ममता ने टीएमसीपी कार्यकर्ताओं को दी बधाई, बताया तृणमूल परिवार का मजबूत स्तंभ
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के स्थापना दिवस पर युवाओं को अन्याय के खिलाफ डटकर खड़े होने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कैसी भी परिस्थिति हो, अन्याय से समझौता नहीं करना चाहिए। ममता बनर्जी ने इस अवसर पर टीएमसीपी से जुड़े पुराने और नए कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए उन्हें सामाजिक न्याय और प्रगति की लड़ाई का अहम हिस्सा बताया।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि टीएमसीपी, तृणमूल परिवार का एक मजबूत स्तंभ है और बंगाल को और आगे बढ़ाने में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने संदेश दिया—“सिर ऊंचा रखकर जीना और अन्याय के खिलाफ हर लड़ाई में मुझे अपने साथ पाओगे।” ममता बनर्जी गुरुवार दोपहर कोलकाता के मेयो रोड पर आयोजित स्थापना दिवस की भव्य रैली को संबोधित करेंगी।
इसी अवसर पर तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी युवाओं की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि टीएमसीपी एक ऐसा मंच है, जहां छात्र और युवा अपनी आवाज बुलंद कर सकते हैं और समाज में बदलाव लाने में योगदान दे सकते हैं। अभिषेक बनर्जी ने सभी कार्यकर्ताओं को उनकी प्रतिबद्धता के लिए धन्यवाद देते हुए कहा—“युवाओं की ऊर्जा और सपनों से ही बंगाल की प्रगति का रास्ता मजबूत होता है। जय बांग्ला।”
देहरादून/दिल्ली। दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कोटद्वार के एक शिष्टमंडल से भेंट करते हुए गढ़वाल लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने आश्वासन दिया कि लंबे समय से लंबित कंडी मोटर मार्ग और लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग पर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सड़कें जल्द ही बनकर तैयार होंगी और इससे पूरे भाबर व गढ़वाल क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
शिष्टमंडल ने सांसद को ज्ञापन सौंपकर लालढांग–चिल्लरखाल मोटर मार्ग के डामरीकरण व अपूर्ण पड़े सिगड्डी स्रोत व मैली स्रोत पर पुल निर्माण की मांग की। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि यह मार्ग 1965 से अस्तित्व में है और पहले यह ढाकर पैदल मार्ग के रूप में व्यापारिक मंडियों को जोड़ता था। लेकिन राज्य गठन के बाद से यह उपेक्षा का शिकार रहा है और आज बंदी के कगार पर है।
सांसद बलूनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि यह दशक उत्तराखंड के चहुंमुखी विकास का दशक बने। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भाबर क्षेत्र के नयागांव, मोल्हापुरी, रसूलपुर व अन्य गांवों के लोगों को अब 11 से 20 किलोमीटर पैदल चलने की मजबूरी से राहत मिलेगी। मामला न्यायालय में विचाराधीन है और जल्द समाधान निकलने की उम्मीद है।
शिष्टमंडल ने इस मार्ग को ऐतिहासिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह वाइल्ड लाइफ व साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देगा। साथ ही क्षेत्र के सुलताना भांडू, कण्वाश्रम, महाबगढ़ व मालिनी नदी घाटी सभ्यता तक पर्यटकों की आसान पहुँच सुनिश्चित करेगा।
बैठक के दौरान शिष्टमंडल ने कोटद्वार में पासपोर्ट कार्यालय व यमकेश्वर विकासखंड के लिए सिंगटाली पुल निर्माण को लेकर सांसद बलूनी की प्रतिबद्धता पर आभार जताया। शिष्टमंडल में वरिष्ठ पत्रकार व हिमालयन डिस्कवर फाउंडेशन ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज इष्टवाल, सनातन महापरिषद भारत दिल्ली अध्यक्ष सोम प्रकाश गौड़, विमला कुंदन सेवाग्राम ट्रस्ट के मुख्य ट्रस्टी गिरिराज सिंह रावत, विकास देवरानी, चन्द्रमोहन कुकरेती व समाजसेवी श्रीमती प्रणिता कंडवाल आदि शामिल रहे।
हादसे से इलाके में दहशत, नुकसान का आंकलन कर रही प्रशासनिक टीमें
नैनीताल। नैनीताल नगर के मल्लीताल स्थित ऐतिहासिक ओल्ड लंदन हाउस (निर्माण वर्ष 1863) की ऊपरी मंजिल में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में इतिहासकार प्रो. अजय रावत की बहन 86 वर्षीय शांता बिष्ट की मौत हो गई। शांता बिष्ट अपने बेटे निखिल के साथ इस भवन में रह रही थीं। अग्निशमन दल ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया और मलबे से उनका शव बरामद किया।
बुधवार रात लगभग 9:54 बजे आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और अंदर फंसे कुछ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना की जानकारी पुलिस व प्रशासन को दी गई, जिसके बाद एसडीआरएफ, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने राहत कार्य शुरू किया।
आग तेजी से फैलने पर पुलिस ने आसपास की दुकानों और मकानों को खाली कराया और एहतियातन बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी। करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात 12:30 बजे आग पर काबू पाया जा सका।
इस दौरान आईजी रिद्धिम अग्रवाल, एसएसपी पीएन मीणा, एडीएम शैलेश नेगी और एसडीएम नवाजिश खलीक सहित कई अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने बताया कि फायर ब्रिगेड ने आग बुझा दी है, एक महिला का शव बरामद किया गया है और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
वैकल्पिक मार्ग बनाने, राहत व पुनर्वास कार्य तेज करने और आधुनिक तकनीक से सर्च ऑपरेशन चलाने के दिए निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने धराली आपदा प्रभावित क्षेत्र सहित प्रदेश के राहत एवं पुनर्वास कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सचिव आपदा एवं आयुक्त गढ़वाल से धराली में चल रहे राहत व रेस्टोरेशन कार्यों की अद्यतन जानकारी ली।
मुख्य सचिव ने लोक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग को प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के अस्थायी झील में डूबे हिस्से के लिए तत्काल वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने अन्य पैदल और वैकल्पिक मार्गों को भी दुरुस्त करने को कहा। साथ ही सर्च ऑपरेशन्स को नवीनतम तकनीक के उपयोग से और तेज करने तथा प्रभावितों के लिए रहने व खाने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क मार्ग बाधित होने से प्रभावित क्षेत्र के फल और सब्जी उत्पादकों को बाजार की समस्या आ रही है। इसके समाधान के लिए कृषि विभाग को उत्तराखण्ड हॉर्टीकल्चर बोर्ड और मंडी परिषद के माध्यम से खरीद सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही जीएमवीएन और केएमवीएन के बाजार प्रकोष्ठ को सक्रिय करने और कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था कराने को भी कहा गया।
मुख्य सचिव ने प्रभावितों की आजीविका सुधार पर जोर देते हुए कहा कि ऐप्पल मिशन, कीवी मिशन, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना और होम स्टे जैसी योजनाओं से आजीविका बहाल करने की दिशा में कार्ययोजना तैयार की जाए। आपदा में हुई पशुधन हानि का मुआवजा तत्काल वितरित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, अस्पताल और आंगनवाड़ी केन्द्र के लिए प्रीफैब भवन शीघ्र तैयार करने को कहा। साथ ही नष्ट हुए प्रमाणपत्रों और दस्तावेजों के लिए मल्टीपरपज कैम्प लगाकर प्रभावितों को दस्तावेज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने लापता लोगों के लिए सिविल डेथ प्रमाणीकरण की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने और विदेशी लापता व्यक्तियों (नेपाली मूल के श्रमिक एवं विदेशी पर्यटक) के मामले में भी तय प्रक्रिया अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्पत्ति क्षति मुआवजा के आंकलन हेतु सैटेलाइट इमेजरी और यूकॉस्ट की मदद से आधुनिक तकनीक का उपयोग करने को कहा।
इसके साथ ही उन्होंने यूएसडीएमए द्वारा पूर्व में किए गए अध्ययनों और डाटा का विश्लेषण कर उपयोग में लाने तथा प्रदेश की सभी ग्लेशियरों, झीलों, मोरेन और बोल्डर्स का तत्काल विश्लेषण कर संभावित खतरे का आंकलन मॉड्यूल तैयार करने के निर्देश दिए। इसके लिए वैज्ञानिक संगठनों को शामिल कर विशेषज्ञ टीम गठित की जाएगी।
इस अवसर पर सचिव शैलेश बगोली, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, आयुक्त कुमाऊं दीपक रावत, आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, युगल किशोर पंत, अपर सचिव डॉ. अहमद इकबाल, आनन्द स्वरूप, आशीष चौहान एवं हिमांशु खुराना सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बुधवार को कंडोली पहुंचकर रिस्पना-बिंदाल एलिवेटेड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मंत्री जोशी ने परियोजना क्षेत्र में आ रहे कच्चे एवं पक्के मकानों के सर्वे कार्य को न्यायसंगत ढंग से पुनः करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
मंत्री जोशी ने मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों की समस्याएं भी सुनी और अधिकारियों को शीघ्र समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को आगे बढ़ाते हुए प्रभावितों के हितों का पूरा ध्यान रखेगी।
इस अवसर पर महानगर महामंत्री सुरेंद्र राणा, अरविन्द डोभाल, पीडब्ल्यूडी ईई जितेंद्र त्रिपाठी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
आगामी 28, 29 व 30 अगस्त को अभ्यर्थियों के होंगे साक्षात्कार
कहा, श्रेष्ठता सूची के अनुरूप महाविद्यालयों में आउटसोर्स से मिलेगी तैनाती
देहरादून। प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयों में 117 अस्थाई योग प्रशिक्षितों को शीघ्र तैनाती दी जायेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने उक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर आवेदित अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हेतु समय सारणी जारी कर दी है। जिसके तहत आगामी 28, 29 एवं 30 अगस्त को दून विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों के साक्षात्कार आयोजित किये जायेंगे। इसके उपरांत श्रेष्ठता सूची के अनुरूप अभ्यर्थियों को विभिन्न महाविद्यालयों में आउटसोर्स के माध्यम से नियुक्ति दी जायेगी।
सूबे के उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ योग में भी प्रशिक्षित किया जायेगा। इसके लिये शीघ्र ही 117 अस्थाई योग प्रशिक्षितों की तैनाती राजकीय महाविद्यालयों में की जायेगी। डॉ. रावत ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग ने उक्त पदों पर नियुक्ति को कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के ‘रोजागर प्रयाग पोर्टल’ पर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे थे, जिसके क्रम में विभाग ने साक्षात्कार कमेटी गठित कर आवेदित अभ्यर्थियों के साक्षात्कार हेतु कार्यक्रम जारी कर दिया है। जिसके तहत आगामी 28, 29 व 30 अगस्त को दून विश्वविद्यालय परिसर में अभ्यर्थियों के इंटरव्यू लिये जायेंगे। विभागीय मंत्री ने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर उक्त पदों के लिये 640 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें से 460 लोगों ने ही अपने शैक्षणिक एवं कार्यानुभव प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड़ किये थे। प्रत्येक साक्षात्कार दिवस पर चार पालियों में 50-50 आवेदित योग प्रशिक्षकों का इंटरव्यू लिया जायेगा, जबकि 30 अगस्त को उन अभ्यर्थियों को भी साक्षात्कार में शामिल किया जायेगा जो किसी कारणवश साक्षात्कार देने से रह गये थे।
इसके उपरांत आवेदित अभ्यथियों की विभागीय रोस्टर के अनुसार वरियता सूची तैयार की जायेगी और चयनित अभ्यर्थियों को उनके द्वारा भरे गये विकल्पों के आधार पर आउटसोर्स के माध्यम से विभिन्न महाविद्यालयों में तैनाती दी जायेगी। डॉ. रावत ने कहा कि विभागीय अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता के साथ साक्षात्कार आयोजित करने के निर्देश दिये गये हैं ताकि योग्य युवाओं को मौका मिल सके।
गुमनाम दलों को मिले भारी फंड पर कांग्रेस नेता ने पूछा– यह पैसा आया कहां से और गया कहां?
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने गुजरात की कुछ राजनीतिक पार्टियों को मिले भारी-भरकम चंदे को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए आरोप लगाया कि जिन दलों का नाम तक लोगों ने नहीं सुना, उन्हें हजारों करोड़ रुपये का फंड मिला है, लेकिन उनका चुनावी प्रदर्शन बेहद नगण्य रहा।
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि इन गुमनाम दलों ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव तथा 2022 के विधानसभा चुनाव में कुल 43 उम्मीदवार खड़े किए, जिन्हें मिलकर महज 54,000 से अधिक वोट हासिल हुए। वहीं, इनकी चुनावी रिपोर्ट में खर्च करीब 39 लाख रुपये दर्ज है, जबकि ऑडिट रिपोर्ट में 3,500 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब सामने आता है।
राहुल गांधी ने चुनाव आयोग को घेरते हुए कहा कि आखिर इन पार्टियों को 4,300 करोड़ रुपये का चंदा कहां से मिला और यह पैसा खर्च कहां हुआ? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या चुनाव आयोग इसकी जांच करेगा या फिर केवल हलफनामा मांगकर मामले को टाल देगा?
गौरतलब है कि राहुल गांधी हाल ही में मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा भी उठा चुके हैं। उस वक्त चुनाव आयोग ने उन्हें शपथपत्र देकर सबूत पेश करने या माफी मांगने को कहा था। अब एक बार फिर कांग्रेस नेता ने आयोग की भूमिका पर सवाल खड़े कर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील को खोलने के लिए चल रहे कार्यों का लिया जायजा
सीएम ने प्रभावितों से मिल कर सुनी समस्याएं, प्रभावितों को हर संभव सहायता दिए जाने का दिया आश्वाशन
स्यानाचट्टी(उत्तरकाशी)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज जनपद के स्यानाचट्टी में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया ।इस दौरान मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित लोगों से मिले तथा उनकी समस्याएं सुनकर हर संभव सहायता दिए जाने का आश्वाशन दिया।
स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में गडगाड गदेरे से मलबा आने से यमुना का प्रवाह अवरुद्ध होने के कारण अस्थाई झील निर्मित हुई थी। मुख्यमंत्री ने स्यानाचट्टी में बनी अस्थाई झील का निरीक्षण किया और नदी मार्ग में जमा हुई गाद को हटाने और झील के मुहाने को चौड़ा करके त्वरित जल निकासी बढ़ाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को जल भराव और मलबा आने से स्थानीय लोगों का हुए नुकसान का तत्काल आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने तथा आवाजाही बाधित होने के कारण आलू की फसल की उचित मूल्य पर खरीद की व्यवस्था करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कुपड़ा कुंशाला पुल का स्थलीय निरीक्षण कर जल्द से जल्द कार्यदायी संस्था नामित कर निर्माण कार्य शुरू करने और आवाजाही बहाल होने तक वैकल्पिक पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि जगह जगह भूस्खलन से मार्ग अवरुद्ध होने से बाधित हुई आवाजाही को बहाल किया जाए और यमुनोत्री मार्ग को सुचारू कर यात्रा के लिए जल्द खोला जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा संकट की इस घड़ी में सरकार हर पीड़ित परिवार के साथ है तथा प्रभावित लोगों को हुए नुकसान का आंकलन कर जल्द से जल्द हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, जिलाध्यक्ष बीजेपी नागेंद्र चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान,गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट , जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक सरिता डोभाल, कमांडेंट एसडीआरएफ अर्पण यदुवंशी, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम बृजेश तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक देवेंद्र सिंह नेगी एवं जनक सिंह पंवार उपस्थित रहे ।
देहरादून। सुबे के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा की। बैठक में कृषि मंत्री जोशी ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने समीक्षा के दौरान कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप समय पर सेब के कार्टन उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने उत्तरकाशी के धराली क्षेत्र और आसपास के प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी फल भंडारण केंद्र शीघ्र बनाने के निर्देश दिए। साथ ही, आराकोट में कोल्ड स्टोरेज और नौगांव में मंडी निर्माण कार्य को जल्द पूरा करने को कहा।
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के 95 ब्लॉकों में अधिक से अधिक किसानों, स्वयं सहायता समूहों, पूर्व सैनिकों को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने वाइब्रेंट योजना के तहत सीमांत गांवों में अखरोट उत्पादन की संभावनाओं को तलाशने और इसमें पूर्व सैनिकों को जोड़ने पर जोर दिया। साथ ही, प्रदेश के राजकीय गार्डनों में अखरोट की नर्सरी विकसित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में उन्होंने फार्म मशीनरी बैंक की अधिकतम स्थापना करने को कहा, ताकि किसानों को खेती के उपकरण सस्ती दरों पर उपलब्ध हो सकें। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सेब की अति सघन बागवानी को बढ़ावा देने और दुर्गम क्षेत्रों में कृषकों के उत्पादों को सड़क मार्ग तक पहुंचाने के लिए रोपवे निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।
कृषि मंत्री जोशी ने पॉलीहाउस निर्माण की प्रगति पर भी नाराजगी जताई और अधिकारियों को तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने उच्च अधिकारियों को जनपद स्तरीय अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाए तथा लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में आगामी माह में प्रस्तावित विभागीय कार्यक्रमों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में कृषि सचिव डा0 एसएन पांडेय, कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, कृषि निदेशक परमाराम, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार, संयुक्त निदेशक सुरेशराम, बागवानी मिशन के निदेशक महेंद्र पाल, जैविक बोर्ड के एमडी विनय कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
तेज़ जीवनशैली, बढ़ता तनाव, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी ने हृदय रोगों को आम समस्या बना दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, हर साल लाखों लोग हृदय संबंधी बीमारियों से प्रभावित होते हैं और कई असमय मृत्यु का शिकार हो जाते हैं। इसलिए अब जरूरी है कि हम अपने दिल का ख्याल रखें और आहार तथा जीवनशैली में ऐसे बदलाव करें जो दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखें।
पौष्टिक और संतुलित आहार से दिल की सुरक्षा
अध्ययन बताते हैं कि अधिक तैलीय, जंक फूड और प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ न केवल मोटापे का कारण बनते हैं, बल्कि ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को भी असंतुलित कर देते हैं। वहीं, संतुलित और पौष्टिक आहार, विशेषकर शाकाहारी विकल्प, दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करते हैं।
प्लांट-बेस्ड डाइट के फायदे
हरी सब्जियां, फल, दालें, अनाज और मेवे हृदय के लिए बेहद लाभकारी हैं। इनमें मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स धमनियों को साफ रखते हैं और बैड कोलेस्ट्रॉल कम करते हैं। इसके अलावा, यह ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।
दिल के लिए लाभकारी खाद्य पदार्थ:
नट्स और सीड्स:
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर होता है, जो ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखकर हृदय स्वास्थ्य को सुधारते हैं।
ग्रीन-टी:
इसमें मौजूद कैटेचिन्स एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय के लिए लाभकारी हैं। रोजाना दो-तीन कप ग्रीन-टी पीने से ब्लड प्रेशर और दिल की अन्य समस्याओं का खतरा कम होता है।
एवोकाडो:
मोनोअनसैचुरेटेड फैट का अच्छा स्रोत, जो बैड कोलेस्ट्रॉल कम और गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाता है। हफ्ते में दो बार एवोकाडो खाने से कार्डियोवस्कुलर रोगों का जोखिम 21% तक घट सकता है।
फाइबर युक्त सब्जियां और पत्तेदार साग:
पालक, केल, ब्रोकली जैसी सब्जियां फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन-के से भरपूर होती हैं। ये रक्तचाप को नियंत्रित रखने और धमनियों को कठोर होने से बचाने में मदद करती हैं।
निष्कर्ष:
दिल की सेहत बनाए रखने के लिए सिर्फ व्यायाम ही नहीं, बल्कि सही आहार भी उतना ही जरूरी है। पौष्टिक और संतुलित शाकाहारी विकल्प अपनाकर आप अपने दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रख सकते हैं।
(साभार)