गौसंरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल- डॉ. धन सिंह
श्रीनगर (गढ़वाल)। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने गंगादर्शन मोड़ के समीप स्थित श्रीनगर में निराश्रित एवं बेसहारा गायों के संरक्षण और देखभाल के लिए निर्मित गौशाला का विधिवत लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह गौशाला बेसहारा गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके उपचार और पोषण की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

डॉ. धन सिंह ने बताया कि इस पहल से क्षेत्र में गौसंरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और समाज में संवेदनशीलता व सहभागिता की भावना को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्य करुणा और सेवा के प्रतीक होते हैं, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
कैंचीधाम जाम से मिलेगी स्थायी राहत, प्राथमिकता पर हो रहा बाईपास निर्माण : मुख्यमंत्री
18.15 किमी कैंचीधाम बाईपास से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बड़ी सुविधा
भवाली बाईपास और शिप्रा नदी पर डबल लेन पुल से ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात
कैंचीधाम दर्शन को सुगम बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
पर्यटन और यातायात सुधार के लिए बुनियादी ढांचे को सशक्त कर रही राज्य सरकार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रभावी प्रशासनिक निर्णयों के परिणामस्वरूप नैनीताल जनपद की बहुप्रतीक्षित कैंचीधाम बाईपास (सैनिटोरियम–रातीघाट) परियोजना तेजी से अपने निर्णायक चरण की ओर अग्रसर है। शनिवार को मुख्यमंत्री ने नैनीताल भ्रमण के दौरान इस महत्वपूर्ण परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण कार्यों की विस्तृत जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी यात्रा एवं पर्यटन सीजन से पूर्व बाईपास मार्ग को पूर्ण कर यातायात के लिए खोलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध श्री कैंचीधाम मंदिर में देश-विदेश से श्रद्धालुओं का निरंतर आगमन होता है। श्रद्धालुओं को सुचारु, सुरक्षित और सुविधाजनक यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से कैंचीधाम बाईपास का निर्माण तेज़ी से कराया जा रहा है, जिससे वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का स्थायी समाधान संभव होगा।
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता मनोहर सिंह धर्मशक्तू ने अवगत कराया कि 18.15 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित बाईपास मार्ग में से 8 किलोमीटर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर हॉटमिक्स किया जा चुका है, जिसके लिए 12 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रभावी उपयोग किया गया है। शेष 10.15 किलोमीटर मार्ग में पहाड़ कटिंग कार्य हेतु प्राप्त 5 करोड़ 6 लाख रुपये की धनराशि से कार्य पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में इस खंड में 9 करोड़ 81 लाख रुपये की लागत से कलमठ निर्माण, सुरक्षा दीवारों का निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्य तेजी और गुणवत्ता के साथ प्रगति पर हैं।
परियोजना के अंतर्गत बाईपास को रातीघाट स्थित अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ने हेतु 74.15 मीटर स्पान का मोटर पुल भी निर्मित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से 9 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है और पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के पूर्ण होने से न केवल कैंचीधाम में लगने वाले जाम से निजात मिलेगी, बल्कि पहाड़ी जनपदों की ओर जाने वाले यात्रियों को भी एक वैकल्पिक, सुगम और सुरक्षित मार्ग उपलब्ध होगा। यह परियोजना पर्यटन, धार्मिक यात्रा और स्थानीय आवागमन—तीनों के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी।
इसके उपरांत मुख्यमंत्री धामी ने 9 करोड़ 99 लाख रुपये की लागत से निर्मित सैनिटोरियम से अल्मोड़ा मार्ग तक भवाली बाईपास सड़क एवं इसी मार्ग पर शिप्रा नदी पर निर्मित 30 मीटर स्पान के डबल लेन मोटर पुल का भी निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाईपास के चालू होने से भवाली बाजार में वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान होगा और पर्यटन सीजन में यात्रियों को निर्बाध आवागमन सुविधा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों से संवाद कर उनके कार्यों की सराहना की तथा उनके कल्याण और सुरक्षा के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने बर्फबारी देखने पहुंचे देश के विभिन्न राज्यों से आए पर्यटकों से भी बातचीत की। पर्यटकों ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, बेहतर व्यवस्थाओं और सुरक्षित वातावरण की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्हें यहां किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई है और वे भविष्य में भी यहां आते रहेंगे।
ग्रामीण और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुंचेगा बाल विवाह मुक्ति रथ- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समर्पण सोसाइटी फॉर हेल्थ रिसर्च एंड डेवलपमेंट द्वारा देहरादून में बाल विवाह की रोकथाम के लिए संचालित बाल विवाह मुक्ति रथ का फ्लैग ऑफ किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रथ एक जन-जागरूकता अभियान के रूप में कार्य करेगा, जिसका उद्देश्य दूरस्थ, ग्रामीण एवं उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुँच बनाकर बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के विरुद्ध समयबद्ध, सघन एवं प्रभावी संदेश जन-जन तक पहुँचाना है।
यह अभियान 8 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत विभिन्न गाँवों, शहरी बस्तियों, स्कूलों, पंचायतों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सामुदायिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटक, संवाद सत्र, शपथ कार्यक्रम, परामर्श शिविर, IEC सामग्री वितरण तथा जनसंवाद जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण डॉ. गीता खन्ना, समर्पण सोसाइटी के अध्यक्ष विपिन पंवार एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
पौड़ी। पौड़ी जनपद के खाण्डयूसैंण स्थित जिला कारागार में कल जेल दिवस का आयोजन सादगी एवं सकारात्मक वातावरण में किया गया। कार्यक्रम जेल अधीक्षक कौशल कुमार की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
जेल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे जेल अधीक्षक ने कहा की जेल दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, सुधार और नए संकल्प का दिन है। जेल को केवल दंड का स्थान न मानकर सुधार, आत्मबोध एवं नए जीवन की शुरुआत का केंद्र बनाया जाना चाहिए, और यही जेल दिवस मनाने का वास्तविक उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य मे बंदियों मे कौशल विकसित करने के लिए कारागार में बेकरी यूनिट की स्थापना, लॉन्ड्री (धुलाई) यूनिट की स्थापना प्रस्तावित की जाएगी ताकि बंदी रिहाई के बाद स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ सकें।
इस अवसर पर दौरान बंदियों के पुनर्वास एवं आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर भी विचार व्यक्त किया गया। जेल दिवस के अवसर पर बंदियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गयी, जिसमें महिला बंदियों ने गीत गाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया गया। खेल प्रतियोगिताओं में कैरम में लोकेंद्र थापा एवं रवि, लूडो में पारितोष कुमार एवं मोहम्मद इरफान तथा शतरंज प्रतियोगिता में अजय उर्फ अज्जू ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त वॉलीबॉल एवं रस्साकशी प्रतियोगिताओं में बंदियों ने समूहों में भाग लेकर उत्साहपूर्वक प्रदर्शन किया। खेलों में विजेता बंदियों को उनके दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री पुरस्कार स्वरूप प्रदान की गयी, जिसमें प्रथम पुरस्कार के रूप में बाल्टी, द्वितीय पुरस्कार के रूप में टिफिन तथा तृतीय पुरस्कार के रूप में पानी की बोतल प्रदान की गयी।
कार्यक्रम के अंतर्गत एक मानवीय पहल के रूप में “लेटर टू फैमिली” अभियान भी चलाया गया, जिसके तहत ऐसे बंदियों ने अपने परिजनों को पत्र लिखे, जिनकी नियमित मुलाकात नहीं हो पाती है। इस पहल का उद्देश्य बंदियों को भावनात्मक संबल प्रदान करना तथा पारिवारिक संबंधों को सुदृढ़ बनाना है। जेल दिवस का समापन सुधार, सकारात्मक सोच एवं पुनर्वास के संदेश के साथ किया गया।
देहरादून में 77वें गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में, सीडीओ ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
देहरादून। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित होने वाले भव्य समारोह की तैयारियां तेज़ी से चल रही हैं। इस राष्ट्रीय पर्व को गरिमामय एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने हेतु मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने शनिवार को विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया तथा तैयारियों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें सौंपे गए दायित्वों का पूर्ण निष्ठा एवं समयबद्धता के साथ निर्वहन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि परेड ग्राउंड में प्रवेश की अलग अलग व्यवस्थाएं की गई है। गेट संख्या-1 से मुख्य मंच, गंगा एवं अलकनंदा ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-2 से भागीरथी ब्लॉक के पास धारकों का प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। गेट संख्या-3 से परेड दल एवं झांकियों का प्रवेश होगा। गेट संख्या-4 से आसन, टौंस एवं यमुना ब्लॉक के पासधारकों एवं दर्शकों के लिए प्रवेश की व्यवस्था की गई है।
गंगा ब्लॉक में मुख्यमंत्री के अतिथिगण, विधायकगण, दायित्वधारीगण एवं उनके परिवारजन के लिए आरक्षित किया गया है। अलकनंदा ब्लॉक न्यायमूर्ति, न्यायिक अधिकारीगण, आयोग अध्यक्षगण, अधिकारीगण एवं उनके परिजनों के लिए आरक्षित रहेगा। भागीरथी ब्लॉक में सैन्य अधिकारी एवं उनके परिवारजन बैठेंगे। यमुना ब्लॉक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, राज्य आंदोलनकारी एवं उनके परिजनों के लिए व्यवस्था की गई है। टौंस ब्लॉक प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों के लिए तथा आसन ब्लॉक अन्य अतिथिगणों के लिए आरक्षित रहेगा। इसके अतिरिक्त दर्शक दीर्घा में जनसामान्य के लिए बैठने की व्यवस्था की गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने सभी ब्लॉकों में समुचित सीटिंग, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस समारोह का शुभारंभ प्रातः 10 बजे होगा। प्रातः 10 बजे परेड दलों की पंक्तिबद्धता एवं परेड कमांडर द्वारा परेड का भार ग्रहण किया जाएगा। इसके पश्चात प्रातः 10ः20 बजे मुख्यमंत्री तथा 10ः28 बजे राज्यपाल का गरिमामय आगमन होगा। ठीक 10ः30 बजे ध्वजारोहण एवं राष्ट्रगान के उपरांत कार्यक्रम आगे बढ़ेगा। प्रातः 10ः35 बजे से परेड का मार्च पास्ट, स्कूली बच्चों के कार्यक्रम, झांकियों का प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके पश्चात 11ः25 बजे पुलिस मेडल वितरण किया जाएगा। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा एवं महानुभावों का प्रस्थान होगा।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर निर्धारित मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम के अनुसार सभी व्यवस्थाओं का समयबद्ध अभ्यास सुनिश्चित किया जाए, ताकि इस राष्ट्रीय पर्व की गरिमा के अनुरूप कार्यक्रम में किसी प्रकार की कमी न रहे।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम सदर हरिगिर, एसडीमए अपूर्वा सिंह, एसडीएम विनोद कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल सहित विभिन्न व्यवस्थाओं से जुड़े नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
बदलती जीवनशैली और अनियमित दिनचर्या के चलते कब्ज (कॉन्स्टिपेशन) आज एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर की भागदौड़ के बीच लोग रात के समय की छोटी-छोटी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। यही लापरवाही धीरे-धीरे कब्ज, गैस, एसिडिटी और अन्य पाचन संबंधी परेशानियों को जन्म देती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, रात का समय शरीर की प्राकृतिक सफाई और डिटॉक्स प्रक्रिया के लिए बेहद अहम होता है। इस दौरान आंतों की सक्रियता बनी रहती है, जिससे सुबह पेट साफ होने की प्रक्रिया सुचारू रहती है। लेकिन देर रात भारी भोजन, पानी की कमी और तुरंत सो जाने जैसी आदतें इस प्रक्रिया को बाधित कर देती हैं। इससे आंतों में नमी कम होने लगती है और मल सख्त हो जाता है।
आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा दोनों ही इस बात पर जोर देते हैं कि यदि रात में पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव डाला जाए, तो पेरिस्टालसिस की गति धीमी पड़ जाती है। इसका परिणाम सुबह पेट साफ न होने के रूप में सामने आता है, जो लंबे समय में बवासीर, क्रोनिक कब्ज और सूजन जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय की कुछ गलत आदतें सीधे मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती हैं। इनमें देर रात तला-भुना या भारी भोजन करना, पर्याप्त पानी न पीना, भोजन के तुरंत बाद सो जाना और रात में चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय का सेवन शामिल है। ये आदतें आंतों की कार्यक्षमता को कमजोर कर देती हैं।
यदि ये गलतियां लंबे समय तक जारी रहती हैं, तो आंतों की दीवारें अपनी लचीलापन खोने लगती हैं। इससे क्रोनिक कॉन्स्टिपेशन की स्थिति बन जाती है, जिसमें शरीर से विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते। ऐसे टॉक्सिन्स रक्त में मिलकर त्वचा संबंधी समस्याएं, लगातार थकान और सिरदर्द जैसी दिक्कतें पैदा कर सकते हैं। साथ ही आंतों में संक्रमण और सूजन का खतरा भी बढ़ जाता है।
कब्ज से बचाव के लिए विशेषज्ञ सोने से पहले कुछ सावधानियां अपनाने की सलाह देते हैं। रात के भोजन में फाइबर युक्त आहार जैसे सलाद, सब्जियां या दलिया शामिल करना चाहिए। भोजन के बाद हल्की सैर या कम से कम 100 कदम चलना पाचन क्रिया को सक्रिय रखता है। इसके अलावा सोने से पहले एक गिलास गुनगुना पानी पीना आंतों को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है। भोजन और नींद के बीच कम से कम 2 से 3 घंटे का अंतर रखना भी जरूरी बताया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कब्ज कोई असाध्य बीमारी नहीं, बल्कि शरीर की ओर से दी गई चेतावनी है। यदि समय रहते अपनी रात की दिनचर्या में सुधार कर लिया जाए, तो न केवल कब्ज से राहत मिल सकती है, बल्कि ऊर्जा स्तर और मानसिक शांति में भी सुधार होता है। एक स्वस्थ पाचन तंत्र ही स्वस्थ शरीर और संतुलित जीवन की नींव माना जाता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जानकारियों पर आधारित है।
(साभार)
होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़ा घोटाला
भ्रष्टाचार पर सीएम धामी की जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन की नीति
भ्रष्टाचार के मामले में सीएम धामी ने फिर की उच्च स्तरीय अधिकारी पर कार्रवाई
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा विभाग में वर्दी सामग्री खरीद से जुड़े घोटाले में संलिप्त पाए जाने पर निदेशक होमगार्ड (डिप्टी कमांडेंट) अमिताभ श्रीवास्तव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मामले की जांच के लिए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
प्रकरण वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान होमगार्ड्स के लिए वर्दी सामग्री की खरीद प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें टेंडर प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। महानिदेशक, होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा, देहरादून की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता के अभाव और नियमों के उल्लंघन की बात सामने आई।
महादिनदेशक की संतुति पर सीएम धामी ने डिप्टी कमांडेंट को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए संयुक्त जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है और किसी भी स्तर पर अनियमितता या भ्रष्ट आचरण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बहुप्रतीक्षित वॉर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ ने 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर धमाकेदार शुरुआत की है। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। ट्रेलर और गानों से पहले ही माहौल बना चुकी ‘बॉर्डर 2’ ने रिलीज के पहले दिन कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में अपनी जगह बना ली है।
अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ में सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ जैसे सितारे अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है और 1997 में आई सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल है।
रिपोर्ट्स अनुसार ‘बॉर्डर 2’ ने ओपनिंग डे पर करीब 30 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की है। इस तरह फिल्म ने दिसंबर में रिलीज हुई ‘धुरंधर’ को पीछे छोड़ दिया, जिसने पहले दिन 28 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। इतना ही नहीं, ‘बॉर्डर 2’ ने बीते साल की टॉप फिल्मों में शामिल ‘सैयारा’ (21.5 करोड़) की ओपनिंग को भी मात दी है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म का बजट लगभग 275 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। इस लिहाज से पहले दिन की कमाई को मजबूत शुरुआत माना जा रहा है। फिल्म को दर्शकों के साथ-साथ समीक्षकों से भी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, खासकर इसके इमोशनल सीन्स और देशभक्ति के संदेश की सराहना की जा रही है।
अगर ‘बॉर्डर’ (1997) की बात करें तो उस फिल्म ने पहले दिन महज 1.10 करोड़ रुपये की कमाई की थी और इसका कुल नेट कलेक्शन 39.30 करोड़ रुपये रहा था। मौजूदा रफ्तार को देखते हुए माना जा रहा है कि ‘बॉर्डर 2’ दूसरे ही दिन ‘बॉर्डर’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ देगी।
‘बॉर्डर 2’ ने सनी देओल की फिल्म ‘जाट’ (ओपनिंग 10 करोड़) का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है, हालांकि वह ‘गदर 2’ की 40 करोड़ रुपये की ओपनिंग तक नहीं पहुंच पाई है। बावजूद इसके, फिल्म की मजबूत शुरुआत इसे बड़ी हिट की ओर ले जाती दिख रही है।
आने वाले दिनों में फिल्म को वीकएंड और 26 जनवरी की छुट्टी का भी पूरा फायदा मिलने की उम्मीद है। देशभक्ति से भरपूर विषय होने के कारण गणतंत्र दिवस के मौके पर ‘बॉर्डर 2’ की कमाई में और उछाल आने की संभावना जताई जा रही है।
(साभार)
गणेश जोशी ने शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भेंट किया
देहरादून। प्रदेश की कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज जॉलीग्रांट एयरपोर्ट पर केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान का उत्तराखंड आगमन पर पुष्प गुच्छ भेंट कर स्वागत एवं अभिनंदन किया।

इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भगवान बदरीनाथ धाम का पटका एवं प्रसाद भी भेंट किया।
राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सीएम धामी ने दी समस्त प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षित और आत्मनिर्भर बेटियाँ ही सशक्त, समृद्ध और प्रगतिशील समाज की मजबूत नींव होती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसके लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से निरंतर प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि प्रदेश की हर बेटी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें और वह अपने सपनों को साकार कर सके।
