देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान शहरी विकास विभाग, पेयजल विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के विभिन्न प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव ने शहरी विकास विभाग की नीलकंठ महादेव (पौड़ी गढ़वाल) एवं रामनगर (नैनीताल) में मल्टीस्टोरी पार्किंग निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान करते हुए पार्किंग निर्माण गाइडलाइंस का अनुपालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 5183.65 लाख) एवं रामनगर, नैनीताल मल्टीस्टोरी पार्किंग (कुल लागत 3857.64 लाख) में प्रवेश एवं निकासी के लिए टर्निंग रेडियस सहित अन्य तकनीकी पहलुओं का विशेष ख्याल रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नीलकंठ महादेव में पार्किंग भूमि का जियोटेक्निकल सर्वे भी अनिवार्य रूप से कराए जाने की बात भी कही। साथ ही बिल्डिंग के फसाड के सौंदर्यीकरण का विशेष ध्यान रखे जाने के निर्देश भी दिए।
मुख्य सचिव ने पेयजल विभाग के कुल 4 प्रस्तावों (3 पेयजल परियोजनाओं – पीपलकोटी नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2438.32 लाख, तिलवाड़ा नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 3986.24 लाख एवं ऊखीमठ नगर पंचायत पेयजल योजना कुल लागत 2578.52 लाख) एवं लालकुआं नगर पंचायत सीवरलाइन परियोजना (कुल लागत 37.95 लाख) को भी संस्तुति प्रदान की। उन्होंने ग्रेविटी आधारित पेयजल परियोजनाओं में मीटर लगाए जाने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सीवर लाइन परियोजना को पूर्ण किए जाने हेतु समयसीमा भी निर्धारित करते हुए लगातार मॉनिटरिंग किए जाने के निर्देश दिए।
समिति द्वारा लोक निर्माण विभाग की काठगोदाम बाईपास मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत 3.500 किमी0 मार्ग एवं इसमें 75 मी0 स्पान का सेतु निर्माण (कुल लागत 1177.93 लाख) को भी मंजूरी प्रदान की गई।
इस अवसर पर सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, दिलीप जावलकर एवं रणवीर सिंह चौहान सहित अन्य विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सड़कों पर मलबा मिलने पर सचिव ने दिए सख्त निर्देश
देहरादून। देहरादून में सड़कों की स्थिति सुधारने और रोड कटिंग के बाद रेस्टोरेशन कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने शहर के कई इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को कार्य समयसीमा में पूरा करने और जनता को किसी प्रकार की असुविधा न होने के सख्त निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग के सचिव पंकज पाण्डेय ने सुबह करीब 6 बजे से जिलाधिकारी सविन बंसल और जिला प्रशासन की टीम के साथ शहर के विभिन्न प्रमुख स्थानों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान दिलाराम चौक, सहस्त्रधारा रोड, धर्मपुर चौक, रिस्पना पुल, आईएसबीटी, शिमला बाईपास, बल्लूपुर चौक समेत कई इलाकों में रोड कटिंग के बाद किए गए सड़कों के पुनर्स्थापन कार्यों की स्थिति का जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान अधिकांश स्थानों पर सड़क सुधार कार्य संतोषजनक पाए गए, लेकिन कुछ जगहों पर कार्य अधूरा और गुणवत्ता में कमी नजर आई। कई स्थानों पर सड़क पर मलबा पड़ा मिला, जिससे आवागमन प्रभावित होने की आशंका जताई गई।
इस पर सचिव ने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि रोड कटिंग के दौरान निर्धारित शर्तों का पूरी तरह पालन किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्य पूरा होने के तुरंत बाद सड़कों का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण किया जाए और मलबे का जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जो एजेंसियां तय समयसीमा और नियमों का पालन नहीं करेंगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिला प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया टीम को ऐसे कार्यों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने बताया कि रोड कटिंग की अनुमति विकास कार्यों के लिए दी जाती है, लेकिन इसके लिए समयसीमा और मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि अब एक समय में केवल सीमित स्थानों पर ही रोड कटिंग की अनुमति दी जाएगी और 15 से 21 दिन के भीतर कार्य पूरा करना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही नई अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी संबंधित एजेंसियों से शपथ पत्र लिया गया है और नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने उत्तरांचल यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित किसान मेला एवं कृषि औद्योगिक प्रदर्शनी में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया तथा मृदा स्वास्थ्य पत्रिका का विमोचन करते हुए प्रगतिशील किसानों को उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने किसान मेले में लगी प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने विश्वविद्यालय को इस आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि कृषि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसान इसकी मजबूती का आधार हैं। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका है कि वे अनुसंधान, नवाचार और तकनीकी ज्ञान के माध्यम से कृषि क्षेत्र को नई दिशा दें। उन्होंने कहा कि विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने खेतों तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक तकनीक, उन्नत बीज और उर्वरकों की जानकारी दी गई।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीकों, सतत कृषि पद्धतियों और किसान हितैषी योजनाओं को बढ़ावा दे रही है। पर्वतीय क्षेत्रों में परंपरागत कृषि विकास योजना के तहत जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज (मिलेट्स) के उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ड्रोन आधारित फसल निगरानी, मृदा स्वास्थ्य परीक्षण और डिजिटल परामर्श सेवाओं के जरिए किसानों को वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा पॉलीहाउस और ग्रीनहाउस जैसी संरक्षित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे प्रतिकूल मौसम में भी किसान बेहतर उत्पादन कर सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप और स्प्रिंकलर प्रणाली अपनाने के लिए किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन और खाद्य प्रसंस्करण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। पीएमएफएमई योजना के तहत छोटे प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा मिल रहा है, जबकि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार और मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिल रही है। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि इस प्रकार के मेले किसानों, वैज्ञानिकों, विद्यार्थियों और उद्यमियों के बीच संवाद और नवाचार का उत्कृष्ट मंच हैं, जिससे नई तकनीकों का प्रसार होता है और कृषि को नई दिशा मिलती है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि, प्रो. राजेश बहुगुणा सहित किसान एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
देहरादून। विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खेल स्पर्धाओं में पदक जीतने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को 3 करोड़ से ज्यादा की इनामी धन राशि जारी की गई है। बृहस्पतिवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में खेल मंत्री रेखा आर्या ने यह धनराशि खिलाड़ियों के खातों में डीबीटी ट्रांसफर की।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इन खिलाड़ियों में 1 जुलाई 2024 से और 31 मार्च 2025 के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ी शामिल हैं। इसके अलावा पिछले साल हुए 38 वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले कुछ खिलाड़ी और कोच इनामी धन राशि प्राप्त करने से इसलिए चूक गए थे क्योंकि उन्होंने कुछ कागजी औपचारिकताएं उस समय पूरी नहीं की थी। इन सभी बचे हुए खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को भी उनकी इनामी धनराशि बृहस्पतिवार को जारी कर दी गई है।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रदेश सरकार प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने में कोई कसर बाकी नहीं रखेगी और पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए आउट ऑफ टर्न जॉब की प्रक्रिया भी तेजी से गतिमान है। उन्होंने कहा कि जल्द ही विभागों में अधिसंख्य पद सृजित करके विजेता खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न नौकरी भी दी जाएगी।
दूसरी पत्नी को लेकर विवाद बना हत्या की वजह
देहरादून। देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में प्लास्टिक के कट्टे में मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि महिला की हत्या उसके पति ने ही गला दबाकर की थी और शव को जंगल में फेंक दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मामला 11 मार्च 2026 का है, जब प्रेमनगर क्षेत्र के मोडूवाला रोड स्थित शीतला माता मंदिर परिसर के पास एक सफेद प्लास्टिक के कट्टे में महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की गई। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए और आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन शव कई दिन पुराना होने और चेहरा खराब होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की हत्या गला दबाकर की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आठ टीमों का गठन किया गया। पुलिस ने आसपास के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया और करीब 2500 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, लेकिन शुरुआती दौर में कोई ठोस सुराग नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने मृतका की पहचान के लिए झुग्गी-बस्तियों, निर्माण स्थलों और मजदूरों के बीच व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। करीब 5000 लोगों से पूछताछ की गई और पर्चे बांटकर भी जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया।
लगातार प्रयासों के बाद 19 मार्च को पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में पता चला कि एक निर्माणाधीन मकान में काम करने वाला मजदूर रंजीत शर्मा अपनी पत्नी और बच्चे के साथ रहता था, लेकिन होली के बाद से उसकी पत्नी अचानक गायब हो गई थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने रंजीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने हत्या की वारदात कबूल कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी पहली पत्नी रूपा कुछ समय पहले उसके पास देहरादून आई थी और दूसरी पत्नी को छोड़ने का दबाव बना रही थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। 5 मार्च की रात विवाद बढ़ने पर उसने गला दबाकर पत्नी की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को कट्टे में डालकर कमरे में छिपाए रखा और चार दिन बाद मौका मिलते ही उसे शीतला माता मंदिर के पास जंगल में फेंक दिया। पुलिस के अनुसार, मृतका हाल ही में बिहार से आई थी, जिससे आरोपी को लगा कि उसकी पहचान नहीं हो पाएगी।
पुलिस ने आरोपी रंजीत शर्मा को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। मामले का सफल खुलासा करने वाली पुलिस टीम को अधिकारियों द्वारा नगद पुरस्कार देने की घोषणा भी की गई है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिंदू नवसंवत्सर की समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि विक्रम संवत 2083 सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्य और नई ऊर्जा लेकर आए।
मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि यह नववर्ष उत्तराखंड के विकास और खुशहाली के नए आयाम स्थापित करे। साथ ही प्रदेश के प्रत्येक परिवार के जीवन में उन्नति, शांति और आनंद का संचार हो।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आपसी भाईचारे, सद्भाव और सकारात्मक सोच के साथ नए वर्ष का स्वागत करने का आह्वान भी किया।
प्रदेश के हर गांव तक सड़क और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य- सीएम धामी
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में चिन्यालीसौड़ क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने भेंट की। इस दौरान उन्होंने बणगांव-चोपड़ा-कसलाना मोटर मार्ग एवं दिवारीखौल-जोखणी मोटर मार्ग को प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास सरकार का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर गांव तक सड़क सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपेक्षा भी की।
इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष चैन सिंह महर, विजय बड़ोनी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख शैलेन्द्र कोहली, पूर्व जिला अध्यक्ष प्रधान संगठन उत्तरकाशी जगबीर रावत, कृषक कृषि उद्यमी संगठन उत्तरकाशी के जिला अध्यक्ष बलबीर रावत, पूर्व संगठन मंत्री एबीवीपी प्रहलाद राणा, पूर्व सैनिक राज्य आंदोलनकारी संगठन अध्यक्ष महाबीर सिंह चौहान, कुलबीर सिंह रावत, जिला उपाध्यक्ष युवा मोर्चा नितेश रावत, विपिन बिष्ट, कुलदीप रावत और मंजीत राणा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे
सोमेश्वर /अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के न्याय पंचायत सोमेश्वर में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मौके पर ही 110 से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया। कार्यक्रम में 600 से अधिक लोगों की सहभागिता रही।
कार्यक्रम के दौरान गैस कनेक्शन, सड़क, पेंशन, फसल सुरक्षा के लिए तारबाड़, पेयजल और राशन कार्ड जैसी प्रमुख समस्याएं सामने आईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एक राशन की दुकान से नियमित वितरण न होने की शिकायत पर जांच के आदेश देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया गया, जिसमें 110 से अधिक शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इस दौरान पात्र महिलाओं भावना गोस्वामी, रेखा बोरा और नेहा को महालक्ष्मी किट वितरित की गई। इसके अलावा जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर भी प्रदान की गई।
इस अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार जनहित और विकास के कार्यों को दफ्तरों से निकालकर जनता के दरवाजे तक पहुंचा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी राम शरण शर्मा, एसडीएम संजय कुमार, मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, मंडल महामंत्री कृष्णा भंडारी, उमेश मेहरा, खड़क सिंह, लाल सिंह, बंशीधर जोशी, धर्मेंद्र बिष्ट, महेश पांडे, विनोद मेहरा, प्रकाश भंडारी, सुरेश बोरा, नरेंद्र नेगी, दिलीप रौतेला, वसंत खेड़ा, बबलू बोरा, रंजीत रावत, संतोष कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
30 अप्रैल तक 79 राजस्व चौकियों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश
कार्यों में गति लाने हेतु समस्त राजस्व न्यायालयों तथा पटवारी चौकियों को एक माह में कंप्यूटर तथा लैपटॉप उपलब्ध कराएं- जिलाधिकारी
जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट सभागार में ली राजस्व संवर्धन की मासिक बैठक
पौड़ी। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में आयोजित मासिक स्टाफ बैठक में जनपद के राजस्व संवर्धन और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गयी। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व प्राप्ति में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनहित से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण पारदर्शिता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया जाए, ताकि आमजन को शासन की सेवाओं का त्वरित लाभ मिल सके।
जिलाधिकारी ने राजस्व वसूली की समीक्षा करते हुए सभी उपजिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को वसूली में अपेक्षित प्रगति लाने तथा लंबित वादों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से पुराने लंबित राजस्व वादों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने पर जोर दिया। साथ ही तहसीलदारों को वादों के शीघ्र निस्तारण तथा उपजिलाधिकारियों को तहसीलदार न्यायालयों के नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अतिरिक्त प्रभार वाले उपजिलाधिकारी सप्ताह में कम से कम एक दिन संबंधित तहसील में बैठकर जनसमस्याओं का समाधान करें। उन्होंने स्थायी निवास, जाति एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों का रेंडम सत्यापन कर त्रुटि पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में मुख्यमंत्री राहत कोष के लाभार्थियों की अद्यतन रिपोर्ट तैयार करने, आवश्यकता अनुसार आपदा उपकरणों की मांग भेजने तथा बड़े बकायेदारों से वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, अतिक्रमण हटाने, खाता-खतौनी, दाखिल-खारिज एवं चरित्र सत्यापन की प्रक्रियाओं में तेजी लाने को कहा गया। इसके अतिरिक्त आपदा प्रबंधन अधिकारी को चौबट्टाखाल, लैंसडाउन एवं धुमाकोट में वुड कटर उपलब्ध कराने तथा उपजिलाधिकारी कोटद्वार को खराब पड़े इंडस्ट टॉवर के ढांचे को ध्वस्त करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने बताया कि दैवीय आपदा के क्षतिग्रस्त जनपद की 63 राजस्व उप निरीक्षक चौकियों की मरम्मत हेतु 3.25 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उक्त धनराशि चौकियों की मरम्मत हेतु सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराते हुये चौकियों की मरम्मत अविलम्ब कराये जाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने बताया कि उक्त के अतिरिक्त जिला कार्यालय से परिषद को राजस्व उप निरीक्षक चौकियों के प्रेषित आंगणनों के सापेक्ष तहसील रिखणीखाल की 14 एव तहसील लैन्सडौन की 02 चौकियों के मरम्मत हेतु धनराशि स्वीकृत हुई है। उक्त के क्रम में जिलाधिकारी ने राजस्व चौकियों के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश देते हुए निर्माणदायी संस्था को तत्काल एस्टीमेट तैयार कर निर्माण कार्य प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि आगामी माह में कार्यों की गति बढ़ाते हुए 30 अप्रैल तक सभी निर्धारित निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि पटवारी अपने निर्धारित स्थान पर बैठेंगे, जिससे राजस्व कार्य सुचारु रूप से संपादित हों।
इसके साथ ही उन्होंने तहसीलों में संसाधनों की उपलब्धता और डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने बताया कि डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड आधुनिकीकरण कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 402 राजस्व न्यायालयों के कम्प्यूटरीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद गढ़वाल के 41 राजस्व न्यायालयों के लिए प्रति न्यायालय एक कंप्यूटर, एक प्रिंटर एवं एक यूपीएस की व्यवस्था हेतु की धनराशि स्वीकृत की गयी है। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 41 कंप्यूटर क्रय कर जनपद की सभी तहसीलों को वितरित कर दिए गए हैं, जिससे राजस्व न्यायालयों के कार्यों में दक्षता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्व परिषद द्वारा जनपद गढ़वाल के 268 फील्ड कार्मिकों को शासकीय कार्यों के प्रभावी संपादन हेतु प्रति कार्मिक लैपटॉप उपलब्ध कराने के लिए धनराशि स्वीकृत की गई है, जिसके अंतर्गत लैपटॉप क्रय हेतु निविदा प्रक्रिया गतिमान है। उन्होंने बताया कि शेष तहसीलों में भी एक माह में शीघ्र कंप्यूटर उपलब्ध कराते हुए उनकी स्थापना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारू एवं प्रभावी ढंग से किया जा सके तथा उनमें गति लायी जा सके। वहीं उन्होंने तहसीलों में निर्माण कार्यों की जानकारी भी ली। उन्होंने कहा कि जहां जो मरम्मतीकरण का कार्य होना है उसे तत्काल कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि आम जनता की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ जनसमस्याओं का समाधान करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में बड़े प्रोजेक्ट अथवा महत्वपूर्ण निर्माण कार्य की आवश्यकता है, तो संबंधित अधिकारी उसे स्पष्ट रूप से चिन्हित कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करते हुए प्रस्तुत करें, ताकि आवश्यकतानुसार ऐसे प्रस्तावों को जिला योजना में शामिल कर विकास कार्यों को गति दी जा सके। साथ ही उन्होंने निर्माणाधीन बड़े कार्यों का नियमित निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने फॉर्मर रजिस्ट्री के अंतर्गत तहसीलदारों एवं पटवारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित प्रकरणों का सत्यापन 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी तथा नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि बिजली, पानी एवं टेलीफोन के बिलों का समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही किसी भी प्रकार की देरी से बचते हुए सभी देयकों का नियमित निस्तारण करने पर भी जोर दिया।
प्रशासनिक कार्यक्षमता को डिजिटल युग के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने ई-ऑफिस प्रणाली की अनिवार्य उपयोगिता पर विशेष बल दिया। उन्होंने जनपद की समस्त तहसीलों को अपनी तकनीकी स्थिति में सुधार करने के कड़े निर्देश देते हुए कहा कि जिला मुख्यालय के साथ होने वाला समस्त आधिकारिक पत्राचार अब केवल ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से ही संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कागजी कार्यवाही को कम करना और पत्रावलियों के आवागमन में गतिशीलता लाना है।
जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को कोटद्वार स्थित कौड़िया चेक पोस्ट पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित कर वाहनों की आवाजाही की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही वाहन पंजीकरण शुल्क से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा लंबित देयों की वसूली हेतु तत्काल आरसी जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले दो से तीन दिनों के भीतर वसूली में उल्लेखनीय प्रगति लाने को कहा। उन्होंने राज्य कर विभाग की श्रीनगर एवं कोटद्वार इकाइयों को भी राजस्व लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उप निबंधक को स्टांप संबंधी मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने पर्यटन विभाग को निर्देशित किया कि जिन परिसंपत्तियों का किराया लंबित है, उन्हें नोटिस जारी किया जाय। उन्होंने स्पष्ट कहा कि उसके बाद भी राजस्व जमा नहीं करते हैं तो उनका टेंडर निरस्त करने की कार्रवाई करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को बकाया बिलों की वसूली में तेजी लाने तथा विगत एवं वर्तमान वर्ष की लंबित देनदारियों का स्पष्ट विवरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत से दुकान किराया एवं स्वच्छता शुल्क की स्थिति की जानकारी ली गयी। जिलाधिकारी ने जिला विकास प्राधिकरण, लैंसडाउन उपजिलाधिकारी तथा जिला पंचायत को निर्देश दिए कि जो निर्माण कार्य नियमानुसार नहीं हो रहे हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाय। उन्होंने नियमित अभियान चलाकर ऐसे निर्माणों की सूची तैयार करने को कहा। साथ ही लक्ष्मणझूला क्षेत्र में भी निर्माण मानकों की कड़ाई से जांच सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में संज्ञान में आया कि शासकीय अधिवक्ता सभी तहसीलों में नहीं पहुंच लाते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी तहसीलों में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ताओं के लिए कार्य-दिवसवार एवं स्पष्ट रोस्टर तैयार किया जाय। उन्होंने कहा कि रोस्टर बनाते समय लंबित वादों की स्थिति, न्यायालयों की प्राथमिकता एवं कार्यभार का संतुलन अवश्य ध्यान में रखा जाए, ताकि किसी भी वाद में अनावश्यक देरी न हो। साथ ही रोस्टर का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर समय रहते संशोधन करने के निर्देश भी दिए, जिससे न्यायालयीय कार्यवाही प्रभावी, जवाबदेह और व्यवस्थित ढंग से संचालित हो सके।
जिलाधिकारी ने आबकारी अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन मदिरा स्वामियों द्वारा राजस्व जमा नहीं किया है उनसे वसूली करें। साथ ही संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी के साथ मदिरा दुकानों और अवैध रूप से मदिरा बेच रहे पर कार्रवाई करें।
जिलाधिकारी ने पूर्ति विभाग की समीक्षा करते हुए गैस आपूर्ति की स्थिति की जानकारी ली। पूर्ति अधिकारी ने अवगत कराया कि व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति हेतु एसओपी बन चुकी है तथा उनका वितरण निर्धारित एसओपी के अनुसार किया जाएगा। इस पर जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गैस एजेंसियों पर भीड़भाड़ से बचने हेतु सिलेंडरों का वितरण केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने सभी उपजिलाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में घरेलू गैस वितरण की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने पहले बुकिंग करायी है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर गैस उपलब्ध करायी जाए तथा व्यावसायिक सिलेंडरों का वितरण भी एसओपी के अनुरूप पारदर्शिता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रगति की समीक्षा में उप निर्वाचन अधिकारी ने जिले की उपलब्धि 93.97% बतायी। जिलाधिकारी ने यमकेश्वर तहसील द्वारा 100% लक्ष्य प्राप्त करने पर सराहना की तथा अन्य सभी तहसीलों को भी शीघ्र शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से गैर-चिन्हित मतदाताओं पर फोकस बढ़ाने को कहा और एसआईआर के सफल संपादन हेतु नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि एसआईआर प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व अपने स्तर पर समुचित समीक्षा कर लें तथा जिन कार्मिकों की ड्यूटी लगाई जानी है, उनकी समयबद्ध तैनाती सुनिश्चित करें।
बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा, चतर सिंह चौहान, संदीप कुमार, शालिनी मौर्य, श्रेष्ठ गुनसोला, कृष्णा त्रिपाठी, उप निर्वाचन अधिकारी शांति लाल शाह, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, आबकारी अधिकारी तपन पांडेय, पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी, खनन अधिकारी अंकित मुयाल, आरटीओ द्वारिका प्रसाद, उपप्रभागीय वनाधिकारी आयशा बिष्ट, आपदा प्रबंधन अधिकारी दीपेश काला सहित सभी तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यात्रियों की सुविधा के लिए 18 नई रेल सेवाएं शुरू
देहरादून। लोकसभा में रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तराखंड में रेलवे परियोजनाओं और नई सेवाओं को लेकर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत और अजय भट्ट के प्रश्न के उत्तर में बताया कि राज्य में रेल अवसंरचना और सुरक्षा कार्यों के लिए बजट में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2009-14 के दौरान जहां औसतन 187 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च किए जाते थे, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 4,641 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 25 गुना वृद्धि को दर्शाता है।
01 अप्रैल 2025 की स्थिति के अनुसार, उत्तराखंड में पूर्ण या आंशिक रूप से आने वाली 40,384 करोड़ रुपये लागत की 216 किलोमीटर लंबी तीन नई रेल लाइनों को स्वीकृति दी गई है। इनमें से 16 किलोमीटर लाइन चालू हो चुकी है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
देवबंद-रुड़की (27 किमी) रेल लाइन का कार्य पूरा हो गया है, जिससे दिल्ली और देहरादून के बीच दूरी लगभग 40 किलोमीटर कम हो जाएगी। वहीं, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग (125 किमी) रेल परियोजना राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है, जो देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों को जोड़ती है। इस परियोजना में सुरंग निर्माण प्रमुख है। कुल 16 मुख्य सुरंगों (104 किमी) और 12 बचाव सुरंगों (98 किमी) का निर्माण प्रस्तावित है, जिनमें से अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है।
पिछले तीन वर्षों (2022-23 से 2025-26) में राज्य में 441 किलोमीटर लंबाई के 7 सर्वेक्षण स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 3 नई लाइनें और 4 दोहरीकरण परियोजनाएं शामिल हैं। समपारों के स्थान पर पुल निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है। वर्ष 2004-14 के दौरान 4,148 पुल बनाए गए थे, जबकि 2014-26 (जनवरी 2026 तक) में यह संख्या बढ़कर 14,024 हो गई है। इनमें उत्तराखंड के 106 पुल शामिल हैं।
रेल मंत्रालय के अनुसार, 01 फरवरी 2026 तक देशभर में 4,802 पुल 1,14,196 करोड़ रुपये की लागत से स्वीकृत हैं, जिनमें उत्तराखंड में 158 करोड़ रुपये की लागत से 9 पुल विभिन्न चरणों में निर्माणाधीन हैं।
“अमृत भारत स्टेशन योजना” के तहत देशभर के 1,338 स्टेशनों के विकास में उत्तराखंड के 11 स्टेशन शामिल हैं। इनमें देहरादून, हरिद्वार, हर्रावाला, काशीपुर, काठगोदाम, किच्छा, कोटद्वार, लालकुआं, रामनगर, रुड़की और टनकपुर शामिल हैं। इन स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे के अंतर्गत स्टेशन विकास के लिए पिछले तीन वर्षों में 6,895 करोड़ रुपये आवंटित किए गए, जिनमें से 6,172 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, यात्रियों की सुविधा के लिए वर्ष 2023-24 से फरवरी 2026 तक 18 नई रेल सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें लखनऊ-देहरादून वंदे भारत एक्सप्रेस, दौराई-टनकपुर एक्सप्रेस और हरिद्वार-फिरोजपुर कैंट एक्सप्रेस प्रमुख हैं। नई ट्रेनों का संचालन मार्ग की क्षमता, उपलब्धता और अन्य परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर किया जाता है।
