सीएम धामी ने सेंट एंग्नेस स्कूल में ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में लिया हिस्सा, छात्रों को किया प्रेरित
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नेशविला रोड स्थित सेंट एंग्नेस स्कूल में प्रधानमंत्री के ‘परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम मैं प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने छात्रों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री के परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण से जुड़ा है। यह आयोजन अब केवल संवाद नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन बन चुका है।
प्रधानमंत्री का संदेश हमें यह सिखाता है कि परीक्षा जीवन की एक कड़ी हो सकती है, लेकिन सम्पूर्ण जीवन नहीं। मुख्यमंत्री ने अपने स्कूली जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्कूल का समय अमूल्य होता है, जो दोबारा लौटकर नहीं आता। इसलिए विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और अन्य गतिविधियों में भी निरंतर प्रतिभाग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा एक अवसर है, जिसमें छात्र एक योद्धा की तरह पूरे आत्मविश्वास, धैर्य और शांति के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ देते हैं। केवल परीक्षा उत्तीर्ण करना ही काबिलियत नहीं, जीवन में और भी अनेक लक्ष्य होते हैं। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से लक्ष्य तय कर प्राथमिकताओं के साथ आगे बढ़ने तथा परीक्षा के दबाव से मुक्त रहकर सकारात्मक सोच के साथ सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। साथ ही अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और उनकी तुलना दूसरों से न करें।
संदर्भित है कि परीक्षा पे चर्चा 2026 के अंतर्गत देशभर में चार करोड़ से अधिक विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों ने पंजीकरण किया है, जिससे पूर्व का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी टूटने जा रहा है। उत्तराखंड राज्य से इस वर्ष लगभग 7 लाख विद्यार्थी, 53 हजार से अधिक शिक्षक एवं 14 हजार से अधिक अभिभावक जुड़े हैं, जबकि गत वर्ष यह संख्या 2 लाख 98 हजार विद्यार्थियों तक सीमित थी।
राज्य के विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए 10 प्रेरक वीडियो में से एक वीडियो राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुआ है, जो राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पाला कुराली, विकासखंड जखोली, जनपद रुद्रप्रयाग के छात्र रोहन सिंह राणा द्वारा तैयार किया गया है। रोहन सिंह राणा को प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में दिल्ली आमंत्रित किया गया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
कार्यक्रम के दौरान महानिदेशक शिक्षा सुश्री दीप्ति सिंह, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल कुमार सती, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हरिद्वार में स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना समारोह का भव्य समापन
हरिद्वार। हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर परिसर में ब्रह्मलीन परम पूज्य गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की समाधि मंदिर मूर्ति स्थापना के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय भव्य समारोह का विधिवत समापन हुआ। इस अवसर पर समाधि मंदिर एवं प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया।
समारोह के समापन अवसर पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भारत सरकार के केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तथा जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वरअवधेशानंद गिरि महाराज सहित अनेक संत-महात्मा एवं गणमान्य अतिथियों ने गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज के समाधि स्थल पर पहुंचकर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन में देशभर से संत-महात्मा, धर्मगुरु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं राजनीतिक नेतृत्व उपस्थित रहा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्र चेतना, सनातन संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा तथा मानव सेवा जैसे विषयों पर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गंगा तट पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इस पावन अवसर पर उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने मां गंगा को नमन करते हुए ऋषि-मुनियों की स्मृतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी भले ही आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित नहीं हैं, किंतु उनकी साधना, विचार और जीवन दर्शन आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा उनके जीवन मूल्यों और विचारधारा को पुनः जागृत करने का प्रतीक है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि हरिद्वार केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का केंद्र है। यहीं से भारतीय संस्कृति की अखंड धारा प्रवाहित होती है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की रक्षा केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि उसकी सांस्कृतिक जड़ों की सुरक्षा भी उतनी ही आवश्यक है। यदि संस्कृति कमजोर होती है तो राष्ट्र भी कमजोर हो जाता है। उन्होंने सनातन संस्कृति, अद्वैत वेदांत, भक्ति परंपरा और गुरु-शिष्य संवाद को भारत की आत्मा बताया।
उन्होंने कहा कि आधुनिकता और संस्कृति एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। तकनीकी ज्ञान के साथ संस्कार जुड़ जाएं तो राष्ट्र को कोई भी कमजोर नहीं कर सकता। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान करते हुए देश की अखंडता, संप्रभुता और गौरव की रक्षा के लिए सामूहिक संकल्प लेने का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देवभूमि उत्तराखंड में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज ने आध्यात्मिक साधना को समाज सेवा से जोड़कर एक विशिष्ट जीवन दर्शन प्रस्तुत किया। भारत माता मंदिर की स्थापना के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र प्रेम और सांस्कृतिक गौरव को मूर्त रूप दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति और विरासत को वैश्विक पहचान मिल रही है तथा उत्तराखंड विकास और विरासत के संतुलन के साथ आगे बढ़ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी सनातन परंपरा के सशक्त ध्वजवाहक थे। करुणा, मैत्री और राष्ट्रभक्ति उनके जीवन के मूल मूल्य थे। उन्होंने भारत माता मंदिर को राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह मंदिर जाति, क्षेत्र और भाषा की सीमाओं से ऊपर उठकर संपूर्ण भारत को एक सूत्र में बांधता है।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि भारत माता मंदिर की स्थापना एक दूरदर्शी राष्ट्र मंदिर की अवधारणा के साथ की गई थी, जिसे आज और अधिक सशक्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने चारधाम मार्गों पर चिकित्सीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाले चिकित्सकों की सराहना करते हुए इसे सच्ची राष्ट्र सेवा बताया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी राष्ट्र, धर्म और मानव चेतना के अमर पथप्रदर्शक थे। उनका संपूर्ण जीवन सनातन संस्कृति, राष्ट्र धर्म और मानव कल्याण को समर्पित रहा।
भारत सरकार के ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि संत समाज से उन्हें सदैव प्रेरणा और मार्गदर्शन प्राप्त होता रहा है। उन्होंने इस आयोजन में सम्मिलित होने को सौभाग्य बताया।
कार्यक्रम में जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि महाराज, कार्ष्णि पीठाधीश्वर स्वामी गुरु शरणानंद महाराज, उप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश बृजेश पाठक, हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्वालकोट में “जन-जन की सरकार जन जन के द्वार” आयोजित
400 से ज्यादा लोग हुए लाभान्वित
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि अगर कोई अधिकारी जन समस्याओं की अनदेखी करेगा तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। हमारी सरकार हर नागरिक की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनता का यही विश्वास भारतीय जनता पार्टी की नीतियों का आधार है।
सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के ग्वालाकोट में आयोजित ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और अपनी समस्याएं रखीं। कार्यक्रम में 500 से अधिक लोगों की सहभागिता रही, जबकि 95 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
रेखा आर्या ने बताया कि जन समस्याओं में मुख्य रूप से टूटी नालियां, सड़कें, पेंशन, फसल सुरक्षा के लिए तारबाड़, पेयजल, राशन कार्ड और खेल मैदान निर्माण जैसी मांगें सामने आईं। उन्होंने मौके पर मौजूद विभिन्न विभागों के अधिकारियों से इन समस्याओं पर तत्काल जवाब मांगा और समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए।
मंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समस्याओं का समय पर निस्तारण नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम में जो समस्याएं सामने आई हैं, वे अगले किसी कार्यक्रम में दोहराई नहीं जानी चाहिए।
कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टाल लगाए गए थे, जहां लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया।
इस दौरान चार पात्र महिलाओं — यमुना आर्या, मीनाक्षी नहाल, पिंकी और गायत्री देवी — को महालक्ष्मी किट वितरित की गई।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष महेश नयाल, जिलाधिकारी अंशुल सिंह, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी कुंडू, मंडल अध्यक्ष स्याही देवी गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, मनोहर सिंह, जानकी, देवेंद्र सिंह नयाल, वीरेंद्र, आनंद डंगवाल, चंदन प्रकाश, देवेंद्र मेहरा, प्रदीप नगरकोटी सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
34 लोग घायल, कई की हालत गंभीर
पिथौरागढ़। भारतीय सीमा से सटे नेपाल बैतडी में एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बैतडी से बजांग जा रही बारातियों से भरी बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर गई। इस भीषण दुर्घटना में 13 बरातियों की मौत हो गई, जबकि 34 लोग घायल हो गए। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बैतडी की पुरचूंणी नगरपालिका-7 के भवने गांव से दुल्हन लेकर बजांग जिले के सुनकुडा जा रही बस बड़गांव मोड़ के पास चढ़ाई के दौरान नियंत्रण खो बैठी और लगभग 150 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसे की सूचना मिलते ही नेपाल एपीएफ, जिला प्रहरी और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
जिला प्रहरी कार्यालय बैतडी के प्रहरी प्रवक्ता निरीक्षक बलदेव बडू ने बताया कि दुर्घटना में छह बरातियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच की डडेलधुरा अस्पताल और दो की कोटिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
हादसे में मरने वालों में एक 13 वर्षीय मासूम भी शामिल है। मृतकों की पहचान बजांग और बैतडी जिलों के विभिन्न गांवों के निवासियों के रूप में हुई है। घायलों में से 25 लोगों को डडेलधुरा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि पांच गंभीर रूप से घायल बरातियों को बेहतर इलाज के लिए धनगढी रेफर किया गया है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस में क्षमता से अधिक बराती सवार थे। चढ़ाई के दौरान बस आगे नहीं बढ़ पाई और पीछे की ओर फिसलते हुए खाई में गिर गई। प्रशासन द्वारा हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
‘भारत टैक्सी’ से प्रेरित सहकार टैक्सी योजना को उत्तराखंड में मिलेगी नई पहचान
देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता आंदोलन को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। राज्य में शीघ्र ही सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा की शुरुआत की जाएगी। इसकी जानकारी उत्तराखंड के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने दी। उन्होंने बताया कि यह योजना केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय की ‘भारत टैक्सी’ सेवा से प्रेरित है, जिसका शुभारंभ नई दिल्ली में केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा किया गया।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ योजना का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह मॉडल पारंपरिक कमीशन आधारित टैक्सी सेवाओं से अलग है। इस योजना के तहत टैक्सी चालक केवल चालक नहीं, बल्कि वाहन और सेवा के वास्तविक स्वामी होंगे। सहकारी मॉडल का उद्देश्य बड़ी कॉर्पोरेट कंपनियों के मुनाफे के बजाय चालकों को उनके परिश्रम का पूरा लाभ देना है, जिससे उनकी आय, सामाजिक सुरक्षा और आत्मसम्मान को मजबूती मिल सके।
उत्तराखंड में सहकार टैक्सी की व्यापक संभावनाएं
सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि होने के साथ-साथ तेजी से पर्यटन, तीर्थाटन और डेस्टिनेशन वेडिंग के केंद्र के रूप में उभर रहा है। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक स्थलों और शांत वातावरण के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान हर वर्ष 30 लाख से अधिक श्रद्धालु उत्तराखंड आते हैं, जबकि पिछले वर्ष राज्य में 4 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे, जो अब तक का एक रिकॉर्ड है। इनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे।
डॉ. रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उत्तराखंड के धार्मिक, पर्यटन और सांस्कृतिक स्थलों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप राज्य में तीर्थाटन, पर्यटन और वेडिंग डेस्टिनेशन गतिविधियों में निरंतर वृद्धि हो रही है। ऐसे में सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा राज्य के लिए आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से बेहद अहम साबित होगी।
चालकों के स्वामित्व और सम्मान पर रहेगा जोर
सहकारिता मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित सहकार टैक्सी योजना में सारथी भाई-बहनों के स्वामित्व, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण और सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि योजना को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और शीघ्र ही इसका विस्तृत रोडमैप तैयार कर राज्य में इसे लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि सहकार टैक्सी योजना को चार पहिया, तीन पहिया और दो पहिया वाहनों से जोड़ा जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ पर्वतीय और ग्रामीण इलाकों में भी स्थानीय युवाओं और चालकों को सीधा लाभ मिलेगा।
सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा से न केवल टैक्सी चालकों का आर्थिक सशक्तिकरण होगा, बल्कि यह योजना उत्तराखंड में बढ़ते पर्यटन, चारधाम यात्रा और डेस्टिनेशन वेडिंग जैसी गतिविधियों को संगठित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर सहकारी ढांचे से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
फरवरी का महीना मौसम के लिहाज से संक्रमण के लिहाज से सबसे संवेदनशील माना जाता है। दिन में तेज धूप और रात में अचानक बढ़ती ठंड शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करती है। तापमान में बार-बार होने वाला यह उतार-चढ़ाव वायरस और बैक्टीरिया के सक्रिय होने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है, जिससे सर्दी-जुकाम, गले में खराश और वायरल बुखार के मामलों में इजाफा देखने को मिलता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान हवा में नमी कम हो जाती है और धूल कणों की मात्रा बढ़ने लगती है, जिससे राइनोवायरस तेजी से फैलता है। यही वायरस सामान्य सर्दी और खांसी का प्रमुख कारण होता है। अक्सर लोग दिन की गर्मी को देखकर ठंडे पानी का सेवन शुरू कर देते हैं या गर्म कपड़े पहनना छोड़ देते हैं, लेकिन जैसे ही शाम होते-होते तापमान गिरता है, शरीर संक्रमण की चपेट में आ जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते सावधानी न बरती जाए, तो सामान्य सर्दी आगे चलकर फ्लू या वायरल फीवर का रूप ले सकती है। ऐसे में खान-पान, कपड़ों और दिनचर्या में थोड़े से बदलाव आपको बीमारियों से सुरक्षित रख सकते हैं।
खान-पान में बरतें विशेष सावधानी
मौसम बदलने के साथ आहार में भी बदलाव जरूरी है। शरीर की गर्मी बनाए रखने और इम्यूनिटी मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें। ठंडा पानी और फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थों से परहेज करें। इसके स्थान पर गुनगुना पानी, तुलसी-अदरक का काढ़ा और हल्का सुपाच्य भोजन लाभकारी होता है। विटामिन-सी युक्त फल जैसे संतरा, नींबू और आंवला शरीर को संक्रमण से लड़ने की ताकत देते हैं और मौसमी बीमारियों से बचाव करते हैं।
कपड़ों को लेकर न करें लापरवाही
दोपहर की धूप देखकर पूरी तरह गर्म कपड़े छोड़ना नुकसानदायक हो सकता है। सुबह और शाम की ठंडी हवा शरीर को जल्दी प्रभावित करती है। चिकित्सकों की सलाह है कि लेयरिंग पद्धति अपनाई जाए, जिससे जरूरत के अनुसार कपड़े उतारे या पहने जा सकें। कान, गला और छाती को ढंककर रखने से ठंडी हवा के सीधे प्रभाव से बचाव होता है और जुकाम का खतरा कम रहता है।
स्वच्छता और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं
संक्रमण से बचाव के लिए व्यक्तिगत स्वच्छता बेहद जरूरी है। बाहर से लौटने के बाद हाथ साबुन से जरूर धोएं और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें।
इसके साथ ही रोजाना हल्का व्यायाम, प्राणायाम या योग करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। पर्याप्त नींद लें, क्योंकि नींद की कमी इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देती है।
छोटी सावधानियां, बड़ा फायदा
मौसम का यह बदलाव भले ही सुहावना लगे, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही आपको लंबे समय तक बीमार कर सकती है। रात को समय पर सोना, घर का ताजा भोजन करना और गुनगुने पानी का सेवन जैसे छोटे कदम सर्दी-जुकाम से बचाने में बेहद कारगर हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इलाज से बेहतर बचाव है, इसलिए बदलते मौसम में सतर्क रहें और स्वस्थ रहकर इस मौसम का आनंद लें।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है।
बांस से निर्मित परिधान किए भेंट
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी से आज उनके शासकीय आवास पर हाउस ऑफ़ स्वाशा ब्रांड (निजी संस्था) की सह-संस्थापक स्वाति खंडूरी डिमरी ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर स्वाति खंडूरी डिमरी ने कृषि मंत्री गणेश जोशी को हाउस ऑफ़ स्वाशा ब्रांड के अंतर्गत बांस (Bamboo) से निर्मित परिधान भेंट किए।
भेंट के दौरान स्वाति खंडूरी डिमरी ने हाउस ऑफ़ स्वाशा द्वारा किए जा रहे सस्टेनेबल एवं इको-फ्रेंडली फैशन के प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ब्रांड 100 प्रतिशत प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करते हुए नैतिक उत्पादन और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन देने के लिए कार्य कर रहा है। ब्रांड की नई पेशकशों में बांस (Bamboo) रेंज के क्लासिक फिट टॉप्स और बांस से बने मोज़े, साथ ही प्रीमियम ऑर्गेनिक कॉटन पुरुष कलेक्शन शामिल हैं। ये सभी परिधान 100% ऑर्गेनिक और प्राकृतिक सामग्री से तैयार किए गए हैं, जो अधिकतम आराम के साथ पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करते हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने हाउस ऑफ़ स्वाशा की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि बांस आधारित उत्पादों को प्रदेश में किसानों से जोड़ा जाएगा, ताकि उनकी आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी बांस से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि बांस उत्पादन, उसके बहुउपयोगी लाभों तथा सस्टेनेबल उद्योगों को प्रोत्साहित एवं बढ़ावा देने के लिए भी बांस आधारित उत्पादों का प्रयोग राज्य में भी किया जाएगा, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया उनका स्वागत
देहरादून। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहुंचे देहरादून। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी का स्वागत किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर अतिथियों का अभिनंदन किया। जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर वरिष्ठ प्रशासनिक एवं सुरक्षा अधिकारी भी मौजूद रहे। वीवीआईपी आगमन को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
भिक्षावृत्ति व बाल श्रम पर जिला प्रशासन का प्रहार जारी
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशों के क्रम में जनपद में भिक्षावृत्ति एवं बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रशासन को एक और सफलता मिली है। भिक्षावृत्ति निषेध टीम ने नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए भिक्षावृत्ति एवं कूड़ा बीनने में संलग्न एक नाबालिग बालक को रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के बाद बालक की नियमानुसार सामान्य डायरी (जीडी) दर्ज कराई गई और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं की पूर्ति के उपरांत बालक को बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार नाबालिग के संरक्षण, देखभाल एवं पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उसे शिशु निकेतन में सुरक्षित रूप से प्रवेशित कराया गया है, जहां उसके समुचित देखभाल की व्यवस्था की जाएगी।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी परिस्थिति में बच्चों से भिक्षावृत्ति या कूड़ा बिनवाने जैसे अमानवीय कृत्य बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को ऐसे मामलों में तत्काल रेस्क्यू, संरक्षण और पुनर्वास की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
जिला प्रशासन ने आमजन से भी अपील की है कि यदि कहीं बच्चों को भिक्षावृत्ति, बाल श्रम या असुरक्षित परिस्थितियों में कार्य करते हुए देखा जाए, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि समय रहते बच्चों को सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।
दो माह में 15,784 नए लाभार्थी पेंशन योजनाओं से जुड़े
गुड गवर्नेंस मॉडल से अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है योजनाओं का लाभ- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के अंतर्गत पात्रता परीक्षण, सत्यापन एवं भुगतान प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक निर्बाध रूप से पहुँचता रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत माह जनवरी 2026 की पेंशन किस्त का वन-क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भुगतान किया। यह पहल राज्य सरकार की तकनीक आधारित, पारदर्शी और संवेदनशील शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करती है तथा सामाजिक सुरक्षा के प्रति सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर, वृद्ध, दिव्यांग, विधवा, किसान, निराश्रित एवं जरूरतमंद वर्गों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि सभी पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध, पारदर्शी और तकनीक आधारित प्रणाली के माध्यम से प्राप्त हो, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) एवं वन-क्लिक भुगतान प्रणाली से न केवल भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है, बल्कि लाभार्थियों को बिना किसी कार्यालयी प्रक्रिया के सीधे उनके बैंक खातों में सहायता राशि प्राप्त हो रही है। इससे शासन और आम नागरिक के बीच विश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत जनवरी 2026 माह में राज्य के 9,47,345 पात्र लाभार्थियों को पेंशन का लाभ प्रदान किया गया। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न पेंशन एवं सहायता योजनाओं के माध्यम से कुल ₹ 1 अरब 41 करोड़ 66 लाख 51 हजार की धनराशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण के माध्यम से लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई, जिसमें नियमित पेंशन के साथ-साथ एरियर भुगतान भी सम्मिलित है।
इस अवधि में वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत सर्वाधिक लाभार्थियों को सहायता प्रदान की गई, वहीं विधवा, दिव्यांग, किसान, परित्यक्ता, भरण-पोषण अनुदान, तीलू रौतेली एवं बौना पेंशन योजनाओं के माध्यम से भी हजारों पात्र नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा का संबल मिला। यह व्यापक कवरेज राज्य सरकार की समावेशी और संवेदनशील नीति को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पेंशन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम यह है कि 01 दिसम्बर 2025 से 03 फरवरी 2026 की अवधि में 15,784 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जोड़ा गया। साथ ही, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मृतक लाभार्थियों का समयबद्ध सत्यापन करते हुए 1,523 अपात्र नामों को पोर्टल से हटाया गया, जिससे योजनाओं का लाभ केवल वास्तविक और पात्र व्यक्तियों तक ही सीमित रह सके।
राज्य सरकार द्वारा अपनाई गई डिजिटल पेंशन पोर्टल प्रणाली, स्वतः आयु-पात्रता पहचान और नियमित मॉनिटरिंग के सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 की अवधि में 60 वर्ष की आयु पूर्ण करते ही 428 पात्र नागरिकों को स्वतः वृद्धावस्था पेंशन की स्वीकृति दी गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि पात्रता निर्धारण और स्वीकृति प्रक्रिया अब अधिक सरल, त्वरित और मानवीय हो गई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि,
“राज्य सरकार का संकल्प है कि समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पहुंचे। पेंशन योजनाएं केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सम्मानजनक जीवन का आधार हैं। हमारी सरकार गरीबों, वृद्धों, महिलाओं, दिव्यांगों और किसानों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।”
इस अवसर पर अपर सचिव संदीप तिवारी सहित समाज कल्याण विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे |
