एसआईआर लागू होने के बाद सिर्फ आवेदन होंगे
देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने से पहले नागरिकों को अपने वोटर कार्ड से संबंधित सभी सुधार करने का अवसर मिला है। इस अवधि में आप नया वोट बनवा सकते हैं, पुराना नाम हटवा सकते हैं या पता बदलवा सकते हैं। जैसे ही एसआईआर लागू होगा, तत्काल सुधार की प्रक्रिया रुक जाएगी और केवल आवेदन दर्ज किए जा सकेंगे, जिनका निस्तारण बाद में किया जाएगा।
चुनाव विभाग ने चेतावनी दी है कि जिन मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग जगहों पर दर्ज हैं, वे तुरंत एक स्थान से अपना नाम हटवा दें। दो जगह नाम पाए जाने पर चुनाव आयोग नोटिस जारी कर सकता है। वहीं, ऐसे लोग जिनका अब तक वोटर कार्ड नहीं बना है, वे भी एसआईआर शुरू होने से पहले आवेदन कराएं, ताकि उनकी प्रविष्टि पुनरीक्षण में शामिल हो सके।
नया वोट बनवाने के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट voters.eci.gov.in पर फॉर्म-6 उपलब्ध है। आवेदक अपनी पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज अपलोड कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यदि किसी मतदाता का नाम दो जगह है, तो एक स्थान से हटवाने के लिए वेबसाइट पर फॉर्म-7 का विकल्प दिया गया है। वहीं, नाम, पता या अन्य जानकारी में सुधार के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकता है।
सभी फॉर्म्स के साथ आयोग ने विस्तृत गाइडलाइंस भी उपलब्ध कराई हैं, जिनमें मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की आवश्यकता का उल्लेख है।
एसआईआर के दौरान प्रक्रिया:
एसआईआर लागू होने के बाद केवल आवेदन जमा किए जा सकेंगे। इन आवेदनों पर कार्रवाई एसआईआर पूरा होने के बाद ही शुरू होगी। इसलिए विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि समय रहते अपने वोटर कार्ड से जुड़े सभी कार्य पूरे करा लें, ताकि वे पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल हो सकें।
प्राकृतिक आपदाओं के बावजूद चारधाम यात्रा में भारी वृद्धि, पिछले वर्ष से 4.35 लाख अधिक श्रद्धालु पहुंचे इस साल
केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 तीर्थ यात्री पहुंचे
देहरादून। श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चारों धामों के कपाट शीतकाल के छह माह के लिए बंद हो गए हैं। प्राकृतिक आपदाओं के चलते कई दिनों तक यात्रा बाधित होने के बावजूद इस वर्ष भी यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। इस वर्ष 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने चारधाम के दर्शन किए हैं। बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या 04 लाख 35 हजार 901 अधिक रही है।
इस वर्ष 30 अप्रैल 2025 को श्री यमुनोत्री और श्री गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हुआ था। इसके बाद दो मई को श्री केदारनाथ धाम और चार मई को श्री बदरीनाथ धाम के कपाट खुले थे। इस बार प्राकृतिक आपदाओं के चलते यात्रा कई दिनों तक बाधित होने के बावजूद यात्रियों की संख्या ने रिकॉर्ड बनाया है।
प्रदेश सरकार के कुशल और बेहतर यात्रा प्रबंधन के चलते बीते वर्ष के मुकाबले इस वर्ष 04 लाख 35 हजार 901 अधिक श्रद्धालु चारधाम दर्शन को पहुंचे। बीते वर्ष कुल 46 लाख 69 हजार 074 तीर्थयात्री चारधाम यात्रा पर आए थे, जबकि इस वर्ष यह आंकड़ा रिकॉर्ड वृद्धि के साथ 51 लाख 04 हजार 975 पहुंच गया। केदारनाथ में सर्वाधिक 17 लाख 68 हजार 795 श्रद्धालु पहुंचे हैं। इसी प्रकार बदरीनाथ में 16 लाख 60 हजार 224, गंगोत्री में 07 लाख 57 हजार 010 और यमुनोत्री में 06 लाख 44 हजार 505 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। हेमकुंट साहिब में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 02 लाख 74 हजार 441 पहुंची है। इससे पहले वर्ष 2023 में 01 लाख 64 हजार 546 और वर्ष 2024 में 01 लाख 85 हजार 972 श्रद्धालु ने हेमकुंट साहिब शीश नवाने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चारधाम यात्रा को सुगम, सुविधाजनक और सुरक्षित बनाया गया है। मानसून सीजन में यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। इस वर्ष प्राकृतिक आपदाओं ने यात्रा को प्रभावित किया, इसके बावजूद यात्रियों की संख्या ने नया रिकॉर्ड बनाया है।
शीतकालीन यात्रा की तैयारियां हुई तेज
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। बद्री विशाल भगवान की पूजा अब शीतकालीन प्रवास स्थल पांडुकेश्वर और नृसिंह भगवान मंदिर ज्योतिर्मठ में होगी। जबकि बाबा केदारनाथ की शीतकालीन पूजा ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, मां गंगा (गंगोत्री) की पूजा मुखबा और मां यमुना (यमुनोत्री) की पूजा खरसाली में होगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्षभर तीर्थाटन/पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी उद्देश्य से शीतकालीन यात्रा पर जोर दिया जा रहा है। बीते वर्ष मुख्यमंत्री के अनुरोध पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी जिले में पहुंचे थे। तब प्रधानमंत्री ने मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंचकर मां गंगा की पूजा अर्चना की थी।
मुख्यमंत्री ने शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि चारों धामों के शीतकालीन प्रवास स्थलों और अन्य सभी प्रमुख पर्यटक स्थलों में ठहरने, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए। शीतकालीन यात्रा स्थलों के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक व आधुनिक माध्यमों के जरिए राज्य की पर्यटन संभावनाओं को देश-विदेश तक पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पर्यटन विभाग शीतकालीन यात्रा और एडवेंचर टूरिज्म को लिंक कर सर्किट बनाने की योजना पर काम कर रहा है।
पूरा साल कठिन चुनौतियों से भरा होने के बावजूद पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष चारधाम यात्रा पर अधिक श्रद्धालु पहुंचे हैं। यात्रियों की सुरक्षा सदा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसके लिए यात्रा मार्गों को बेहतर बनाने के साथ ही धामों में स्वास्थ्य केंद्र स्थापित कर दिए गए थे। यात्रा मार्ग, पड़ावों में सभी जरूरी सुविधाएं, बेहतर सड़कें, ट्रैफिक व्यवस्था और संचार सुविधा पर हमने विशेष फोकस किया। पहले सुविधाएं सीमित थी। यात्रियों के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था के साथ ही अन्य सभी सुविधाएं भी बढ़ाई गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के तहत केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य होने के बाद यात्री सुविधाएं बढ़ी हैं। पैदल यात्रा मार्ग को बेहतर बनाया गया है। श्री बदरीनाथ धाम का मास्टर प्लान के अनुसार विकास किया जा रहा है। अब शीतकालीन यात्रा की तैयारियों में भी यात्री सुविधाओं और सुरक्षा पर विशेष फोकस किया जा रहा है। -पुष्कर सिंह धामी मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड
मुख्यमंत्री बोले—युवाओं का अनुशासन और प्रतिबद्धता अधिवेशन को बनाएगा सफल
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने परेड ग्राउंड में Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (ABVP) के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्था, मंच, सुरक्षा, आवासीय प्रबंधन और आयोजन से जुड़ी अन्य तैयारियों का जायजा लिया।
सीएम धामी ने कहा कि अधिवेशन को लेकर जिस उत्साह और संगठनात्मक दक्षता के साथ ABVP के कार्यकर्ता निरंतर कार्य कर रहे हैं, वह बेहद सराहनीय है। उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिबद्धता आगामी राष्ट्रीय अधिवेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने तैयारियों के दौरान विद्यार्थी परिषद से जुड़े अपने छात्र जीवन की यादों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि परिषद की संगठनात्मक संस्कृति, अनुशासन और सेवा-भाव ने ही उन्हें जीवन में ‘जनसेवा सर्वोपरि’ की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी।
सीएम धामी ने अधिकारियों व आयोजकों को अधिवेशन की तैयारियों को समयबद्ध और उच्च स्तर पर पूरा करने के निर्देश भी दिए।
सीएम धामी बोले—हर बिल प्रदेश के विकास में नागरिकों का महत्वपूर्ण योगदान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ’बिल लाओ-इनाम पाओ’’ योजना के विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए। एक सितंबर 2022 से 31 मार्च 2024 के बीच संचालित इस योजना के तहत कुल 1888 उपभोक्ताओं ने पुरस्कार जीते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि योजना में प्रतिभाग करने वाले सभी लोगों ने राज्य के राजस्व संग्रहण को एक नई चेतना, एक नया दृष्टिकोण और एक नई ऊर्जा प्रदान की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में शुरु “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना राज्य सरकार का एक एक नवाचार था, जिसके द्वारा सरकार ने जनभागीदारी को राजस्व संग्रहण से जोड़ने का प्रयास किया। आज तीन वर्षों में “बिल लाओ-इनाम पाओ” योजना ने लोगों के बीच जागरुकता पैदा करने में कामयाबी हासिल की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना से जनता में ये समझ बनी है कि प्रदेश के विकास में प्रत्येक बिल एक योगदान है। योजना आज जहां एक ओर उपभोक्ता जागरूकता का सशक्त माध्यम बनी है, वहीं उपभोक्ता एवं व्यापारी वर्ग के बीच साझा जिम्मेदारी का प्रतीक भी बनकर उभरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में व्यापार, उद्यम, क्रिएटिविटी को साथ लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नया विश्वास पैदा करने का प्रयास किया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन की सरकार में व्यापारियों को ’’प्रोत्साहन’’ और ’’प्रॉफिट’’ के साथ ही ’’प्रोटेक्शन’’ भी मिला है।
राज्य सरकार भी इसी क्रम में “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” और “व्यापार सुधार कार्य योजना” के माध्यम से राज्य में निवेश और उद्यमिता के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य में ’’राजकोषीय अनुशासन’’ को मजबूती से स्थापित किया है। इसी का परिणाम है कि राज्य ’’राजकोषीय घाटे को निर्धारित सीमा के भीतर रखने में सफल’’ रहा है।
इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली है, हाल ही में जारी ’’अरुण जेटली नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंशियल मैनेजमेंट’’ की रिपोर्ट में उत्तराखंड को ’’देश के सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रबंधन वाले राज्यों’’ में स्थान दिया गया है। इसके साथ ही ’’सतत विकास लक्ष्यों’’ के राष्ट्रीय सूचकांक में भी ’’उत्तराखंड पूरे देश में शीर्ष स्थान’’ पर है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब जनता सरकार पर भरोसा करती है, और सरकार भी जनता के साथ पारदर्शी तरीके से व्यवहार करती है तो विकास की गति अपने आप कई गुना बढ़ जाती है। यही कारण है कि राज्य सरकार ने वित्तीय प्रबंधन के क्षेत्र में नवाचारों के अधिकतम प्रयोग पर बल दिया है।
मुख्यमंत्री ने सभी से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग प्रत्येक खरीददारी पर बिल मांगकर लेनदेन की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और राज्य के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने में सहयोग प्रदान करें। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने कहा कि योजना के तहत 90 हजार उपभोक्ताओं ने 270 करोड़ रुपए मूल्य के 6.5 लाख बिलों के साथ प्रतिभाग किया। आयुक्त कर सोनिका ने बताया कि योजना के तहत कुल 1888 लोगों को पुरस्कार प्रदान किए गए।
इसके अलावा 17 माह तक 1500 प्रति माह मासिक पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इस मौके पर विधायक सरिता कपूर, प्रमुख सचिव आरके सुधांधु, आयुक्त कर सोनिका, अपर आयुक्त अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
पुरस्कारों का विवरण
02 ईवी कार, 16 मारुति आल्टो के- 10 कार, 20 ईवी स्कूटर, 50 बाइक, 100 लैपटॉप, 200 स्मार्ट टीवी, 500 टैबलेट, 1000 माइकोवेब।
सुविधाओं का विस्तार-डीएम की प्रेरणा से कोषागार में पेंशनरों के लिए बना सुविधा हॉल, शौचालय, पार्किंग शेड और आरोहण सभागार
जिला प्लान से बना 25 लाख का ‘‘आरोहण’’ सभागार, डीएम ने किया लोकार्पण, पेंशनरों को मिलेगी आधुनिक सुविधा
कोषागार में तकनीकी सुदृढ़ीकरण के लिए डीएम ने मौके पर दी 10 नए कम्प्यूटर की मंजूरी
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बसंल ने राज्य स्थापना की रजत जयंती पर 25 नवंबर,2025 को मुख्य कोषागार देहरादून में पेंशन जागरूकता एवं निःशुल्क चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करते हुए राज्य आंदोलनकारी पेंशनरों को सम्मानित किया। इस मौके पर जिलाधिकारी ने मुख्य कोषागार में पेंशनरों की सुविधा के लिए जिला प्लान से 25 लाख लागत में नवनिर्मित ‘‘आरोहण’’ सभागार का लोकापर्ण भी किया और मुख्य कोषागार कार्यालय को 10 नए कम्प्यूटर देने की स्वीकृति भी प्रदान की।
शिविर में जिलाधिकारी ने राज्य आंदोलनकारी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल, कौशल्या रावत, श्रीमती सरोज सिंह बहुगुणा, राजेश्वर सहित अपने जीवन के 100 वर्ष पूर्ण कर चुकी बजुर्ग पेंशनर श्रीमती प्रेमवती डोभाल को पुष्प गुच्छ, शॉल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। साथ ही श्रीमती गायत्री ढ़ौडियाल को मौके पर ही पेंशन भुगतान आदेश (पीपीओ) के लिए आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई।
जिलाधिकारी ने पेंशनरों को संबोधित करते हुए कहा कि कोषागार में जो भी बुजुर्ग पेंशनर आते है, उनको सम्मान के साथ उनका अधिकार मिलना चाहिए। इसके लिए कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल एवं सुविधाजनक बनाया गया है। उन्होंने बुजुर्ग पेंशनरों को रिटायर्ड जीवन में सुखी और स्वस्थ्य रहने की कामना करते हुए सामाजिक मेल मिलाप बनाए रखने, पढ़ने की आदतों को जीवित रखते हुए अपने अनुभवों से समाज सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान बनाए रखने की अपील की।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने पेंशनर जागरूकता शिविर को उपयोगी बताते हुए उप कोषागार के माध्यम से जिले के दूरस्थ क्षेत्रों में भी जागरूकता शिविर लगाने की बात कही। ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में रह रहे पेंशनरों तक भी आसानी से जानकारी पहुंच सके।
मुख्य कोषाधिकारी नीतू भण्डारी ने बताया कि जिलाधिकारी सविन बंसल ने देहरादून जिले का कार्यभार लेते समय कोषागार का निरीक्षण किया था। तभी उन्होंने कोषागार को पेंशनरों के लिए सरल, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाने के निर्देश के साथ बजट की स्वीकृत प्रदान की थी। जिलाधिकारी की प्रेरणा से आज मुख्य कोषागार कार्यालय में फेसिलिटेशन हॉल, दिव्यांगजन व महिलाओं के लिए शौचालय, पार्किंग शेड और ‘‘आरोहण’’ सभागार का निर्माण कराया गया है। जिससे पेंशनरों को उचित सुविधा मिल पा रही है। सीटीओ ने इसके लिए कोषागार परिवार एवं पेंशनरों की तरफ से जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी का आभार व्यक्त किया।
शिविर में पेंशनरों के निःशुल्क चिकित्सा जांच के साथ डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट, साइबर सुरक्षा, आयकर अधिनियम एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति संबंधी विषयों पर जानकारी दी गई। भारत सरकार व राज्य सरकार द्वारा संचालित राज्यव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के अंतर्गत पेंशनरों को जीवित प्रमाण पत्र डिजिटल माध्यम से घर बैठे एंड्रॉयड मोबाइल ऐप के द्वारा, कोषागार में उपस्थित होकर बायोमेट्रिक उपकरण की सहायता से, पोस्टमैन के माध्यम से, जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से जमा कराये जाने हेतु सही विकल्प के बारे में बताया गया। सीटीओ ने बताया कि वर्तमान में कोषागार देहरादून के अंतर्गत लगभग 21,000 पेंशनर पेंशन प्राप्त कर रहे है। पेंशनरों को अधिक से अधिक संख्या में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने हेतु प्रोत्साहित एवं जानकारी प्रदान करने हेतु प्रशिक्षण दिया गया, जिससे पेंशनर घर बैठे ही अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकेंगे। शिविर में पहुंचे बजुर्ग पेंशनरों की स्वास्थ्य जांच कर निःशुल्क दवा वितरण भी किया गया।
शिविर में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य कोषाधिकारी नीतू भंडारी, सेवानिवृत्त सीटीओ पीसी खर्रे, पेंशन यूनियन संघ के अध्यक्ष ओमवीर सिंह सहित कोषागार विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पेंशनर मौजूद थे।
सड़क में अधिग्रहीत जमीनों का मुआवजा तत्काल देने का निर्देश
गांव गांव जाकर घरों में पेयजल पहुंचाना प्रमाणित करें अधिकारी
सोमेश्वर उप जिला अस्पताल का जल्द से जल्द संचालन सुनिश्चित करें
कैबिनेट मंत्री ने की अधूरी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे गांवों में जाकर पुष्टि करें कि लोगों के घरों तक पानी पहुंच रहा है या नहीं। सड़क निर्माण में जिन ग्रामीणों की जमीन ली गई है उन्हें तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने मंगलवार को अल्मोड़ा में विकास भवन में आयोजित बैठक में योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जिनके घरों तक पेयजल नहीं पहुंच रहा, उन समस्याओं को विभागों के बीच समन्वय से तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल योजनाओं की गहन समीक्षा करने तथा जहां सोलर पंपिंग सिस्टम में खराबी हो वहाँ विद्युत लाइनें लगाकर वैकल्पिक पंपिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत स्वच्छ और नियमित पेयजल सभी गांवों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अधिकारियों की प्राथमिकता हो।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि जिन ग्रामीणों की जमीनें सडक निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई है, उन्हें मुआवजा तत्काल दिया जाए। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि उप जिला अस्पताल सोमेश्वर का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है, इसलिए अस्पताल को संचालन के लिए आवश्यक स्टाफ की मांग भी शीघ्र की जाए।
बैठक में कैबिनेट मंत्री ने स्पष्ट किया कि मानस खंड माला मिशन के अंतर्गत जिन क्षेत्रों के विकास की घोषणा की जा चुकी है उनमें से कोई भी योजना विलोपित नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बहानेबाजी छोड़कर जल्द से जल्द डीपीआर तैयार करके भेजें।
बैठक में मंत्री रेखा आर्या ने सरकार की सभी विकास योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए गए। अधूरे और लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने, अनुपस्थित अधिकारियों के स्पष्टीकरण लेने और योजनाओं की पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि विभागीय पत्राचार पर्याप्त नहीं, बल्कि आपसी समन्वय से कार्यों का निष्पादन आवश्यक है ताकि जनता को योजनाओं का लाभ तत्काल मिल सके।
बैठक में बताया गया कि सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र की कुल 127 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 63 पूर्ण हो चुकी हैं और शेष को तेजी से पूर्ण करने हेतु मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी, भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, जिला पंचायत सदस्य कन्नू शाह, विभिन्न मंडलों के भाजपा अध्यक्ष दीपक बोरा, गणेश जलाल, जगदीश डंगवाल, हरीश परिहार एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
‘जय बदरीविशाल’ के नारों से गूंजा धाम
चमोली। शीतकालीन प्रवास के लिए बदरीनाथ धाम के कपाट मंगलवार दोपहर परंपरागत पूजा-अर्चना के बाद विधिवत रूप से बंद कर दिए गए। कपाट बंद होने के साथ ही बदरीनाथ धाम में छह माह की शीतकालीन व्यवस्थाएँ शुरू हो गई हैं। सुबह से ही हजारों श्रद्धालु इस शुभ घड़ी के साक्षी बनने के लिए धाम में उमड़ पड़े। मंदिर प्रांगण में गूंजते जयकारों और वेद-मंत्रों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं के तहत माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग और विशेष अराधना सम्पन्न हुई। रावल अमरनाथ नंबूदरी ने वैदिक विधि के साथ माता लक्ष्मी को शीतकालीन प्रवास के लिए बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।
मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर धाम के कपाट आधिकारिक रूप से बंद किए गए। इस अवसर पर बदरीनाथ मंदिर को लगभग 10 क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया था। कपाट बंद होने के क्षणों में श्रद्धालु ‘जय बदरीविशाल’ के नारों के साथ भाव-विह्वल दिखाई दिए।
21 नवंबर से शुरू हुई पंच पूजाओं के क्रम में गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट भी क्रमशः बंद किए जा चुके हैं। कपाट बंद होते ही मंदिर में होने वाला वेद-पाठ व अन्य धार्मिक अनुष्ठान भी शीतकाल के लिए स्थगित कर दिए गए।
कपाट बंद रहने की अवधि में माता लक्ष्मी धाम के परिक्रमा स्थल स्थित मंदिर में विराजमान रहेंगी और बदरीनाथ धाम अगले वर्ष पुनः निर्धारित तिथि पर श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा।
16 लाख 60 हजार श्रद्धालुओं ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन
इसके साथ ही भगवान बदरी विशाल की स्वयंभू मूर्ति, भगवान उद्धव और कुबेर जी मूर्ति अपने शीतकालीन प्रवास स्थल की ओर रवाना हो गई है। इस बार करीब 16 लाख 60 हजार श्रद्धालुओं ने किए भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया। अब शीतकाल में भगवान बदरी विशाल की पूजा का दायित्व निर्वाहन देवताओं के पास रहेगा।
मुख्यमंत्री शबद कीर्तन में हुए शामिल, लंगर सेवा में भी निभाई सहभागिता; गुरु साहिब के संदेशों को बताया सदैव प्रेरणादायी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें बलिदान दिवस के अवसर पर गुरुद्वारा साहिब, रेसकोर्स (देहरादून) पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेका और शबद कीर्तन का श्रवण किया। इसके बाद गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के पदाधिकारियों ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री धामी ने संगत के बीच लंगर सेवा में भी सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि धर्म और मानवता की रक्षा में उनका बलिदान सदैव प्रेरणादायी रहेगा। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने प्रेम, एकता और भाईचारे का संदेश दिया, जो आज भी समाज को मार्गदर्शन प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि गोविंदघाट–हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजना पर कार्य तेजी से चल रहा है, जिससे सिख श्रद्धालुओं की यात्रा और अधिक सुगम बनेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लाभ सिख समुदाय तक पहुँचाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष बलवीर सिंह साहनी, सचिव राजिंदर पाल सिंह चंडोक और भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल सहित कई गणमान्य मौजूद रहे।
बालश्रम पर जिला प्रशासन का प्रहार, 07 बालश्रमिक रेस्क्यू, 7 प्रतिष्ठानों के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर जनपद में व्यापक बाल श्रम उन्मूलन अभियान चलाया गया। अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर गठित टीमों द्वारा एक साथ सघन निरीक्षण एवं छापेमारी कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार श्रम विभाग ने पुलिस विभाग, डीटीएफ टीम एवं अन्य गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन एवं बाल विकास विभाग सहित संबंधित एजेंसियों की संयुक्त टीमें सुबह से ही फील्ड में सक्रिय रहीं और शहर के विभिन्न बाजारों, औद्योगिक इकाइयों, होटल-ढाबों, वर्कशॉपों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की तलाश की गई।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि ‘जनपद प्रशासन बाल श्रम उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध है। बच्चों से उनका बचपन व शिक्षा छिनने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में किसी भी प्रकार की अवैध, बाल श्रम गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे अभियानों को आगे भी नियमित रूप से जारी रखा जाएगा।” उन्होंने समाज से भी अपील की कि बाल श्रम की सूचना तत्काल जिला प्रशासन अथवा संबंधित विभागों को उपलब्ध कराएं।
थाना विकासनगर के अन्तर्गत 09 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै०एबी फैब्रिकेशन जीवनगए में 1 व मै० न्यू भारत टायर पंचर जीवनगढ में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। थाना पटेलनगर अन्तर्गत 12 संस्थानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें मै० दिल्ली आटो मोबाईल कारगी चौक में 1, मैसर्स सुहेल बॉडी केयर मेंहूवाला में 1 व मै० अख्तर वुड वर्क मेंहूवाला में 1 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। इसी प्रकार थाना सहसपुर अन्तर्गत 02 संस्थानों पर छापेमारी की गई जिनमें मै० श्री बालाजी आटो रिपोयर पार्टस में 1 व मै० ब्रदर्स रेस्टोरेंट लांघा रोड में 01 बालश्रमिक रेस्क्यू किए गए। कुल 23 प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कार्यवाही की गई जिनमें 07 प्रतिष्ठानों पर 07 बालश्रिमकों को रेस्क्यू किया गया। बाल/किशोर श्रमिकों का मेडिकल कराते हुए बाल कन्याण समिति केदारपुरम के समक्ष प्रस्तुत किया गया। तथा 07 प्रतिष्ठानों में बालश्रमिक नियोजित पाए जाने पर प्रतिष्ठानों के स्वामियों के विरूद्ध सम्बन्धित थानों पर प्राथमिकी दर्ज करवाई गई।
अभियान के दौरान कई स्थानों पर नाबालिग बच्चों को कार्यरत पाया गया, जिन्हें तुरंत रेस्क्यू कर बाल कल्याण समिति (सीडब्लूसी) के समक्ष प्रस्तुत किया गया। वहीं बाल श्रम निषेध अधिनियम के तहत संबंधित प्रतिष्ठान संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई आरंभ की गई। टीमों ने मौके पर श्रम कानूनों और बाल अधिकारों से संबंधित आवश्यक जानकारी भी प्रदान की।
दस क्विंटल फूलों से सजाया गया बद्रीनाथ धाम
चमोली। बद्रीनाथ धाम के कपाट आज यानि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 56 मिनट पर शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से एक दिन पहले सोमवार को पंच पूजाओं की श्रृंखला के अंतर्गत माता लक्ष्मी मंदिर में विशेष अनुष्ठानों के साथ कढ़ाई भोग अर्पित किया गया। बदरीनाथ के मुख्य पुजारी अमरनाथ नंबूदरी ने पारंपरिक रीति के अनुसार माता लक्ष्मी को शीतकालीन अवधि में बदरीनाथ गर्भगृह में विराजमान होने का आमंत्रण दिया।
धाम में बीते एक सप्ताह से पंच पूजाओं का क्रम जारी था, जिसमें गणेश मंदिर, आदि केदारेश्वर और आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी स्थल के कपाट बंद होने के साथ ही वेद ऋचाओं का वाचन भी विराम में चला गया। सोमवार को आयोजित विशेष पूजा में बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
मंगलवार को कपाट बंद होने के अवसर पर बद्रीनाथ मंदिर को करीब दस क्विंटल फूलों से भव्य रूप से सजाया गया है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, कपाट बंद होने के समय धाम में पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं के मौजूद रहने की उम्मीद है।
कपाट बंद होने के बाद परंपरा के अनुसार माता लक्ष्मी, आगामी छह माह तक गर्भगृह में विराजमान रहेंगी, जबकि मुख्य मंदिर क्षेत्र में धार्मिक गतिविधियां शीतकालीन स्थल पर स्थानांतरित हो जाएंगी।
