराब भी कोलेस्ट्रॉल लेवल बिगाड़ने वाले बड़े कारण हैं।
कहीं ज्यादा तेल-मक्खन तो नहीं खा रहे आप?
अधिक तेल या मक्खन का सेवन दिल की सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
मक्खन में मौजूद सैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल लेवल को तेजी से बढ़ाता है। वहीं ज्यादा तली-भुनी चीजें, खासकर रिफाइंड ऑयल में बनी चीजें, धमनियों में फैट जमा होने का कारण बनती हैं। ऐसे में इनका सेवन सीमित करना बेहद जरूरी है।
प्रोसेस्ड फूड बढ़ा रहा है दिल की बीमारियों का खतरा
पैकेज्ड मसाले, रेडीमेड सॉस, नमकीन और अन्य प्रोसेस्ड फूड भी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
इन चीजों में अधिक मात्रा में फैट, नमक और प्रिजर्वेटिव्स होते हैं, जो न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं बल्कि हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी कई गुना बढ़ा देते हैं। विशेषज्ञ फाइबर से भरपूर अनाज, फल और हरी सब्जियां ज्यादा खाने की सलाह देते हैं।
बार-बार इस्तेमाल किया गया तेल भी है नुकसानदायक
कई घरों में एक ही कुकिंग ऑयल को बार-बार गर्म कर इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।
तेल को दोबारा गर्म करने से उसमें ट्रांस फैट और फ्री रेडिकल्स बन जाते हैं, जो बैड कोलेस्ट्रॉल को तेजी से बढ़ाते हैं। इससे दिल की धमनियों में सूजन, फैट जमा होने और यहां तक कि कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल से बचाव कैसे करें
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखने के लिए संतुलित आहार और एक्टिव लाइफस्टाइल सबसे जरूरी है। रोजाना फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज, ओट्स और दालें डाइट में शामिल करें। सीमित मात्रा में हेल्दी फैट जैसे नट्स, बीज और मछली का सेवन करें।
इसके साथ ही रोज कम से कम 30 मिनट वॉक या एक्सरसाइज करें और धूम्रपान व शराब से दूरी बनाएं।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
बर्फबारी के बाद औली में कड़ाके की ठंड, कृत्रिम झील पूरी तरह जमी
देशभर से उमड़े सैलानी, बर्फबारी से औली के पर्यटन कारोबार ने पकड़ी रफ्तार
औली। हालिया बर्फबारी के बाद उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल औली में शीत लहर का असर तेज हो गया है। सूर्यास्त के बाद तापमान में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे पूरा क्षेत्र कड़ाके की ठंड की चपेट में है। ठंड का आलम यह है कि औली में बनाई गई कृत्रिम झील पूरी तरह जम गई है और चारों ओर बर्फ की सफेद चादर नजर आ रही है।
बर्फबारी से बदला औली का नज़ारा
लगातार हुई बर्फबारी के बाद औली के दृश्य पूरी तरह बदल गए हैं। पहाड़, ढलान और मैदान बर्फ से ढक गए हैं, जिससे औली एक बार फिर विंटर डेस्टिनेशन के रूप में चमक उठा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटकों की आमद बनी हुई है और स्कीइंग जैसी साहसिक गतिविधियों को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कृत्रिम झील के ऊपर जमी मोटी बर्फ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
पर्यटन कारोबार को मिली नई रफ्तार
मौसम के मिजाज में आए बदलाव का सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ा है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पर्यटक औली पहुंच रहे हैं। बर्फबारी से पहले जहां होटल बुकिंग रद्द हो रही थीं, अब वहां दोबारा बुकिंग आने लगी हैं। पर्यटन से जुड़े कारोबारी इसे राहत भरे संकेत के तौर पर देख रहे हैं।
पर्यटकों में दिखा उत्साह
बर्फ का आनंद लेने पहुंचे पर्यटक औली की खूबसूरती से बेहद प्रभावित नजर आ रहे हैं। पुणे से आई पूनम चौधरी ने बताया कि वह पहली बार दोस्तों के साथ औली पहुंची हैं और यहां अपना जन्मदिन मना रही हैं। उन्होंने कहा कि स्कीइंग का अनुभव बेहद रोमांचक रहा और बर्फ से ढके नज़ारे मन मोह लेने वाले हैं। वहीं झारखंड से आए गौरव ने बताया कि वे पिछले तीन महीनों से औली आने की योजना बना रहे थे, लेकिन बर्फबारी न होने के कारण कार्यक्रम टलता रहा। अब परिवार के साथ यहां आकर बर्फबारी का भरपूर आनंद ले रहे हैं।
बुकिंग बढ़ने से पर्यटन विभाग उत्साहित
गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) औली के प्रबंधक प्रदीप शाह ने बताया कि बर्फबारी के बाद औली में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले बर्फ न होने के कारण जिन बुकिंग को रद्द किया जा रहा था, अब वे दोबारा मिलने लगी हैं, जिससे पर्यटन गतिविधियों में तेजी आई है।
रानी मुखर्जी की फिल्म ‘मर्दानी 3’ ने 30 जनवरी को सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। लोकप्रिय ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त में एक बार फिर रानी मुखर्जी आईपीएस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय के दमदार किरदार में नजर आ रही हैं। फिल्म से दर्शकों और ट्रेड को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ओपनिंग डे के आंकड़े मिले-जुले संकेत दे रहे हैं।
पहले दिन का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
अभिराज मीनावाला के निर्देशन में बनी ‘मर्दानी 3’ अपने ट्रेलर रिलीज के बाद से ही चर्चा में थी। फिल्म में गुमशुदा बच्चियों के मामले और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दे को एक बार फिर केंद्र में रखा गया है। रिपोर्ट के अनुसार फिल्म ने पहले दिन करीब 3.80 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया है।
बजट के मुकाबले कमजोर शुरुआत
बॉक्स ऑफिस के पैमानों पर नजर डालें तो किसी भी फिल्म के लिए पहले दिन बजट का 10 प्रतिशत कलेक्शन औसत माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘मर्दानी 3’ का बजट करीब 75 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस लिहाज से फिल्म की ओपनिंग को मजबूत नहीं कहा जा सकता, हालांकि वीकेंड पर कलेक्शन में बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
पिछली फिल्मों से तुलना
अगर ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइजी की पिछली फिल्मों से तुलना करें तो ओपनिंग डे के आंकड़े लगभग समान नजर आते हैं। साल 2014 में रिलीज हुई ‘मर्दानी’ ने पहले दिन 3.40 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि ‘मर्दानी 2’ (2019) ने ओपनिंग डे पर 3.80 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। ऐसे में ‘मर्दानी 3’ का प्रदर्शन पिछली फिल्मों के आसपास ही ठहरता दिख रहा है।
स्टारकास्ट और मुकाबला
फिल्म में रानी मुखर्जी के साथ मल्लिका प्रसाद, प्रजेश कश्यप, जानकी बोड़ीवाला, मिखाइल यवलकर और इंद्रनील भट्टाचार्य अहम भूमिकाओं में हैं। मल्लिका प्रसाद की निगेटिव भूमिका को दर्शकों से सराहना मिल रही है।
हालांकि ‘मर्दानी 3’ को बॉक्स ऑफिस पर कड़ी चुनौती मिल रही है सनी देओल, दिलजीत दोसांझ, वरुण धवन और अहान शेट्टी स्टारर ‘बॉर्डर 2’ से, जो लगातार शानदार कमाई कर रही है। आठवें दिन ‘बॉर्डर 2’ ने 5.33 करोड़ रुपये का कारोबार किया है और इसका कुल कलेक्शन 229.58 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है।
जनवरी रिलीज फिल्मों में कहां खड़ी ‘मर्दानी 3’
जनवरी 2026 में रिलीज फिल्मों की ओपनिंग से तुलना करें तो ‘मर्दानी 3’ ने ‘राहु केतु’ और ‘हैप्पी पटेल’ जैसी फिल्मों को पहले दिन के कलेक्शन में पीछे छोड़ दिया है। अब सबकी नजरें वीकेंड और वर्ड ऑफ माउथ पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी दूर तक जाती है।
(साभार)

डब्ल्यूपीएल के इतिहास में मुंबई के खिलाफ गुजरात की यह पहली जीत
हरमनप्रीत कौर की नाबाद 82 रन की पारी भी मुंबई को नहीं दिला सकी जीत
नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) में गुजरात जाएंट्स ने इतिहास रचते हुए मुंबई इंडियंस को 11 रन से शिकस्त दी और प्लेऑफ में अपनी जगह पक्की कर ली। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि डब्ल्यूपीएल के इतिहास में मुंबई के खिलाफ गुजरात की यह पहली जीत है। इससे पहले खेले गए आठों मुकाबलों में मुंबई इंडियंस ने गुजरात को हराया था। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 167 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में मुंबई की टीम 156 रन तक ही पहुंच सकी।
गार्डनर–वेयरहम की साझेदारी से संभली गुजरात
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात जाएंट्स की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। अनुष्का शर्मा (33) और सोफी डिवाइन (25) अच्छी शुरुआत के बाद पवेलियन लौट गईं, जिससे रन गति पर ब्रेक लग गया। अमेलिया केर और शबनिम इस्माइल की कसी हुई गेंदबाजी के चलते गुजरात दबाव में दिखी।
ऐसे समय पर कप्तान एश्ले गार्डनर और जॉर्जिया वेयरहम ने जिम्मेदारी संभाली। दोनों के बीच 71 रन की अहम साझेदारी हुई, जिसने पारी को नई दिशा दी। गार्डनर ने 28 गेंदों पर 46 रन की तेज पारी खेली, जबकि वेयरहम ने 26 गेंदों में 44 रन जोड़े। खासकर 16वें और 17वें ओवर में गार्डनर के आक्रामक शॉट्स ने मैच का रुख गुजरात की ओर मोड़ दिया। अंत में गुजरात ने 20 ओवर में 4 विकेट पर 167 रन बनाए।
हरमनप्रीत की जुझारू पारी भी नहीं दिला सकी जीत
168 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। सोफी डिवाइन ने शुरुआती ओवरों में हीली मैथ्यूज और नेट शीवर-ब्रंट को आउट कर मुंबई को झटके दिए। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक छोर संभालते हुए शानदार बल्लेबाजी की।
हरमनप्रीत ने 48 गेंदों पर नाबाद 82 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और चार छक्के शामिल थे। सजीवन सजना (26) ने उनका साथ दिया, लेकिन मध्य ओवरों में जॉर्जिया वेयरहम की सधी हुई गेंदबाजी ने मुंबई की मुश्किलें बढ़ा दीं। अंतिम दो ओवरों में मुंबई को 37 रन की जरूरत थी। आखिरी ओवर में हरमनप्रीत ने एश्ले गार्डनर पर दो छक्के जरूर लगाए, लेकिन टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। मुंबई इंडियंस 7 विकेट पर 156 रन ही बना सकी और 11 रन से मुकाबला हार गई।
आवास सचिव का साफ संदेश- निर्माण कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गुणवत्ता और समय-सीमा पर जोर
देहरादून। आवास सचिव डॉ.आर राजेश कुमार ने सचिवालय परिसर स्थित निर्माणाधीन आधुनिक कार्यालय भवन के कार्यों की समीक्षा की। सचिव ने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य पूर्ण गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा
राज्य सम्पत्ति विभाग के नियंत्रणाधीन सचिवालय परिसर, देहरादून में विश्वकर्मा भवन के समीप 6 मंजिला (जी5 एवं एक बेसमेंट सहित) आधुनिक कार्यालय भवन का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह भवन राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक कार्यालय सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। इस परियोजना को शासनादेश दिनांक 26 मार्च 2025 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन निर्माण की कुल लागत ₹5934.71 लाख है, जिसमें सिविल कार्य एवं विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं। अब तक इस परियोजना पर लगभग ₹1400 लाख की धनराशि का आंवटन किया जा चुका है।
निर्माण एजेंसी और समय-सीमा
भवन के सिविल निर्माण कार्य का अनुबंध मैसर्स शिव कुमार अग्रवाल को दिया गया है। निर्माण कार्य को डेढ़ वर्ष की अवधि में पूर्ण किया जाना है, जिसकी अंतिम तिथि 24 जनवरी 2027 निर्धारित की गई है।
भवन की प्रमुख विशेषताएं
यह भवन 34×74 मीटर के प्लॉट पर निर्मित किया जा रहा है, जिसका कुल क्षेत्रफल 2516 वर्ग मीटर है। सभी मंजिलों को मिलाकर भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल लगभग 1,04,480 वर्ग फीट होगा। भवन के बेसमेंट में 25 कार पार्किंग और 100 दोपहिया वाहन पार्किंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सचिवालय परिसर में पार्किंग की समस्या से राहत मिलेगी। ग्राउंड फ्लोर पर एसबीआई बैंक, पोस्ट ऑफिस, प्रवेश लॉबी और वेटिंग एरिया का प्रावधान किया गया है। ऊपरी मंजिलों पर सचिव, अपर सचिव, उप सचिव, संयुक्त सचिव, अनुसचिव, स्तर के कार्यालय व उनके स्टाफ कक्ष, वेटिंग लॉबी और मीटिंग हॉल बनाए जा रहे हैं।
निर्माण की वर्तमान स्थिति
निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति के अनुसार भवन का फाउंडेशन कार्य पूर्ण हो चुका है। बेसमेंट का सिविल कार्य पूरा कर लिया गया है तथा ग्राउंड फ्लोर का कार्य प्रगति पर है, जिसे 10 फरवरी 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्तमान में परियोजना की भौतिक प्रगति लगभग 15 प्रतिशत है। राज्य सम्पत्ति विभाग द्वारा निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जा रही है। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह भवन सचिवालय की कार्यक्षमता बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं आधुनिक बनाएगा।
गुणवत्ता से समझौता नहीं- डॉ आर राजेश कुमार
सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने कहा सचिवालय परिसर में निर्माणाधीन यह आधुनिक कार्यालय भवन राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन के अनुरूप हम सभी निर्माण कार्यों को समयबद्ध, पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। नियमित निरीक्षण और सतत निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार आगे बढ़े। यह भवन भविष्य में बेहतर कार्यसंस्कृति और सुगम प्रशासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस दौरान उनके साथ एसएस रावत संयुक्त सचिव, राज्य संपत्ति, नीरज कुमार त्रिपाठी, अधिशाषी अभियंता लोकनिर्माण विभाग, संदीप वर्मा, अपर सहायक अभिंयता सिविल, गोविंद सिंह, सहायक अभियंता सहित ठेकेदार मौजूद रहे।
