बदलती जीवनशैली और तकनीक पर बढ़ती निर्भरता का असर अब आंखों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग में आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी स्क्रीन देखने, असंतुलित खानपान और शुगर व ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के ठीक से नियंत्रित न होने के कारण आंखों की गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
इन समस्याओं में ग्लूकोमा एक ऐसी बीमारी है, जो चुपचाप आंखों की रोशनी को नुकसान पहुंचाती है। यह रोग धीरे-धीरे आंखों की ऑप्टिक नर्व को प्रभावित करता है और समय रहते पहचान व इलाज न होने पर स्थायी अंधेपन का कारण भी बन सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि ग्लूकोमा दुनिया भर में अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण माना जाता है, लेकिन इसके शुरुआती लक्षण अक्सर नजर नहीं आते, जिस वजह से लोग देर से डॉक्टर तक पहुंचते हैं।
क्या है ग्लूकोमा?
ग्लूकोमा में आंखों के अंदर दबाव बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है। आंखों में मौजूद तरल पदार्थ का सही तरीके से बाहर न निकल पाना इस दबाव को बढ़ा देता है। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ता जाता है। इसके अलावा जिन लोगों को डायबिटीज है, जिनके परिवार में पहले किसी को ग्लूकोमा रहा हो या जिन्हें आंखों में चोट लगी हो, उनमें इसका जोखिम अधिक होता है।
किन लक्षणों पर दें ध्यान
नेत्र रोग विशेषज्ञों के अनुसार ग्लूकोमा की शुरुआत में आमतौर पर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। लेकिन बीमारी बढ़ने पर धीरे-धीरे किनारों से दिखाई देना कम होने लगता है। आंखों में भारीपन, दर्द, सिरदर्द या रोशनी के चारों ओर घेरा नजर आना भी इसके संकेत हो सकते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर समस्या पैदा कर सकता है।
बचाव और सावधानी जरूरी
हालांकि ग्लूकोमा से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन समय पर जांच और उपचार से अंधेपन के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित रूप से आंखों की जांच करानी चाहिए। इसके साथ ही संतुलित आहार, जिसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, विटामिन सी और ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल हों, आंखों की सेहत के लिए फायदेमंद है। शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना भी आंखों की रोशनी बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
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देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उपनल कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारियों ने उनके कैंप कार्यालय में भेंट कर 10 वर्ष की निरंतर सेवा पूर्ण करने वाले उपनल कर्मियों को समान कार्य–समान वेतन का लाभ दिए जाने पर आभार व्यक्त किया। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मिठाई खिलाकर पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी के निरंतर प्रयासों एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के परिणामस्वरूप राज्य सरकार द्वारा कैबिनेट बैठक में उपनल कर्मियों के पक्ष में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कैबिनेट के सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार कर्मचारी हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उनके कल्याण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आगे भी चरणबद्ध तरीके से उपनल कर्मियों को समान पद–समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। अभी जिन उपनल कर्मियों की सेवाएं निरंतर 10 वर्ष पूर्ण कर लेंगे, उन्हें इस निर्णय का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर एमडी उपनल ब्रिगेडियर जेएनएस बिष्ट, उपनल कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विनोद गोदियाल, महामंत्री विनय प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। लोकभवन, उत्तराखंड में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह जी से स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर राज्यपाल ने स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड की नव-निर्वाचित कार्यकारिणी को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
भेंट के दौरान स्टेट प्रेस क्लब की ओर से राज्यपाल को लोकभवन की ओर से ब्रह्म कमल के रूप में स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। राज्यपाल ने पत्रकारिता के क्षेत्र में स्टेट प्रेस क्लब की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकार समाज का एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और उनके कल्याण के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
महामहिम राज्यपाल ने पत्रकारों के हित में एक महत्वपूर्ण सुझाव देते हुए कहा कि स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड को ओपन यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) करना चाहिए, जिससे पत्रकारों को शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास से जुड़े विभिन्न लाभ प्राप्त हो सकें। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से पत्रकारों के पेशेवर विकास के साथ-साथ उनके भविष्य को भी मजबूती मिलेगी।
प्रतिनिधिमंडल में स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड के महामंत्री चंद्रशेखर जोशी, कोषाध्यक्ष ज्ञान प्रकाश पांडे तथा उपाध्यक्ष दीपिका रावत भंडारी उपस्थित रहीं। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को क्लब की गतिविधियों, पत्रकारों के हित में किए जा रहे प्रयासों एवं भविष्य की योजनाओं से भी अवगत कराया।
भेंट सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और राज्यपाल ने भविष्य में भी पत्रकारों के कल्याण से जुड़े सकारात्मक प्रयासों में सहयोग का आश्वासन दिया।
साल 2026 की बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल वॉर ड्रामा ‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर रिलीज कर दिया गया है। सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर इस फिल्म को लेकर दर्शकों में लंबे समय से उत्सुकता बनी हुई थी। रिलीज से ठीक एक सप्ताह पहले सामने आए ट्रेलर ने देशभक्ति, जज्बे और बलिदान की भावना को प्रभावशाली ढंग से पेश किया है।
देशभक्ति के रंग में सनी देओल की दमदार वापसी
ट्रेलर की शुरुआत 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि से होती है, जहां भारतीय सेना दुश्मन के खिलाफ निर्णायक मोर्चा संभालती नजर आती है। सनी देओल एक बार फिर अपने परिचित जोशीले अंदाज में दिखाई देते हैं। तोपों के साए में खड़े उनके चेहरे पर डर नहीं, बल्कि देश के लिए मर-मिटने का जज्बा नजर आता है। उनकी गूंजती आवाज में बोले गए संवाद सैनिकों के हौसले को और ऊंचा करते हैं, जो फिल्म के मूल भाव को मजबूती से स्थापित करते हैं।
थल, जल और वायु—तीनों सेनाओं की एकजुटता
ट्रेलर में वरुण धवन थल सेना के अधिकारी, दिलजीत दोसांझ वायु सेना और अहान शेट्टी नौसेना अधिकारी की भूमिका में नजर आते हैं। तीनों कलाकार अलग-अलग मोर्चों पर तैनात होकर देश की रक्षा करते दिखते हैं। युद्ध के दृश्यों के बीच संवादों और एक्शन के जरिए भारतीय सशस्त्र बलों की एकता और साहस को दर्शाया गया है। हालांकि ट्रेलर का फोकस मुख्य रूप से सनी देओल के किरदार पर बना रहता है।
एक्शन के साथ भावनाओं की गहराई
‘बॉर्डर 2’ का ट्रेलर सिर्फ युद्ध और एक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें फौजियों और उनके परिवारों की भावनात्मक कहानी भी झलकती है। सैनिकों के घर-परिवार, उनके इंतजार और बलिदान की पीड़ा को भी संवेदनशीलता के साथ दिखाया गया है। फीमेल कास्ट में सोनम बाजवा, मोना सिंह और मेधा राणा की झलक ट्रेलर में नजर आती है।
23 जनवरी को होगी सिनेमाघरों में रिलीज
अनुराग सिंह के निर्देशन और जेपी दत्ता के निर्माण में बनी ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म साल 2026 की पहली बड़ी रिलीज मानी जा रही है और ट्रेलर के बाद दर्शकों की उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं।
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राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस पर सीएम धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राष्ट्रीय स्टार्टअप दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता की भावना नवाचार, रोजगार सृजन और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत आधारशिला है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भारत सरकार द्वारा शुरू की गई ‘स्टार्टअप इंडिया’ पहल के कारण आज भारत विश्व के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। इस पहल ने युवाओं को नवाचार के लिए प्रेरित किया है और उन्हें अपने विचारों को साकार करने का अवसर प्रदान किया है।
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रही है। वर्तमान में राज्य में 200 से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नवोन्मेषी विचारों और युवाओं की ऊर्जा से उत्तराखंड का भविष्य और अधिक उज्ज्वल होगा।
बड़ी स्क्रीन, दमदार साउंड और आरामदायक सीटिंग, आईएसबीटी मल्टीप्लैक्स में आधुनिक सुविधाओं की भरमार
देहरादून- देहरादून शहर के पश्चिमी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों के लिए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने एक बड़ी और बहुप्रतीक्षित सौगात दी है। आईएसबीटी परियोजना के अंतर्गत विकसित मॉल में अत्याधुनिक मल्टीप्लैक्स का विधिवत संचालन शुरू कर दिया गया है। माइक्रोमल्टीप्लेक्स कंपनी का चयन टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से किया गया है और अब यहां बॉलीवुड व हॉलीवुड फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इस मल्टीप्लैक्स के शुरू होने से सुभाष नगर, ग्राफिक एरा–क्लेमेंट टाउन, मेहुवाला, माजरा, कारगी, बंजारावाला सहित आसपास के क्षेत्रों के मनोरंजन प्रेमियों को अब अपने घर के नजदीक ही आधुनिक सिनेमा अनुभव उपलब्ध हो सकेगा। एमडीडीए की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत विकसित आईएसबीटी मॉल का उद्देश्य केवल व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि क्षेत्रीय नागरिकों को समग्र सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराना है। इसी सोच के अनुरूप मॉल में मल्टीप्लैक्स की शुरुआत की गई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले लोगों को शहर के अन्य हिस्सों में स्थित मल्टीप्लैक्स तक जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और उनका समय व संसाधन दोनों बचेंगे।
आईएसबीटी मल्टीप्लैक्स की सबसे बड़ी विशेषता इसकी बड़ी स्क्रीन, अत्याधुनिक साउंड सिस्टम और आरामदायक बैठने की व्यवस्था है। यहां दर्शकों को बेहतर विजुअल क्वालिटी और शानदार ऑडियो अनुभव प्रदान किया जा रहा है, जो इसे शहर के अन्य मल्टीप्लैक्सों से अलग और बेहतर बनाता है। इसके साथ ही मल्टीप्लैक्स परिसर में खुली और सुव्यवस्थित पार्किंग सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे वाहन पार्किंग को लेकर लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस मल्टीप्लैक्स में कुल तीन आधुनिक स्क्रीन स्थापित की गई हैं, जिनमें एक ही समय पर तीन अलग-अलग फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है। इससे दर्शकों को अपनी पसंद के अनुसार फिल्मों का चयन करने की सुविधा मिल रही है। नई फिल्मों के साथ-साथ परिवार, युवाओं और बच्चों के लिए उपयुक्त मनोरंजन विकल्प भी यहां उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एमडीडीए के अनुसार, आईएसबीटी मॉल को एक मल्टी-यूटिलिटी हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। मल्टीप्लैक्स की शुरुआत इस दिशा में एक अहम कदम है। आने वाले समय में मॉल के भीतर शॉपिंग, फूड कोर्ट, दैनिक जरूरतों से जुड़ी दुकानें और अन्य नागरिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि स्थानीय लोगों को अपने घर के नजदीक ही सभी आवश्यक सेवाएं प्राप्त हो सकें। स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने मल्टीप्लैक्स के शुभारंभ का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। उनका कहना है कि अब उन्हें मनोरंजन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी और परिवार के साथ सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण में समय बिताने का अवसर मिलेगा। इससे क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नया प्रोत्साहन मिलेगा। एमडीडीए का मानना है कि इस परियोजना से न केवल नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और आसपास के इलाकों के विकास को गति मिलेगी। आईएसबीटी क्षेत्र को एक व्यवस्थित, सुविकसित और नागरिक–अनुकूल केंद्र के रूप में स्थापित करना प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने मल्टीप्लैक्स के शुभारंभ पर कहा कि आईएसबीटी परियोजना प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी योजना है, जिसका उद्देश्य देहरादून शहर के इस क्षेत्र को आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक सुव्यवस्थित केंद्र के रूप में विकसित करना है। उन्होंने कहा कि मल्टीप्लैक्स की शुरुआत से सुभाष नगर, क्लेमेंट टाउन, मेहुवाला, माजरा, कारगी और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों को अपने घर के नजदीक ही उच्च स्तरीय मनोरंजन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि मल्टीप्लैक्स को अत्याधुनिक तकनीक, बेहतर साउंड सिस्टम और बड़ी स्क्रीन के साथ विकसित किया गया है, ताकि दर्शकों को श्रेष्ठ सिनेमा अनुभव मिल सके। उन्होंने कहा कि मॉल में अन्य सुविधाओं के विकास का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है और आने वाले समय में यहां शॉपिंग, खानपान और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एमडीडीए का प्रयास है कि आमजन को एक ही परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं मिलें और आईएसबीटी क्षेत्र एक आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित हो।
सुगंधित फसलों से बढ़ेगी किसानों की आय, मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र को मजबूत करने के निर्देश
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने जनपद देहरादून के सेलाकुई में स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र का भ्रमण किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हाई वैल्यू फसलों के उत्पादन और प्रसंस्करण से प्रदेश के किसानों की आर्थिकी में बेहतर सुधार हो सकता है। उन्होंने सगन्ध पौधा केन्द्र द्वारा प्रदेश के किसानों को डूर स्टेप सहायता उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए सगन्ध पौधा केन्द्र को और मजबूत किए जाने पर जोर दिया, ताकि सगन्ध पौधा केन्द्र प्रदेशभर में अपनी गतिविधियों को बढ़ा सके।
मुख्य सचिव ने सभी जनपदों में उनकी जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप एरोमैटिक फसलों का चयन कर प्रदेश के अधिक से अधिक किसानों को इसमें जोड़े जाने की बात कही। उन्होंने कहा कि किसानों को सगन्ध फसलों के उत्पादन में अपेक्षित सहयोग उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्होंने 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में तैयार किए जा रहे सैटेलाईट सेंटर्स को भी शीघ्र शुरू किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने परफ्यूमरी एंड ऐरोमैटिक सेक्टर में उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अंतर्गत डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेशन कार्यक्रम संचालित किए जाने के भी निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने अपने पूर्व में दिए निर्देशों को दोहराते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को जनपदों में भ्रमण कर समीक्षा कर फीडबैक लेने के लिए लगातार दौरे करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि अन्य विभागों द्वारा संचालित फल एवं सब्जियों से जुड़े आजीविका की योजनाओं को भी इसमें शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक किसान इस सगन्ध पौध उत्पादन और प्रसंस्करण कार्य से जुड़ें इसके लिए सभी जनपदों में प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक कार्ययोजना जनवरी माह तक पूर्ण किए जाने की बात दोहराते हुए कहा कि निर्धारित अवधि में कार्य पूर्ण हो सकें इसके लिए जनपदों के लिए भी लक्ष्य निर्धारित किए जाएं।
इस अवसर पर निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि सगन्ध पौधा केन्द्र को खुशबूदार फसलों के वाणिज्यीकरण के लिए एक सफल मॉडल के रूप में विकसित किया है, जो एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं उपलब्ध कराता है। उन्होंने कहा कि यह एक बिज़नेस इनक्यूबेटर के तौर पर काम करता है, जो किसानों, उद्यमियों और एसेंशियल ऑयल इंडस्ट्री को सपोर्ट देता है, जिसमें खेती, प्रोसेसिंग और डिस्टिलेशन, मार्केटिंग, क्वालिटी एनालिसिस और स्टैंडर्डाइजेशन ट्रेनिंग और खुशबू वाले सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए दूसरी प्रमोशनल स्कीम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 5 नाली तक के किसानों को मुफ्त रोपण सामग्री उपलब्ध करायी जा रही है, जबकि 9 एरोमैटिक फसलों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है।
निदेशक डॉ. चौहान ने बताया कि डिस्टिलेशन यूनिट और ड्रायर के लिए पर्वतीय जनपदों में 75 प्रतिशत तक सब्सिडी और मैदानी जनपदों में 50 प्रतिशत तक सब्सिडी (अधिकतम 10 लाख) उपलब्ध करायी जा रही है। किसानों की सहायता के लिए 27 एसेंशियल ऑयल और एरोमैटिक उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के विकासखंड ताकुला के अंतर्गत मनान से चंद्रपुर तक मोटर मार्ग के 2 किलोमीटर सड़क के नवनिर्माण कार्य का आज भूमिपूजन किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने स्वयं जेसीबी चलाकर शिलान्यास किया। इस कार्य की स्वीकृत लागत 53.04 लाख रुपये है।
इस अवसर पर क्षेत्रीय लोगों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार उत्तराखंड के विकास के प्रति पूर्ण प्रतिबद्ध है। सोमेश्वर क्षेत्र में इसका जीवंत प्रमाण देखने को मिल रहा है।
उन्होंने क्षेत्रवासियों से अपील की कि विकास कार्यों की कोई भी मांग हो, तो सबसे पहले उनसे संपर्क करें। ऐसी मांगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि विपक्षी पार्टी कांग्रेस विकास कार्यों को अटकाने और भटकाने की राजनीति करती है जबकि भाजपा का एक ही लक्ष्य है तीव्र विकास। प्रदेश की भाजपा सरकार इसी लक्ष्य को लेकर चल रही है।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, गणेश जलाल, लाल सिंह बजेठा, मनोज कुमार, दिनेश चंद्र पांडे, संजय कुमार, भूपाल मेहरा, राजेंद्र कैड़ा, राहुल खोलिया, शंकर बिष्ट, दीवान राम, पंकज बजेली, प्रकाश बिष्ट, रामचंद्र भट्ट, प्रकाश चंद्र, नवीन चंद्र भट्ट, चंद्रशेखर भट्ट, शंकर मेहरा, भरत भाकुनी, विनोद मेहरा, हिमांशु कोहली, कमल, देवेंद्र कुमार, नरेंद्र नेगी आदि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
परेड ग्राउंड में होगा मुख्य समारोह, राज्यपाल करेंगे ध्वजारोहण
देहरादून। जिले में गणतंत्र दिवस समारोह को भव्य, गरिमामय और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिले के सभी शासकीय कार्यालयों में प्रातः 9:30 बजे ध्वजारोहण किया जाएगा। मुख्य समारोह परेड ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां राज्यपाल द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा।
विभागों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां
बैठक में जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग को मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मंच निर्माण, बैरिकेडिंग और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विद्युत विभाग को कार्यक्रम के दौरान निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए गए, जबकि पेयजल व्यवस्था के लिए संबंधित विभाग को पर्याप्त इंतजाम करने को कहा गया।
नगर निगम को कार्यक्रम स्थल और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई एवं स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। एमडीडीए को शहर के प्रमुख स्थलों और शासकीय भवनों में सौंदर्यीकरण और आकर्षक प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। संस्कृति विभाग को शहीद स्थल पर विशेष सफाई और प्रकाश व्यवस्था के निर्देश दिए गए।
झांकियां, प्रोटोकॉल और सम्मान समारोह
जिलाधिकारी ने सूचना, वन, ग्राम्य विकास, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, उरेडा, बाल विकास, कृषि, स्वास्थ्य और संस्कृति विभाग को अपनी-अपनी विभागीय झांकियों के आयोजन के संबंध में समय से तैयारी शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही मुख्य कार्यक्रम स्थल पर प्रोटोकॉल के अनुरूप अतिथियों के बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और उनके आश्रितों के सम्मान की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
विशेष प्रकाश व्यवस्था और सांस्कृतिक कार्यक्रम
जिलाधिकारी ने बताया कि 25 और 26 जनवरी को जिले के सभी प्रमुख चौराहों और शासकीय भवनों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 25 जनवरी की शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक तथा 26 जनवरी की सुबह 6 बजे से 11 बजे तक प्रमुख चौराहों पर देशभक्ति गीतों का प्रसारण किया जाएगा।
संस्कृति विभाग को 25 जनवरी को नगर निगम के टाउनहॉल में कवि सम्मेलन आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, पुलिस अधीक्षक नगर प्रमोद कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार, उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरी, उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और व्यापार मंडल के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने स्थायीकरण प्रस्ताव किया अनुमोदित
देहरादून। उच्च शिक्षा विभाग के 268 असिस्टेंट प्रोफसर के स्थायीकरण को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विभागीय मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने विभाग द्वारा प्रस्तुत स्थायीकरण प्रस्ताव को अपना अनुमोदन दे दिया है। प्रदेशभर के विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर ने दो वर्ष की परवीक्षा अवधि संतोषजनक पूर्ण कर दी है। समयबद्ध स्थायीकरण होने पर असिस्टेंट प्रोफेसरों ने विभागीय मंत्री व राज्य सरकार का आभार जताया।
प्रदेश की उच्च शिक्षा में शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार, प्रयोगात्मक व शोधात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती से लेकर उनके प्रशिक्षण को लेकर भी सरकार लगातार काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने विभिन्न राजकीय महाविद्यालयों में तैनात 268 असिस्टेंट प्रोफसर के द्वारा द्विवर्षीय परवीक्षा अवधि पूर्ण करने पर उनके स्थायीकरण को मंजूरी दे दी है। स्थायीकरण का लाभ लेने वाले असिस्टेंट प्रोफेसरों की नियुक्ति विभागान्तर्गत वर्ष 2020 से वर्ष 2022 में हुई है। जिन्हें सरकार द्वारा उत्तराखण्ड सरकारी सेवकों की स्थायीकरण नियमावली-2002 के तहत लाभान्वित किया गया है। 13 विभिन्न विषयों के इन असिस्टेंट प्रोफेसर में राजनीति विज्ञान के 71, शिक्षा शास्त्र 26, संस्कृत 35, हिन्दी 71, समाजशास्त्र 5, इतिहास 4, भूगोल व भौतिक विज्ञान 2-2, अर्थशास्त्र 35, गृह विज्ञान 13 तथा रसायन विज्ञान, जन्तु विज्ञान व अंग्रेजी में 1-1 असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल है। उच्चतर शिक्षा (समूह ‘क’) सेवा नियमावली-2003 के तहत ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति को स्थायी करने का प्रावधान है, जिनका कार्य और आचरण अच्छा हो, उनकी सत्यनिष्ठा प्रमाणित हो और नियुक्ति प्राधिकारी को यह समाधान हो कि शिक्षक को स्थायी करना उपयुक्त है।
राज्य सरकार का स्पष्ट मानना है कि शिक्षकों को सुरक्षित, स्थायी एवं सम्मानजनक सेवा वातावरण उपलब्ध कराना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की बुनियाद है। प्राध्यापकों के स्थायीकरण से न केवल उनकी सेवा सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि उच्च शिक्षा संस्थानों में शैक्षणिक निरंतरता और अकादमिक गुणवत्ता भी और अधिक मजबूत होगी।
बयान
उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत अपनी परवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 268 प्राध्यापकों के स्थायीकरण की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय उच्च शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के साथ-साथ कर्मचारियों के हितों के प्रति राज्य सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। – डाॅ. धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
