677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मिली मंजूरी
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सचिव डी.एस. गर्ब्याल द्वारा वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष प्रगति एवं अनुपालन रिपोर्ट तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया गया।
समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को अनुमोदित किया। प्रस्तावित कार्ययोजना में स्वरोजगार, आजीविका संवर्द्धन, आय सृजन गतिविधियों, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि एवं सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने संबंधी कार्यक्रमों को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 के लिए 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि REAP परियोजना से लाभान्वित महिलाओं को अन्य विभागीय एवं केंद्र/राज्य योजनाओं से भी जोड़ा जाए तथा सभी योजनाओं का समेकित विवरण संकलित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण परिवारों को सतत रूप से ऊपर उठाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और गहन होमवर्क करने के निर्देश भी दिए गए।
समान प्रकृति के स्वयं सहायता समूहों की पहचान व महिला किसान वर्ष 2026 पर विशेष रणनीति
मुख्य सचिव ने समान कार्य प्रकृति वाले महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार की दृष्टि से बेहतर सहयोग देने की रणनीति तैयार करने को कहा। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। सभी जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर उनके मुद्दों को समझते हुए समाधान आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय, पलायन रोकथाम पर फोकस
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटर की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इन अनउपयोगित ग्रोथ सेंटरों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से प्रभावी रूप से उपयोग में लाने हेतु ठोस योजना तैयार की जाए।
विदित है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करने और पलायन की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में इस वित्तीय वर्ष महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इस दौरान बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सूबेदार का ट्रेलर रिलीज होते ही चर्चा में आ गया है, जिसमें अनिल कपूर एक दमदार और अलग अवतार में नजर आ रहे हैं। बड़े पर्दे के बाद अब वह ओटीटी पर अपने एक्शन और इमोशन का नया रंग दिखाने के लिए तैयार हैं। ट्रेलर में उनका लुक, संवाद और एक्शन सीक्वेंस दर्शकों का ध्यान खींच रहे हैं।
फिल्म ‘सूबेदार’ एक्शन और इमोशन का संतुलित मिश्रण है, जिसमें कहानी एक रिटायर्ड फौजी की है, जो एक ऐसे शहर में पहुंचता है जहां अपराध और भय का माहौल हावी है। मोना सिंह फिल्म में एक प्रभावशाली माफिया महिला ‘दीदी’ के किरदार में हैं, जबकि राधिका मदान भी अहम भूमिका निभा रही हैं। कहानी तब मोड़ लेती है जब सूबेदार के साथ अपमानजनक घटना होती है और इसके बाद अन्याय के खिलाफ उसकी लड़ाई शुरू होती है। ट्रेलर में जहां भावनात्मक गहराई दिखती है, वहीं जोरदार एक्शन भी देखने को मिलता है।
फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने किया है, जबकि अनिल कपूर इस प्रोजेक्ट के सह-निर्माता भी हैं। सहायक भूमिकाओं में सौरभ शुक्ला और फैसल शेख भी नजर आएंगे। यह फिल्म 5 मार्च को ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर रिलीज होगी।
अनिल कपूर के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वह War 2 के बाद अब Alpha और King जैसी फिल्मों में भी दिखाई देंगे, जिससे उनके फैंस को लगातार बड़े सरप्राइज मिलने वाले हैं।
(साभार)
खराब मौसम बना हादसे की वजह? उड़ान के कुछ देर बाद टूटा संपर्क
रांची। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एंबुलेंस की उड़ान एक बड़े हादसे में बदल गई। झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र में विमान के क्रैश होने से उसमें सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। यह हादसा न सिर्फ एक परिवार के सपनों को तोड़ गया, बल्कि पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो गया। जानकारी के मुताबिक, एयर एंबुलेंस ने शाम करीब 7 बजे रांची से उड़ान भरी थी और उसे रात तक दिल्ली पहुंचना था। लेकिन उड़ान के कुछ ही समय बाद विमान का संपर्क एयर ट्रैफिक कंट्रोल से टूट गया। बाद में पता चला कि विमान सिमरिया के जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
विमान में एक गंभीर रूप से घायल मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। कुछ दिन पहले आग की घटना में वह बुरी तरह झुलस गए थे और उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। परिवार ने बड़ी मुश्किलों के बीच एयर एंबुलेंस की व्यवस्था की थी, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सा मिल सके।
इस उड़ान में मरीज के साथ उनकी पत्नी और अन्य परिजन भी मौजूद थे। इसके अलावा मेडिकल टीम और पायलट दल भी सवार था। लेकिन किसे पता था कि यह जीवन बचाने की कोशिश एक दर्दनाक अंत में बदल जाएगी।
बताया जा रहा है कि खराब मौसम के चलते पायलट ने रास्ता बदलने की अनुमति भी मांगी थी। कुछ समय तक संपर्क बना रहा, लेकिन अचानक विमान रडार से गायब हो गया। इसके बाद कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका और थोड़ी देर बाद दुर्घटना की खबर सामने आई।
इस हादसे में मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और दोनों पायलटों समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर आपातकालीन सेवाओं की चुनौतियों और हवाई सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
स्थानीय प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच में जुट गया है।
कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है।
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रधानमंत्री से कुंभ में सहायता हेतु अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए यह सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।
धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, कोडीन सिरप के दुरुपयोग रोकने को टीमों का गठन, क्रॉस-जांच से पारदर्शिता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोडीन युक्त सिरप एवं अन्य मनःप्रभावी औषधियों के बढ़ते कुप्रयोग तथा इनके गैर-कानूनी व्यापार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्रॉस-जांच व्यवस्था से पारदर्शिता
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे के निर्देशों के क्रम में अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है। जनपद देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षकों को हरिद्वार का दायित्व, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून तथा नैनीताल में तैनात निरीक्षकों को उधमसिंहनगर का दायित्व सौंपा गया है। इससे स्थानीय स्तर पर संभावित प्रभावों को समाप्त कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
देहरादून में दो प्रतिष्ठान सील
प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक छापेमारी की। जनपद देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में M/s Mystic Pharma Healthcare एवं Trust Way Pharmaceutical पर सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर उनकी चाबियां संबंधित थाने को सौंप दी गईं। आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
हरिद्वार में स्टॉक रोका गया
जनपद हरिद्वार स्थित M/s Animets Life Sciences Pvt. Ltd., सलेमपुर, बहादराबाद में निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया। उपलब्ध औषधियों के स्टॉक को फॉर्म-15 के अंतर्गत रोक दिया गया है तथा अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।
उधमसिंहनगर में नोटिस चस्पा
रुद्रपुर स्थित M/s Futec Pharmaceuticals Pvt. Ltd. पर टीम पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद पाया गया। टीम द्वारा औषधि अधिनियम के अंतर्गत नोटिस चस्पा कर फर्म स्वामी को दूरभाष पर अवगत कराया गया तथा निर्देशित किया गया कि दुकान टीम की उपस्थिति में खोली जाए। अग्रिम कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा- सचिन कुर्वे
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे ने कहा कि कोडीन युक्त सिरप एवं मनःप्रभावी औषधियों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनता जा रहा है। राज्य सरकार इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता और कठोरता के साथ ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा निगरानी तंत्र को और सशक्त किया गया है तथा औषधि अनुज्ञप्ति धारकों की जवाबदेही तय की जा रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, अवैध भंडारण, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री या रिकॉर्ड में हेरफेर पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निरीक्षण की नीति पर कार्य कर रहा है तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
क्रॉस-जांच प्रणाली लागू – ताजबर सिंह जग्गी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं और क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा।
आमजन से सहयोग की अपील
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा। औषधि विक्रेताओं, थोक व्यापारियों एवं निर्माण इकाइयों को सभी अभिलेख अद्यतन रखने और नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार सुरक्षित एवं पारदर्शी औषधि वितरण प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में सिंचाई मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
देहरादून। हरिद्वार में 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ मेले को देखते हुए नदियों का चैनेलाइजेशन, स्ट्रांम वाटर मास्टर ड्रेनेज सिस्टम का कार्य समयबद्ध ढंग से किया जाये। विभागीय कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए खाली पड़े पदों को भी शीघ्रता से भरा जाये।
उक्त बात प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन में सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला के तहत निक्षेप (डिपोजिट) मद के अंतर्गत राज्य संपत्ति, शिक्षा, उद्यान आदि विभागों के निर्माण कार्यों के साथ-साथ स्थाई प्रकृति के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए और हरिद्वार स्थित पंत द्वीप जमीन पर यदि कहीं कोई अतिक्रमण है तो उसे तुरंत हटवाया जाए।
सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के समीक्षा बैठक के पश्चात सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देहरादून स्थित सौंग बांध जिसकी लागत 2069.64 करोड़ है उसके निर्माण कार्य हेतु अभी तक 274.20 करोड़ की धनराशि और मुक्ति की जा चुकी है। इस परियोजना से देहरादून शहर की 11 लाख की आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि 3678.23 करोड़ की लागत की जमरानी बांध परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के तहत अब तक 989.96 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
सिंचाई मंत्री महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 2025-26 में सिंचाई विभाग को 242 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश में 449.25 करोड़ की लागत से नहरों व नलकूपों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य गतिमान है और जल संचयन, संवर्धन, पेयजल तथा सिंचाई हेतु जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। लघु सिंचाई के तहत राज्य में छोटे चेक डैम, तालाब एवं एवं रिचार्ज शाफ्ट का कार्य किया जा रहा है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत डीजल 40 पंपों को सोलर में परिवर्तित किया जा रहा है। अभी तक इस योजना के तहत 2139 डीजल पंप सेट को सोलर पंप सेट में परिवर्तित किया गया है। नाबार्ड वित्त पोषित योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 89.47 करोड़ की नई योजनाओं की स्वीकृत प्राप्त हुई है, इस धनराशि से 415 चेक डैम 43 सोलर पंप सेट, 149103 पाईप, 59 हौज एवं 9.32 किमी गूल का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन का भी कार्य किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में सिंचाई समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, सिंचाई सचिव युगल किशोर पंत, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सुभाष पाण्डे, लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता बी.के. तिवारी सहित सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद थे।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में एनएसएस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का शुभारम्भ, 13 राज्यों के युवा हुए शामिल
हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य शुभारम्भ उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। शिविर में देश के 13 राज्यों एवं 185 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित युवाओं ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आज का भारत युवा भारत है। युवा शक्ति में वह सामर्थ्य है जो हर चुनौती को अवसर में बदल सकती है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प हमारे युवाओं के परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा से ही पूर्ण होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके विचार पवित्र हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और कर्म में निष्ठा हो। आज भारतीय युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और खेल के क्षेत्र में हमारे युवाओं ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। आने वाले वर्षों में यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह शिविर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, समरदीप सक्सेना तथा शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
जनसमस्याओं के समाधान का नया अध्यायः जनता मिलन में त्वरित कार्यवाही से बढ़ा जनता का भरोसा
लंबित प्रकरणों की समीक्षा के साथ अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
पौड़ी। सोमवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में एक दर्जन से अधिक शिकायतें दर्ज की गईं। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष नितिगत प्रकरणों में संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि निर्धारित समयसीमा में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
नई शिकायतों के साथ-साथ पूर्व में दर्ज प्रकरणों एवं सीएम हेल्पलाइन की भी समीक्षा की गई। यमकेश्वर के मोगपुर गांव निवासी रुपेश दत्त शर्मा की भूमि पैमाइश संबंधी शिकायत पर उपजिलाधिकारी यमकेश्वर को निर्देशित किया गया कि अगले ही दिन राजस्व टीम भेजकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पैमाइश कर आख्या प्रस्तुत करें। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राजस्व मामलों में पारदर्शिता अनिवार्य है, ताकि ग्रामीणों को न्यायोचित अधिकार समय पर मिल सके और उन्हें अनावश्यक कार्यालयी चक्कर न लगाने पड़ें।
नगर पालिका वार्ड संख्या 04 निवासी अनिल बहुगुणा द्वारा पाइपलाइन से गंदा पानी प्राकृतिक स्रोत में जाने की शिकायत पर संबंधित विभाग को प्राथमिकता के आधार पर जांच कर त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पेयजल स्रोतों की स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा, क्योंकि यह सीधे जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। तहसील पौड़ी के ग्राम तलसारी निवासी सतीश चन्द्र द्वारा चार्जशीट न्यायालय को प्रेषित न किए जाने संबंधी शिकायत पर पुलिस विभाग को तत्काल वस्तुस्थिति स्पष्ट करने को कहा गया और निर्देशित किया गया कि विधिक प्रक्रियाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
विद्युत संबंधी समस्याओं में सुरेन्द्र कुमार कठैत की लंबी केबल टूटने की समस्या तथा ग्राम डुंगरी निवासी अनिकेत गुसांई की विद्युत पोल स्थापना संबंधी शिकायत पर अधिशासी अभियंता विद्युत को स्थलीय निरीक्षण कर शीघ्र पोल बदलने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं में बाधा जनजीवन को प्रभावित करती है, इसलिए ऐसे मामलों में त्वरित कार्यवाही कर आमजन को राहत पहुंचाई जाए। ग्राम प्रधान कोठार मनीष कुमार द्वारा चौपाल आयोजन तथा बीरोंखाल के भिडकोट निवासी पवन सिंह द्वारा पीआरडी नियुक्ति संबंधी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा पेयजल, शिक्षा, वन व राजस्व, स्वास्थ्य व उरेडा विभाग सम्बन्धी पूर्व शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों के निस्तारण के निर्देश दिये।
जनता मिलन कार्यक्रम में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिवमोहन शुक्ला, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेन्द्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र कुमार, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भण्डारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबरिया, जिला परीवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत विभाग अभिनव रावत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
नमामि गंगे, बाढ़ सुरक्षा और नहर विस्तार परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा
देहरादून/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल से शिष्टाचार भेंट कर वर्ष 2027 में हरिद्वार में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारियों तथा नमामि गंगे से संबंधित परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने महाकुंभ 2027 के सफल, सुव्यवस्थित और पर्यावरणीय दृष्टि से सतत आयोजन के लिए राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के अंतर्गत ₹408.82 करोड़ की परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि जनवरी से अप्रैल 2027 तक आयोजित इस महाआयोजन में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने बाढ़ सुरक्षा कार्यों के लिए ₹253 करोड़ के प्रस्तावों की स्वीकृति, जल जीवन मिशन के अंतर्गत अतिरिक्त धनराशि जारी करने तथा इकबालपुर, कनखल और जगजीतपुर नहर प्रणाली की क्षमता विस्तार का भी अनुरोध किया। इससे 665 क्यूसेक अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा और भगवानपुर व लक्सर क्षेत्र की लगभग 13 हजार हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिल सकेगी। साथ ही पेयजल समस्या के समाधान में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से हरिद्वार महाकुंभ 2027 को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप दिया जाएगा तथा गंगा संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा।
भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक, मंत्री गणेश जोशी ने दिये आवश्यक दिशा-निर्देश
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विधान सभा स्थित कार्यालय कक्ष में अपने विधानसभा क्षेत्र मसूरी स्थित भिलाडू में स्टेडियम के संबंध में खेल विभाग, वन विभाग एवं पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की तथा सम्बन्धित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
मंत्री ने कहा कि मसूरी स्थित भिलाडू में स्थानीय जनता द्वारा लम्बी अवधि से स्टेडियम की मांग की जा रही है। स्टेडियम के लिए एक्टेंशन मार्ग हेतु चिहिन्त भूमि वन भूमि होने के करण वन विभाग द्वारा समय-समय पर आपत्ति लगाये जाने के कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम को हस्तान्तरित नहीं हो पा रही है। जिसके कारण कार्यदायी संस्था पेयजल निगम स्टेडियम निर्माण का कार्य नहीं कर पा रहा है।
मंत्री ने कहा कि बैठक में वन विभाग के अधिकारियों से भूमि हस्तान्तरण की कार्यवाही की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी ली गयी। भूमि हस्तान्तरण सम्बन्धी कार्यवाही नोडल अधिकारी स्तर तक पूर्ण हो गयी है तथा पत्रावली शासन स्तर पर भेजी जानी है। विश्वास है कि आगामी दो माह के भीतर भूमि हस्तान्तरण का कार्य पूर्ण हो जायेगा तथा बच्चों/खिलाड़ियो को स्थानीय स्तर पर स्टेडियम की सुविधा मिल सकेगी।
बैठक में अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मसूरी मीरा सकलानी, सचिव खेल आशीष चौहान, डीएफओ मसूरी वन प्रभाग अमित कंवर तथा अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।
