देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में उत्तराखण्ड सरकार और जर्मन स्थित इनोवेशन हब राइन-माइन, के मध्य लेटर ऑफ इन्टेन्ट (एल.ओ.आई) पर हस्ताक्षर किये गये। इसका उद्देश्य उत्तराखण्ड को कुशल युवाओं को जर्मनी में स्वास्थ्य, ऑटोमोबाइल, व्यावसायिक प्रशिक्षण, हाइड्रोजन एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी, नवाचार आधारित स्टार्टप जैसे क्षेत्रों से जोड़ना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड के युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। राज्य सरकार द्वारा युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न देशों की मांग के आधार पर भी राज्य के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के कौशल विकास के साथ ही विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण की व्यवस्था भी राज्य सरकार द्वारा कराई गई है। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। कौशल विकास और विदेशी भाषा का प्रशिक्षण दिये जाने के बाद राज्य के कई युवा विदेशों में नौकरी कर रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा, प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, विनय शंकर पाण्डेय, सी. रविशंकर, जर्मन प्रतिनिधिमंडल में राउनहाइम शहर के मेयर डेविड रेंडल,जर्मनी के विदेशी निवेश प्रकोष्ठ के सलाहकार सौरभ भगत तथा इनोवेशन हब राइन-माइन के सीईओ स्टीफन विट्टेकिंड मौजूद थे।
नेशनल गेम्स व अन्य राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेता सम्मानित
मुख्यमंत्री ने युवा खिलाड़ियों को डीबीटी किया दो योजनाओं का पैसा
देहरादून। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में उत्तराखंड के खिलाड़ियों पर जमकर धन वर्षा हुई। शुक्रवार को परेड ग्राउंड के मल्टीपरपज हाल में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेताओं को नगद इनाम धनराशि वितरित की।
इस अवसर पर 38वें राष्ट्रीय खेल, अन्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं, वेटरन मास्टर प्रतियोगिता, सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, अखिल भारतीय विश्वविद्यालय खेल प्रतियोगिता और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को कुल मिलाकर 15 करोड़ 69 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि वितरित की गई। खिलाड़ियों के साथ कुल 320 खेल प्रशिक्षकों को भी इनामी धनराशि दी गई है।
आयोजन में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को मई से जुलाई तक 3 महीनों की धनराशि डीबीटी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद से प्रेरणा लेकर प्रदेश के खिलाड़ी बड़े लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश की हर खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के पदक विजेताओं को दुगनी इनामी धनराशि देकर अपना वायदा पूरा किया है। उन्होंने कहा की भविष्य में भी प्रदेश के जो खिलाड़ी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे उन्हें नगद इनाम धनराशि के साथ-साथ सरकारी नौकरी देने के लिए भी सरकार वचनबद्ध है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने पदक विजेता खिलाड़ियों से कहा कि वह अपने प्रदर्शन से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए आदर्श बन चुके हैं और नए खिलाड़ियों को सामने लाने में उन सभी को अपनी भूमिका निभानी होगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यदि 2036 ओलंपिक भारत में आयोजित होता है तो इसके लिए खिलाड़ियों को तैयार करने में उत्तराखंड के खेल ढांचे की बड़ी भूमिका रहने वाली है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी ओलंपिक की तैयारी में अभी से जुटें और प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवाओं का प्रतिनिधित्व ओलंपिक में होना चाहिए।
इस अवसर पर खेल मंत्री रेखा आर्या ने सभी आमंत्रित खिलाड़ियों को उत्तराखंड को खेल भूमि के रूप में प्रतिष्ठित करने का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, विशेष प्रमुख खेल सचिव अमित सिन्हा, उत्तरांचल ओलंपिक संघ के महासचिव डीके सिंह, खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह, महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई व अन्य अधिकारी गण मौजूद रहे।
मलखंब और योगासन का प्रदर्शन
राष्ट्रीय खेल दिवस समारोह के आयोजन में मलखंब और योगासन का आकर्षक प्रदर्शन भी किया गया। मलखंब के खिलाड़ियों ने कई कठिन मुद्राएं बनाकर दर्शकों को चकित कर दिया।
पांडवाज बैंड ने जमाया रंग
आयोजन में पांडवाज बैंड ने संगीतमय में और सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत की । कार्यक्रम की शुरुआत और अंत में विभिन्न गीत सुनकर बैंड के कलाकारों ने श्रोताओं का दिल जीता।
दो को मिली सरकारी नौकरी
समारोह में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में नौकरी के नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
देहरादून। मेजर ध्यानचंद जयंती के अवसर पर बहुउद्देश्यी क्रीड़ा हाल परेड ग्राउंड में आयोजित राष्ट्रीय खेल दिवस – 2025, समारोह को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल और खेल भावना समाज को ऊर्जा, अनुशासन और प्रेरणा प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी स्टिक के जादू से पूरी दुनिया को भारत की खेल शक्ति से परिचित कराया। उन्होंने हिटलर तक को ये बता दिया कि देश भक्ति आखिर क्या होती है। उन्हीं के आदर्शों पर चलकर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारा देश भी एक वैश्विक खेल शक्ति बन रहा है, इसमें उत्तराखंड भी अपनी भूमिका निभाने के लिए कमर कस चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करने का प्रयास कर रहे हैं।
आज हमारे खिलाड़ी केवल किसी प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए ही नहीं खेलते बल्कि जीतने और तिरंगा लहराने के संकल्प के साथ मैदान में उतरते हैं। हाल के वर्षों के उदाहरण देखें तो जहां, 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भाला फेंक में नीरज चोपड़ा ने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा वहीं पुरुष हॉकी टीम ने 41 वर्षों बाद कांस्य पदक हासिल किया। इसी तरह पेरिस ओलंपिक में नीरज चोपड़ा ने रजत पदक, मनु भाकर ने दो कांस्य पदक, स्वप्निल कुसले व अमन सेहरावत ने एक- एक कांस्य पदक जीतकर और पुरुष हॉकी टीम ने लगातार अपना दूसरा कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। हाल ही में हुई एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में ज्योति याराज्जी, गुलवीर सिंह और अविनाश सबले ने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का परचम बुलंद किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल बजट तीन गुना बढ़ा दिया है।
देवभूमि बनी खेलभूमि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों के भव्य एवं सफल आयोजन ने उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ ही “खेलभूमि” के रूप में भी स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है। इस बार के राष्ट्रीय खेलों में हमारे खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय खेलों में 7वां स्थान प्राप्त कर इतिहास रचने का कार्य किया। अब राज्य में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो गया है।
उत्तराखंड राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन करने में भी सक्षम बना है। हाल ही में देश की एकमात्र ओलंपिक स्टैण्डर्ड हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार किया गया है। जिसके फलस्वरूप इस आइस रिंक में इंटरनेशनल स्तर की प्रतियोगिता आयोजित की जा चुकी है, जो न केवल हमारे राज्य के लिए गौरव का विषय है, बल्कि भारत में शीतकालीन खेलों के एक नए युग का सूत्रपात करने में भी मील का पत्थर सिद्ध हुई है।
आठ शहरों में बनेगी खेल अकादमियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शीघ्र ही एक ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ भी लागू करने जा रही है, जिसके अंतर्गत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी। इन अकादमियों में प्रत्येक वर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीट और 1000 अन्य खिलाड़ी उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। राज्य सरकार हल्द्वानी में उत्तराखंड के प्रथम खेल विश्वविद्यालय एवं लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित कर रही है। नई खेल नीति के तहत राष्ट्रीय और इंटरनेशनल स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। इसके साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं शिक्षा, तथा प्रतिभावान युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए खेल-छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएँ भी प्रदान की जा रही हैं।
राज्य सरकार ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य के उभरते हुए युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का भी काम कर रही है।
खिलाड़ियों को किया सम्मानित
इस अवसर पर विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत करते हुए, मख्यमंत्री ने कहा कि खेल दिवस के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा कुल 250 से अधिक खिलाड़यों एवं उनके प्रशिक्षकों को लगभग 16 करोड़ रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जा रही है। सम्मानित हो रहे खिलाड़ियों में पेरिस ओलंपिक 2024 में प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ी मनदीप कौर, अमीषा रावत और मनोज सरकार को 50-50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई है। इसी प्रकार, अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाने वाले शौर्य सैनी और अभिनव देशवाल को 30-30 लाख रुपये की सम्मान राशि से पुरस्कृत किया गया। इसके अलावा “मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना” के अंतर्गत 3,900 खिलाड़ियों तथा “मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना” के अंतर्गत 2,199 खिलाड़ियों को प्रतिमाह मिलने वाली उनकी छात्रवृत्ति की लगभग साढ़े 5 करोड़ रुपये की राशि भी प्रदान की गई।
दो घोषणाएं की
सीएम ने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं, इसलिए खेल विभाग और युवा खिलाड़ियों को अभी से इसकी तैयारियों में जुटना होगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड ग्राउंड में एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक बनाने और पवेलियन फुटबाल ग्राउंड में सिंथेटिक फुटबाल टर्फ लगाने की घोषणा की। इस मौके पर उन्होंने खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों मानसी नेगी को खेल विभाग और मोहम्मद अरशद को पुलिस विभाग में आउट ऑफ टर्न नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए हर क्षेत्र में मानक स्थापित किए हैं। राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल सुविधाओं का विकास करने में कामयाब रही है, इससे आने वाले समय में राज्य के हर घर से खिलाड़ी निकलेगा।
समारोह को सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह, उपाध्यक्ष उत्तराखण्ड राज्य स्तरीय खेल परिषद हेमराज बिष्ट, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल आशीष चौहान एवं खेल विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
पौसारी गांव में भूस्खलन से मकान क्षतिग्रस्त
बागेश्वर। बागेश्वर जिले के पौंसारी गांव में बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है। भूस्खलन के कारण एक घर में दबकर दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। मृतक महिलाएँ बसंती देवी और बछुली देवी हैं। लापता व्यक्तियों में रमेश चंद्र जोशी, गिरीश चंद्र और पूरन चंद्र शामिल हैं।
डीएम आशीष भटगाईं और विधायक सुरेश गढ़िया ने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। क्षेत्र में संचार सुविधाओं की कमी से समन्वय बनाने में कठिनाई हो रही है।
क्षेत्रीय नुकसान:
बृहस्पतिवार की रात कपकोट क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण जगथाना मार्ग और बैसानी से आगे सड़क पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गई है।
मालूखेत मैदान के पास सड़क का 20 मीटर से अधिक हिस्सा ध्वस्त हो गया।
चचई की पम्पिंग योजना बह गई।
ग्राम सुमटी में किसानों की जमीन धस गई और ग्राम बैसानी में प्रेम सिंह के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।
कई खेत और मकान मलबे में दब गए हैं।
पिथौरागढ़ में मूसलाधार बारिश:
पिथौरागढ़ जिले में लगातार बारिश और मलबा आने के कारण 25 से अधिक सड़कें बंद हैं। जिलाधिकारी ने सुरक्षा की दृष्टि से विद्यालयों में अवकाश घोषित किया। धारचूला में काली नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही है, प्रशासन ने लोगों से नदी नालों के किनारे न जाने की चेतावनी दी है।
चंपावत में बारिश का कहर:
चंपावत जिले में 12 घंटे से हो रही भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश का आदेश दिया गया।
आपदा प्रबंधन पर सीएम धामी की उच्चस्तरीय बैठक, अधिकारियों को सड़क, बिजली और पेयजल आपूर्ति तुरंत बहाल करने के आदेश
देहरादून। जनपद रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के कुछ क्षेत्रों में बादल फटने की सूचना प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से फोन पर वार्ता कर राहत एवं बचाव कार्यों को त्वरित गति से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जाए और किसी भी प्रकार की देरी न हो।
मुख्यमंत्री धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में आयोजित आपदा प्रबंधन की उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में सभी मूलभूत सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं। सड़क, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उन्हें तत्काल सुचारू किया जाए। उन्होंने वर्चुअल माध्यम से रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी के जिलाधिकारियों से बादल फटने की घटनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की तथा राहत एवं बचाव कार्यों में और तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे मानसून सीजन तक शासन और प्रशासन अलर्ट मोड पर रहे। जिलाधिकारियों द्वारा आपदा राहत कार्यों के लिए जो भी आवश्यक संसाधन और सुविधाएं अपेक्षित हों, उन्हें तत्काल उपलब्ध कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रभावित परिवारों को निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा शीघ्र उपलब्ध हो।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रमुख सचिव शैलेश बगोली, अपर पुलिस महानिदेशक ए. पी. अंशुमान, सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय तथा विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते उपस्थित रहे।
पहली बार पुलिस सीसीटीवी कैमरे स्मार्ट कंट्रोल रूम से जुड़े, नियम तोड़ने वालों पर होगी पैनी नजर
देहरादून। जिलाधिकारी सविन बंसल के प्रयासों से राजधानी में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा को नया आयाम मिल रहा है। देहरादून के 11 व्यस्तम जंक्शनों पर ट्रैफिक लाइट लगाने का कार्य पूरा हो गया है। इसमें महाराणा प्रताप चौक, नालापानी चौक, मोथोरावाला चौक, आईटी पार्क, ट्रांसपोर्ट नगर, प्रेमनगर चौक, सुधोवाला चौक, रांगड़वाला और सेलाकुई बाजार तिराहा शामिल हैं। वहीं धूलकोट तिराहा और डाकपत्थर तिराहा पर कार्य तेजी से प्रगति पर है।
पिछले 5 वर्षों में पहली बार पुलिस के सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट कंट्रोल रूम से इंटीग्रेट किया गया है, जिससे सड़कों पर सुरक्षित यातायात की निगरानी और अधिक सुदृढ़ हो गई है।
सिर्फ यातायात ही नहीं, बल्कि शहर के सौंदर्यीकरण और सांस्कृतिक धरोहरों को संवारने पर भी प्रशासन विशेष ध्यान दे रहा है। साईं मंदिर जंक्शन, कुठालगेट और दिलाराम चौक का पहाड़ी शैली में सौंदर्यीकरण लगभग पूर्ण हो गया है। यहां आने वाले पर्यटक राज्य की संस्कृति और परंपरा से रूबरू हो सकेंगे।
मुख्यमंत्री की परिकल्पना के अनुरूप, कुठालगेट और साईं मंदिर पर नई स्लिप रोड व राउंड अबाउट निर्माण के साथ-साथ चौक-चौराहों को पारंपरिक शैली में विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही राज्य आंदोलनकारियों की स्मृतियों और सांस्कृतिक धरोहरों को भी प्रमुख मार्गों और चौराहों पर प्रदर्शित कराया जा रहा है, ताकि पर्यटक देहरादून की सांस्कृतिक पहचान से परिचित हो सकें।
जिला प्रशासन ने युद्धस्तर पर शुरू किए राहत और बचाव कार्य
रुद्रप्रयाग। जनपद रुद्रप्रयाग के तहसील बसुकेदार अंतर्गत बड़ेथ डुंगर तोक क्षेत्र में बादल फटने की घटना सामने आई है। मलबा आने से कई क्षेत्रों में नुकसान की सूचना मिली है। जिला प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिए हैं।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन आपदा कंट्रोल रूम से लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती कर दी है और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आपदा कंट्रोल रूम में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सभी अधिकारी समन्वय के साथ कार्य कर रहे हैं।
राहत कार्यों में तेजी
प्रभावित क्षेत्रों में एनएच, पीडब्ल्यूडी और पीएमजीएसवाई की टीमें सड़कों को खोलने में जुटी हुई हैं। जहां रास्ते बंद हैं, वहां वैकल्पिक मार्गों को चिन्हित कर राहत एवं बचाव दल भेजे जा रहे हैं। जिला स्तर से अधिकारियों को तुरंत प्रभावित गांवों में भेजा गया है।
प्रारंभिक क्षति विवरण
स्यूर: एक मकान क्षतिग्रस्त, बोलेरो वाहन बहा।
बड़ेथ, बगडधार, तालजामनी: गांव के दोनों ओर गदेरे में मलबा व पानी भराव।
किमाणा: खेती की जमीन व सड़क पर बड़े बोल्डर और मलबा।
अरखुण्ड: मछली तालाब और मुर्गी फार्म बहा।
छेनागाड़ बाजार: बाजार क्षेत्र में मलबा भरने और वाहनों के बहने की सूचना।
छेनागाड़ डुगर गांव व जौला बड़ेथ: कुछ लोगों के गुमशुदा होने की आशंका।
प्रशासन की सक्रियता
जिला प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और त्वरित राहत देने के लिए लगातार प्रयासरत है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत-बचाव अभियान जारी है।
मोस्टामानू महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री धामी, ₹62 करोड़ की 15 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरूवार को वर्चुअल माध्यम से मोस्टामानू महोत्सव में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के अंतर्गत 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत की 15 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इसके अंतर्गत स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं पर्यटन से जुड़ी विभिन्न विकासपरक योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि मोस्टामानू का मेला हमारी आस्था, विश्वास, और समृद्ध परंपराओं का प्रतीक है। यह केवल एक धार्मिक या पारंपरिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो कृषि और पशुपालन से जुड़े हमारे ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी दर्शाता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध परंपराओं को संजोए रखते हुए उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाने में भी सहायक सिद्ध होते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में उत्तराखंड के समग्र विकास के साथ-साथ धार्मिक स्थलों के पुनर्निर्माण और हमारी पहचान को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। केदारखंड की भांति मानसखंड में स्थित कुमाऊं के पौराणिक मंदिरों के भी पुनरुत्थान एवं सौंदर्यीकरण के कार्य किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पवित्र स्थल के सौंदर्यीकरण के लिए लगभग 1 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न कार्य कराए गए हैं। 6 करोड़ से अधिक की लागत से गंगोलीहाट में हाट कालिका मंदिर के सौंदर्यीकरण का कार्य कराया जा रहा है। 43 करोड़ रूपए की लागत से बजेटी शनि मंदिर, हनुमान मंदिर तथा लक्ष्मी नारायण मंदिर के समीप आधुनिक पार्किंग स्थलों का निर्माण भी किया जा रहा है। सरकार विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से पिथौरागढ़ जनपद सहित संपूर्ण क्षेत्र के समग्र विकास को सुनिश्चित करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े सात सौ करोड़ रूपए से अधिक की लागत से पिथौरगढ़ मेडिकल कॉलेज के भवन का निर्माण किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज पिथौरागढ़ में लगभग 21 करोड़ की लागत से 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य भी कराया जा रहा है। 25 करोड़ रुपए की लागत से अस्कोट, गंगोलीहाट और धारचूला में नए बस स्टेशनों के निर्माण के साथ ही पिथौरागढ़ में रोडवेज वर्कशॉप का निर्माण कार्य भी कराया गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 327 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से क्षेत्र में विभिन्न सड़कों का निर्माण कार्य भी गतिमान है। पिथौरागढ़ को हल्द्वानी, देहरादून और दिल्ली से हवाई सेवा द्वारा जोड़ा है। पिथौरागढ़ हवाई अड्डे को 450 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्वरूप में विकसित करने हेतु एयरपोर्ट अथॉरिटी और राज्य सरकार के बीच एमओयू किया चुका है, जिस पर शीघ्र ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया है कि सभी भारतवासी स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करें, जिससे आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और भी सशक्त हो सके। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि इस मेले में हमारे स्वदेशी उत्पादों के कई स्टॉल लगे हैं, जिसमे हमारे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों, किसानों और महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि “स्वदेशी अपनाओ देश को मजबूत बनाओ’’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए अधिक से अधिक स्वदेशी उत्पादों का उपयोग करें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पिथौरागढ़ जनपद के लिए विभिन्न घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि विकासखण्ड बिण के ग्रामसभा देवत पुरचौड़ा स्थित पहाड़ी से भूस्खलन रोकने के लिए ट्रीटमेंट का कार्य कराया जायेगा। नैनीसैनी-देवत पुरचौडा-कुम्डार से कनारी मोटर मार्ग में सुरक्षात्मक कार्य किया जायेगा। चंडाक में ईको पार्क एवं स्मृति वन का निर्माण किया जायेगा। मोस्टामानू मंदिर का सौन्दर्यीकरण कराया जायेगा। पिथौरागढ़ के नगर क्षेत्र घण्टाकर्ण से चंडाक तक सड़क के डबल कटिंग का कार्य किया जायेगा। ग्राम हलपाटी से मोस्टामानू तक सड़क का निर्माण कार्य किया जायेगा। नैनीसैनी एयरपोर्ट के निकट सिटी गार्डन का निर्माण कार्य किया जायेगा।
इस अवसर पर भाजपा के जिला अध्यक्ष गिरीश जोशी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोरा, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मेयर नगर निगम कल्पना देवलाल, डीएफओ आशुतोष सिंह, मेला समिति अध्यक्ष वीरेंद्र बोरा सहित समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
2025-26 में विभिन्न विभागों के लिए समूह-ग भर्तियों की संभावित तिथियां घोषित
देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने वर्ष 2025-26 के लिए समूह-ग भर्ती परीक्षाओं का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है। आयोग ने विभिन्न विभागों में सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की संभावित तिथियां और परीक्षाओं का कार्यक्रम घोषित किया है।
कार्यक्रम के अनुसार, वन दरोगा के 124 पदों का विज्ञापन 28 अक्तूबर 2025 को निकलेगा और इसकी लिखित परीक्षा 5 अप्रैल 2026 से होगी। वहीं, सहायक समीक्षाधिकारी और वैयक्तिक सहायक की टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा 17 नवम्बर 2025 से आयोजित की जाएगी। उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में सदस्य के 20 पदों के लिए साक्षात्कार 15 दिसम्बर 2025 से होंगे।
शिक्षा विभाग में सहायक अध्यापक एलटी (विशेष शिक्षा शिक्षक) के 128 पदों का विज्ञापन 12 सितम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 18 जनवरी 2026 से होगी। विशेष तकनीकी योग्यता वाले 62 पदों का विज्ञापन 26 सितम्बर 2025 को और परीक्षा 1 फरवरी 2026 से प्रस्तावित है।
वाहन चालक के 37 पदों का विज्ञापन 15 अक्तूबर 2025 को जारी होगा, परीक्षा 22 फरवरी 2026 से होगी और वाहन चालक का प्रायोगिक परीक्षण 7 अप्रैल 2026 से आयोजित किया जाएगा। इसी तरह, कृषि इंटरमीडिएट एवं स्नातक योग्यता वाले 212 पदों का विज्ञापन 31 अक्तूबर 2025 को प्रकाशित होगा और परीक्षा 15 मार्च 2026 से होगी।
इसके अतिरिक्त, सहायक लेखाकार के 36 पदों का विज्ञापन 14 नवम्बर 2025 को आएगा और परीक्षा 29 मार्च 2026 से होगी। सामान्य समूह-ग के तहत कनिष्ठ सहायक, वैयक्तिक सहायक एवं अन्य 386 पदों का विज्ञापन 5 दिसम्बर 2025 को प्रकाशित होगा तथा परीक्षा 10 मई 2026 से कराई जाएगी।
आईटीआई, डिप्लोमा और डिग्री धारकों के लिए 41 पदों का विज्ञापन 24 दिसम्बर 2025 को निकलेगा और परीक्षा 31 मई 2026 से होगी। विज्ञान विषय की योग्यता वाले चार पदों के लिए विज्ञापन 7 जनवरी 2026 को और परीक्षा 7 जून 2026 को होगी। इसी तरह, स्नातक योग्यता वाले 48 पदों का विज्ञापन 21 जनवरी 2026 को जारी होगा और परीक्षा 21 जून 2026 से होगी।
टंकण एवं आशुलेखन परीक्षा का अगला चरण 30 जून 2026 से शुरू होगा। आयोग के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम केवल प्रस्तावित है। अपरिहार्य परिस्थितियों में रिक्तियों की संख्या और परीक्षा तिथियों में बदलाव संभव है।
20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को किया सम्मानित
देहरादून। खेल मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में आयोजित राइजिंग स्टार कार्यक्रम में 20 स्कूलों के चैंपियन खिलाड़ियों को सम्मानित किया। यह आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष में किया गया था।
कार्यक्रम में देहरादून शहर के कुल 20 स्कूलों के 80 खिलाड़ी शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि खिलाड़ी पूरे समाज का आदर्श होता है और उसकी ख्याति की कोई सीमारेखा नहीं होती। खेल मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में बहुत तेजी के साथ खेल संस्कृति विकसित हो रही है और इससे यहां आने वाले समय में बड़ी संख्या में चैंपियन खिलाड़ी तैयार होंगे।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 38वें नेशनल गेम्स, अन्य राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले प्रदेश के सैकड़ो खिलाड़ियों को राष्ट्रीय खेल दिवस पर उनकी नगद इनाम धन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड छोटा राज्य होने की बावजूद अपने चैंपियन खिलाड़ियों को जितनी नगद इनाम धनराशि दे रहा है वह खिलाड़ियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाता है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि पदक जीतने पर आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी व सामान्य भर्ती में खिलाड़ियों को 4% आरक्षण के फैसले से प्रदेश में खिलाड़ियों को आगे लाने में मदद मिल रही है।
इस अवसर पर प्रो. (डा.) ज्योति छाबड़ा, कार्यकारी कुलपति एवं विभागाध्यक्ष, फैशन डिजाइन, ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी, डॉ. सुभाष गुप्ता, निदेशक (इंफ्रास्ट्रक्चर), अमित गम्भीर, साहिब सबलोक सहित स्कूलों के खेल प्रशिक्षक आदि मौजूद रहे।