अमेरिका को हराने के बाद आत्मविश्वास से भरी टीम इंडिया की नजर बांग्लादेश पर
नई दिल्ली। आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम अपनी दूसरी जीत के इरादे से आज यानि शनिवार को बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगी। अमेरिका के खिलाफ जीत के साथ अभियान की शुरुआत करने वाली टीम इंडिया इस मुकाबले में आत्मविश्वास से भरी नजर आएगी। हालांकि, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) और बीसीसीआई के बीच चल रहे हालिया विवाद के चलते यह मैच केवल क्रिकेट तक सीमित न रहकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
आयुष म्हात्रे की कप्तानी में भारतीय अंडर-19 टीम ने अपने पहले मुकाबले में बारिश से प्रभावित मैच में अमेरिका को छह विकेट से हराया था। गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने अमेरिका को महज 107 रन पर समेट दिया था। तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने घातक गेंदबाजी करते हुए सात ओवर में 16 रन देकर पांच विकेट झटके, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी की।
बांग्लादेश के खिलाफ प्रबल दावेदार भारत
पहली जीत से उत्साहित भारतीय टीम बांग्लादेश के खिलाफ भी प्रबल दावेदार के रूप में उतरेगी। हालांकि, बांग्लादेश को हल्के में लेना भारत के लिए भारी पड़ सकता है। बांग्लादेश की अंडर-19 टीम संतुलित नजर आ रही है और वह भारतीय बल्लेबाजी क्रम के लिए कड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
बल्लेबाजों पर होंगी निगाहें
अमेरिका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते समय भारतीय बल्लेबाजों को शुरुआती झटके लगे थे, ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ बल्लेबाजों से क्रीज पर लंबा समय बिताने की उम्मीद होगी। सलामी बल्लेबाज आयुष म्हात्रे और 14 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी पर एक बार फिर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। इसके अलावा उपकप्तान विहान मल्होत्रा, ऑलराउंडर आरोन जॉर्ज, वेदांत त्रिवेदी और विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू से भी अहम योगदान की उम्मीद है।
गेंदबाजी में भारत मजबूत
भारतीय टीम के पास दीपेश, आर.एस. अंबरीश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह और उद्धव मोहन जैसे तेज गेंदबाजों के रूप में मजबूत आक्रमण है, जबकि स्पिन विभाग की जिम्मेदारी कनिष्क चौहान, खिलन पटेल और मोहम्मद एनान संभालेंगे।
विवाद के बीच मुकाबला
आईपीएल से मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किए जाने के बाद से बीसीबी और बीसीसीआई के बीच तनाव बना हुआ है। इसी विवाद के साए में यह मुकाबला खेला जाएगा, जिससे मैच को लेकर रोमांच और बढ़ गया है।
मैच की जानकारी
भारत और बांग्लादेश के बीच यह मुकाबला बुलावेयो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा। मैच दोपहर 1 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों टीमों के कप्तान 12:30 बजे मैदान में उतरेंगे। ग्रुप ए में दूसरी जीत दर्ज करने के इरादे से टीम इंडिया पूरे जोश के साथ मैदान पर उतरेगी। मैच Star Sports चैनलों पर टीवी पर लाइव दिखाया जाएगा और JioHotstar ऐप या वेबसाइट पर भी आप मैच को लाइव देख सकते हैं।
दोनों टीमें इस प्रकार है –
भारत- आयुष म्हात्रे (कप्तान), आर.एस. अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी दीपेश, मोहम्मद एनान, एरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलान पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी।
बांग्लादेश- अजीजील हकीम तमीम (कप्तान), जवाद अबरार, समियुन बसीर रतुल, शेख परवेज़ जिबोन, रिजान होसन, शहरिया अल अमीन, शादीन इस्लाम, एमडी अब्दुल्ला, फरीद हसन फैसल, कलाम सिद्दीकी अलीन, रिफत बेग, साद इस्लाम रज़िन, अल फहद, शहरयार अहमद, इकबाल हुसैन।
टॉप पर चल रही आरसीबी को गुजरात से मिलेगी कड़ी चुनौती
नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग (WPL) में आज यानि शुक्रवार को मुकाबला रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है, जब अंक तालिका में शीर्ष पर चल रही रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना गुजरात जायंट्स से होगा। लगातार जीत की लय में चल रही आरसीबी जहां आत्मविश्वास से भरी नजर आ रही है, वहीं गुजरात जायंट्स मुंबई इंडियंस के खिलाफ हार के बाद वापसी की कोशिश में मैदान पर उतरेगी।
आरसीबी ने हाल के मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर खुद को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर लिया है। यूपी वारियर्स के खिलाफ 144 रन का लक्ष्य बेहद कम ओवरों में हासिल कर टीम ने अपने आक्रामक तेवर दिखाए। लगातार जीत के साथ आरसीबी न सिर्फ अंक तालिका में शीर्ष पर पहुंची है, बल्कि उसका बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन भी हर मैच के साथ और मजबूत होता जा रहा है।
मंधाना की फॉर्म में वापसी से आरसीबी को मजबूती
आरसीबी के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान स्मृति मंधाना का लय में लौटना है। उन्होंने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाया है। उनके साथ ग्रेस हैरिस की तेजतर्रार बल्लेबाजी ने टीम को ठोस शुरुआत दी है। मध्यक्रम में नादिने डि क्लर्क और विकेटकीपर ऋचा घोष की मौजूदगी आरसीबी की बल्लेबाजी को और खतरनाक बनाती है, जिसे रोकना गुजरात के लिए बड़ी चुनौती होगी।
गुजरात जायंट्स को चाहिए सामूहिक प्रदर्शन
गुजरात जायंट्स की टीम मुंबई इंडियंस के खिलाफ मिली हार को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करना चाहेगी। टीम के लिए सकारात्मक संकेत कनिका आहूजा का प्रदर्शन रहा है, जिन्होंने ऊपरी क्रम में जिम्मेदारी निभाते हुए प्रभावशाली बल्लेबाजी की है। इसके अलावा भारती फुलमाली ने भी सीमित मौकों में अपनी क्षमता दिखाई है।
हालांकि गुजरात को जीत की राह पर लौटने के लिए अपने अनुभवी खिलाड़ियों से बड़े योगदान की जरूरत होगी। बेथ मूनी, सोफी डिवाइन और कप्तान एशले गार्डनर से टीम को अहम रन की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजी विभाग में भी सुधार की दरकार है, क्योंकि पिछले मुकाबले में शीर्ष क्रम की बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में गेंदबाज नाकाम रहे थे।
दोनों टीमों के संतुलन और हालिया फॉर्म को देखते हुए यह मुकाबला अंक तालिका की तस्वीर बदलने वाला साबित हो सकता है, जहां आरसीबी अपनी बढ़त मजबूत करना चाहेगी और गुजरात जायंट्स जीत के साथ वापसी की कोशिश करेगी।
मुकाबले से जुडी जानकारी –
मैच स्थल: डॉक्टर डी.वाई. पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई
समय: 7:30 PM IST (टॉस 7:00 PM)
लाइव टेलीकास्ट: स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क (Star Sports) पर लाइव टीकाकास्ट मिलेगा।
लाइव स्ट्रीमिंग: जियोहॉटस्टार ऐप और वेबसाइट पर ऑनलाइन स्ट्रीमिंग उपलब्ध होगी।
दोनों टीमें इस प्रकार हैं:
गुजरात जाएंट्स: एश्ले गार्डनर (कप्तान), बेथ मूनी, सोफी डिवाइन, रेणुका सिंह ठाकुर, भारती फुलमाली, तितास साधु, काशवी गौतम, कनिका आहूजा, तनुजा कंवर, जॉर्जिया वेयरहैम, अनुष्का शर्मा, हैप्पी कुमारी, किम गार्थ, यस्तिका भाटिया, शिवानी सिंह, डैनी वाट हॉज, राजेश्वरी गायकवाड़ और आयुषी सोनी।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), ऋचा घोष, श्रेयंका पाटिल, जॉर्जिया वोल, नादिने डि क्लर्क, राधा यादव, लॉरेन बेल, लिन्से स्मिथ, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, पूजा वस्त्राकर, ग्रेस हैरिस, गौतमी नाइक, प्रत्यूशा कुमार, डी. हेमलता और सयाली सतघरे।”
विराट कोहली के शानदार फॉर्म से भारतीय खेमे को बड़ी राहत
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार यानि आज खेला जाएगा। पहला मैच जीतकर भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है और अब टीम की कोशिश दूसरे वनडे को जीतकर सीरीज पर कब्जा जमाने की होगी। हालांकि, इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम को चोट की चिंताओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे प्लेइंग इलेवन में बदलाव संभव है।
भारतीय टीम पहले ही दो खिलाड़ियों के बाहर होने से प्रभावित है। ऋषभ पंत चोट के कारण सीरीज से बाहर हैं, जिनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया है। वहीं, ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर के चोटिल होने के बाद चयनकर्ताओं ने आयुष बदोनी को वनडे टीम में मौका दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बदोनी को दूसरे मैच में पदार्पण का अवसर मिलता है या टीम प्रबंधन किसी अन्य ऑलराउंडर पर भरोसा जताता है।
कोहली की फॉर्म बनी टीम की ताकत
भारतीय टीम के लिए राहत की सबसे बड़ी खबर विराट कोहली का शानदार फॉर्म है। दक्षिण अफ्रीका के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ भी कोहली लय में नजर आ रहे हैं। पहले वनडे में शतक से चूकने के बावजूद उनकी पारी ने भारत की जीत की नींव रखी। कोहली से एक बार फिर बड़ी पारी की उम्मीद होगी। माना जा रहा है कि शीर्ष छह बल्लेबाजों के क्रम में कोई बदलाव नहीं होगा, जिसमें रोहित शर्मा, शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, रवींद्र जडेजा और केएल राहुल शामिल रहेंगे।
ऑलराउंडर को मिल सकती है जगह
गेंदबाजी विभाग में टीम प्रबंधन बदलाव कर सकता है। वाशिंगटन सुंदर की गैरमौजूदगी में किसी ऑलराउंडर को मौका दिया जाना तय माना जा रहा है। मुख्य कोच गौतम गंभीर की रणनीति को देखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी को अंतिम एकादश में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में आयुष बदोनी को डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
रोहित-कोहली पर रहेंगी निगाहें
दूसरे वनडे में एक बार फिर सभी की नजरें रोहित शर्मा और विराट कोहली पर टिकी होंगी। कोहली पहले मैच में 93 रन बनाकर शतक से चूक गए थे, जबकि रोहित बड़ी पारी खेलने के इरादे से उतरेंगे। न्यूजीलैंड का गेंदबाजी आक्रमण अपेक्षाकृत कमजोर माना जा रहा है, जिसका फायदा भारतीय बल्लेबाज उठाना चाहेंगे।
गेंदबाजी में सुधार जरूरी
हालांकि, भारत को अपनी गेंदबाजी खासकर स्पिन विभाग में बेहतर प्रदर्शन की जरूरत है। पहले मैच में तेज गेंदबाजों ने रणनीति में बदलाव कर विकेट हासिल किए थे। राजकोट की पिच पर स्पिनरों से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। वहीं, पहले मैच में हार के बावजूद न्यूजीलैंड को भारत को कड़ी टक्कर देने से आत्मविश्वास मिला होगा।
मैच से जुड़ी अहम जानकारी
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा वनडे मुकाबला 14 जनवरी, बुधवार को राजकोट के निरंजन शाह स्टेडियम में खेला जाएगा।
मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 1:00 बजे होगा।
मुकाबले का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, वहीं लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।
ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में ईशांत को मिली दिल्ली की कमान
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी तेज गेंदबाज इशांत शर्मा ने घरेलू क्रिकेट में एक और अहम मुकाम हासिल कर लिया है। विजय हजारे ट्रॉफी के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में विदर्भ के खिलाफ खेलते हुए ईशांत ने लिस्ट ए क्रिकेट में अपने 200 विकेट पूरे किए। इस मैच में उन्होंने लंबे अंतराल के बाद दिल्ली टीम की कप्तानी भी संभाली और अपने अनुभव से टीम को मजबूती दी।
क्वार्टर फाइनल में रचा इतिहास
37 वर्षीय इशांत शर्मा ने मैच के 25वें ओवर में विदर्भ के सलामी बल्लेबाज अर्थव तायडे को आउट कर यह उपलब्धि हासिल की। इस विकेट के साथ ही उन्होंने लिस्ट ए क्रिकेट में 200 विकेटों का आंकड़ा छू लिया। घरेलू क्रिकेट में यह उपलब्धि उनके लंबे और अनुशासित करियर को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्रिकेट का मजबूत रिकॉर्ड
इशांत के लिस्ट ए करियर के 200 विकेटों में से 115 विकेट वनडे अंतरराष्ट्रीय मैचों में आए हैं। उन्होंने 2007 में वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था और कई वर्षों तक भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज रहे। हालांकि 2016 के बाद से वह वनडे टीम का हिस्सा नहीं रहे, लेकिन टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 115 मैचों में 311 विकेट लेकर अपनी अलग पहचान बनाई। 2021 के बाद से वह टेस्ट टीम से बाहर हैं, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन लगातार प्रभावशाली बना हुआ है।
सात साल बाद कप्तानी की जिम्मेदारी
इशांत शर्मा ने करीब सात साल बाद दिल्ली की कप्तानी संभाली। इससे पहले वह 2019 में सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी में टीम की कमान संभाल चुके थे। मौजूदा सीजन में भी उन्होंने गेंदबाजी में निरंतरता दिखाई है और सात मैचों में आठ विकेट लेकर टीम के लिए अहम योगदान दिया है। नॉकआउट चरण तक दिल्ली को पहुंचाने में उनका अनुभव निर्णायक साबित हुआ है।
क्यों सौंपी गई ईशांत को कप्तानी
दिल्ली टीम की कप्तानी इशांत को ऋषभ पंत की अनुपस्थिति में दी गई। पंत ग्रुप स्टेज के दौरान टीम का नेतृत्व कर रहे थे, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान चोटिल होने के कारण वह आगे के मैचों से बाहर हो गए। वहीं, आयुष बदोनी के भारतीय टीम में चयन के चलते उपलब्ध न होने से टीम प्रबंधन ने अनुभवी ईशांत शर्मा पर भरोसा जताया।
घरेलू क्रिकेट में इशांत शर्मा की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके अनुभव और फिटनेस को दर्शाती है, बल्कि यह भी साबित करती है कि वह अब भी भारतीय क्रिकेट के एक मजबूत स्तंभ बने हुए हैं।
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले वनडे मुकाबले में टीम इंडिया की जीत के साथ-साथ विराट कोहली एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो गए। बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए कोहली ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और यह साबित कर दिया कि दबाव के हालात में वह आज भी भारत के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। वडोदरा में खेले गए इस मुकाबले में कोहली ने न सिर्फ टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली।
बड़े रन चेज में विराट की बादशाहत
300 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने के मामले में विराट कोहली का रिकॉर्ड वनडे क्रिकेट में बेजोड़ बन चुका है। ऐसे मुकाबलों में उन्होंने लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए भारत को कई यादगार जीत दिलाई हैं। इस श्रेणी में उनका औसत और स्ट्राइक रेट दोनों ही उन्हें दुनिया के अन्य दिग्गज बल्लेबाजों से अलग पहचान दिलाते हैं। सात शतक और कई मैच जिताऊ पारियां इस बात की गवाही देती हैं कि बड़े लक्ष्य विराट के लिए चुनौती नहीं, बल्कि अवसर होते हैं।
रिकॉर्ड्स की लंबी कतार में नया अध्याय
इस मैच के दौरान विराट कोहली ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 28 हजार रन पूरे कर लिए। वह यह मुकाम हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे बल्लेबाज बने। खास बात यह रही कि कोहली ने यह उपलब्धि बेहद कम पारियों में हासिल कर ली, जिससे उनकी निरंतरता और फिटनेस का अंदाजा लगाया जा सकता है। वनडे क्रिकेट में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड के मामले में भी विराट सक्रिय खिलाड़ियों में सबसे आगे हैं और दिग्गजों की सूची में तेजी से ऊपर चढ़ते जा रहे हैं।
मैच का हाल
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत ज्यादा मजबूत नहीं रही और कप्तान रोहित शर्मा जल्दी पवेलियन लौट गए। हालांकि, इस दौरान उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड अपने नाम किया। इसके बाद शुभमन गिल और विराट कोहली ने पारी को संभालते हुए दूसरे विकेट के लिए अहम साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाए रखा।
विराट ने तेजी से अर्धशतक पूरा किया और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। शतक की ओर बढ़ते हुए वह दुर्भाग्यवश नब्बे के आसपास आउट हो गए। उनके आउट होने के बाद भी भारतीय पारी लय में रही। श्रेयस अय्यर ने भी उपयोगी योगदान दिया, जबकि अंत में केएल राहुल ने धैर्य दिखाते हुए विजयी शॉट लगाकर भारत को जीत दिला दी।
न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन सबसे सफल गेंदबाज रहे, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों के सामने मेहमान टीम लक्ष्य का बचाव नहीं कर सकी। इस जीत के साथ भारत ने सीरीज की शुरुआत शानदार अंदाज में की, वहीं विराट कोहली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मुकाबलों में उनका कद सबसे ऊंचा है।
वांग झीयी पहुंची फाइनल में
कुआलालंपुर। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु का मलेशिया ओपन 2026 में फाइनल में पहुंचने का सपना अधूरा रह गया। महिला एकल सेमीफाइनल में उन्हें चीन की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वांग झीयी के हाथों सीधे गेमों में हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में सिंधू दबाव के क्षणों में लय नहीं बना सकीं और अनावश्यक गलतियों के कारण 16-21, 15-21 से मैच गंवा बैठीं।
हार के साथ टूर्नामेंट में भारत की चुनौती खत्म
पैर की चोट से उबरने के बाद यह सिंधु का पहला अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट था। सेमीफाइनल तक पहुंचकर उन्होंने अच्छी वापसी के संकेत दिए, लेकिन निर्णायक मुकाबले में वह निरंतरता नहीं दिखा सकीं। सिंधू की हार के साथ ही मलयेशिया ओपन में भारत का अभियान समाप्त हो गया। इससे पहले क्वार्टर फाइनल में जापान की अकाने यामागुची के चोट के कारण हटने से सिंधू को सेमीफाइनल में प्रवेश मिला था।
पहले गेम में वांग की रणनीति भारी पड़ी
मैच की शुरुआत में सिंधू ने आक्रामक खेल दिखाया और अपने दमदार स्मैश तथा लंबी पहुंच का प्रभावी इस्तेमाल किया। उन्होंने शुरुआती बढ़त जरूर बनाई, लेकिन वांग झीयी की सधी हुई नेट प्ले और सटीक रिटर्न ने जल्द ही मुकाबले को बराबरी पर ला दिया। ब्रेक के बाद चीनी खिलाड़ी ने आक्रमण तेज किया और लगातार अंक बटोरते हुए पहला गेम अपने नाम कर लिया।
दूसरे गेम में बढ़त के बाद बिगड़ा खेल
दूसरे गेम में सिंधू ने बेहतर शुरुआत की और मध्यांतर तक 11-6 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि ब्रेक के बाद वांग ने तेज रैलियों और आक्रामक शॉट्स से दबाव बनाया। सिंधू लगातार गलतियां करने लगीं, जिससे स्कोर बराबर हो गया। निर्णायक क्षणों में चीन की खिलाड़ी ने मौके का पूरा फायदा उठाया और लगातार अंक हासिल कर मैच समाप्त कर दिया।
फाइनल में पहुंचीं वांग झीयी
लगातार दबाव और मजबूती से खेले गए शॉट्स के दम पर वांग झीयी ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। वहीं, सिंधू के लिए यह टूर्नामेंट सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया, हालांकि चोट के बाद उनकी वापसी को सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
नवी मुंबई और वडोदरा में खेले जाएंगे WPL के 22 मुकाबले
नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक उपलब्धियों के बाद अब देश में एक बार फिर टी20 का रोमांच लौटने जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के व्यस्त दौर के बाद फोकस महिला प्रीमियर लीग (WPL) 2026 पर शिफ्ट हो गया है, जो भारतीय महिलाओं की सबसे बड़ी घरेलू टी20 लीग मानी जाती है। इस सीजन की शुरुआत 9 जनवरी से होगी और फाइनल मुकाबला 5 फरवरी को खेला जाएगा।
इस बार महिला प्रीमियर लीग का आयोजन नवी मुंबई और वडोदरा में किया जाएगा, जहां चार हफ्तों में कुल 22 मुकाबले खेले जाएंगे। मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पहले ही खिताब जीत चुकी हैं, जबकि दिल्ली कैपिटल्स लगातार फाइनल में पहुंचने के बावजूद अब तक ट्रॉफी से दूर रही है। यूपी वॉरियर्स और गुजरात जाएंट्स ने पिछले सीजनों में अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन खिताब जीतने की तलाश अब भी जारी है।
इस सीजन का बदला-बदला अंदाज
भारतीय महिला टीम की हालिया सफलता के बाद इस बार लीग का माहौल पहले से कहीं ज्यादा जोशीला रहने की उम्मीद है। खिलाड़ियों की लोकप्रियता बढ़ी है और स्टेडियम में दर्शकों की मौजूदगी भी नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती है। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा अब सिर्फ खिलाड़ी नहीं, बल्कि देशभर में युवा पीढ़ी की प्रेरणा बन चुकी हैं। इस बार खिलाड़ी आत्मविश्वास के साथ मैदान में उतरेंगी और विश्व चैंपियन जैसी मानसिकता के साथ प्रदर्शन करती नजर आएंगी।
टी20 विश्व कप की तैयारी का मंच बनेगी WPL
2026 में इंग्लैंड में होने वाले महिला टी20 विश्व कप को देखते हुए यह लीग चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के लिए बेहद अहम होगी। यहां खिलाड़ियों का प्रदर्शन सीधे विश्व कप की तैयारियों को प्रभावित करेगा। पिछले सीजनों में कई नई प्रतिभाएं उभरकर सामने आई थीं और इस बार भी नए चेहरों के चमकने की पूरी संभावना है। इस तरह WPL अब सिर्फ एक लीग नहीं, बल्कि भविष्य की राष्ट्रीय टीम तैयार करने का मजबूत मंच बन चुकी है।
मैच टाइमिंग और लाइव प्रसारण
दोपहर के मुकाबले भारतीय समयानुसार 3:30 बजे शुरू होंगे, जबकि शाम के मैच 7:30 बजे खेले जाएंगे। टॉस मैच शुरू होने से आधे घंटे पहले होगा। महिला प्रीमियर लीग 2026 के मुकाबलों का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा, जबकि लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी।
अब नजर खिताब की जंग पर
2023 में मुंबई इंडियंस और 2024 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु चैंपियन बनी थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2026 में कौन सी टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है। लीग चरण में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान की टीमों को एलिमिनेटर खेलना होगा। महिला क्रिकेट के इस महाकुंभ में एक बार फिर रोमांच अपने चरम पर रहने वाला है।
महिला प्रीमियर लीग 2026 का पूरा कार्यक्रम-

पांच अलग-अलग देशों में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में हुए शामिल
नई दिल्ली। भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली जा रही अंडर-19 यूथ वनडे सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भारतीय कप्तान वैभव सूर्यवंशी ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। अंतिम मैच में वैभव का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने बेहद आक्रामक अंदाज में शतक जड़कर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। टॉस जीतकर दक्षिण अफ्रीका ने भारत को पहले बल्लेबाजी का आमंत्रण दिया, जिसे भारतीय बल्लेबाजों ने पूरी तरह भुनाया।
भारतीय पारी की शुरुआत वैभव सूर्यवंशी और ऑरोन जॉर्ज ने की। दोनों ने पहले विकेट के लिए 227 रनों की शानदार साझेदारी कर टीम को ठोस आधार दिया। कप्तान वैभव ने मात्र 74 गेंदों में 127 रन की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें नौ चौके और 10 छक्के शामिल रहे। उनकी इस पारी ने दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया।
यह वैभव सूर्यवंशी का सीरीज में पहला बड़ा प्रदर्शन नहीं है। इससे पहले दूसरे यूथ वनडे में भी उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 24 गेंदों में 68 रन बनाए थे, जिसमें 10 छक्के और एक चौका शामिल था। उस मुकाबले में उनका स्ट्राइक रेट 283.33 रहा था, जिसने क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा था।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर लगाया गया यह शतक वैभव के करियर की एक और बड़ी उपलब्धि साबित हुआ। महज 14 वर्ष की उम्र में वह पांच अलग-अलग देशों—भारत, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और अब दक्षिण अफ्रीका—में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
गौरतलब है कि इसी सीरीज के लिए बीसीसीआई ने वैभव सूर्यवंशी को भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी थी। कप्तान बनते ही उन्होंने इतिहास रच दिया और यूथ वनडे क्रिकेट में सबसे कम उम्र में टीम की कमान संभालने वाले खिलाड़ी बन गए। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 2007 में 15 साल 141 दिन की उम्र में अंडर-19 टीम की कप्तानी की थी।
टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथा स्थान किया हासिल
नई दिल्ली। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेले जा रहे एशेज 2025-26 के निर्णायक पांचवें टेस्ट में जो रूट ने एक बार फिर साबित कर दिया कि क्यों उन्हें मौजूदा दौर के महानतम टेस्ट बल्लेबाजों में गिना जाता है। इंग्लैंड के अनुभवी बल्लेबाज ने दबाव भरे मुकाबले में शतक जमाकर न सिर्फ टीम को मजबूती दी, बल्कि अपने नाम कई ऐतिहासिक उपलब्धियां भी दर्ज कर लीं। रूट की यह पारी आंकड़ों से कहीं आगे जाकर उनके अनुभव, संयम और निरंतरता की कहानी बयां करती है।
रिकॉर्ड बुक में रूट का नाम और गाढ़ा
इस शतक के साथ जो रूट ने टेस्ट करियर का 41वां शतक पूरा किया और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग की बराबरी कर ली। इसके साथ ही उन्होंने कुमार संगकारा को पीछे छोड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में संयुक्त रूप से चौथा स्थान हासिल कर लिया। रूट अब उस एलीट क्लब में शामिल हैं, जहां उनसे आगे सिर्फ सचिन तेंदुलकर और जैक कैलिस मौजूद हैं।
2021 के बाद शुरू हुआ रूट का स्वर्णिम दौर
जो रूट के करियर में 2021 के बाद एक नया अध्याय शुरू हुआ। इस अवधि में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 24 शतक जड़े हैं। मौजूदा पीढ़ी के कई दिग्गज बल्लेबाज इस दौरान रूट के आसपास भी नहीं पहुंच पाए। यह आंकड़े रूट की फिटनेस, तकनीकी मजबूती और मानसिक संतुलन को दर्शाते हैं, जिसने उन्हें लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर बनाए रखा।
विदेशी एशेज में खास कारनामा
ऑस्ट्रेलिया की धरती पर शतक लगाना हमेशा इंग्लैंड के बल्लेबाजों के लिए कठिन चुनौती रहा है। जो रूट अब 1994/95 के बाद ऐसे चुनिंदा इंग्लिश बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने एक ही अवे एशेज सीरीज में दो शतक लगाए हैं। यह उपलब्धि उन्हें माइकल वॉन, एलिस्टेयर कुक और जोनाथन ट्रॉट जैसे दिग्गजों की श्रेणी में खड़ा करती है।
50 को 100 में बदलने की बेहतर होती क्षमता
जो रूट के खेल में सबसे बड़ा बदलाव उनकी कन्वर्जन रेट में देखने को मिला है। शुरुआती वर्षों में जहां अर्धशतकों को शतकों में बदलने में वह संघर्ष करते नजर आए, वहीं 2021 के बाद उनकी यह क्षमता दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। यह बदलाव उनके मैच टेम्परामेंट और रणनीतिक सोच की परिपक्वता को दर्शाता है।
150+ स्कोर में भी महान खिलाड़ियों की कतार में
टेस्ट क्रिकेट में 150 से अधिक रन की पारियां खेलना किसी भी बल्लेबाज की महानता की पहचान मानी जाती है। जो रूट अब 17 बार यह कारनामा कर चुके हैं और इस मामले में वह डॉन ब्रैडमैन, ब्रायन लारा और सचिन तेंदुलकर जैसे दिग्गजों के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। यह उपलब्धि उन्हें सर्वकालिक महान बल्लेबाजों की सूची में और मजबूत करती है।
