मुख्यमंत्री धामी ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देश
शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं के विस्तार पर भी जोर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य के दोनों मंडलों में एक-एक स्प्रिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन की स्थापना के लिए विस्तृत कार्ययोजना (रोडमैप) शीघ्र तैयार की जाए। सीएम ने कहा कि यह पहल उत्तराखंड को वैश्विक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि परियोजना के अंतर्गत धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के साथ-साथ तीर्थ स्थलों एवं उनके आसपास के क्षेत्रों का समग्र विकास किया जाए। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि इस वित्तीय वर्ष में ही इस योजना पर धरातल पर कार्य प्रारंभ किया जाए। योजना के तहत योग, ध्यान, आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा, स्थानीय हस्तशिल्प, पर्वतीय उत्पादों और सांस्कृतिक आयोजनों को भी बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल उत्तराखंड की पहचान ‘आध्यात्मिक राजधानी’ के रूप में और प्रबल करेगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में शीतकालीन यात्रा व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शीतकालीन स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करते हुए यात्रा, आवास, परिवहन और सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाए, ताकि अधिक से अधिक पर्यटक राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विविधता का अनुभव कर सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि शीतकालीन स्थलों के प्रचार-प्रसार के लिए पारंपरिक और आधुनिक माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए पर्यटन संभावनाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाए।
सीएम ने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही जनसामान्य के जीवन स्तर में सुधार लाना और राज्य की प्राकृतिक व आध्यात्मिक धरोहरों को संरक्षित रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने अधिकारियों को ठोस कार्यनीति तैयार करने और समयबद्ध मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वर्चुअल माध्यम से पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज जुड़े। बैठक में बद्री-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी, मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, धीराज सिंह गर्ब्याल, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा, अपर सचिव अभिषेक रोहिला और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति से अस्पतालों में बढ़ेगी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता
देहरादून। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के अंतर्गत विभिन्न संकायों के 142 असिस्टेंट प्रोफेसर का परीक्षा परिणाम विषयवार घोषित कर दिया है। चयन आयोग द्वारा चयनित इन संकाय सदस्यों को शीघ्र ही प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से मेडिकल कॉलेजों में जहां फैकल्टी की कमी दूर होगी वहीं छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और सम्बद्ध चिकित्सालयों में मरीजों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ होंगी।
सूबे के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की स्थाई नियुक्ति के लिये विभागीय मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड को असिस्टेंट प्रोफेसर के रिक्त 439 पदों पर सीधी भर्ती के लिये अधियाचन भेजा गया था। जिसके क्रम में चयन बोर्ड के द्वारा उक्त पदों पर निर्धारित मानकों के तहत भर्ती प्रक्रिया आयोजित कर चयनित अभ्यर्थियों का अन्तिम परीक्षा परिणाम विषयवार घोषित कर दिया है। चयन बोर्ड द्वारा दो दर्जन से अधिक संकायों के लिये 142 विशेषज्ञ चिकित्साकों का चयन किया गया है। जिसमें एनेस्थीसिया संकाय में 16 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। इसी प्रकार एनाटॉमी, पीडियाट्रिक्स व बॉयोकैमेस्ट्री में 7-7, ब्लड बैंक, रेडियोथेरेपी व डर्मेटोलॉजी में 3-3, कम्युनिटी मेडिसिन व पैथोलॉजी 12-12, डेंटिस्ट्री 2, इमरजेंसी व फॉरेन्सिक मेडिसिन 1-1, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जरी, रेस्पीरेट्री मेडिसिन व फार्माकोलॉजी 5-5, माइक्रोबॉयोलॉजी व आर्थोपीडिक्स 9-9, ऑब्स्टेट्रीक एंड गायनी 8, ऑप्थैल्मोलॉजी 4 तथा ओटो-राइनो-लेरिंगोलॉजी, साईकाइट्री व फिजियोलॉजी संकाय में 6-6 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन हुआ है। इन सभी चयनित असिस्टेंट प्रोफेसर को शीघ्र ही प्रदेशभर के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में प्रथम तैनाती दी जायेगी। इनकी नियुक्ति से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व प्रशिक्षण कार्यों में गुणात्मक वृद्धि होगी, जिसका फायदा मेडिकल छात्र-छात्राओं को मिलेगी ही साथ ही सम्बद्ध अस्पतालों में उपचार को आये मरीजों को भी बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बयान-
उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों के अंतर्गत दो दर्जन से अधिक संकायों में 142 असिस्टेंट प्रोफेसर का चयन परिणाम घोषित कर दिया है। इन चयनित फैकल्टी को शीघ्र ही मेडिकल कॉलेजों में नियुक्ति दी जायेगी। स्थाई फैकल्टी मिलने से मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण, प्रशिक्षण एवं शोधात्मक कार्यों में गुणात्मक वृद्धि होगी, जिसका फायदा मेडिकल छात्र-छात्राओं को मिलेगी।– डॉ. धन सिंह रावत, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड।
सीएम धामी ने डॉक्टरों से ली विस्तृत जानकारी, शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट की कुशलक्षेम पूछी। न्यूरो संबंधी उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती दिवाकर भट्ट से मुख्यमंत्री ने मुलाकात कर उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
अस्पताल में वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. पंकज अरोड़ा की देखरेख में दिवाकर भट्ट का उपचार चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, पिछले तीन दिनों से अस्पताल में भर्ती दिवाकर भट्ट को पहले एचडीयू में मेडिकल सपोर्ट पर रखा गया था। वर्तमान में उनकी स्थिति स्थिर है और स्वास्थ्य में निरंतर सुधार हो रहा है। फिलहाल उन्हें प्राइवेट कक्ष में शिफ्ट किया गया है।

सीएम धामी ने न केवल दिवाकर भट्ट का हालचाल लिया बल्कि अस्पताल में मौजूद अन्य मरीजों और उनके तीमारदारों से भी बातचीत की। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गौरव रतूड़ी से जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान मुख्य जनसंपर्क अधिकारी भूपेन्द्र रतूड़ी, पीआरओ हरिशंकर गौड़, पीआरओ पीयूष गुसाईं सहित डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की टीम उपस्थित रही। मुख्यमंत्री धामी ने दिवाकर भट्ट के जल्द स्वस्थ होकर सार्वजनिक जीवन में सक्रिय होने की कामना व्यक्त की।
धौलास–आमवाला आवासीय योजनाओं को मिली नई गति, मार्च 2026 तक लक्ष्य पूर्ण करने के आदेश
एमडीडीए की समीक्षा बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी सख्त, विकास कार्यों में समयबद्ध गुणवत्तापूर्ण प्रगति के दिए निर्देश
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में प्राधिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन करना और लंबित योजनाओं में गति लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करना था। उपाध्यक्ष तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। योजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करना प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में धौलास आवासीय योजना में निर्माणाधीन ईडब्ल्यूएस यूनिटों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिया कि सभी यूनिटों का निर्माण 31 मार्च 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। इसी क्रम में आमवाला तरला आवासीय योजना के फ्लैटों के एलॉटमेंट की प्रक्रिया को भी मार्च 2026 तक शुरू करने के आदेश जारी किए गए। उन्होंने कहा कि यह योजनाएँ सीधे सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के हितों से जुड़ी हैं, इसलिए इनमें पारदर्शिता और समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में सभी सेक्टरों के सहायक अभियंताओं और अवर अभियंताओं को प्रत्येक माह कम से कम पाँच पत्रावलियाँ को कम्पाउंडिंग करते हुए निस्तारित करने का लक्ष्य सौंपा गया। इसके साथ ही अन्य मानचित्र पत्रावलियों को भी ससमय निस्तारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि नागरिकों की लंबित फाइलों का समय रहते समाधान हो सके। इसके अलावा लैंड पूलिंग नीति के तहत भूमि क्रय की प्रक्रिया को तेज करने और उपयुक्त भूखंडों के चयन के लिए भी निर्देश दिए गए। जिससे की प्राधिकरण का लैंड बैंक बढ़ाया जा सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि देहरादून जनपद में एमडीडीए द्वारा निर्मित व निर्माणाधीन पार्कों का संयुक्त निरीक्षण उपाध्यक्ष एवं सचिव द्वारा दिसंबर माह के प्रथम सप्ताह में किया जाएगा। उपाध्यक्ष ने कहा कि हरित क्षेत्र, पार्क और सार्वजनिक स्थान गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ तैयार किए जाएँ, ताकि शहरवासियों को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। बैठक में प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया, मुख्य अभियंता एस.सी.एस. राणा, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता गण, सहायक अभियंता गण, अवर अभियंता एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी गण उपस्थित रहे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य देहरादून और मसूरी क्षेत्र में योजनाबद्ध, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि किसी भी कार्य में अनावश्यक विलंब स्वीकार्य नहीं है। आवासीय योजनाएँ आम जनता के हित और अपेक्षाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इनके क्रियान्वयन में पारदर्शिता और तत्परता अनिवार्य है। तिवारी ने कहा कि कम्पाउंडिंग, भूमि चयन और पार्क विकास के कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण किए जाएँ।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि एमडीडीए विकास कार्यों में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि विभागीय टीम को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि सभी योजनाएँ तय समयसीमा में धरातल पर उतरें। बर्निया ने कहा कि कम्पाउंडिंग मामलों के त्वरित निस्तारण, लैंड पूलिंग प्रक्रिया में तेजी और पार्कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्राधिकरण जनता को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है।
उत्तराखंड को FICCI द्वारा आयोजित ‘इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025’ में सर्वश्रेष्ठ उभरता राज्य का खिताब
खेल मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री और प्रदेशवासियों को दी हार्दिक शुभकामनाएं
देहरादून। उत्तराखंड की खेल मंत्री रेखा आर्या ने प्रदेश को ‘इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025’ में सर्वश्रेष्ठ राज्य (उभरता हुआ) का गौरव हासिल करने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूरे उत्तराखंड को बधाई दी है। मंत्री रेखा आर्य ने इस उपलब्धि को प्रदेश के खेल विकास के प्रति समर्पण और खेलों के क्षेत्र में किए गए निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार उत्तराखंड की खेल नीतियों और खिलाड़ियों के समर्पण की प्रमाणिकता है, जिसने उत्तराखंड की खेल छवि को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊँचाइयों तक पहुंचाया है।
रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के सशक्त नेतृत्व में खेलों को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं, जिससे खेल जगत में उत्तराखंड की नई पहचान बनी है।
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38वें राष्ट्रीय खेलों के आयोजन ने खेल जगत में उत्तराखंड को एक नई पहचान दी है, साथ ही खेलों में युवा प्रतिभाओं को उभरने का अवसर दिया है और प्रदेश में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के साथ खेलों की संस्कृति को मजबूती प्रदान की है।
मंत्री ने पूरे प्रदेशवासियों को इस ऐतिहासिक सफलता के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम सभी मिलकर उत्तराखंड को खेलों में अभूतपूर्व सफलता के साथ और भी ऊँचा ले जाएंगे।
इंडिया स्पोर्ट्स अवार्ड 2025 समारोह का आयोजन 21 नवंबर 2025 को शाम 6 बजे नई दिल्ली के फिक्की फेडरेशन हाउस में किया जाएगा।
देहरादून। भाजपा नेता व श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के पूर्व अध्यक्ष अजेंद्र अजय ने आज मुख्य सचिव आनंद वर्धन से भेंट कर प्रदेश में तीर्थाटन की संभावनाओं को लेकर चर्चा की और राज्य में स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक तीर्थ स्थलों के विकास के लिए ठोस व समग्र नीति बनाने की मांग की।
अजेंद्र ने आज सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद वर्धन से भेंट के दौरान कहा कि प्रदेश में तीर्थाटन की असीमित संभावनाएं हैं। लिहाजा, इस दिशा में गंभीर प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व के तमाम मंदिर व तीर्थ स्थल हैं। प्रदेश सरकार को ऐसे प्रमुख मंदिरों में आधारभूत ढांचे के विकास के लिए विस्तृत योजना बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आधारभूत ढांचे के विकास से उन स्थानों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी। इससे उन क्षेत्रों में भी आर्थिकी के नए द्वार खुलेंगे।
अजेंद्र ने प्रदेश में सरकार नियंत्रित मंदिरों के प्रबंधन और विकास के लिए हिमाचल प्रदेश में लागू हिमाचल प्रदेश हिंदू पब्लिक रिलिजियस इंस्टीट्यूशंस एंड चैरिटेबल एंडोमेंट्स एक्ट – 1984 और हाल ही में हिमाचल हाई कोर्ट द्वारा मंदिरों के प्रबंधन, वित्तीय पारदर्शिता, भ्रष्टाचार व कई अन्य बिंदुओं को लेकर दिए गए निर्देशों का अध्ययन कर उपयोगी प्रावधानों को लागू करने की भी जरूरत पर जोर दिया।
चार वर्षों में हजारों युवाओं को नशे की गिरफ्त से बाहर निकालने में मिली बड़ी सफलता
राज्यभर में नशा मुक्त केंद्रों की स्थापना से उपचार और पुनर्वास में आया सुधार
ड्रग माफियाओं पर पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई—कई गिरोहों का हुआ पर्दाफाश
नशा मुक्त उत्तराखंड को सामूहिक जनआंदोलन बनाने का मुख्यमंत्री ने किया आह्वान
देहरादून। ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के पाँच वर्ष पूरे होने के अवसर पर देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार वर्षों में उत्तराखंड ने नशे के खिलाफ सबसे व्यापक और संगठित लड़ाई लड़ी है। उन्होंने बताया कि सरकार के निरंतर प्रयासों और जनसहभागिता से बड़ी संख्या में युवाओं को नशे की चपेट से बाहर निकालकर मुख्यधारा में लाया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने नशामुक्ति को मिशन मोड में चलाते हुए विभिन्न जिलों में नशा मुक्ति केंद्रों की स्थापना की है, जहाँ आधुनिक सुविधाओं, मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग और पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से पीड़ितों की सहायता की जा रही है। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश के कई युवा नशे से लड़कर न सिर्फ स्वस्थ जीवन जी रहे हैं बल्कि अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बने हैं।

सीएम धामी ने कार्यक्रम में स्पष्ट किया कि उत्तराखंड सरकार समाज को नशे की बुराई से मुक्त करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह केवल सरकारी नहीं, बल्कि सामाजिक अभियान है जिसे गाँव-गाँव और शहर-शहर तक पहुँचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं, विद्यालयों, महाविद्यालयों और स्थानीय संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने नशे के अवैध कारोबार पर भी सख्त रुख अपनाने की बात दोहराई। उन्होंने बताया कि राज्य में ड्रग माफियाओं और स्मगलरों के खिलाफ पुलिस एवं नारकोटिक्स विभाग लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रहे हैं। कई गिरोहों का पर्दाफाश किया गया है और नशे की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। धामी ने कहा कि नशे का धंधा करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान नशा-मुक्ति को बढ़ावा देने वाली कई प्रदर्शनी, जागरूकता गतिविधियाँ और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों ने नशा-मुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प भी दोहराया।
बेह गागिल व बिमौला गांव में जन मिलन कार्यक्रम
सिंचाई योजना, सड़क निर्माण सुमित योजनाओं के लिए विधायक निधि देने की घोषणा
सोमेश्वर /अल्मोड़ा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने मंगलवार को सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के बेह गागिल गांव और बिमौला गांव में आयोजित जन मिलन कार्यक्रम में जनता की समस्याओं और आकांक्षाओं को सुना। उन्होंने सिंचाई योजना के विस्तार के लिए 90 लाख रुपए के अनुमोदन की जानकारी दी । चार योजनाओं के लिए उन्होंने विधायक निधि से धनराशि जारी करने की घोषणा की।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए समर्पित है। बेह में प्राथमिक विद्यालय के जीर्ण-शीर्ण भवन की समस्या दूर करने हेतु बच्चों को पास के इंटर कॉलेज में शिफ्ट करने का त्वरित निर्णय लिया और इस बारे में विभाग के अधिकारीयों को निर्देशित किया।
मंत्री रेखा आर्या ने आंगनबाड़ी केंद्र और मिनी स्टेडियम बनाने की मांग पर कहा कि इसके लिए गांव के लोग उचित जमीन की व्यवस्था करें, उन्होंने इसके लिए सरकार से धन स्वीकृति कराने का वादा किया।
खनिया तोप-पिटोड़ा के बीच सीसी मार्ग के निर्माण हेतु विधायक निधि से ढाई लाख रुपए जारी करने की भी घोषणा की।
स्याही देवी मंडल के बिमौला गांव में आयोजित कार्यक्रम में देवी मंदिर के सौंदर्यीकरण, कोसी बैराज से तल्ला बिमौला सड़क मार्ग एवं शमशान घाट में सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रत्येक के लिए दो-दो लाख रुपए देने की घोषणा करते हुए उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के जीर्णोद्वार के लिए जिला योजना से धन आवंटन का आश्वासन भी दिया।
प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए मंत्री रेखा आर्या ने उत्तराखंड की मातृ शक्ति के सशक्तिकरण और क्षेत्रीय विकास पर बल दिया।
कार्यक्रमों में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी सहित अन्य कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इन्होंने ली भाजपा की सदस्यता
मनीषा बिष्ट (ज्येष्ठ ब्लॉक प्रमुख हवालबाग), भूपेंद्र सिंह (प्रतिनिधि), प्रकाश जोशी (ग्राम प्रधान प्रतिनिधि), पूरन तिवारी, आनंद भट्ट, गोपाल जोशी, मोहन बिष्ट, लीलाधर तिवारी, दीवान बिष्ट, उमेश बिष्ट, राजेंद्र सिंह, देवी दत्त जोशी, हरीश जोशी, हिमांशु बिष्ट, शेर सिंह बिष्ट, राहुल नेगी, पवन जोशी, आनंद नेगी, पान सिंह बिष्ट, विक्की बिष्ट, हिमांशु जोशी, आनंद बिष्ट, खिमानंद तिवारी, वीरेंद्र सिंह भाकुनी, सागर मेहता, पूरन सिंह, सुनील बिष्ट पंकज, अजय मेहरा।
इस वर्ष 22,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने किए द्वितीय केदार मद्महेश्वर मंदिर के दर्शन
उखीमठ/रुद्रप्रयाग। द्वितीय केदार श्री मद्महेश्वर मंदिर के कपाट मंगलवार सुबह शीतकालीन अवधि के लिए विधि–विधान के साथ बंद कर दिए गए। मार्गशीर्ष कृष्ण चतुर्दशी एवं स्वाति नक्षत्र के शुभ संयोग में संपन्न इस परंपरागत अनुष्ठान के दौरान साढ़े तीन सौ से अधिक श्रद्धालु, बीकेटीसी के अधिकारी–कर्मचारी, वन विभाग और स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंदिर परिसर को सोमवार रात से ही भव्य रूप से सजाया गया था।
सुबह ब्रह्ममुहूर्त में मंदिर के कपाट खोले गए, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर पूजा–अर्चना की। उसके बाद सुबह 7 बजे कपाट बंद करने की प्रक्रिया आरंभ हुई। निर्धारित विधि के अनुसार बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान और पंच गौंडारी हकहकूकदारों की उपस्थिति में पुजारी द्वारा स्वयंभू शिवलिंग को समाधि रूप दिया गया। स्थानीय पुष्पों व राख से स्थापित पूजा के बाद, ठीक 8 बजे ‘जय श्री मद्महेश्वर’ के जयघोष के बीच कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए।
कपाट बंद होने के बाद श्री मद्महेश्वर जी की चल विग्रह डोली ने मंदिर के भंडार का निरीक्षण और परिक्रमा की। इसके पश्चात ढोल-दमाऊं की धुनों के साथ डोली अपने प्रथम पड़ाव गौंडार के लिए रवाना हुई।
बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कपाट बंद होने के अवसर पर श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और अपील की कि अब शीतकालीन गद्दीस्थलों पर पहुंचकर दर्शन का पुण्य अर्जित करें। उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती और विजय कप्रवाण ने भी इस अवसर पर श्रद्धालुओं को बधाई दी।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल ने बताया कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद इस वर्ष 22,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने द्वितीय केदार मद्महेश्वर में दर्शन किए। कपाट बंद होने के बाद चल विग्रह डोली रात्रि विश्राम हेतु गौंडार के लिए प्रस्थान कर चुकी है।
बीकेटीसी मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ के अनुसार —
19 नवंबर (बुधवार): डोली रांसी के राकेश्वरी मंदिर पहुंचेगी
20 नवंबर (गुरुवार): डोली गिरिया में प्रवास करेगी
21 नवंबर (शुक्रवार): डोली शीतकालीन गद्दीस्थल श्री ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ पहुंच जाएगी
उखीमठ में चल विग्रह डोली के स्वागत के लिए तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं।
कपाट बंद होने के अवसर पर बीकेटीसी सदस्य, मुख्य कार्याधिकारी, स्थानीय हकहकूकदार, वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025
देहरादून। चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त 587 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड ने इसके लिये भर्ती विज्ञापन जारी कर अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। उक्त भर्ती हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025 निर्धारित की है।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि बीते एक सप्ताह के भीतर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अंतर्गत 287 चिकित्सकों तथा 180 स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (महिला) के रिक्त पदों पर राज्य चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड के माध्यम से सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
इसी क्रम में चयन बोर्ड ने राजकीय मेडिकल कॉलेजों में नर्सिंग अधिकारियों के रिक्त 587 पदों पर भर्ती विज्ञप्ति जारी कर अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे हैं। जिसमें राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार व पिथौरागढ़ के रिक्त 480 पद तथा बैकलॉग के 107 पद शामिल हैं। विभागीय मंत्री ने बताया कि नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती के लिये ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 नवम्बर 2025 से शुरू होगी जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 17 दिसम्बर 2025 निर्धारित की गई है।
उन्होंने बताया कि उक्त भर्ती के तहत नर्सिंग अधिकारी (महिला) डिप्लोमाधारक के लिये 336 पद निर्धारित किये गये हैं। इसी प्रकार नर्सिंग अधिकारी (महिला) डिग्रीधारक के लिये 144 पद जबकि नर्सिंग अधिकारी (पुरूष) डिप्लोमाधारक 75 तथा नर्सिंग अधिकारी (पुरूष) डिप्लोमाधारक के लिये 32 पद विज्ञापित किये गये हैं।
