विद्यालय भवनों के मरम्मत व निर्माण कार्य को 568 लाख की धनराशि मंजूर
विभागीय अधिकारियों को निर्देश, नियत समय पर पूर्ण हो निर्माण कार्य
देहरादून। प्राथमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत जर्जर हो चुके एक दर्जन से अधिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जायेगा। इन विद्यालयों के भवनों के निर्माण व मरम्मत कार्यों के लिये रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है साथ ही उक्त निर्माण कार्यों के लिये कार्यदायी संस्था भी नामित कर दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में शासन स्तर से आदेश जारी कर दिये जायेंगे।
सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने बताया कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये विभिन्न स्तरों पर लगातार प्रयास कर रही है। विद्यालयों में भौतिक संसाधनों, अवसंरचनात्मक कार्यों से लेकर शिक्षकों की तैनाती कर उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाया जा रहा है, ताकि प्राथमिक स्तर पर प्रदेश के नौनिहालों को बेहतर शिक्षा मुहैया हो सके। इसी कड़ी में सरकार ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों रूद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, टिहरी, देहरादून व चमोली में जर्जर व क्षतिग्रस्त हो चुके 16 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के पुनर्निर्माण को रू0 568.85 लाख की धनराशि मंजूर कर दी है। जिसमें रूद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुराड़ी, छतोड़ा, कमसाल, जसोली, सल्या में विद्यालय भवन के पुनर्निर्माण के लिये 32-32 लाख स्वीकृत किये हैं जबकि राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय पौड़ीखाल में पुनर्निर्माण के लिये 40.30 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।
इसी प्रकार पिथौरागढ़ जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय लास्पासांई में भवन पुनर्निमाण के लिये 39 लाख, गैला में कक्षा-कक्ष व प्राधानाध्यापक कक्ष के निर्माण को 20.47 लाख जबकि मल्ला वल्थी के लिये 20.30 लाख की धनराशि मंजूर की गई है। टिहरी जनपद में राजकीय प्राथमिक विद्यालय तिखोन के लिये 34.86, सौन्दकोटी मल्ली 37.36, मंजूरीडागर 39.94 तथा राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय क्यारी-जमुण्डा के पुनर्निर्माण के लिये 29.59 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार जनपद चमोली में राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुभाषनगर के भवन पुनर्निर्माण को 77.11 लाख जबकि देहरादून जिले में राजकीय प्राथमिक विद्यालय बद्रीपुर के भवन पुनर्निर्माण को 33.05 लाख तथा प्राथमिक विद्यालय बापूनगर जाखन के पुनर्निर्माण को 36.87 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। इसके साथ इन विद्यालयों में निर्माण कार्य के लिये ग्रामीण निर्माण विभाग के साथ ही पेयजल निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। डा. रावत ने बताया कि इन सभी प्राथमिक विद्यालयों में मरम्मत व पुनर्निर्माण कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के लिये विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दे दिये गये हैं।
डीबीटी के माध्यम से 484 लाभार्थियों को भेजी ₹3.45 करोड़ से अधिक की धनराशि
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यसेवक सदन में मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर योजना के पहले चरण में राज्य के छह जनपदों की 484 महिलाओं के बैंक खातों में ₹3.45 करोड़ से अधिक की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से पहली किस्त के रूप में स्थानांतरित की गई।
योजना के तहत पात्र महिलाओं को स्वरोजगार के लिए अधिकतम ₹2 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें 75 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा दी जाएगी, जबकि 25 प्रतिशत अंशदान लाभार्थी को स्वयं वहन करना होगा। सरकार का उद्देश्य इस योजना के माध्यम से एकल और निराश्रित महिलाओं को रोजगार से जोड़कर एक वर्ष के भीतर आत्मनिर्भर बनाना है।

सरकार की ओर से बताया गया कि इसी माह के अंत तक अथवा मार्च के पहले सप्ताह में योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत शेष सात जनपदों की 540 महिलाओं को भी लगभग ₹4 करोड़ की धनराशि डीबीटी के जरिए प्रदान की जाएगी। इससे राज्यभर में बड़ी संख्या में महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी कैलेंडर का भी विमोचन किया। उन्होंने कहा कि यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त और दूरगामी कदम है, जिससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उन्हें समाज में सम्मानजनक पहचान मिलेगी।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
सोनप्रयाग। रुद्रप्रयाग जनपद के सोनप्रयाग क्षेत्र से एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। रामपुर न्यालसू के जंगल क्षेत्र में घास काटने गई एक महिला की पहाड़ी से गिरकर मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
एसडीआरएफ को यह सूचना कोतवाली सोनप्रयाग के माध्यम से प्राप्त हुई। इसके बाद एसडीआरएफ पोस्ट सोनप्रयाग से उप निरीक्षक संतोष परिहार के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। टीम सड़क मार्ग से रामपुर पहुंची और इसके बाद मंदाकिनी नदी को पैदल पार कर करीब दो किलोमीटर की खड़ी और दुर्गम पहाड़ी चढ़ाई करते हुए घटनास्थल तक पहुंच बनाई।
रेस्क्यू टीम ने मौके पर पाया कि घास काटते समय पहाड़ी से गिरी महिला गीता देवी (40), पत्नी गजपाल सिंह, निवासी रामपुर न्यालसू की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के चलते शव को निकालना चुनौतीपूर्ण रहा।
एसडीआरएफ कर्मियों ने विशेष रेस्क्यू उपकरणों की मदद से अत्यंत कठिन और तीव्र ढाल वाले पहाड़ी इलाके से महिला के शव को करीब तीन किलोमीटर पैदल नीचे लाया। इसके बाद शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
आज के डिजिटल युग में घंटों एक ही मुद्रा में बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी और गलत लाइफस्टाइल ने कमर दर्द को आम लेकिन गंभीर समस्या बना दिया है। पहले यह परेशानी बढ़ती उम्र से जुड़ी मानी जाती थी, लेकिन अब युवा वर्ग भी इसकी चपेट में तेजी से आ रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार गलत बैठने की आदत, अचानक भारी वजन उठाना और नियमित व्यायाम न करना रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे मांसपेशियों में सूजन और तेज दर्द शुरू हो जाता है।
चिकित्सकीय भाषा में इसे मस्कुलोस्केलेटल पेन कहा जाता है। यदि समय रहते इसका समाधान न किया जाए तो यह दर्द लंबे समय तक बना रह सकता है और व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि राहत की बात यह है कि शुरुआती अवस्था में कमर दर्द को घरेलू और प्राकृतिक तरीकों से काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। विशेषज्ञ भी मानते हैं कि सही देखभाल, हल्का व्यायाम और जीवनशैली में बदलाव से बिना दवाओं के भी दर्द से राहत मिल सकती है।
गर्म और ठंडी सिकाई से मिलेगी राहत
कमर दर्द में सिकाई को सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। यदि दर्द किसी ताजा चोट या खिंचाव के कारण हुआ है, तो पहले 48 से 72 घंटे तक ठंडी सिकाई करना फायदेमंद होता है। बर्फ की सिकाई सूजन को कम करने में मदद करती है। इसके बाद गर्म पानी की थैली या हीटिंग पैड का उपयोग मांसपेशियों की जकड़न को खोलता है। गर्म सिकाई से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे दर्द में कमी आती है।
पूरी तरह आराम नहीं, हल्की सक्रियता जरूरी
दर्द होने पर अक्सर लोग पूरी तरह बिस्तर पर आराम करने लगते हैं, लेकिन विशेषज्ञ इसे गलत मानते हैं। लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से मांसपेशियां और कमजोर हो सकती हैं। इसके बजाय हल्की सैर, स्ट्रेचिंग या तैराकी को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। योग में भुजंगासन और मर्कटासन जैसे आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाते हैं और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। हल्की शारीरिक गतिविधि से शरीर में एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज होता है, जो प्राकृतिक रूप से दर्द को कम करता है।
मालिश से मांसपेशियों को मिले आराम
कमर दर्द में सही तेल से हल्की मालिश भी काफी लाभकारी मानी जाती है। सरसों के तेल में लहसुन की कलियां डालकर गर्म किया गया तेल पारंपरिक रूप से असरदार माना जाता है। तिल के तेल से की गई मालिश भी मांसपेशियों के तनाव को कम करती है। ध्यान रहे कि मालिश हमेशा हल्के हाथों से करें और रीढ़ की हड्डी पर सीधा दबाव न डालें।
पोस्चर सुधारना है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार कमर दर्द से स्थायी राहत तभी संभव है, जब व्यक्ति अपनी बैठने और उठने की आदतों में सुधार करे। काम करते समय पीठ सीधी रखें, पैरों को जमीन पर टिकाकर बैठें और बहुत नरम गद्दे से बचें। भारी सामान उठाते समय कमर झुकाने के बजाय घुटनों को मोड़ें। छोटे-छोटे बदलाव भविष्य में गंभीर रीढ़ संबंधी समस्याओं से बचा सकते हैं।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी गंभीर या लंबे समय तक बने रहने वाले दर्द की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
(साभार)
जनता दर्शन में उमड़ी भीड़, 195 फरियादी पहुंचे समाधान की आस में
भूमि विवाद और अवैध कब्जे के मामलों पर डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के आदेश
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित जनता दरबार में जिलेभर से आए फरियादियों की समस्याओं पर सुनवाई की गई। जनता दरबार के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, सीमांकन, पारिवारिक विवाद, आर्थिक सहायता, रोजगार, शिक्षा, नगर निगम और एडीए से जुड़ी कुल 195 शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष रखी गईं।
जिलाधिकारी ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, बुजुर्गों और समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कमजोर और पीड़ित वर्ग की समस्याओं पर विशेष फोकस
जनसुनवाई के दौरान समाज के कमजोर, बुजुर्ग और पीड़ित वर्ग से जुड़ी कई गंभीर समस्याएं सामने आईं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक प्रकरण में संवेदनशीलता दिखाते हुए अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर यथास्थिति के आदेश
अम्बीवाला निवासी नेशनल पैरा ओलंपिक खिलाड़ी विजय चौधरी ने शिकायत की कि न्यायालय में विचाराधीन उनकी माता के नाम दर्ज भूमि पर पड़ोसी महिला द्वारा पेड़ काटे जा रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने मौके पर ही एसडीएम को न्यायालय के अग्रिम आदेशों तक भूमि में यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश दिए।
भूतपूर्व सैनिक को दिलाया जाएगा भूमि पर कब्जा
भूतपूर्व सैनिक राजेश कुमार ने 2016 में खरीदी गई भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। जांच में विपक्षी की कार्रवाई निराधार पाए जाने पर जिलाधिकारी ने एसडीएम विकासनगर को शिकायतकर्ता को तत्काल भूमि पर कब्जा दिलाने के निर्देश दिए।
बुजुर्ग महिला की शिकायत फास्ट ट्रैक पर
डोईवाला निवासी मीना क्षेत्री ने अपने पुत्र और पुत्रवधू से जान-माल के खतरे की शिकायत दर्ज कराई। मामला तहसील में लंबित पाए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे जिला कार्यालय स्थानांतरित कर फास्ट ट्रैक सुनवाई कराने के निर्देश दिए।
चिकित्सा प्रतिपूर्ति भुगतान पर तलब की रिपोर्ट
जौलीग्रांट निवासी बुजुर्ग विधवा लक्ष्मी तोमर ने अपने दिवंगत पति की ₹1.37 लाख की चिकित्सा प्रतिपूर्ति लंबित होने की शिकायत की। जिलाधिकारी ने शिक्षा अधिकारी से तत्काल स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने को कहा।
अवैध निर्माण और ठगी के मामलों में सख्त निर्देश
एटनबाग के काश्तकारों द्वारा सिंचाई नहर पर अवैध निर्माण की शिकायत पर अधिशासी अभियंता को दो दिन में जांच कर समाधान के निर्देश दिए गए।
डालनवाला क्षेत्र में फर्जी जमीन दिखाकर ₹8 लाख की ठगी के मामले में क्षेत्राधिकारी पुलिस को कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बुजुर्गों की शिकायतों पर तुरंत संज्ञान
ऋषिकेश निवासी बुजुर्ग छज्जू राम ने पुत्रवधू द्वारा मारपीट और घर से निकालने की शिकायत की। वहीं हरिपुर कलां निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग ने निजी भूमि और सरकारी सड़क पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। दोनों मामलों में संबंधित अधिकारियों को त्वरित जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सीवर लाइन और कानूनी सहायता के मामले
कारगी चौक कुंज विहार निवासी ममता नौटियाल की गली में सीवर लाइन न बिछाए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने संबंधित संस्था को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए। डोईवाला निवासी दीपा की निःशुल्क कानूनी सहायता की मांग पर प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा गया।
अधिकारी रहे मौजूद
जनता दरबार में अपर जिलाधिकारी (वि.रा.) के.के. मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह, कुमकुम जोशी, विनोद कुमार, उप नगर आयुक्त संतोष कुमार पांडेय, परियोजना निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
‘द केरल स्टोरी’ के बाद अब इसके सीक्वल ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ को लेकर दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। फिल्म का टीजर पहले भाग की तुलना में कहीं ज्यादा धारदार, गंभीर और सघन नजर आता है। नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित निर्देशक कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी यह फिल्म समाज से जुड़े संवेदनशील पहलुओं को एक बार फिर केंद्र में लाती है। इसी बीच फिल्म का नया भावनात्मक गीत ‘ओ माई री’ रिलीज किया गया है, जिसने दर्शकों पर गहरा असर डाला है।
मां की ममता को समर्पित ‘ओ माई री’
फिल्म का नया गीत ‘ओ माई री’ मां और बच्चे के अटूट रिश्ते को बेहद संवेदनशील अंदाज में पेश करता है। मशहूर गायिका श्रेया घोषाल की भावपूर्ण आवाज इस गाने को खास बनाती है। मन्नन शाह का सोलफुल संगीत और मनोज मुंतशिर के दिल छू लेने वाले बोल गीत की गहराई को और बढ़ा देते हैं। यह गीत मां के उस निस्वार्थ प्रेम, सुरक्षा और अपनत्व को दर्शाता है, जो हर संतान के जीवन की सबसे बड़ी ताकत होता है।
‘ओ माई री’ के साथ एक बार फिर निर्माता विपुल अमृतलाल शाह और गायिका श्रेया घोषाल की चर्चित जोड़ी ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया है। इससे पहले भी दोनों की ओर से कई यादगार गीत सामने आ चुके हैं, जो आज भी श्रोताओं की पसंद बने हुए हैं। यही वजह है कि यह नया गीत रिलीज के साथ ही लोगों के दिलों में जगह बनाता नजर आ रहा है।
तीन युवतियों की कहानी, जो सुकून से साजिश तक पहुंचती है
फिल्म की कहानी तीन युवतियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनके किरदार उल्का गुप्ता, ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया निभा रही हैं। उनकी जिंदगी उस वक्त बदल जाती है, जब वे कुछ ऐसे रिश्तों में बंधती हैं जो धीरे-धीरे उनके लिए मुश्किलें और सवाल खड़े करने लगते हैं। शुरुआत में भावनाओं से भरी यह कहानी आगे चलकर एक गंभीर और भयावह सच्चाई से पर्दा उठाती है, जिसमें पहचान और आस्था से जुड़े मुद्दे उभरकर सामने आते हैं।
इस दिन सिनेमाघरों में देगी दस्तक
‘द केरल स्टोरी 2 – गोज बियॉन्ड’ का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने किया है, जबकि आशिन ए शाह ने इसे सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है। यह फिल्म 27 फरवरी 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
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देहरादून। उत्तराखण्ड में अवैध, घटिया और दुरुपयोग की आशंका वाली औषधियों के खिलाफ खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्णायक कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की औषधि निरीक्षक शाखा द्वारा एक औषधि निर्माण इकाई का गहन निरीक्षण किया गया, जिसमें निर्माण प्रक्रिया, कच्चे माल की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था और अभिलेखों की विस्तार से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि संबंधित फर्म द्वारा निर्मित कुछ औषधियां निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थीं, जो जन स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकती थीं। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग ने कोडीन युक्त कफ सिरप के विनिर्माण पर तत्काल रोक लगा दी। साथ ही संबंधित औषधि का अनुज्ञापन अग्रिम आदेशों तक निलंबित कर दिया गया।
विभाग ने स्पष्ट किया कि औषधियों के निर्माण और आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे आम जनता के स्वास्थ्य से जुड़ी होती है, इसलिए ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढील नहीं दी जाएगी।
न्यायिक मोर्चे पर भी बड़ी सफलता
प्रवर्तन के साथ-साथ न्यायिक स्तर पर भी विभाग को अहम सफलता मिली है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखण्ड के अंतर्गत जनपद नैनीताल में एनडीपीएस अधिनियम के तहत वर्ष 2019 और 2020 में दर्ज मामलों में माननीय सत्र न्यायालय ने चार अभियुक्तों को 12 वर्ष की कठोर कारावास की सजा और 1.20 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला अवैध नशीली दवाओं के कारोबार में संलिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है।
पूरे प्रदेश में अलर्ट
सचिव/आयुक्त के निर्देश पर राज्य के सभी जनपदों में औषधि अधिकारियों को कोडीन सिरप और अन्य मनःप्रभावी औषधियों के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मेडिकल स्टोर्स, थोक विक्रेताओं, निर्माण इकाइयों और वितरण नेटवर्क पर नियमित और आकस्मिक निरीक्षण तेज कर दिए गए हैं।
निगरानी, प्रवर्तन और जागरूकता पर जोर
विभाग ने स्पष्ट किया कि अवैध दवाओं के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए निगरानी, प्रवर्तन और जन-जागरूकता—तीनों पर समान रूप से काम किया जा रहा है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत मेडिकल स्टोर्स से ही दवाएं खरीदें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना विभाग को दें।
अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (उत्तराखण्ड) ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता जनता को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप औषधियां उपलब्ध कराना है। औषधियों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के समान है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुम्भ मेला-2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली सभागार में कुम्भ मेला-2027, हरिद्वार की तैयारियों के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक की।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कुंभ से संबंधित सभी तैयारियों को अक्टूबर माह तक पूरा किया जाए। साथ ही कुंभ की आवश्यकताओं को देखते हुए सभी प्रकार के निर्माण कार्य तय समय के अंदर पूरे हों। सभी निर्माण कार्य की गुणवत्ता का भी विशेष ध्यान रखा जाए। शासन स्तर पर कुंभ से संबंधित कोई भी कार्य/फाइल लंबित न रहे। किसी भी कार्य को लंबित रखने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदही तय की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार की प्राथमिकता है की कुंभ मेले का भव्य दिव्य और सफल आयोजन हो।
मुख्यमंत्री ने सचिव, पीडब्ल्यूडी को अगले 24 घंटे के अंदर कुंभ मेले के लिए टेक्निकल पद के अधिकारियों की नियुक्ति के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुंभ क्षेत्र में बने सभी पुलों का ऑडिट किया जाए। साथ ही कुंभ क्षेत्र में स्थित सभी घाटो का सौंदर्यकरण और आवश्यकता अनुसार पुनर्निर्माण कार्य भी किया जाए। उन्होंने कहा श्रद्धालुओं के लिए हर की पैड़ी के साथ ही अन्य सभी घाटों में भी स्नान की व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की जाए। सभी प्रमुख स्थानों पर शौचालय और पीने के पानी की व्यवस्था हो। पर्याप्त मात्रा में सुरक्षा बलों, जल पुलिस की तैनाती हो। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर ड्रोन, सीसीटीवी , एवं अन्य आधुनिक उपकरणों का उपयोग भी हो। उन्होंने कहा मेले के दौरान कानून व्यवस्था, पार्किंग, भीड़ प्रबंधन की विस्तृत कार्य योजना अलग से बनाई जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला क्षेत्र में विभिन्न अखाड़ों को भूमि आवंटन तय समय पर किया जाए। इसकी मेलाधिकारी स्वयं मॉनिटरिंग करें। साथ ही सभी अखाड़ों, मठों ,संत समाज, संस्थाओं, समितियां एवं स्थानीय लोगों से परस्पर्म समन्वय किया जाए। साथ ही उनके सुझावों के अनुरूप मेले की तैयारी हो। मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ के दौरान लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना न करना पड़े, इसके लिए कुंभ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर अतिक्रमण की खिलाफ अभियान चलाया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन संबंधित मामलों पर जल्द अनुमति ली जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अन्य प्रदेशों से भी परस्पर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिया। उन्होंने कहा मेले से संबंधित सभी विकास कार्य कागजों के साथ धरातल में भी दिखाई देने चाहिए। मुख्यमंत्री ने आवास व टेंट सिटी की तैयारी समय से पूरी करने एवं मेला क्षेत्र में अस्थायी अस्पताल, एम्बुलेंस व मोबाइल चिकित्सा दल की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कुंभ मेला हमारी संस्कृति, आस्था और करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ा धार्मिक आयोजन है। इस आयोजन को सफल बनाना हम सभी का कर्तव्य है। जो भी श्रद्धालु राज्य में आए वह अच्छा अनुभव यहां से लेकर जाएं।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, विधायक रेनू बिष्ट, विधायक अनुपमा रावत, विधायक रवि बहादुर, उत्तराखण्ड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, प्रमुख सचिव एल. फैनई, आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, सचिव नितेश झा, कुंभ मेलाधिकारी सोनिका सिंह एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सघन अभियान जारी है। इसी क्रम में देहरादून जनपद के सेलाकुई क्षेत्र में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर आज सख़्त कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। यह कार्रवाई एमडीडीए की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई, जिसका उद्देश्य सुनियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और आमजन के हितों की रक्षा करना है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वीरू भण्डारी एवं अन्य द्वारा जी.डी. गोयंका स्कूल बस स्टॉप के निकट, सेलाकुई देहरादून क्षेत्र में लगभग 10 बीघा भूमि पर बिना मानचित्र स्वीकृति एवं प्राधिकरण की अनुमति के अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। मामले की जांच के बाद एमडीडीए द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किए गए, परंतु अनियमित गतिविधियाँ जारी रहने पर आज मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की गई। ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई सहायक अभियंता शशांक सक्सेना, अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल एवं मनीष नौटियाल, सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से बनाए गए आंतरिक मार्ग, बाउंड्री चिन्हांकन एवं अन्य संरचनाओं को हटाया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माण एवं प्लॉटिंग के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। प्राधिकरण का स्पष्ट निर्देश है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमानुसार अनुमति के कोई भी विकास कार्य अवैध है। आज की कार्रवाई उसी प्रतिबद्धता का परिणाम है। आम नागरिकों से अपील है कि भूमि क्रय-विक्रय या निर्माण से पूर्व एमडीडीए से विधिवत अनुमति अवश्य प्राप्त करें, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां भी अवैध प्लॉटिंग या निर्माण की शिकायतें मिल रही हैं, वहां त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। हमारा उद्देश्य लोगों को ठगी से बचाना, नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
एमडीडीए ने पुनः नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अवैध प्लॉटिंग में निवेश करने से पहले प्राधिकरण से जानकारी अवश्य लें। प्राधिकरण द्वारा जारी मानचित्र स्वीकृति और अनुमति ही वैध मानी जाएगी।
टिहरी। जनपद टिहरी में आयोजित एक्रो फेस्टिवल एवं नेशनल SIV चैंपियनशिप के समापन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने प्रतिभाग किया तथा खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ऐतिहासिक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। आज टिहरी वाटर स्पोर्ट्स एवं एक्रो स्पोर्ट्स के क्षेत्र में विश्व मानचित्र पर अपनी विशेष पहचान बना रही है।
उन्होंने बताया कि इस आयोजन में देश-विदेश से आए 11 देशों के 25 पायलटों तथा विभिन्न राज्यों से आए 57 खिलाड़ियों की सहभागिता इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय साहसिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से न केवल प्रदेश की वैश्विक पहचान सशक्त होती है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार एवं पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा मिलती है।
इस अवसर पर विधायक किशोर उपाध्याय, शक्ति लाल शाह, भाजपा टिहरी जिलाध्यक्ष उदय सिंह रावत एवं जिला पंचायत अध्यक्ष ईशिता सजवान सहित अनेक गणमान्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
