टिपर लॉरी से टक्कर के बाद धधकी बस, कई यात्री गंभीर रूप से घायल
मार्कपुरम। आंध्र प्रदेश के मार्कपुरम जिले में गुरुवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें एक निजी ट्रैवल बस और टिपर लॉरी की टक्कर के बाद आग लगने से 14 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा रायवरम के पास उस समय हुआ जब एक निजी बस अपने गंतव्य की ओर जा रही थी। रास्ते में स्लैब खदानों के नजदीक बस की आमने-सामने से आ रही एक टिपर लॉरी से जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस में तुरंत आग लग गई और देखते ही देखते वह आग की लपटों में घिर गई।
मार्कपुरम के डीएसपी हर्षवर्धन राजू ने बताया कि दुर्घटना के समय बस में कई यात्री सवार थे। आग लगने के कारण कई लोग बाहर निकल नहीं पाए और जिंदा जल गए। हादसे में कई अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि तेज टक्कर के कारण ही बस में आग लगी, जिससे यह हादसा और भयावह हो गया। पुलिस और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया और शवों को बाहर निकालने का काम किया। कई शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान करना मुश्किल हो रहा है।
इस दुखद घटना पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों से पूरी जानकारी ली और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। साथ ही हादसे के कारणों की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दुर्घटना के पीछे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर बोला जोरदार हमला
कोलकाता/मयनागुड़ी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए मयनागुड़ी से भाजपा और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपनी पहली जनसभा में उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संविधान के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने नागरिकता और पहचान के मुद्दे को भी उठाते हुए पूछा कि किस आधार पर किसी को वैध मतदाता माना जाएगा। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि लोगों के वोट देने के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और भविष्य में एनआरसी जैसे कदमों के जरिए नागरिकता पर भी असर पड़ सकता है।
रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा को बंगाल विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने असम में नामांकन रद्द होने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रत्याशी नामांकन के समय कानूनी तैयारी के साथ जाएं।
उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन चुनाव के बाद जनता को निराश करती है। ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से सतर्क रहने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।
पुलिस ने आरोपी को मौके से किया गिरफ्तार
मुंबई। मुंबई के धारावी इलाके में दिनदहाड़े हुई एक निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। एक युवक की उसके ही दोस्त ने बेरहमी से हत्या कर दी, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
धारावी क्षेत्र में हुई इस वारदात में 20 वर्षीय युवक की उसके परिचित ने चाकू से हमला कर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने युवक पर 20 से ज्यादा बार वार किए और गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। घटना के समय मौजूद लोगों के अनुसार, आरोपी हमले के दौरान लगातार धमकियां दे रहा था, जिससे आसपास के लोग खौफ में आ गए।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को वहीं से हिरासत में ले लिया। घायल युवक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और मृतक एक-दूसरे को पहले से जानते थे और उनके बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के चलते इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और घटना के पीछे के सभी कारणों को खंगाला जा रहा है।
गौरतलब है कि मुंबई में हाल के दिनों में आपराधिक घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। इससे पहले भी एक अन्य मामले में घरेलू विवाद के चलते एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को चलती ट्रेन के सामने धक्का दे दिया था, जिसमें महिला की मौत हो गई थी। पुलिस ने उस मामले में भी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
कुल मिलाकर, लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने शहर में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंचा
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति के दम पर राहत हासिल की है। अमेरिका और रूस से तेल और गैस की आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दे रही है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका से एलपीजी लेकर कार्गो जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ मंगलूरू बंदरगाह पहुंचा, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिली है।
इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंच चुका है। लगातार मिल रही इन आपूर्तियों से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास कई जहाजों के फंसे होने से वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है। सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसी बीच मंगलूरू का रणनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। यहां देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जो आपात स्थिति में गैस भंडारण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और रूस से मिल रही आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखेगी।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी कूटनीतिक सक्रियता और रणनीतिक तैयारियों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में सफल होता दिख रहा है।
गलवान घाटी झड़प के बाद अब सामान्य हो रहे संबंध
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। एयर चाइना जल्द ही बीजिंग और दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने जा रही है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सीधी उड़ानों से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा
भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने जानकारी देते हुए कहा कि बीजिंग-दिल्ली के बीच उड़ानों की बहाली केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के लिहाज से भी सकारात्मक बताया।
बीते वर्षों में धीरे-धीरे बहाल हो रही सेवाएं
करीब पांच साल के अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच हवाई सेवाएं दोबारा शुरू होने लगी हैं। इससे पहले Air India ने शंघाई-दिल्ली रूट पर सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की थी। वहीं China Eastern Airlines ने भी शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं।
गलवान के बाद बिगड़े थे रिश्ते
साल 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इस घटना में भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर रिश्तों में खटास देखी गई।
राजनयिक स्तर पर बढ़ी बातचीत
हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकातों के बाद रिश्तों को सामान्य करने के प्रयास तेज हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों की बहाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा- ममता बनर्जी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच ईद के मौके पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा और इसके खिलाफ उनकी पार्टी पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है और इसे कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया खासतौर पर कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदमों का कड़ा विरोध किया जाएगा।
अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक एकता पर भी जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्म और जाति के नाम पर विभाजन की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ईद के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और देश की असली ताकत आपसी भाईचारा है।
प्रति लीटर 2 रुपये से ज्यादा बढ़ी कीमत
नई दिल्ली। देश में प्रीमियम पेट्रोल इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को झटका लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने 20 मार्च 2026 से प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। नई दरों के तहत प्रति लीटर करीब 2 से 2.30 रुपये तक का इजाफा किया गया है, जबकि आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल के दाम फिलहाल स्थिर रखे गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे में प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में करीब 2.09 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बाद ‘स्पीड’ और ‘पावर’ जैसे हाई-परफॉर्मेंस ईंधन की कीमत बढ़कर 113 रुपये प्रति लीटर से अधिक हो गई है। यह बदलाव तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
इस बढ़ोतरी का असर खास तौर पर Hindustan Petroleum Corporation Limited के ‘पावर पेट्रोल’ और Indian Oil Corporation Limited के ‘XP95’ जैसे ब्रांडेड ईंधनों पर पड़ा है। ये प्रीमियम फ्यूल मुख्य रूप से बेहतर इंजन परफॉर्मेंस और अधिक माइलेज के लिए उपयोग किए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, कीमतों में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव, खासकर अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते टकराव के चलते वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
हालांकि, सरकार और तेल कंपनियों ने फिलहाल इस वृद्धि को केवल प्रीमियम पेट्रोल तक सीमित रखा है, जिससे सामान्य पेट्रोल उपयोग करने वाले बड़े वर्ग पर सीधा असर नहीं पड़ा है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे तो आने वाले समय में ईंधन कीमतों पर और दबाव बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
साक्ष्य के अभाव में सुप्रीम कोर्ट ने एल्विश यादव को दी राहत
नई दिल्ली। चर्चित स्नेक वेनम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर एल्विश यादव को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया है। यह मामला वर्ष 2023 में नोएडा में आयोजित एक कथित रेव पार्टी से जुड़ा था, जिसमें सांपों के जहर के इस्तेमाल के आरोप लगे थे और जिसने देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह शामिल थे, ने सुनवाई के दौरान कई अहम कानूनी बिंदुओं पर विचार किया। अदालत ने कहा कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत जिस साइकोट्रॉपिक पदार्थ का उल्लेख किया गया है, वह इस कानून की निर्धारित सूची में शामिल ही नहीं है। ऐसे में इस अधिनियम के तहत दर्ज मामला टिकाऊ नहीं माना जा सकता।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि एल्विश यादव के पास से कोई प्रत्यक्ष बरामदगी नहीं हुई थी। चार्जशीट में केवल यह आरोप था कि उन्होंने किसी सहयोगी के माध्यम से सामग्री मंगवाई थी, जो अपने आप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं है।
इसके अलावा, अदालत ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 55 का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून के तहत अभियोजन केवल अधिकृत अधिकारी की शिकायत के आधार पर ही शुरू किया जा सकता है। मौजूदा एफआईआर इस प्रक्रिया के अनुरूप नहीं पाई गई, इसलिए इसे विधिसम्मत नहीं माना जा सकता।
अदालत ने यह भी कहा कि भारतीय दंड संहिता के तहत लगाए गए आरोप स्वतंत्र रूप से स्थापित नहीं होते, क्योंकि वे एक पूर्व शिकायत से जुड़े थे, जिसे पहले ही बंद किया जा चुका है।
इन सभी आधारों पर सुप्रीम कोर्ट ने निष्कर्ष निकाला कि एफआईआर न्यायिक जांच की कसौटी पर खरी नहीं उतरती, इसलिए इसे रद्द किया जाना उचित है। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया कि उसने मामले के तथ्यों या आरोपों की सत्यता पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
साथ ही, कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरण को यह स्वतंत्रता भी दी है कि वह कानून के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नई शिकायत दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर सकता है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस मुद्दे पर चिंता भी जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यदि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग इस तरह के मामलों में शामिल पाए जाते हैं, तो इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है, खासकर जब बात बेजुबान जानवरों के उपयोग की हो।
बचाव पक्ष की ओर से कहा गया कि एल्विश यादव एक वीडियो शूट के सिलसिले में गायक फाजिलपुरिया के निमंत्रण पर कार्यक्रम में पहुंचे थे। उनका दावा था कि न तो रेव पार्टी के पुख्ता सबूत हैं और न ही किसी मादक पदार्थ के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है। साथ ही, लैब रिपोर्ट के आधार पर यह भी कहा गया कि बरामद सांप विषैले नहीं थे।
वहीं, राज्य सरकार की ओर से दावा किया गया कि मौके से नौ सांप, जिनमें कोबरा भी शामिल थे, बरामद किए गए थे और सांप के जहर के इस्तेमाल के संकेत मिले थे। अदालत ने इस पर भी सवाल उठाए कि जहर निकालने और उसके उपयोग की प्रक्रिया क्या रही होगी।
नई दिल्ली- ओडिशा के कटक शहर में सोमवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जब एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में अचानक आग लग गई। आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 11 अन्य लोग झुलसकर घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ ही मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया।
घटना की सूचना मिलने के बाद ओडिशा के मुख्यमंत्री तुरंत अस्पताल पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को घायलों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और घटना की जांच के निर्देश दिए।
इस दुखद हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ के माध्यम से शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। राष्ट्रपति ने कहा कि इस घटना से उन्हें गहरा दुःख पहुंचा है।
वहीं ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी कटक के अस्पताल में आग लगने की घटना पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही राज्य सरकार से सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील भी की।
एनएसए के तहत लिया गया निर्णय, सोनम वांगचुक की हिरासत रद्द
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लद्दाख के चर्चित क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को बड़ी राहत देते हुए उनकी हिरासत समाप्त करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत की गई उनकी हिरासत को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम लद्दाख में शांति, स्थिरता और संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
गृह मंत्रालय के अनुसार, वांगचुक को लद्दाख के लेह में कथित तौर पर भड़काऊ बयान देकर लोगों को उकसाने के आरोप में करीब छह महीने पहले हिरासत में लिया गया था। हालांकि, हालात की समीक्षा और विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद सरकार ने उनकी हिरासत समाप्त करने का निर्णय लिया है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वांगचुक पहले ही हिरासत की तय अवधि का लगभग आधा समय पूरा कर चुके थे।
सरकार ने अपने बयान में कहा कि लद्दाख में शांति और विश्वास का माहौल बनाना उसकी प्राथमिकता है, ताकि सभी पक्षों के साथ सकारात्मक और सार्थक संवाद संभव हो सके। इसी दिशा में यह फैसला लिया गया है।
दरअसल, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक हिरासत में रखा जा सकता है, लेकिन परिस्थितियों के आधार पर इसे पहले भी समाप्त किया जा सकता है।
वांगचुक को सितंबर 2025 में लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद गिरफ्तार किया गया था। ये प्रदर्शन लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान के छठे अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर हो रहे थे। उस दौरान प्रदर्शन हिंसक हो गए थे और पुलिस कार्रवाई में चार लोगों की मौत भी हुई थी।
गृह मंत्रालय ने कहा कि केंद्र सरकार लद्दाख के विभिन्न सामाजिक समूहों, संगठनों और सामुदायिक नेताओं के साथ लगातार संवाद कर रही है, ताकि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके। मंत्रालय ने यह भी चिंता जताई कि लगातार बंद और विरोध प्रदर्शनों से छात्रों, रोजगार तलाशने वालों, व्यापारियों, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों और पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ा है।
सरकार ने भरोसा दिलाया कि लद्दाख के लोगों की चिंताओं को दूर करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे और बातचीत के जरिए समाधान खोजने की कोशिश जारी रहेगी।
गौरतलब है कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर उनकी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए रिहाई की मांग की थी। हाल ही में अदालत में सुनवाई के दौरान सरकार द्वारा पेश किए गए भाषण के ट्रांसक्रिप्ट पर भी सवाल उठाए गए थे। इसी बीच केंद्र सरकार ने उनकी हिरासत समाप्त करने का फैसला ले लिया।
