देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बनाए जा रहे बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। यह भवन लक्कड़घाट रोड, निर्मल बाग, ब्लॉक-सी में निशांत मालिक द्वारा निर्मित किया जा रहा था। प्राधिकरण को लगातार मिल रही शिकायतों और निरीक्षण के दौरान पाई गई अनियमितताओं के आधार पर यह कार्रवाई की गई। एमडीडीए की टीम मौके पर पहुंची और नियमानुसार सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, मनीष डिमरी, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौजूद रहा।
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अवैध प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। तिवारी ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को पहले नोटिस जारी किया जाता है, उसके बाद भी कार्य नहीं रुकने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जाती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें।
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि अवैध निर्माण पर निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं और नियम विरुद्ध निर्माण पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाएगी।
साकार होगा पौड़ी की विरासत को संजोने का सपना, जिलाधिकारी ने हेरिटेज म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा की
पांच दीर्घाओं से म्यूजियम को बनाया जाएगा आकर्षक, जनपद के सांस्कृतिक इतिहास पर रहेगा जोर: जिलाधिकारी
पौड़ी के गौरवशाली इतिहास को मिलेगा स्थायी मंच, हेरिटेज म्यूजियम की तैयारियां तेज
पौड़ी। जनपद पौड़ी के समृद्ध इतिहास और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में हेरिटेज म्यूजियम की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान निर्माणदायी संस्था ने पीपीटी के माध्यम से प्रस्तावित स्वरूप और प्रदर्शित की जाने वाली सामग्रियों की जानकारी दी, जिस पर जिलाधिकारी ने म्यूजियम को जनपद की पहचान के अनुरूप विकसित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित म्यूजियम पौड़ी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विकास को एक समग्र रूप में प्रस्तुत करेगा। उन्होंने निर्देशित किया कि इसमें पारंपरिक ढोल-दमाऊ, प्राचीन आभूषण एवं वेशभूषा, दुर्लभ छायाचित्र, हिमालय से जुड़ी थ्री-डी प्रस्तुतियां और अन्य महत्वपूर्ण धरोहरों को इस प्रकार प्रदर्शित किया जाए, जिससे आगंतुकों को जनपद की विरासत का वास्तविक अनुभव हो सके।
बैठक में प्रस्तावित हेरिटेज म्यूजियम की अवधारणा को और अधिक समृद्ध एवं आकर्षक बनाने के उद्देश्य से इसकी विभिन्न थीम आधारित दीर्घाओं (हॉल) पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि म्यूजियम में ‘विरासत भूमि हॉल’ के माध्यम से जनपद के ऐतिहासिक विकास, प्राचीन सभ्यता और महत्वपूर्ण पड़ावों को प्रदर्शित किया जाएगा, वहीं ‘वीर भूमि हॉल’ में वीरभूमि पौड़ी के शहीदों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं सैन्य परंपरा से जुड़े गौरवशाली योगदान को सम्मानपूर्वक स्थान दिया जाएगा। ‘लोक संस्कृति हॉल’ में जनपद की समृद्ध लोक परंपराओं, पारंपरिक वाद्य यंत्रों, वेशभूषा, आभूषण, लोक कला एवं रीति-रिवाजों को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जबकि ‘तपोभूमि हॉल’ में जनपद के प्राचीन मंदिरों, आध्यात्मिक स्थलों, ऋषि-मुनियों की तपस्थली और धार्मिक महत्व को दर्शाया जाएगा। इसके अतिरिक्त ‘प्राकृतिक हॉल’ में हिमालय की अनुपम प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता, नदियों, वन संपदा और प्राकृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि म्यूजियम परिसर में आगंतुकों के लिए कैफेटेरिया की भी व्यवस्था प्रस्तावित की गई है, जिसमें पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों को शामिल किया जाएगा, ताकि यहां आने वाले पर्यटक न केवल जनपद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से रूबरू हो सकें, बल्कि स्थानीय खान-पान की विशिष्टता का अनुभव भी कर सकें। यह कैफेटेरिया स्थानीय उत्पादों और व्यंजनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन का माध्यम भी बनेगा।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि म्यूजियम में जनपद के प्रमुख आंदोलनों, ऐतिहासिक घटनाओं और सामाजिक योगदानों को भी समुचित स्थान दिया जाए। साथ ही भवन को पारंपरिक स्वरूप प्रदान करते हुए पठाल का फर्श, प्राचीन उपयोगी वस्तुएं तथा मंदिरों के इतिहास को भी शामिल किया जाए। उन्होंने प्रमाणिक जानकारी संकलित करने के लिए विषय विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने और 28 फरवरी तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि कार्य समयबद्ध रूप से प्रारंभ किया जा सके।
इस अवसर पर अधिशासी अभियंता लोनिवि रीना नेगी, सहायक अभियंता पुरातत्व अनिल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
अग्निवीर योजना में सुधार पर मंथन जरूरी- भागवत
देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के उत्तराखंड प्रवास के दूसरे दिन पूर्व सैनिकों एवं पूर्व सेना अधिकारियों के साथ प्रमुख जन गोष्ठी एवं समन्वित संवाद कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस मौके पर भागवत ने कहा कि संघ का उद्देश्य व्यक्ति निर्माण है, चुनावी राजनीति नहीं।
भागवत ने अग्निवीर योजना को एक प्रयोग बताते हुए कहा कि अनुभव के आधार पर इसमें सुधार की आवश्यकता पर विचार किया जाना चाहिए। कश्मीर के संदर्भ में उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सतर्क नीति आवश्यक है।
भागवत ने कहा कि भारतीय समाज “वसुधैव कुटुंबकम्” की भावना पर आधारित है और समाज में सभी के लिए समान अवसर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कटुता के बजाय संवाद की परंपरा को बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने संस्कार, बचत और समाज के प्रति योगदान की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में पूर्व मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत, कर्नल अजय कोठियाल और कर्नल मयंक चौबे ने भागवत को शाल ओढ़ाकर और पारंपरिक टोपी पहनाकर स्वागत किया। कार्यक्रम में सेना का नेतृत्व कर चुके छह सेवानिवृत्त जनरल, एक वाइस एडमिरल, डीजी कॉस्ट गार्ड, ब्रिगेडियर और 50 से अधिक कर्नल रैंक के अधिकारी शामिल हुए। इसके अलावा कप्तान और हवलदार रैंक से सेवानिवृत्त सैकड़ों पूर्व सैनिक सैन्य वेशभूषा में उपस्थित रहे। मंच संचालन राजेश सेठी ने किया।
अपने संबोधन में भागवत ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में समाज की केंद्रीय भूमिका होती है। समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र की रक्षा भी सशक्त होगी। उन्होंने कहा कि संगठित और चरित्रवान समाज ही राष्ट्र को स्थायी शक्ति प्रदान करता है।
संवाद सत्र में अग्निवीर, कश्मीर, सामाजिक समरसता और पलायन पर चर्चा की गई। संवाद सत्र में पूर्व सैनिकों ने राष्ट्रीय सुरक्षा, अग्निवीर योजना, सामाजिक समरसता, पलायन और युवाओं से जुड़े विषयों पर प्रश्न पूछे। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और क्रांतिकारी आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति की परंपरा निरंतर चलती रही है। पलायन के मुद्दे पर कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय उद्यमिता के माध्यम से रोजगार के अवसर बढ़ाने होंगे। समान नागरिक संहिता को उन्होंने राष्ट्रीय एकात्मता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
भागवत ने पूर्व सैनिकों से सेवा कार्यों में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कोर्ट से प्रतिबंधित जमीन की फर्जी बिक्री, भू-माफियाओं पर कसा शिकंजा
देहरादून। देहरादून में प्रतिबंधित भूमि के अवैध क्रय-विक्रय से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जिस पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने मामले का संज्ञान लेते हुए क्रेता और विक्रेता के खिलाफ थाना शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि मौजा आमवाला तरला की विवादित भूमि, जिस पर न्यायालय द्वारा पहले ही खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई थी, उसे फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कर दी गई। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित भूमि पीएसीएल (Pearls Agro Tech Corporation Limited) से जुड़ी प्रतिबंधित श्रेणी में आती है। इसके बावजूद विक्रेता ने वास्तविक तथ्य छिपाकर विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 का पंजीकरण करा लिया।
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि भूमि का संबंध Golden Forests से जुड़ी परिसंपत्तियों से हो सकता है, जिन पर पहले से विभिन्न स्तरों पर प्रतिबंध लागू हैं। इस पूरे मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने रजिस्ट्रार कार्यालय और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर रजिस्ट्रार देहरादून और उप जिलाधिकारी सदर को विलेखों की दोबारा जांच करने को कहा गया है। साथ ही, यदि इन विलेखों के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी हुई है, तो उसे तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पंजीकरण कराने के आरोप में संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और फर्जीवाड़े में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
देहरादून में ‘कृषि कुम्भ-2026’ का समापन, गणेश जोशी रहे मुख्य अतिथि
देहरादून। प्रदेश के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज देवभूमि उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय प्रेमनगर द्वारा आयोजित ‘कृषि कुम्भ-2026’ के समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने मेले में लगाए गए विभिन्न कृषि, बागवानी एवं नवाचार आधारित स्टालों का अवलोकन किया तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया। साथ ही मंत्री जोशी ने कृषि वानिकी पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया।
अपने संबोधन में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि भारत की आत्मा गाँवों में बसती है और गाँवों की आत्मा हमारे किसान हैं। किसान केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था के सशक्त स्तंभ, पर्यावरण के संरक्षक और संस्कृति के संवाहक भी हैं। उन्होंने कहा कि जब विश्व खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब भारतीय किसान अपनी मेहनत, नवाचार और संकल्प से समाधान प्रस्तुत कर रहा है।
कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि प्रदेश के किसानों ने जैविक खेती, बागवानी, औषधीय पौधों, श्री अन्न (मिलेट्स), मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन एवं पशुपालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि “किसान मेला” केवल प्रदर्शनी नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुभव और नवाचार का संगम है, जहाँ किसान, वैज्ञानिक, छात्र और उद्यमी एक मंच पर संवाद कर कृषि के भविष्य की दिशा तय करते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा और खेत के बीच की दूरी जितनी कम होगी, कृषि उतनी ही प्रगति करेगी। आज कृषि तकनीक आधारित, वैज्ञानिक और बाज़ार उन्मुख क्षेत्र बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक, सटीक खेती, मिट्टी परीक्षण, स्मार्ट सिंचाई, जैव उर्वरक एवं डिजिटल मार्केटिंग आधुनिक कृषि के महत्वपूर्ण आयाम हैं।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड जैसे राज्य में जैविक उत्पादों की ब्रांडिंग, मंडुवा और झंगोरा जैसे मोटे अनाज का प्रसंस्करण, हर्बल उत्पाद, फल प्रसंस्करण, शहद एवं मशरूम उद्योग में अपार संभावनाएँ हैं। राज्य सरकार स्टार्टअप, मुद्रा योजना, आत्मनिर्भर भारत अभियान और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहायता उपलब्ध करा रही है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे केवल रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनें और कृषि को उद्यम के रूप में अपनाकर राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर कुलपति प्रो० अजय कुमार, रितिका मेहरा, अमन बंसल, पूर्व पार्षद मंजीत रावत सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं एवं कृषकगण शिक्षक शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
677.75 करोड़ की वार्षिक कार्ययोजना को मिली मंजूरी
देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन की अध्यक्षता में ग्रामीण वेग वृद्धि परियोजना (REAP) की उच्चाधिकार एवं मार्गदर्शन समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सचिव डी.एस. गर्ब्याल द्वारा वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्ययोजना के सापेक्ष प्रगति एवं अनुपालन रिपोर्ट तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रस्तावित वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट का प्रस्तुतीकरण किया गया।
समिति ने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु 677.75 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना एवं बजट को अनुमोदित किया। प्रस्तावित कार्ययोजना में स्वरोजगार, आजीविका संवर्द्धन, आय सृजन गतिविधियों, स्थानीय संसाधन विकास, कृषि एवं सहायक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने संबंधी कार्यक्रमों को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई।
2.5 लाख ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य
मुख्य सचिव ने वर्ष 2026-27 के लिए 2.5 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने निर्देश दिए कि REAP परियोजना से लाभान्वित महिलाओं को अन्य विभागीय एवं केंद्र/राज्य योजनाओं से भी जोड़ा जाए तथा सभी योजनाओं का समेकित विवरण संकलित किया जाए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि लाभार्थियों के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के साथ प्रभावी कन्वर्जेंस सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण परिवारों को सतत रूप से ऊपर उठाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और गहन होमवर्क करने के निर्देश भी दिए गए।
समान प्रकृति के स्वयं सहायता समूहों की पहचान व महिला किसान वर्ष 2026 पर विशेष रणनीति
मुख्य सचिव ने समान कार्य प्रकृति वाले महिला स्वयं सहायता समूहों की पहचान कर उन्हें आजीविका एवं स्वरोजगार की दृष्टि से बेहतर सहयोग देने की रणनीति तैयार करने को कहा। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष के रूप में देखते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि ‘लखपति दीदी’ योजना के अंतर्गत महिलाओं को विशेष वित्तीय, तकनीकी, पूंजीगत एवं संस्थागत प्रोत्साहन उपलब्ध कराने की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाए। सभी जनपदों में स्वयं सहायता समूहों एवं हितधारकों के साथ समन्वय बैठकें आयोजित कर उनके मुद्दों को समझते हुए समाधान आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।
अनउपयोगी ग्रोथ सेंटर होंगे सक्रिय, पलायन रोकथाम पर फोकस
मुख्य सचिव ने ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ग्रोथ सेंटर की पहचान करने के निर्देश दिए, जिनका समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि इन अनउपयोगित ग्रोथ सेंटरों को ‘हाउस ऑफ हिमालय’ के माध्यम से प्रभावी रूप से उपयोग में लाने हेतु ठोस योजना तैयार की जाए।
विदित है कि ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (ग्रामोत्थान) राज्य के सभी जनपदों में ग्रामीण परिवारों की आजीविका सुदृढ़ करने और पलायन की रोकथाम के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। इस परियोजना के अंतर्गत कृषि, गैर-कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण जैसे लघु उद्यमों को वित्तीय सहायता एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के परिप्रेक्ष्य में इस वित्तीय वर्ष महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
इस दौरान बैठक में अपर सचिव गिरधारी सिंह रावत, नवनीत पांडेय, झरना कमठान व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड में प्रस्तावित कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के लिए भारत सरकार द्वारा 500 करोड़ रुपये की धनराशि जारी किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत और सामाजिक समरसता का विश्वविख्यात महापर्व है।
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह धनराशि कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कार्यों को गति मिलेगी। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री ने पूर्व में प्रधानमंत्री से कुंभ में सहायता हेतु अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार निरंतर उत्तराखंड के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। चारधाम परियोजना, ऑल वेदर रोड, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के विस्तार सहित विभिन्न विकास कार्यों में केंद्र का सहयोग राज्य के लिए संबल सिद्ध हुआ है। कुंभ मेला 2027 के सफल आयोजन के लिए यह सहयोग राज्य सरकार के संकल्प को और मजबूती प्रदान करेगा।
धामी ने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से कुंभ मेला 2027 ऐतिहासिक, सुरक्षित और सुव्यवस्थित आयोजन के रूप में स्थापित होगा तथा देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को उत्कृष्ट सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्ता पूर्ण कार्य सुनिश्चित करते हुए दिव्य और भव्य कुंभ मेला 2027 आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, कोडीन सिरप के दुरुपयोग रोकने को टीमों का गठन, क्रॉस-जांच से पारदर्शिता, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई
देहरादून। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में विभागीय अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कोडीन युक्त सिरप एवं अन्य मनःप्रभावी औषधियों के बढ़ते कुप्रयोग तथा इनके गैर-कानूनी व्यापार पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सचिव सचिन कुर्वे ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर मिलीभगत, लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्रॉस-जांच व्यवस्था से पारदर्शिता
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सचिव व आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे के निर्देशों के क्रम में अपर आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा औषधि निरीक्षकों के तीन विशेष दल गठित किए गए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट निरीक्षण व्यवस्था लागू की गई है। जनपद देहरादून में तैनात औषधि निरीक्षकों को हरिद्वार का दायित्व, हरिद्वार के अधिकारियों को देहरादून तथा नैनीताल में तैनात निरीक्षकों को उधमसिंहनगर का दायित्व सौंपा गया है। इससे स्थानीय स्तर पर संभावित प्रभावों को समाप्त कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।
देहरादून में दो प्रतिष्ठान सील
प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं के आधार पर विभागीय टीमों ने विभिन्न क्षेत्रों में औचक छापेमारी की। जनपद देहरादून के हर्रावाला क्षेत्र में M/s Mystic Pharma Healthcare एवं Trust Way Pharmaceutical पर सघन निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर दोनों प्रतिष्ठानों को सील कर उनकी चाबियां संबंधित थाने को सौंप दी गईं। आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित है।
हरिद्वार में स्टॉक रोका गया
जनपद हरिद्वार स्थित M/s Animets Life Sciences Pvt. Ltd., सलेमपुर, बहादराबाद में निरीक्षण के दौरान नियमों का उल्लंघन पाया गया। उपलब्ध औषधियों के स्टॉक को फॉर्म-15 के अंतर्गत रोक दिया गया है तथा अभिलेखों की विस्तृत जांच जारी है।
उधमसिंहनगर में नोटिस चस्पा
रुद्रपुर स्थित M/s Futec Pharmaceuticals Pvt. Ltd. पर टीम पहुंची तो प्रतिष्ठान बंद पाया गया। टीम द्वारा औषधि अधिनियम के अंतर्गत नोटिस चस्पा कर फर्म स्वामी को दूरभाष पर अवगत कराया गया तथा निर्देशित किया गया कि दुकान टीम की उपस्थिति में खोली जाए। अग्रिम कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा- सचिन कुर्वे
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग सचिन कुर्वे ने कहा कि कोडीन युक्त सिरप एवं मनःप्रभावी औषधियों का दुरुपयोग एक गंभीर सामाजिक और कानूनी चुनौती बनता जा रहा है। राज्य सरकार इस विषय को अत्यंत संवेदनशीलता और कठोरता के साथ ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग द्वारा निगरानी तंत्र को और सशक्त किया गया है तथा औषधि अनुज्ञप्ति धारकों की जवाबदेही तय की जा रही है। किसी भी स्तर पर अनियमितता, अवैध भंडारण, बिना प्रिस्क्रिप्शन बिक्री या रिकॉर्ड में हेरफेर पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। विभाग पारदर्शिता, जवाबदेही और सतत निरीक्षण की नीति पर कार्य कर रहा है तथा दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
क्रॉस-जांच प्रणाली लागू – ताजबर सिंह जग्गी
अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि अवैध दवा कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष निरीक्षण दल गठित किए गए हैं और क्रॉस-डिस्ट्रिक्ट जांच व्यवस्था लागू की गई है, जिससे निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित हो सके। सभी औषधि निरीक्षकों को नियमित औचक निरीक्षण करने और प्रत्येक कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध विधिसम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी और अभियान पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा।
आमजन से सहयोग की अपील
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में निरंतर जारी रहेगा। औषधि विक्रेताओं, थोक व्यापारियों एवं निर्माण इकाइयों को सभी अभिलेख अद्यतन रखने और नियमों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आमजन से अपील की गई है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि की जानकारी हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें, ताकि समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। राज्य सरकार सुरक्षित एवं पारदर्शी औषधि वितरण प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक में सिंचाई मंत्री ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश
देहरादून। हरिद्वार में 2027 में होने वाले अर्ध कुंभ मेले को देखते हुए नदियों का चैनेलाइजेशन, स्ट्रांम वाटर मास्टर ड्रेनेज सिस्टम का कार्य समयबद्ध ढंग से किया जाये। विभागीय कार्यों में तेजी लाने के साथ-साथ गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए खाली पड़े पदों को भी शीघ्रता से भरा जाये।
उक्त बात प्रदेश के सिंचाई, पर्यटन, लोक निर्माण, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने यमुना कॉलोनी स्थित सिंचाई भवन में सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कही। उन्होंने कहा कि कुंभ मेला के तहत निक्षेप (डिपोजिट) मद के अंतर्गत राज्य संपत्ति, शिक्षा, उद्यान आदि विभागों के निर्माण कार्यों के साथ-साथ स्थाई प्रकृति के कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए और हरिद्वार स्थित पंत द्वीप जमीन पर यदि कहीं कोई अतिक्रमण है तो उसे तुरंत हटवाया जाए।
सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के समीक्षा बैठक के पश्चात सिंचाई मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि देहरादून स्थित सौंग बांध जिसकी लागत 2069.64 करोड़ है उसके निर्माण कार्य हेतु अभी तक 274.20 करोड़ की धनराशि और मुक्ति की जा चुकी है। इस परियोजना से देहरादून शहर की 11 लाख की आबादी को प्रतिदिन 150 एम.एल.डी. पेयजल उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि 3678.23 करोड़ की लागत की जमरानी बांध परियोजना का कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना के तहत अब तक 989.96 करोड़ के कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
सिंचाई मंत्री महाराज ने जानकारी देते हुए बताया कि 2025-26 में सिंचाई विभाग को 242 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा प्रदेश में 449.25 करोड़ की लागत से नहरों व नलकूपों के मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का कार्य गतिमान है और जल संचयन, संवर्धन, पेयजल तथा सिंचाई हेतु जलाशयों का निर्माण किया जा रहा है। लघु सिंचाई के तहत राज्य में छोटे चेक डैम, तालाब एवं एवं रिचार्ज शाफ्ट का कार्य किया जा रहा है। पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत डीजल 40 पंपों को सोलर में परिवर्तित किया जा रहा है। अभी तक इस योजना के तहत 2139 डीजल पंप सेट को सोलर पंप सेट में परिवर्तित किया गया है। नाबार्ड वित्त पोषित योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में 89.47 करोड़ की नई योजनाओं की स्वीकृत प्राप्त हुई है, इस धनराशि से 415 चेक डैम 43 सोलर पंप सेट, 149103 पाईप, 59 हौज एवं 9.32 किमी गूल का कार्य किया जाना प्रस्तावित है। उन्होंने बताया कि सिंचाई क्षमता में वृद्धि के लिए स्प्रिंकलर, ड्रिप और रेन गन का भी कार्य किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक में सिंचाई समिति के उपाध्यक्ष ऋषि कंडवाल, सिंचाई सचिव युगल किशोर पंत, सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता सुभाष पाण्डे, लघु सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता बी.के. तिवारी सहित सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद थे।
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में एनएसएस राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का शुभारम्भ, 13 राज्यों के युवा हुए शामिल
हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के राष्ट्रीय एकीकरण शिविर का भव्य शुभारम्भ उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया। शिविर में देश के 13 राज्यों एवं 185 विश्वविद्यालयों से आए एक हजार से अधिक युवा प्रतिभाग कर रहे हैं। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित युवाओं ने भारत की सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का सजीव चित्र प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रेखा आर्य ने कहा कि आज का भारत युवा भारत है। युवा शक्ति में वह सामर्थ्य है जो हर चुनौती को अवसर में बदल सकती है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प हमारे युवाओं के परिश्रम, नवाचार और राष्ट्रनिष्ठा से ही पूर्ण होगा।
उन्होंने आगे कहा कि सच्चा युवा वही है जिसके विचार पवित्र हों, लक्ष्य स्पष्ट हो और कर्म में निष्ठा हो। आज भारतीय युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर सम्मान मिल रहा है। स्टार्टअप, विज्ञान, तकनीक और खेल के क्षेत्र में हमारे युवाओं ने विश्व पटल पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है। आने वाले वर्षों में यही युवा भारत को विश्व की अग्रणी महाशक्ति के रूप में स्थापित करेंगे।
मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय एकीकरण शिविर केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘विविधता में एकता’ की भावना को सुदृढ़ करने का सशक्त माध्यम है। ऐसे शिविर युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करते हैं। इससे पूर्व उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर स्थित शौर्य दीवार पर पुष्पांजलि अर्पित कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यह शिविर राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम में प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या, समरदीप सक्सेना तथा शांतिकुंज के व्यवस्थापक योगेंद्र गिरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
