आज कपकोट पहुंचेगा शहीद जवान का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
देहरादून। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान उत्तराखंड के कपकोट निवासी एक जवान ने देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया। शहादत की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। शहीद जवान का पार्थिव शरीर आज उनके पैतृक क्षेत्र कपकोट लाया जाएगा।
कपकोट के बीथी गांव निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया (43) टू-पैरा कमांडो में तैनात थे। रविवार को वह किश्तवाड़ के छात्रू क्षेत्र अंतर्गत सुदूर सिंहपोरा में चल रहे संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन त्राशी’ का हिस्सा थे। सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया, जिसमें हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया वीरगति को प्राप्त हो गए।
शहीद जवान अपने पीछे पिता धन सिंह गढ़िया, माता चंद्रा देवी, पत्नी लीला गढ़िया, दो पुत्र राहुल और धीरज तथा छोटे भाई किशोर गढ़िया को छोड़ गए हैं। परिवार और गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर हेलीकॉप्टर के माध्यम से मंगलवार को केदारेश्वर मैदान लाया जाएगा। इसके बाद सरयू-खीरगंगा नदी के संगम पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
शहादत की सूचना मिलते ही पत्नी लीला गढ़िया देहरादून से गांव पहुंचीं। इस दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें हेलीकॉप्टर से गरुड़ के मेलाडुंगरी हेलीपैड लाया गया, जहां से व्हीलचेयर की मदद से उन्हें वाहन तक पहुंचाया गया। जवान के बलिदान की खबर मिलते ही घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया।
हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के विद्यालय से प्राप्त की थी। उन्होंने राजकीय इंटर कॉलेज कपकोट से इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की और स्नातक प्रथम वर्ष के दौरान वर्ष 2004 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। देश सेवा के प्रति उनका समर्पण और साहस हमेशा याद किया जाएगा।
सीएम धामी ने जताया शोक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सैन्यभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत और बागेश्वर जनपद निवासी हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। हवलदार गढ़िया जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में वीरगति को प्राप्त हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद हवलदार गजेन्द्र सिंह गढ़िया ने मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिस पर पूरे प्रदेश को गर्व है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोक संतप्त परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
सीएम धामी ने शहीद के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
नशे में मारपीट और धमकियों से परेशान मां की गुहार पर जिला प्रशासन सख्त
देहरादून। बंजारावाला क्षेत्र में बेटों द्वारा प्रताड़ित एक लाचार विधवा मां के लिए जिला प्रशासन ढाल बनकर सामने आया। नशे में धुत बेटों की मारपीट, पैसों की मांग और जान से मारने की धमकियों से भयभीत विजय लक्ष्मी पंवार ने हिम्मत जुटाकर प्रशासन से शिकायत की, जिस पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की गई।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने मामले की गोपनीय जांच कराई। पड़ोसियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बयानों से विधवा मां के आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन ने गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दोनों बेटों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
कानूनी कार्रवाई के बाद बेटों को पहली बार अपनी मां के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्यों का अहसास हुआ। न्यायालय में दोनों बेटों ने मां से माफी मांगते हुए नशा छोड़ने और किसी भी प्रकार की हिंसा न करने का शपथ पत्र प्रस्तुत किया। जिला प्रशासन की चेतावनी और कानून के डर से उनके व्यवहार में सुधार देखने को मिला, जिसके आधार पर न्यायालय ने आगे की कार्रवाई समाप्त कर दी।
इस मामले पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट कहा कि महिलाओं, विधवाओं और निर्बल वर्ग के उत्पीड़न पर जिला प्रशासन की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अनियोजित विकास एवं अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सख्त कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई प्राधिकरण के सक्षम प्राधिकारियों के निर्देशों के क्रम में, पूर्णतः वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए संपन्न कराई गई। जांच में पाया गया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, बिना भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) तथा बिना प्राधिकरण की अनुमति के कृषि एवं अन्य श्रेणी की भूमि पर अवैध रूप से प्लॉटिंग कर भू-खण्डों की बिक्री की जा रही थी।
प्राधिकरण द्वारा ऐसे मामलों का संज्ञान लेते हुए पूर्व में संबंधित स्थलों का निरीक्षण किया गया तथा नियमानुसार संबंधित व्यक्तियों को नोटिस जारी किए गए। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक उत्तर प्राप्त न होने पर नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, ताकि अनधिकृत कॉलोनियों के विकास पर प्रभावी रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
घमंडपुर, रानीपोखरी क्षेत्र में कार्रवाई
प्राधिकरण की टीम द्वारा घमंडपुर, रानीपोखरी, देहरादून क्षेत्र में दिनेश सजवाण, अवतार सिंह एवं राजेन्द्र सिंह कैंतुरा द्वारा लगभग 15 से 20 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बिना किसी वैधानिक अनुमति के आंतरिक सड़कों का निर्माण, भू-खण्डों का सीमांकन तथा कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित सड़कों, पिलरों, सीमांकन एवं अन्य अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त किया गया।
थानों क्षेत्र में कार्रवाई
इसी क्रम में थानों, देहरादून क्षेत्र में सोनिका नेगी एवं विशाल द्वारा लगभग 07 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर भी ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। जांच में यह तथ्य सामने आया कि बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के प्लॉट काटे जा रहे थे तथा आम जनता को भू-खण्डों की बिक्री की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी। प्राधिकरण द्वारा मौके पर मौजूद सभी अवैध ढांचों एवं प्लॉटिंग से संबंधित निर्माण को ध्वस्त किया गया। उक्त कार्रवाई सहायक अभियंता प्रमोद मेहरा, अवर अभियंता स्वाति, संबंधित सुपरवाइजर तथा पर्याप्त पुलिस बल की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग एवं अनधिकृत कॉलोनियों का विकास किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत ले-आउट, भूमि उपयोग परिवर्तन एवं प्राधिकरण की अनुमति के की जा रही प्लॉटिंग न केवल नियोजन नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के हितों के साथ भी गंभीर खिलवाड़ है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण समय-समय पर जनता से अपील करता रहा है कि किसी भी भू-खण्ड या संपत्ति को खरीदने से पूर्व उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। नियमों की अनदेखी कर अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण के साथ-साथ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। अनियोजित विकास के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
प्राधिकरण के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि आज की गई कार्रवाई पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। संबंधित स्थलों पर पूर्व में निरीक्षण कर नोटिस जारी किए गए थे, इसके उपरांत नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अवैध प्लॉटिंग के मामलों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाएगी। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण आम नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी भूमि अथवा भू-खण्ड में निवेश करने से पूर्व प्राधिकरण से उसकी वैधता की पुष्टि अवश्य करें। प्राधिकरण द्वारा अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में सुनियोजित, सुरक्षित एवं सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
बहुदेशीय शिविरों से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान सरकार की प्राथमिकता- रमेश सिंह गड़िया
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिकता- सीडीओ
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत विकासखंड कोट की न्याय पंचायत पोखरी स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मसाणगांव में एक बहुउद्देश्यीय शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर के दौरान कुल 82 शिकायतें दर्ज की गयीं, जिनमें से 49 का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 220 लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया।
शिविर में राज्यमंत्री/उपाध्यक्ष, राज्य स्तरीय जलागम परिषद रमेश सिंह गड़िया ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से आमजन की शिकायतों एवं समस्याओं का समाधान न्याय पंचायत स्तर पर ही सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय जनता से अपील की कि ऐसे बहुदेशीय शिविरों के माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। उन्होंने बताया कि जो व्यक्ति अपनी माटी पर खेती- किसानी कर रहे हैं, उनके लिए सरकार के पास अनेक योजनाएं उपलब्ध हैं। साथ ही कहा कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ पूर्ण पारदर्शिता एवं समयबद्धता के साथ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा, इसमें विभागीय स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।
शिविर की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने की। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित प्रकरणों पर जानकारी देते हुए बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसमें 12 हजार से अधिक लाभार्थियों को चिन्हित किया गया है। केंद्र सरकार से स्वीकृति प्राप्त होते ही अग्रिम कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से संबंधित शिकायतों पर मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षेत्र की सभी सड़कों का सर्वे कर डामरीकरण एवं सुधारीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। वहीं रखूण गांव सहित अन्य क्षेत्रों में झूलती विद्युत तारों की शिकायतों पर विद्युत विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। घेरबाड़ से संबंधित शिकायतों पर निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि जहां धरातल पर खेती-किसानी की जा रही है, ऐसे स्थलों को चिन्हित कर घेरबाड़ योजना का लाभ दिया जाए। ग्राम प्रधान सुधीर सिंह बिष्ट द्वारा कोटसाड़ा में ग्राम पंचायत भवन की रजिस्ट्री लंबित होने का मामला उठाए जाने पर सीडीओ ने प्राथमिकता से कार्यवाही के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, पलोटा में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने हेतु बीडीओ को तथा झांझड में जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति सुचारू करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
शिविर में ग्राम कोट की ज्योति देवी के शिशु का अन्नप्राशन, कोटसाड़ा की मनीषा देवी की गोदभराई कर पोषण आहार वितरित किया गया, जबकि फलस्वाड़ी की मीनाक्षी भट्ट को महालक्ष्मी किट प्रदान की गयी।
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य कठूड़ आराधना देवी, कनिष्ठ प्रमुख अनिल गुसाईं, ग्राम प्रधान कोटसाड़ा सुधीर बिष्ट, नोडल अधिकारी/जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डॉ. अल्का पांडे, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, खंड विकास अधिकारी शिव सिंह भंडारी, एसडीओ वन विभाग आयशा बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह डुबरिया, अधिशासी अभियंता लोनिवि विवेक सेमवाल, जल निगम नवनीत कटारिया, सिंचाई सचिन शर्मा सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
आने वाले वैलेंटाइन सीज़न से पहले फिल्म ‘दो दीवाने सहर में’ का रोमांटिक टीज़र दर्शकों के बीच रिलीज कर दिया गया है। टीज़र में सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर की केमिस्ट्री पहली झलक में ही ध्यान खींचती है। संजय लीला भंसाली के भंसाली प्रोडक्शंस और जी स्टूडियोज के बैनर तले बनी यह फिल्म प्यार के मौसम में एक भावनात्मक प्रेम कहानी पेश करने का वादा करती नजर आ रही है।
टीज़र में प्यार के साथ दर्द की झलक
फिल्म का निर्देशन ‘मॉम’ जैसी संवेदनशील फिल्म बना चुके रवि उदयावर ने किया है। टीज़र की शुरुआत फिल्म ‘घरौंदा’ के मशहूर गीत ‘दो दीवाने शहर में’ की धुन के साथ होती है, जो इसे एक अलग पहचान देती है। शुरुआती पलों में सिद्धांत और मृणाल के बीच नर्म, खूबसूरत रोमांस दिखाया गया है, लेकिन जैसे-जैसे टीज़र आगे बढ़ता है, कहानी में टूटन और जुदाई का दर्द उभरने लगता है। लगभग एक मिनट के इस टीज़र में प्रेम की मिठास और अधूरेपन का भाव दोनों को बखूबी पिरोया गया है।
निर्माताओं ने साझा किया भावनात्मक संदेश
टीज़र जारी करते हुए निर्माताओं ने इसके साथ एक भावनात्मक कैप्शन भी साझा किया। उन्होंने लिखा, “क्योंकि हर ‘इश्क़’ परफेक्ट नहीं होता, लेकिन काफी होता है। इस शहर की एक अधूरी, फिर भी पूरी प्रेम कहानी के साक्षी बनिए।” यह पंक्तियां फिल्म के भावनात्मक मिज़ाज की झलक देती हैं।
कब रिलीज होगी फिल्म
‘दो दीवाने सहर में’ एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसकी कहानी अभिरुचि चंद ने लिखी है और निर्देशन रवि उदयावर ने किया है। फिल्म का निर्माण संजय लीला भंसाली, प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार रंगा ने जी स्टूडियोज, रैनकॉर्प मीडिया और भंसाली प्रोडक्शंस के सहयोग से किया है। यह फिल्म 20 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म की स्टारकास्ट
फिल्म में सिद्धांत चतुर्वेदी और मृणाल ठाकुर मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनके अलावा ईला अरुण, जॉय सेनगुप्ता, आयशा रजा, विराज गेहलानी, संदीपा धर, दीपराज राणा, मोना अम्बेगांवकर, अचिंत कौर और नवीन कौशिक जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
(साभार)
पात्र अभ्यर्थियों की लिस्ट फाइनल, 10 दिन में होगी तैयारियां पूरी
कैबिनेट मंत्री ने की विभागीय योजनाओं की समीक्षा
देहरादून। पहली बार शुरू की गई एकल महिला स्वरोजगार योजना और नंदा गौरा योजना के लाभार्थियों को पैसा फरवरी के पहले सप्ताह में मिल जाएगा। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को सचिवालय में आयोजित बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के बाद यह बात कही।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत अब तक 11 जनपदों के लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार कर ली गई है। इनमें 34852 इंटरमीडिएट पास करने वाली छात्राएं और 6021 जन्म लेने वाली बालिकाएं चिन्हित की गई है। इन सभी को धनराशि वितरित करने के लिए फरवरी प्रथम सप्ताह में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री ने शेष दो जनपदों के लाभार्थियों की सूची भी जल्द से जल्द फाइनल करने के निर्देश दिए।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि एकल महिला स्वरोजगार योजना के तहत अब तक 504 पात्र महिलाओं की सूची फाइनल कर दी गई है इन्हें भी फरवरी पहले सप्ताह में धनराशि वितरित कर दी जाएगी। इस योजना के तहत इनके अतिरिक्त अभी दो जनपदों की कुल 331 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप देने की औपचारिकता बाकी है जिसे जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि आंगनबाड़ी कल्याण कोष के माध्यम से सेवा निवृत होते समय आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 1 अप्रैल से ₹100000 की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। इस राशि को अगले वित्तीय वर्ष में और बढ़ाए जाने की तैयारी की जा रही है।
बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।
वृद्ध महिलाओं की सलाह से बनाएं उनके लिए योजना
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश की वृद्ध महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, चिकित्सीय और भावनात्मक संबल देने के उद्देश्य से एक नई योजना तैयार की जा रही है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस योजना का स्वरूप कैसा होगा यह तय करने के लिए गांव-गांव जाकर वृद्ध महिलाओं का सर्वे किया जाए। जरूरतमंदों की रायशुमारी के बाद ही योजना का अंतिम स्वरूप तैयार किया जाएगा।
चार मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी आरसीबी की नजरें पांचवीं जीत पर
नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) में शानदार लय में चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु आज यानि सोमवार को गुजरात जायंट्स के खिलाफ मैदान में उतरेगी। अब तक अपने चारों मुकाबले जीत चुकी आरसीबी की टीम आत्मविश्वास से लबरेज है और उसका लक्ष्य जीत की इस लय को बरकरार रखना होगा। कप्तान स्मृति मंधाना के नेतृत्व में आरसीबी ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में संतुलित प्रदर्शन किया है, जिससे वह टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल नजर आ रही है।
आरसीबी की ताकत बना संतुलित प्रदर्शन
आरसीबी के लिए सबसे सकारात्मक संकेत कप्तान स्मृति मंधाना की फॉर्म में वापसी है। दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ पिछले मुकाबले में उन्होंने 96 रनों की शानदार नाबाद पारी खेलकर टीम को आसान जीत दिलाई थी। उनके साथ सलामी बल्लेबाज ग्रेस हैरिस ने भी अच्छी शुरुआत दी है, हालांकि बड़े स्कोर की तलाश अभी जारी है। मध्यक्रम में जॉर्जिया वोल ने पिछले मैच में नाबाद 54 रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की।
इसके अलावा ऋचा घोष, नादिन डी क्लर्क, गौतमी नायक और राधा यादव जैसी आक्रामक बल्लेबाज आरसीबी की बल्लेबाजी को और मजबूती देती हैं। गेंदबाजी विभाग में लॉरेन बेल और सायली सतघरे नई गेंद से प्रभावी रही हैं, जबकि स्पिन आक्रमण की जिम्मेदारी श्रेयांका पाटिल, प्रेमा रावत और राधा यादव ने बखूबी निभाई है। गुजरात जायंट्स के खिलाफ पिछली जीत भी आरसीबी के हौसले बढ़ाने वाली है।
गुजरात जायंट्स की निगाहें वापसी पर
दूसरी ओर, गुजरात जायंट्स ने टूर्नामेंट की शुरुआत तो अच्छी की थी, लेकिन लगातार दो हार के बाद टीम को लय दोबारा हासिल करने की चुनौती है। कप्तान एशले गार्डनर के नेतृत्व में टीम के पास बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, कनिका आहूजा और जॉर्जिया वेयरहम जैसी अनुभवी और प्रतिभाशाली बल्लेबाज मौजूद हैं, लेकिन सामूहिक प्रदर्शन की कमी टीम के लिए चिंता का विषय रही है।
गेंदबाजी में रेणुका सिंह ठाकुर से टीम को काफी उम्मीदें हैं, हालांकि वह अभी तक अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाई हैं। ऑलराउंडर सोफी डिवाइन ने बल्ले और गेंद दोनों से योगदान दिया है, लेकिन जीत के लिए अन्य खिलाड़ियों का सहयोग जरूरी होगा।
अब देखना होगा कि मजबूत लय में चल रही आरसीबी अपना दबदबा कायम रख पाती है या गुजरात जायंट्स इस मुकाबले में वापसी कर अंक तालिका में मजबूती हासिल करती है।
दोनों टीमें इस प्रकार है:
गुजरात जाएंट्स: एश्ले गार्डनर (कप्तान), बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, रेणुका सिंह ठाकुर, भारती फुलमाली, टिटास साधु, काशी गौतम, कनिका आहूजा, तनुजा कंवर, जॉर्जिया वेयरहम, अनुष्का शर्मा, हैप्पी कुमारी, किम गार्थ, यास्तिका भाटिया, शिवानी सिंह, डैनी व्याट-हॉज, राजेश्वरी गायकवाड़ और आयुषी सोनी।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष, श्रेयांका पाटिल, जॉर्जिया वोल, नादिन डी क्लर्क, राधा यादव, लॉरेन बेल, लिन्से स्मिथ, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, ग्रेस हैरिस, गौतमी नायक, प्रथ्योषा कुमार, डी. हेमलता और सयाली सतघरे।
मुकाबले से जुडी जानकारी –
समय: 7:30 PM IST (टॉस 7:00 PM)
लाइव टेलीकास्ट: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports) पर लाइव टीकाकास्ट मिलेगा।
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।
धार्मिक अनुष्ठान के साथ घोषित होगी गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि
देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तैयारियां गति पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि परंपरागत धार्मिक विधि-विधान के अनुसार बसंत पंचमी के अवसर पर तय की जाएगी। यह तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राज दरबार में आयोजित विशेष धार्मिक समारोह में घोषित की जाएगी।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि कपाट खुलने की तिथि निर्धारण के साथ ही चारधाम यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। तिथि घोषित होते ही यात्रा की कार्ययोजनाओं को मूर्त रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुचारु और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल सके।
बीकेटीसी के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने जानकारी दी कि नरेंद्र नगर स्थित टिहरी राजमहल में सुबह साढ़े दस बजे से धार्मिक अनुष्ठान प्रारंभ होंगे। इसी समारोह के दौरान बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की विधिवत घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा की तिथि भी निर्धारित की जाएगी।
परंपरा के अनुसार टिहरी राज परिवार के महाराजा मनुजयेंद्र शाह की जन्म कुंडली का अवलोकन किया जाएगा। राजपुरोहित आचार्य कृष्ण प्रसाद उनियाल पंचांग की गणना के पश्चात शुभ मुहूर्त में श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि का निर्णय करेंगे। इस घोषणा के साथ ही चारधाम यात्रा के आधिकारिक शुभारंभ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम पूरा हो जाएगा।
नई ग्रामीण रोजगार योजना पर सियासी घमासान, केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर साधा निशाना
नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी- केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रस्तावित नई ग्रामीण रोजगार योजना को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि विपक्ष ‘VB-G RAM G’ (विकसित भारत–रोजगार आजीविका मिशन) को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह नई पहल ग्रामीण क्षेत्रों में काम के अधिकार को कमजोर नहीं, बल्कि पहले से अधिक सशक्त बनाएगी।
देश की हर पंचायत में लागू होगी योजना
एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि विपक्ष यह गलत धारणा फैला रहा है कि नई योजना के तहत रोजगार सीमित पंचायतों तक ही रहेगा। उन्होंने दो टूक कहा कि ‘VB-G RAM G’ योजना देश की सभी पंचायतों में लागू की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि काम के अधिकार को खत्म किए जाने का दावा पूरी तरह निराधार और भ्रामक है। गौरतलब है कि कांग्रेस ने मनरेगा को समाप्त किए जाने के विरोध में 10 जनवरी से ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत 45 दिन का देशव्यापी अभियान शुरू किया है।
रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी का दावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने कागजों में नहीं, बल्कि धरातल पर काम के अधिकार को मजबूत किया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत अब 100 दिनों के बजाय 125 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, काम न मिलने की स्थिति में 15 दिनों के भीतर बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी किया गया है।
राज्यों पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा
शिवराज सिंह चौहान ने यूपीए और मौजूदा सरकार की तुलना करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने मनरेगा पर लगभग दो लाख करोड़ रुपये खर्च किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने ग्रामीण रोजगार पर करीब नौ लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने बताया कि नई योजना को अगले छह महीनों में लागू किया जाएगा और तब तक मनरेगा जारी रहेगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस योजना से राज्यों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार पहले से अधिक संसाधन उपलब्ध करा रही है, जबकि राज्यों का निवेश ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहायक होगा।
तेज रफ्तार जिंदगी, काम का दबाव और बिगड़ी दिनचर्या आज लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है। खासतौर पर खान-पान की अनियमितता और तनाव के कारण पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं में से एक आम समस्या है अपच, जिसे चिकित्सकीय भाषा में डिस्पेप्सिया कहा जाता है। यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि इस बात का संकेत है कि पाचन तंत्र सही ढंग से काम नहीं कर पा रहा है।
अक्सर लोग स्वाद या समय की कमी के चलते जरूरत से ज्यादा भोजन कर लेते हैं या जल्दबाजी में खाना खा लेते हैं। इसका नतीजा यह होता है कि पेट को भोजन पचाने में दिक्कत आने लगती है। इससे सीने में जलन, पेट फूलना, खट्टी डकारें और ऊपरी पेट में भारीपन जैसी समस्याएं सामने आती हैं। यदि समय रहते ध्यान न दिया जाए, तो यह परेशानी आगे चलकर गैस्ट्राइटिस या अल्सर जैसी गंभीर स्थिति में भी बदल सकती है। अपच न केवल शरीर को असहज बनाती है, बल्कि काम करने की क्षमता और मानसिक शांति को भी प्रभावित करती है।
खान-पान और समय में सुधार जरूरी
पाचन को बेहतर रखने के लिए सबसे जरूरी है भोजन को अच्छी तरह चबाकर खाना। इससे लार में मौजूद एंजाइम्स पाचन की प्रक्रिया को आसान बना देते हैं। इसके साथ ही रात का भोजन सोने से कम से कम तीन घंटे पहले करना चाहिए। देर रात भारी खाना खाने से लेटने पर पेट का एसिड ऊपर की ओर आ सकता है, जिससे सीने में जलन की समस्या बढ़ जाती है।
इन चीजों से रखें परहेज
अत्यधिक मसालेदार, तले-भुने खाद्य पदार्थ और कैफीन युक्त पेय पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ये पेट में एसिड के असंतुलन का कारण बनते हैं। वहीं, कोल्ड ड्रिंक्स और कार्बोनेटेड पेय पेट में गैस बढ़ाते हैं। इनके बजाय छाछ, नारियल पानी और हल्की अदरक वाली चाय जैसे पेय पाचन के लिए अधिक लाभकारी माने जाते हैं।
सक्रिय दिनचर्या से मिलेगा लाभ
पाचन तंत्र का सीधा संबंध मानसिक स्थिति से भी होता है। ज्यादा तनाव लेने से पाचन प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज, पैदल चलना या भोजन के बाद वज्रासन जैसे योगासन करने से पाचन बेहतर होता है। सक्रिय जीवनशैली से रक्त संचार सुधरता है और पाचक अंगों को सुचारु रूप से काम करने में मदद मिलती है।
कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क
हल्की अपच की स्थिति में अजवाइन का पानी, हींग या काला नमक जैसे घरेलू उपाय राहत दे सकते हैं। लेकिन यदि लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, अचानक वजन घटने लगे, मल में खून आए या निगलने में दिक्कत हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। संतुलित आहार और सही दिनचर्या अपनाकर अपच से काफी हद तक बचा जा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और सामान्य स्वास्थ्य जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
