150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए
लाभार्थियों को आयुष्मान योजना व ABDM की महत्वपूर्ण जानकारियों से कराया रूबरू
देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की पहल पर देहरादून जनपद के भोगपुर में आयुष्मान/आभा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए। शिविरार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान, 70 साल व उससे अधिक आयु वर्ग के सीनियर सिटीजन हेतु वय वंदना कार्ड की जानकारियां दी गई। ग्राम पंचायत रखवाल गांव के प्रधान दीपक रावत की मांग पर शिविर का आयोजन किया गया।
विकासखंड डोईवाला के ग्राम पंचायत भवन भोगपुर में आयोजित शिविर में उपस्थित लोगों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा, सत्तर साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ट नागरिकों को परिवार से पृथक 5 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा हेतु वय वंदना कार्ड, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन मिशन के अंतर्गत आभा कार्ड, स्कैन एंड शेयर, स्कैन एंड पे आदि से संबंधित जानकारियां दी गई। शिविर में 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान रखवाल गांव दीपक रावत, ग्राम प्रधान भोगपुर चांदखान, स्वीटी रावत ग्राम प्रधान गडुल, क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव नेगी, रविंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेद्र रावत, विवेक सिंह रावत आदि का सहयोग रहा। शिविर में आयुष्मान योजना की विभिन्न जानकारियों से युक्त पंपलेट, ब्राउसर आदि प्रचार सामाग्री वितरित की गई। शिविर में आईईसी टीम के नवीन शुक्ला, नवीन चमोली, प्रणव शर्मा, अरूण बिष्ट, बीआईएस के नितेश यादव, लव भंडारी आदि शामिल रहे।
जापान ने दक्षिण कोरिया के मिसाइल परीक्षण की कड़ी निंदा की
कोरिया। एशियाई क्षेत्र में एक बार फिर सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है। कोरियाई प्रायद्वीप पर पहले से जारी तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हुए पूर्वी समुद्री क्षेत्र की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का प्रक्षेपण किया। इस मिसाइल परीक्षण की पुष्टि दक्षिण कोरिया और जापान, दोनों देशों ने की है। यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब उत्तर कोरिया में एक अहम राजनीतिक बैठक प्रस्तावित है और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है।
दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, उत्तर कोरिया ने राजधानी प्योंगयांग के उत्तर-पूर्वी इलाके से एक के बाद एक कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो लगभग 350 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद समुद्र में जा गिरीं। वहीं, जापान के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि दागी गई दो मिसाइलें कोरियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट के समीप समुद्र में गिरीं।
जापान और दक्षिण कोरिया ने जताई कड़ी आपत्ति
जापान ने उत्तर कोरिया के इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए इसे क्षेत्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। जापानी सरकार ने कहा कि ऐसे मिसाइल परीक्षण संयुक्त राष्ट्र प्रस्तावों का उल्लंघन हैं। वहीं, दक्षिण कोरिया की सेना ने स्पष्ट किया है कि वह उत्तर कोरिया की किसी भी उकसावे वाली कार्रवाई से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
गौरतलब है कि उत्तर कोरिया ने इसी साल जनवरी की शुरुआत में कथित हाइपरसोनिक मिसाइलों का परीक्षण किया था। इससे पहले दिसंबर महीने में उसने लंबी दूरी की रणनीतिक क्रूज मिसाइलों और एक नए एंटी-एयर मिसाइल सिस्टम के परीक्षण का भी दावा किया था। इसके अलावा, हाल ही में उत्तर कोरिया ने अपनी पहली परमाणु-संचालित पनडुब्बी के निर्माण से जुड़ी तस्वीरें भी सार्वजनिक की थीं।
2019 के बाद तेज हुई हथियारों की तैयारी
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, वर्ष 2019 में अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ बातचीत ठप होने के बाद से उत्तर कोरिया अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों को लगातार मजबूत कर रहा है। माना जा रहा है कि उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन हथियारों की ताकत के जरिए अमेरिका पर दबाव बनाकर कूटनीतिक रियायतें हासिल करना चाहते हैं।
विश्लेषकों का यह भी कहना है कि हालिया मिसाइल परीक्षण सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की प्रस्तावित कांग्रेस से पहले सैन्य ताकत दिखाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। यह कांग्रेस फरवरी में होने की संभावना है और पांच साल बाद आयोजित होने वाली यह बैठक उत्तर कोरिया की सबसे अहम राजनीतिक घटनाओं में गिनी जाती है, जिसमें देश की भावी राजनीतिक और आर्थिक दिशा तय की जाती है।
दक्षिण कोरिया पर लगाए गए जासूसी ड्रोन के आरोप
इससे पहले उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया पर सीमा के पार जासूसी ड्रोन उड़ाने का आरोप लगाया था। हालांकि, दक्षिण कोरिया ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सरकार की ओर से ऐसे किसी ड्रोन का संचालन नहीं किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि मामले की जांच की जा रही है कि कहीं ये ड्रोन आम नागरिकों द्वारा तो नहीं उड़ाए गए।
विशेषज्ञों का मानना है कि ड्रोन आरोप और मिसाइल परीक्षण, दोनों ही पार्टी कांग्रेस से पहले दक्षिण कोरिया विरोधी माहौल बनाने की रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं। आशंका जताई जा रही है कि किम जोंग उन द्वारा कोरियाई प्रायद्वीप को लेकर घोषित “दो-राज्य” नीति को पार्टी के संविधान में शामिल किया जा सकता है।
यूसीसी का सफल क्रियान्वयन प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम- विधायक
यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर पौड़ी में व्यापक कार्यक्रम, 43 हजार से अधिक पंजीकरण पूर्ण
महिलाओं को न्याय और समान अवसर देने की दिशा में यूसीसी निर्णायक कदम- जिलाधिकारी
पौड़ी। यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद पौड़ी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए जनपदवासियों को यूसीसी दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का विषय है कि समान नागरिक संहिता का यह कानून केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभावी रूप से धरातल पर लागू होकर जनकल्याण का माध्यम बना है। इसके माध्यम से सरकारी सेवाओं तक जनता की पहुँच को अधिक सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया गया है। भारतीय संस्कृति के मूल में निहित समानता, सामाजिक न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को यह कानून सशक्त करता है, क्योंकि एक सशक्त और समरस समाज के लिए सभी नागरिकों हेतु समान कानून आवश्यक है। समान नागरिक संहिता महिलाओं को न्याय, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान कर समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। संस्कृति विभाग की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अवगत कराया कि यूसीसी दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त विकासखंडों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद ने यूसीसी को अधिकार के रूप में जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी की सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम के दौरान यूसीसी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसके उद्देश्य, महत्व एवं प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में हेमंती सिंह द्वारा “हम उत्तराखंडी छा” गीत की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही जनपद के प्रथम यूसीसी पंजीकरणकर्ता दंपत्ति अंकित एवं रिंकी तड़ियाल को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।
विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। विधायक ने जनपद स्तर पर इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने देश को एक नई दिशा और प्रेरणा देने का कार्य किया है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि कभी समान नागरिक संहिता केवल एक आदर्श कल्पना प्रतीत होती थी, जिसे भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में लागू करना कठिन माना जाता था। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में यह कार्य मात्र तीन वर्षों में दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी की 1166 ग्राम पंचायतों में से 835 पंचायतों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और टीमवर्क से असंभव भी संभव हो जाता है, और आज उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनकर इतिहास रच चुका है। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद में वर्तमान तक यूसीसी में 43784 पंजीकरण पूर्ण हो चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न विभागों, सांस्कृतिक दलों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी कार्मिकों के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत ने किया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, डीआईओ एनआईसी मयंक शर्मा, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।
महंगे फोन का शौक ले पहुंचा सलाखों के पीछे
अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किये गये 02 मोबाइल फोन हुए बरामद
देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में मोबाइल फोन चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को सौरभ गोयल पुत्र अशोक गोयल, निवासी प्रिय लोक कॉलोनी, पटेलनगर, देहरादून ने कोतवाली पटेलनगर में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आशु नामक युवक व उसके साथियों ने उनकी दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिए हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में मु0अ0सं0–35/2026, धारा 303(2)/351(2)/352 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना के अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में 27 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हरभजवाला क्षेत्र स्थित एक खाली प्लॉट से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशु कुमार, केशव डबराल और सुधांशु बडोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वादी की दुकान से चोरी किए गए विभिन्न कंपनियों के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें महंगे मोबाइल फोन रखने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
आशु कुमार पुत्र महिपाल सिंह, निवासी ग्राम कादपुर, तहसील बेहट, थाना बेहट, जिला सहारनपुर (उ.प्र.), हाल निवासी सरस्वती विहार, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 22 वर्ष
केशव डबराल पुत्र रमेश डबराल, निवासी अजबपुर, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 21 वर्ष
सुधांशु बडोनी पुत्र स्व. अजय बडोनी, निवासी आमवाला तरला, नालापानी, देहरादून, उम्र 21 वर्ष
बरामदगी:
आईफोन 15 प्रो मैक्स (सिल्वर रंग)
आईफोन 16 प्रो (गोल्डन रंग)
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, गलत खान-पान और शारीरिक निष्क्रियता ने जोड़ों से जुड़ी बीमारियों को तेजी से बढ़ा दिया है। कभी केवल उम्र बढ़ने से जुड़ी मानी जाने वाली गठिया (Arthritis) की समस्या अब युवाओं को भी तेजी से अपनी चपेट में ले रही है। जोड़ों के बीच मौजूद कार्टिलेज जब धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है, तो हड्डियां आपस में टकराने लगती हैं, जिससे घुटनों में दर्द, सूजन और अकड़न की शिकायत शुरू हो जाती है। सुबह उठते समय, लंबे समय तक बैठने के बाद या सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय यह दर्द और अधिक परेशान करता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर में यूरिक एसिड का बढ़ना, ऑटोइम्यून डिसऑर्डर, मोटापा और पोषक तत्वों की कमी भी गठिया को बढ़ावा देने वाले प्रमुख कारण हैं। यदि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो स्थिति धीरे-धीरे गंभीर हो सकती है और चलना-फिरना भी मुश्किल हो जाता है। हालांकि, समय रहते जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और कुछ प्राकृतिक उपाय अपनाकर जोड़ों के दर्द को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
गठिया में राहत देने वाले असरदार घरेलू मसाले
रसोई में मौजूद कुछ सामान्य मसाले गठिया के दर्द में रामबाण की तरह काम कर सकते हैं। हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन सूजन को कम करने वाला शक्तिशाली तत्व है, जो जोड़ों की अकड़न और दर्द को घटाने में मदद करता है। रोजाना गुनगुने दूध में हल्दी मिलाकर पीने से सूजन कम होती है। वहीं, अदरक का सेवन शरीर में सूजन पैदा करने वाले तत्वों को कम करता है और जोड़ों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। अदरक का काढ़ा या चाय नियमित रूप से लेने से आराम महसूस होता है।
मालिश और तेल से कैसे बढ़ेगा जोड़ों का लचीलापन?
नियमित तेल मालिश गठिया के मरीजों के लिए बेहद लाभकारी मानी जाती है। मालिश से प्रभावित हिस्से में रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे जकड़न और दर्द में राहत मिलती है। लहसुन को सरसों के तेल में पकाकर उससे घुटनों की मालिश करना एक पुराना और असरदार घरेलू उपाय है। इसके अलावा जैतून का तेल और अरंडी का तेल भी सूजन कम करने में सहायक होते हैं। तेल की गर्माहट मांसपेशियों को आराम देती है और जोड़ों को लचीला बनाए रखने में मदद करती है।
खान-पान और व्यायाम में जरूरी बदलाव
गठिया से पीड़ित लोगों को अपने आहार पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे अखरोट, अलसी और मछली सूजन को कम करने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हल्का और नियमित व्यायाम बेहद जरूरी है। तैराकी, योग और साइकिलिंग जैसे लो-इम्पैक्ट एक्सरसाइज जोड़ों पर अधिक दबाव डाले बिना उन्हें मजबूत बनाते हैं। वजन नियंत्रित रखना भी आवश्यक है, क्योंकि अतिरिक्त वजन सीधे घुटनों पर दबाव डालता है। रातभर भिगोए हुए मेथी दानों का पानी पीना यूरिक एसिड को संतुलित रखने में सहायक माना जाता है।
क्या रखें सावधानी?
यदि घुटनों में लगातार दर्द, अत्यधिक सूजन या जोड़ों से आवाज आने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। घरेलू उपायों के साथ-साथ समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। योग, संतुलित आहार और अनुशासित दिनचर्या अपनाकर लंबे समय तक जोड़ों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी उपचार को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।
(साभार)
डॉ. धन सिंह रावत ने नवचयनित अभ्यर्थियों को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित प्रयोगशाला सहायक पद के 14 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मंत्री डॉ. रावत ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अभ्यर्थी अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”
अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।
सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।
महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।
समानता से समरसता का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।
सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है।
विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।
देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का ‘मूल निवासी’ नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।
बहु विवाह पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
13 फरवरी तक चलेगा बजट सत्र का पहला चरण
नई दिल्ली- संसद के आगामी बजट सत्र से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में मंगलवार को संसद भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का उद्देश्य बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने पर सहमति बनाना रहा। इस अहम बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, जबकि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी इसमें मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने बैठक में हिस्सा लिया।
बजट सत्र का पहला चरण बुधवार से आरंभ होगा। सत्र की औपचारिक शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से होगी, जिसमें वे संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। इसके बाद सरकार एक फरवरी को आम बजट पेश करेगी।
सत्र का यह प्रारंभिक चरण 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा होगी और उसे पारित किया जाएगा। साथ ही बजट को लेकर भी व्यापक विमर्श किया जाएगा। इसके बाद कुछ दिनों का अवकाश रहेगा।
दूसरे चरण की कार्यवाही 9 मार्च से दोबारा शुरू होगी, जो दो अप्रैल तक चलेगी। इस अवधि में बजट से जुड़े विधेयकों और अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा और निर्णय किए जाएंगे।
सनी देओल स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ बॉक्स ऑफिस पर रिलीज के पहले दिन से ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म न सिर्फ मजबूत ओपनिंग लेने में सफल रही, बल्कि हर गुजरते दिन के साथ इसकी कमाई में इजाफा देखने को मिल रहा है। कमाई के मामले में यह लगातार फिल्म ‘धुरंधर’ समेत कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ रही है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर फिल्म को जबरदस्त फायदा मिला और 26 जनवरी को ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के बाद अब तक का सबसे बड़ा सिंगल-डे कलेक्शन दर्ज किया। आइए जानते हैं अब तक फिल्म ने कुल कितनी कमाई कर ली है।
चौथे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने पार किया 59 करोड़ का आंकड़ा
ओपनिंग डे पर फिल्म ने 30 करोड़ रुपये की कमाई की।
दूसरे दिन कलेक्शन बढ़कर 36.50 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
तीसरे दिन फिल्म ने 54.50 करोड़ रुपये का शानदार कारोबार किया।
वहीं, रिलीज के चौथे दिन यानी 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) को फिल्म ने 59 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई की। यह अब तक का फिल्म का सबसे बड़ा सिंगल-डे कलेक्शन रहा है।
कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पहुंचा 180 करोड़ के पार
अगर अब तक के कुल कलेक्शन की बात करें तो ‘बॉर्डर 2’ 180 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है।
हालांकि गणतंत्र दिवस पर फिल्म 200 करोड़ क्लब में एंट्री करने से चूक गई, लेकिन उम्मीद है कि पांचवें दिन यह जादुई आंकड़ा आसानी से छू सकती है।
वर्ल्डवाइड कलेक्शन में भी दिखा ‘बॉर्डर 2’ का दम
फिल्म ने सिर्फ घरेलू बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं, बल्कि वर्ल्डवाइड लेवल पर भी शानदार प्रदर्शन किया है।
अब तक ‘बॉर्डर 2’ का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 239.20 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
जनवरी में रिलीज हुई भारतीय फिल्मों की वर्ल्डवाइड कमाई की सूची में यह दूसरे नंबर पर बनी हुई है।
फिल्म ने साउथ की चर्चित फिल्म ‘द राजा साब’ को भी पीछे छोड़ दिया है, जिसने वर्ल्डवाइड 205.66 करोड़ रुपये की कमाई की थी।
चौथे दिन की कमाई में कई बड़ी फिल्मों को छोड़ा पीछे
रिलीज के चौथे दिन ‘बॉर्डर 2’ ने कई बड़ी वॉर और एक्शन फिल्मों के रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए—
शाहरुख खान की ‘पठान’ का चौथे दिन का कलेक्शन (51.5 करोड़) भी पीछे छूट गया।
सनी देओल ने अपनी ही ब्लॉकबस्टर ‘गदर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिसने चौथे दिन 38.70 करोड़ रुपये कमाए थे।
ऋतिक रोशन की वॉर ड्रामा फिल्म ‘फाइटर’ चौथे दिन सिर्फ 29 करोड़ रुपये ही कमा सकी थी।
पिछले साल रिलीज हुई ‘छावा’ (24 करोड़) और साल के अंत में आई हिट फिल्म ‘धुरंधर’ (23.25 करोड़) भी इस दौड़ में पीछे रह गईं।
(साभार)
सीएम धामी ने यूसीसी को बताया समानता और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पहल केवल एक कानून नहीं, बल्कि समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों में पूर्ण समानता प्रदान करना है। विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं को समान और न्यायसंगत अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण और नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। राज्य सरकार द्वारा 23 भाषाओं में सहायता सुविधा तथा एआई-आधारित सपोर्ट सिस्टम लागू किया गया है, जिससे आम नागरिकों को सेवाएं सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में सामाजिक न्याय और समरसता को और अधिक मजबूत करेगी तथा एक समान, सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
