भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद आया कोर्ट का फैसला
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। देश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को भ्रष्टाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में दोषी ठहराते हुए अदालत ने कुल 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। यह फैसला ढाका की स्पेशल जज कोर्ट-चार ने सुनाया, जिसमें अदालत ने दोनों मामलों में पांच-पांच साल की सजा तय की है।
आवासीय परियोजना में जमीन आवंटन को लेकर मामला
अदालती कार्यवाही के अनुसार, ये मामले राजधानी ढाका के नजदीक पूर्बाचोल क्षेत्र में विकसित की जा रही राजुक न्यू टाउन आवासीय योजना से जुड़े हैं। आरोप है कि इस परियोजना के तहत 10-10 काठा के दो प्लॉट नियमों को ताक पर रखकर आवंटित किए गए। अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल करते हुए जमीन आवंटन प्रक्रिया में अनियमितताएं कीं। यह परियोजना राजधानी विकास प्राधिकरण राजुक के अधीन आती है।
परिवार और अधिकारियों पर भी गिरी गाज
इन मामलों में शेख हसीना के साथ उनके परिवार के कई सदस्यों को भी दोषी ठहराया गया है। अदालत ने तुलिप सिद्दीकी को चार साल की जेल, रदवान मुजीब सिद्दीकी और अजमीना सिद्दीकी को सात-सात साल की सजा सुनाई है। वहीं, राजुक के सदस्य मोहम्मद खुर्शीद आलम को, जिन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण किया था, दो साल की कैद दी गई है। सभी दोषियों पर एक-एक लाख टका का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
भारत में रह रही हैं शेख हसीना
बताया जा रहा है कि शेख हसीना फिलहाल भारत में निवास कर रही हैं। अगस्त 2025 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने देश छोड़ दिया था। इससे पहले अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
भ्रष्टाचार निरोधक आयोग की जांच के बाद दर्ज हुए केस
इन दोनों मामलों को बांग्लादेश के भ्रष्टाचार निरोधक आयोग (एसीसी) ने दर्ज किया था। आयोग का आरोप है कि आवासीय योजना में जमीन आवंटन के दौरान सरकारी नियमों का उल्लंघन किया गया और सत्ता का दुरुपयोग हुआ।
खेल मंत्री ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर दिया निर्देश
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी दिए जाने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस बारे में सोमवार को मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
अपने कैंप कार्यालय पर पत्रकारों से बात करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि नेशनल गेम्स में हमारे प्रदेश के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद शानदार रहा था और पहली बार उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों में पदकों का शतक लगाया।
उन्होंने कहा कि पदक विजेताओं को नगद इनाम धन राशि पहले ही दी जा चुकी है लेकिन कई तकनीकी बाधाओं के चलते आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी की प्रक्रिया में देरी हुई है।
कैबिनेट मंत्री में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा है कि पदक विजेताओं को आउट ऑफ टर्न नौकरी देने के लिए 242 अधिसंख्य पदों का सृजन खेल विभाग में ही किया जाना चाहिए क्योंकि पूर्व में अन्य विभागों में खिलाड़ियों को नौकरी देने के अनुभव संतोषजनक नहीं रहे हैं। उन्होंने कहा कि पदक विजेताओं को उनके अभ्यास और खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए अवसर व सुविधाएं मिलनी आवश्यक हैं।
पत्र में कहा गया है कि इन अधिसंख्य पदों के अतिरिक्त 23 खेल अकादमियों को संचालित करने के लिए आवश्यक 544 पदों को भी जल्द सृजित किया जाए।


अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी भारत ए टीम
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप से पहले भारतीय टीम की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी क्रम में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अमेरिका और नामीबिया के खिलाफ होने वाले अभ्यास मुकाबलों के लिए भारत ए टीम की घोषणा कर दी है। इन मुकाबलों में भारत ए की कप्तानी युवा बल्लेबाज आयुष बदोनी करेंगे। टीम चयन में सबसे खास नाम तिलक वर्मा का है, जो चोट से उबरने की प्रक्रिया में हैं और लंबे समय बाद मैदान पर वापसी के करीब माने जा रहे हैं।
टी20 विश्व कप का आगाज सात फरवरी से होने जा रहा है, जिसमें कुल 20 टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। भारत ने पिछला टी20 विश्व कप 2024 में दक्षिण अफ्रीका को हराकर जीता था। इस बार सूर्यकुमार यादव की अगुआई में भारतीय टीम खिताब बचाने के इरादे से उतरेगी, जबकि अभ्यास मैचों के जरिए खिलाड़ियों की फिटनेस और फॉर्म को परखा जाएगा।
तिलक वर्मा की वापसी पर सबकी नजर
बीसीसीआई के अनुसार, तिलक वर्मा भारतीय सीनियर टीम से जुड़ने से पहले भारत ए के लिए केवल एक अभ्यास मैच खेलेंगे। पेट की सर्जरी के कारण वह हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों की सीरीज से बाहर रहे थे। फिलहाल तिलक बेंगलुरु स्थित बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिहैब कर रहे हैं। भारत ए टीम में उनका चयन इस बात का संकेत माना जा रहा है कि वह टी20 विश्व कप से पहले पूरी तरह फिट हो सकते हैं।
युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण
भारत ए टीम में युवा प्रतिभाओं के साथ-साथ अनुभवी खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है, जिससे अभ्यास मैचों में टीम संयोजन को परखने में मदद मिलेगी। चयनकर्ताओं की नजर खास तौर पर तेज गेंदबाजों और ऑलराउंडरों के प्रदर्शन पर रहेगी।
टी20 विश्व कप अभ्यास मैचों के लिए भारत ए टीम
आयुष बदोनी (कप्तान), नमन धीर, आशुतोष शर्मा, प्रियांश आर्या, एन. जगदीशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, रियान पराग, मानव सुथार, अशोक शर्मा, उर्विल पटेल (विकेटकीपर), गुरजपनीत सिंह, विपराज निगम, रवि बिश्नोई, खलील अहमद और मयंक यादव।
अनुपम त्रिवेदी के आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री ने बंधाया परिवार को ढांढस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी के आवास पर पहुंचकर उनकी दिवंगत माताजी स्वर्गीय गीता त्रिवेदी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और इस दुःख की घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया।
मुख्यमंत्री धामी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें। उनके इस संवेदनशील कदम से पत्रकार जगत सहित शहर के गणमान्य लोगों में भी शोक की भावना व्यक्त की गई।
मुंह में छाले होना आम बात मानी जाती है और अधिकतर लोग इसे पेट की गड़बड़ी या विटामिन की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मुंह का कोई छाला लंबे समय तक ठीक न हो या बार-बार उसी जगह पर घाव बन रहा हो, तो यह गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है। खासकर तीन सप्ताह से अधिक समय तक बने रहने वाले छाले को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
चिकित्सकों के अनुसार, लंबे समय तक न भरने वाले घाव ओरल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं। भारत में मुंह का कैंसर तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है, जिसके पीछे तंबाकू, गुटखा, सुपारी और शराब का सेवन प्रमुख कारण माना जाता है। शुरुआती दौर में यह बीमारी अक्सर बिना दर्द के सफेद या लाल धब्बों के रूप में दिखाई देती है, जिसे लोग सामान्य छाला समझकर अनदेखा कर देते हैं। समय पर इलाज न होने की स्थिति में कैंसर जबड़े, गले और शरीर के अन्य हिस्सों तक फैल सकता है।
सामान्य छाले और कैंसर के घाव में क्या है फर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सामान्य छाले दर्दनाक होते हैं और कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। वहीं कैंसर से जुड़े शुरुआती घाव अधिकतर दर्द रहित होते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं। यदि छाले के साथ मुंह में गांठ महसूस हो, दांत ढीले होने लगें, आवाज में बदलाव आए या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो तुरंत जांच कराना जरूरी है। इसकी पुष्टि केवल बायोप्सी जांच से ही संभव होती है।
तंबाकू और सुपारी से बढ़ता है खतरा
आंकड़ों के मुताबिक भारत में ओरल कैंसर के अधिकांश मामलों में तंबाकू सेवन अहम भूमिका निभाता है। तंबाकू में मौजूद हानिकारक तत्व मुंह की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं सुपारी चबाने से मुंह की मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं और धीरे-धीरे मुंह खुलना कम हो जाता है, जिसे गंभीर चेतावनी संकेत माना जाता है। शराब का सेवन इस खतरे को और बढ़ा देता है।
इन लक्षणों पर तुरंत दें ध्यान
ओरल कैंसर के अन्य लक्षणों में निगलने में दिक्कत, बिना वजह कान में दर्द, गले में सूजन, मुंह के अंदर सफेद या लाल पैच, जीभ सुन्न होना या हिलाने में परेशानी शामिल हैं। कई मामलों में गले या जबड़े में ऐसी गांठ बनती है जिसमें दर्द नहीं होता, जिससे मरीज को बीमारी का आभास देर से होता है।
समय पर पहचान से बचाई जा सकती है जान
विशेषज्ञों का कहना है कि ओरल कैंसर के इलाज में शुरुआती पहचान सबसे अहम है। यदि पहली अवस्था में बीमारी का पता चल जाए, तो इलाज के बाद मरीज के पूरी तरह स्वस्थ होने की संभावना काफी अधिक होती है। तंबाकू और शराब से दूरी बनाना, नियमित डेंटल जांच कराना और मुंह में किसी भी असामान्य बदलाव को नजरअंदाज न करना ही सबसे बड़ा बचाव है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है।
(साभार)
हत्या के बाद इलाके में दहशत, पुलिस ने आरोपी को दबोचा
देहरादून। कोतवाली नगर क्षेत्र अंतर्गत दूल्हा बाजार के पास एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। गली में एक युवक ने धारदार हथियार से एक युवती पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवती को उपचार के लिए दून चिकित्सालय भिजवाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हमला घर के बाहर किया गया, जहां बाइक सवार युवक ने अचानक युवती पर चापड़ से वार कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को कोतवाली नगर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।
कोतवाली पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए गए हैं और मामले में अग्रिम आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
प्रेम प्रसंग के चलते महिला की गोली मारकर हत्या के मामले में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने दिए कठोरतम कार्रवाई के निर्देश
ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित शिवाजीनगर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सनसनीखेज वारदात के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में एम्स ऋषिकेश में संविदा पर तैनात 32 वर्षीय महिला कर्मचारी प्रीति रावत की उनके घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई है। इस जघन्य अपराध पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्षा कुसुम कंडवाल ने पुलिस आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और आरोपी के विरुद्ध ऐसी कठोर कार्रवाई की जाए जो समाज में नजीर बन सके।
घटना के संबंध में प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रीति रावत मूल रूप से यम्केश्वर निवासी ऋषिकेश में शिवाजीनगर में एक किराए के मकान में अकेली रहती थीं, रात करीब 9:30 बजे आरोपी ने उनके घर पर पहुंचकर गोली मारी थी।
मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष इस मामले में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ऋषिकेश से फोन पर वार्ता के क्रम में जानकारी ली, जिसमें तथ्यों के अनुसार मामला एकतरफा प्रेम प्रसंग और विवाह के दबाव से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि आरोपी मृतका से शादी करने के लिए दवाब बना रहा था, जिसके चलते उसने अपनी पत्नी को भी तलाक दे दिया था। जब मृतका ने शादी से इनकार किया और उसकी बात नहीं मानी, तो उसने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने एसओ ऋषिकेश से वार्ता कर अब तक कार्यवाही की प्रगति की रिपोर्ट ली है। उन्होंने कहा कि देवभूमि में महिलाओं के प्रति बढ़ते ऐसे अपराध कतई स्वीकार्य नहीं हैं। अध्यक्षा ने निर्देश दिए हैं कि पुलिस की टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश तेज करें और यह सुनिश्चित करें कि पीड़िता के परिवार को शीघ्र न्याय मिले।
प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश कैलाश चंद्र भट्ट ने जानकारी में बताया कि फिलहाल घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और पुलिस की कई टीमें फरार आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
वीबी जी रामजी योजना पर आयोजित जिला सम्मेलन में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
नानकमत्ता/उधमसिंहनगर। रविवार को उधम सिंह नगर के नानकमत्ता स्थित प्रेम पैलेस में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने वीबी जी रामजी योजना जन जागरण जिला सम्मेलन में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रेखा आर्या ने कहा कि मनरेगा के मुकाबले यह योजना हर तरीके से बेहतर है और इसे 20 साल के अनुभव से मिली सीख के आधार पर तैयार किया गया है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि कांग्रेस सिर्फ इसलिए इस योजना की आलोचना कर रही है क्योंकि राम के नाम से उनका विरोध बहुत पुराना है।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 100 के बजाय अब 125 दिन रोजगार की गारंटी, रोजगार न मिलने की स्थिति में भत्ता देने और साप्ताहिक डिजिटल भुगतान जैसे प्रावधान इस योजना को श्रमिकों के लिए बेहतर बनाते हैं। उन्होंने कहा कि फसलों की कटाई और बुवाई के सीजन में इस योजना के तहत सार्वजनिक काम 60 दिन के लिए रोक दिए जाएंगे ताकि श्रमिक कृषि कार्य में भी काम कर सके और इस योजना के तहत भी उनके लिए रोजगार के अवसर न छूटें।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना के जरिए अब सुनियोजित लक्ष्य के साथ निर्माण कार्य होंगे और यह योजना गांवों को 2047 के विकसित भारत में सहयात्री बनाएगी।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष कमल जिंदल, पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीपाल राणा, नगर पालिका अध्यक्ष प्रेम सिंह दुरना, जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्या, रमेश जोशी, अमित नारंग, उत्तम दत्ता, रमेश जोशी, तरुण दत्ता, विकास गुलाटी, ओम नारायण राणा, देवेंद्र सिंह, राजेश तिवारी, राजेश बजाज, रश्मि रस्तोगी, विनीत सक्सेना, बिट्टू चौहान, रवि रस्तोगी, पुष्पेंद्र राणा, विजय तोमर, रविंद्र राणा आदि उपस्थित रहे।
नाबालिग को सकुशल वापस पाकर परिजनों ने उत्तराखण्ड पुलिस की कार्यशैली की प्रशंसा कर दून पुलिस का किया आभार व्यक्त
घर मे मन न लगने पर घरवालों को बिना बताए घर से निकल गयी थी नाबालिग बालिका
देहरादून। थाना डालनवाला क्षेत्र से लापता हुई 17 वर्षीय नाबालिग बालिका को उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया है। बालिका की सुरक्षित वापसी के बाद परिजनों ने दून पुलिस की कार्यशैली की सराहना की है।
पुलिस के अनुसार, 13 जनवरी 2026 को डालनवाला निवासी एक व्यक्ति ने थाना डालनवाला में लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी नाबालिग पुत्री के बिना बताए घर से चले जाने की सूचना दी थी। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद बालिका का कोई सुराग नहीं लग पाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना डालनवाला में तत्काल मुकदमा संख्या 09/2026 धारा 137(2) बीएनएस के तहत दर्ज किया गया।
प्रकरण को संवेदनशील मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बालिका की सकुशल बरामदगी के लिए विशेष पुलिस टीम गठित कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस टीम द्वारा जिला नियंत्रण कक्ष देहरादून के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया। इसके साथ ही आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से बालिका की तलाश तेज की गई।
लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप पुलिस को बालिका के तमिलनाडु में होने की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए नाबालिग को तिरुपुर, तमिलनाडु से सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में बालिका ने बताया कि घर में मन न लगने के कारण वह परिजनों को बिना बताए घर से निकल गई थी और भटकते हुए तमिलनाडु पहुंच गई। बालिका ने अपने साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी से इनकार किया है। आवश्यक काउंसलिंग और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बालिका को सुरक्षित रूप से उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
नाबालिग की सकुशल बरामदगी पर परिजनों ने उत्तराखंड पुलिस और दून पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए उनकी तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली की प्रशंसा की।
तकनीक व डेटा विश्लेषण के जरिये शिक्षा प्रणाली में हो रहा व्यापक सुधार
छात्रों व शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो रहे चैटबॉट व ई-सृजन प्लेटफार्म
देहरादून। उत्तराखंड सरकार द्वारा स्थापित विद्या समीक्षा केन्द्र (VSK) प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नवाचार, पारदर्शिता और डिजिटल निगरानी का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस अभिनव पहल के माध्यम से छात्रों की अधिगम प्रगति, शिक्षकों के प्रशिक्षण तथा विभागीय योजनाओं की निगरानी को डेटा-आधारित किया गया है, जिससे शिक्षण गुणवत्ता, उपस्थिति, प्रशिक्षण एवं संसाधन प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
विद्यालयी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। इन्हीं सुधारों के क्रम में नई शिक्षा नीति–2020 के प्रावधानों के तहत विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह एवं परिणामोन्मुख बनाया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि विद्या समीक्षा केन्द्र के माध्यम से छात्रों की साप्ताहिक अधिगम प्रगति की सतत निगरानी की जा रही है। इसके लिए सक्षम कार्यक्रम के अंतर्गत विषयवार क्विज़ एवं उपचारात्मक शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं ‘मेरी उपस्थिति’ चैटबॉट के माध्यम से विद्यार्थियों की रीयल-टाइम उपस्थिति दर्ज की जा रही है। इसके जरिए लगातार अनुपस्थित छात्रों की पहचान कर समय पर हस्तक्षेप किया जा रहा है, जिससे ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिल रही है शिक्षकों के लिए ‘शिक्षक सहायक’ चैटबॉट उपयोगी सिद्ध हो रहा है, जिसके माध्यम से पाठ योजनाएं, वर्कशीट और शिक्षण वीडियो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके साथ ही ई-सृजन प्लेटफार्म पर शिक्षकों को तकनीकी एवं विषयगत प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। अब तक 92 प्रतिशत शिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण पूर्ण किया गया, जो राज्य में क्षमता निर्माण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त सीआरपी/बीआरपी द्वारा ऑन-साइट मेंटरिंग की निगरानी भी विद्या समीक्षा केन्द्र से की जा रही है।
अधिकारियों ने बताया कि अभिभावकों को विभागीय योजनाओं की जानकारी सरल भाषा में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत ‘जिज्ञासा’ चैटबॉट प्रारंभ किया गया है। इसके साथ ही आईएफए एवं एनडीडी टैबलेट वितरण, एप्टीट्यूड टेस्ट अंकों का डिजिटलीकरण तथा यू-डाइस प्लस आधारित विश्लेषण जैसी पहलें भी शुरू की गई हैं, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-आधारित निर्णय संभव हो पा रहे हैं। इसके अलावा निजी एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों को भी इस प्लेटफार्म से जोड़ा जा रहा है, ताकि प्रदेश के प्रत्येक नौनिहालों का सर्वांगीण विकास हो सके।
विद्या समीक्षा केंद्र के माध्यम से मूल्यांकन प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए भी नई पहल की गई है। इसके तहत फरवरी 2026 से ग्रेड 4 से 9 के लिए पहल डायग्नोस्टिक असेसमेंट तथा
ग्रेड 1 एवं 2 के लिए निपुण एंडलाइन असेसमेंट में ओसीआर तकनीक के माध्यम से उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जाएगी और शिक्षक ऑनलाइन मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे समय की बचत होगी और 2 से 3 दिनों के भीतर मूल्यांकन रिपोर्ट उपलब्ध हो सकेगी।
बयान
“विद्या समीक्षा केन्द्र प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुरूप ढालने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। तकनीक और डेटा के माध्यम से अब न केवल छात्रों की सीखने की प्रक्रिया पर सतत निगरानी संभव हो रही है, बल्कि शिक्षकों को भी आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षण समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बन रही है।”
— डॉ. धन सिंह रावत, विद्यालयी शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड
