साहित्य और सिनेमा में योगदान के लिए सीएम धामी ने प्रसून जोशी की सराहना की
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गीतकार व केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री धामी ने प्रसून जोशी के साहित्य और सिनेमा के क्षेत्र में दिए गए उल्लेखनीय योगदान की सराहना की। इस दौरान कला, संस्कृति, साहित्य और सिनेमा से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोक कला, लोक संगीत तथा राज्य में फिल्म निर्माण की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार राज्य को फिल्म निर्माण और शूटिंग के अनुकूल केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके लिए आवश्यक नीतिगत सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में प्रसून जोशी द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए भविष्य में उत्तराखंड में सिनेमा, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार के लिए सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिव समिति बैठक
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में सचिव समिति की बैठक सम्पन्न हुयी। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सचिवगणों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा कर दिशानिर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि अगले वित्तीय वर्ष में कराए जाने वाले नए कार्यों के लिए 15 फरवरी तक स्वीकृतियां ले ली जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने सभी कार्यों को लेकर वार्षिक कैलेण्डर तैयार कर, उसके अनुसार अपनी सभी गतिविधियों को संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कुम्भ मेला – 2027 से सम्बन्धित कार्यों को भी प्राथमिकता पर लेते हुए सभी प्रकार की स्वीकृतियां और प्रक्रियाएं समय पर पूर्ण करते हुए निर्धारित प्रक्रिया समय पर पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने खाद्य सुरक्षा के मापदण्डों का प्रवर्तन एवं निगरानी को और मजबूत किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए टेस्टिंग लैब आदि बढ़ाए जाने एवं इससे सम्बन्धित मामलों के निस्तारण में तेजी लाए जाने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने पूंजी निवेश के लिए राज्यों को दी जाने वाली विशेष सहायता के तहत् सभी प्रोजेक्ट्स को गतिशक्ति पोर्टल पर अपलोड किए जाने एवं निर्धारित समय सीमा पर कार्य पूर्ण किए जाने हेतु लगातार निगरानी किए जाने के निर्देश दिए।
जन-जन की सरकार कार्यक्रम की सफलता को देखते हुए मुख्य सचिव ने तहसील एवं थाना दिवसों को वर्षभर नियमित आयोजन किए जाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने इसके लिए कार्ययोजना तैयार किए जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस को मुख्यालयों एवं जनपद स्तरीय कार्यालयों में लागू किए जाने को लेकर अब तक हुयी प्रगति पर सभी विभागीय सचिवों और जिलाधिकारियों से प्रत्येक सचिव समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि नक्शा पास करने वाली सभी ऑथॉरिटीज नक्शा पास करने के उपरान्त सम्बन्धित स्थानीय निकाय के साथ उक्त नक्शा और जानकारियां भी साझा करें ताकि स्थानीय निकाय उक्त प्रॉपर्टी के सम्बन्ध में अपना डाटाबेस अपडेट कर सकें। उन्होंने कहा कि कुछ विभागों में श्रमिकों के लिए लेबर कंप्लायंस टूल (Labour Compliance Tool) का प्रयोग किया जा रहा है, यह एक अच्छा प्रयोग है, और इसे प्रदेशभर में लागू किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण इसी से हो सकेगा।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनाई, धनंजय चुतर्वेदी, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सचिन कुर्वे, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरूषोत्तम, रविनाथ रमन, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, बृजेश कुमार संत, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. सुरेन्द्र नारायण पाण्डेय, विनोद कुमार सुमन, सी. रवि शंकर, रणवीर सिंह चौहान एवं धीराज सिंह गर्ब्याल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में किया प्रतिभाग
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को दून विश्वविद्यालय, देहरादून में डॉ. नित्यानंद की जन्मशताब्दी वर्ष समारोह के उपलक्ष्य पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सत्तत हिमालयी पर्यावरण पुरस्कार 2025 -26 से जयेंद्र सिंह राणा एवं संजय सत्यवली को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने डॉ. नित्यानंद को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन हिमालय, प्रकृति, समाज और राष्ट्र को समर्पित किया। उनकी सोच, हिमालय की शिखरों जैसी ऊँची और उनका सेवा-भाव हिमालय की घाटियों से भी गहरा था। उनका मानना था कि हिमालय की रक्षा करना, भारतीय सभ्यता और राष्ट्र के भविष्य के लिए भी आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. नित्यानंद ने विज्ञान को अध्यात्म से, शोध को लोक-जीवन से और चिंतन को राष्ट्रहित से जोड़ने का कार्य किया। वो समाज के प्रत्येक वर्ग में राष्ट्रभाव और सामाजिक चेतना का संचार करते रहे। उन्होंने गांवों के सशक्तिकरण के लिए भी आजीवन कार्य किया। वे प्रतिवर्ष अपनी आय से लगभग 40 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान किया करते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1991 में उत्तरकाशी और 1999 में चमोली की आपदा के बाद डॉ. नित्यानंद ने बिना किसी विलंब के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर राहत एवं पुनर्वास कार्यों का ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया, जो आज भी श्रेष्ठ माना जाता है। उन्होंने मनेरी गाँव को अपना केंद्र बनाकर वहाँ 400 से अधिक भूकंप रोधी मकानों के निर्माण का कार्य भी कराया। उन्होंने उस क्षेत्र के 50 से अधिक गाँवों को मॉडल गाँवों के रूप में विकसित करने का कार्य भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा डॉ. नित्यानंद ने ‘उत्तरांचल दैवीय आपदा पीड़ित सहायता समिति’ का गठन कर उन्होंने सेवा को संस्थागत स्वरूप दिया, जो आज भी देशभर में आपदाओं के समय मानवता की सेवा का सबसे बेहतर उदाहरण प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने कहा देहरादून में संचालित डॉ. नित्यानंद हिमालय शोध एवं अध्ययन केंद्र उनके विचारों को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बन चुका है। यह केंद्र हिमालयी अध्ययन, सतत विकास, आपदा प्रबंधन और नीति-निर्माण के क्षेत्र में नई दिशा दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हिमालय संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हम डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, ग्लेशियर रिसर्च सेंटर, जल स्रोत संरक्षण अभियान जैसे विभिन्न माध्यम से हिमालय के दीर्घकालिक संरक्षण की दिशा में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा राज्य सरकार ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया है। राज्य में प्लास्टिक वेस्ट के प्रबंधन के लिए डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम के माध्यम से अब तक हिमालयी क्षेत्र में 72 टन कार्बन उत्सर्जन को कम किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने के लिए पौधारोपण अभियान, जल संरक्षण अभियान और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रमों चलाए जा रहे हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए सौर ऊर्जा सहित अन्य हरित ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए भी कई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं। राज्य सरकार ने प्रदेश के नौले, धारे एवं वर्षा आधारित नदियों जैसे परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण हेतु ‘स्प्रिंग एंड रिवर रिजुविनेशन अथॉरिटी (SARRA) का गठन किया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान करते हुए कहा कि हम सभी जीवन के प्रत्येक प्रमुख अवसर पर जैसे जन्मदिन, विवाह की वर्षगांठ या कोई अन्य स्मरणीय दिन पर एक पौधा अवश्य लगाएं और उसकी नियमित देखभाल भी करें। जिससे हम सभी देवभूमि में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा दे पाएंगे।
इस अवसर पर आर.एस.एस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ दिनेश, आर.एस.एस प्रान्त प्रचारक डॉ. शैलेन्द्र, विधायक विनोद चमोली, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला, डॉ. कमलेश कुमार, उत्तरांचल उत्थान परिषद के संरक्षक प्रेम बड़ाकोटी, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, रविदेवानंद, एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
प्रशासन ने एक दिन में मशीनरी हटाने के दिए निर्देश
देहरादून। शहर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए किए जा रहे निर्माण कार्यों पर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए समस्त कार्य अनुमतियों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। साथ ही जनवरी माह में आकस्मिक परिस्थितियों के दृष्टिगत आपदा कंट्रोल रूम से जारी सभी कार्यालय अनुमतियां भी रद्द कर दी गई हैं। जिला प्रशासन ने कार्यदायी संस्थाओं को एक दिन के भीतर निर्माण स्थलों से मशीनरी एवं निर्माण सामग्री हटाने तथा 10 दिन के भीतर सड़कों को पूर्व स्थिति में लाने के निर्देश दिए हैं।
अधीक्षण अभियंता पीडब्ल्यूडी, अधीक्षण अभियंता एनएच तथा अन्य सड़क निर्माण संस्थाओं को निर्देशित किया गया है कि अभियंताओं की रोस्टरवार ड्यूटी लगाते हुए तत्काल सड़कों के सुधारीकरण एवं मरम्मत कार्य शुरू करें और निर्धारित समयावधि के भीतर शहर की सभी सड़कों को पूर्व स्थिति में लाएं। जिला प्रशासन के संज्ञान में आया कि विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा किए जा रहे रोड कटिंग कार्यों के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों, संकेतक, बैरिकेडिंग तथा आमजन की सुरक्षा से जुड़े अन्य उपायों का पालन नहीं किया जा रहा था। साथ ही संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल पर उपस्थित रहकर कार्यों की समीक्षा एवं सुरक्षा मानकों के अनुपालन की निगरानी भी नहीं की जा रही थी।
जिला प्रशासन की क्यूआरटी द्वारा समय-समय पर किए गए स्थलीय निरीक्षण में पाई गई अनियमितताओं पर पेनाल्टी, मुकदमा एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई किए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप कई स्थानों पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो रही थी तथा सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर हादसों की आशंका बनी हुई थी। जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह निर्णय लिया है।
परियोजना समन्वय समिति, देहरादून द्वारा विभिन्न विभागों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर पूर्व में कई कार्यदायी संस्थाओं को रोड कटिंग की अनुमति प्रदान की गई थी। इनमें उत्तराखंड जल संस्थान, पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन, उत्तराखंड पेयजल संस्थान विकास एवं निर्माण निगम, यूयूएसडीए, उत्तराखंड पावर कारपोरेशन, देहरादून स्मार्ट सिटी लिमिटेड सहित अन्य संस्थाएं तथा जिलाधिकारी एवं आपदा प्रबंधन प्राधिकरण कार्यालय शामिल थे।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश जारी होने के बाद यदि किसी भी स्थान पर रोड कटिंग कार्य संचालित पाया गया तो संबंधित संस्थाओं की मशीनरी एवं निर्माण सामग्री जब्त करते हुए दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए पुलिस अधीक्षक यातायात को भी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में अनियमित खान-पान, बढ़ता मोटापा, शराब का सेवन और शारीरिक गतिविधियों की कमी लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है। इन्हीं कारणों से फैटी लिवर डिज़ीज़ के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआती दौर में यह बीमारी बिना किसी खास लक्षण के रहती है, लेकिन लापरवाही बरतने पर आगे चलकर लिवर में सूजन, डैमेज और सिरोसिस जैसी गंभीर समस्याएं पैदा कर सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही डाइट और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर फैटी लिवर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
क्या है फैटी लिवर?
जब लिवर में सामान्य से अधिक चर्बी जमा होने लगती है, तो उसे फैटी लिवर कहा जाता है। यह समस्या दो प्रकार की होती है—
अल्कोहलिक फैटी लिवर, जो अधिक शराब के सेवन से होता है।
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर, जो मोटापा, डायबिटीज़ और गलत खान-पान से जुड़ा होता है।
डाइट के साथ बदलें ये आदतें
फैटी लिवर से बचाव के लिए खान-पान के साथ-साथ दिनचर्या में सुधार बेहद जरूरी है।
रोज़ कम से कम 30 मिनट टहलना या योग करना
वजन को धीरे-धीरे कम करना
रात का भोजन हल्का रखना
7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद
समय-समय पर हेल्थ चेकअप
फैटी लिवर में क्या खाएं?
हरी सब्जियां:
पालक, ब्रोकली, लौकी और तोरी जैसी सब्जियां लिवर में जमा फैट को कम करने में मदद करती हैं। इनमें फाइबर भरपूर मात्रा में होता है।
फल (सीमित मात्रा में):
सेब, पपीता, नाशपाती और बेरीज एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, लेकिन शुगर की मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।
साबुत अनाज:
ओट्स, ब्राउन राइस और जौ वजन नियंत्रित करने में मदद करते हैं और इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करते हैं।
प्रोटीन युक्त आहार:
दालें, चना, राजमा, अंडे का सफेद भाग और लो-फैट पनीर लिवर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
हेल्दी फैट:
अखरोट, अलसी के बीज और जैतून का तेल ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो लिवर की सेहत सुधारने में सहायक हैं।
ग्रीन टी और हल्दी:
ग्रीन टी फैट बर्न करने में मदद करती है, जबकि हल्दी लिवर की सूजन कम करने में कारगर मानी जाती है।
किन चीज़ों से करें परहेज?
शराब: फैटी लिवर की सबसे बड़ी वजह, जो लिवर डैमेज को तेजी से बढ़ाती है।
तला-भुना और जंक फूड: समोसा, पिज़्ज़ा और बर्गर में मौजूद ट्रांस फैट लिवर को नुकसान पहुंचाता है।
ज्यादा मीठा: मिठाइयां, केक और कोल्ड ड्रिंक में मौजूद शुगर सीधे लिवर फैट में बदलती है।
मैदा और रिफाइंड कार्ब्स: सफेद ब्रेड और बिस्किट वजन और फैटी लिवर दोनों बढ़ाते हैं।
प्रोसेस्ड फूड: पैकेट वाले स्नैक्स में अधिक नमक और केमिकल्स लिवर के लिए हानिकारक होते हैं।
निष्कर्ष
विशेषज्ञों का कहना है कि फैटी लिवर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है। समय रहते खान-पान और जीवनशैली में बदलाव कर लिवर को फिर से स्वस्थ बनाया जा सकता है। सेहतमंद लिवर ही पूरे शरीर की सेहत की बुनियाद है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
(साभार)
परमाणु वार्ता के बीच ईरान का अमेरिका को दो टूक संदेश
तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच शुरू हुई परमाणु वार्ता के बीच ईरान ने एक बार फिर अपने रुख को स्पष्ट कर दिया है। ईरान ने साफ शब्दों में कहा है कि वह किसी भी सूरत में यूरेनियम संवर्धन का अधिकार नहीं छोड़ेगा और अमेरिकी सैन्य दबाव के आगे झुकने का सवाल ही नहीं उठता। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका की मंशा पर संदेह जताते हुए कहा कि क्षेत्र में बढ़ती सैन्य तैनाती से ईरान डरने वाला नहीं है।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए अराघची ने कहा कि पश्चिम एशिया में अमेरिका की सैन्य मौजूदगी ईरान के फैसलों को प्रभावित नहीं कर सकती। उनका यह बयान ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका ने अपने सबसे शक्तिशाली युद्धपोत यूएसएस अब्राहम लिंकन को क्षेत्र में तैनात किया है। अराघची ने कहा कि ईरान को अमेरिका पर बेहद सीमित भरोसा है और बातचीत की गंभीरता को लेकर भी सवाल बने हुए हैं।
अमेरिका की नीयत पर संदेह, चीन-रूस से भी सलाह
ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिका वास्तव में समाधान चाहता है या सिर्फ दबाव की रणनीति अपना रहा है। उन्होंने बताया कि ईरान इस वार्ता को लेकर अपने रणनीतिक साझेदार चीन और रूस के साथ भी लगातार विचार-विमर्श कर रहा है।
पश्चिमी देशों और इस्राइल की ओर से ईरान पर परमाणु हथियार बनाने के आरोप लगाए जाते रहे हैं, हालांकि तेहरान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अराघची ने दोहराया कि ईरान किसी भी परमाणु बम की ओर नहीं बढ़ रहा है और उसकी असली ताकत स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता में है।
उन्होंने कहा, “वे हमारे परमाणु बम से डरते हैं, जबकि हम परमाणु बम नहीं चाहते। हमारी असली शक्ति महाशक्तियों को ‘न’ कहने की क्षमता है।”
इस बीच, इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वैश्विक शांति के लिए खतरा बताया है। अमेरिका और इस्राइल की मांग है कि बातचीत में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम और क्षेत्रीय सशस्त्र संगठनों को समर्थन जैसे मुद्दों को भी शामिल किया जाए, लेकिन ईरान ने इसे वार्ता के दायरे से बाहर रखने की बात कही है।
अराघची ने यूरेनियम संवर्धन पर किसी भी प्रकार के समझौते से साफ इनकार करते हुए इसे रणनीतिक नहीं, बल्कि संप्रभुता का सवाल बताया। उन्होंने कहा कि चाहे ईरान पर युद्ध ही क्यों न थोपा जाए, किसी भी देश को उसके वैध अधिकार तय करने का हक नहीं है।
मशहूर फिल्मकार अनुराग कश्यप के निर्देशन में बनी थ्रिलर फिल्म ‘कैनेडी’ अब जल्द ही भारतीय दर्शकों के सामने आने वाली है। साल 2023 में कान फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के दौरान फिल्म को करीब सात मिनट तक स्टैंडिंग ओवेशन मिला था, जिसके बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में खास उत्सुकता बनी हुई थी। लंबे इंतजार के बाद अब फिल्म की ओटीटी रिलीज को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। फिल्म का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, साथ ही इसकी स्ट्रीमिंग डेट से भी पर्दा उठ गया है।
इस दिन ओटीटी पर रिलीज होगी ‘कैनेडी’
फिल्म ‘कैनेडी’ का प्रीमियर इसी महीने ओटीटी प्लेटफॉर्म ZEE5 पर किया जाएगा। प्लेटफॉर्म की ओर से इंस्टाग्राम पर साझा किए गए पोस्ट में लिखा गया है कि ‘सिस्टम ने कैनेडी को एक हथियार बनाया था, लेकिन वह हथियार अब सिस्टम के नहीं, अपनी मर्जी के हिसाब से चलता है।’ जानकारी के अनुसार, यह फिल्म 20 फरवरी को ZEE5 पर स्ट्रीम होगी।
क्या है फिल्म की कहानी
थ्रिलर और डार्क जोनर की यह फिल्म एक ऐसे पूर्व पुलिस अधिकारी की कहानी है, जिसे दुनिया मरा हुआ मान चुकी है। फिल्म में राहुल भट्ट ने पुलिस अफसर की भूमिका निभाई है, जबकि सनी लियोनी भी अहम किरदार में नजर आएंगी। कहानी उस पुलिस अधिकारी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो न सोता है और न ही सिस्टम की परवाह करता है। भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ते हुए वह रात के अंधेरे में अपराध की गलियों में निकलता है और जुर्म करने वालों को सजा देता है। फिल्म की थीम बदले, सिस्टम की सड़ांध और अंधेरे सच को उजागर करती है।
(साभार)
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वार्ड 05 धोरणखास में ₹1.50 करोड़ की विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून के वार्ड 05 धोरणखास में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित होने वाली विभिन्न जनहितकारी विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया, जिनकी कुल लागत लगभग 1.50 करोड़ थी।
इस अवसर पर काबीना मंत्री ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” के संकल्प के साथ कार्य कर रही है तथा शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों के पूर्ण होने से स्थानीय नागरिकों को बेहतर सड़क, पेयजल, जल निकासी, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में स्वीकृत परियोजनाओं के अंतर्गत सड़क निर्माण एवं मरम्मत, नाली निर्माण, सामुदायिक सुविधाओं का विकास तथा अन्य जनोपयोगी कार्य किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास सुनिश्चित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने वार्ड में सीवर लाइन निर्माण एवं पूर्व सैनिक भवन निर्माण के लिए भी घोषणा की।
कार्यक्रम के दौरान राजेश्वर नगर जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों, स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने कैबिनेट मंत्री का स्वागत करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए आभार व्यक्त किया।
इन योजनाओं का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास – जलसंस्थान द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में नलकूप निर्माण (90.15 लाख), एमडीडीए द्वारा राजेश्वर नगर फेज 1 में सामुदायिक भवन का निर्माण (30.12 लाख) सहित विधायक निधि से निर्मित होने वाले माडर्न राजकीय प्राथमिक विद्यालय में टिन शेड एवं कक्ष निर्माण (14.60 लाख), मंदाकिनी विहार ब्लॉक सी में सामुदायिक भवन निर्माण (12. 58 लाख)।
इस अवसर पर पार्षद अल्पना राणा, सुरेन्द्र राणा, निरंजन डोभाल, आशीष थापा, अनुज कौशल, सूर्य प्रकाश फरासी, महानगर उपाध्यक्ष ओम कक्कड़, संजय नौटियाल, भूपेन्द्र सोलंकी, अजय कार्की, सोसाइटी के अध्यक्ष सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी परेड ग्राउंड में सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव के समापन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित लोक कलाकारों, साहित्यकारों, कला प्रेमियों एवं बड़ी संख्या में मौजूद लोगों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा आयोजित यह महोत्सव उत्तराखंड की समृद्ध लोक-सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का सराहनीय प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से लोक संस्कृति को एक सूत्र में पिरोकर नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है। महोत्सव के सफल आयोजन के लिए उन्होंने सेवा संकल्प फाउंडेशन, संस्थापक गीता धामी तथा आयोजन समिति को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन राज्य की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करते हैं तथा लोक कलाओं, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और कारीगरी को समझने का अवसर देते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जागर, बेड़ा, मांगल, खुदेड़, छोपाटी जैसे लोकगीत और छोलिया, पांडव तथा झोड़ा-छपेली जैसे लोकनृत्य उत्तराखंड की सांस्कृतिक आत्मा हैं, जिनका संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने महोत्सव में लगे स्टॉलों के माध्यम से पारंपरिक हस्तशिल्प, जैविक उत्पादों और उत्तराखंडी व्यंजनों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेक इन इंडिया’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ जैसी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कार्य हो रहा है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के जरिए स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाई है।
इसके अलावा स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, एप्पल मिशन, कीवी मिशन, नई पर्यटन नीति, फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड और सौर स्वरोजगार योजना से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन निवारण आयोग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
किसानों की आय बढ़ाने में उत्तराखंड देश में प्रथम स्थान पर रहा है और युवाओं को रोजगार देने में भी राज्य अग्रणी बना है। उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।
नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2023-24 में भी उत्तराखंड ने देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन के राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार 2024 में जाखोल, हर्षिल, गुंजी और सूपी गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया गया है। वर्ल्ड रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म अवार्ड में भी राज्य को ‘वन टू वॉच’ सम्मान मिला है। मत्स्य विकास में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वर्ष 2024 में राज्य को सर्वश्रेष्ठ राज्य का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला तथा अंतरराष्ट्रीय विमानन सम्मेलन में ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रोमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ सम्मान प्राप्त हुआ।
उन्होंने कहा कि सरकार लोक कलाकारों के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रही है। कोरोना काल में लगभग 3200 कलाकारों को आर्थिक सहायता दी गई तथा 60 वर्ष से अधिक आयु के लोक कलाकारों को पेंशन दी जा रही है। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार लोक साहित्य के प्रकाशन, आर्ट गैलरी स्थापना तथा स्थानीय भाषाओं और बोलियों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दे रही है।
सेवा संकल्प फाउंडेशन की फाउंडर ट्रस्टी गीता धामी ने कहा कि चार दिवसीय महोत्सव के माध्यम से उत्तराखंड की लोक संस्कृति, पारंपरिक उत्पाद और जीवनशैली को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन पूरे राज्य की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करता है और युवा पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास है।
उन्होंने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और आत्मनिर्भर उत्तराखंड का लक्ष्य पूरा होगा।
कार्यक्रम में पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड अध्यक्ष प्रसून जोशी, राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक खजान दास, दुर्गेश्वर लाल, अनिल नौटियाल, भोपाल राम टम्टा, सुरेश गढ़िया सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
गौ माता पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म “गोदान” देखने थियेटर पहुँचे कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने भारतीय संस्कृति एवं गौ संवर्धन के संदेश पर आधारित प्रेरणादायक फिल्म “गोदान” का अवलोकन करने के लिए देहरादून के जाखन स्थित पैसिफिक मॉल थियेटर का दौरा किया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के संगठन महामंत्री अजेय कुमार भी उनके साथ उपस्थित रहे।
फिल्म देखने के उपरांत कैबिनेट मंत्री जोशी ने कहा कि “गोदान केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और मानवीय मूल्यों का सशक्त एवं संवेदनशील चित्रण है।” उन्होंने कहा कि फिल्म में गौ माता के प्रति प्रेम, त्याग, सेवा और संघर्ष को अत्यंत मार्मिक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ-साथ सामाजिक संदेश भी देता है।
उन्होंने कहा कि आज की आधुनिकता और भागदौड़ भरी जीवनशैली में हम अपने संस्कारों और परंपराओं से दूर होते जा रहे हैं। ऐसी प्रेरणादायक फिल्मों के माध्यम से समाज को अपनी जड़ों से जुड़ने और भारतीय संस्कृति के महत्व को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने कहा कि गाय केवल एक पशु नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आधारशिला है।
कैबिनेट मंत्री ने प्रदेशवासियों, विशेषकर युवाओं से अपील की कि वे इस फिल्म को अवश्य देखें और भारतीय संस्कृति एवं गौ संरक्षण के संदेश को आत्मसात करें।
इस अवसर पर भाजपा मसूरी विधानसभा क्षेत्र के सैकड़ों पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
