उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री धामी से भेंट की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सरकारी कार्यालयों और कार्यस्थलों पर अधिकारी- कर्मचारी और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए मुख्य सचिव को एसओपी बनाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। 21 फरवरी को प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में निदेशक अजय नौडियाल के साथ मारपीट पर चिंता जताई गई। साथ ही अन्य स्थानों पर सरकारी अधिकारी- कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए, ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने कर्मचारी नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि सरकार कार्मिकों के मान – सम्मान और सुरक्षा को लेकर हमेशा गंभीर रही है।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को फोन कर, अधिकारी, कर्मचारियों और शिक्षकों की सुरक्षा के लिए एसओपी तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने डीजीपी को भी निर्देश दिए हैं कि सरकारी कार्यालयों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, साथ ही इस तरह की घटनाओं पर त्वरित कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने एसएसपी को भी शिक्षा निदेशालय में हुई घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।
इस मौके पर राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष प्रताप सिंह पंवार, उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के अध्यक्ष राम सिंह चौहान, महामंत्री मुकेश बहुगुणा, पूर्व संयुक्त निदेशक प्रदीप रावत,दीपक जोशी एवं अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
कैंसर आज के समय की सबसे तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारियों में शामिल हो चुका है। दुनिया भर में यह न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है, बल्कि हर साल लाखों लोगों की जान भी ले रहा है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खान-पान, बढ़ता प्रदूषण और रसायनों के संपर्क ने इस खतरे को और अधिक बढ़ा दिया है। भारत में भी कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा देखा जा रहा है, जिसे लेकर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
हालिया रिपोर्ट्स में चेतावनी दी गई है कि आने वाले वर्षों में कैंसर के मामलों में और तेज वृद्धि हो सकती है। अनुमान है कि साल 2040 तक स्थिति और गंभीर हो सकती है, जहां बहुत कम अंतराल में नए मरीज सामने आएंगे। ऐसे में समय रहते इसके संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है। बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन घटना भी कई बार एक गंभीर बीमारी की ओर इशारा कर सकता है।
कैंसर किन कारणों से होता है?
विशेषज्ञों के मुताबिक कैंसर की शुरुआत शरीर की कोशिकाओं के डीएनए में बदलाव (म्यूटेशन) से होती है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं—
तंबाकू और धूम्रपान का सेवन
वायु प्रदूषण और रेडिएशन
अस्वस्थ खान-पान और मोटापा
आनुवंशिक कारण
एचपीवी और हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण
भारत में बड़ी संख्या में कैंसर के मामले तंबाकू सेवन से जुड़े पाए गए हैं, जो इसे सबसे बड़ा जोखिम कारक बनाता है।
बिना कारण वजन घटना क्यों हो सकता है खतरनाक?
अचानक और तेजी से वजन कम होना हमेशा सामान्य नहीं होता। कई बार यह शरीर में चल रही गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। कैंसर के मामलों में यह लक्षण अक्सर देखने को मिलता है, हालांकि हर बार इसका मतलब कैंसर ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
कैंसर में वजन क्यों घटता है?
कैंसर के दौरान शरीर के अंदर कई जैविक बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से वजन तेजी से कम होने लगता है—
कैंसर कोशिकाएं शरीर की ऊर्जा और पोषण का ज्यादा उपयोग करती हैं
मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने से भूख कम हो जाती है
शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों और फैट को तोड़ने लगता है
इम्यून सिस्टम की प्रतिक्रिया से सूजन बढ़ती है, जिससे खाने की इच्छा कम होती है
कुछ मामलों में इंसुलिन रेजिस्टेंस भी विकसित हो जाता है
इसके अलावा इलाज के दौरान कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के कारण मतली, उल्टी और स्वाद में बदलाव जैसे दुष्प्रभाव भी वजन घटने का कारण बनते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बड़ी संख्या में कैंसर मरीजों में वजन कम होने की समस्या देखी जाती है, जो शरीर की कमजोरी और रिकवरी पर भी असर डालती है। इसलिए इसे एक महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत माना जाता है।
कैंसर से बचाव के उपाय
कैंसर से बचने के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे प्रभावी तरीका है—
तंबाकू और धूम्रपान से पूरी तरह दूरी
संतुलित और पौष्टिक आहार का सेवन
नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण
शराब का सीमित या शून्य सेवन
प्रदूषण और हानिकारक रसायनों से बचाव
समय-समय पर हेल्थ चेकअप और स्क्रीनिंग
समय पर पहचान और सही जीवनशैली अपनाकर कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी लक्षण की स्थिति में डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
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चार घंटे तक रहा यातायात ठप
देवप्रयाग। ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी मार्गों की संवेदनशीलता को उजागर कर दिया। तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक गिरे भारी बोल्डर की चपेट में आने से एक ट्रक चालक की मौत हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, ऋषिकेश से सीमेंट लेकर श्रीनगर की ओर जा रहा ट्रक जैसे ही तोताघाटी क्षेत्र में पहुंचा, तभी ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर गिरने लगे। देखते ही देखते एक विशाल बोल्डर सीधे ट्रक पर आ गिरा, जिससे चालक की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
हादसे के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बाधित हो गया और करीब चार घंटे तक यातायात ठप रहा। मौके पर पहुंची राहत एवं बचाव टीम ने काफी मशक्कत के बाद मलबे और बोल्डर को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला।
मृतक की पहचान मुरारी लाल (55) निवासी कर्णप्रयाग के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर देवप्रयाग स्थित अस्पताल भेज दिया है और परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है।
घटना के बाद सुबह तक मार्ग से मलबा हटाकर यातायात बहाल कर दिया गया। प्रशासन ने एक बार फिर चेताया है कि तोताघाटी क्षेत्र भूस्खलन और पत्थर गिरने की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील ब्लैक स्पॉट है, जहां यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा अवॉर्ड्स में भारतीय सिनेमा ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। मणिपुरी फिल्म ‘बूंग’ ने इंटरनेशनल स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाते हुए बेस्ट चिल्ड्रन्स एंड फैमिली फिल्म का खिताब अपने नाम किया। इस जीत ने न सिर्फ फिल्म से जुड़े कलाकारों और निर्माताओं को गौरवान्वित किया, बल्कि भारतीय सिनेमा को भी वैश्विक मंच पर नई मजबूती दी।
‘बूंग’ की इस सफलता ने कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए इतिहास रच दिया। यह पहली बार है जब किसी भारतीय फिल्म ने बाफ्टा अवॉर्ड जीता है। फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है, जबकि इसे फरहान अख्तर की प्रोडक्शन कंपनी के साथ अन्य बैनरों ने मिलकर तैयार किया है।
अवार्ड की दौड़ में ‘बूंग’ का मुकाबला फ्रांस और अमेरिका की चर्चित फिल्मों से था, लेकिन अपनी भावनात्मक कहानी और सादगी भरे प्रस्तुतिकरण के चलते इस फिल्म ने निर्णायकों का दिल जीत लिया। फिल्म की कहानी एक छोटे से गांव के लड़के के इर्द-गिर्द घूमती है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ती है।
फिल्म को इससे पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सराहना मिल चुकी है। 2024 में टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में इसके वर्ल्ड प्रीमियर के बाद से ही ‘बूंग’ को लगातार प्रशंसा मिल रही है, जो अब इस बड़े सम्मान के रूप में सामने आई है।
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पौड़ी। होली पर्व को देखते हुए जनपद में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष अभियान चलाया है। सहायक आयुक्त (खाद्य संरक्षा एवं औषधि) पी. सी. जोशी ने बताया कि जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में सघन निरीक्षण कर दूध, दुग्ध उत्पाद, खाद्य तेल, नमकीन, मिठाई, कोल्ड ड्रिंक व जूस सहित कुल 156 नमूने जांच हेतु राजकीय प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
सहायक आयुक्त ने बताया कि अब तक प्राप्त 81 जांच रिपोर्टों में 16 नमूने खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। ऐसे मामलों में संबंधित विक्रेताओं एवं निर्माताओं के विरुद्ध अपर जिलाधिकारी न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं। शेष नमूनों की रिपोर्ट प्राप्त होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि खाद्य टीम द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 12 खाद्य वस्तुओं के नमूने जांच के लिए भेजे और खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता व गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
पी. सी. जोशी ने बताया कि जिन प्रतिष्ठानों की जांच रिपोर्ट मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाएगी, उनके विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी कोटद्वार संदीप मिश्रा, पौड़ी रचना लाल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी पौड़ी उपेन्द्र सिंह उपस्थित रहे।
बल्लेबाजी फ्लॉप, भारत 111 रन पर ढेर; दक्षिण अफ्रीका का दमदार प्रदर्शन
नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 में भारत का विजयी रथ आखिरकार थम गया। सुपर आठ के अहम मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम को 76 रनों से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इस हार ने न सिर्फ भारत की लगातार जीत का सिलसिला तोड़ा, बल्कि सेमीफाइनल की राह भी मुश्किल बना दी।
दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट पर 187 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारतीय टीम दबाव में बिखर गई और 18.5 ओवर में महज 111 रन पर ऑलआउट हो गई। पूरी पारी के दौरान भारतीय बल्लेबाजी लय में नजर नहीं आई और टीम बड़े लक्ष्य का पीछा करने में पूरी तरह नाकाम रही।
भारतीय टीम की हार की सबसे बड़ी वजह उसकी कमजोर बल्लेबाजी रही। शुरुआत से ही विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा और पावरप्ले में ही तीन विकेट गंवाने से टीम दबाव में आ गई। मध्यक्रम भी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा, जिससे वापसी की उम्मीदें खत्म हो गईं। टीम का एक या दो खिलाड़ियों पर अधिक निर्भर रहना भी इस मैच में भारी पड़ा।
इस मुकाबले में भारत की बल्लेबाजी इतनी खराब रही कि चार बल्लेबाज खाता तक नहीं खोल सके। शिवम दुबे ने 42 रन बनाकर कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास समर्थन नहीं मिला। कप्तान सूर्यकुमार यादव और हार्दिक पांड्या भी छोटी पारियां खेलकर लौट गए।
वहीं, दक्षिण अफ्रीका की ओर से गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। मार्को यानसेन ने चार विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी, जबकि केशव महाराज और अन्य गेंदबाजों ने भी सटीक गेंदबाजी की।
इससे पहले दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरुआत भी खराब रही थी, लेकिन डेविड मिलर और डेवाल्ड ब्रेविस की साझेदारी ने मैच का रुख बदल दिया। दोनों ने चौथे विकेट के लिए 97 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। मिलर ने 63 रन की तेज पारी खेली, जबकि ब्रेविस ने 45 रन बनाकर अहम योगदान दिया।
यह हार भारत के लिए कई मायनों में झटका है। लंबे समय बाद आईसीसी टूर्नामेंट में टीम को हार का सामना करना पड़ा है, साथ ही टी20 विश्व कप इतिहास में रनों के लिहाज से यह उसकी सबसे बड़ी हार भी बन गई है। अब सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए भारत को अपने अगले मुकाबलों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।
ऋषिकेश में मातृशक्ति ने गौ संवर्द्धन के लिए लिया संकल्प, कुसुम कंडवाल की अपील पर फिल्म ‘गोदान’ देखने उमड़ीं महिलाएं
ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल के एक आह्वान पर ऋषिकेश के ‘रामा पिक्चर पैलेस’ में नारी शक्ति का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। अवसर था गौ-संवर्धन और सांस्कृतिक चेतना पर आधारित फिल्म ‘गोदान’ के विशेष प्रदर्शन का, जहाँ क्षेत्र की लगभग 1100 से अधिक महिलाओं ने शिरकत कर आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम की लोकप्रियता का आलम यह रहा कि सिनेमाघर की क्षमता कम पड़ गई और हॉल ‘हाउसफुल’ हो गया। 1100 से अधिक महिलाओं की भारी भीड़ के कारण जिन महिलाओं को भीतर स्थान नहीं मिल सका, उन्हें इस फिल्म की अगली प्रस्तुति पर फिल्म देखने के लिए कहा गया।
इस दौरान एक प्रेरक दृश्य तब देखने को मिला जब सीट फुल हो जाने पर सिनेमा हॉल में प्रवेश न होने के कारण बाहर रुकी महिलाओं ने सामूहिक रूप से अपने-अपने मोबाइल फोन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 131वें संस्करण को सुना। यह दृश्य महिलाओं की अटूट एकजुटता और राष्ट्रीय विषयों के प्रति उनकी सजगता का जीवंत प्रमाण बना।
इस अवसर पर मातृशक्ति को संबोधित करते हुए कुसुम कंडवाल ने कहा कि ‘रामा पिक्चर पैलेस’ में गौ-संवर्धन आधारित फिल्म ‘गोदान’ के माध्यम से समाज में एक सकारात्मक और प्रेरणादायी संदेश प्रसारित करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा, “गौ-संरक्षण व गौ-संवर्धन की यह कहानी समाज की सोच बदल सकती है। गाय केवल आस्था नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, समाज और विज्ञान का संगम है। यह फिल्म वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण के साथ-साथ आधुनिकता एवं परंपराओं का एक अद्वितीय समन्वय प्रस्तुत करती है।
वहीं कंडवाल ने आगे कहा कि गौ माता के प्रति श्रद्धा और सेवा भाव हमारे संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहा है। यह आयोजन केवल एक फिल्म प्रदर्शन नहीं, बल्कि गौ-सेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाने, सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का एक सार्थक प्रयास है।
इस भव्य कार्यक्रम में सरोज डिमरी, माधवी गुप्ता, सुंदरी कंडवाल, कमला नेगी, लक्ष्मी सेमवाल, सोनी रावत, पुष्पा ध्यानी, अनिता तिवाड़ी, रीना शर्मा, नीलम चमोली, हिमानी कौशिक, निवेदिता सरकार, निर्मला उनियाल, माधुरी नरेंद्र शर्मा, सीमा पंवार, आरती कौशिक सहित क्षेत्र की अनेकों प्रबुद्ध महिलाएं और भारी संख्या में मातृशक्ति उपस्थित रही। उपस्थित महिलाओं ने महिला आयोग की इस पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की और इसे समाज को जोड़ने वाला एक अत्यंत प्रेरणादायक कदम बताया।
पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार में कुंभ मेला 2027 तैयारियों का लिया जायजा
हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा हेतु हरिद्वार पहुंचे। कुम्भ मेला नियंत्रण भवन ( सीसीआर ) पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने कुम्भ मेला 2027 के लिए राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत 34 प्रमुख अवसंरचना कार्यों का शिलान्यास किया।
रु. 234.55 करोड़ की लागत के इन स्थाई प्रवृत्ति के कार्यों का उद्देश्य कुंभ मेले के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के साथ-साथ हरिद्वार शहर के दीर्घकालीन विकास को सुदृढ़ करना है।
शिलान्यास किये गए कार्यों का सेक्टरवार सारांश निम्नानुसार है :-
1. घाट निर्माण एवं सिंचाई अवसंरचना के कुल 07 कार्य लागत रु. 70.54 करोड़
2. सड़क एवं परिवहन अवसंरचना के कुल 12 कार्य लागत रु. 127.23 करोड़
3. पेयजल एवं जल आपूर्ति अवसंरचना के कुल 09 कार्य लागत रु. 18.11 करोड़
4. श्रद्धालु सुविधाएँ एवं सहायक अवसंरचना के कुल 06 कार्य लागत रु. 18.67 करोड़
‘उत्कर्ष’ परियोजना से बदलेगी शिक्षा व्यवस्था, डिजिटल होंगे सरकारी विद्यालय
देहरादून। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन देहरादून ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षा को आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत जनपद के स्कूलों में स्मार्ट क्लास सुविधा विकसित करने के लिए 880 स्मार्ट टीवी खरीदे गए हैं। इन स्मार्ट टीवी के माध्यम से छात्रों को डिजिटल, इंटरएक्टिव और दृश्य-आधारित शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी निजी विद्यालयों जैसी आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकेंगे।
जिला प्रशासन द्वारा पिछले डेढ़ वर्ष से ‘उत्कर्ष’ परियोजना के तहत सरकारी स्कूलों को सुविधासंपन्न बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत स्कूलों में फर्नीचर, खेल सुविधाएं, शौचालय, बिजली, पेयजल, मंकीनेट और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर खरीदे गए स्मार्ट टीवी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्री-डिस्पेच इंस्पेक्शन (PDI) कराया जाएगा। इसके तहत जिला सूचना विज्ञान अधिकारी और मुख्य शिक्षा अधिकारी पांडिचेरी स्थित कंपनी के विनिर्माण स्थल पर जाकर उपकरणों की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों और सुरक्षा पहलुओं की जांच करेंगे।
निरीक्षण में संतोषजनक पाए जाने के बाद ही इन उपकरणों को देहरादून भेजा जाएगा। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि विद्यालयों को उच्च गुणवत्ता के संसाधन मिलें और सार्वजनिक धन का उपयोग पारदर्शी तरीके से हो।
इस पहल से न केवल शिक्षण प्रक्रिया अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी, बल्कि शिक्षकों को भी ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूल भी तकनीकी रूप से सशक्त होंगे।
जिला प्रशासन का मानना है कि स्मार्ट क्लास परियोजना से हजारों छात्रों को आधुनिक शिक्षण संसाधनों का लाभ मिलेगा और भविष्य की डिजिटल शिक्षा प्रणाली के लिए मजबूत आधार तैयार होगा।
गुप्तकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुप्तकाशी (जनपद रुद्रप्रयाग) में वरिष्ठ भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ता स्व. अटल वाजपेयी के आवास पहुँचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी शोक संवेदनाएँ व्यक्त कीं।
मुख्यमंत्री ने स्व. अटल वाजपेयी के संगठनात्मक योगदान एवं जनसेवा के प्रति उनके समर्पण को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन समाज और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करें।
