युवा दिवस पर सम्मानित किए जाएंगे विजेता प्रतिभागी
12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती पर होगा आयोजन
देहरादून। स्वामी विवेकानंद के विचार, जीवन दर्शन और धार्मिक-सामाजिक मूल्यों पर बेहतरीन रील बनाकर आप भी नगद इनाम राशि जीत सकते हैं। विजेता प्रतिभागियों को 12 जनवरी को युवा दिवस के कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा।
बुधवार को प्रांतीय रक्षक दल निदेशालय में हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने 12 जनवरी को आयोजित होने वाले युवा दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन से प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने के लिए इस साल यह नई पहल की गई है।
विभाग द्वारा जारी किए गए लिंक पर युवा स्वामी विवेकानंद के जीवन और उनकी विचारधारा पर आधारित 60 से 90 सेकंड की रील अपलोड करेंगे, एक कमेटी इनमें से सर्वश्रेष्ठ तीन प्रविष्टियों को चयनित करेगी। पहले तीन विजेताओं को 11000, 7000 और ₹5000 के पुरस्कार दिए जाएंगे। इस प्रतियोगिता में 15 से 29 वर्ष तक के युवा हिस्सा ले सकेंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि युवा दिवस समारोह में प्रदेश के तीन युवा मंगल दल और तीन महिला मंगल दलों को 1 लाख, 50 हजार और ₹25 हजार की इनाम राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही नेशनल यूथ अवार्ड जीतने वाले युवाओं को भी सम्मानित किया जाएगा।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि युवा दिवस समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए प्रदेश की संस्कृति के विभिन्न रंग भी देखने को मिलेंगे।
बैठक में युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल निदेशक डा. आशीष चौहान, उपनिदेशक शक्ति सिंह अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
आवेदन की पूरी प्रक्रिया
– स्वामी विवेकानंद पर 30-60 सेकंड की इंस्टाग्राम रील बनाएं, जिसमें उनके 2026 के विचारों का आधुनिक भारत के संदर्भ में फोकस हो।
– रील को इंस्टाग्राम पर पब्लिक करें।
– रील में हैशटैग लगाएं: #NationalYouthDay2026
– अंत में रील को स्टोरी में अपलोड करें और उसी हैशटैग व टैग के साथ शेयर करें।
– रील को अपलोड करने के साथ इन हैंडल्स पर टैग अवश्य करें : @rekhaaryaoffice @officialukprd @uksportsdept
– आवेदन 9 जनवरी तक किया जा सकता है, विजेताओं की घोषणा 10 जनवरी 2026 को की जाएगी।
– रील पब्लिक होनी चाहिए ताकि जज आसानी से ट्रैक कर सकें।
सीएम धामी बोले—स्व. हरबंस कपूर की कार्यशैली पीढ़ियों को देती रहेगी प्रेरणा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को हरबंस कपूर मेमोरियल सामुदायिक भवन, गढ़ीकैंट देहरादून में स्व. हरबंस कपूर की 80वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने स्व. हरबंस कपूर के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने कहा स्व. हरबंस कपूर हम सभी के लिए प्रेरणादायक थे और उनकी कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. हरबंस कपूर ने अपने जीवन में सदैव समाज और जनता के हितों को सर्वोपरि रखा। उनका पूरा जीवन जनता और अपने लोगों के लिए समर्पित रहा है। विकास के क्षेत्र में उनके योगदान को हमेशा याद रखेगा। मुख्यमंत्री ने स्व. कपूर के साथ बिताए पलों को साझा करते हुए कहा कि वे सादगी और संवेदनशीलता के प्रतीक थे। उन्होंने प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए कार्य किया और राज्य के विकास से जुड़े हर विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़े।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने स्व. हरबंस कपूर को नमन करते हुए कहा कि स्व. कपूर जी एक आदर्श जननेता थे, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण जनसेवा को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कपूर, उनके राजनीतिक गुरु थे और आज वे जिस भी स्थान पर हैं, उसमें कपूर साहब का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि हरबंस कपूर का राज्य के विकास में उनका योगदान सदैव अनुकरणीय रहेगा।
इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी श्याम अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी मिलेगी बेहतर यातायात सुविधा
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज अनारवाला क्षेत्र में अनारवाला–मालसी मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। इस परियोजना पर कुल ₹319.30 लाख की लागत आएगी। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने निर्माण कार्य को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश संबंधित विभाग को दिए।
मोटर मार्ग के पुनर्निर्माण से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी। इससे अनारवाला और मालसी क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी और आवागमन अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनेगा।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को लगातार मजबूत करना और आमजन को सभी जरूरी सुविधाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा कि सरकार क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ITBP स्टेडियम सीमा द्वार, देहरादून में सेवा संकल्प (धारिणी) फाउंडेशन द्वारा आयोजित दो दिवसीय माल्टा महोत्सव कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों से आए कृषकों से मुलाकात कर माल्टा और नींबू की खटाई का स्वाद लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड में माल्टा उत्पादन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ठोस पहल करते हुए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा की गई है, जिसके माध्यम से माल्टा के उत्पादन, विपणन और मूल्य संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस मिशन से पहाड़ी क्षेत्रों के कृषकों की आय में वृद्धि होगी और स्थानीय फलों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार माल्टा के साथ-साथ कीवी, सेब, आडू, पुलम, नींबू प्रजाति के फल एवं अन्य स्थानीय फलों के उत्पादन को भी बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा माल्टा महोत्सव जैसे आयोजन, किसानों को सीधे उपभोक्ताओं और बाजार से जोड़ने का कार्य करते हैं।
इस अवसर पर आईजी आईटीबीपी संजय गुंज्याल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने अंडरग्राउंड केबलिंग और सड़क मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा करने के दिए निर्देश
मसूरी। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मसूरी में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति और स्थानीय नागरिकों की समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, लोक निर्माण विभाग, विद्युत विभाग, वन विभाग, एमडीडीए और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान मंत्री ने क्षेत्रवासियों से सीधे संवाद कर मसूरी के विकास से जुड़े सुझाव भी प्राप्त किए।
बैठक में संबंधित विभागों द्वारा चल रही योजनाओं की प्रगति की विस्तार से जानकारी ली गई और सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए। मंत्री ने विद्युत विभाग को अंडरग्राउंड केबलिंग का कार्य शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि शहर की सुंदरता और विद्युत व्यवस्था दोनों में सुधार हो सके। वहीं लोक निर्माण विभाग को मसूरी की सभी सड़कों की मरम्मत का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

अधिकारियों ने बताया कि मसूरी के बिलाड़ू, धोबी घाट और कंपनी गार्डन क्षेत्र में एसटीपी लाइनों का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। इसके अलावा कैमलबैक क्षेत्र में निर्माणाधीन एसटीपी प्लांट को जुलाई माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि मसूरी का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है और राज्य सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनसमस्याओं के समाधान और बुनियादी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करेंगे।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के 2.16 लाख से अधिक छात्र होंगे परीक्षा में शामिल
देहरादून। उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद ने वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इसके तहत हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। इस वर्ष राज्यभर में बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा में शामिल होंगे, जिसके लिए व्यापक स्तर पर परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि हाईस्कूल में 1,12,679 और इंटरमीडिएट में 1,03,442 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। परीक्षाएं प्रदेश के विभिन्न जिलों में बनाए गए कुल 1,261 केंद्रों पर आयोजित की जाएंगी। परिषद सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी के अनुसार, इनमें 50 एकल और 1,211 मिश्रित परीक्षा केंद्र शामिल हैं। इस बार 24 नए केंद्र बनाए गए हैं, जबकि 156 केंद्रों को संवेदनशील और छह को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है।
परीक्षा व्यवस्था के तहत हाईस्कूल स्तर पर 29 और इंटरमीडिएट स्तर पर 45 प्रश्न पत्रों की लिखित परीक्षाएं कराई जाएंगी। उत्तर पुस्तिकाओं का संकलन परीक्षा केंद्रों से उप-संकलन केंद्रों पर किया जाएगा, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी की जा सके।
हाईस्कूल परीक्षा में 1,10,573 संस्थागत और 2,106 व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल होंगे। वहीं इंटरमीडिएट में 99,345 संस्थागत और 4,097 व्यक्तिगत छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे।
परीक्षा कार्यक्रम के अनुसार 21 फरवरी को इंटरमीडिएट की ड्राइंग एवं पेंटिंग की परीक्षा आयोजित की जाएगी। 23 फरवरी को हिंदुस्तानी संगीत और टंकण, 24 फरवरी को हाईस्कूल की हिंदी तथा इंटरमीडिएट की हिंदुस्तानी संगीत, जबकि 25 फरवरी को इंटरमीडिएट की जीव विज्ञान और कृषि शस्य विज्ञान की परीक्षा होगी। अंतिम दिन 20 मार्च को हाईस्कूल की हिंदुस्तानी संगीत और व्यवसायिक ट्रेड की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक तथा इंटरमीडिएट की संस्कृत, उर्दू और पंजाबी विषय की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक आयोजित की जाएगी।
‘कथित ऑडियो क्लिप के आधार पर प्रदेश में अनावश्यक माहौल बनाया जा रहा’- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है और इस दिशा में सरकार ने हर स्तर पर गंभीर, संवेदनशील और पारदर्शी कार्रवाई की है। सचिवालय स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े सवालों के जवाब दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस जघन्य अपराध की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करने के लिए महिला अधिकारी रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। एसआईटी ने मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की, जिसके बाद सरकार की प्रभावी कानूनी पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।
सीएम धामी ने बताया कि एसआईटी की जांच पर न केवल निचली अदालत, बल्कि उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय ने भी संतोष जताया है। इससे जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता और मजबूती की पुष्टि होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में कथित ऑडियो क्लिप को लेकर प्रदेश में भ्रम और अनावश्यक माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि सच्चाई यह है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी गंभीरता के साथ अपने निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है और दोषियों को कड़ी सजा मिल चुकी है।
सीबीआई जांच की मांग पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में प्रदेशवासियों की भावनाएं अंकिता के साथ जुड़ी हुई हैं, लेकिन इस दुखद घटना से सबसे अधिक प्रभावित उसके माता-पिता हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्वयं अंकिता के माता-पिता से संवाद करेंगे और उनकी भावनाओं, पीड़ा और अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए ही आगे का कोई निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दोहराया कि राज्य सरकार बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और न्याय के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
ऋषिकेश वन विभाग की सर्वे टीम व आम जनमानस के प्रकरण में महिला आयोग की मानवीय पहल
देहरादून/ऋषिकेश। ऋषिकेश के बापुग्राम, गुमानीवाला, सुमन विहार व प्रकरण सम्बंधित क्षेत्र में वन भूमि से संबंधित सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए सरकार से हस्तक्षेप की अपील की है। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने आज सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर इस संबंध में एक पत्र सौंपा और निवेदन किया कि इस प्रकरण में जिन निर्दोष नागरिकों को आरोपी बनाकर उनके विरुद्ध मुकदमे दर्ज किए गए हैं, उन्हें जनहित में वापस लिया जाए।
जब वन भूमि के सर्वे एवं अतिक्रमण हटाने के उद्देश्य से पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। मौके पर परिस्थितियों की गंभीरता के कारण क्षेत्र में असमंजस और भ्रम का वातावरण बन गया, जिससे बड़ी संख्या में नागरिक वहां एकत्र हो गए।

घटना के उपरांत बड़ी संख्या में नागरिकों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। महिला आयोग ने पत्र में उल्लेख किया है कि यह संपूर्ण घटनाक्रम किसी भी प्रकार के सुनियोजित विरोध या शासन-प्रशासन के प्रति अवमानना का परिणाम नहीं था, बल्कि परिस्थितिजन्य असमंजस एवं भय के वातावरण में उत्पन्न हुआ था।
आयोग का कहना है कि अनेक निर्दोष नागरिक भी इन मुकदमों की जद में आ गए हैं, जिनमें से कई अपने परिवार के एकमात्र भरण-पोषणकर्ता हैं।
महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से अपेक्षा जताई है कि सरकार इस पूरे प्रकरण को मानवीय एवं संवेदनशील दृष्टिकोण से देखते हुए निर्दोष नागरिकों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने के निर्देश प्रदान करे, जिससे प्रभावित परिवारों को मानसिक संबल मिले और शासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो।
गुणवत्ता आधारित संस्कृति को बढ़ावा देना जरूरी – मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भारतीय मानक ब्यूरो के 79वें स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो ने बीते आठ दशकों में गुणवत्ता, विश्वसनीयता और उपभोक्ता संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर गुणवत्ता ही पहचान के मंत्र को साकार किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1947 में भारतीय मानक संस्था के रूप में शुरू हुई यह यात्रा आज देश की औद्योगिक, वैज्ञानिक और आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला के रूप में स्थापित हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बीआईएस द्वारा मानकीकरण, प्रमाणीकरण और गुणवत्ता परीक्षण के माध्यम से न केवल उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाया गया है, बल्कि उपभोक्ताओं के जीवन में भरोसे और सुरक्षा की भावना को भी सुदृढ़ किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मानकीकरण का क्षेत्र केवल उद्योग जगत तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, सड़क सुरक्षा, ऊर्जा, जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन एवं डिजिटल सेवाओं तक विस्तृत हो चुका है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा डिजिटल सुरक्षा, मेडिकल डिवाइस, ड्रोन, इलेक्ट्रिक वाहन, रिसाइकिल सामग्री एवं हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में समयानुकूल मानक तय कर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो सतत विकास के लक्ष्य के अनुरूप इकोलॉजी और इकॉनमी के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में सराहनीय योगदान दे रहा है। राज्य में बीआईएस द्वारा लोक निर्माण विभाग, आपदा प्रबंधन, एमडीडीए, यूपीसीएल सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय करते हुए मानकीकरण संबंधी जागरूकता और सहयोगात्मक कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया जैसे अभियान देश की आर्थिक और तकनीकी प्रगति के आधार स्तंभ बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय उत्पाद विश्व में गुणवत्ता का मानदंड बनें यह प्रधानमंत्री का स्पष्ट दृष्टिकोण है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में बीआईएस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी अपने स्थानीय उत्पादों हस्तशिल्प, जैविक कृषि उत्पाद, औषधीय जड़ी-बूटियाँ एवं स्थानीय खाद्य उत्पाद के लिए उच्च गुणवत्ता मानक स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘‘हाउस ऑफ हिमालयाज’’ ब्रांड राज्य के पारंपरिक उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को केवल मानक नहीं बल्कि आदत बनाना आवश्यक है, ताकि गुणवत्ता आधारित संस्कृति एक जन आंदोलन के रूप में विकसित हो सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय मानक ब्यूरो वन नेशन, वन स्टैंडर्ड की नीति के तहत देश को वैश्विक मानकों की प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएगा और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प में अपनी अहम भूमिका निभाता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में वैज्ञानिक सोच और तकनीकी नवाचार को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2025 लागू की गई है। राज्य के सभी 13 जनपदों के 95 ब्लॉकों में लगभग 180 विज्ञान, तकनीक इंज्ीनियरिंग एवं गणित आधारित प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। सभी जिलों में साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रीमियर लीग प्रारंभ की गई है, जिससे सैकड़ों छात्र लाभान्वित हो रहे हैं। प्रत्येक जनपद में एक-एक ‘लैब-ऑन-व्हील्स’ संचालित की जा रही है। विभिन्न विश्वविद्यालयों व केन्द्रों में 60 पेटेंट सूचना केंद्र स्थापित किए गए हैं। सीमांत क्षेत्रों में विज्ञान आधारित विकास के लिए ‘सीमांत क्षेत्र विकास परिषद’ का गठन किया गया है। साइंस महोत्सवों का आयोजन अब पर्वतीय जनपदों तक विस्तारित किया गया है, इस वर्ष यह महोत्सव रुद्रप्रयाग में हुआ। वैज्ञानिक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक जनपद में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार केन्द्रों की स्थापना हेतु बजट आवंटित किया गया है। राज्य में शीघ्र विज्ञान व नवाचार आधारित प्रसारण प्रारंभ किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देहरादून में बनने वाली देश की पाँचवीं साइंस सिटी के निर्माण कार्य को उल्लेखनीय गति मिली है। भारत सरकार और राज्य सरकार के संयुक्त सहयोग से 175 करोड़ रुपये की लागत से यह परियोजना आकार ले रही है। महिला प्रौद्योगिकी केन्द्रों की स्थापना भी प्रारंभ की जा चुकी है। राज्य में केन्द्रीय संस्थानों से विज्ञान व नवाचार संवाद को नई गति दी गई है। सिलक्यारा के अभियान में अपनाए गए विज्ञान-प्रौद्योगिकी आधारित रेस्क्यू मॉडल को अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिली है और इसी पर आधारित विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। आज राज्य के हर कोने विज्ञान और प्रौद्योगिकी से जोड़ा गया है।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उमेश शर्मा काऊ, सविता कपूर, निदेशक भारतीय मानक ब्यूरो सौरभ तिवारी, महानिदेशक यू-कॉस्ट प्रो. दुर्गेश पंत, ब्रिगेडियर के.जी बहल (सेनि), उद्योग एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

