ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में ईशांत को मिली दिल्ली की कमान
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए ईशांत ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। इस मैच में उन्होंने लंबे अंतराल के बाद दिल्ली टीम की कप्तानी भी संभाली और अपने अनुभव से टीम को मजबूती दी।
क्वार्टर फाइनल में रचा इतिहास
37 वर्षीय इशांत शर्मा ने मैच के 25वें ओवर में विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अर्थव तायडे को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। इस विकेट के साथ ही उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में 200 विकेटों का आंकड़ा छू लिया। घरेलू क्रिकेट में यह उपलब्धि उनके लंबे और अनुशासित करियर को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का मजबूत रिकॉर्ड
इशांत के लिस्ट ए करियर के 200 विकेटों में से 115 विकेट वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में आए हैं। उन्होंने 2007 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था और कई वर्षों तक भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज रहे। हालांकि 2016 के बाद से वह वनडे टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 115 मैचों में 311 विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। 2021 के बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली बना हुआ है।
सात साल बाद कप्तानी की जिम्मेदारी
इशांत शर्मा ने करीब सात साल बाद दिल्ली की कप्तानी संभाली। इससे पहले वह 2019 में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में टीम की कमान संभाल चुके थे। मौजूदा सीजन में भी उन्होंने गेंदबाजी में निरंतरता दिखाई है और सात मैचों में आठ विकेट लेकर टीम के लिए अहम योगदान दिया है। नॉकआउट चरण तक दिल्ली को पहुंचाने में उनका अनुभव निर्णायक साबित हुआ है।
क्यों सौंपी गई ईशांत को कप्तानी
दिल्ली टीम की कप्तानी इशांत को ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में दी गई। पंत ग्रुप स्टेज के दौरान टीम का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल होने के कारण वह आगे के मैचों से बाहर हो गए। वहीं, आयुष बदोनी के भारतीय टीम में चयन के चलते उपलब्ध न होने से टीम प्रबंधन ने अनुभवी ईशांत शर्मा पर भरोसा जताया।
घरेलू क्रिकेट में इशांत शर्मा की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अनुभव और फिटनेस को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वह अब भी भारतीय क्रिकेट के एक मजबूत स्तंभ बने हुए हैं।
पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कूड़ा निस्तारण तथा स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।
मंगलवार को आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने फूलचट्टी सेवा आश्रम क्षेत्र से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित स्नान घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध चेतावनी बोर्ड लगाने तथा आवश्यकतानुसार चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गयी कि नगर निगम श्रीनगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हेतु भूमि उपलब्ध हो गयी है। स्वर्गाश्रम क्षेत्र में केएलडी जनवरी माह के अंत तक तथा नीलकंठ क्षेत्र में निर्माणाधीन केएलडी मार्च माह तक प्रारंभ कर दिया जाएगा। पौड़ी में श्रीनगर मार्ग पर लीगेसी वेस्ट निस्तारण को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिस पर नगर पालिका पौड़ी को ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। वहीं कोटद्वार में एसटीपी का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र से संबंधित कूड़ा निस्तारण का डाटा पेयजल निगम श्रीनगर को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जा सके। उन्होंने कूड़ा उठान वाहनों के मार्ग निर्धारण, कार्ययोजना निर्माण तथा सूखे-गीले कूड़े के पृथक्करण हेतु जन-जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अब तक की गई कार्यवाही की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने करने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीओ वन आयशा बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की लोकप्रिय मंत्री रेखा आर्या के खिलाफ उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी पर BJP कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को शिकायत सौंपी हैं। शिकायत में गोदियाल के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 4 और 6 जनवरी 2026 को गणेश गोदियाल ने फेसबुक और सार्वजनिक मंचों पर मंत्री रेखा आर्या के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इसे लोकप्रिय दलित महिला मंत्री की छवि खराब करने का सोची-समझी साजिश करार देते हुए इसे महिला और दलित विरोधी बयान बताया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी निंदनीय और असहनीय है, जो पूरे प्रदेश में दलितों, महिलाओं और आम जनमानस में रोष पैदा कर रही है। अन्य राज्यों में भी इसकी घोर निंदा हो रही है।

शिकायत में ऑडियो, वीडियो पेन ड्राइव और फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट संलग्न किए गए हैं। यह 12 जनवरी 2026 को SSP देहरादून को सौंपी गई, जिसकी प्रति थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक को भी भेजी गई है।
शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में गजराज सिंह भाकुनी, भुवन जोशी, दीपक आर्या, भूपाल सिंह मेहरा, तुषार गर्ग, वदना आर्या और मीनाक्षी आर्या शामिल हैं।
BJP कार्यकर्ताओं ने गोदियाल के बयान को उनकी महिला-दलित विरोधी मानसिकता का परिचय बताते हुए SSP से तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
इसके साथ ही गणेश गोदियाल के खिलाफ विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में मंत्री रेखा आर्य के समर्थकों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर कांग्रेस व गणेश गोदियाल का पुतला फूंक कर गोदियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, साथ ही कहा कि विकास की सोच रखने वाली बीजेपी की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या प्रदेश में लोकप्रिय और जनप्रिय होती जा रही हैं, जिससे कांग्रेस को यह समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें और कांग्रेस के नेता अनाप-शनाप बाते व अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं I साथ ही कहा कि कांग्रेस के पास विकास की कोई सोच नहीं है कांग्रेस ने सिर्फ देश को लूटा है और यह अभद्र टिप्पणी इनकी सोच का परिचायक हैI
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका निस्तारण किया।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को सुभाष रोड़ स्थित अपने कैम्प कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका निस्तारण कर दूरभाष पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अक्सर लोग रात में नींद खुलने को मामूली परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर की गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा कर सकती है। लगातार बाधित नींद न सिर्फ दिनभर की थकान बढ़ाती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चिकित्सा भाषा में बार-बार नींद टूटने की स्थिति को स्लीप फ्रैगमेंटेशन कहा जाता है, जिसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
क्यों बार-बार टूटती है नींद
रात में नींद बार-बार खुलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे गंभीर कारणों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया शामिल है, जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और दिमाग आपको जगा देता है। तेज खर्राटे, अचानक सांस घुटने का अहसास या हांफते हुए नींद खुलना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।
दिल और शुगर पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद की कमी का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बार-बार नींद टूटने से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी ब्लड शुगर असंतुलन का संकेत हो सकता है।
मानसिक तनाव भी बड़ी वजह
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं। इसके अलावा रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी समस्या में सोते समय पैरों में बेचैनी, झुनझुनी या खिंचाव महसूस होता है, जिससे नींद बार-बार टूट जाती है। यह परेशानी अक्सर आयरन की कमी या नसों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होती है।
कब हो जाएं सतर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक रात में नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
बेहतर नींद के लिए जरूरी कदम
अच्छी नींद के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर स्लीप स्टडी कराना फायदेमंद हो सकता है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
(साभार)
विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैम्प कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में बारिश न होने से फसलों को नुकसान हो रहे नुकसान की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में बारिश न होने के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की दृष्टिगत शीघ्र सर्वे कर बारिश न होने से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित (रिवाइब) करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन उद्यानों को आय सृजन से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। साथ ही जायका परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सिनेमाघरों में 9 जनवरी को रिलीज हुई प्रभास स्टारर फिल्म ‘द राजा साब’ को लेकर शुरुआत में जबरदस्त माहौल देखने को मिला। पैन इंडिया स्तर पर रिलीज हुई इस मेगा बजट फिल्म ने पहले ही दिन मजबूत ओपनिंग दर्ज कर बॉक्स ऑफिस पर बड़ी उम्मीदें जगा दी थीं। हालांकि, शुरुआती जोश के बाद फिल्म की रफ्तार तेजी से धीमी होती नजर आ रही है और मंडे टेस्ट में इसका असर साफ दिखाई दिया है।
शुरुआती दिनों में कैसा रहा कारोबार
‘द राजा साब’ ने रिलीज से पहले पेड प्रिव्यू के जरिए अच्छी कमाई की थी, जिससे फिल्म के प्रति दर्शकों की उत्सुकता जाहिर हुई। शुक्रवार को फिल्म ने दमदार शुरुआत की, लेकिन इसके बाद कलेक्शन में लगातार गिरावट दर्ज की गई। वीकएंड पर फिल्म ने भले ही 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली हो, लेकिन कमाई का ग्राफ उम्मीदों के मुताबिक ऊपर नहीं चढ़ पाया।
चार दिनों का बॉक्स ऑफिस हाल
पेड प्रिव्यू (गुरुवार): 9.15 करोड़ रुपये
रिलीज डे (शुक्रवार): 53.75 करोड़ रुपये
दूसरा दिन (शनिवार): 26 करोड़ रुपये
तीसरा दिन (रविवार): 19.1 करोड़ रुपये
मंडे टेस्ट में फिसली फिल्म
वीकएंड खत्म होते ही फिल्म को जोरदार झटका लगा। रिपोर्ट के अनुसार, रिलीज के चौथे दिन यानी सोमवार को फिल्म की कमाई घटकर 6.29 करोड़ रुपये रह गई। इसके साथ ही फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 114 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इतनी जल्दी आई गिरावट ने फिल्म के आगे के बॉक्स ऑफिस सफर पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बजट के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ‘द राजा साब’ का बजट करीब 400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। ऐसे में दूसरे, तीसरे और चौथे दिन का प्रदर्शन लागत के हिसाब से कमजोर माना जा रहा है। आने वाले दिनों में नई फिल्मों की रिलीज से मुकाबला और कड़ा होने वाला है, जिससे फिल्म के लिए चुनौती बढ़ सकती है।
दमदार स्टारकास्ट, लेकिन परीक्षा अभी बाकी
फिल्म में प्रभास के साथ संजय दत्त, निधि अग्रवाल, मालविका मोहनन, रिद्धि कुमार, बोमन ईरानी और जरीना वहाब अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशन और लेखन की कमान मारुति ने संभाली है, जबकि निर्माता टी.जी. विश्व प्रसाद हैं। अब देखना होगा कि वीकडेज में फिल्म खुद को संभाल पाती है या बॉक्स ऑफिस पर इसकी मुश्किलें और बढ़ती हैं।
(साभार)
भालू के हमले से घायल महिला देहरादून रेफर, क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात
बड़कोट। बड़कोट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। जंगल से सटे इलाके में काम कर रही एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया गया।
वन विभाग के अनुसार, रवांई रेंज के अंतर्गत अपर वन प्रभाग बड़कोट के क्षेत्र नोनीयाली तोक में यह घटना घटी। घायल महिला की पहचान अमरा देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम बड़कोट के रूप में हुई है। भालू के हमले में महिला को सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों की सलाह पर महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
वन विभाग की टीम घटना के बाद से ही क्षेत्र में तैनात है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अंगद सिंह राणा ने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए एहतियातन उसे देहरादून रेफर किया गया है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहड़ी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पर्व हर्ष, उल्लास और परंपराओं का प्रतीक है, जो समाज में भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्यता और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी सौहार्द को भी मजबूत करते हैं।
सिटी फॉरेस्ट पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एमडीडीए का बड़ा कदम
सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुरक्षा, सुविधा और संरक्षण पर एमडीडीए का फोकस, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए अहम फैसले
समीक्षा बैठक में सीसीटीवी और कर्मचारियों की व्यवस्था पर जोर, पार्क प्रबंधन को लेकर तय हुई स्पष्ट कार्ययोजना
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क के संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट पार्क को आम नागरिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना रहा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिटी फॉरेस्ट पार्क न केवल एक हरित क्षेत्र है, बल्कि यह देहरादून शहर की पर्यावरणीय धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़
उपाध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाए, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इस संबंध में आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
बैठक में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तथा पार्क के भीतर अतिरिक्त माली तैनात किए जाएं, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्क के अंतिम छोर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वहां सुरक्षा कर्मियों के लिए एक सिक्योरिटी हट का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पार्क की सीमाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पार्क के हर कोने पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्क के भीतर रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अभियंत्रण अनुभाग को दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आगंतुकों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मिलेगा विस्तार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्क परिसर में आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त पार्क में अग्निशमन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के सिविल या कंक्रीट से संबंधित निर्माण कार्य नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
बैठक में पार्क से संबंधित स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे संसाधनों के उपयोग और रख-रखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल पार्क की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति के करीब अनुभव भी प्रदान करेंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून शहर की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम पार्क प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन लाएंगे। भविष्य में किसी भी प्रकार का कंक्रीट निर्माण नहीं किया जाएगा, ताकि पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पहचान, उपस्थिति प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अनुभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पार्क में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है।
