रायपुर–डालनवाला क्षेत्र में दो पार्कों का ₹90 लाख की लागत से जीर्णोद्धार एवं निर्माण कार्य प्रारंभ
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित विकास, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा राजधानी देहरादून के रायपुर विधानसभा क्षेत्र में दो महत्वपूर्ण पार्कों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार की दिशा में ठोस पहल की गई है। लगभग ₹90 लाख की लागत से इन दोनों पार्कों को आधुनिक, पर्यावरण–अनुकूल एवं जनोपयोगी स्वरूप दिया जा रहा है।
इसी क्रम में आज रायपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक भवन के समीप, एमडीडीए कॉलोनी, चंद्र रोड, डालनवाला, देहरादून में प्रस्तावित पार्क का विधिवत शिलान्यास रायपुर विधायक माननीय उमेश शर्मा ‘काऊ’ द्वारा किया गया। शिलान्यास कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, स्थानीय पदाधिकारी, एमडीडीए के अधिकारी, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। यह पार्क न केवल क्षेत्रवासियों के लिए हरियाली और सुकून का केंद्र बनेगा, बल्कि बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य, मनोरंजन एवं सामाजिक गतिविधियों का साझा मंच भी प्रदान करेगा।
एमडीडीए द्वारा बताया गया कि इसके अतिरिक्त नेहरू कॉलोनी क्षेत्र का पार्क पहले ही पूर्ण रूप से तैयार कर लिया गया है। इस पार्क में नागरिक सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फुटपाथ निर्माण, व्यापक प्लांटेशन, स्टेज का निर्माण, पेंटिंग वर्क, तथा मैदान में उच्च गुणवत्ता की घास लगाई गई है। पार्क के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ इसे पर्यावरणीय दृष्टि से भी सुदृढ़ बनाया गया है, ताकि शहरी क्षेत्र में हरित आवरण को बढ़ावा मिल सके।इस पार्क को इस प्रकार डिजाइन किया जा रहा है कि यह हर आयु वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा कर सके।

रायपुर विधायक माननीय उमेश शर्मा ‘काऊ’ का बयान
रायपुर विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में विकास के साथ–साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रायपुर विधानसभा क्षेत्र में पार्कों का निर्माण और जीर्णोद्धार उसी सोच का परिणाम है। शहरी जीवन में हरियाली, स्वच्छ वातावरण और सार्वजनिक स्थलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। एमडीडीए द्वारा किए जा रहे ये कार्य न केवल क्षेत्र की सुंदरता बढ़ाएंगे, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और सामाजिक जीवन को भी बेहतर बनाएंगे। मैं उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी सहित एमडीडीए की पूरी टीम को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई देता हूं और आशा करता हूं कि भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्य निरंतर होते रहेंगे।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित विकास विजन के अनुरूप शहरी क्षेत्रों में पर्यावरण–अनुकूल अधोसंरचना विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पार्कों का निर्माण केवल सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने का माध्यम है। रायपुर विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे ये पार्क आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे और आने वाले वर्षों में शहरी हरियाली को मजबूत आधार प्रदान करेंगे।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि पार्कों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। नेहरू कॉलोनी पार्क का कार्य पूर्ण हो चुका है और डालनवाला पार्क का निर्माण भी निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। हमारा लक्ष्य नागरिकों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना है। एमडीडीए द्वारा किए जा रहे ये कार्य स्पष्ट रूप से यह दर्शाते हैं कि राज्य सरकार और विकास प्राधिकरण मिलकर राजधानी देहरादून को हरित, स्वच्छ और नागरिक– अनुकूल शहर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत हैं। भविष्य में भी ऐसे अनेक जनहितकारी परियोजनाओं के माध्यम से शहरी विकास को नई दिशा दी जाएगी।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों के बैंक खातों में डी.बी.टी. प्रणाली के माध्यम से दिसंबर माह की पेंशन किश्त का भुगतान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 09 लाख 43 हजार 964 लाभार्थियों के खातों में कुल 140 करोड़ 26 लाख 97 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन जारी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के कमजोर वर्गों, वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगजनों एवं निराश्रितों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पारदर्शी शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सभी प्रकार के भुगतान अब डी.बी.टी. प्रणाली से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किए जा रहे हैं, जिससे समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए 60 साल की आयु होते ही राज्य के जो लोग पात्रता की श्रेणी में आ रहे हों, उनका 59 साल की आयु से ही चिन्हीकरण कर लिया जाय, ताकि पात्रता की श्रेणी में आने पर उन्हें शीघ्र पेंशन का भुगतान किया जा उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि समाज के प्रत्येक पात्र लाभार्थी को किसी भी प्रकार की कठिनाई के बिना योजनाओं का लाभ मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि पेंशन योजनाओं के अंतर्गत कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए नियमित सत्यापन एवं निगरानी की प्रक्रिया को और अधिक सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनहित की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
इस असवर पर निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र एवं समाज कल्याण विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
जिलाधिकारी ने (के०जी०बी०वी०)त्यूनी खेल मैदान लिए DMF से रु० 10.00 लाख स्वीकृत; 6 लाख की प्रथम किस्त जारी
मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से आधुनिकता की ओर अग्रसर जिले की शिक्षा व्यवस्था
देहरादून- जिलाधिकारी सविन बंसल ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (के०जी०बी०वी०) टाईप-I, त्यूनी, विकासखण्ड चकराता में खेल मैदान के समतलीकरण हेतु जिला खनिज फाउंडेशन न्यास (DMF) से कुल रु० 10.00 लाख की धनराशि स्वीकृत करते हुए प्रथम किस्त के रूप में रु० 6.00 लाख की धनराशि निर्गत की है।
जिला प्रशासन देहरादून द्वारा जनपद में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देते हुए व्यापक स्तर पर सुधारात्मक कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी स्वयं जिलाधिकारी द्वारा नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है।

माननीय मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी के सतत प्रयासों से जिले में शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष फोकस किया जा रहा है जिससे जनमानस को स्वास्थ्य तथा छात्र छात्राओं को सुरक्षित शिक्षा के माहौल के साथ ही खेल मैदान उपलब्ध होगा, जिससे उनके शारीरिक एवं सर्वांगीण विकास को बल मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि जनपद में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की भांति आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है, जिसकी नियमित मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जा रही है
जिला विकास अधिकारी द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, त्यूनी में पूर्व में निर्मित खेल मैदान के समतलीकरण हेतु प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। बजट के अभाव में मैदान का समतलीकरण नहीं हो पाने के कारण मैदान उबड़-खाबड़ हो गया था तथा वर्षा ऋतु में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो रही थी, जिससे छात्राओं को खेल गतिविधियों के संचालन में अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
खण्ड विकास अधिकारी, विकासखण्ड चकराता द्वारा खेल मैदान के समतलीकरण हेतु रु० 9.40 लाख की अनुमानित लागत प्रस्तुत की गई, जिसे जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला खनिज फाउंडेशन न्यास की शासी परिषद के समक्ष परीक्षण एवं संस्तुति हेतु प्रस्तुत किया गया।

शासी परिषद के अध्यक्ष एवं अन्य सदस्यों द्वारा प्रस्ताव पर अनुमोदन प्रदान करते हुए कुल रु० 10.00 लाख (रुपये दस लाख मात्र) की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 60 प्रतिशत अर्थात रु० 6,00,000/- (रुपये छः लाख मात्र) की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में खण्ड विकास अधिकारी, विकासखण्ड चकराता को निर्गत किए जाने हेतु जिला खनिज फाउंडेशन न्यास के निर्धारित बैंक खाते से चैक तैयार किया गया है। शेष 40 प्रतिशत अर्थात रु० 4,00,000/- (रुपये चार लाख मात्र) की धनराशि उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए जाने एवं तृतीय पक्ष द्वारा जाँच आख्या प्राप्त होने के उपरान्त निर्गत की जाएगी।
जिलाधिकारी की इस पहल से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, त्यूनी की छात्राओं को सुरक्षित, समतल एवं उपयोगी खेल मैदान उपलब्ध होगा, जिससे उनके शारीरिक, मानसिक एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन द्वारा जनपद में प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत सरकारी विद्यालयों को निजी विद्यालयों की भांति आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत विद्यालयों में फर्नीचर, एलईडी/स्क्रीन, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, पुस्तकालय एवं खेल अवस्थापना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है, जिससे छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय दिलाने और मामले की पुन: जांच के लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों और विपक्षी राजनीतिक दलों के लोगों ने राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने के लिए परेड ग्राउंड से रैली के रूप में निकले।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य केवल मामले में न्याय सुनिश्चित करना है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए तथ्य सामने आने के बाद इस केस की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से पुन: जांच आवश्यक हो गई है।
इस अवसर पर पुलिस बल को शहर में तैनात किया गया ताकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। प्रदर्शनकारी रैली के माध्यम से अपनी मांगें सीधे राज्य सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
साथ ही, पिछले एसआईटी जांच में यह स्पष्ट किया गया था कि अभी तक किसी वीआईपी का नाम जांच में सामने नहीं आया है। बावजूद इसके, समाजिक संगठनों और विपक्षी दलों का कहना है कि मामले की गहन और निष्पक्ष जांच अब भी जरूरी है।
देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी, गंगोत्री में माइनस 12 डिग्री तक पहुंचा तापमान
देहरादून – उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाए रहने से शीत दिवस जैसी परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में हुई हल्की बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह के समय कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, गंगोत्री धाम क्षेत्र में अभी तक ताजा बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन भीषण ठंड ने जनजीवन को जकड़ लिया है। यहां तापमान शून्य से नीचे पहुंचकर माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के चलते छोटी-बड़ी नदियां और जलधाराएं जम गई हैं।
भागीरथी नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है, जबकि केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला पूरी तरह बर्फ की चपेट में हैं। गंगोत्री में पेयजल की व्यवस्था बर्फ को आग से पिघलाकर की जा रही है।
कठिन मौसम के बावजूद गंगोत्री धाम में करीब 25 साधु-संत तपस्या में लीन हैं, जो विषम परिस्थितियों में भी आस्था और साधना की मिसाल पेश कर रहे हैं।
देहरादून- अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में किसी भी वीआईपी की संलिप्तता सामने नहीं आई है। मामले की जांच कर चुकी एसआईटी के सदस्य और तत्कालीन एसपी देहात हरिद्वार शेखर सुयाल ने शनिवार को मीडिया के सामने जांच से जुड़े अहम तथ्यों को रखा।
शेखर सुयाल ने बताया कि शुरुआती दौर में एक व्यक्ति की पहचान जरूर की गई थी, जिसे कथित तौर पर वीआईपी बताया जा रहा था, लेकिन जांच के दौरान उसके खिलाफ कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला जिससे उसे इस हत्याकांड से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर की गई।
उन्होंने बताया कि घटना के बाद यह बात तेजी से फैली थी कि रिजॉर्ट में किसी खास व्यक्ति के आने की तैयारी थी और उसे विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अंकिता पर दबाव बनाया गया था। जब उसने इसका विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि उस समय मामला गुमशुदगी का था और जांच एक ब्लाइंड केस के रूप में शुरू हुई थी। एसआईटी के सक्रिय होने के बाद महज पांच घंटे के भीतर तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
एसआईटी को अंकिता और उसके मित्र के बीच हुई चैट में ‘वीआईपी’ शब्द का जिक्र मिला था, जिसके बाद इस पहलू की गंभीरता से जांच की गई। अंकिता के मित्र पुष्प समेत कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। रिजॉर्ट कर्मचारियों, दोस्तों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध का स्केच तैयार कराया गया, जिसकी पहचान नोएडा निवासी धर्मेंद्र उर्फ प्रधान के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि धर्मेंद्र घटना से पहले रिजॉर्ट आया था और अंकिता के मित्र ने उसकी पहचान भी की थी। एसआईटी ने धर्मेंद्र को जांच में शामिल कर उसकी आवाजाही, संपर्क और रिजॉर्ट आने के उद्देश्य की पूरी पड़ताल की। जांच में सामने आया कि वह जमीन खरीद के सिलसिले में क्षेत्र में आया था और एक स्थानीय परिचित उसे भोजन के लिए रिजॉर्ट ले गया था। उसके खिलाफ भी कोई आपत्तिजनक साक्ष्य नहीं मिला।
शेखर सुयाल ने यह भी बताया कि तीनों दोषियों ने अपने बयानों में यह स्वीकार किया है कि उन्होंने अंकिता पर अतिरिक्त सेवाएं देने का दबाव बनाया था, लेकिन किसी वीआईपी के शामिल होने के ठोस प्रमाण जांच में नहीं मिले।
वहीं, अभिनेत्री उर्मिला सनावर द्वारा फेसबुक लाइव और ऑडियो रिकॉर्डिंग के जरिए पूर्व विधायक सुरेश राठौड़ सहित अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने अलग से एक नई एसआईटी का गठन किया है। इस टीम द्वारा मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है। उर्मिला सनावर को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने को कहा गया है। उसने ऑनलाइन माध्यम से पुलिस सुरक्षा की मांग भी की है, हालांकि अब तक उसका ठोस पता सामने नहीं आ सका है।
राज्य में माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा
दिल्ली में भी आयोजित होगा उत्तराखंड माल्टा महोत्सव : मुख्यमंत्री
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में उत्तराखंड माल्टा महोत्सव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए माल्टा मिशन शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा कि दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री धामी ने अपनी धर्मपत्नी गीता पुष्कर धामी के साथ विभिन्न जनपदों के माल्टा एवं नींबू प्रजाति के फलों की प्रदर्शनी का अवलोकन कर माल्टा एवं नींबू की खटाई सहित नींबू प्रजाति के फलों से बने विभिन्न उत्पादों का स्वाद भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माल्टा उत्तराखंड की पहचान एवं परंपरा से जुड़ा है। राज्य की आर्थिकी व समृद्धि को सशक्त करने में बागवानी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इन्हीं संभावनाओं को साकार करने के लिए राज्य सरकार ने एप्पल मिशन व कीवी मिशन जैसी कई उल्लेखनीय शुरूआत की है। इसी तर्ज पर राज्य में माल्टा के उत्पादन को बढावा देने के लिए माल्टा मिशन की शुरूआत की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के माल्टा की ब्रांडिंग व इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी सरकार के द्वारा अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। राज्य के हर जनपद में माल्टा महोत्सव का आयोजन इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि राज्य के माल्टा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिल्ली में भी राज्य की ओर से माल्टा महोत्सव का आयोजन किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में किसानों की आर्थिकी को बढ़ाने के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। खेती व बागवानी के क्षेत्र में समुचित प्रोत्साहन, नवाचार और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाई जा रही है। यह पहल पलायन रोकने और युवाओं को अपने गांव के पास ही रोजगार देने में गेम चेंजर साबित होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्थानीय विशिष्टताओं के अनुरूप उपयुक्त खेती और बागवानी को प्रोत्साहित कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में माल्टा, सेब, नाशपाती, कीवी, अखरोट, आड़ू और नींबू वर्गीय फलों के बागान स्थापित करने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। फसल आधारित क्लस्टर विकसित कर उत्पादन और विपणन को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में माल्टा व गलगल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया गया है। सरकार द्वारा बागान लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान, सूक्ष्म सिंचाई पर 70 से 80 प्रतिशत अनुदान तथा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों पर 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। सेलाकुई में सुगंधित पौधों के लिए स्थापित केंद्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महक क्रांति की शुरूआत कर राज्य में सुगंधित पौधों की खेती को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की महत्वपूर्ण पहल की गई है।
मुख्यमंत्री ने माल्टा महोत्सव में प्रतिभाग करने आए पौड़ी गढ़वाल के माल्टा उत्पादक श्री हरीश के प्रयासों की सराहना करते हुए बताया कि उन्होंने 53 प्रजातियों के लगभग एक हजार पौधे रोपित किए हैं तथा इस बार भी 200 पौधे रोपित करने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अन्य किसानों को इनसे प्र्रेरणा लेकर बागवानी के क्षेत्र में विद्यमान संभावनाओं को साकार करने में सरकार के प्रयासों को सफल बनाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को बढ़ावा देने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के महोत्सव किसानों को नए बाजारों से जोड़ने के साथ-साथ स्वरोजगार के नए अवसर भी प्रदान करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले पाँच वर्षों में उत्तराखंड औद्यानिकी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास है कि माल्टा जैसे स्थानीय फलों के उत्पादन, प्रसंस्करण एवं विपणन को प्रोत्साहित कर इसका सीधा लाभ प्रदेश के किसान भाइयों तक पहुँचाया जाए और यह महोत्सव इन्हीं प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।
कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल, विधायक सविता कपूर, दायित्वधारी कैलाश पंत, प्रताप सिंह पंवार तथा सचिव कृषि डॉ. एस.एन. पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं विभिन्न जनपदों से आए किसान भी उपस्थित रहे।
देहरादून। उत्तराखण्ड पुलिस ने वर्ष 2026 के लिए अपनी प्राथमिकताओं और रणनीति का रोडमैप तय कर लिया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंतरिक सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और ड्रग्स-फ्री देवभूमि मिशन पर विशेष फोकस किया गया।
बैठक में पुलिस मुख्यालय की सभी शाखाओं की कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर विस्तृत चर्चा हुई। डीजीपी ने कहा कि बदलती चुनौतियों के बीच साइबर सर्विलांस और साइबर इंटेलिजेंस को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। एंटी टेरर कॉन्फ्रेंस-2025 में केंद्रीय गृह मंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप इन क्षेत्रों में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
डीजीपी ने ATS, ANTF और ट्रैफिक निदेशालय के पुनर्गठन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि ड्रग-फ्री उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के विजन को साकार करने के लिए एंटी नार्कोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक सशक्त किया जाएगा। साथ ही, ATS की संरचना में एकरूपता लाने के लिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार कदम उठाए जाएंगे।
साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए 1930 हेल्पलाइन को और प्रभावी बनाने तथा 112 इमरजेंसी सिस्टम के साथ उसके तकनीकी समन्वय को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि आम जनता की शिकायतों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एक और उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें DGP-IGP Conference-2025 के एजेंडा बिंदुओं की समीक्षा कर भविष्य की पुलिस रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा।

डीजीपी ने सभी अनुभागों को अपने-अपने प्रस्तावों और लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एक्शन प्लान प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले बजट, प्रोक्योरमेंट और अन्य वित्तीय मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही लंबित पत्रावलियों और शासन स्तर पर अटके प्रस्तावों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए।
प्रशासनिक कार्यों में देरी रोकने के लिए ई-ऑफिस और ई-फाइल प्रणाली के अनिवार्य उपयोग पर बल देते हुए मुख्यमंत्री के “सरलीकरण, समाधान और निस्तारण” के विजन को दोहराया गया। डीजीपी ने कहा कि समयबद्ध निर्णय प्रक्रिया से ही पुलिसिंग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
प्रशिक्षण के क्षेत्र में पीटीसी नरेंद्रनगर में प्रस्तावित ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के लिए शासन स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए। वहीं, पुलिस कर्मियों के कल्याण, पदोन्नति और पुरस्कारों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी न हो, इसके लिए सभी इकाइयों को समय पर ACR भरने को कहा गया।
इसके अलावा डीजीपी ने उत्तराखण्ड पुलिस गीत के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि यह गीत पुलिस बल की कर्तव्यनिष्ठा, सेवा-भावना और राज्य की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है। इसे सभी प्रमुख पुलिस आयोजनों और आधिकारिक कार्यक्रमों में अनिवार्य रूप से बजाया जाएगा।
बैठक में अपराध एवं कानून व्यवस्था, प्रशासन, दूरसंचार, साइबर, यातायात, प्रशिक्षण और परिक्षेत्र स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सहित पुलिस मुख्यालय के सभी अनुभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज प्रेम नगर में व्यापार मंडल प्रेम नगर एवं महावीर सेवा समिति द्वारा आयोजित कंबल वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने गरीब एवं असहाय लोगों को कंबल वितरित कर उन्हें राहत प्रदान की।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने उपस्थित सभी लोगों को नव वर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह वर्ष सेवा का वर्ष है। उन्होंने कहा कि समाज के जरूरतमंद वर्गों की सेवा करना ही सच्चा मानव धर्म है और ऐसे सेवा कार्य समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं।

उन्होंने व्यापार मंडल प्रेम नगर एवं महावीर सेवा समिति के पदाधिकारियों को इस पुनीत एवं जनसेवा के कार्य के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा भविष्य में भी इसी प्रकार के सामाजिक कार्य निरंतर करते रहने का आह्वान किया।
इस अवसर पर कैंट विधायक सविता, प्रदेश मंत्री भाजपा नेहा जोशी, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष भूषण भाटिया, महामंत्री फकीर चंदा, विक्की खन्ना सहित कई लोग उपस्थित रहे।
सरकार आपके द्वारः-‘प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में 05 जनवरी को कालसी-पजीटिलानी में बहुउद्देशीय शिविर’
जनहित में बडी पहलः शिविर में ही जारी होंगे आयुष्मान, यूडीआईडी और दिव्यांग प्रमाण पत्र
निःशुल्क स्वास्थ्य जांच से लेकर औषधि वितरण, शिविर में मिलेगा संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ,
प्रमाण पत्रों से पेंशन तकः शिविर में आय, जाति, निवास व उत्तराधिकार मामलों का होगा समाधान
लाभ भी, समाधान भीः डीएम ने क्षेत्रीय जनता से शिविर में सहभागिता की अपील की
देहरादून– जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार अभियान के अंतर्गत माननीय प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल की अध्यक्षता में सोमवार, 05 जनवरी, 2026 को प्रातः 11ः00 बजे से अपराह्न 4ः00 बजे तक विकासखंड कालसी स्थित पंजीटिलानी मिनी स्टेडियम में वृहद बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया जाएगा।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप यह शिविर सुदूरवर्ती क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध कराने एवं जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाए जाएंगे, जिनके माध्यम से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुँचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे शिविर में पूर्ण तैयारी के साथ प्रतिभाग करें तथा पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करें। सभी विभाग आवेदन प्रपत्रों एवं योजनाओं से संबंधित संपूर्ण जानकारी के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित रहेंगे।
मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि बहुउद्देशीय शिविर में जनपद स्तरीय अधिकारी स्वयं उपस्थित रहकर जन समस्याओं का मौके पर निस्तारण करेंगे तथा विभागीय स्टॉलों के माध्यम से योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
बहुउद्देशीय शिविर में समाज कल्याण, महिला कल्याण एवं प्रोबेशन विभाग द्वारा वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग, किसान व परित्यक्ता पेंशन प्रकरणों सत्यापन के साथ छात्रवृत्ति, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, शादी अनुदान फार्म भरवाए जाएंगे। डीडीआरसी के माध्यम से दिव्यांगों के यूडीआईडी कार्ड, कुपोषित बच्चों का चिन्हीकरण, उपचार, दिव्यांग एवं कृत्रिम अंगों का वितरण किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर में दो स्तरीय व्यवस्था रहेगी। पहला सामान्य जांच शिविर का आयोजन और दूसरा विभिन्न प्रकार के दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑफलाइन बनाने के उपरांत बाद में ऑनलाइन करने हेतु एसडीएम को दिए जाएंगे। आरबीएस की टीम कुपोषित बच्चों का सर्वे कर उपचार प्रदान करेगा। शिविर में नशा मुक्ति काउंसलिंग, पोषण, परिवार कल्याण, टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क जांच व औषधि वितरण किया जाएगा। अटल आयुष्मान कार्ड के लिए पृथक सीएचसी संचालित कर कैंप में ही आवेदकों को कार्ड निर्गत किए जाएंगे। शिविर में नेत्र परीक्षण व चश्में भी वितरित किए जाएंगे। आईसीडीएस विभाग द्वारा कुपोषित शिशु, किशोरियों, महिलाओं का चिन्हीकरण कर पोषाहार उपलब्ध कराया जाएगा। नंदा गौरा, पीएम मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट, किशोरी किट के फॉर्म भरे जाएंगे।
ग्राम्य विकास द्वारा मनरेगा कार्य की मांग, जॉबकार्ड, भुगतान संबधी प्रकरणों का निराकरण, पीएमएवाई आवास के आवेदन, एनआरएलएम व रीप में नए सदस्यों को जोड़ना और समूहों को सीसीएल के प्रस्तावों पर स्वीकृति प्रदान की जाएगी। पंचायत राज द्वारा परिवार रजिस्टर की नकल, जन्ममृत्यु पंजीकरण, सेवायोजन द्वारा रोजगार मेला आयोजन व युवाओं की काउंसलिंग तथा शिक्षा विभाग द्वारा एमडीएम, रमसा व आरटीई से जुड़े विषयों पर सेवाएं प्रदान की जाएगी। खाद्य विभाग राशन कार्डाे का सत्यापन, संशोधन व दुरस्तीकरण व राज्य खाद्य योजना के राशन कार्ड निर्गत करेगा। कृषि व उद्यान विभाग कीटनाशक दवाओं, बीज, लघु यंत्रों का वितरण एवं कृषकों की समस्या का समाधान करेंगे। सहकारिता, रेशम, मत्स्य, दुग्ध विभाग खाद्य बीज की उपलब्धता, समितियों के सदस्य बनने, केसीसी लाभार्थियों का चयन करेंगे। विद्युत व पेयजल विभाग विद्युत बिल, पेयजल बिलों का सुधार, भुगतान, नए कनेक्शन वितरण करेंगे।
लोनिवि, एनएचएआई, पीएमजीएसवाई द्वारा राजमार्ग, राज्य मार्ग, ग्रामीण मार्गाे से संबंधित समस्याओं का समाधान तथा सिंचाई विभाग द्वारा सिंचन क्षमता विस्तार संबधी विषयों पर कार्रवाई की जाएगी। उद्योग व खादी ग्रामोद्योग द्वारा स्वरोजगार आवेदन प्राप्त करना, प्रशिक्षण तथा राजस्व विभाग द्वारा नए आधार कार्ड बनाने, आधार संशोधन के साथ आय, जाति चरित्र, स्थायी निवास, निर्विवाद उत्तराधिकार के मामलों का निस्तारण किया जाएगा। लीड बैंक द्वारा वंचित परिवारों का शत प्रतिशत बैंक लिंकेज, पीएम जीवन ज्योति, पीएम जीवन सुरक्षा योजना, सीसीएल व स्वरोजगार योजनाओं के आवेदनों का निस्तारण किया जाएगा। पर्यटन द्वारा होम स्टे, वीरचन्द्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लाभार्थियों का चयन तथा श्रम विभाग द्वारा श्रमिक कार्ड बनाने, रिन्युवल करने, पंजीकृत श्रमिकों को सामग्री वितरण का काम किया जाएगा। शिविर में यूसीसी के तहत पंजीकरण भी किए जाएगें। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय जनमानस से संचालित विभिन्न सरकारी योजना का लाभ प्राप्त करने एवं अपनी समस्या का निराकरण करने हेतु आयोजित शिविर में प्रतिभाग करने की अपील की है।
