भाजपा (BJP) ने नवम्बर माह में रिक्त होने वाली उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की 10 में से 8 और उत्तराखंड (Uttarakhand) की 1 राज्यसभा (Rajyasabha) सीट के लिए सोमवार को अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए। भाजपा ने उत्तर प्रदेश से केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह व पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर को दुबारा प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा हरिद्वार दुबे, बृज लाल, गीता शाक्य, बी एल वर्मा व सीमा द्विवेदी को प्रत्याशी घोषित किया है। उत्तराखंड की एक मात्र सीट के लिए नरेश बंसल को प्रत्याशी बनाया गया है।
उत्तराखंड से प्रत्याशी बनाए गए नरेश बंसल प्रदेश भाजपा में कई महत्वपूर्ण पदों को संभाल चुके हैं। बंसल पार्टी के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के अलावा विगत लोकसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष भी रहे हैं। वर्तमान में वे प्रदेश सरकार में बीस सूत्री कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है।
उल्लेखनीय है कि 25 नवम्बर को उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड से राज्य सभा के 11 सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, कांग्रेस नेता पी.एल. पुनिया, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, समाजवादी पार्टी के राम रामगोपाल यादव जैसे दिग्गज नेता उत्तर प्रदेश से हैं। उत्तराखंड से फिल्म अभिनेता व कांग्रेस नेता राज बब्बर सेवानिवृत हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश से सेवानिवृत होने वाले अन्य सदस्यों में डॉ चंद्रपाल सिंह यादव, जावेद अली खान, नीरज शेखर, रवि प्रकाश वर्मा, राजा राम व वीर सिंह शामिल हैं।

वर्तमान में इन सीटों में से उत्तराखंड की एकमात्र सीट कांग्रेस के कब्जे में है, जबकि उत्तर प्रदेश की 4 समाजवादी पार्टी, 3 भाजपा, 2 बसपा व 1 कांग्रेस के पास हैं। उत्तराखंड की एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी के लिए चुनाव प्रक्रिया औपचारिकता भर है। भाजपा प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन तय है। संख्या बल के आधार पर उत्तर प्रदेश की 10 में से 8 सीटों पर भाजपा का कब्जा सुनिश्चित है। एक सीट समाजवादी पार्टी के खाते में जा सकती है। इसके लिए समाजवादी पार्टी ने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव को अपना प्रत्याशी घोषित पहले ही कर दिया था।
इन चुनावों के बाद राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़ना तय है। 245 सदस्यों वाली राज्यसभा में वर्तमान में भाजपा के 87 सांसद हैं। ऐसे में नवंबर में में हो रहे राज्यसभा चुनाव में भाजपा को यदि 11 में से 9 सीटें मिल गईं, तो उसकी संख्या 96 तक पहुंच जाएगी। एनडीए (NDA) के सदस्यों की संख्या जोड़ कर भाजपा राज्यसभा में बहुमत के आंकड़े को आसानी से छू लेगी।
भारत निर्वाचन आयोग ने इन द्विवार्षिक चुनावों के लिए 20 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की थी। नामांकन पत्र भरने की अंतिम तिथि 27 अक्टूबर है। 28 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच और 2 नवम्बर नाम वापसी की अंतिम तिथि रहेगी। यदि आवश्यक होगा तो मतदान 9 नवम्बर को प्रातः 9 बजे से 4 बजे तक होगा और मतपत्रों की गिनती भी उसी दिन होगी। 11 नवम्बर तक चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न हो जाएगी।
चुनाव आयोग के अनुसार मतदान के समय बैलेट पेपर पर वरीयता (अंक) को चिह्नित करने के लिए रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा दिए गए एकीकृत वायलेट कलर स्केच पेन का ही उपयोग किया जाएगा। किसी भी परिस्थिति में मतदाता दूसरे किसी पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
चुनाव आयोग ने राज्यों के मुख्य सचिवों को निर्देश दिए हैं कि वे चुनाव के दौरान कोविड-19 से बचाव व रोकथाम के निर्देशों का पालन कराने के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की तैनाती सुनिश्चित करें। आयोग ने इसके लिए विस्तृत निर्देश पूर्व में भी जारी किए हैं। आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को इन चुनावों के लिए पर्यवेक्षक के रुप में तैनात किया है।
उत्तराखंड सरकार ने नैनीताल (Nainital) की सुंदरता में चार चांद लगाने वाली नैनी झील (Naini Lake) के सौंदर्य और सरंक्षण के लिए विशेष प्रयास शुरु किए हैं। सोमवार को अपने एक दिवसीय नैनीताल भ्रमण के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Chief Minister Trivendra Singh Rawat) ने नैनी झील में एक करोड़ की लागत से यूनडीपी (UNDP) के सहयोग से स्थापित दिव्य नैनी झील जल गुणवत्ता आंकलन प्रणाली का लोकापर्ण किया।
इस प्रणाली के तहत झील की जल गुणवत्ता के सतत मापन हेतु दो प्रोटियएस सेंसर स्थापित किए गए हैं। जिनसे झील के पानी की गुणवत्ता संबंधी आंकड़ों को एलईडी स्क्रीन पर आम जनमानस के लिए प्रसारित किया जा रहा है। झील की गुणवत्ता संबंधित आंकड़ों के सतत प्रदर्शन से स्थानीय लोगों व पर्यटकों को झील को स्वच्छ रखने हेतु जागरुकता बढ़ेगी। साथ ही जल गुणवत्ता के विस्तृत आंकड़ों एवं चेतावनी एसएमएस एवं मोबाइल ऐप द्वारा लोगों को प्रसारित की जाएगी। इन सेंसरों के जरिए झील का पूर्ण रासायनिक विश्लेषण किया जाएगा। इससे झील के अन्तर्जलीय वनस्पति एवं जीव-जन्तुओं हेतु अनुकूल पर्यावरण विकास एवं प्रबंधन हो सकेगा और झील के सरंक्षण में सहयोग मिलेगा।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र ने कहा कि नैनी झील अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए दुनिया भर मे जानी जाती है और सदैव से ही पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। उन्होंने कहा नैनी झील हमारी सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न अंग है। उन्होंने सभी से नैनीझील को स्वस्थ व स्वच्छ रखने की अपील भी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि झील के लिए स्थापित की गई जल गुणवत्ता प्रणाली जल संरक्षण के साथ ही जल की निर्मलता भी बनाए रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश की नदियों, झीलों, तालाबों और जल स्रोतों को पुर्नजीवित करने के लिए व्यापक जन अभियान शुरु किया गया है, जिसमें सफलता मिली है। प्रदेश की कोसी, गगास, रिस्पना, शिप्रा नदियों में व्यापक वृक्षारोपण का कार्य किया गया है। सौंग व जमरानी बांध बनने से 125 करोड़ की बिजली बचत होगी। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा में तड़ाग ताल के पुर्नजीवन एवं संरक्षण हेतु 10 करोड़ रुपए जारी कर दिए गए हैं।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक संजीव आर्य ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को मुख्यमंत्री के सम्मुख रखा।
पंजाब में विजयादशमी पर कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किए जाने पर भाजपा खासे गुस्से में है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने सोमवार को सिलसिलेवार एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कांग्रेस व राहुल गांधी पर ताबड़तोड़ वार किए। उन्होंने कहा बेटा घृणा, क्रोध, झूठ और आक्रामकता की राजनीति का जीवंत प्रदर्शन करता है, तो वहीं माता दिखावे की शालीनता का प्रदर्शन और लोकतंत्र पर खोखली बयानबाजी कर इसका पूरक बनती है।
नड्डा ने कहा कि पंजाब में जो कुछ भी हो रहा है वह राहुल गांधी के इशारों पर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी का पुतला जलाने का शर्मनाक ड्रामा राहुल गांधी के द्वारा निर्देशित है, लेकिन यह अनपेक्षित नहीं है। कांग्रेस से यही उम्मीद की जा सकती है। नेहरु-गांधी खानदान ने कभी भी प्रधानमंत्री पद और प्रधानमंत्री के कार्यालय की गरिमा का सम्मान नहीं किया है। 2004-2014 के बीच भी ऐसा ही देखने को मिला था, जब कांग्रेस की यूपीए सरकार के शासनकाल में प्रधानमंत्री पद को संस्थागत तरीके से कमजोर किया गया था।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि निराशा और बेशर्मी का गठजोड़ काफी खतरनाक होता है। कांग्रेस के पास ये दोनों ही है। जहां पार्टी में बेटा घृणा, क्रोध, झूठ और आक्रामकता की राजनीति का जीवंत प्रदर्शन करता है, तो वहीं माता दिखावे की शालीनता का प्रदर्शन और लोकतंत्र पर खोखली बयानबाजी कर इसका पूरक बनती है। यह पार्टी के दोयम दर्जे और दोहरे रवैये को दिखाता है।
उन्होंने आगे कहा, यदि देश में कोई एक पार्टी है जिसका आचरण घृणा और नफरत का है तो वह केवल और केवल कांग्रेस पार्टी है। कांग्रेस शासित राजस्थान में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दलितों, पिछड़ों, शोषितों और वंचितों पर अत्याचार सबसे चरम पर है। राजस्थान के साथ-साथ पंजाब में भी महिलाएं असुरक्षित हैं। पंजाब में मंत्री छात्रवृत्ति घोटाले कर रहे हैं।
नड्डा ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी पर कांग्रेस कभी भी दूसरों पर दबाव नहीं बना सकती। कांग्रेस का आवाज दबाने का दशकों से इतिहास रहा है। इसे हमने आपातकाल के दौरान भी देखा। इसके बाद राजीव गांधी की कांग्रेस सरकार ने भी प्रेस की आजादी को कमजोर करने का प्रयास किया। स्वतंत्र मीडिया सदैव ही कांग्रेस को चुभती है। अगर कोई क्रूर राज्य शक्ति के इस्तेमाल की प्रयोगशाला को देखना चाहता है, तो वह कांग्रेस के आशीर्वाद से चलने वाली महाराष्ट्र सरकार को देखे, जहां विपक्ष को परेशान किया जा रहा और बोलने की आजादी पर अंकुश लगाया जा रहा है। राज्य चलाना छोड़कर महाराष्ट्र सरकार सब कुछ कर रही है।
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि गरीबी में जन्म लेने के बाद देश के प्रधानमंत्री पद को सुशोभित करने वाले महान शख्सियत के प्रति एक खानदान और वंश की गहरी नफरत जितना ऐतिहासिक है, उतना ही ऐतिहासिक है भारत के लोगों का प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपार प्यार, समर्थन और आशीर्वाद। जितना ही कांग्रेस झूठ बोलेगी और जितनी ही इनकी नफरत बढ़ेगी, उतना ही और अधिक लोग प्रधानमंत्री मोदी को चाहेंगे और उनका समर्थन करेंगे।
उत्तराखंड स्थित चार धामों बद्रीनाथ (Badrinath), केदारनाथ (Kedarnath), गंगोत्री (Gangotri) व यमुनोत्री (Yamunotri) के कपाट अगले माह नवम्बर में शीतकाल के लिए श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाएंगे। विजयदशमी के अवसर पर रविवार को उत्तराखंड देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने संबंधित मंदिरों के पुजारियों द्वारा की गई ज्योतिषीय गणना के आधार पर यह निर्णय लिया है।
रविवार को बद्रीनाथ धाम में देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बी डी सिंह की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम में बताया गया कि 15 नवम्बर को गंगोत्री धाम के मंदिर के कपाट बंद होंगें। 16 नवम्बर को केदारनाथ व यमुनोत्री धाम के कपाट बंद किये जाएंगें, जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट 19 नवम्बर को शीतकाल के लिए बंद किए जाएंगे।

बद्रीनाथ में आयोजित कार्यक्रम में देवस्थानम बोर्ड के अपर मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह के अलावा, रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी, धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल आदि उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने अपने कुमायूं दौरे के दूसरे दिन शनिवार को बागेश्वर में जिले के अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं व कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने शासकीय योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए विकास कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास एवं जन कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रदेश की जनता को लाभान्वित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 से निपटने के लिए हम सभी को सामूहिक रूप से प्रयास करने होंगे। इसमें किसी भी प्रकार का शिथिलता न बरती जाए। इस कार्य में पुलिस को एक्टिव होकर कार्य करना होगा तथा बिना मास्क व नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने सभी लोगों तक मास्क की उपलब्धता बनी रहे, इसके लिए महिला समूह के माध्यम से मास्क बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि दवाईयों की कमी नहीं होनी चाहिए और मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कोरोना संक्रमण वायरस के नियंत्रण व रोकथाम के लिए लगातार प्रचार-प्रसार किया जाए।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि इस योजना से लाभार्थियों को लाभान्वित करने के लिए विभाग निरंतर बैंकों के साथ समन्वय स्थापित करें। लाभार्थियों की परेशानियों को दूर करने के लिए बैंकों के साथ मेले का आयोजन करें और इसके लिए जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती हो। कोविड-19 के कारण जनपद में वापस आये प्रवासियों की सफलता की कहानी पर मुख्यमंत्री ने प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग लोगों से वार्ता करें तथा वे जिस काम में रूचि रखते है उस कार्य के लिए उन्हें प्रेरित किया जाए।
मुख्यमंत्री घोषणा के संबंध में उन्होंने कहा कि जो कार्य शासन स्तर पर लम्बित है उन्हें चिन्हित कर तत्काल शासन को प्रेषित किया जाए। सिंचाई विभाग द्वारा बागेश्वर के घाट निर्माण के संबंध में उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में स्थानीय पत्थरों का उपयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि जिला योजना का 40 प्रतिशत व्यय रोजगारपरक योजनाओं पर अनिवार्य रूप से करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की मंशा प्रत्येक व्यक्ति को रोजगारपरक योजनाओं से लाभान्वित करना है। इसलिए स्थानीय आवश्यकताओं के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन निर्णय ले, ताकि आम जनमानस को योजनाओं का वास्तिवक लाभ मिल सके।
बैठक से पूर्व मुख्यमंत्री ने जनपद में ई-ऑफिस का शुभारम्भ किया। इस संबंध में जिलाधिकारी विनीत कुमार ने अवगत कराया कि इस प्रक्रिया को जिला कार्यालय से शुरु किया जा रहा है। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा तहसील कार्यालयों में प्रारम्भ किया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने ग्राम्या, ग्राम्य विकास विभाग, आजीविका सहयोग परियोजना तथा जिला उद्योग केन्द्र द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण कर उनके उत्पादों की प्रशंसा की।
बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देवी, विधायक चन्दन राम दास, व बलवन्त सिंह भौर्याल, भाजपा जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट, सहित जनपदस्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले, प्रातः मुख्यमंत्री ने बागनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Dobhal) नवरात्री के अवसर पर शनिवार को पत्नी अनु डोभाल के साथ उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल स्थित अपने पैतृक गांव घीड़ी पहुंचे। गांव में उन्होंने अपनी कुल देवी मां बाल कुंवारी की पूजा-अर्चना की और गांव के लोगों के हालचाल पूछे।

डोभाल रविवार की शाम मंडल मुख्यालय पौड़ी पहुंचे थे। सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह वे गांव गए। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका भव्य स्वागत किया। गांव में सबसे पहले उन्होंने काफी देर तक अपनी कुल देवी मां बाल कुंवारी के मंदिर में पूजा-अर्चना की।

पूजा-अर्चना के बाद डोभाल अपने अलग अंदाज में गांव के लोगों से मिले और उनकी कुशल-क्षेम पूछी। अपनी मातृभाषा गढ़वाली में बातचीत की। सभी को दीपावली की शुभकामनाएं दी। साथ ही गांव वालों को दीपावली की मिठाई व उपहार भी बांटे। बाद में वे दिल्ली के लिए वापस रवाना हो गए।

इससे पहले रविवार को पौड़ी जाते समय डोभाल प्रसिद्ध सिद्धपीठ ज्वाल्पा देवी के मंदिर में भी कुछ देर के लिए रुके थे। वहां उन्होंने पूजा की। इस अवसर पर स्थानीय पुजारियों के अलावा प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री पं.राजेंद्र अंथवाल आदि ने उनका स्वागत किया।

पौड़ी में सर्किट हाउस में गढ़वाल सांसद तीरथ सिंह रावत, विधायक मुकेश कोली आदि ने डोभाल का स्वागत किया और उनसे भेंट की। डोभाल का यह पूरी तरह से निजी भ्रमण था। वे सड़क मार्ग से ही दिल्ली से आये थे। लिहाजा, उनके दौरे को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए थे।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर से भेंट की और राज्य से संबंधित विभिन्न मामलों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से कैंपा योजना के तहत राज्य द्वारा भेजे गए 262 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को स्वीकृति देने का अनुरोध किया।
जावड़ेकर से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के कारण लाखों की संख्या में उत्तराखण्ड के लोग वापस अपने राज्य में आए हैं। राज्य सरकार ने इनके रोजगार के लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना सहित अनेक कदम उठाए हैं। कैंपा के तहत भी 10 हजार लागों को रोजगार देने के लिए योजना बनाई गई है। राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कैम्पा के तहत 2020-21 के लिए 262 करोड़ 49 लाख रूपए की अतिरिक्त धनराशि का प्रस्ताव भारत सरकार के वन मंत्रालय को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से इस प्रस्ताव की स्वीकृति का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में जंगली जानवरों द्वारा विशेष तौर पर बंदर, सूअर और मैदानी क्षेत्रों में नील गाय खेती को नुकसान पहुंचाते हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में लोगों पर लेपर्ड द्वारा हमले की घटनाओं और जंगली जानवरों द्वारा खेती को नुकसान पहुंचाने से रोकने के लिए वन्यजीव रेस्क्यू सेंटर स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्य जीव रेस्क्यू सेंटर को वानिकी गतिविधियों के रूप में परिभाषित किया जाना चाहिए। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मुख्यमंत्री के अनुरोध पर अपनी सैद्धांतिक स्वीकृति दी।
गुरूवार को देश के चर्चित व ताकतवर व्यक्तित्वों में शुमार किए जाने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) का जन्मदिन था। स्वाभाविक है कि उनको जन्मदिन की बधाई देने में कोई पीछे नहीं रहना चाहता था। अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं देने वालों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्र सरकार के मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री समेत खेल व फिल्म जगत की जानीमानी हस्तियां शामिल रहीं। जन्मदिन के कारण अमित शाह ट्वीटर पर ट्रेंड करते रहे। समर्थक अमित शाह को ‘आधुनिक भारत का चाणक्य’ से लेकर Iron man of New India (नए भारत का लोह पुरुष) आदि जैसी तमाम उपमाओं से नवाज रहे थे। बड़ी संख्या में समर्थकों ने धारा-370 को हटाने को लेकर उनकी चर्चा की और उन्हें दृढ़ निश्चयी राजनेता बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा पूरा राष्ट्र देख रहा समपर्ण व उत्कृष्ट योगदान को
अमित शाह को जन्मदिन की बधाई देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा – ‘श्री अमित शाह जी को जन्मदिन की बधाई। हमारा राष्ट्र उस समर्पण और उत्कृष्टता को देख रहा है जिसके साथ आप भारत की प्रगति में योगदान दे रहे हैं। भाजपा को मजबूत बनाने के आपके प्रयास भी उल्लेखनीय हैं। ईश्वर आपको लंबे समय तक देश की सेवा करने और स्वस्थ जीवन का आशीर्वाद दे।’
शाह को बधाई देने वाली प्रमुख हस्तियों में ये रहे शामिल
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद, नितिन गडकरी, पीयूष गोयल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार, ज्योतिरादित्य सिंधिया, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला, अभिनेता अनुपम खेर, कंगना रनौत, रितेश देशमुख, क्रिकेटर सुरेश रैना, बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल, संगीतकार अमजद अली खान आदि ने ट्वीट कर अमित शाह को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी हैं।
बूथ के पोलिंग एजेंट से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
‘चाणक्य’ के रुप में चर्चित अमित शाह लीक से हटकर चलने में विश्वास रखते हैं। बायो कैमेस्ट्री में स्नातक शाह छात्र जीवन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संपर्क में आए। भाजपा में उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत अहमदाबाद में एक बूथ के पोलिंग एजेंट के रूप में हुई।
एक भी चुनाव नहीं हारे
मात्र 31 वर्ष की आयु में वे गुजरात की सरखेज विधानसभा क्षेत्र विधायक चुने गए। राजनीति में ऐसा दुर्लभ होता है कि कोई व्यक्ति एक क्षेत्र से लगातार चार-पांच बार विजयी हो और हर बार जीत का अंतर व मत प्रतिशत बढ़ता जाए। शाह ने यह रिकॉर्ड कायम किया है। सरखेज विधानसभा से चार बार चुनाव जीतने वाले शाह अपना पिछला रिकार्ड तोड़ते गए।
सोहराबुद्दीन व इशरत जहॉ मुठभेड़ मामले में फंसे
गुजरात में शाह की सबसे बड़ी राजनीतिक उपलब्धि सहकारी आंदोलन में कॉग्रेसी किले को ध्वस्त करना रहा है। राजनीतिक क्षितिज पर धुमकेतु की तरह उभरे शाह के कॅरियर पर कांग्रेस ने सोहराबुद्दीन व इशरत जहॉ मुठभेड़ मामलों को लेकर ग्रहण लगाने का षडयंत्र रचा। मगर झूठ के पॉव नहीं होते, वो जल्दी लड़खड़ा जाता है। कोर्ट ने उन्हें ससम्मान बरी किया।
2014 के लोकसभा चुनाव में देश ने जाना शाह का करिश्माई व्यक्तित्व
राष्ट्रीय राजनीति में उनके करिश्माई व्यक्तित्व से लोग 2014 के लोकसभा चुनावों में रुबरू हुए, जब पार्टी ने उत्तर प्रदेश नें 80 में से 73 लोकसभा सीटों पर विजय प्राप्त की। वो लगातार अपनी सांगठनिक व प्रबंधकीय क्षमता का लोहा मनवाते रहे। जुलाई 2014 में पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्होंने संगठन में कई नए प्रयोग किए।
गृह मंत्री के रूप में दिखाए मजबूत इरादे
2019 के लोकसभा चुनाव में अमित शाह ने गुजरात की गांधीनगर सीट से चुनाव लड़ा और मोदी सरकार में गृह मंत्री नियुक्त हुए। गृह मंत्री के रूप में भी अमित शाह ने ऐतिहासिक पारी खेली। जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने का मामला रहा हो या नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) अमित शाह ने हर मुद्दे पर अपने मजबूत इरादों की छाप छोड़ी है।
देश में कोरोना के सक्रिय मामलों में लगातार आ रही गिरावट का रुख बिना रूके जारी है। पिछले तीन दिनों में सक्रिय मामले कुल मामलों के 10 प्रतिशत से भी कम पर कायम हैं। इससे पता चलता है कि देश भर में कोविड-19 रोगियों के 10 मामलों में से सिर्फ एक ही सक्रिय मामला है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक अधिकृत विज्ञप्ति में यह जानकारी दी है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, वर्तमान में देश के कुल पॉजिटिव मामलों में से सिर्फ 9.29 प्रतिशत मामले सक्रिय हैं जो कि 7,15,812 हैं।

देश ने एक अन्य मील का पत्थर हासिल किया है। पिछले तीन दिनों में पॉजिटिव मामलों की दर 5 प्रतिशत से लगातार नीचे बनी हुई है। इससे यह पता चलता है कि केन्द्र तथा राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों की केन्द्रित रणनीति और कार्रवाई के चलते संक्रमण के प्रसार पर प्रभावी लगाम लगाने में मदद मिली है। प्रतिदिन पॉजिटिव मामलों की संख्या 3.8 प्रतिशत पर आ गई है।

प्रतिदिन पॉजिटिव मामलों की दर में आ रही गिरावट को सक्रिय मामलों में आ रही गिरावट से भी मापा जा सकता है जो कि 7.5 लाख (7,15,812) से नीचे बनी हुई है।
ठीक हुए रोगियों के कुल मामले 69 लाख के आसपास (68,74,518) हैं। सक्रिय मामलों और ठीक हुए मामलों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है और यह आज 61,58,706 पर आ गया है।
पिछले 24 घंटों में 79,415 रोगी ठीक हुए हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि 55,839 नए पुष्ट मामले सामने आए हैं। राष्ट्रीय रिकवरी रेट (ठीक हुए मामले) बढ़कर 89.20 प्रतिशत हो गया है।

ठीक हुए रोगियों के 81 प्रतिशत नए मामले 10 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में हैं। महाराष्ट्र में एक दिन में 23,000 से ज्यादा रोगी ठीक हुए हैं।

पिछले 24 घंटों में कुल नए पुष्ट मामले 55,839 सामने आए हैं। इनमें से 78 प्रतिशत 10 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में हैं। महाराष्ट्र और केरल अभी भी बड़ी संख्या में नए मामले दर्ज कर रहे हैं जो कि प्रत्येक में 8,000 से ज्यादा है। इसके बाद, कर्नाटक ने 5,000 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं।

पिछले 24 घंटों में 702 मामलों में मरीजों की मौत हुई है। इनमें से करीब 82 प्रतिशत इन 10 राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों में हैं। महाराष्ट्र से 25 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में रोगी की मौत दर्ज की गईं हैं (180 मौतें)।
अब पटोला सिल्क, बनारसी सिल्क, सूती, डेनिम आदि की दस्तकारी किए हुए कपड़े आपके पांवों की शोभा भी बढ़ाएंगे। खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (Khadi & Village Industries Commission, KVIC) ने खादी के अनूठे फुटवियर तैयार कर इनकी ऑनलाइन बिक्री शुरु कर दी है। ये फुटवियर महिलाओं के लिए 15 डिज़ाइनों और पुरुषों के लिए 10 डिज़ाइनों में लांच किए गए हैं। फुटवियरों को अनूठा एवं फैशनेबल बनाने के लिए गुजरात के पटोला सिल्क, बनारसी सिल्क, बिहार के मधुबनी प्रिंटेड सिल्क, खादी डेनिम, तसर सिल्क, मटका-कटिया सिल्क, विभिन्न प्रकार के सूती कपड़े, ट्वीड ऊन और खादी के पॉली वस्त्र जैसे उत्तम खादी उत्पादों का उपयोग किया गया है। डिजाइन, रंग और प्रिंट की एक विस्तृत श्रृंखला में उपलब्ध, इन फुटवियरों की कीमत 1100 रुपये से लेकर 3300 रुपये प्रति जोड़ी है।
केन्द्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से KVIC द्वारा डिज़ाइन किए गए और खादी के कपड़े से बने भारत के पहले उच्च गुणवत्ता वाले फुटवियर का शुभारंभ किया। गडकरी ने KVIC के ई-पोर्टल www.khadiindia.gov.in के माध्यम से खादी के इन फुटवियरों की ऑनलाइन बिक्री की भी शुरूआत की।
इस अवसर पर गडकरी ने खादी के कपड़े से बने फुटवियरों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के अनूठे उत्पादों में अंतरराष्ट्रीय बाजार पर कब्जा करने की अपार क्षमता है। उन्होंने यह भी कहा कि खादी कपड़े के फुटवियर हमारे कारीगरों के लिए अतिरिक्त रोजगार और अपेक्षाकृत उच्च आय पैदा करेंगे। उन्होंने केवीआईसी से महिलाओं के हैंडबैग, पर्स, बटुआ जैसे चमड़े के उत्पादों के विकल्प के रुप में दस्तकारी किए हुए खादी के कपड़ों में करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि ऐसे उत्पादों का विकास और विदेशों में विपणन करके खादी इंडिया 5000 करोड़ रुपये के बाजार पर कब्जा कर सकता है।
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्यमंत्री प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा कि खादी के कपड़े के फुटवियर न केवल पर्यावरण और त्वचा के अनुकूल हैं, बल्कि ये खादी के उन कारीगरों की कड़ी मेहनत को दर्शाते हैं जिन्हें इन फुटवियरों के लिए कपड़े बनाने के लिए रखा गया है। उन्होंने कहा, “मैं वैश्विक अभिरुचि के अनुरूप खादी के कपड़े के फुटवियर विकसित करने के लिए KVIC को बधाई देता हूं। मुझे यकीन है कि फुटवियर उद्योग में एक बड़ी हिस्सेदारी हासिल करके खादी के कपड़े के फुटवियर देश की अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में मदद करेंगे।”
KVIC के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप नए क्षेत्रों में कदम रखना, नए बाजारों का उपयोग करना और उत्पाद श्रृंखला में विविधता लाना, पिछले छह वर्षों में खादी की शानदार सफलता का मंत्र रहा है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपभोक्ताओं का एक बड़ा वर्ग तेजी से शाकाहारी हो रहा है और इसलिए, खादी इस वर्ग का पसंदीदा विकल्प बन जाएगा। उन्होंने कहा कि भारतीय फुटवियर उद्योग का आकार लगभग 50,000 करोड़ रुपये का है, जिसमें लगभग 18,000 करोड़ रुपये का निर्यात शामिल है। KVIC प्रारंभिक लक्ष्य इस उद्योग के कम से कम 2 प्रतिशत भाग पर कब्जा करना है, जोकि अनुमानित रूप से लगभग 1000 करोड़ रुपये के बराबर है।
