विकसित भारत का लक्ष्य प्राप्त करने में भूमिका निभाएगा विकसित उत्तराखंड का विजन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस दो दिवसीय शिविर के माध्यम से, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए ठोस, व्यवहारिक और समयबद्ध रणनीति तैयार की जाएगी। इस दौरान उत्तराखण्ड के समग्र विकास से जुड़े सभी प्रमुख क्षेत्रों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। जिससे राज्य के भविष्य के लिए एक स्पष्ट, व्यवहारिक और समयबद्ध दिशा निर्धारित की जा सकेगी।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को पूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प तभी साकार हो सकता है जब देश का प्रत्येक राज्य समान रूप से विकसित हो। इसके लिए उत्तराखण्ड को भी अपने संसाधनों, क्षमताओं और विशिष्टताओं के अनुरूप विकास की एक स्पष्ट और दीर्घकालिक दिशा तय करनी होगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा प्रस्तुत “विकसित भारत” का संकल्प किसी एक सरकार, किसी एक कार्यकाल या किसी एक योजना तक सीमित नहीं है, बल्कि ये एक ऐसा व्यापक और दीर्घकालिक राष्ट्रीय दृष्टिकोण है, जिसमें भारत को आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, सामरिक तथा सांस्कृतिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक नेतृत्वकर्ता राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का संकल्प निहित है। इस विज़न की सबसे बड़ी विशेषता है कि इसमें विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसे मानव केंद्रित, समावेशी और सतत बनाया गया है। विकसित भारत का अर्थ एक ऐसे भारत का निर्माण है जहाँ प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्राप्त हों, जहाँ शासन व्यवस्था पारदर्शी, संवेदनशील और जन-केंद्रित हो।
प्रशासनिक तंत्र की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति निर्माण से लेकर उसके क्रियान्वयन और अंतिम सफलता तक प्रशासन की सक्रियता, संवेदनशीलता और दक्षता ही ये तय होती है। इसलिए इस विज़न को साकार करने में प्रशासनिक तंत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए हमारे प्रशासन को न केवल तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा, बल्कि प्रत्येक नीति, निर्णय और योजना को ‘लक्ष्य आधारित’ एवं ‘जन-केंद्रित’ दृष्टि से लागू करना होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आप लोग अपने कार्यों को केवल आदेश देने या मीटिंग करने तक सीमित न रखें, बल्कि अपने दायरे में आने वाले प्रत्येक कार्य को नवाचार, पारदर्शिता, समयबद्ध और परिणाम केंद्रित दृष्टिकोण के साथ तत्परता और जवाबदेही के साथ पूर्ण करें। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज हम विकसित उत्तराखंड से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने का रोडमैप बना रहे हैं। इसका अर्थ केवल योजनाएं और नीतियां बनाने या लक्ष्य निर्धारित करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि हमें ये ये देखना होगा कि हमारी योजनाओं और नीतियों से आम नागरिकों के जीवन में क्या बदलाव आएगा। इसके लिए हमें, किसानों की आय वृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार सृजन, महिलाओं के लिए समान अवसर जैसे मानकों पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति ही विकसित उत्तराखंड और विकसित भारत की वास्तविक कसौटी तय करेंगे।
टीम उत्तराखंड की तरह कार्य करें
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के नाते हमारे सामने कुछ विशेष चुनौतियाँ भी हैं, लेकिन इन्हीं चुनौतियों के भीतर अनेकों अवसर छिपे हुए हैं। यदि हम अपनी नीतियों और योजनाओं को राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, स्थानीय आवश्यकताओं और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालें, तो उत्तराखण्ड इकोनॉमी और इकोलॉजी के बीच संतुलन स्थापित कर देश में विकास को नई दिशा दे सकता है। इसके लिए हमें तय करना होगा कि वर्ष 2047 में हमारा राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, पर्यटन, कृषि, ऊर्जा, तकनीक और सुशासन जैसे क्षेत्रों में किस स्तर तक पहुँचना चाहिए। साथ ही साथ विभागीय सीमाओं से ऊपर उठकर विजन 2047 को साकार करने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करते हुए आगामी पच्चीस वर्षों की स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि हमें “सोलो प्लेयर” वाली मानसिकता से ऊपर उठकर निकलकर “टीम उत्तराखंड” के रूप में कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस स्थान से आपने अपनी सेवा शुरु की है वहां के विकास पर विशेष ध्यान दें, साथ ही जन जन की सरकार, जन जन के द्वार कार्यक्रम के दौरान सामने आने वाली जनसमस्याओं को डायरी में नोट करते हुए, उनके निराकरण करें।
विकसित उत्तराखण्ड की नींव
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तराखंड की नींव सुशासन, तकनीक एवं नवाचार और जन केंद्रित सतत एवं संतुलित विकास के तीन स्तंभों पर टिकी है। सुशासन का अर्थ केवल नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करना नहीं बल्कि हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि हर निर्णय समय पर हो, हर योजना पारदर्शी हो और हर अधिकारी अपने दायित्व के प्रति जवाबदेह हो। उन्होंने कहा कि हमें ई-गवर्नेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स सहित आधुनिक तकनीकों का उपयोग करके शासन को और अधिक प्रभावी, तेज और पारदर्शी बनाना होगा। साथ ही ये भी सुनिश्चित करना होगा कि तकनीक केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित न रहे, बल्कि दूरस्थ और सीमांत गाँवों तक भी पहुँचे। इसके साथ ही, हमारी नीतियों और योजनाओं के केंद्र में आम नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास प्रशासन की सबसे बड़ी पूंजी है और इसे बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील राज्य में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। आपदा प्रबंधन को हमें विकास योजना का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा।
निर्धारित करें आउटपुट और आउटकम
उन्होंने कहा कि अधिकारियों को प्रत्येक योजना का स्पष्ट आउटपुट और आउटकम निर्धारित करना होगा। केवल रुपया व्यय हो जाना ही किसी योजना की सफलता का पैमाना नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आपका प्रत्येक निर्णय केवल आज को प्रभावित नहीं करता, बल्कि आने वाले भविष्य की दिशा भी तय करता है। बतौर प्रशासनिक अधिकारी आपके निर्णय, कार्य और नीतियों से जनता के जीवन में जो सकारात्मक परिवर्तन हुए हैं, वही भविष्य में आपकी वास्तविक पहचान बनेंगे। इसलिए अपने दायित्वों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी न समझें, बल्कि इसे समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण का अवसर मानकर निभाएँ। उन्होंने कहा कि कभी कभी देखने में आता है कि जनता की बात अनसुनी रह जाती है, कभी लालफीताशाही कार्यों में देरी लाती है ये स्थितियाँ प्रशासन पर जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और विकसित उत्तराखण्ड की ये यात्रा लंबी है, यदि हमारी दिशा सही रहेगी, हमारी नीति स्पष्ट रहेगी, हमारी नीयत साफ रहेगी और हमारा संकल्प अडिग रहेगा तो हम अपने लक्ष्य को पूर्ण करने में अवश्य सफल रहेंगे।
संबोधन में बाद भी मंथन में शामिल हुए सीएम
सिविल सर्विसेस इंस्टीट्यूट में आयोजित चिन्तन शिविर एवं डॉयलाग ऑन विजन 2047 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उद्घाटन सत्र के बाद भी काफी देर तक शामिल हुए। प्रथम सत्र में संबोधन के बाद, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंच के नीचे हॉल की प्रथम पंक्ति में बैठ गए। इस दौरान मंच पर विभिन्न विषयों पर मंथन और संवाद चलता रहा, सीएम पुष्कर सिंह धामी इस दौरान हॉल में बैठकर, परिचर्चा को सुनते रहे, साथ ही संवाद के प्रमुख बिंदुओं और सुझावों को नोट भी करते रहे।
इस अवसर पर सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग से प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. नीलम पटेल, आईएएस अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ मौजूद थे।
बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विवेक और नवीनता का प्रतीक- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समस्त प्रदेशवासियों को माँ सरस्वती की आराधना और ऋतुराज बसंत के आगमन के पावन पर्व बसंत पंचमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विवेक और नवीनता का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि यह पावन अवसर प्रदेशवासियों के जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और सुख-समृद्धि का संचार करे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माँ सरस्वती की कृपा से समाज में ज्ञान का प्रकाश फैले और प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। उन्होंने सभी से इस पर्व को उत्साह, श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाने का आह्वान किया।
मसूरी, चकराता और धनौल्टी में सीजन की पहली बर्फबारी
28 जनवरी तक खराब मौसम के आसार
देहरादून। लंबे इंतजार के बाद उत्तराखंड में मौसम ने आखिरकार करवट ले ली है। राजधानी देहरादून सहित प्रदेश के कई हिस्सों में शुक्रवार सुबह से बारिश और बूंदाबांदी का सिलसिला जारी है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। मौसम में आए इस बदलाव से प्रदेशभर में ठिठुरन बढ़ गई है।
निचले इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, वहीं केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री, मसूरी, चकराता और धनौल्टी जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ की फुहारें गिर रही हैं। बर्फबारी से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे शीतलहर का असर बढ़ गया है।
मसूरी, धनौल्टी और चकराता में सीजन की पहली बर्फबारी
पहाड़ों की रानी मसूरी के लालटिब्बा क्षेत्र में हल्की बर्फबारी दर्ज की गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों में खासा उत्साह देखने को मिला। वहीं धनौल्टी में बसंत पंचमी के दिन सीजन की पहली बर्फबारी हुई, जिससे पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
चकराता क्षेत्र की ऊंची पहाड़ियों लोखंडी, आसमाड़, खड़म्बा, देवबन, मशक, कोटी कंसार और मुंडोई में भी साल की पहली बर्फबारी हुई है। इन इलाकों में पहाड़ियां सफेद चादर से ढक गई हैं और तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तरकाशी, टिहरी और रुद्रप्रयाग में बदला मौसम
उत्तरकाशी जनपद के गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित हर्षिल और खरसाली क्षेत्र में हल्की से मध्यम बर्फबारी हो रही है। गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा और आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र में भी बर्फ गिरने से ठंड बढ़ गई है।
नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई है और बादल छाए हुए हैं। रुद्रप्रयाग जिले में मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 2300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है, जबकि अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि, बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है।
28 जनवरी तक बना रह सकता है बदला मौसम
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेशभर में 28 जनवरी तक मौसम का मिजाज ऐसा ही बने रहने की संभावना है। निचले इलाकों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है।
सीजन की पहली बर्फबारी से जहां ठंड बढ़ी है, वहीं यह पर्यटन कारोबारियों, सैलानियों और किसानों के लिए राहत और उम्मीद भी लेकर आई है। लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे लोगों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आ रही है।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून शहर एवं उसके आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विभिन्न वार्डों और ग्राम क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं आंतरिक मार्गों के विकास से जुड़े कार्यों का स्थानीय विधायक बृजभूषण गैरोला द्वारा संबधित वार्डों के पार्षदों के साथ एमडीडीए अधिकारियों की मौजूदगी में शिलान्यास किया गया। विधायक ने कहा इन विकास कार्यों से स्थानीय नागरिकों को बेहतर आवागमन सुविधा के साथ-साथ सुरक्षित और सुचारु यातायात का लाभ मिलेगा। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में किए गए इन सड़क निर्माण कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों को मजबूत कनेक्टिविटी प्रदान करना है, जिससे स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, बुजुर्गों और व्यापारियों को दैनिक आवागमन में सुविधा हो सके। विधायक डोईवाला विधानसभा बृजभूषण गैरोला के मार्गदर्शन में तथा क्षेत्रीय पार्षदों के सहयोग से इन विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जायेगा।
डोईवाला के वार्ड संख्या-08 अठुरवाला क्षेत्र में निर्मल डिमरी के आवास से दीपक पंवार के आवास तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही वार्ड संख्या-07 जोग्याणा में भी सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन कार्यों में स्थानीय पार्षद रमेश बिष्ट की सक्रिय भूमिका रही।
इसके अतिरिक्त डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बुल्लावाला मारखमग्रांट मार्ग पर सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। वार्ड संख्या-17 कुड़कावाला में हरजिंदर सिंह के आवास से खुशहाल सिंह के आवास तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इन कार्यों में पार्षद विनीत राजपूत की सक्रिया भूमिका रही।
वार्ड संख्या-08 अठुरवाला के सुरकंडा विहार क्षेत्र में आंतरिक सड़क निर्माण कार्य का भी शिलान्यास किया गया। उक्त कार्य में पार्षद संदीप सिंह नेगी की भूमिका सराहनीय रही।
इसी क्रम में वार्ड संख्या-10 भानियावाला क्षेत्र में जगदम्बा चमोली के आवास से रौथाण मार्ट तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। इसी क्रम में वार्ड नंबर-10 बौराड़ी में निर्मल जुयाल के घर से शीशपाल नेगी के घर तक सड़क निर्माण कार्य का शिलान्यास किया गया। वार्ड 10 की आंतरिक सड़कों के निर्माण कार्यों का भी शिलान्यास किया गया। इन सभी विकास कार्यों में पार्षद ईश्वर सिंह रौथाण द्वारा सक्रिय सहयोग प्रदान किया गया।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष, बंशीधर तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून एवं आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए एमडीडीए लगातार कार्य कर रहा है। डोईवाला विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न वार्डों में सड़क निर्माण कार्य आमजन की लंबे समय से चली आ रही मांगों को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। बेहतर सड़कों से आवागमन सुगम होगा, दुर्घटनाओं में कमी आएगी और स्थानीय विकास को गति मिलेगी। प्राधिकरण का प्रयास है कि जनप्रतिनिधियों के सहयोग से गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाए।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि भविष्य में भी क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप सड़क, जल निकासी एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्य निरंतर जारी रहेंगे। एमडीडीए का लक्ष्य आम नागरिकों को बेहतर, सुरक्षित और टिकाऊ अधोसंरचना उपलब्ध कराना है, जिससे देहरादून शहर और आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
चालक फरार, जांच में जुटी पुलिस
विकासनगर। सेलाकुई थाना क्षेत्र के बहादुरपुर में एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार से आ रही एक जीप अनियंत्रित होकर दुकान के सामने बनी दीवार तोड़ते हुए सीधे घर में जा घुसी। इस हादसे में डेढ़ वर्षीय बच्ची ताशी गुप्ता और 16 वर्षीय किशोर वेदांश वाहन की चपेट में आ गए।
दुर्घटना में मासूम बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जबकि किशोर को मामूली चोटें आईं। परिजन घायल बच्ची को तत्काल धूलकोट स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बच्ची की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस के अनुसार हादसे के समय वाहन सेलाकुई से बहादुरपुर की ओर जा रहा था, तभी अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया। प्रारंभिक जानकारी में वाहन का एक्सल टूटना या आगे अचानक जानवर का आ जाना दुर्घटना का कारण बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
थाना प्रभारी पीडी भट्ट ने बताया कि दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया है। वाहन को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है और आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। चालक लक्खनवाला क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है और उसके एक स्थानीय भाजपा नेता का भतीजा होने की भी चर्चा है।
पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष से तहरीर मिलने के बाद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतका के पिता पेशे से इंजीनियर हैं और ताशी उनकी इकलौती संतान थी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
बिना नक्शा मंजूरी निर्माणों पर सीलिंग,अवैध प्लॉटिंग पर बुलडोजर एक्शन
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत अवैध निर्माणों और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई निरंतर जारी है। प्राधिकरण द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना मानचित्र स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में एमडीडीए की टीम द्वारा देहरादून एवं ऋषिकेश क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर चिन्हित अवैध निर्माणों एवं अवैध प्लॉटिंग पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान संबंधित निर्माणों को सील करने के साथ-साथ जहां आवश्यक हुआ, वहां ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी अपनाई गई।
ऋषिकेश क्षेत्र में निर्मल बाग बी-ब्लॉक मार्ग, लेन नंबर–10 के समीप किए जा रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण की टीम द्वारा सीलिंग की कार्रवाई की गई। निर्माण कार्य बिना आवश्यक अनुमति के किए जाने पर यह कार्रवाई की गई।
तुलसी देवी द्वारा ओल्ड पोस्ट ऑफिस, बनखंडी क्षेत्र, ऋषिकेश में किए जा रहे अवैध निर्माण को भी नियमों के उल्लंघन के चलते सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश क्षेत्र में सुनील सोनी द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिले भवन पर एमडीडीए द्वारा सख्त रुख अपनाते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह भवन बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमानुसार अनुमति के निर्माणाधीन था। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, पूनम सकलानी सहित पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा, जिससे कार्रवाई शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित रूप से संपन्न कराई जा सके।
देहरादून क्षेत्र में भी अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए फुरकान अन्य आदि द्वारा आसन विहार, हरभजवाला क्षेत्र में लगभग 20 से 25 बीघा भूमि पर की गई अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के आदेशों के क्रम में की गई। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता विजय सिंह रावत, अवर अभियंता अभिजीत सिंह थलवाल एवं सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे। एमडीडीए द्वारा दोहराया गया कि अवैध प्लॉटिंग न केवल शहरी नियोजन को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि आम नागरिकों के लिए भविष्य में गंभीर समस्याएं भी उत्पन्न करती है। प्राधिकरण आम जनता से अपील करता है कि किसी भी प्रकार की भूमि खरीदने या निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति एवं मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें।प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी अवैध निर्माणों एवं प्लॉटिंग के विरुद्ध ऐसी कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अवैध प्लॉटिंग के विरुद्ध एमडीडीए की कार्रवाई पूरी सख़्ती के साथ लगातार जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी निर्माण को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अवैध प्लॉटिंग शहरी नियोजन, पर्यावरण और नागरिक सुविधाओं के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि भूमि क्रय या निर्माण से पूर्व संबंधित प्राधिकरण से अनुमति अवश्य लें। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माणों और प्लॉटिंग के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई नियमानुसार और चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण की टीमें लगातार क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और जहां भी अनियमितता पाई जा रही है, वहां तत्काल सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। आमजन के हितों की रक्षा एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
हरिद्वार में गायत्री परिवार के शताब्दी समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री अमित शाह
हरिद्वार। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरूवार को हरिद्वार में आयोजित अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह में गायत्री परिवार द्वारा किए जा रहे सामाजिक, सांस्कृतिक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यों की सराहना की तथा आचार्य श्रीराम शर्मा के योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं में विश्व की समस्याओं का समाधान निहित है।
गृह मंत्री ने कहा कि श्रीराम शर्मा आचार्य ने सनातन धर्म में व्याप्त विकृतियों को दूर कर आध्यात्मिकता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ा तथा समानता, संस्कृति, एकता और अखंडता के मूल्यों को सुदृढ़ किया। उन्होंने “व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और राष्ट्र निर्माण” के विचार को व्यवहार में उतारने का मार्ग प्रशस्त किया। शाह ने आचार्य जी के संदेश “हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा” को मानव कल्याण का मूल मंत्र बताते हुए इसे जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
गृह मंत्री ने कहा कि बीते दस वर्षों में देश की कार्य-संस्कृति और सोच में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन आया है। आज भारत को उसकी गौरवशाली विरासत, संस्कृति और मूल्यों के संदर्भ में आदर भाव से देखा जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद और अरविंद घोष जैसे युगपुरुषों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के उत्कर्ष से मानवता का उत्कर्ष सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि देवभूमि हरिद्वार में कदम रखते ही आध्यात्मिक अनुभूति होती है और गायत्री मंत्र व्यक्ति के भीतर सद्भाव, राष्ट्र सेवा और मानव कल्याण की चेतना को जाग्रत करता है। उन्होंने युवाओं से आत्म-सुधार को सबसे बड़ी सामाजिक सेवा मानकर इसे जीवन में अपनाने का आग्रह किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि गायत्री परिवार एक वटवृक्ष के समान है, जो आध्यात्मिक चेतना का प्रचार-प्रसार करते हुए समाज को शांति और सकारात्मकता की छाया प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत अपनी गौरवशाली संस्कृति, ज्ञान और विज्ञान को नए स्वरूप में पुनः स्थापित कर रहा है और सनातन संस्कृति का यह विराट संदेश विश्व तक पहुँचे, इसके लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि गायत्री परिवार समाज में आध्यात्मिक जनजागरण का कार्य कर रहा है।
अखिल विश्व गायत्री परिवार से डॉ. चिन्मय पांड्या ने कहा कि गायत्री परिवार का मूल दर्शन समाज से विमुख होना नहीं, बल्कि समाज में रहकर मानव कल्याण और सामाजिक उत्थान के कार्यों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि संस्थान प्राचीन वेद, उपनिषद और गीता से प्रेरणा लेते हुए आधुनिक तकनीक को आत्मसात कर शिक्षा, प्रशिक्षण और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म रक्षा के लिए राष्ट्र धर्म रक्षा जरूरी हैं।
कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दया शंकर सिंह, विधायक मदन कौशिक सहित देश-विदेश से आए बड़ी संख्या में गायत्री साधक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
सतपुली में जलागम महोत्सव आयोजित, मंत्री सतपाल महाराज ने उत्कृष्ट किसानों को किया सम्मानित
सतपुली। जलागम मंत्री मंत्री सतपाल महाराज प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड विकास घटक 2.0 के अंतर्गत आयोजित जलागम महोत्सव में शामिल हुए।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों व ग्राम पंचायत को सम्मानित किया।
सतपुली के नगर पंचायत मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सतपाल महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव उत्तराखंड के पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है और इससे पर्वतीय कृषि भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में जलागम क्षेत्र के आधार पर मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियां काफी प्रभावकारी रही हैं।
उन्होंने कहा कि जलागम महोत्सव जैसे आयोजन जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके अंतर्गत जल संरचनाओं की सफाई, प्रभात फेरी, वृक्षारोपण आदि विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए भी सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर सचिव जलागम दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विभाग द्वारा पिछले कई दशकों से सूक्ष्म जलागम स्तर पर जल संरक्षण एवं संरक्षण हेतु समग्र उपचार गतिविधियां की जा रही हैं। इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- जलागम विकास 2.0” एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह परियोजना वर्ष 2021-22 से प्रदेश के तीन जनपदों पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और पौड़ी में संचालित की जा रही थी, जिसमें इसी वर्ष चम्पावत जिले के दो विकासखंडों को भी शामिल किया गया है।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहकशां नसीम ने जलागम विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पौड़ी जिले में जलागम की सभी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जलागम महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से गांव-गांव तक जलागम विकास की जानकारी पहुंचती है और लोग पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने के प्रति जागरूक होते हैं।
इस अवसर पर डीएफओ महातिम यादव ने लोगों से लिसा वाजली बूटी के उद्योग में आगे आने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन से भालू की जीवन चक्र में बदलाव आया है। साथी तेंदुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस विषय को लेकर वन विभाग लगातार काम कर रहा है।
जलागम महोत्सव में 14 उत्कृष्ट कृषक, 13 उत्कृष्ट गांव, 3 उत्कृष्ट जलागम, एक उत्कृष्ट अमृत सरोवर के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के विभिन्न यूनिट कार्यालय के भवन का भी शुभारंभ किया गया।
संयुक्त निदेशक डा. एके डिमरी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया। इस दौरान उप निदेशक डा. डीएस रावत, उप परियोजना निदेशक अजय कुमार व भरत सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य बलवंत सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।
लखीमपुर खीरी निवासी युवक की कुल्हाल नहर में डूबकर मौत
देहरादून। जनपद देहरादून के कुल्हाल क्षेत्र में नहर में डूबे युवक का शव रेस्क्यू टीम ने बरामद कर लिया है। यह घटना 21 जनवरी 2026 की सायं उस समय सामने आई, जब पुलिस चौकी कुल्हाल को नहर में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही अपर उप निरीक्षक आशिक अली के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुंचकर टीम ने रात के समय ही कुल्हाल नहर में सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा, तेज जल प्रवाह और प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते व्यापक तलाशी संभव नहीं हो सकी। इसके बाद सर्च अभियान को अगले दिन पुनः चलाने का निर्णय लिया गया।
22 जनवरी की सुबह रेस्क्यू टीम ने फिर से घटनास्थल पर पहुंचकर सघन तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान नहर से एक युवक का शव बरामद किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के लिए शव को जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
बरामद शव की पहचान आरिफ अली (25 वर्ष) पुत्र मुन्ना, निवासी गोला गोकर्ण नाथ, जनपद लखीमपुर खीरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
आयुष्मान योजना से ₹3400 करोड़ का मुफ्त उपचार, लाखों परिवारों को मिली राहत
देहरादून। उत्तराखंड में अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए वास्तविक संजीवनी साबित हो रही है। राज्य में अब तक 17 लाख से अधिक मरीजों को इस योजना के तहत निःशुल्क इलाज मिल चुका है, जबकि जरूरतमंदों के उपचार पर ₹3400 करोड़ से अधिक की राशि खर्च की जा चुकी है।
राज्य सरकार ने 25 दिसंबर 2018 को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अनुरूप अटल आयुष्मान योजना लागू की थी। इसके तहत प्रत्येक परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का निःशुल्क स्वास्थ्य सुरक्षा कवर दिया जा रहा है। अब तक करीब 61 लाख लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।
योजना का सबसे बड़ा लाभ गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को मिल रहा है, जिन्हें महंगे इलाज के कारण अक्सर उपचार से वंचित रहना पड़ता था। अब वे बिना आर्थिक चिंता के इलाज करा पा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि जिन परिवारों में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्ग हैं, उन्हें परिवार के ₹5 लाख के कवर के अतिरिक्त बुजुर्गों के लिए अलग से ₹5 लाख तक की निःशुल्क उपचार सुविधा दी जा रही है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी सोच का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 279 सरकारी और 222 निजी अस्पताल आयुष्मान योजना से सूचीबद्ध हैं, जबकि देशभर में 31 हजार से अधिक अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि किसी अस्पताल द्वारा आयुष्मान इलाज के दौरान मरीज से भुगतान की मांग की जाती है तो इसकी शिकायत प्राधिकरण में की जा सकती है।
महंगे इलाज भी निःशुल्क, लाखों मरीजों को मिला जीवनदान
अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना ने राज्य में महंगे और जटिल इलाज को आमजन की पहुंच में ला दिया है। योजना के तहत अब तक लाखों मरीजों को बिना किसी आर्थिक बोझ के उपचार मिला है। खासकर डायलिसिस, हृदय रोग, कैंसर, न्यूरोसर्जरी, नेत्र रोग और जोड़ों के प्रत्यारोपण जैसे खर्चीले इलाज आयुष्मान के माध्यम से निःशुल्क कराए जा रहे हैं।
आंकड़ों के अनुसार, डायलिसिस के 2.67 लाख से अधिक मामलों में 177 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए हैं। हृदय रोगों के इलाज में 39 हजार से अधिक मरीजों को लाभ मिला, जिस पर 345 करोड़ रुपये से अधिक की राशि व्यय हुई। कैंसर के 79 हजार से ज्यादा मरीजों का कीमोथेरेपी, रेडियोथेरेपी और सर्जरी के माध्यम से इलाज किया गया, जिस पर 221 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुए।इसके अलावा न्यूरोसर्जरी के 11 हजार से अधिक मामलों में करीब 59 करोड़ रुपये, नेत्र रोगों की सर्जरी में 119 करोड़ रुपये, प्रसूति एवं स्त्री रोग उपचार में 60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई है। हिप और नी रिप्लेसमेंट जैसे महंगे ऑपरेशन भी आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क किए गए, जिससे सैकड़ों परिवारों को बड़ी राहत मिली।यह योजना न केवल मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा रही है, बल्कि बीमारी के कारण परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को भी कम कर रही है। आयुष्मान योजना आज लाखों जरूरतमंदों के लिए जीवनदान साबित हो रही है।
“आयुष्मान योजना ने गरीबों को बीमारी के साथ-साथ आर्थिक चिंता से भी मुक्त किया है। यह योजना न केवल इलाज देती है, बल्कि परिवारों का मनोबल भी बचाती है।”
— डॉ. धन सिंह रावत, स्वास्थ्य मंत्री
