पीएम मोदी ने संविधान सदन में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस का किया उद्घाटन
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 28वीं कॉमनवेल्थ स्पीकर्स एंड प्रेसिडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CSPOC) 2026 का औपचारिक उद्घाटन किया। इस अवसर पर लोकतंत्र, संसदीय व्यवस्था और वैश्विक सहयोग को लेकर भारत की भूमिका को रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह उपस्थित रहे।
अपने उद्घाटन संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय लोकतंत्र की समावेशिता और महिला नेतृत्व की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की राष्ट्रपति देश की प्रथम नागरिक हैं और दिल्ली की मुख्यमंत्री भी एक महिला हैं, जो यह दर्शाता है कि भारत में महिलाएं न केवल लोकतंत्र का हिस्सा हैं, बल्कि नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में भी खड़ी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि 2024 के आम चुनाव मानव इतिहास का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अभ्यास रहे, जिसमें करीब 98 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे और महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रही।
प्रधानमंत्री ने सेंट्रल हॉल के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यही वह स्थान है जहां स्वतंत्रता से पहले संविधान सभा की बैठकें हुईं और आजादी के बाद दशकों तक यहीं से देश के भविष्य से जुड़े अहम फैसले लिए गए। अब इस ऐतिहासिक धरोहर को संविधान सदन के रूप में लोकतंत्र को समर्पित किया गया है।
कॉमनवेल्थ देशों के साथ भारत के सहयोग पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ की कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा भारत में निवास करता है और भारत का प्रयास रहा है कि वह स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, आर्थिक विकास और नवाचार जैसे क्षेत्रों में साझा लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय योगदान दे। उन्होंने कहा कि भारत अपने अनुभवों से सीखने के साथ-साथ उन्हें अन्य साझेदार देशों के साथ साझा करने में भी विश्वास रखता है, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के लिए नए अवसरों के निर्माण में।
प्रधानमंत्री मोदी ने संसदीय लोकतंत्र में स्पीकर की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि स्पीकर का दायित्व केवल सदन का संचालन करना नहीं, बल्कि निष्पक्षता, धैर्य और संतुलन के साथ हर सदस्य को अपनी बात रखने का अवसर देना भी है। उन्होंने कहा कि यह चौथा अवसर है जब भारत इस प्रतिष्ठित सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय “संसदीय लोकतंत्र की प्रभावी डिलीवरी” रखा गया है।
प्रधानमंत्री ने भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए कहा कि सहमति, संवाद और विचार-विमर्श की परंपरा भारत की प्राचीन सभ्यता का हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि तमाम शंकाओं के बावजूद भारत ने यह सिद्ध किया है कि विविधता लोकतंत्र की कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी ताकत है। लोकतांत्रिक संस्थाओं ने देश को स्थिरता, गति और विकास का मजबूत आधार दिया है।
आर्थिक उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई, वैक्सीन उत्पादन और इस्पात निर्माण जैसे क्षेत्रों में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है।
इस सम्मेलन की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला कर रहे हैं। इसमें 42 कॉमनवेल्थ देशों के 61 स्पीकर्स और प्रेसिडिंग ऑफिसर्स सहित अर्ध-स्वायत्त संसदों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, नाइजीरिया, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और मलेशिया सहित कई देशों के प्रतिनिधि सम्मेलन में शामिल हुए हैं।
सम्मेलन के दौरान संसद की बदलती भूमिका, तकनीकी नवाचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग, सोशल मीडिया का प्रभाव, नागरिक भागीदारी बढ़ाने की रणनीतियों और सांसदों की सुरक्षा व कल्याण जैसे विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। 14 से 16 जनवरी तक चलने वाला यह सम्मेलन अब तक का सबसे बड़ा CSPOC माना जा रहा है, जिसकी पिछली बैठक जनवरी 2024 में युगांडा में आयोजित हुई थी।
बॉलीवुड से हॉलीवुड तक अपनी अलग पहचान बना चुकीं प्रियंका चोपड़ा जोनस एक बार फिर अपने दमदार अवतार में दर्शकों के सामने आने को तैयार हैं। उनकी नई इंटरनेशनल फिल्म ‘द ब्लफ’ का ऑफिशियल ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है, जिसमें प्रियंका का अब तक का सबसे खतरनाक और उग्र किरदार देखने को मिल रहा है। ट्रेलर सामने आते ही सोशल मीडिया पर इसे लेकर चर्चा तेज हो गई है।
ट्रेलर में प्रियंका चोपड़ा एक निर्दयी और ताकतवर महिला समुद्री डाकू के रूप में नजर आती हैं, जिसका नाम एर्सेल ‘ब्लडी मैरी’ बॉडेन है। खून से सने चेहरे, जख्मों से भरा शरीर और आंखों में बदले की आग—प्रियंका का यह अवतार पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक दिखाई देता है। फिल्म में उनके साथ हॉलीवुड अभिनेता कार्ल अर्बन भी अहम भूमिका निभा रहे हैं, जिनके साथ प्रियंका के एक्शन सीक्वेंस खासे प्रभावशाली हैं।
‘द ब्लफ’ की कहानी सत्ता, अस्तित्व और विश्वासघात के इर्द-गिर्द घूमती है। एर्सेल अपने अतीत को पीछे छोड़कर नई जिंदगी शुरू करना चाहती है, लेकिन उसका खतरनाक अतीत फिर से उसके सामने खड़ा हो जाता है। पुराने साथी लौटते हैं और उसे वफादारी, हिंसा और जिंदा रहने की जंग में उतरना पड़ता है। कहानी में भावनात्मक टकराव के साथ-साथ जबरदस्त एक्शन और संघर्ष को प्रमुखता से दिखाया गया है।
निर्माताओं के मुताबिक यह फिल्म पारंपरिक पाइरेट फिल्मों से अलग एक गहरी, क्रूर और थ्रिल से भरपूर कहानी पेश करती है। इंस्टाग्राम पर ट्रेलर साझा करते हुए मेकर्स ने लिखा है कि इस कहानी का अंत खून से सनी रेत पर होगा। ‘द ब्लफ’ 25 फरवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज की जाएगी, जहां दर्शकों को एक्शन, ड्रामा और डार्क ह्यूमर से भरपूर समुद्री डाकू थ्रिलर देखने को मिलेगी।
(साभार)
“भारतीय सेना का शौर्य देश की सबसे बड़ी ताकत” — मुख्यमंत्री धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने थल सेना दिवस के अवसर पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात सभी वीर जवानों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सैन्यभूमि उत्तराखंड की ओर से यह दिवस उन जांबाज सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन करने का अवसर है, जो अहर्निश माँ भारती की रक्षा में समर्पित हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि भारतीय सेना का अदम्य साहस, कठोर अनुशासन और राष्ट्र के प्रति अटूट निष्ठा ही देश की सीमाओं की सबसे बड़ी सुरक्षा है। हिमालय की दुर्गम चोटियों से लेकर रेगिस्तान और समुद्री तटों तक, हर मोर्चे पर सेना का पराक्रम देश के आत्मसम्मान और संप्रभुता का प्रतीक है।
सीएम धामी ने कहा कि देशवासियों को अपने सैनिकों पर गर्व है। उनका शौर्य, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने सभी वीर जवानों को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य और सुरक्षित सेवा की कामना की।
16 से 19 जनवरी के बीच पर्वतीय जिलों में बारिश-बर्फबारी के आसार
देहरादून। प्रदेश में इस बार मौसम का मिजाज बदला-बदला नजर आ रहा है। बारिश और बर्फबारी न होने के चलते मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ों तक सूखी ठंड ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन में धूप राहत दे रही है, लेकिन सुबह-शाम ठंड और कोहरे का असर लगातार बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने पर्वतीय जिलों में मौसम में बदलाव के संकेत दिए हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार फिलहाल प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। हालांकि देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर के साथ नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। कोहरे के चलते सुबह के समय दृश्यता प्रभावित हो सकती है, जिससे यातायात पर असर पड़ने की संभावना है।
वहीं 16 से 19 जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने के आसार जताए गए हैं। इसके साथ ही 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सूखी ठंड का सबसे ज्यादा असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में और गिरावट आने की आशंका है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को मिली नई दिशा और गति
उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी में आयोजित विंटर टूरिज़्म कॉन्क्लेव में शिरकत की और देवभूमि उत्तराखंड में चल रही शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर उन्होंने होटल एसोसिएशन, होम-स्टे संचालकों और पर्यटन क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रतिनिधियों के साथ भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई दिशा और गति मिली है। उन्होंने बताया कि शीतकालीन यात्रा से लेकर आदि कैलाश यात्रा तक, बढ़ती आस्था और जनता की भागीदारी राज्य में पर्यटन को नए आयाम दे रही है और प्रधानमंत्री के देवभूमि उत्तराखंड के प्रति विशेष लगाव को दर्शाती है।

धामी ने कहा कि उत्तराखंड का प्रत्येक क्षेत्र अब अपने आप में एक विशिष्ट पर्यटन गंतव्य बन चुका है। राज्य अब केवल छह माह तक सीमित पर्यटन वाला नहीं रहा, बल्कि पूरे वर्ष पर्यटन का आकर्षक केंद्र बन गया है। पर्यटन के इस विस्तार से रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं, राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है और स्थानीय उत्पादों को भी नई पहचान मिली है।
इस अवसर पर राज्य के विधायक सुरेश सिंह चौहान और दुर्गेश्वर लाल भी उपस्थित रहे और पर्यटन विकास के महत्व पर अपने विचार साझा किए। मुख्यमंत्री ने आगामी पर्यटन योजनाओं और स्थानीय उद्योगों के सहयोग से पर्यटन को और सशक्त बनाने पर जोर दिया।
थाईलैंड सरकार ने रेल दुर्घटना की जांच के दिये आदेश
बैंकॉक। थाईलैंड में बुधवार सुबह एक भयानक रेल हादसा हुआ, जिसमें कम से कम 22 लोगों की मौत हो गई और लगभग 30 लोग घायल हुए। यह दुर्घटना राजधानी बैंकॉक से उत्तर-पश्चिमी प्रांत उबोन रतचथानी जा रही एक ट्रेन पर निर्माणाधीन क्रेन गिरने के कारण हुई। घटना सिखियो जिले में हुई, जो बैंकॉक से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित है।
हादसे की वजह:
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हाई-स्पीड रेल प्रोजेक्ट के निर्माणाधीन स्थल पर लगी क्रेन अचानक ट्रेन पर गिर गई। इसके चलते ट्रेन पटरी से उतर गई और उसमें आग लग गई। शुरुआती जानकारी में 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिए गए। बचाव दल ने ट्रेन के क्षतिग्रस्त डिब्बों को काटकर घायल यात्रियों को बाहर निकाला। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे वाली ट्रेन में अनुमानित 195 यात्री सवार थे, लेकिन वास्तविक संख्या में थोड़ी भिन्नता हो सकती है।
सरकार की प्रतिक्रिया:
थाईलैंड सरकार ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच का आदेश दे दिया है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना की पूरी वजह सामने आने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थिति अब नियंत्रण में:
हादसे के तुरंत बाद लगी आग को बुझा लिया गया है और घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने जनता से इलाके से दूर रहने का अनुरोध किया है।
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने पूर्व सैनिकों को बताया राष्ट्र की मजबूत नींव
वेटरन्स डे समारोह में करीब 1000 पूर्व सैनिकों की रही सहभागिता
देहरादून। मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया (HQ UK Sub Area), देहरादून द्वारा 14 जनवरी 2026 को 10वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस (वेटरन्स डे) का आयोजन पूर्ण गरिमा और श्रद्धा के साथ किया गया। यह दिवस भारत के प्रथम कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के. एम. करिअप्पा की सेवानिवृत्ति वर्षगांठ के उपलक्ष्य में मनाया जाता है, जिनके दूरदर्शी नेतृत्व और 1947 के युद्ध में दिए गए योगदान ने भारतीय सशस्त्र बलों में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और निस्वार्थ सेवा की मजबूत परंपरा स्थापित की।
समारोह के दौरान सशस्त्र बलों के वीर सैनिकों एवं वीर नारियों —देश की मिट्टी के सच्चे सपूतों— को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उत्तराखंड के विशिष्ट पूर्व सैनिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में लगभग 1,000 पूर्व सैनिकों की भागीदारी रही। सेना, नौसेना और वायु सेना के सेवारत जवानों के साथ एनसीसी कैडेट्स की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा और प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया।
समारोह को संबोधित करते हुए उत्तराखंड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, पीवीएसएम, यूवाईएसएम, एवीएसएम, वीएसएम (से.नि.) ने कहा कि पूर्व सैनिक राष्ट्र की सुरक्षा और सशक्तता की मजबूत नींव हैं, जिनका साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा समाज एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। पूर्व सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं और पहलों की जानकारी दी। वहीं मेजर जनरल एमपीएस गिल, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, उत्तराखंड सब एरिया ने राष्ट्र सेवा में पूर्व सैनिकों के अतुलनीय योगदान और बलिदान को स्मरण करने की आवश्यकता पर बल दिया।
यह आयोजन पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण के प्रति मुख्यालय उत्तराखंड सब एरिया की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पूर्व सैनिकों और सेवारत कार्मिकों की एकजुट उपस्थिति ने फील्ड मार्शल करिअप्पा की गौरवशाली विरासत तथा देश की रक्षा के लिए सदैव तत्पर भारतीय सैनिकों की अडिग भावना को प्रभावी रूप से उजागर किया।
बुजुर्ग माता से करता था मारपीट, डर के मारे माता ने छोड़ दिया था घर
मौहल्ले की महिलाओं पर करता था अभद्र टिप्पणी; परेशान होकर मौल्लेवासियों ने डीएम से लगाई थी गुहार
देहरादून। जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने आदतन अपराधों में संलिप्त एक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। गुण्डा नियंत्रण अधिनियम के तहत यह कार्रवाई क्षेत्र में भय और अशांति फैलाने के आरोपों के बाद की गई है।
प्रशासन के अनुसार, ऋषि विहार, माजरी माफी निवासी दिव्यकांत लखेड़ा के खिलाफ लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। जनसुनवाई और जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी अपनी वृद्ध माता के साथ मारपीट करता था, जिससे भयभीत होकर उन्हें घर छोड़ना पड़ा। इसके अलावा, उस पर मोहल्ले की महिलाओं के साथ अभद्रता करने और असामाजिक तत्वों के साथ मिलकर अपने आवास को नशे के अड्डे के रूप में संचालित करने के आरोप भी सामने आए। इन गतिविधियों के कारण क्षेत्र में लंबे समय से दहशत का माहौल बना हुआ था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने 14 अक्टूबर 2025 को जारी नोटिस की पुष्टि करते हुए गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(3) के तहत आरोपी को “गुण्डा” घोषित किया। इसके साथ ही आदेश की तिथि से छह माह की अवधि के लिए उसे देहरादून जनपद की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस अवधि के दौरान यदि आरोपी किसी कारणवश जनपद में प्रवेश करना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय से पूर्व अनुमति लेनी होगी। साथ ही, जनपद से बाहर रहते हुए अपने निवास का पूरा पता जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय और थाना नेहरू कॉलोनी को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर न्यूनतम छह माह से लेकर अधिकतम तीन वर्ष तक के कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
थानाध्यक्ष, थाना नेहरू कॉलोनी को निर्देश दिए गए हैं कि आदेश की प्रति आरोपी को तामील कराते हुए 24 घंटे के भीतर उसे जनपद की सीमा से बाहर भेजना सुनिश्चित करें और अनुपालन रिपोर्ट जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय को प्रेषित करें।
जिला प्रशासन ने दोहराया है कि जनपद में असामाजिक तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति लागू है और नागरिकों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
मार्वल स्टूडियो की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘एवेंजर्स: डूम्स डे’ को लेकर दर्शकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। बड़े पैमाने पर तैयार की जा रही इस फिल्म में कई लोकप्रिय सुपरहीरोज की वापसी और नई एंट्री देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में जारी किए गए नए टीजर ने फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी है, जिसमें वकांडा और फैंटास्टिक फोर से जुड़े अहम किरदारों की झलक दिखाई गई है।
टीजर में दिखी सुपरहीरोज की नई जुगलबंदी
नए टीजर में फैंटास्टिक फोर का एक सुपरहीरो वकांडा पहुंचता नजर आता है, जहां उसकी मुलाकात वहां के लोगों से होती है। इसके बाद वकांडा और फैंटास्टिक फोर के सुपरहीरोज एक टीम के रूप में एकजुट होते दिखाई देते हैं। इससे पहले जारी टीजर में एक्स-मैन फ्रेंचाइज़ी के चर्चित किरदार प्रोफेसर जेवियर और मैग्नेटो की एंट्री ने भी दर्शकों को हैरान कर दिया था।
सुपरहीरोज की वापसी से बढ़ा रोमांच
फिल्म में कैप्टन अमेरिका के रूप में क्रिस इवांस की वापसी भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अलग-अलग मार्वल यूनिवर्स के सुपरहीरोज को एक साथ देखने की संभावना ने फैंस के बीच जबरदस्त क्रेज पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर टीजर को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
रिलीज डेट का हुआ खुलासा
मेकर्स ने नए टीजर के साथ फिल्म की रिलीज डेट भी घोषित कर दी है। ‘एवेंजर्स: डूम्स डे’ 18 दिसंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। हालांकि रिलीज में अभी समय है, लेकिन टीजर ने ही यह साफ कर दिया है कि यह फिल्म मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स की सबसे बड़ी पेशकशों में से एक होने वाली है।
(साभार)

