मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का ट्रेलर आखिरकार रिलीज हो गया है। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जो उत्सुकता थी, वह ट्रेलर में दिखाए गए दमदार दृश्यों और कहानी की झलक से और भी बढ़ गई है। टॉम हॉलैंड एक बार फिर पीटर पार्कर के रूप में नजर आ रहे हैं, जबकि कहानी में नए ट्विस्ट और इमोशनल एंगल भी देखने को मिल रहे हैं।
ट्रेलर में क्या दिखा खास
ट्रेलर की शुरुआत पीटर पार्कर द्वारा मिशेल (एमजे) के पुराने वीडियो देखने से होती है। इन पलों को देखकर पीटर भावुक और बेचैन नजर आता है। आगे के दृश्यों में यह साफ होता है कि किसी रहस्यमयी वजह से लोग पीटर को भूल चुके हैं, यहां तक कि उसकी गर्लफ्रेंड और करीबी दोस्त भी उसे पहचान नहीं पा रहे हैं। यह स्थिति कहानी को एक अलग मोड़ देती है और पीटर के संघर्ष को और गहरा बनाती है। ट्रेलर के अंत में ब्रूस बैनर की एंट्री भी दिखाई गई है, जो फिल्म में एक अहम भूमिका का संकेत देती है।
क्या पीटर खो देता है अपनी ताकत?
ट्रेलर में एक अहम सीन में पीटर पार्कर अपनी शक्तियों से जूझता हुआ नजर आता है। उसके स्पाइडर-जाल काम नहीं करते, जिससे वह ऊंची इमारत से गिर जाता है। यह इशारा करता है कि इस बार उसे केवल दुश्मनों से ही नहीं, बल्कि खुद की कमजोरियों से भी लड़ना होगा।
टॉम हॉलैंड ने जताई खुशी
टॉम हॉलैंड ने सोशल मीडिया पर ट्रेलर शेयर करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि यह एक नई शुरुआत है और वह इस फिल्म को दर्शकों के सामने लाने के लिए बेहद उत्साहित हैं।
कब रिलीज होगी फिल्म
‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ 31 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। 18 मार्च को रिलीज हुए इस ट्रेलर ने पहले ही फैंस के बीच जबरदस्त चर्चा पैदा कर दी है। फिल्म में टॉम हॉलैंड, जेंडाया और मार्क रफ्लो मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि निर्देशन डेस्टिन डेनियल क्रेटन ने किया है।
(साभार)
प्रदेश के हर गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने बणगांव-चोपड़ा-कसलाना मोटर मार्ग एवं दिवारीखौल-जोखणी मोटर मार्ग को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर गांव तक सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपेक्षा भी की।
इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष चैन सिंह महर, विजय बड़ोनी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शैलेन्द्र कोहली, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रधान संगठन उत्तरकाशी जगबीर रावत, कृषक कृषि उद्यमी संगठन उत्तरकाशी के जिला अध्यक्ष बलबीर रावत, पूर्व संगठन मंत्री एबीवीपी प्रहलाद राणा, पूर्व सैनिक राज्य आंदोलनकारी संगठन अध्यक्ष महाबीर सिंह चौहान, कुलबीर सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नितेश रावत, विपिन बिष्ट, कुलदीप रावत और मंजीत राणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे
सोमेश्वर /अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के न्याय पंचायत सोमेश्वर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मौके पर ही 110 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया। कार्यक्रम में 600 से अधिक लोगों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान गैस कनेक्शन, सड़क, पेंशन, फसल सुरक्षा के लिए तारबाड़, पेयजल और राशन कार्ड जैसी प्रमुख समस्याएं सामने आईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एक राशन की दुकान से नियमित वितरण न होने की शिकायत पर जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया, जिसमें 110 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस दौरान पात्र महिलाओं भावना गोस्वामी, रेखा बोरा और नेहा को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार जनहित और विकास के कार्यों को दफ्तरों से निकालकर जनता के दरवाजे तक पहुंचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राम शरण शर्मा, एसडीएम संजय कुमार, मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी, उमेश मेहरा, खड़क सिंह, लाल सिंह, बंशीधर जोशी, धर्मेंद्र बिष्ट, महेश पांडे, विनोद मेहरा, प्रकाश भंडारी, सुरेश बोरा, नरेंद्र नेगी, दिलीप रौतेला, वसंत खेड़ा, बबलू बोरा, रंजीत रावत, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
30 अप्रैल तक 79 राजस्व चौकियों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश
कार्यों में गति लाने हेतु समस्त राजस्व न्यायालयों तथा पटवारी चौकियों को एक माह में कंप्यूटर तथा लैपटॉप उपलब्ध कराएं- जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में ली राजस्व संवर्धन की मासिक बैठक
पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में जनपद के राजस्व संवर्धन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि आमजन को शासन की सेवाओं का त्वरित लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने तथा लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुराने लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। साथ ही तहसीलदारों को वादों के शीघ्र निस्तारण तथा उपजिलाधिकारियों को तहसीलदार न्यायालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अतिरिक्त प्रभार वाले उपजिलाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन संबंधित तहसील में बैठकर जनसमस्याओं का समाधान करें। उन्होंने स्थायी निवास, जाति एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों का रेंडम सत्यापन कर त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री राहत कोष के लाभार्थियों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने, आवश्यकता अनुसार आपदा उपकरणों की मांग भेजने तथा बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, अतिक्रमण हटाने, खाता-खतौनी, दाखिल-खारिज एवं चरित्र सत्यापन की प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन अधिकारी को चौबट्टाखाल, लैंसडाउन एवं धुमाकोट में वुड कटर उपलब्ध कराने तथा उपजिलाधिकारी कोटद्वार को खराब पड़े इंडस्ट टॉवर के ढांचे को ध्वस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि दैवीय आपदा के क्षतिग्रस्त जनपद की 63 राजस्व उप निरीक्षक चौकियों की मरम्मत हेतु 3.25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उक्त धनराशि चौकियों की मरम्मत हेतु सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराते हुये चौकियों की मरम्मत अविलम्ब कराये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया कि उक्त के अतिरिक्त जिला कार्यालय से परिषद को राजस्व उप निरीक्षक चौकियों के प्रेषित आंगणनों के सापेक्ष तहसील रिखणीखाल की 14 एव तहसील लैन्सडौन की 02 चौकियों के मरम्मत हेतु धनराशि स्वीकृत हुई है। उक्त के क्रम में जिलाधिकारी ने राजस्व चौकियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए निर्माणदायी संस्था को तत्काल एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी माह में कार्यों की गति बढ़ाते हुए 30 अप्रैल तक सभी निर्धारित निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पटवारी अपने निर्धारित स्थान पर बैठेंगे, जिससे राजस्व कार्य सुचारु रूप से संपादित हों।
इसके साथ ही उन्होंने तहसीलों में संसाधनों की उपलब्धता और डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 402 राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद गढ़वाल के 41 राजस्व न्यायालयों के लिए प्रति न्यायालय एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर एवं एक यूपीएस की व्यवस्था हेतु की धनराशि स्वीकृत की गयी है। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 41 कंप्यूटर क्रय कर जनपद की सभी तहसीलों को वितरित कर दिए गए हैं, जिससे राजस्व न्यायालयों के कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व परिषद द्वारा जनपद गढ़वाल के 268 फील्ड कार्मिकों को शासकीय कार्यों के प्रभावी संपादन हेतु प्रति कार्मिक लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत लैपटॉप क्रय हेतु निविदा प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि शेष तहसीलों में भी एक माह में शीघ्र कंप्यूटर उपलब्ध कराते हुए उनकी स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारू एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके तथा उनमें गति लायी जा सके। वहीं उन्होंने तहसीलों में निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जहां जो मरम्मतीकरण का कार्य होना है उसे तत्काल कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ जनसमस्याओं का समाधान करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट अथवा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य की आवश्यकता है, तो संबंधित अधिकारी उसे स्पष्ट रूप से चिन्हित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करते हुए प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यकतानुसार ऐसे प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल कर विकास कार्यों को गति दी जा सके। साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन बड़े कार्यों का नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने फॉर्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का सत्यापन 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पानी एवं टेलीफोन के बिलों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की देरी से बचते हुए सभी देयकों का नियमित निस्तारण करने पर भी जोर दिया।
प्रशासनिक कार्यक्षमता को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली की अनिवार्य उपयोगिता पर विशेष बल दिया। उन्होंने जनपद की समस्त तहसीलों को अपनी तकनीकी स्थिति में सुधार करने के कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिला मुख्यालय के साथ होने वाला समस्त आधिकारिक पत्राचार अब केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कागजी कार्यवाही को कम करना और पत्रावलियों के आवागमन में गतिशीलता लाना है।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को कोटद्वार स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर वाहनों की आवाजाही की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहन पंजीकरण शुल्क से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा लंबित देयों की वसूली हेतु तत्काल आरसी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले दो से तीन दिनों के भीतर वसूली में उल्लेखनीय प्रगति लाने को कहा। उन्होंने राज्य कर विभाग की श्रीनगर एवं कोटद्वार इकाइयों को भी राजस्व लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उप निबंधक को स्टांप संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि जिन परिसंपत्तियों का किराया लंबित है, उन्हें नोटिस जारी किया जाय। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उसके बाद भी राजस्व जमा नहीं करते हैं तो उनका टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को बकाया बिलों की वसूली में तेजी लाने तथा विगत एवं वर्तमान वर्ष की लंबित देनदारियों का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत से दुकान किराया एवं स्वच्छता शुल्क की स्थिति की जानकारी ली गयी। जिलाधिकारी ने जिला विकास प्राधिकरण, लैंसडाउन उपजिलाधिकारी तथा जिला पंचायत को निर्देश दिए कि जो निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं हो रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने नियमित अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की सूची तैयार करने को कहा। साथ ही लक्ष्मणझूला क्षेत्र में भी निर्माण मानकों की कड़ाई से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में संज्ञान में आया कि शासकीय अधिवक्ता सभी तहसीलों में नहीं पहुंच लाते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलों में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं के लिए कार्य-दिवसवार एवं स्पष्ट रोस्टर तैयार किया जाय। उन्होंने कहा कि रोस्टर बनाते समय लंबित वादों की स्थिति, न्यायालयों की प्राथमिकता एवं कार्यभार का संतुलन अवश्य ध्यान में रखा जाए, ताकि किसी भी वाद में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही रोस्टर का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते संशोधन करने के निर्देश भी दिए, जिससे न्यायालयीय कार्यवाही प्रभावी, जवाबदेह और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।
जिलाधिकारी ने आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन मदिरा स्वामियों द्वारा राजस्व जमा नहीं किया है उनसे वसूली करें। साथ ही संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी के साथ मदिरा दुकानों और अवैध रूप से मदिरा बेच रहे पर कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। पूर्ति अधिकारी ने अवगत कराया कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति हेतु एसओपी बन चुकी है तथा उनका वितरण निर्धारित एसओपी के अनुसार किया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों पर भीड़भाड़ से बचने हेतु सिलेंडरों का वितरण केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में घरेलू गैस वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले बुकिंग करायी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध करायी जाए तथा व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण भी एसओपी के अनुरूप पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा में उप निर्वाचन अधिकारी ने जिले की उपलब्धि 93.97% बतायी। जिलाधिकारी ने यमकेश्वर तहसील द्वारा 100% लक्ष्य प्राप्त करने पर सराहना की तथा अन्य सभी तहसीलों को भी शीघ्र शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गैर-चिन्हित मतदाताओं पर फोकस बढ़ाने को कहा और एसआईआर के सफल संपादन हेतु नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एसआईआर प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व अपने स्तर पर समुचित समीक्षा कर लें तथा जिन कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जानी है, उनकी समयबद्ध तैनाती सुनिश्चित करें।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, चतर सिंह चौहान, संदीप कुमार, शालिनी मौर्य, श्रेष्ठ गुनसोला, कृष्णा त्रिपाठी, उप निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, आबकारी अधिकारी तपन पांडेय, पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, खनन अधिकारी अंकित मुयाल, आरटीओ द्वारिका प्रसाद, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यात्रियों की सुविधा के लिए 18 नई रेल सेवाएं शुरू
देहरादून। लोकसभा में रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड में रेलवे परियोजनाओं और नई सेवाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अजय भट्ट के प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य में रेल अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 4,641 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 25 गुना वृद्धि को दर्शाता है।
01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार, उत्तराखंड में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाली 40,384 करोड़ रुपये लागत की 216 किलोमीटर लंबी तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर लाइन चालू हो चुकी है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
देवबंद-रुड़की (27 किमी) रेल लाइन का कार्य पूरा हो गया है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग (125 किमी) रेल परियोजना राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जो देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ती है। इस परियोजना में सुरंग निर्माण प्रमुख है। कुल 16 मुख्य सुरंगों (104 किमी) और 12 बचाव सुरंगों (98 किमी) का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2025-26) में राज्य में 441 किलोमीटर लंबाई के 7 सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 3 नई लाइनें और 4 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। समपारों के स्थान पर पुल निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। वर्ष 2004-14 के दौरान 4,148 पुल बनाए गए थे, जबकि 2014-26 (जनवरी 2026 तक) में यह संख्या बढ़कर 14,024 हो गई है। इनमें उत्तराखंड के 106 पुल शामिल हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 01 फरवरी 2026 तक देशभर में 4,802 पुल 1,14,196 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हैं, जिनमें उत्तराखंड में 158 करोड़ रुपये की लागत से 9 पुल विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।
“अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत देशभर के 1,338 स्टेशनों के विकास में उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं। इनमें देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं, रामनगर, रुड़की और टनकपुर शामिल हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत स्टेशन विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में 6,895 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 6,172 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2023-24 से फरवरी 2026 तक 18 नई रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और हरिद्वार-फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस प्रमुख हैं। नई ट्रेनों का संचालन मार्ग की क्षमता, उपलब्धता और अन्य परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है।
भारतनेट से सभी पंचायत भवनों को जोड़ने पर जोर
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य ब्रॉडबैण्ड समिति की 9वीं बैठक सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान इंटरनेट कनेक्टिविटी से सम्बन्धित विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गयी एवं मुख्य सचिव द्वारा दिशा निर्देश दिए गए।
दुर्गम क्षेत्रों में फाइबर केबल एवं वाईफाई के माध्यम से कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई जाए- मुख्य सचिव
मुख्य सचिव ने ऐसे क्षेत्रों जहां रोड एक्सेस नहीं है, 4जी उपकरण आदि पहुंचाने के लिए रोड कनेक्टिविटी के बजाय फाइबर केबिल बिछाकर एवं वाईफाई आदि के माध्यम से शीघ्र से शीघ्र कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए अन्य विकल्पों पर भी विचार कर उपयोग किए जाने जाने की बात कही।
भारतनेट से सभी पंचायत भवनों को किया जाए संतृप्त
मुख्य सचिव ने सभी पंचायत भवनों को भारतनेट कनेक्टिविटी सुविधा शीघ्र से शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि राज्य सरकार का आरओडब्ल्यू पोर्टल को आईटीडीए हैंडल करेगा। साथ ही उन्होंने अन्य पेयजल, बिजली, गैस एवं संचार से सम्बन्धित ऐसे विभागों, जो सड़कों आदि खुदाई कर अंडरग्राउण्ड लाइनें बिछाने का कार्य करते हैं, को आरओडब्ल्यू पोर्टल पर अपने सिस्टम को शीघ्र इंटीग्रेट किए जाने के निर्देश दिए हैं।
कनेक्टिविटी सैचुरेशन की प्रगति की मासिक रिपोर्ट सचिव सूचना प्रौद्योगिकी को प्रत्येक माह सौंपी जाए
मुख्य सचिव ने स्ट्रीट फर्नीचर मैपिंग कार्य में तेजी जाए जाने के लिए सभी संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी सैचुरेशन के कार्य में किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो सीधे सम्बन्धित सचिव से बात कर समस्याओं का निराकरण किया जाए। उन्होंने जनपद स्तरीय समितियों की बैठकें निर्धारित समय में अनिवार्य रूप से आयोजित कराए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि समस्त गतिविविधों की प्रगति रिपोर्ट मासिक रूप से सचिव आईटी को नियमित रूप से प्रेषित की जाए।
पंचायत भवनों के निर्माण/मरम्मत कार्यों में लायी जाये तेजी
मुख्य सचिव ने समस्त पंचायत भवनों में भारतनेट की कनेक्टिविटी दिए जाने से सम्बन्धित बिन्दु पर जहां पंचायत भवन निर्माणाधीन हैं, ऐसे स्थानों में विकल्प के तौर पर पास के सरकारी भवनों जैसे प्राथमिक विद्यालय अथवा आंगनवाड़ी केन्द्रों में अस्थायी रूप से कनेक्टिविटी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पंचायत भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों में भी तेजी जाए जाने के निर्देश दिए।
टेलीकॉम कंपनियों को कॉल ड्रॉप के ब्लैक स्पॉट चिह्नित कर नेटवर्क से सुधारे जाने के दिये निर्देश
मुख्य सचिव ने सभी टेलीकॉम कम्पनियों को शहरी क्षेत्रों में भी कॉल ड्राप की समस्या को सुधारे जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में ऐसे ब्लैक स्पॉट चिन्हित कर सुधारे जाएं जहां लगातार कॉल ड्रॉप होती है। उन्होंने कहा कि यात्रा सीजन के दौरान प्रदेश के सभी यात्रा मार्गों में स्थायी टावर लगाए जाने तक अस्थायी मोबाईल टावर लगाकर कनेक्टिविटी सुविधा सुनिश्चित की जाए।
इस अवसर पर सचिव नितेश कुमार झा, सी. रविशंकर, केन्द्रीय दूर संचार विभाग के अधिकारी, बीएसएनएल सहित अन्य प्राइवेट मोबाइल नेटवर्क सेवा प्रदाता एवं टावर्स एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोवाईडर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
पीरियड्स के दौरान होने वाला दर्द महिलाओं की एक सामान्य लेकिन असहज समस्या है, जो हर महीने उनकी दिनचर्या को प्रभावित कर सकती है। कई बार यह दर्द इतना तेज होता है कि सामान्य कामकाज करना भी चुनौती बन जाता है। पेट में ऐंठन, कमर दर्द, थकान और चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण इस दौरान आम हैं। हालांकि, राहत के लिए दवाइयों के अलावा कुछ आसान घरेलू उपाय भी बेहद कारगर साबित हो सकते हैं।
पीरियड्स के दर्द से राहत पाने के लिए जरूरी नहीं कि हर बार दवाइयों का सहारा लिया जाए। कुछ प्राकृतिक तरीके अपनाकर भी इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। सही खानपान और हल्की-फुल्की गतिविधियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं।
गर्म सिकाई से राहत
पेट के निचले हिस्से पर गर्म पानी की बोतल या हीट पैड लगाने से मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं। इससे ऐंठन कम होती है और दर्द में जल्दी आराम मिलता है। यह सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपायों में से एक है।
अदरक का सेवन फायदेमंद
अदरक में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद करते हैं। अदरक की चाय पीने से शरीर को आराम मिलता है और दर्द की तीव्रता घटती है।
हल्दी वाला दूध असरदार
हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व शरीर के अंदरूनी दर्द और सूजन को कम करते हैं। रात में हल्दी वाला दूध पीने से शरीर को आराम मिलता है और ऐंठन में कमी आती है।
डार्क चॉकलेट से मूड और दर्द दोनों बेहतर
डार्क चॉकलेट में मौजूद मैग्नीशियम मांसपेशियों को आराम देता है और दर्द को कम करने में सहायक होता है। साथ ही, यह मूड को बेहतर बनाकर तनाव को भी कम करता है।
हल्की एक्सरसाइज जरूरी
पीरियड्स के दौरान हल्की एक्सरसाइज या योग करने से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इससे मांसपेशियों का तनाव कम होता है और दर्द में राहत मिलती है।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य सुझावों पर आधारित है। किसी भी गंभीर समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
(साभार)
सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर हुई चर्चा
ऋषिकेश। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ऋषिकेश में श्री श्री रविशंकर से शिष्टाचार भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक जागरूकता से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद्म विभूषण से सम्मानित श्री श्री रविशंकर द्वारा स्थापित आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था विश्वभर में शांति, योग और मानवीय मूल्यों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उनके मार्गदर्शन से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है, जो उत्तराखंड जैसे आध्यात्मिक प्रदेश के लिए अत्यंत प्रेरणादायक है।

श्री श्री रविशंकर ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद देते हुए राज्य की उन्नति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य इसे वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं और इसे और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं के मार्गदर्शन को राज्य के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण बताया।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कैंप कार्यालय में आगामी पर्यटन सीजन को देखते हुए देहरादून–मसूरी मार्ग पर स्थित वैली ब्रिज के संबंध में वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने और पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा से बचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने प्रस्तावित नए पुल के निर्माण से पूर्व अस्थायी (टेंपरेरी) वैली ब्रिज के निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अप्रैल माह से पर्यटन सीजन प्रारंभ होने जा रहा है, ऐसे में देहरादून–मसूरी मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ेगा। इसलिए समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लोक निर्माण विभाग एवं वन विभाग आपसी समन्वय बनाते हुए शीघ्र ही एक अतिरिक्त टेंपरेरी वैली ब्रिज का निर्माण कार्य प्रारंभ करें, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके और पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर डीएफओ मसूरी अमित कंवर एवं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
फिल्म धुरंधर द रिवेंज को लेकर दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रिलीज से पहले ही इस फिल्म ने एडवांस बुकिंग में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए बड़े-बड़े रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। गुरुवार को सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही इस फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर बड़ी ओपनिंग की उम्मीद जताई जा रही है।
पिछले साल रिलीज हुई धुरंधर की शानदार सफलता के बाद इसके सीक्वल धुरंधर द रिवेंज को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह है। फिल्म की एडवांस बुकिंग के आंकड़े इस बात का संकेत दे रहे हैं कि यह भी बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित हो सकती है। हालांकि, असली तस्वीर रिलीज के बाद दर्शकों की प्रतिक्रिया से ही साफ होगी।
रिलीज से एक दिन पहले यानी 18 मार्च को कुछ शहरों में फिल्म के पेड प्रीव्यू शो भी रखे गए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन प्रीव्यू शोज से ही फिल्म करीब 30 करोड़ रुपये तक की कमाई कर सकती है।
अगर एडवांस बुकिंग की बात करें तो फिल्म ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। अब तक इसके करीब 9.90 लाख टिकट बिक चुके हैं, जो कि 12 हजार से ज्यादा शोज के लिए हैं। देशभर में फिल्म ने एडवांस बुकिंग से लगभग 42.71 करोड़ रुपये का कारोबार कर लिया है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म पहले दिन घरेलू बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर सकती है, जबकि वर्ल्डवाइड कलेक्शन 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
सबसे खास बात यह है कि धुरंधर द रिवेंज ने एडवांस बुकिंग के मामले में बाहुबली 2: द कन्क्लूजन का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। जहां ‘बाहुबली 2’ के हिंदी वर्जन के पहले दिन करीब 6.50 लाख टिकट बिके थे, वहीं ‘धुरंधर 2’ ने इस आंकड़े को पार करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया है।
एडवांस बुकिंग के मामले में अन्य बड़ी फिल्मों जैसे जवान, पठान, केजीएफ: चैप्टर 2 और एनिमल भी पीछे रह गई हैं।
अब सबकी नजरें फिल्म की ओपनिंग डे पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच पाती है या नहीं।
(साभार)
