देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण गुणवत्ता एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर अपर सचिव सूचना बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे
मत्स्य परियोजनाओं, संग्रहण केंद्र व ग्रामीण समस्याओं पर ग्रामीणों से हुई व्यापक चर्चा
पौड़ी। पौड़ी जनपद के अति दूरस्थ नैनीडांडा विकासखंड में पर्यटन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया द्वारा मत्स्य पालन तथा अन्य विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
नैनीडांडा क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत ओलेथ के ग्राम ब्यूरा में जिलाधिकारी ने बायो फ्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादों के संग्रहण हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मत्स्य आउटलेट स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्य आउटलेट से स्थानीय रूप से आमदनी में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने आवश्यकता होने पर धनराशि आवंटन का आश्वासन भी दिया।
किसान गोपाल सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मत्स्य तालाब का अवलोकन करवाया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय महिलाओं से जंगली जानवरों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल, बिजली पोल एवं पाइप लाइन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली तथा संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से लैंटाना घास से उत्पन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि लैंटाना के नियंत्रित संग्रह एवं उपयोग हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे समस्या के समाधान के साथ-साथ महिलाओं को नियमित आय के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगी।
खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय ने जिलाधिकारी को बताया कि मनरेगा एवं मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित योजनाओं के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में दो इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग 4.5 लाख रुपये रही। इसमें लगभग 2.70 लाख रुपये मत्स्य विभाग, 48 हजार रुपये मनरेगा तथा 1.32 लाख रुपये लाभार्थी अंशदान के माध्यम से व्यय किए गए। उन्होंने बताया कि इन तालाबों को हर हर महादेव समूह तथा जय महादेव समूह संचालित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मंडी समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्काल शंकरपुर स्थित संग्रहण केंद्र का विकासखंड कार्यालय से समझौता ज्ञापन करते हुए सदुपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे विकासात्मक प्रयासों से पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आजीविका सुदृढ़ होगी। साथ ही यह परियोजनाएं महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी, इसलिए इन्हें हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, ग्राम प्रधान ममता रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में खेल मैदान हेतु भूमि चयन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि भूमि विवादमुक्त एवं उपयुक्त पायी जाती है तो वहां खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
सेहतमंद रहने के लिए संतुलित खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली का पालन करना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है शरीर के संकेतों को समय रहते समझना। शरीर में होने वाला कोई भी असामान्य बदलाव—चाहे वह थकान हो, भूख में कमी या फिर वजन में अचानक गिरावट—अक्सर अंदरूनी गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।
आमतौर पर लोग बढ़ते वजन को लेकर चिंतित रहते हैं, लेकिन बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के तेजी से वजन कम होना भी उतना ही गंभीर संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर कुछ ही समय में शरीर का वजन लगातार घट रहा है, तो इसे हल्के में लेना नुकसानदायक साबित हो सकता है।
बिना कोशिश के घट रहा वजन, तो रहें सतर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि अचानक और तेजी से वजन कम होना कई बार किसी गंभीर बीमारी का शुरुआती लक्षण हो सकता है। हार्मोनल असंतुलन, पाचन तंत्र की समस्याएं, संक्रमण या फिर लंबे समय से चली आ रही कोई बीमारी इसके पीछे कारण बन सकती है। इसलिए यदि वजन घटने की कोई स्पष्ट वजह न हो, तो सतर्क होना बेहद जरूरी है।
वजन कम होना हमेशा अच्छी सेहत की निशानी नहीं
अक्सर वजन घटने को लोग फिटनेस से जोड़कर देखते हैं, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि हर बार वजन कम होना अच्छी सेहत का संकेत नहीं होता। यदि शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल रहा या अंदरूनी तौर पर कोई समस्या पनप रही है, तो वजन अपने आप गिरने लगता है।
किन बीमारियों से जुड़ा हो सकता है अचानक वजन कम होना
जनरल फिजिशियन डॉ. रविंद्र डबास के अनुसार तेजी से वजन कम होना डायबिटीज, कैंसर, हाइपरथायरॉइडिज्म, सीलिएक डिजीज जैसी बीमारियों की ओर इशारा कर सकता है। हाइपरथायरॉइडिज्म की स्थिति में शरीर का मेटाबॉलिज्म जरूरत से ज्यादा तेज हो जाता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होने लगती है। वहीं डायबिटीज में भी शरीर वजन तेजी से खो सकता है।
मानसिक स्वास्थ्य का भी पड़ता है असर
डिप्रेशन, एंग्जायटी और लंबे समय तक बना रहने वाला तनाव भूख को कम कर देता है, जिसका सीधा असर वजन पर पड़ता है। इसके अलावा नींद की कमी और मानसिक थकान भी हार्मोनल संतुलन बिगाड़ देती है, जिससे वजन अनियंत्रित रूप से घट सकता है।
कब जाएं डॉक्टर के पास
यदि बिना किसी कारण कुछ ही हफ्तों में वजन तेजी से कम हो रहा है, कमजोरी महसूस हो रही है या भूख में लगातार कमी बनी हुई है, तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए। समय रहते जांच कराने से गंभीर बीमारियों की पहचान संभव हो सकती है।
नोट: यह लेख सामान्य चिकित्सकीय जानकारियों पर आधारित है। किसी भी लक्षण या समस्या की स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
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मेडिकल कॉलेजों में शत प्रतिशत होगी संकाय सदस्यों की नियुक्ति
कॉलेजों में शैक्षिक, शोध व क्लीनिकल गुणवत्ता में होगा सुधार
देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व पं0 रामसुमेर शुक्ल राजकीय मेडिकल कॉलेज रूद्रपुर में विभिन्न संकायों में एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्तिय से मेडिकल कॉलेज में संकाय सदस्यों की कमी दूर होगी साथ ही मेडिकल छात्र-छात्राओं को बेहतर शिक्षा व प्रशिक्षण मिलेगा। इसके साथ ही कॉलेजों में शोधात्मक कार्यों को भी बढ़ावा मिलेगा और सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को और बेहतर उपचार मिल सकेगा।
चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित प्रदेशभर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में राज्य सरकार द्वारा निरंतर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती की जा रही है, ताकि मेडिकल कॉलेजों में अध्ययनरत छात्रों को उच्च स्तरीय पढ़ाई के साथ बेहतर प्रशिक्षण दिया जा सके। जिसके लिये सरकार ने हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति की अध्यक्षता में एक साक्षात्कार समिति का गठन किया है, जो वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन कर रही है। इसी क्रम में चयन समिति ने एक दर्जन विशेषज्ञ चिकित्सकों का चयन किया है। जिनकी नियुक्ति की मंजूरी राज्य सरकार ने दे दी है। जिनमें से 8 विशेषज्ञ चिकित्सकों को राजकीय दून मेडिकल कॉलेज तथा 4 विशेषज्ञ चिकित्सकों को रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में नियुक्ति दी गई है।
साक्षात्कार समिति द्वारा दून मेडिकल कॉलेज में रेडियो डायग्नोसिस विभाग में प्रोफेसर पद पर डॉ. ब्रजेन्द्र नाथ त्रिपाठी का चयन किया है, जबकि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में डॉ. मनीष कुमार, बल्ड बैंक में डॉ. सनोबर शमीम, आर्थोपीडिक्स में डॉ. मयंक सिंघल, एन्टीनेटल चाइल्ड केयर में डॉ. सारा गुलेरिया, मेटरनिटी चाइल्ड हैल्थ केयर में डॉ. रूचि कर्नाटक, एनेस्थिसिया में डॉ. पूजा सांगोले व डॉ. इशिता बहुखण्डी का चयन असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर हुआ है। इसी प्रकार रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में आब्स एंड गायनी विभाग में डा. प्रेरणा छाबड़ा, ईएनटी में डॉ. ललित सिंह पोखरिया, माइक्रोबायोलॉजी में डॉ. मयूरी श्रीवास्तव तथा स्किन रोग विभाग में डॉ. चिराग सैनी का असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर चयन किया गया है। इन सभी चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति संविदा के माध्यम से आगामी तीन वर्ष अथवा उक्त पदों पर नियमित नियुक्ति होने तक जो भी पहले हो के लिये की गई है। चयनित विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती से मेडिकल कॉलेजों में शैक्षणिक गतिविधियों सहित शोध व क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। जिसका लाभ कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा साथ ही अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार भी मिल सकेगा।
बयान-
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज व रूद्रपुर मेडिकल कॉलेज में एक दर्जन और विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति कर दी है। संकाय सदस्यों की नियुक्ति न केवल चिकित्सा छात्रों को उच्चस्तरीय शिक्षण प्राप्त होगा बल्कि कॉलेजों में रिसर्च और क्लीनिकल सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा। – डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार।
स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत- गणेश जोशी
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर मनाए गए राष्ट्रीय युवा दिवस पर प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने राजपुर रोड स्थित स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के प्रगतिशील विचार और ओजस्वी आदर्श आज भी समाज के लिए, विशेषकर युवा वर्ग के लिए, प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त करता है।

मंत्री जोशी ने विश्वास जताया कि देश के युवा स्वामी विवेकानंद के विचारों और मूल्यों को आत्मसात कर एक सशक्त और विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर प्रदेश और देश के सभी युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिससे युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार हुआ।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवक एवं महिला मंगल दल हुए सम्मानित
स्वामी विवेकानंद के आदर्शों पर चलने का लिया संकल्प
देहरादून। स्वामी विवेकानंद जयंती पर आयोजित राष्ट्रीय युवा दिवस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले युवा मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया । मुख्य आयोजन सोमवार को परेड ग्राउंड स्थित मल्टीपरपज हॉल में किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को प्रेरित करने की दिशा में काम किया और हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए।
युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि किसी भी प्रदेश और देश के युवा को अगर सही दिशा मिले तो उसे विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति उत्तराखंड की धड़कन के समान है, इसी से प्रदेश में प्राण शक्ति का संचार होता है। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के जीवन से प्रेरणा लेकर युवा कर्तव्यनिष्ठ और अनुशासित बने तो 2047 में भारत को विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पाना मुश्किल नहीं है।
कार्यक्रम में प्रदेश भर से चुने गए तीन तीन युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही एनएसएस का राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले दो युवाओं और नेशनल यूथ अवार्ड विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में राजपुर विधायक खजान दास, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, खेल निदेशक आशीष चौहान व अन्य उपस्थित रहे।
वैभव शाह ने जीता बेस्ट रील अवार्ड
विभागीय मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस साल स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन और उनके आदर्शों से अधिक से अधिक संख्या में युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से एक नई पहल करते हुए एक रील प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें प्रदेश भर से युवाओं ने भाग लिया। जिनमें से वैभव शाह की रील को प्रथम चुना गया। इसके अतिरिक्त सचिन कुमार सिंह दूसरे और शिव कैलाश सेमवाल तीसरे स्थान पर रहे। तीनों विजेताओं को समारोह में नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
यह हुए सम्मानित
युवक मंगल दल मोख मल्ला, चमोली – प्रथम
युवक मंगल दल सुंदरपुर रैक्वाल, नैनीताल – द्वितीय
युवक मंगल दल चौड़ीराय लोहाघाट चंपावत – तृतीय
महिला मंगल दल धापला नैनीताल – प्रथम
महिला मंगल दल सेमा चमोली – द्वितीय
महिला मंगल दल बनाली टिहरी गढ़वाल – तृतीय
एनएसएस अवॉर्ड विजेता
आलोक कुमार पांडे और आयुष वर्मा
राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता
प्रदीप महरा पिथौरागढ़, अजय ओली पिथौरागढ़, गुरदीप सिंह राणा उधम सिंह नगर, जगतार सिंह बाजवा उधम सिंह नगर, गीता बगासी चमोली, रमन रावत पौड़ी गढ़वाल, स्वराज विद्वान उत्तरकाशी, दिनेश सिंह रावत उत्तरकाशी, गुरमेल सिंह देहरादून।
ट्रुथ सोशल पर ट्रंप का विवादित पोस्ट, वेनेजुएला को लेकर नई सनसनी
वाशिंगटन। अमेरिकी राजनीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला को लेकर एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट साझा की। पहले ही वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और सैन्य कार्रवाई के दावों से सुर्खियों में रहे ट्रंप ने अब खुद को वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति बताकर वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्हें वेनेजुएला का कार्यवाहक राष्ट्रपति दर्शाया गया है। यह तस्वीर डिजिटल रूप से संपादित बताई जा रही है, लेकिन इसके साथ किए गए दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। पोस्ट ऐसे समय में सामने आई है, जब ट्रंप लगातार वेनेजुएला के तेल भंडार को लेकर अमेरिकी तेल कंपनियों के साथ बैठकें कर रहे हैं और वैश्विक मामलों पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
पोस्ट में साझा की गई तस्वीर एक संपादित विकिपीडिया पेज जैसी प्रतीत होती है, जिसमें डोनाल्ड ट्रंप को जनवरी 2026 तक वेनेजुएला का मौजूदा राष्ट्रपति बताया गया है। ट्रंप इससे पहले भी यह दावा कर चुके हैं कि जब तक वेनेजुएला में सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता हस्तांतरण नहीं हो जाता, तब तक अमेरिका वहां की शासन व्यवस्था की निगरानी करेगा।

इसी कड़ी में ट्रंप ने हाल ही में व्हाइट हाउस में दुनिया की प्रमुख तेल और गैस कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस बैठक में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वेनेजुएला में भविष्य का निवेश सीधे अमेरिका के माध्यम से होगा, न कि वहां की मौजूदा सरकार के साथ। ट्रंप ने अमेरिकी कंपनियों को सुरक्षा और स्थिरता का भरोसा दिलाते हुए बड़े पैमाने पर निवेश के लिए प्रोत्साहित किया।
ट्रंप का कहना है कि यदि अमेरिका ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो चीन या रूस वेनेजुएला में अपनी मजबूत पकड़ बना सकते थे। उनका तर्क है कि अमेरिकी दखल का उद्देश्य वेनेजुएला की अर्थव्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाना और वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित करना है।
जानकारों के मुताबिक अमेरिका की रणनीति वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधनों पर प्रभाव बनाए रखने, तेल उत्पादन और बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने और वैश्विक आपूर्ति पर नियंत्रण मजबूत करने से जुड़ी हुई है। हालांकि ट्रंप का यह कदम कूटनीतिक मर्यादाओं और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को लेकर कई सवाल भी खड़े कर रहा है।
सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी स्टारर फिल्म ‘बॉर्डर 2’ रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच खास उत्सुकता पैदा कर चुकी है। देशभक्ति और भावनाओं से भरी इस फिल्म के गानों को भी लगातार सराहना मिल रही है। पहले ‘घर कब आओगे’ और फिर रोमांटिक ट्रैक ‘इश्क दा चेहरा’ के बाद अब मेकर्स ने फिल्म का तीसरा गीत रिलीज कर दिया है, जो दर्शकों को पुराने दिनों की याद दिला रहा है।
नया गाना ‘जाते हुए लम्हों’ दरअसल सुपरहिट फिल्म ‘बॉर्डर’ के मशहूर गीत का रीक्रिएटेड वर्जन है। इस गीत को इस बार संगीतकार मिथुन ने नए अंदाज में तैयार किया है, जबकि इसे आवाज दी है लोकप्रिय गायक विशाल मिश्रा ने। खास बात यह है कि गाने में ओरिजनल वर्जन के सिंगर रूप कुमार राठौड़ की झलक भी सुनने को मिलती है, जिससे गीत की भावनात्मक गहराई और बढ़ जाती है।
मूल फिल्म ‘बॉर्डर’ में इस गीत को जावेद अख्तर ने लिखा था और अनु मलिक ने संगीत दिया था। नए संस्करण में पुराने एहसास को बरकरार रखते हुए आधुनिक टच देने की कोशिश की गई है। रिलीज होते ही यह गाना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है और फैंस इसे भावुक और दिल को छू लेने वाला बता रहे हैं।
‘जाते हुए लम्हों’ फिल्म ‘बॉर्डर 2’ का तीसरा गाना है। इससे पहले रिलीज हुए ‘घर कब आओगे’ ने देशभक्ति का जज्बा जगाया था, जबकि ‘इश्क दा चेहरा’ ने फिल्म के रोमांटिक पक्ष को सामने रखा। अब यह नया गीत कहानी के भावनात्मक पहलू को और मजबूती देता नजर आ रहा है।
अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी ‘बॉर्डर 2’ 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। फिल्म में मुख्य कलाकारों के साथ मोना सिंह, सोनम बाजवा, आन्या सिंह और मेधा राणा भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगी। देशभक्ति और जज्बे से भरपूर इस वॉर ड्रामा का दर्शक लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं।
(साभार)
युवाओं को स्वदेशी अपनाने का किया आह्वान
देहरादून। राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क देहरादून में स्वदेशी संकल्प दौड़ का शुभारंभ किया। इस अवसर मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनको नमन किया। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने वाली संस्थाओं को उन्होंने सम्मानित भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का उठो, जागो और लक्ष्य की प्राप्ति तक रुको मत का संदेश देश की मजबूत नींव के लिए युवाओं को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र के संकल्प की ओर अग्रसर है तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित बनाने में युवाओं की भूमिका निर्णायक होगी।

उन्होंने वोकल फॉर लोकल के संदेश को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टार्टअप, मेक इन इंडिया, स्किल इंडिया जैसे अभियान सबको मिलकर आगे बढ़ाने होंगे। मुख्यमंत्री ने युवाओं से नशे से दूर रहने, अनुशासन अपनाने, शिक्षा-कौशल विकास पर जोर देने तथा राष्ट्र कर्तव्यों का पालन करने का विशेष आह्वान किया।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, मेयर देहरादून सौरभ थपलियाल, भाजपा के संगठन मंत्री अजेय कुमार पार्टी पदाधिकारी एवं भाजपा युवा मोर्चा के पदाधिकारी मौजूद थे।
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के साथ-साथ विराट कोहली एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और यह साबित कर दिया कि दबाव के हालात में वह आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने न सिर्फ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।
बड़े रन चेज में विराट की बादशाहत
300 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने के मामले में विराट कोहली का रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट में बेजोड़ बन चुका है। ऐसे मुकाबलों में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। इस श्रेणी में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही उन्हें दुनिया के अन्य दिग्गज बल्लेबाजों से अलग पहचान दिलाते हैं। सात शतक और कई मैच जिताऊ पारियां इस बात की गवाही देती हैं कि बड़े लक्ष्य विराट के लिए चुनौती नहीं, बल्कि अवसर होते हैं।
रिकॉर्ड्स की लंबी कतार में नया अध्याय
इस मैच के दौरान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28 हजार रन पूरे कर लिए। वह यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि कोहली ने यह उपलब्धि बेहद कम पारियों में हासिल कर ली, जिससे उनकी निरंतरता और फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। वनडे क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड के मामले में भी विराट सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं और दिग्गजों की सूची में तेजी से ऊपर चढ़ते जा रहे हैं।
मैच का हाल
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ज्यादा मजबूत नहीं रही और कप्तान रोहित शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।
विराट ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। शतक की ओर बढ़ते हुए वह दुर्भाग्यवश नब्बे के आसपास आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी लय में रही। श्रेयस अय्यर ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में केएल राहुल ने धैर्य दिखाते हुए विजयी शॉट लगाकर भारत को जीत दिला दी।
न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेहमान टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार अंदाज में की, वहीं विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका कद सबसे ऊंचा है।
