उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संजोएगा नया पंचांग कैलेंडर- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित पंचांग कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजने एवं जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपनी सनातन परंपराओं, धार्मिक आस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों के लिए देश-विदेश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की परंपराएं केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह हमारी जीवनशैली, सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग हैं। ऐसे में पंचांग कैलेंडर का प्रकाशन राज्य की इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पंचांग कैलेंडर राज्यवासियों को न केवल तिथि, वार, पक्ष, मास, पर्व एवं विशेष दिवसों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों, व्रतों और धार्मिक आयोजनों की महत्ता से भी अवगत कराएगा। इससे लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि इस पंचांग में देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था स्थलों को विशेष रूप से स्थान दिया गया है। ये स्थल न केवल श्रद्धा के केंद्र हैं, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत के प्रतीक भी हैं। इस प्रकार यह कैलेंडर एक जानकारीपरक दस्तावेज होने के साथ-साथ उत्तराखंड की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करने वाला प्रेरणादायक संकलन भी है।
मुख्यमंत्री ने सूचना एवं लोक संपर्क विभाग के इस प्रयास की सराहना करते हुए आशा व्यक्त की कि यह पंचांग कैलेंडर राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए उपयोगी सिद्ध होगा और आने वाले समय में इसे और अधिक समृद्ध एवं व्यापक स्वरूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
इस अवसर पर सचिव विनय शंकर पांडेय, महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान शहरी विकास विभाग, पेयजल विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग की नीलकंठ महादेव (पौड़ी गढ़वाल) एवं रामनगर (नैनीताल) में मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान करते हुए पार्किंग निर्माण गाइडलाइंस का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 5183.65 लाख) एवं रामनगर, नैनीताल मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 3857.64 लाख) में प्रवेश एवं निकासी के लिए टर्निंग रेडियस सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का विशेष ख्याल रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव में पार्किंग भूमि का जियोटेक्निकल सर्वे भी अनिवार्य रूप से कराए जाने की बात भी कही। साथ ही बिल्डिंग के फसाड के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग के कुल 4 प्रस्तावों (3 पेयजल परियोजनाओं – पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2438.32 लाख, तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 3986.24 लाख एवं ऊखीमठ नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2578.52 लाख) एवं लालकुआं नगर पंचायत सीवरलाइन परियोजना (कुल लागत 37.95 लाख) को भी संस्तुति प्रदान की। उन्होंने ग्रेविटी आधारित पेयजल परियोजनाओं में मीटर लगाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीवर लाइन परियोजना को पूर्ण किए जाने हेतु समयसीमा भी निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।
समिति द्वारा लोक निर्माण विभाग की काठगोदाम बाईपास मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 3.500 किमी0 मार्ग एवं इसमें 75 मी0 स्पान का सेतु निर्माण (कुल लागत 1177.93 लाख) को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सड़कों पर मलबा मिलने पर सचिव ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून। देहरादून में सड़कों की स्थिति सुधारने और रोड कटिंग के बाद रेस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य समयसीमा में पूरा करने और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न होने के सख्त निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने सुबह करीब 6 बजे से जिलाधिकारी सविन बंसल और जिला प्रशासन की टीम के साथ शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दिलाराम चौक, सहस्त्रधारा रोड, धर्मपुर चौक, रिस्पना पुल, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, बल्लूपुर चौक समेत कई इलाकों में रोड कटिंग के बाद किए गए सड़कों के पुनर्स्थापन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर सड़क सुधार कार्य संतोषजनक पाए गए, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी नजर आई। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा पड़ा मिला, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि रोड कटिंग के दौरान निर्धारित शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण किया जाए और मलबे का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो एजेंसियां तय समयसीमा और नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया टीम को ऐसे कार्यों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रोड कटिंग की अनुमति विकास कार्यों के लिए दी जाती है, लेकिन इसके लिए समयसीमा और मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब एक समय में केवल सीमित स्थानों पर ही रोड कटिंग की अनुमति दी जाएगी और 15 से 21 दिन के भीतर कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नई अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया तथा मृदा स्वास्थ्य पत्रिका का विमोचन करते हुए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसान मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी मजबूती का आधार हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है कि वे अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दें। उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने खेतों तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और उर्वरकों की जानकारी दी गई।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों, सतत कृषि पद्धतियों और किसान हितैषी योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित फसल निगरानी, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और डिजिटल परामर्श सेवाओं के जरिए किसानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी संरक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी किसान बेहतर उत्पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत छोटे प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच संवाद और नवाचार का उत्कृष्ट मंच हैं, जिससे नई तकनीकों का प्रसार होता है और कृषि को नई दिशा मिलती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि, प्रो. राजेश बहुगुणा सहित किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
देहरादून। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 3 करोड़ से ज्यादा की इनामी धन राशि जारी की गई है। बृहस्पतिवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में खेल मंत्री रेखा आर्या ने यह धनराशि खिलाड़ियों के खातों में डीबीटी ट्रांसफर की।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इन खिलाड़ियों में 1 जुलाई 2024 से और 31 मार्च 2025 के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा पिछले साल हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले कुछ खिलाड़ी और कोच इनामी धन राशि प्राप्त करने से इसलिए चूक गए थे क्योंकि उन्होंने कुछ कागजी औपचारिकताएं उस समय पूरी नहीं की थी। इन सभी बचे हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भी उनकी इनामी धनराशि बृहस्पतिवार को जारी कर दी गई है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न जॉब की प्रक्रिया भी तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि जल्द ही विभागों में अधिसंख्य पद सृजित करके विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी भी दी जाएगी।
दूसरी पत्नी को लेकर विवाद बना हत्या की वजह
देहरादून। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में प्लास्टिक के कट्टे में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके पति ने ही गला दबाकर की थी और शव को जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला 11 मार्च 2026 का है, जब प्रेमनगर क्षेत्र के मोडूवाला रोड स्थित शीतला माता मंदिर परिसर के पास एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शव कई दिन पुराना होने और चेहरा खराब होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आठ टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने मृतका की पहचान के लिए झुग्गी-बस्तियों, निर्माण स्थलों और मजदूरों के बीच व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। करीब 5000 लोगों से पूछताछ की गई और पर्चे बांटकर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पता चला कि एक निर्माणाधीन मकान में काम करने वाला मजदूर रंजीत शर्मा अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहता था, लेकिन होली के बाद से उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा कुछ समय पहले उसके पास देहरादून आई थी और दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 5 मार्च की रात विवाद बढ़ने पर उसने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में डालकर कमरे में छिपाए रखा और चार दिन बाद मौका मिलते ही उसे शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका हाल ही में बिहार से आई थी, जिससे आरोपी को लगा कि उसकी पहचान नहीं हो पाएगी।
पुलिस ने आरोपी रंजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को अधिकारियों द्वारा नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
रोनाल्डो के क्लब में हुए शामिल
नई दिल्ली। विश्व फुटबॉल के दिग्गज लियोनल मेसी ने एक और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। उन्होंने आधिकारिक मुकाबलों में 900 गोल पूरे कर फुटबॉल इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस उपलब्धि के साथ वह क्रिस्टियानो रोनाल्डो के बाद यह आंकड़ा छूने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं।
लियोनल मेसी ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि अमेरिका के क्लब इंटर मियामी के लिए खेलते हुए हासिल की। कॉनकाकाफ चैंपियंस कप में नैशविल के खिलाफ मुकाबले के दौरान उन्होंने अपना 900वां गोल दागकर इतिहास रच दिया।
इस उपलब्धि के साथ मेसी अपने करियर के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी क्रिस्टियानो रोनाल्डो के विशेष समूह में शामिल हो गए हैं। रोनाल्डो पहले ही 900 से अधिक गोल कर चुके हैं और फिलहाल 1000 गोल के आंकड़े की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि, मेसी ने यह मुकाम कम मुकाबलों में हासिल कर अपनी अलग पहचान बनाई है।
आंकड़ों के अनुसार, मेसी ने 1142 मैचों में 900 गोल पूरे किए, जबकि रोनाल्डो को इस आंकड़े तक पहुंचने में अधिक मुकाबले खेलने पड़े। इससे मेसी की निरंतरता और गोल करने की क्षमता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
अगर करियर पर नजर डालें तो मेसी ने सबसे ज्यादा गोल स्पेन के क्लब बार्सिलोना के लिए किए, जहां उन्होंने 672 गोल दागे। इसके बाद पेरिस सेंट जर्मेन के लिए भी उनका प्रदर्शन प्रभावशाली रहा। वर्तमान में वह इंटर मियामी के लिए लगातार गोल कर रहे हैं और टीम के प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मेसी का रिकॉर्ड शानदार है। अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने 100 से अधिक गोल किए हैं और टीम को विश्व कप जिताने में अहम भूमिका निभाई है।
मेसी के करियर का सबसे यादगार साल 2012 रहा, जब उन्होंने क्लब और देश के लिए मिलाकर 91 गोल दागे थे। यह रिकॉर्ड आज भी फुटबॉल इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में दर्ज है।
हालांकि, इस ऐतिहासिक गोल के बावजूद उनकी टीम को सफलता नहीं मिल सकी। इंटर मियामी और नैशविल के बीच मुकाबला बराबरी पर खत्म हुआ, लेकिन नियमों के चलते टीम प्रतियोगिता से बाहर हो गई। ऐसे में मेसी की उपलब्धि के बावजूद टीम आगे नहीं बढ़ पाई।
साक्ष्य के अभाव में सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को दी राहत
नई दिल्ली। चर्चित स्नेक वेनम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह मामला वर्ष 2023 में नोएडा में आयोजित एक कथित रेव पार्टी से जुड़ा था, जिसमें सांपों के जहर के इस्तेमाल के आरोप लगे थे और जिसने देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान कई अहम कानूनी बिंदुओं पर विचार किया। अदालत ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जिस साइकोट्रॉपिक पदार्थ का उल्लेख किया गया है, वह इस कानून की निर्धारित सूची में शामिल ही नहीं है। ऐसे में इस अधिनियम के तहत दर्ज मामला टिकाऊ नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एल्विश यादव के पास से कोई प्रत्यक्ष बरामदगी नहीं हुई थी। चार्जशीट में केवल यह आरोप था कि उन्होंने किसी सहयोगी के माध्यम से सामग्री मंगवाई थी, जो अपने आप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं है।
इसके अलावा, अदालत ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 55 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत अभियोजन केवल अधिकृत अधिकारी की शिकायत के आधार पर ही शुरू किया जा सकता है। मौजूदा एफआईआर इस प्रक्रिया के अनुरूप नहीं पाई गई, इसलिए इसे विधिसम्मत नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोप स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं होते, क्योंकि वे एक पूर्व शिकायत से जुड़े थे, जिसे पहले ही बंद किया जा चुका है।
इन सभी आधारों पर सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि एफआईआर न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतरती, इसलिए इसे रद्द किया जाना उचित है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि उसने मामले के तथ्यों या आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
साथ ही, कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नई शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मुद्दे पर चिंता भी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यदि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग इस तरह के मामलों में शामिल पाए जाते हैं, तो इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है, खासकर जब बात बेजुबान जानवरों के उपयोग की हो।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि एल्विश यादव एक वीडियो शूट के सिलसिले में गायक फाजिलपुरिया के निमंत्रण पर कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनका दावा था कि न तो रेव पार्टी के पुख्ता सबूत हैं और न ही किसी मादक पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। साथ ही, लैब रिपोर्ट के आधार पर यह भी कहा गया कि बरामद सांप विषैले नहीं थे।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से दावा किया गया कि मौके से नौ सांप, जिनमें कोबरा भी शामिल थे, बरामद किए गए थे और सांप के जहर के इस्तेमाल के संकेत मिले थे। अदालत ने इस पर भी सवाल उठाए कि जहर निकालने और उसके उपयोग की प्रक्रिया क्या रही होगी।
बदलती दिनचर्या, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण दिल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार शरीर पहले ही गंभीर बीमारी के संकेत देने लगता है, लेकिन लोग उन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। पैरों में बार-बार होने वाली सूजन भी ऐसा ही एक संकेत हो सकता है, जो दिल की कमजोरी की ओर इशारा करता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर पैरों, टखनों या तलवों में लगातार सूजन बनी रहती है, तो इसे सामान्य समस्या समझकर टालना खतरनाक हो सकता है। यह स्थिति शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने का संकेत देती है, जो अक्सर दिल की कार्यक्षमता कमजोर होने से जुड़ी होती है। जब दिल सही तरीके से रक्त पंप नहीं कर पाता, तो शरीर के निचले हिस्सों में द्रव जमा होने लगता है, जिससे सूजन दिखाई देने लगती है।
मेडिकल भाषा में इस स्थिति को “एडीमा” कहा जाता है। यह समस्या सिर्फ पैरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि हाथों, चेहरे और पेट में भी दिखाई दे सकती है। हालांकि, दिल से जुड़ी समस्याओं में इसका असर पैरों और टखनों में ज्यादा देखने को मिलता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि एडीमा के साथ कई अन्य लक्षण भी सामने आ सकते हैं, जैसे अचानक वजन बढ़ना, त्वचा में खिंचाव महसूस होना, सांस लेने में परेशानी, जल्दी थकान और चलने-फिरने में दिक्कत। कुछ मामलों में जूते या चप्पल का अचानक टाइट लगना भी शरीर में तरल पदार्थ बढ़ने का संकेत होता है।
डॉक्टरों की सलाह है कि अगर ये लक्षण बार-बार दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। नमक का सेवन सीमित करना, नियमित व्यायाम करना और वजन नियंत्रित रखना इस समस्या से बचाव में मददगार हो सकता है। साथ ही बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेने से बचना जरूरी है।
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि सही समय पर जांच जैसे ईसीजी, इकोकार्डियोग्राफी और ब्लड टेस्ट के जरिए स्थिति का पता लगाया जा सकता है। समय रहते पहचान और इलाज से गंभीर जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
(साभार)
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू नवसंवत्सर की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि विक्रम संवत 2083 सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और नई ऊर्जा लेकर आए।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह नववर्ष उत्तराखंड के विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करे। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में उन्नति, शांति और आनंद का संचार हो।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ नए वर्ष का स्वागत करने का आह्वान भी किया।
