जनगणना-2027 को त्रुटिरहित एवं सफल बनाने हेतु अधिकारियों को व्यापक प्रशिक्षण
डिजिटल माध्यम से होगी पहली पूर्णतः ऑनलाइन जनगणना, सीएमएमएस पोर्टल रहेगा मुख्य आधार
पौड़ी। आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों के क्रम में जिला कार्यालय सभागार में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के शुभारम्भ अवसर पर जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने उपस्थित चार्ज अधिकारियों, चार्ज सहायकों एवं संबंधित कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे प्रशिक्षण को पूर्ण गंभीरता एवं उत्तरदायित्व के साथ ग्रहण करें।
उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है, जिसकी सूचनाएँ देश की विकास नीतियों, योजनाओं एवं संसाधनों के न्यायसंगत वितरण का आधार बनती हैं। उन्होंने कहा कि इसे शत-प्रतिशत शुद्धता एवं पारदर्शिता के साथ संपन्न करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिलाधिकारी ने जनगणना निदेशालय से आए अधिकारियों से अपेक्षा की कि प्रशिक्षण सत्र व्यवहारिक, संवादात्मक एवं रोचक हो, ताकि चार्ज अधिकारी जमीनी स्तर पर कार्य करते समय किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करें। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित अधिकारी ही इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम की सफलता की कुंजी हैं और उनके माध्यम से ही विश्वसनीय एवं प्रमाणिक आंकड़े संकलित किए जा सकेंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना के दौरान आमजन का सहयोग अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे जनजागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करें, ताकि प्रत्येक नागरिक सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराए और यह राष्ट्रीय दायित्व सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
गौरतलब हो कि भारत में पूर्व जनगणना वर्ष 2011 में संपन्न हुई थी। अब आगामी जनगणना-2027 का प्रथम चरण (मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) वर्ष 2026 में तथा द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना) वर्ष 2027 में किया जाना प्रस्तावित है। राज्य में प्रथम चरण का कार्य 25 अप्रैल 2026 से 24 मई 2026 तक संचालित होगा। इसके अतिरिक्त 10 अप्रैल 2026 से 24 अप्रैल 2026 तक स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जिसके अंतर्गत परिवार पहली बार वेब पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके उपरांत प्रगणक द्वारा उक्त विवरण का सत्यापन किया जाएगा।
द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना का कार्य 09 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक संचालित होगा। उत्तराखंड राज्य के हिमाच्छादित क्षेत्रों हेतु विशेष प्रावधान के अंतर्गत यह कार्य 11 सितम्बर 2026 से 30 सितम्बर 2026 तक प्रस्तावित है।
इस बार की जनगणना कई दृष्टियों से ऐतिहासिक एवं विशेष होगी, क्योंकि यह प्रथम अवसर होगा जब संपूर्ण प्रक्रिया शत-प्रतिशत डिजिटल माध्यम से संपादित की जाएगी। प्रगणक एवं पर्यवेक्षक अपने स्वयं के मोबाइल फोन के माध्यम से मोबाइल एप्लिकेशन आधारित प्रणाली से आंकड़ों का संकलन करेंगे। आरंभ से अंत तक संपूर्ण संचालन, पर्यवेक्षण एवं प्रबंधन हेतु जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (सीएमएमएस पोर्टल) का उपयोग किया जाएगा, डिजिटल प्रणाली लागू होने से आंकड़ों की गुणवत्ता, सटीकता एवं त्वरित संकलन में उल्लेखनीय सुधार अपेक्षित है।
अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कहा कि जनगणना कार्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व है। उन्होंने चार्ज अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सूक्ष्म स्तर पर तैयारी सुनिश्चित करें, सीमाओं का सही निर्धारण करें तथा किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति या छूट न हो। उन्होंने कहा कि चार्ज अधिकारी अपने अधीनस्थ प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के साथ नियमित समन्वय बनाए रखें तथा फील्ड मॉनिटरिंग को प्राथमिकता दें।
उपनिदेशक जनगणना निदेशालय प्रवीण कुमार ने बताया कि प्रशासनिक संरचना के अंतर्गत जनपद के प्रत्येक तहसील एवं नगर को एक विशिष्ट जनगणना चार्ज के रूप में चिन्हित किया गया है। प्रत्येक चार्ज में एक चार्ज अधिकारी नामित किया गया है , जो जियो-टैगिंग, हाउस लिस्टिंग ब्लॉकों का निर्माण, सीमाओं का निर्धारण एवं सत्यापन, फील्ड कार्य की निगरानी तथा वेब पोर्टल एवं सीएमएमएस के माध्यम से समग्र प्रबंधन का दायित्व निभाएगा। चार्ज अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि कार्य समयबद्ध, पूर्ण कवरेज के साथ एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो प्रशिक्षण व्यवस्था भी पूर्णतः डिजिटल प्रणाली के अनुरूप होगी। सर्वप्रथम क्षेत्रीय प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, इसके उपरांत वे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। सभी प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियाँ सीएमएमएस पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएंगी।
प्रशिक्षण सत्र में जनगणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों की भराई, क्षेत्र निर्धारण, वेब मैपिंग ऐप एवं क्रिएटर ऐप के माध्यम से जियो-टैगिंग, निगरानी व्यवस्था एवं रिपोर्टिंग प्रणाली पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यशाला में तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी हेमंत काला, मास्टर ट्रेनर शिवकुमार एवं कमल सहित सभी नामित चार्ज अधिकारी उपस्थित रहे।
“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से आम जन को मिली राहत- मुख्यमंत्री
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को विकास खंड परिसर चिन्यालीसौड़ में आयोजित जन-जन की सरकार,जन -जन के द्वार कार्यक्रम में विभागीय स्टालों का निरीक्षण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों की समस्या एवं शिकायतें सुनते हुए मौके पर ही अधिकारियों की उपस्थिति में अधिकांश समस्याओं का निस्तारण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम से आम जन को राहत मिली है तथा प्रशासनिक व्यवस्था और अधिक सुगम और पारदर्शी हुई है। इस अभियान के तहत अब तक 600 से अधिक शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में पाँच लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया, जबकि 40 हजार से ज्यादा लोगों को विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए जिला मुख्यालय तक न जाना पड़े। इसी उद्देश्य से अभियान चलाकर गांव-गांव में शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से आमजन को राहत मिली है और प्रशासनिक व्यवस्था अधिक सुलभ एवं पारदर्शी बनी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में हैली सेवा के विस्तार के लिए सरकार ने अहम निर्णय लिए है। उन्होंने कहा कि चिन्यालीसौड़ एवं गौचर हवाई पट्टी से हैली सेवा शुरू होगी। दोनों हवाई पट्टी सेना के माध्यम से संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू हो जाएगी। सरकार ने यात्रा की तैयारी पहले से ही शुरू कर दी है। ताकि यात्री, श्रद्धालु यहां से अच्छा अनुभव लेकर जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यात्रा शुरू कराने में समन्वयक के रूप में है जबकि असली यात्रा शुरू कराने में स्थानीय हितधारक, तीर्थ पुरोहित, होटल,टैक्सी, मैक्सी स्थानीय लोग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया में सनातन का उद्घोष हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया का सिरमौर बनेगा प्रधानमंत्री ने जो विकसित भारत का संकल्प लिया है उसमें उत्तराखंड भी अपना महत्वपूर्ण रूप से योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने तय किया है कि हमारी बहनों द्वारा उत्पादित उत्पादों की देश ही नही बल्कि दुनिया में पहचान मिल सके जिसके लिए निरंतर काम किया जा रहा है। कहा कि महिलाओं द्वारा जो भी उत्पाद बनाये जा रहे है उसकी देश और दुनिया में मांग बढ़ी है। इस दिशा में राज्य सरकार ने अब तक दो लाख से अधिक लखपति दीदियों को सशक्त किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों की मांग पर सीएचसी चिन्यालीसौड़ एवं महाविद्यालय का उच्चीकरण को सीएम घोषणा में सम्मिलित करने का आश्वसन दिया।
मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जन-जन की सरकार,जन जन के द्वार अभियान सफलतापूर्वक चलाया गया है। जिसमें अब तक 5 लाख से अधिक नागरिकों ने प्रतिभाग किया तथा 40 हजार से अधिक नागरिकों के विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी किए गए। ग्रामीणों की छोटी-छोटी समस्याओं के निस्तारण के लिए संयुक्त टीमें गठित कर समस्याओं का मौके पर समाधान किया जा रहा है। जिनका निस्तारण नही किया जा सका उन्हें ऑनलाइन कर नियमित रूप से फॉलोअप करते हुए उनका निस्तारण किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द वर्द्धन, यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी राज्य मंत्री रामसुंदर नौटियाल, प्रताप पंवार, गीताराम गौड़, गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, प्रदेश मीडिया प्रभारी भाजपा मनवीर चौहान, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा डॉ. स्वराज विद्वान, ब्लाक प्रमुख रणबीर सिंह महंत, नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली, अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
उनके सुख-दुख और समस्याएं जानी, विभाग को दिए निस्तारित करने के आदेश
देहरादून। रोजमर्रा की राजनीतिक और प्रशासनिक व्यस्तताओं से अलग उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं के बीच समय बिताया। उन्होंने डालनवाला स्थित प्रेम धाम और अम्बीवाला स्थित मां गौरी ओल्ड एज होम पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से मुलाकात की और उनकी समस्याओं व जरूरतों को करीब से जाना।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि एक बेटी के रूप में इन माताओं के बीच भावनात्मक एवं अनुरागयुक्त समय व्यतीत करना मेरे लिए अत्यंत अनूठा अनुभव रहा। कई माताएं पारिवारिक उपेक्षा या अन्य कारणों से यहां रहने को विवश हैं। हमारा दायित्व है कि उनके जीवन को सम्मान, सुरक्षा और संबल प्रदान करें।
मुलाकात के दौरान महिलाओं ने बताया कि वृद्धावस्था के कारण उन्हें बार-बार चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन अस्पताल आने-जाने में सहयोग की कमी रहती है। इस पर मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कुछ महिलाओं ने ग्राम पंचायत स्तर पर ओल्ड एज केयर होम स्थापित करने का सुझाव भी दिया, ताकि गांवों में रहने वाले बुजुर्ग एक स्थान पर एकत्र होकर आपसी संवाद के माध्यम से भावनात्मक संबल प्राप्त कर सकें। इस पर मंत्री ने अधिकारियों से प्रस्ताव का परीक्षण कर व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि हम जल्द ही 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र योजना लाएंगे। साथ ही वृद्धाश्रमों में रह रही माताओं को रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे अप्रिय स्मृतियों से दूर रहकर सकारात्मक वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें।
उन्होंने महिलाओं को आगामी महिला दिवस पर आयोजित सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने महिलाओं से कहा कि उन्हें कार्यक्रम ले जाने के लिए वह एक बस भेजेंगी और वही बस उन्हें छोड़ने भी आएगी।
इस अवसर पर राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी, आरती बलोदी, मीना बिष्ट, आशा कंडारी, सिस्टर अपर्णा, प्रतिभा बहुगुणा जोशी, अनीता बिष्ट, रेखा देवी, उषा देवी, रमेश लाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मंत्री के गले लगा कर फूट कर रो पड़ी महिला
मां गौरी ओल्ड एज होम में जब कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या महिलाओं से उनके परिवार के बारे में बातचीत कर रही थी तो उषा देवी नाम की एक महिला मंत्री के गले लगा कर फूट फूट कर रो पड़ी। उसका कहना था कि उसके बेटे के निधन के बाद वह दुनिया में बिल्कुल अकेली रह गई है और परिवार के दूसरे लोग भी उनका साथ नहीं दे रहे हैं। इस पर कैबिनेट मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि यहां उनके हर सुख दुख का ध्यान रखा जाएगा। वही प्रेम धाम में रह रही पूर्व अध्यापिका बीना एडवर्ड्स से जब कैबिनेट मंत्री ने पूछा कि वह उनसे और क्या उम्मीद करती है, तो बीना का कहना था कि बाकी सारी सुविधाएं तो मिल रही है लेकिन अपनेपन की बात करने वाला कोई नहीं मिलता, इसलिए आप यहां आते रहा करो।
काश बच्चे बड़े ना होते, छोटे ही रहते
प्रेम धाम आश्रम में एक महिला से जब मंत्री ने पूछा कि उन्हें अपने अतीत से क्या शिकायत है। तो महिला ने बड़े दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया कि काश उनके बच्चे कभी बड़े ना होते और वह हमेशा छोटे ही रहते। महिला का कहना था कि बड़े होने के बाद बच्चे अपने-अपने परिवारों में व्यस्त हो गए और मां का ख्याल करना उन्होंने छोड़ दिया। इस पर मंत्री ने महिला से कहा कि यहां जितनी भी महिलाएं हैं उन्हें ही अपना परिवार समझिए और कोई समस्या हो तो महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग से कभी भी संपर्क किया जा सकता है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने ‘चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ में किया प्रतिभाग
चम्पावत। प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने आज जनपद चम्पावत के टनकपुर में आयोजित ‘चम्पावत सरस कॉर्बेट महोत्सव–2026’ में मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय उद्यमियों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और उत्पादों की गुणवत्ता की सराहना करते हुए प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इस दौरान मंत्री गणेश जोशी ने पशु सखियों की मोबाइल फोन और विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को चैक तथा कृषकों को फार्म मिशनरी बैंक भी वितरित किया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री गणेश जोशी ने बाल विकास विभाग द्वारा 25 बच्चों का सामूहिक जन्म दिवस भी कैक काटकर मनाया।
अपने संबोधन में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस बार महोत्सव को “शीतकालीन कॉर्बेट महोत्सव” की थीम के साथ आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य प्रदेश में विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल पर्यटन को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति और उत्पादों को भी व्यापक पहचान दिलाते हैं।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि महोत्सव में मधुबनी चित्रकला एवं समकालीन कला कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां तथा विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं, जो इसे एक समग्र और आकर्षक आयोजन बनाते हैं। इसके अतिरिक्त, फूड फेस्टिवल के माध्यम से पारंपरिक व्यंजनों को विशेष मंच प्रदान किया गया है।उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक खाद्य सामग्री को प्रोत्साहन देने से स्वयं सहायता समूहों एवं छोटे उद्यमियों को आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा। मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह आयोजन युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती देगा और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, गौरव सैनानी समिति अध्यक्ष कैप्टन भानी चन्द, जिलाधिकारी मनीष कुमार, मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. जी.एस. खाती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में वैश्विक समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर मानवता के लिए एक बड़ा अवसर बन सकता है, बशर्ते इसे सही सोच और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जाए।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में एआई के तेजी से बदलते परिदृश्य को मानव विकास के नए अध्याय से जोड़ते हुए कहा कि तकनीक का वास्तविक प्रभाव तभी दिखेगा जब इसे सही दिशा और उद्देश्य के साथ अपनाया जाए। उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए गौतम बुद्ध की शिक्षाओं को याद किया और कहा कि सही निर्णय हमेशा सही समझ से निकलते हैं, यही सिद्धांत एआई के विकास में भी लागू होना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई के लिए एक संतुलित और नैतिक रोडमैप तैयार करना जरूरी है, जिसमें मानव केंद्र में रहे। प्रधानमंत्री ने एक ऐसे एआई इकोसिस्टम की आवश्यकता बताई, जो संवेदनशील, समावेशी और जिम्मेदार हो, ताकि तकनीक का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
कोविड-19 महामारी का जिक्र करते हुए उन्होंने वैश्विक सहयोग की ताकत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान वैक्सीन विकास से लेकर आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने तक, दुनिया ने मिलकर असंभव को संभव बनाया। इसी तरह एआई के क्षेत्र में भी अंतरराष्ट्रीय साझेदारी बेहद अहम होगी।
इस वैश्विक मंच पर इमैनुएल मैक्रों और एंटोनियो गुटेरेस सहित कई प्रमुख वैश्विक नेता और उद्योग जगत की हस्तियां मौजूद रहीं। यह पहली बार है जब ‘ग्लोबल साउथ’ के किसी देश में इतने बड़े स्तर पर एआई समिट आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि भारत का मूल मंत्र ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ है, और एआई का उपयोग भी इसी भावना के अनुरूप होना चाहिए, ताकि इसका लाभ पूरी मानवता को मिल सके।
बदलते मौसम और बढ़ते संक्रमण के दौर में बच्चों की सेहत को लेकर चिंता स्वाभाविक है। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की मजबूत इम्युनिटी की नींव दवाओं से नहीं, बल्कि सही खानपान और दिनचर्या से रखी जाती है। अगर बचपन से ही पौष्टिक आहार की आदत डाली जाए, तो बच्चे न सिर्फ बीमारियों से दूर रहते हैं बल्कि उनका संपूर्ण विकास भी बेहतर होता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों का इम्यून सिस्टम काफी नाजुक होता है, इसलिए उन्हें रोजाना ऐसे पोषक तत्वों की जरूरत होती है जो शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाएं। विटामिन, मिनरल्स और एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर आहार बच्चों को अंदर से मजबूत बनाता है और संक्रमण के खतरे को कम करता है।
खट्टे फल बनाएं प्राकृतिक सुरक्षा कवच
संतरा, नींबू और आंवला जैसे खट्टे फल विटामिन-C से भरपूर होते हैं, जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। ये फल सफेद रक्त कोशिकाओं के निर्माण में मदद करते हैं, जिससे शरीर संक्रमण से बेहतर तरीके से लड़ पाता है। बच्चों को रोजाना ताजे फल या जूस देना बेहद फायदेमंद होता है।
बादाम और अखरोट
बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स बच्चों के लिए ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत हैं। इनमें मौजूद विटामिन-E और ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। रोज सुबह भीगे हुए बादाम खिलाने से बच्चों की याददाश्त और शारीरिक विकास दोनों में सुधार होता है।
दही से दुरुस्त रहे पाचन तंत्र
विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर की इम्युनिटी का बड़ा हिस्सा पाचन तंत्र से जुड़ा होता है। दही में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया (प्रोबायोटिक्स) पेट को स्वस्थ रखते हैं और हानिकारक कीटाणुओं को पनपने से रोकते हैं। बच्चों के भोजन में दही या फ्रूट योगर्ट शामिल करना लाभकारी साबित होता है।
हल्दी वाला दूध और स्वस्थ दिनचर्या जरूरी
हल्दी को प्राकृतिक औषधि माना जाता है, जो शरीर की सूजन को कम करने और इम्युनिटी बढ़ाने में मदद करती है। रात में हल्दी वाला दूध देने से बच्चों की नींद बेहतर होती है। इसके साथ ही रोजाना खेल-कूद और पर्याप्त नींद भी उतनी ही जरूरी है, क्योंकि स्वस्थ दिनचर्या ही मजबूत इम्युनिटी की असली कुंजी है।
निष्कर्ष:
बच्चों की सेहत को मजबूत बनाए रखने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स नहीं, बल्कि संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या और अच्छी आदतें ही सबसे प्रभावी उपाय हैं। सही पोषण ही बच्चों को बीमारियों से बचाने का सबसे मजबूत आधार है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
(साभार)
छत्रपति शिवाजी महाराज ने पराधीनता के दौर में स्वाभिमान और स्वराज का शंखनाद कर राष्ट्र चेतना को नई दिशा दी- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक और महान योद्धा छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर उन्हें कोटिशः नमन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने उनके अद्वितीय शौर्य, साहस और सुशासन को याद करते हुए उन्हें राष्ट्र के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने पराधीनता के दौर में स्वाभिमान और स्वराज का शंखनाद कर राष्ट्र चेतना को नई दिशा दी।। उनकी दूरदर्शी रणनीति, प्रजा के प्रति संवेदनशीलता और धर्म-संस्कृति की रक्षा के प्रति समर्पण आज भी समाज को दिशा देने का काम करता है।
उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज के आदर्श और विचार हमें राष्ट्र निर्माण के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं और उनके बताए रास्ते पर चलकर ही एक सशक्त और समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
टीवी और ओटीटी की दुनिया में एक नई सस्पेंस-थ्रिलर सीरीज चर्चा में आ गई है। रवि किशन और तेजस्वी प्रकाश स्टारर सीरीज ‘साइको सैयां’ का ट्रेलर रिलीज होते ही दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ गई है। ट्रेलर में प्यार, जुनून और खतरनाक दीवानगी का ऐसा मिश्रण दिखाया गया है, जो कहानी को काफी इंटेंस बना देता है।
ट्रेलर में क्या है खास?
करीब दो मिनट लंबे इस ट्रेलर में कहानी की शुरुआत कार्तिक (अनुद सिंह) से होती है, जो उज्जैन का एक साधारण लड़का है। उसकी जिंदगी तब बदल जाती है जब उसकी मुलाकात चारू (तेजस्वी प्रकाश) से होती है। शुरुआत में दोनों के बीच रोमांस दिखाया गया है, लेकिन धीरे-धीरे यह प्यार एक खतरनाक जुनून का रूप ले लेता है। कार्तिक चारू के प्रति इतना ऑब्सेसिव हो जाता है कि वह उसके आसपास आने वाले हर शख्स को हटाने तक के लिए तैयार हो जाता है। इसी बीच रवि किशन की एंट्री कहानी में नया मोड़ लाती है, जो सस्पेंस और थ्रिल को और बढ़ा देती है।
किरदारों पर क्या बोले रवि किशन और तेजस्वी?
रवि किशन ने अपने रोल को लेकर कहा कि उनका किरदार नियमों से परे जाकर काम करता है और इसमें अनप्रेडिक्टेबलिटी है, जो इसे खास बनाती है। वहीं तेजस्वी प्रकाश इस सीरीज के जरिए ओटीटी डेब्यू कर रही हैं। उन्होंने अपने रोल को काफी लेयर्ड और चुनौतीपूर्ण बताया और इस मौके के लिए खुशी जताई।
कब और कहां देखें?
इस सीरीज में सृष्टि श्रीवास्तव, सुरभि चंदना, वरुण भगत, अश्विनी कालसेकर और यशपाल शर्मा भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। ‘साइको सैयां’ 25 फरवरी से Amazon Prime Video और Amazon MX Player समेत विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर फ्री स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध होगी।
(साभार)
मुख्यमंत्री ने मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं पर लिया फीडबैक
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजकीय दून मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वरिष्ठ पत्रकार कैलाश जोशी का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आपातकालीन कक्ष, विभिन्न वार्डों, दवा वितरण केंद्र और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। साथ ही मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों से सीधे संवाद कर इलाज, दवाओं की उपलब्धता और जांच सुविधाओं को लेकर फीडबैक भी लिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए लगातार संसाधनों का विस्तार कर रही है, ताकि आम लोगों को बेहतर और सुगम उपचार मिल सके।
शिवम दुबे की तूफानी पारी, वरुण चक्रवर्ती की फिरकी से भारत विजयी
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप में भारतीय टीम ने एक बार फिर दमदार प्रदर्शन करते हुए नीदरलैंड को 17 रनों से मात दी। बल्लेबाजी में शिवम दुबे की विस्फोटक पारी और गेंदबाजी में वरुण चक्रवर्ती की फिरकी ने टीम इंडिया को जीत दिलाई। इस जीत के साथ भारत ने ग्रुप चरण बिना कोई मैच हारे समाप्त किया।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट पर 193 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। शुरुआत थोड़ी लड़खड़ाई, लेकिन मध्यक्रम में शिवम दुबे ने शानदार अंदाज में पारी को संभालते हुए 31 गेंदों में 66 रन बनाए। उनके साथ हार्दिक पांड्या ने भी तेजतर्रार 30 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। आखिरी ओवरों में भारत ने तेजी से रन बटोरकर चुनौतीपूर्ण लक्ष्य खड़ा किया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी नीदरलैंड की टीम ने संभलकर शुरुआत की, लेकिन नियमित अंतराल पर विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई। वरुण चक्रवर्ती की घातक स्पिन के सामने बल्लेबाज टिक नहीं सके और उन्होंने तीन महत्वपूर्ण विकेट लेकर मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया। नीदरलैंड की ओर से बास डी लीडे ने 33 रन बनाए, जबकि अंतिम ओवरों में कुछ संघर्ष जरूर दिखा, लेकिन टीम 176 रन ही बना सकी।
हालांकि जीत के बावजूद भारतीय टीम की फील्डिंग चिंता का विषय रही, जहां कुछ आसान कैच छोड़े गए। इसके अलावा शुरुआती बल्लेबाजी भी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही, लेकिन मध्यक्रम ने स्थिति संभाल ली।
इस जीत के साथ भारत ग्रुप ए में शीर्ष पर रहा। अब टीम का अगला मुकाबला दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाला है, जहां भारतीय टीम अपनी जीत की लय बरकरार रखना चाहेगी।
