हरिद्वार में अनाज भंडारण को भूमि चयन कर शीघ्र डीपीआर बनाने के निर्देश
कहा, सहकारी समितियों को सशक्त व पारदर्शी बनाने को नियमावली में होगा संशोधन
देहरादून। सूबे के सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज शासकीय आवास पर सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने प्रदेश में 643 नई बहुउद्देश्यीय पैक्स (PACS) समितियों का गठन, सहकारी क्षेत्र में अनाज भंडारण योजना, तीन नई राष्ट्रीय सहकारी समितियों, एनसीईआरटी की गतिविधियों में राज्य की भागीदारी, तथा फरवरी माह में गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि गुजरात में प्रस्तावित सहकारिता सम्मेलन के सभी कार्य बिंदुओं पर समयबद्ध ढंग से तैयारियाँ पूर्ण की जाएँ। उन्होंने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को पारदर्शी, सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. इकबाल अहमद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों के दृष्टिगत 643 नई पैक्स के गठन का प्रस्ताव है, जिसके सापेक्ष 621 पैक्स का गठन पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि निबंधक कार्यालय के निर्माण के संबंध में शीघ्र ही चिन्हित भूमि पर निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। इसके अतिरिक्त जिला सहकारी बैंकों में वर्ग-एक, वर्ग-दो एवं वर्ग-तीन के कुल 177 रिक्त पदों पर आईबीपीएस के माध्यम से भर्ती प्रक्रिया संपादित की जाएगी।
सचिव सहकारिता ने यह भी बताया कि शीघ्र ही कैडर नियमावली में संशोधन करते हुए 350 प्रोफेशनल सचिवों की नियुक्ति की जाएगी। वहीं सहकारी समिति अधिनियम-2003 एवं नियमावली-2004 में आवश्यक संशोधन कर सहकारी समितियों को और अधिक पारदर्शी एवं सशक्त बनाया जाएगा।
निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट ने विभागीय प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि सहकारी संस्थाओं के डिजिटलीकरण, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण एवं शासन स्तर पर सुधारात्मक कदमों से सहकारिता आंदोलन को नई दिशा मिल रही है और भंडारण योजना के अंतर्गत जनपद हरिद्वार की चार पैक्स में 1000 मेट्रिक टन के गोदाम हेतु भूमिका चयन व इसकी डीपीआर तैयार कर ली गई है राज्य की भौगोलिक स्थिति की दृष्टिगत राज्य में समस्त जनपदों में 95 विकास करो में रिक्त पड़ी भूमि पर न्यूनतम 50 से लेकर 500 मेट्रिक टन के कुल 95 गोदाम बनाए जाने की कार्यवाही गतिमान है तीन बहु राज्य सहकारी समितियां के गठन के तहत एन सी ओ एल नेशनल कोऑपरेटिव एक्सपोर्ट समिति भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड के साथ समझौता किया जाना है। राज्यों में सहकारिता कानून में वर्तमान समय अनुसार अपेक्षित बदलाव की आवश्यकता अनुसार विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया गया है कमेटी द्वारा प्रेषित सुझाव संस्कृतियों का संकलन कर शासन को अनुमोदन हेतु पत्र प्रेषित किया गया है
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि वे दो सप्ताह बाद पुनः सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें गुजरात सम्मेलन से संबंधित सभी तैयारियाँ एवं आवश्यक पत्रावलियाँ पूर्ण कर ली जाएँ।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ इकबाल अहमद निबंधक सहकारिता डॉ मेहरबान सिंह बिष्ट अनु सचिव सुरेंद्र दत्त बेलवाल अपर निबंधक श्रीमती ईरा उप्रेती आनंद शुक्ल, संयुक्त निबंधक एमपी त्रिपाठी, उप निबंधक रमिंद्री मंदरवाल,सहायक निबंधक राजेश चौहान उपस्थित रहे।
108 समेत सभी एंबुलेंस निःशुल्क होंगी, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 33.60 लाख की मंजूरी
पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जनपद की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य संसाधनों के युक्तिसंगत उपयोग पर विशेष बल देते हुए निर्देश दिए कि आमजन को उनके घर के निकटस्थ केंद्रों में अधिकतम स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएं।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि 108 एंबुलेंस सेवाओं के साथ साथ विभागीय एंबुलेंस निःशुल्क भेजी जाएं। उन्होंने स्वास्थ्य परिवहन व्यवस्था को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए निर्देश दिए कि एंबुलेंस की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित हो। उन्होंने एम्बुलेंसों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया बनाने तथा लॉग बुक मेंटेन करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में इस प्रकार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए 33.60 लाख रुपए की स्वीकृति दी।
बैठक में जिलाधिकारी ने टीबी जांच हेतु उपलब्ध मोबाइल एक्स-रे वाहन की स्थिति की जानकारी ली तथा पैथोलॉजी जांच व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में निर्धारित सभी आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण नियमित रूप से किए जाएं तथा उनकी सूची स्पष्ट रूप से केंद्रों पर चस्पा की जाय। जिलाधिकारी ने अल्ट्रासाउंड व्यवस्थाओं को सुचारु करने के लिए तकनीशियनों को युक्तिसंगत रूप से नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने ख़राब अल्ट्रासाउंड मशीनों की मरम्मत के लिए धनराशि भी स्वीकृत की। साथ ही उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को घर के निकटस्थ स्वास्थ्य केंद्रों में अल्ट्रासाउंड सुविधा मिले तथा उन्हें लंबी दूरी तय न करना पड़े, इसके लिए साप्ताहिक रोस्टर बनाया गया है। उन्होंने बताया कि सतपुली तथा बीरोंखाल में यह सुविधा शुरू हो गयी है तथा पाबौ में शीघ्र प्रारंभ होने वाली है।
जिलाधिकारी ने संस्थागत प्रसवों की प्रगति की जानकारी लेते हुए सभी प्रसवों को प्रभावी रूप से ट्रैक करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की स्थिति पर सतत एवं गहन निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसवों की संख्या न्यूनतम है, वहां संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई की जाय। चर्चा में पाया गया कि कुछ स्थानों पर खुशियों की सवारी सेवा कार्य उपलब्ध नहीं है। जिलाधिकारी ने असेवित स्वास्थ्य केंद्रों में ‘खुशियों की सवारी’ सेवा के आंतरिक वितरण के सुचारु रूप से संचालन पर जोर दिया, जिससे संस्थागत प्रसव सुनिश्चित हो सके।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि यदि रेफरल अति आवश्यक हो तो गंतव्य अस्पताल को सूचित गया जाय तथा यह सुनिश्चित किया जाय कि रेफर किया गया मरीज सुरक्षित रूप से निर्धारित उच्च स्तरीय चिकित्सालय तक पहुंचे।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य उपकरणों एवं अवसंरचना की स्थिति, जनपद में ओपीडी की प्रगति की समीक्षा की तथा टेलीमेडिसिन सेवाओं के अधिकतम उपयोग की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि टेलीमेडिसिन के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक प्रावधान शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. पारुल गोयल, डॉ. विनय त्यागी, ग्रामोत्थान परियोजना प्रबंधक कुलदीप बिष्ट सहित अन्य उपस्थित रहे।
देखें धामी कैबिनेट के फैसले
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई है। बैठक में कुल 8 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर सरकार की मुहर लगी है।
कैबिनेट बैठक में उत्तराखंड को शिक्षा-ऊर्जा और सामरिक रूप से मजबूत करने की पहल के तहत निजी विश्वविद्यालय, ग्रीन हाइड्रोजन नीति और हवाई पट्टियों पर भी निर्णय लिया गया है।
कैबिनेट के महत्वपूर्ण निर्णय-
1- चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखण्ड के ऐसे स्वास्थ्य कार्यकर्ता / स्वास्थ्य पर्यवेक्षक, जिन्होंने अपने मूल संवर्ग में न्यूनतम 05 वर्ष की सन्तोषजनक सेवा पूर्ण कर ली हो, को सम्पूर्ण सेवाकाल में एक बार म्यूचुअल अंडरस्टैंडिंग के आधार पर जनपद परिवर्तन करने की अनुमति प्रदान की जाएगी। जिसपर कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है।
2 – उत्तराखण्ड राज्य में आपसी समझौते के आधार पर भू-स्वामियों से लघु/मध्यम/ वृहद् परियोजनाओं हेतु भूमि की प्राप्ति किये जाने हेतु प्रक्रिया का निर्धारण” के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013″ की सुसंगत धाराओं की प्रक्रियान्तर्गत भूमि अर्जन हेतु लगने वाले अत्याधिक समय एवं सीधे भूमि कय करने की व्यवस्था को प्रोत्साहित किये के उद्देश्य से राज्य परियोजनाओं के लिए भू-स्वामियों से लघु/मध्यम/ वृहद् परियोजनाओं हेतु भूमि की प्राप्ति किये जाने हेतु प्रक्रिया प्रस्तावित की है। इस प्रक्रिया के अन्तर्गत आपसी समझौते के आधार पर भू-स्वामियों से भूमि प्राप्त किये जाने की दशा में मुकदमेबाजी जैसे मामलों में कमी आयेगी तथा लोक जनहित की परियोजनाओं की लागत भी कम होगी।
3- जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किये जाने हेतु सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तान्तरित किये जाने के सम्बन्ध में निर्गत शासनादेश संख्याः-670/ दिनांकः 25 मार्च, 2025 में संशोधन करने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
जनपद उधमसिंहनगर स्थित प्राग फार्म की 1354.14 एकड़ भूमि को औद्योगिक आस्थान विकसित किये जाने हेतु सिडकुल (औद्योगिक विकास विभाग) को हस्तान्तरित की गयी है, शासनादेश की शर्त संख्या-च में “प्रश्नगत भूमि को किसी व्यक्ति एवं संस्थान या संगठन को बेचने/ पट्टे पर देने अथवा किसी अन्य प्रकार से हस्तान्तरित करने का अधिकार पट्टेदार को नहीं होगा। भूमि का उपयोग आवंटन के दिनांक से 03 वर्ष की अवधि में पूर्ण कर लेना अनिवार्य होगा अन्यथा आवंटन स्वतः निरस्त समझा जायेगा।
परन्तु औद्योगिक विकास विभाग के माध्यम से राजस्व विभाग की सहमति से पट्टे पर आवंटित भूमि को समान प्रयोजन हेतु उप पट्टा (Sub-lease) करने का अधिकार पट्टेदार को होगा। पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी प्रदान की है।
4 – जनजाति कल्याण विभाग की योजनाओं का संचालन किये जाने के उद्देश्य से अनुसूचित जनजाति बाहुल्य जनपद क्रमशः देहरादून, चमोली, ऊधमसिंहनगर एवं पिथौरागढ़ में विभागीय योजनाओं के संचालन / प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पदों की आवश्यकता के दृष्टिगत विभागीय ढांचें को पुर्नगठित करते हुए उक्त जनपदों में 4 जिला जनजाति कल्याण अधिकारियों के पद शासनादेश सख्या-120, दिनांक 28.02.2025 के माध्यम से सृजित किये गये है। ढांचे में स्वीकृत पदों का प्राविधान सेवा नियमावली में किये जाने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड जनजाति कल्याण राजपत्रित अधिकारी सेवा (संशोधन) नियमावली, 2025 प्रख्यापित किये जाने के संबंध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
5 – उत्तराखंड राज्य में गैर कृषिकारी (कृषि एवं कृषि संबंधित कार्यों तथा राजकीय पेयजल व्यवस्था को छोड़कर) उपयोग हेतु भू-जल के निकास पर जल मूल्य/प्रभार की दरें (जो तत्काल से लागू होगी) लागू किये जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने लिया निर्णय।
राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने, भू- जल विकास एवं प्रबन्धन को विनियमित किये जाने तथा भू-जल के अनियन्त्रित दोहन को सीमित करने के उद्देश्य से औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य व्यवसायिक उपयोग यथा रेजीडेंशियल अपार्टमेंट / ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, होटल, वॉटर एमयूजमेंट पार्क, वाहन धुलाई सैन्टर, स्वीमिंग पूल इत्यादि हेतु सुरक्षित क्षेत्र, अर्ध गम्भीर क्षेत्र, गम्भीर क्षेत्र एवं अतिदोहित क्षेत्र की जल मूल्य/प्रभार की दरों लागू किए जाने के सम्बन्ध में कैबिनेट ने अपनी स्वीकृति प्रदान की है। वाणिज्यक, औद्यौगिक, अवसंरचनात्मक और रेजीडेंशियल अपार्टमेन्ट्स/ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी हेतु पंजीकरण शुल्क ₹ 5000/- देय होगा।
6 – राज्य को शिक्षा हब के रूप में विकसित करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी क्षेत्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा यह विनिश्चय किया गया है कि जनपद देहरादून में “जी.आर.डी. उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय” नाम से निजी विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की स्वीकृति कैबिनेट ने प्रदान की है।
उक्त विश्वविद्यालय का लक्ष्य शिक्षा का अभिनवीकरण, अध्यापन और ज्ञानोपार्जन की नवीन पद्धति के लिए और व्यक्तित्व के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करना, सामाजिक व आर्थिक रूप से वंचित वर्ग को शिक्षा प्रदान करना, राज्य विषयक शोध कार्यों को प्रोत्साहित करना तथा रोजगार के संसाधन उपलब्ध कराना है।
7- उत्तराखण्ड राज्य के जनपद उत्तरकाशी स्थित चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी एवं चमोली स्थित गौचर हवाई पट्टी को भारतीय वायु सेना, रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार व उत्तराखण्ड सरकार के मध्य उच्च स्तरीय बैठकों में सहमति के आधार पर सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हवाई पट्टियों को संयुक्त रूप से नागरिक व सैन्य संचालन के उद्देश्य से एडवांस लैंडिंग ग्राउण्ड (ए०एल०जी०) लीज के आधार पर रक्षा मंत्रालय, भारत सरकार को हस्तान्तरित किये जाने पर कैबिनेट ने प्रदान की सहमति।
8 – राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए “उत्तराखण्ड ग्रीन हाइड्रोजन नीति, 2026” के प्रख्यापन को कैबिनेट ने दी मंजूरी।
भारत सरकार द्वारा घोषित राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन नीति, 2022 एवं राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन 2023, आगामी दशक में भारत को ग्रीन हाइड्रोजन का वैश्विक केंद्र बनाने के दृष्टिकोण से अत्यंत उपयोगी होने के परिप्रेक्ष्य में उत्तराखण्ड सरकार भी ग्लोबल वार्मिंग एवं जलवायु परिवर्तन के दृष्टिगत प्रदेश में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा उत्पादन स्रोतों को प्रोत्साहित करने हेतु संकल्पित है। ग्रीन हाइड्रोजन एक स्वच्छ ऊर्जा एवं औद्योगिक ईंधन होने के कारण नेट जीरों के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा।
उत्तराखण्ड राज्य में जल विद्युत जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए किया जा सकता है। इससे राज्य में विकास एवं रोजगार को बढ़ावा देने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन रहित एवं जलवायु परिवर्तन लक्ष्यों के सापेक्ष राज्य के योगदान को पूर्ण करने के साथ ही ग्रीन हाइड्रोजन, बाजार निर्माण और मांग एकत्रीकरण को बढ़ावा मिलेगा। राज्य में हरित हाइड्रोजन उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा “उत्तराखण्ड हरित हाइड्रोजन नीति, 2026” को लागू किये जाने पर कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान की है।
घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया
रामपुर (गंगनहर)। बुधवार सुबह रामपुर चुंगी स्थित एक चाय की दुकान में गैस सिलिंडर फटने से आग लग गई, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को तुरंत प्राथमिक इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया।
सुबह-सवेरे हुआ धमाका
घटना सुबह लगभग पांच बजे की बताई जा रही है। दुकान पर मौजूद लोग अचानक हुए विस्फोट की चपेट में आ गए। सिलिंडर फटने के बाद आग की तेज लपटें उठने लगीं और दुकान का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को बाहर निकाला।
दमकल और पुलिस ने किया काबू
सूचना पाकर गंगनहर कोतवाली पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचे। दमकलकर्मियों की मदद से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गैस सिलिंडर में रिसाव हादसे का कारण हो सकता है।
घायलों की नाजुक स्थिति
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि दोनों घायलों की हालत गंभीर है। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर भेजा गया। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है।
बॉलीवुड म्यूज़िक इंडस्ट्री से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है। अपनी भावुक आवाज़ और यादगार गीतों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से दूरी बनाने का फैसला किया है। साल 2026 की शुरुआत में आए इस ऐलान ने म्यूज़िक लवर्स को चौंका दिया है। सोशल मीडिया पर अरिजीत की पोस्ट के बाद से ही फैंस के बीच हलचल तेज हो गई है।
अरिजीत सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावनात्मक पोस्ट साझा करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि वर्षों तक मिले प्यार और समर्थन के लिए वह अपने श्रोताओं के सदैव आभारी रहेंगे, लेकिन अब उन्होंने फिल्मी गानों के लिए प्लेबैक सिंगर के रूप में काम न करने का निर्णय लिया है। अरिजीत के मुताबिक, यह फैसला सोच-समझकर लिया गया है और वह इस सफर को बेहद संतोषजनक मानते हैं।

हालांकि, अरिजीत सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका संगीत से रिश्ता खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वह आगे भी एक साधारण कलाकार की तरह संगीत को सीखते और समझते रहेंगे। उनका फोकस अब आत्मिक संतुष्टि और नए प्रयोगों पर रहेगा। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि अरिजीत आने वाले समय में इंडिपेंडेंट म्यूजिक और निजी प्रोजेक्ट्स पर अधिक ध्यान देंगे।
हाल ही में रिलीज हुए फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ के गीत ‘मातृभूमि’ को लेकर जब उनसे सवाल किया गया कि क्या यह उनका आखिरी गाना है, तो अरिजीत ने साफ किया कि कुछ पुराने अनुबंध अभी बाकी हैं। इन प्रोजेक्ट्स को वह पूरा करेंगे, जिसके चलते इस साल उनके कुछ नए गाने श्रोताओं को सुनने को मिल सकते हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि संगीत बनाना वह कभी नहीं छोड़ेंगे।
सोशल मीडिया पर भावुक हुए फैंस
पिछले करीब डेढ़ दशक में अरिजीत सिंह ने ‘तुम ही हो’, ‘चन्ना मेरेया’, ‘अगर तुम साथ हो’ जैसे कई सुपरहिट गाने दिए हैं। उनकी आवाज़ हर उम्र के लोगों की प्लेलिस्ट का अहम हिस्सा रही है। जैसे ही रिटायरमेंट की खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर फैंस की भावनाएं उमड़ पड़ीं। किसी ने इसे “एक युग का अंत” बताया तो किसी ने “हम तुम्हें हमेशा मिस करेंगे” लिखते हुए #ArijitSingh को ट्रेंड करा दिया।
(साभार)
समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के हितों के लिए उन्होंने सदैव करुणा और प्रतिबद्धता के साथ किया कार्य – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस घटना को अत्यंत दुःखद बताते हुए कहा कि जनसेवा के प्रति आजीवन समर्पित एक लोकप्रिय जननेता का यूं असमय चले जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अजित पवार ने समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के हितों के लिए सदैव करुणा और प्रतिबद्धता के साथ किया कार्य किया। उनके नेतृत्व और जनकल्याणकारी सोच को सदैव याद रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने हादसे में दिवंगत सभी पुण्यात्माओं को ईश्वर के श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। साथ ही उन्होंने शोकाकुल परिजनों एवं समर्थकों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है।
1 फरवरी को टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा
देहरादून। उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति एक बार फिर देश की सीमाओं से बाहर अपनी अलग पहचान बनाने जा रही है। 1 फरवरी 2026 को जापान की राजधानी टोक्यो में प्रवासी उत्तराखंडियों के सहयोग से भव्य ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ का आयोजन किया जाएगा। इस विशेष सांस्कृतिक उत्सव में उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध लोकगायक सौरव मैठाणी अपनी सशक्त और भावनात्मक प्रस्तुति से लोकसंस्कृति के रंग बिखेरेंगे।
यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों के लिए अपनी जड़ों से जुड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। साथ ही, यह जापान में पहली बार आयोजित हो रहा उत्तराखंडी सांस्कृतिक उत्सव है, जो अपनी विशिष्टता के कारण विशेष महत्व रखता है।
कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड की संस्कृति, सभ्यता और परंपराओं की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। पहाड़ी लोकगीतों, लोकनृत्यों, ढोल-दमाऊ की थाप और पारंपरिक वेशभूषा के माध्यम से उत्तराखंड की आत्मा को टोक्यो की धरती पर प्रस्तुत किया जाएगा। इसके साथ ही पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी दर्शकों को आकर्षित करेगा।
इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य आयोजक मनमलंग उत्तराखंड फिल्म्स, देसी वॉर्डरोब, मयंक डबराल, बिपिन सैमवाल, मनोज भारद्वाज एवं कुलदीप बिष्ट हैं, जिनके प्रयासों से यह कार्यक्रम साकार हो रहा है।
लोकगायक सौरव मैठाणी इससे पहले कनाडा, लंदन, दुबई, ओमान और सिंगापुर सहित कई देशों में उत्तराखंड की लोकसंस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी गायकी में पहाड़ का दर्द, खुशी, संघर्ष और संस्कृति की आत्मा स्पष्ट रूप से झलकती है, जो श्रोताओं को भावनात्मक रूप से जोड़ देती है।
टोक्यो में आयोजित होने जा रहा ‘उत्तराखंड मात्सुरी’ केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान, परंपरा और लोकधरोहर को वैश्विक मंच पर स्थापित करने का एक ऐतिहासिक प्रयास भी है। यह आयोजन प्रवासी उत्तराखंडियों को अपनापन और स्मृतियों से जोड़ेगा, वहीं जापान में उत्तराखंड की संस्कृति की एक नई पहचान कायम करेगा।
पीएम मोदी ने जताया दुख
मुंबई। महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का एक निजी विमान बारामती (पुणे, महाराष्ट्र) में लैंडिंग के दौरान हादसे का शिकार हो गया । दुर्घटना में अजित पवार की मौत हो गयी।
आज सुबह मुंबई से बारामती जा रहा उनका चार्टर्ड प्लेन लैंडिंग के दौरान रनवे से फिसल गया और आग लग गयी। विमान में डिप्टी सीएम अजित पवार सहित कुल 5-6 लोग थे। कोई भी बच नहीं पाया।
पीएम मोदी ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट किया, ‘अजित पवार जी लोगों के नेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जुड़ाव था। उनका असमय निधन बहुत चौंकाने वाला और दुखद है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं। ओम शांति।’
भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता ऐतिहासिक, भारतीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति- डॉ. नरेश बंसल
देहरादून/नई दिल्ली। भाजपा के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. नरेश बंसल ने भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह अब तक का भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता है। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ के 27 सदस्य देशों के साथ हुआ यह करार भारतीय व्यवसायों के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक का द्वार खोलता है, जिससे भारत–यूरोप व्यापार को नई गति मिलेगी।
डॉ. बंसल ने कहा कि यूरोपीय संघ के देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्था वैश्विक जीडीपी का लगभग एक चौथाई हिस्सा है। ऐसे में इस समझौते का प्रभाव न केवल भारत और यूरोप, बल्कि पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। भारतीय उत्पादों को नया और बड़ा बाजार मिलेगा, जिससे व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि 16वां भारत–यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन उस ऐतिहासिक आयोजन के रूप में याद किया जाएगा, जहां दुनिया की चौथी और दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक व्यापार में नया अध्याय शुरू किया।
डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि भारत वर्ष 2007 से इस समझौते के लिए प्रयास कर रहा था, लेकिन 2013 में यह प्रक्रिया ठंडे बस्ते में चली गई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह समझौता न केवल साकार हुआ, बल्कि विश्व की आर्थिक और सामाजिक दिशा को प्रभावित करने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा। बीते वर्षों में भारत द्वारा लगातार मुक्त व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे वैश्विक बाजारों तक पहुंच बढ़ी है और निर्यात को मजबूती मिली है।
उन्होंने कहा कि जी-20 सम्मेलन 2022 के दौरान अफ्रीकी देशों को संगठित कर अफ्रीकन यूनियन को प्रमुखता देना और अब 27 यूरोपीय देशों की अध्यक्ष को भारत आमंत्रित कर यह व्यापार समझौता करना, प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच और सशक्त विदेश नीति का उदाहरण है।
डॉ. बंसल ने बताया कि यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भी इस समझौते को अब तक का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण व्यापारिक करार बताया है। उन्होंने कहा कि इससे भारत और यूरोप के बीच तकनीकी सहयोग और मजबूत होगा।
डॉ. नरेश बंसल के अनुसार, इस समझौते से 99 प्रतिशत से अधिक भारतीय वस्तुओं को तरजीही पहुंच मिलेगी, जिससे लगभग 6.41 लाख करोड़ रुपये के निर्यात अवसर सृजित होंगे। एमएसएमई, ऊर्जा, पेट्रो-गैस, समुद्री, रक्षा और निर्माण क्षेत्रों को विशेष लाभ मिलेगा। साथ ही वस्त्र, चमड़ा, समुद्री उत्पाद, रत्न एवं आभूषण जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के लिए भी नए बाजार खुलेंगे, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी।
उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की सप्लाई चेन को और सशक्त करेगा और आत्मनिर्भर भारत से आगे बढ़ते हुए देश की आर्थिक प्रगति को नई गति देगा। अंत में डॉ. बंसल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस दूरगामी पहल के लिए बधाई देते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्तर पर भारत की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा और मजबूत होगी।
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के नेतृत्व में अब तक प्राधिकरण क्षेत्र में 10 हजार से अधिक अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
इसी क्रम में प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत विभिन्न स्थानों पर अवैध रूप से की जा रही प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। एकता विहार, लेन संख्या–1, रतनपुर, बलूनी स्कूल के पीछे, देहरादून में मासूम अली एवं प्रकाश जोशी द्वारा लगभग 10 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया।
इसके अतिरिक्त परवल रोड, चांदनी चौक, शिमला बाईपास रोड, देहरादून में नफासत द्वारा लगभग 30 बीघा क्षेत्रफल में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण की टीम ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। यह कार्रवाई सहायक अभियंता सासंक सक्सेना, अवर अभियंता ललित नेगी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
एमडीडीए ने अवैध प्लॉटिंग करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना स्वीकृति के किए जा रहे किसी भी निर्माण अथवा प्लॉटिंग को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। आमजन से अपील की गई है कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
बंशीधर तिवारी ने कहा कि मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बिना स्वीकृति के की जा रही प्लॉटिंग और निर्माण पूरी तरह अवैध हैं और इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और भविष्य में भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत चिन्हित क्षेत्रों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान भवन उपविधियों और विकास नियंत्रण विनियमों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया गया है तथा पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। उन्होंने आमजन से अपील की कि भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व एमडीडीए से वैध स्वीकृति अवश्य जांच लें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी परेशानी से बचा जा सके।
