पीआईबी द द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया संबोधित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारत सरकार के प्रगति पोर्टल विषय पर पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार (पीआईबी) देहरादून द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान राज्य में चल रही विभिन्न केंद्रीय परियोजनाओं के बारे में पत्रकारों को विस्तृत जानकारी दी।
वार्ता के दौरान धामी ने जानकारी दी कि परियोजनाओं, योजनाओं एवं जन शिकायतों की त्वरित समीक्षा एवं समाधान के लिए पोर्टल- प्रो एक्टिव एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (PRAGATI) बनाया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विभिन्न योजनाएं जो देश के अंदर संचालित होती हैं उनकी समीक्षा के लिए प्रगति पोर्टल डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत लॉन्च किया गया था। प्रगति पोर्टल भारत सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की निगरानी करता है और पोर्टल में आई समस्याओं का समाधान भी करता है। जिसकी वजह से विकास की योजनाएं तेजी से धरातल पर उतरती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कहा कि 2014 के बाद से देश में इंफ्रास्ट्रक्चर, परिवहन, रेलवे, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, हवाई सेवा की योजनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स का रिव्यू PRAGATI मैकेनिज्म के तहत किया जा रहा है।
इनमें से अब तक 10 योजनाएं सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी हैं और 32 परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। जो 32 परियोजनाएं अंडर इम्प्लीमेंटेशन हैं उनमें से 12 परियोजनाएं PRAGATI पोर्टल के तहत मॉनिटर की जा रही हैं। इनमें सड़क और राजमार्ग की 19 परियोजनाएं, IT/ITES की 3 परियोजनाएं, ऊर्जा उत्पादन की 3 परियोजनाएं, रेलवे की 2 परियोजनाएं, कृषि, उद्योग-वाणिज्य, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत, अपशिष्ट और जल प्रबंधन में एक-एक परियोजनाएं शामिल हैं।
मौजूदा समय में उत्तराखंड में 3.50 लाख करोड़ रुपये के कुल निवेश वाली 42 परियोजनाओं की निगरानी की जा रही है, इनमें से 1.22 लाख करोड़ रुपये के 15 हाई-वैल्यू प्रोजेक्ट्स की समीक्षा प्रगति (PRAGATI) मैकेनिज्म के तहत की जा रही है ।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बड़ी परियोजनाएं जैसे चार धाम सड़क परियोजना पर तेजी से काम हुआ है। इसी प्रकार ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन देश की प्रमुख परियोजना है जो पहाड़ों के बीच से हमारे सुदूरवर्ती क्षेत्र तक पहुंच रही है। इस परियोजना का काफी काम पूरा हो चुका है और परियोजना के पूरा होते ही यह क्षेत्र पर्यटन, चार धाम आने वाले श्रद्धालुओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा। साथ ही सामरिक रूप से भी इसका महत्व बढ़ेगा, क्योंकि कर्णप्रयाग तक रेलवे लाइन पहुंचने से मानसून वर्षाकाल में जो रास्ते अवरुद्ध हो जाते हैं। इस रेलवे लाइन के बिछने से लोगों का सफर आसान हो जाएगा।
सीएम धामी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से ऋषिकेश, हरिद्वार, मसूरी, धनोल्टी, देहरादून आने वाले सभी देश-दुनिया के पर्यटक लाभान्वित होंगे। जल विद्युत परियोजनाएं जो राज्य की दृष्टि से अति महत्वपूर्ण है उन सभी पर तेजी से काम चल रहा है। जिनकी समीक्षा प्रतिदिन भारत सरकार के प्रगति पोर्टल के माध्यम से हो रही हैं। आज आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत, डिजिटल इंडिया का सपना साकार हो रहा है जिसमें प्रगति पोर्टल का अहम रोल है।
भागीरथी इको सेंसेटिव ज़ोन के कारण जल विद्युत परियोजनाओं में आ रहे अवरोधों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार इस चुनौतिपूर्ण परेशानी को दूर करने के प्रयास करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने ‘पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना(SASCI) 2025-26’ के तहत उत्तराखंड के लिए ₹734 करोड़ की अतिरिक्त ऋण राशि (Additional Allocation) और शहरी क्षेत्रों में भूमि सुधार के लिए 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
इस दोहरी सौगात के साथ चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र द्वारा उत्तराखंड को SASCI योजना के अंतर्गत दी गई कुल सहायता अब ₹1,806.49 करोड़ के प्रभावशाली आंकड़े तक पहुँच गई है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता प्रधानमंत्री की प्रेरणा से इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने और ‘विकसित उत्तराखंड’ के विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगी।”
गणेश जोशी बोले— सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण को सरकार प्रतिबद्ध
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी विधानसभा क्षेत्र के जैंतनवाला में ₹17.47 लाख की लागत से निर्मित ‘वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय स्मृति पार्क’ के सौंदर्यकरण कार्य का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने पार्क में स्थापित वीर स्क्वाड्रन लीडर अभिमन्यु राय की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने क्षेत्रीय विकास को गति देने के उद्देश्य से ₹26.99 लाख की लागत से इंटरलॉकिंग टाइल्स के माध्यम से सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास भी किया। इसके साथ ही उन्होंने जैंतनवाला ग्रीन लॉन कॉलोनी में लगभग 2 किलोमीटर नाली एवं सड़क निर्माण की घोषणा की।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों के साथ-साथ देश के वीर सैनिकों और उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्मृति पार्क जैसे कार्य न केवल शहीदों की यादों को संजोते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा भी देते हैं। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
छाती में अचानक दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना आम लग सकता है, लेकिन यह शरीर का एक अहम चेतावनी संकेत भी हो सकता है। कई बार लोग इसे गैस, थकान या हल्का अपच मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही लक्षण किसी गंभीर बीमारी की शुरुआत भी हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार छाती में भारीपन दिल, फेफड़ों, पाचन तंत्र या मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है।
अगर यह परेशानी बार-बार हो रही है या दर्द बाएं हाथ, गर्दन, पीठ या जबड़े तक फैल रहा है, तो इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हालांकि यह भी सच है कि हर छाती दर्द का कारण हार्ट अटैक ही हो, ऐसा जरूरी नहीं। सही वजह जानने के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी है।
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी, बढ़ता तनाव और अनियमित दिनचर्या के चलते पैनिक अटैक और एंग्जायटी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं, जिनमें छाती में भारीपन एक आम लक्षण बन चुका है। ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि छाती में भारीपन किन-किन बीमारियों का संकेत हो सकता है।
दिल से जुड़ी बीमारियों का संकेत
हृदय की धमनियों में जब चर्बी या प्लाक जमा हो जाता है, तो रक्त प्रवाह बाधित होने लगता है। इस स्थिति को कोरोनरी आर्टरी डिजीज कहा जाता है। इसके कारण छाती में दबाव, भारीपन, सांस फूलना, ठंडा पसीना और मतली जैसी शिकायतें हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय रहते ईसीजी और अन्य जांच कराने से हार्ट अटैक जैसे गंभीर खतरे से बचा जा सकता है।
फेफड़ों और श्वसन तंत्र से जुड़ी समस्याएं
फेफड़ों से जुड़ी बीमारियां जैसे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या फेफड़ों में संक्रमण भी छाती में जकड़न और भारीपन पैदा कर सकते हैं। सांस लेने में दिक्कत, खांसी या सीने में दर्द इसके सामान्य लक्षण हैं।
वहीं पल्मोनरी एम्बोलिज्म यानी फेफड़ों की धमनी में खून का थक्का एक गंभीर और आपात स्थिति है, जिसमें अचानक तेज दर्द और भारीपन महसूस होता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल मदद जरूरी होती है।
पेट की समस्याएं और एसिड रिफ्लक्स
कई बार छाती में भारीपन की वजह दिल नहीं बल्कि पेट से जुड़ी होती है। एसिडिटी या एसिड रिफ्लक्स की स्थिति में पेट का एसिड भोजन नली में ऊपर आ जाता है, जिससे सीने में जलन और दबाव महसूस होता है।
यह परेशानी अक्सर खाने के बाद बढ़ती है और डकार या एंटासिड लेने से कुछ राहत मिलती है। लेकिन बिना जांच के इसे केवल गैस समझ लेना जोखिम भरा हो सकता है।
तनाव, चिंता और पैनिक अटैक
मानसिक तनाव, घबराहट और पैनिक अटैक भी छाती में भारीपन का एक बड़ा कारण बनते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में दिल की धड़कन तेज हो जाती है, सांस लेने में परेशानी होती है और व्यक्ति को घबराहट महसूस होती है। सही काउंसलिंग, योग और तनाव प्रबंधन से इस समस्या पर काबू पाया जा सकता है।
समय पर जांच ही सबसे सुरक्षित रास्ता
छाती में भारीपन को कभी भी घरेलू उपायों या अंदाज़े के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। लक्षण हल्के हों या गंभीर, डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है। संतुलित खान-पान, नियमित व्यायाम और तनाव से दूरी बनाकर कई जोखिमों को कम किया जा सकता है।
याद रखें, बीमारी की समय पर पहचान न सिर्फ इलाज को आसान बनाती है, बल्कि जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाती है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
708 चेक डैम और 419 रिचार्ज शाफ्ट से बढ़ेगा जल संरक्षण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए सभी कार्य समय से कर दिए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिचांई विभाग द्वारा जल संरक्षण, संवर्द्धन एवं संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं तालाब निर्माण किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा राज्य में 708 चेक डैम बनाये गये हैं। विभाग द्वारा ऊधम सिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की गयी है। जिससे वार्षिक लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा के माध्यम से 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। कैम्पा योजना के अन्तर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग को वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आस-पास के लोगों से विभाग का नियमित समन्वय बनाये रखें। वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाए, फायर लाइन की समय रहते सफाई की जाए। साथ ही वनभूमि पर होने वाले अतिक्रमण को भी प्राथमिकता पर हटाया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
अभियुक्तों के कब्जे से लगभग ढाई लाख रू0 मूल्य की 08.17 ग्राम स्मैक तथा 01 किलो 150 ग्राम गांजा हुआ बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक अभियुक्त पूर्व में भी अवैध शराब की तस्करी में जा चुका है जेल
देहरादून। उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से देहरादून पुलिस ने जिलेभर में सघन अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस टीम ने 29 जनवरी 2026 की रात्रि चेकिंग के दौरान आईडीपीएल गेस्ट हाउस, कांवड़ मेला पार्किंग के पास से एक अभियुक्त को 8.17 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सतीश नाथ (30 वर्ष) पुत्र रोशन नाथ, निवासी गली नंबर-17 काली की ढाल, आईडीपीएल ऋषिकेश के रूप में हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध थाना ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 47/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह स्मैक हरिद्वार से सस्ते दामों में खरीदकर ऋषिकेश में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में गांजा तस्कर गिरफ्तार
वहीं थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने 29 जनवरी 2026 को चेकिंग के दौरान आकाशवाणी हरिद्वार रोड से एक अभियुक्त को 1 किलो 150 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्त की पहचान अरुण (26 वर्ष) पुत्र शशि कपूर, निवासी सपेरा बस्ती, आकाशवाणी केंद्र के पास, थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून के रूप में हुई है।
अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 39/26, धारा 8/20/27 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्त का आबकारी अधिनियम के तहत पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बरामदगी विवरण
1 किलो 150 ग्राम गांजा
एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू
600 रुपये नकद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और देवभूमि को नशा-मुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
निजी स्कूलों को चेतावनी- नियम न मानने पर रद्द हो सकती है मान्यता
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को देशभर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अहम निर्देश जारी करते हुए कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बायोडिग्रेडेबल सैनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएं। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि मासिक धर्म से जुड़ा स्वास्थ्य और स्वच्छता, संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के मौलिक अधिकार का अभिन्न हिस्सा है।
छात्राओं की बुनियादी सुविधाओं पर सख्त रुख
अदालत ने कहा कि स्कूलों में शौचालय और मासिक धर्म स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकारों की जिम्मेदारी है। यदि राज्य सरकारें और संबंधित प्राधिकरण इस दिशा में विफल रहते हैं, तो उन्हें इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा। न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर महादेवन की पीठ ने यह निर्देश कक्षा 6 से 12 तक की छात्राओं के लिए जारी किया है, जिसमें केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति को पूरे देश में लागू करने पर जोर दिया गया है।
निजी स्कूलों को सख्त चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने निजी स्कूलों को चेताते हुए कहा कि यदि वे छात्राओं और छात्रों के लिए अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था नहीं करते और छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी पैड उपलब्ध कराने में असफल रहते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है। अदालत ने दो टूक कहा कि मासिक धर्म स्वास्थ्य केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक मौलिक अधिकार है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शौचालय व्यवस्था पर भी निर्देश
शीर्ष अदालत ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए अलग-अलग शौचालय हों। इसके साथ ही दिव्यांग छात्रों के अनुकूल शौचालयों की उपलब्धता को भी अनिवार्य बताया गया है।
जनहित याचिका पर आया फैसला
गौरतलब है कि यह फैसला जया ठाकुर द्वारा दायर जनहित याचिका पर आया है, जिसमें कक्षा 6 से 12 तक की किशोर छात्राओं के लिए सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में केंद्र सरकार की ‘स्कूल जाने वाली लड़कियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता नीति’ को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 10 दिसंबर 2024 को फैसला सुरक्षित रखा था।
विपुल अमृतलाल शाह की बहुचर्चित फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ का दमदार टीज़र रिलीज कर दिया गया है। 2023 में आई विवादों में रही फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के इस सीक्वल ने सामने आते ही दर्शकों के बीच हलचल मचा दी है। टीज़र के साथ ही निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज डेट की भी आधिकारिक घोषणा कर दी है।
टीज़र में दिखी डर, सच्चाई और संघर्ष की झलक
‘आंखें’, ‘नमस्ते लंदन’, ‘सिंह इज़ किंग’, ‘हॉलिडे’ जैसी हिट फिल्मों के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह इस बार एक और गंभीर विषय के साथ लौटे हैं। ‘द केरल स्टोरी 2’ का टीज़र डर, गुस्से, साहस और कड़वी सच्चाइयों से भरा हुआ है, जो दर्शकों को झकझोर कर रख देता है।
टीज़र में तीन हिंदू लड़कियों की कहानी दिखाई गई है, जिनकी भूमिकाएं उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया ने निभाई हैं। कहानी उनके जीवन में आए एक ऐसे मोड़ को दर्शाती है, जहां प्यार धीरे-धीरे भयावह साजिश में बदलता नजर आता है।
कहानी में क्या है खास
नेशनल अवॉर्ड विजेता निर्देशक कमाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिखाया गया है कि तीन मुस्लिम युवकों से प्रेम करने के बाद लड़कियों की जिंदगी कैसे पूरी तरह बदल जाती है। टीज़र संकेत देता है कि यह सिर्फ प्रेम कहानी नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और उसमें फंसाए जाने की भयावह दास्तान है, जहां सच्चाई सामने आने के बाद संघर्ष की शुरुआत होती है।
निर्माताओं का तीखा संदेश
टीज़र रिलीज के साथ ही निर्माताओं ने सोशल मीडिया पर एक सशक्त संदेश साझा किया। पोस्ट में लिखा गया, “अब सहेंगे नहीं… लड़ेंगे। हमारी बेटियां प्यार में नहीं पड़तीं, जाल में फंस जाती हैं।”
टीज़र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस बार लड़कियां सिर्फ पीड़ित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने अंजाम का जवाब भी देंगी।
कब रिलीज होगी फिल्म
‘द केरल स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड’ को विपुल अमृतलाल शाह ने प्रोड्यूस किया है, जबकि आशीष ए शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले इसे को-प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
(साभार)
1 फरवरी से BLO आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की होगी शुरुआत
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन मे बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में प्रत्येक मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ सहित पूरी इलेक्शन मशीनरी ने बेहद उत्साहपूर्वक तरीके से 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी से की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के युवा एवं महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा। आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक सम्पादित किया जाएगा।
“आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम”
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई थी।
वर्तमान में प्रदेश के 12070 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से शतप्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
पंचांग गणना के बाद तय होगी केदारनाथ कपाट खुलने की तारीख
केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटा प्रशासन, मार्ग सुधार कार्य तेज
रुद्रप्रयाग। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की जाएगी। परंपरा के अनुसार यह तिथि उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान और पंचांग गणना के बाद तय की जाती है, जिसमें बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित शामिल होते हैं।
आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े क्षतिग्रस्त और संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत और सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहे।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालकों, बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति, होटल व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय बैठकें की जा चुकी हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा से पूर्व आवश्यक मूलभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
आरसीबी ने यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से रौंदा, मंधाना की टीम खिताब से एक कदम दूर
नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने दमदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। गुरुवार को खेले गए अहम मुकाबले में स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी ने यूपी वॉरियर्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही आरसीबी लगातार दूसरी बार खिताब जीतने की दहलीज पर पहुंच गई है।
पहले बल्लेबाजी करते हुए यूपी वॉरियर्स की टीम निर्धारित 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 143 रन ही बना सकी। यूपी की ओर से ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा ने संघर्षपूर्ण पारी खेलते हुए 43 गेंदों में 55 रन बनाए। कप्तान मेग लैनिंग ने भी 41 रन का योगदान दिया। दोनों के बीच 72 रन की साझेदारी जरूर हुई, लेकिन मध्य ओवरों में आरसीबी के गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ बना ली।
आरसीबी की ओर से नादिन डी क्लर्क ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि ग्रेस हैरिस ने 2 विकेट लेकर यूपी की रन गति पर लगाम लगाई। एक समय बिना विकेट गंवाए 74 रन बना चुकी यूपी की टीम नियमित अंतराल पर विकेट गंवाती रही और बड़ा स्कोर खड़ा करने में नाकाम रही।
144 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस ने पहले विकेट के लिए 108 रनों की तूफानी साझेदारी कर मैच को पूरी तरह एकतरफा बना दिया। शिखा पांडे ने ग्रेस हैरिस को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा, लेकिन तब तक मुकाबला आरसीबी के पक्ष में जा चुका था।
ग्रेस हैरिस ने 37 गेंदों में 75 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 13 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। कप्तान स्मृति मंधाना 27 गेंदों पर 54 रन बनाकर नाबाद रहीं और टीम को जीत दिलाई। आरसीबी ने 13.1 ओवर में ही 2 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।
महिला प्रीमियर लीग 2026 का फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा, जहां आरसीबी दूसरी बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।
