150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए
लाभार्थियों को आयुष्मान योजना व ABDM की महत्वपूर्ण जानकारियों से कराया रूबरू
देहरादून। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण की पहल पर देहरादून जनपद के भोगपुर में आयुष्मान/आभा जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए। शिविरार्थियों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, अटल आयुष्मान, 70 साल व उससे अधिक आयु वर्ग के सीनियर सिटीजन हेतु वय वंदना कार्ड की जानकारियां दी गई। ग्राम पंचायत रखवाल गांव के प्रधान दीपक रावत की मांग पर शिविर का आयोजन किया गया।
विकासखंड डोईवाला के ग्राम पंचायत भवन भोगपुर में आयोजित शिविर में उपस्थित लोगों को आयुष्मान योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा, सत्तर साल या उससे अधिक उम्र के वरिष्ट नागरिकों को परिवार से पृथक 5 लाख रुपए तक निःशुल्क उपचार सुविधा हेतु वय वंदना कार्ड, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन मिशन के अंतर्गत आभा कार्ड, स्कैन एंड शेयर, स्कैन एंड पे आदि से संबंधित जानकारियां दी गई। शिविर में 150 से अधिक आयुष्मान कार्ड व आभा आईडी बनाए गए।
इस अवसर पर ग्राम प्रधान रखवाल गांव दीपक रावत, ग्राम प्रधान भोगपुर चांदखान, स्वीटी रावत ग्राम प्रधान गडुल, क्षेत्र पंचायत सदस्य संजीव नेगी, रविंद्र रावत, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मेद्र रावत, विवेक सिंह रावत आदि का सहयोग रहा। शिविर में आयुष्मान योजना की विभिन्न जानकारियों से युक्त पंपलेट, ब्राउसर आदि प्रचार सामाग्री वितरित की गई। शिविर में आईईसी टीम के नवीन शुक्ला, नवीन चमोली, प्रणव शर्मा, अरूण बिष्ट, बीआईएस के नितेश यादव, लव भंडारी आदि शामिल रहे।
यूसीसी का सफल क्रियान्वयन प्रशासन और जनसहयोग का परिणाम- विधायक
यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने पर पौड़ी में व्यापक कार्यक्रम, 43 हजार से अधिक पंजीकरण पूर्ण
महिलाओं को न्याय और समान अवसर देने की दिशा में यूसीसी निर्णायक कदम- जिलाधिकारी
पौड़ी। यूसीसी के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जनपद पौड़ी में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग करते हुए जनपदवासियों को यूसीसी दिवस की शुभकामनाएँ दीं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह गर्व का विषय है कि समान नागरिक संहिता का यह कानून केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रभावी रूप से धरातल पर लागू होकर जनकल्याण का माध्यम बना है। इसके माध्यम से सरकारी सेवाओं तक जनता की पहुँच को अधिक सरल, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाया गया है। भारतीय संस्कृति के मूल में निहित समानता, सामाजिक न्याय और बंधुत्व के मूल्यों को यह कानून सशक्त करता है, क्योंकि एक सशक्त और समरस समाज के लिए सभी नागरिकों हेतु समान कानून आवश्यक है। समान नागरिक संहिता महिलाओं को न्याय, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान कर समाज को नई दिशा देने का कार्य करेगी।

संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक पौड़ी राजकुमार पोरी तथा जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया। संस्कृति विभाग की ओर से स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया, जबकि जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन देते हुए अवगत कराया कि यूसीसी दिवस के अवसर पर जनपद के समस्त विकासखंडों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद ने यूसीसी को अधिकार के रूप में जन-जन तक पहुँचाने के लिए सभी की सहभागिता की अपील की। कार्यक्रम के दौरान यूसीसी पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें इसके उद्देश्य, महत्व एवं प्रावधानों की संक्षिप्त जानकारी दी गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में हेमंती सिंह द्वारा “हम उत्तराखंडी छा” गीत की प्रस्तुति दी गई। इसके साथ ही विद्यालय स्तर पर आयोजित निबंध, चित्रकला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों एवं कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। साथ ही जनपद के प्रथम यूसीसी पंजीकरणकर्ता दंपत्ति अंकित एवं रिंकी तड़ियाल को विशेष रूप से सम्मान प्रदान किया गया।
विधायक राजकुमार पोरी ने अपने संबोधन में कहा कि समान नागरिक संहिता समाज में समानता, न्याय और पारदर्शिता की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी वर्ग विशेष के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। विधायक ने जनपद स्तर पर इसे सफलतापूर्वक लागू करने के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड ने देश को एक नई दिशा और प्रेरणा देने का कार्य किया है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित जनसमूह का स्वागत करते हुए कहा कि कभी समान नागरिक संहिता केवल एक आदर्श कल्पना प्रतीत होती थी, जिसे भारत जैसे विविधतापूर्ण देश में लागू करना कठिन माना जाता था। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में यह कार्य मात्र तीन वर्षों में दृढ़ इच्छाशक्ति और सामूहिक प्रयास से पूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि जनपद पौड़ी की 1166 ग्राम पंचायतों में से 835 पंचायतों में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण होना एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इच्छाशक्ति और टीमवर्क से असंभव भी संभव हो जाता है, और आज उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य बनकर इतिहास रच चुका है। उन्होंने बताया कि पौड़ी जनपद में वर्तमान तक यूसीसी में 43784 पंजीकरण पूर्ण हो चुके हैं।
अपर जिलाधिकारी अनिल गर्ब्याल ने कार्यक्रम के समापन अवसर पर सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों तथा प्रतिभागियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने में विभिन्न विभागों, सांस्कृतिक दलों, विद्यार्थियों एवं आयोजन से जुड़े सभी कार्मिकों के सहयोग की सराहना की।
कार्यक्रम का संचालन जयदीप रावत ने किया। इस अवसर पर संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. शिव मोहन शुक्ला, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रणजीत सिंह नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शैलेन्द्र पाण्डेय, एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल, डीआईओ एनआईसी मयंक शर्मा, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।
महंगे फोन का शौक ले पहुंचा सलाखों के पीछे
अभियुक्तों के कब्जे से घटना में चोरी किये गये 02 मोबाइल फोन हुए बरामद
देहरादून। पटेलनगर क्षेत्र में मोबाइल फोन चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 27 जनवरी 2026 को सौरभ गोयल पुत्र अशोक गोयल, निवासी प्रिय लोक कॉलोनी, पटेलनगर, देहरादून ने कोतवाली पटेलनगर में लिखित तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि आशु नामक युवक व उसके साथियों ने उनकी दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिए हैं। तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में मु0अ0सं0–35/2026, धारा 303(2)/351(2)/352 बीएनएस के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना के अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने सुरागरसी-पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। इसी क्रम में 27 जनवरी 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने हरभजवाला क्षेत्र स्थित एक खाली प्लॉट से चोरी की घटना को अंजाम देने वाले तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आशु कुमार, केशव डबराल और सुधांशु बडोनी के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से वादी की दुकान से चोरी किए गए विभिन्न कंपनियों के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्हें महंगे मोबाइल फोन रखने का शौक था, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
आशु कुमार पुत्र महिपाल सिंह, निवासी ग्राम कादपुर, तहसील बेहट, थाना बेहट, जिला सहारनपुर (उ.प्र.), हाल निवासी सरस्वती विहार, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 22 वर्ष
केशव डबराल पुत्र रमेश डबराल, निवासी अजबपुर, माता मंदिर रोड, देहरादून, उम्र 21 वर्ष
सुधांशु बडोनी पुत्र स्व. अजय बडोनी, निवासी आमवाला तरला, नालापानी, देहरादून, उम्र 21 वर्ष
बरामदगी:
आईफोन 15 प्रो मैक्स (सिल्वर रंग)
आईफोन 16 प्रो (गोल्डन रंग)
डॉ. धन सिंह रावत ने नवचयनित अभ्यर्थियों को दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
देहरादून। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत चयनित प्रयोगशाला सहायक पद के 14 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।

इस अवसर पर मंत्री डॉ. रावत ने सभी नवचयनित अभ्यर्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि चयनित अभ्यर्थी अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और पूर्ण समर्पण के साथ निर्वहन करेंगे तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस”
अधिकारियों और रजिस्ट्रेशन में सराहनीय कार्य करने वालों का सम्मान
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर गढ़ी कैंट में आयोजित प्रथम “समान नागरिक संहिता दिवस” को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होंने समान नागरिक संहिता को तैयार करने वाले कमेटी के सदस्यों, कुशल क्रियान्वयन करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और पंजीकरण में योगदान देने वाले वीएलसी को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने यूसीसी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि आज का दिन उत्तराखंड राज्य के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित रहेगा, इसी दिन राज्य में समान नागरिक संहिता लागू हुई है, जिससे समाज में सामाजिक न्याय, समानता और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना सुनिश्चित हो सकी। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और परंपरा सदैव समरसता और समानता की संवाहक रही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी गीता में “समोहम सर्वभूतेषु न मे द्वेष्योस्ति न प्रियः” का उपदेश दिया है, जिसका अर्थ है कि मैं सभी प्राणियों के प्रति समान भाव रखता हूँ, न किसी का शत्रु हूँ और न ही किसी के प्रति पक्षपात करता हूँ। सनातन संस्कृति की यही महानता है, जिसने सदियों से दुनिया को समानता, न्याय और मानवता का मार्ग दिखाया है।
सच किया संविधान निर्माताओं का संकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर सहित सभी संविधान निर्माताओं ने ‘‘समान नागरिक संहिता’’ को संविधान के अनुच्छेद 44 के अंतर्गत राज्य के नीति निदेशक सिद्धांतों में सम्मिलित किया था। उनका मत था कि देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होना चाहिए। यही कारण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उन्होंने वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पूर्व, अपने दृष्टिपत्र में राज्य में “समान नागरिक संहिता” को लागू करने का संकल्प लिया। देवभूमि की जनता ने भी इस “देवकार्य” के लिए भाजपा को अपार समर्थन और आशीर्वाद प्रदान किया। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उन्होंने दुबारा सत्ता संभालते ही पहले दिन से ही उत्तराखंड में यूसीसी लागू करने के लिए कार्य प्रारंभ किया। इसी क्रम में 7 फरवरी 2024 को समान नागरिक संहिता विधेयक को राज्य विधानसभा में पारित कर राष्ट्रपति को भेजा गया। जिसे 11 मार्च 2024 को राष्ट्रपति की स्वीकृति मिली। इसके बाद सभी आवश्यक नियमावली एवं प्रक्रियाओं को पूर्ण करते हुए, राज्य सरकार ने 27 जनवरी, 2025 को उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को विधिवत रूप से लागू कर दिया।
महिला सशक्तिकरण के नए युग की शुरुआत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि समाज में कुछ समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण भेदभाव, असमानता और अन्याय की स्थिति बनी हुई थी। यूसीसी लागू होने से न केवल राज्य से सभी नागरिकों को समान अधिकार प्राप्त हुए हैं बल्कि प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के एक नए युग की शुरुआत भी हुई है। अब उत्तराखंड की मुस्लिम बहन-बेटियों को हलाला, इद्दत, बहुविवाह, बाल विवाह और तीन तलाक जैसी कुरीतियों से मुक्ति मिली है। यूसीसी लागू होने के बाद उत्तराखंड में एक भी हलाला या बहुविवाह का मामला सामने नहीं आया। यही कारण है कि मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के पश्चात कई दशकों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण, यूसीसी को लागू करने का साहस नहीं दिखाया गया। जबकि दुनिया के सभी विकसित और सभ्य देशों सहित प्रमुख मुस्लिम राष्ट्रों में समान नागरिक संहिता पहले से ही लागू है।
समानता से समरसता का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता किसी धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं है बल्कि ये तो समाज की कुप्रथाओं को मिटाकर सभी नागरिकों में “समानता से समरसता’’ स्थापित करने का एक कानूनी प्रयास है। इस कानून के माध्यम से किसी भी धर्म की मूल मान्यताओं और प्रथाओं को नहीं बदला गया है, केवल कुप्रथाओं को दूर किया गया है। यूसीसी में सभी धर्मों के लोगों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद एवं उत्तराधिकार आदि से संबंधित नियमों को एक समान किया गया है। साथ ही संपत्ति के बंटवारे और बाल अधिकारों के विषय में भी स्पष्ट कानून बनाए गए हैं। संपत्ति के अधिकार में बच्चों में किसी भी प्रकार का भेद नहीं किया गया है, किसी भी व्यक्ति की मृत्यु होने के पश्चात उसकी संपत्ति को लेकर परिवार के सदस्यों के बीच किसी प्रकार के मतभेद की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए मृतक की सम्पत्ति पर उसकी पत्नी, बच्चों एवं माता पिता को समान अधिकार प्रदान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय को देखते हुए युवक-युवतियों की सुरक्षा सुनिश्चित के उद्देश्य से इस कानून में लिव-इन रिलेशनशिप के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार उनके माता-पिता या अभिभावक को देगा, ये जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जा रही है। लिव-इन के दौरान जन्में बच्चों को उस युगल का बच्चा ही मानते हुए, उसे जैविक संतान के समान समस्त अधिकार प्रदान किए गए हैं।
सिर्फ घोषणा नहीं सफल क्रियान्वयन भी किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उनके लिए निजी तौर पर अत्यंत गर्व का विषय है कि उन्होंने समान नागरिक संहिता को घोषणा से लेकर धरातल पर प्रभावी रूप से क्रियान्वित करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि बीते एक वर्ष में राज्य सरकार ने समान नागरिक संहिता के माध्यम से नागरिकों के लिए सरकारी सेवाओं की पहुँच को और अधिक सरल, सुलभ और पारदर्शी बनाया है। जहां यूसीसी लागू होने से पहले हमारे राज्य में औसतन केवल 67 विवाह पंजीकरण हुआ करते थे वो संख्या आज बढ़कर प्रतिदिन 1400 से अधिक हो गई है। राज्य की 30 प्रतिशत से अधिक ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाहित दंपतियों का पंजीकरण सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। बीते एक वर्ष में यूसीसी के अंतर्गत लगभग 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 95 प्रतिशत से अधिक का निस्तारण भी किया जा चुका है। राज्य में ऑनलाइन पोर्टल व्यवस्था तथा 7,500 से अधिक सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से शासन को वास्तव में सीधे जनता के द्वार तक पहुँचा दिया है।
विवाह में धोखाधड़ी करने पर सख्ती का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्य सरकार ने यूसीसी में आवश्यक संशोधनों से संबंधित विधेयक पारित किया था, जिसे एक दिन पहले ही राज्यपाल की स्वीकृति प्राप्त हुई है। जिसके अंतर्गत विवाह के समय यदि अपनी पहचान छिपाने या गलत तथ्य बताने पर ऐसे विवाहों को निरस्त करने का प्रावधान है। इसके साथ ही, विवाह एवं लिव-इन संबंधों में किसी भी प्रकार के बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि-विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं।
देश को जोड़ते हैं मजबूत फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने जनसंघ की स्थापना के समय से ही कश्मीर से धारा 370 की समाप्ति और समान नागरिक संहिता को लागू करने का संकल्प लिया था, अब ये संकल्प सिद्धि बन चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह साबित हुआ है कि मजबूत फैसले देश को तोड़ते नहीं, बल्कि जोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर समान नागरिक संहिता को लेकर भ्रांतियाँ फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित होकर कभी इसे मूल निवासी तो कभी लिव-इन पंजीकरण को लेकर भ्रम फैलाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति राज्य का ‘मूल निवासी’ नहीं बन सकता। इसी तरह लिव-इन संबंध पंजीकरण का प्रावधान बहनों-बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार से मां गंगा देवभूमि उत्तराखंड से निकलकर पूरे भारत को अभिसिंचित करती है, उसी प्रकार उत्तराखंड से निकलने वाली ये “समान नागरिक संहिता’’ की धारा भी देश के दूसरे राज्यों को इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए अवश्य प्रेरित करेगी।
बहु विवाह पर होगी सख्ती
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कुछ मामले बहु विवाह और विवाह विच्छेद से भी संबंधित सामने आए हैं, ऐसे मामलों में अलग से प्रावधान करते हुए, सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अभी अमेरिका के एक एनजीओ ने उन्हें हेट स्पीच का जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन यदि धर्मांतरण, सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ बोलना हेट स्पीच है तो फिर वो फिर अच्छा ही है।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, डॉ धन सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, विधायक खजान दास, श्रीमती सविता कपूर, सुरेश गड़िया, बृज भूषण गैरोला, सचिव गृह शैलेश बगोली, डीजीपी दीपम सेठ, यूसीसी समिति के सदस्य पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघन सिंह, दून विवि की वीसी प्रो सुरेखा डंगवाल, मनु गौड़, अजय मिश्रा , विशेष सचिव गृह निवेदिता कुकरेती एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।
सीएम धामी ने यूसीसी को बताया समानता और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) दिवस के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से शुरू हुई यह ऐतिहासिक पहल केवल एक कानून नहीं, बल्कि समानता, पारदर्शिता और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य महिलाओं को उनके वैधानिक अधिकारों में पूर्ण समानता प्रदान करना है। विवाह, तलाक, संपत्ति और उत्तराधिकार जैसे महत्वपूर्ण विषयों में किसी भी प्रकार के भेदभाव को समाप्त कर महिलाओं को समान और न्यायसंगत अधिकार सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान यूसीसी के अंतर्गत विवाह पंजीकरण और नागरिक सेवाओं की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है। राज्य सरकार द्वारा 23 भाषाओं में सहायता सुविधा तथा एआई-आधारित सपोर्ट सिस्टम लागू किया गया है, जिससे आम नागरिकों को सेवाएं सरल, पारदर्शी और सुलभ रूप में उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री धामी ने विश्वास जताया कि समान नागरिक संहिता प्रदेश में सामाजिक न्याय और समरसता को और अधिक मजबूत करेगी तथा एक समान, सशक्त समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
ध्वजारोहण, परेड, झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजा गणतंत्र दिवस समारोह
जिलाधिकारी ने जनपद मुख्यालय में किया ध्वजारोहण, उत्कृष्ट कार्मिकों को सम्मानित करते हुए परेड की ली सलामी
जिलाधिकारी ने दिलायी संविधान की शपथ, प्रथम सीडीएस बिपिन रावत और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए पौड़ी में हर्षोल्लास से मना गणतंत्र दिवस
पौड़ी। कंडोलिया मैदान में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने प्रतिभाग किया। उन्होंने ध्वजारोहण कर परेड की सलामी ली और सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। आम जनता और स्कूली बच्चों की बढ़-चढ़कर सहभागिता ने पूरे कार्यक्रम को उत्साह, ऊर्जा और जनजागरण का सशक्त प्रतीक बना दिया। इससे पूर्व जिलाधिकारी ने 9ः30 बजे कलेक्ट्रेट में, एसएसपी सर्वेश पंवार ने पुलिस लाइन, अपर आयुक्त गढ़वाल मंडल उत्तम सिंह चौहान ने आयुक्त कार्यालय तथा मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने विकास भवन में ध्वजारोहण किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर जनपद के विभिन्न तहसील, विकासखंडों तथा समस्त कार्यालयों में भी ध्वजारोहण किया गया।
कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम ने जिलाधिकारी ने वहां उपस्थित अधिकारियों व कार्मिकों को संविधान की शपथ भी दिलायी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र के 77वें वर्ष में प्रवेश के साथ आत्ममंथन आवश्यक है कि अब तक क्या उपलब्धियाँ मिलीं और आगे किन लक्ष्यों को प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों से ईमानदारी, निष्ठा व जिम्मेदारी के साथ समयबद्ध कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने आह्वान किया कि प्रशासन मानव केंद्रित होना चाहिए, ताकि आमजन के कार्य समय पर पूरे हों और जनता को योजनाओं का अधिकाधिक लाभ मिले।
उन्होंने कहा कि लक्ष्यों को स्पष्ट कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने और निरंतर समीक्षा करने से कार्यों की गुणवत्ता बढ़ती है तथा प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होती है। साथ ही उन्होंने जनपद में हो रहे सराहनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए सभी से देश, जनपद और शहर के विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करने की अपील की।
कंडोलिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने जिलाधिकारी को स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस के जवानों व विभिन्न विभागों के अधिकारी व कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में एएसपी संचार अनूप काला ने जिलाधिकारी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया तथा परेड का नेतृत्व किया। जिलाधिकारी ने परेड का निरीक्षण किया तथा झांकियों की सलामी ली। विभिन्न विभागों द्वारा निकाली गयी झांकियों व स्कूली छात्र छात्राओं ने देशभक्ति कार्यक्रमों से रंगारंग प्रस्तुति देकर दर्शकों का मन मोह लिया। श्रीनगर के मार्शल स्कूल द्वारा मशकबीन की धुनों पर प्रस्तुत किया गया बेड़ू पाको बारामासा दर्शकों को पर्वतीय संस्कृति की मनोरम छवि की ओर ले गया। कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की झांकी ने लगातार दूसरी बार प्रथम स्थान, ग्राम्य विकास विभाग ने द्वितीय स्थान तथा वन विभाग की झांकी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कंडोलिया में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिवस लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने पौड़ी को संघर्षों की ऐतिहासिक धरती बताते हुए यहाँ गणतंत्र दिवस मनाने को गर्व का विषय बताया। अगस्त माह में आयी आपदा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि 368 गांवों से एक साथ हानि की सूचनाएं मिलीं, लेकिन क्षेत्रवासियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के आपसी समन्वय से त्वरित राहत कार्य किए गए और सभी ने एकजुट होकर चुनौती का सामना किया।
जिलाधिकारी ने दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं के साहस, परिश्रम और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर हैं और पिरूल वैल्यूएशन, कृषि, नर्सरी व मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में अहम भूमिका निभा रही हैं। जिलाधिकारी ने “जन-जन की सरकार” कार्यक्रम के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों की समस्याओं के त्वरित समाधान की जानकारी दी तथा जनपद में चल रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है और जनसहयोग से जनपद निरंतर प्रगति करता रहेगा।
कार्यक्रम के पश्चात जिलाधिकारी ने सीडीएस पार्क में देश के प्रथम सीडीएस जनरल बिपिन रावत की मूर्ति पर माल्यार्पण किया। साथ ही कंडोलिया स्थित गांधी पार्क में जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर भी माल्यार्पण किया।
कार्यक्रम में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिका अध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार, मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत, डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, डीएसटीओ राम सलोने, सीओ पुलिस तुषार बोरा, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित डुबरिया, जिला परिवीक्षा अधिकारी अरविंद कुमार, जिला निबंधक सहकारिता सौरभ कुमार, जिला खेल अधिकारी जयबीर रावत, पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष जसपाल नेगी, यशपाल बेनाम, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, स्कूली बच्चे व स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
डीएम सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में किया ध्वजारोहण
देहरादून। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जिलाधिकारी सविन बंसल ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है।
जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण देश के प्रत्येक नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। कहा कि सरकारी अधिकारी कर्मचारी लोकतंत्र के एक अंग है जिनका कर्तव्य लोकतांत्रित मूल्यों के साथ राज्य देश को को आगे बढाने में इसलिए एक अधिकारी कर्मचारी के तौर पर उनकी भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है। सरकारी अधिकारी एक लोक सेवक के रूप में अपने जिले, राज्य एवं राष्ट्र में पूर्ण मनोबल से कार्य करने का प्रयास करते है उसका लक्ष्य यही है कैसे राज्य देश को आर्थिक, सामाजिक इंस्फ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को भी साथ संजौना है। भारत वर्ष अन्य राष्ट्रों से अलग यहां की बोली, भाषा, संस्कृति हर क्षेत्र में भिन्न है। उन्होंने संविधान निर्माताओं के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संविधान के मूल्यों को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का निष्ठा एवं ईमानदारी से निर्वहन करने का आह्वान किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती प्रशासनिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना से ही संभव है। उन्होंने जिले के विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की प्रतिबद्धता दोहराई।
उत्कृष्ट कार्य वाले कर्मचारियों को जिलाधिकारी सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया जिनमें रजनी नेगी, वरिष्ठ सहायक, शशि उनियाल, वरिष्ठ सहायक, निर्मला पंत, कनिष्ट सहायक, हेमा बिष्ट, कनिष्ठ सहायक, सरिता डबराल, वरिष्ठ सहायक, कैलाश पाण्डेय, अनुसेवक, हरी शंकर, अनुसेवक, सर्वेन्द्र सिंह नेगी, वरिष्ठ सहायक, अजय रावत, कनिष्ट सहायक, किरन रानी, मुख्य सहायक, विपुल बहुगुणा, वरिष्ठ सहायक, आशीष जोशी, मुख्य सहायक, अनुज कुमार, मुख्य सहायक, निधी टम्टा, मुख्य सहायक, दिनेश वर्मा, वरिष्ठ सहायक, अमित भट्ट, वरिष्ठ सहायक,. गौरव रावत, वरिष्ठ सहायक, शमीम अन्जुम जैदी, उर्दू अनुवादक, जगदम्बा रतूड़ी, अनुसेवक, जोगेन्द्र सिंह, कनिष्ट सहायक, योगेश सुन्दरियाल, वरिष्ठ सहायक, आत्मा राम शर्मा, वरिष्ठ सहायक मयंक जोशी, कनिष्ट सहायक, मनोज कुकरेती मुख्य सहायक, दीवान सिंह शर्मा, वरिष्ठ सहायक, बाबर खान, वरिष्ठ सहायक, सूचना विभाग के इन्द्रेश, अभिषेक, मुकुल, सुरेन्द्र कोठारी, प्रान्तीय रक्षक दल, देहरादून को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी मुख्यालय अपूर्वा सिंह, उप जिलाधिकारी कुमकुम जोशी, सहायक निदेशक/जिला सूचना अधिकारी बीसी नेगी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी राजेश कपिल, प्रशासनिक अधिकारी हरीश पाण्डेय सहित कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभागों, सूचना विभाग के अधिकारी कर्मचारी तथा अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
आयुर्वेद, होम स्टे योजना और शीतकालीन धामों की झलक बनी आकर्षण का केंद्र
देहरादून। गणतंत्र दिवस के अवसर पर परेड ग्राउंड देहरादून में राज्य स्तरीय समारोह में सूचना विभाग की झांकी ने लगातार तीसरी बार प्रथम स्थान प्राप्त किया। ‘‘रजत जयंती एवं शीतकालीन धार्मिक यात्रा व पर्यटन’’ पर आधारित इस झांकी में राज्य के पच्चीस वर्षों की विकास यात्रा के साथ ही तीर्थाटन एवं पर्यटन विकास से जुड़े पहलुओं को दिखाया गया।
झांकी के प्रथम भाग में गंगा मन्दिर, मुखवा को प्रदर्शित किया गया, जो माँ गंगा का शीतकालीन प्रवास है। झांकी के अग्रिम केबिन में उत्तराखण्ड गठन के 25 गौरवशाली वर्ष प्रदर्शित किए गए , जो राज्य की विकास यात्रा, सांस्कृतिक पहचान और निरंतर प्रगति को दर्शाते हैं।

झांकी के ट्रेलर भाग में उत्तराखण्ड को आयुर्वेद के अग्रणी राज्य के रूप में प्रस्तुत किया गया , जो राज्य की औषधीय पौधों एवं जड़ी-बूटियों की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को रेखांकित करती है। ट्रेलर के द्वितीय खंड में उत्तराखण्ड की होम स्टे योजना को दर्शाया गया । इसके पश्चात् झांकी में खरसाली स्थित यमुना मन्दिर को प्रदर्शित किया गया , जो माँ यमुना का शीतकालीन धाम है।
झांकी के अंतिम भाग में उठते हुए स्तंभों (पिलर्स) के माध्यम से उत्तराखण्ड की वर्ष-दर-वर्ष प्रगति को दर्शाया गया , जो राज्य के सतत विकास का प्रतीक है। झांकी के पार्श्व भाग में उत्तराखण्ड में लागू किये गये नये कानूनों को प्रदर्शित किया गया , जो राज्य की कानून व्यवस्था एवं सुशासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पृष्ठभूमि में की गई ऐंपण कला की सजावट, उत्तराखण्ड की पारंपरिक लोक कला को आधुनिक दृष्टिकोंण से जोड़ती है।
देहरादून। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) कार्यालय परिसर में देशभक्ति और उल्लास के वातावरण में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया द्वारा विधिवत ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान का गायन हुआ, जिसमें प्राधिकरण के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस मौके पर सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस हमें भारतीय संविधान में निहित मूल्यों—न्याय, समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व—को अपने कार्य और व्यवहार में अपनाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि एमडीडीए का उद्देश्य केवल भौतिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाबद्ध, संतुलित और जनहितकारी विकास सुनिश्चित करना भी है। उन्होंने कहा कि बीते वर्ष के दौरान एमडीडीए ने शहरी नियोजन, अवैध प्लॉटिंग, अवैध निर्माणों पर प्रभावी कार्रवाई, आधारभूत ढांचे के विकास तथा नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। आने वाले समय में प्राधिकरण पारदर्शिता, जवाबदेही और तकनीकी नवाचार के माध्यम से विकास कार्यों को और अधिक सुदृढ़ करेगा।
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने अधिकारियों और कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समयबद्धता के साथ करें। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए कार्यसंस्कृति में अनुशासन एवं संवेदनशीलता आवश्यक है।
इस अवसर पर एमडीडीए में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऐसे कर्मचारियों का सम्मान संस्थान के लिए गर्व की बात है और इससे अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। सम्मानित कर्मचारियों को उनके समर्पण, अनुकरणीय सेवा और कार्यकुशलता के लिए सराहा गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारी सम्मानित
एमडीडीए सचिव ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले 6 कर्मचारियो को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में अवर अभियंता सुनील उप्रेती, मनवीर पंवार, उद्यान अधीक्षक उस्मान अली , भानुप्रिया प्रभारी उद्यान अधिकारी, रितिक सिंह मार्केटिंग , नवजोत सजवाण आई टी एक्सपर्ट को उलेखनीय कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने देश की एकता, अखंडता और संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन एमडीडीए परिवार के लिए प्रेरणादायी रहा और जनसेवा के संकल्प को और अधिक मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ।
