708 चेक डैम और 419 रिचार्ज शाफ्ट से बढ़ेगा जल संरक्षण
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में सिंचाई परियोजनाओं के अन्तर्गत रिवर प्रोटक्शन कार्य एवं डीसिल्टिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून सीजन में बाढ़ की आशंकाओं को देखते हुए सभी कार्य समय से कर दिए जाएं।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि लघु सिचांई विभाग द्वारा जल संरक्षण, संवर्द्धन एवं संभरण योजनाओं के तहत चेक डैम निर्माण, रिचार्ज शॉफ्ट निर्माण एवं तालाब निर्माण किये जा रहे हैं। विभाग द्वारा राज्य में 708 चेक डैम बनाये गये हैं। विभाग द्वारा ऊधम सिंह नगर, नैनीताल एवं हरिद्वार में कुल 419 रिचार्ज शॉफ्ट की स्थापना की गयी है। जिससे वार्षिक लगभग 108.94 करोड़ लीटर ग्राउंड वाटर रीचार्ज हो सकेगा। अधिकारियों ने बताया कि 09 वन प्रभागों में पेयजल विभाग व सारा के माध्यम से 14 जल स्रोतों के उपचार के लिए जल संरक्षण के कार्य किये जा रहे हैं। कैम्पा योजना के अन्तर्गत विभिन्न वन प्रभागों में 247 जल धाराओं का उपचार किया जा रहा है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने वन विभाग को वनाग्नि की रोकथाम के लिए अभी से पूरी तैयारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि वनाग्नि रोकथाम के लिए मानव संसाधन के साथ ही आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन पंचायतों और वन क्षेत्र के आस-पास के लोगों से विभाग का नियमित समन्वय बनाये रखें। वन संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को प्रोत्साहित भी किया जाए, फायर लाइन की समय रहते सफाई की जाए। साथ ही वनभूमि पर होने वाले अतिक्रमण को भी प्राथमिकता पर हटाया जाए।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, युगल किशोर पंत एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
अभियुक्तों के कब्जे से लगभग ढाई लाख रू0 मूल्य की 08.17 ग्राम स्मैक तथा 01 किलो 150 ग्राम गांजा हुआ बरामद
गिरफ्तार अभियुक्तों में से एक अभियुक्त पूर्व में भी अवैध शराब की तस्करी में जा चुका है जेल
देहरादून। उत्तराखंड को नशा-मुक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” विजन को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से देहरादून पुलिस ने जिलेभर में सघन अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर सभी थाना क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त अभियुक्तों की पहचान कर उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में दून पुलिस ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए दो नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है।
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कोतवाली ऋषिकेश पुलिस टीम ने 29 जनवरी 2026 की रात्रि चेकिंग के दौरान आईडीपीएल गेस्ट हाउस, कांवड़ मेला पार्किंग के पास से एक अभियुक्त को 8.17 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया। बरामद स्मैक की अनुमानित कीमत करीब ढाई लाख रुपये बताई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सतीश नाथ (30 वर्ष) पुत्र रोशन नाथ, निवासी गली नंबर-17 काली की ढाल, आईडीपीएल ऋषिकेश के रूप में हुई है। अभियुक्त के विरुद्ध थाना ऋषिकेश में मुकदमा संख्या 47/2026, धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि वह स्मैक हरिद्वार से सस्ते दामों में खरीदकर ऋषिकेश में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया।
थाना नेहरू कॉलोनी क्षेत्र में गांजा तस्कर गिरफ्तार
वहीं थाना नेहरू कॉलोनी पुलिस ने 29 जनवरी 2026 को चेकिंग के दौरान आकाशवाणी हरिद्वार रोड से एक अभियुक्त को 1 किलो 150 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया। अभियुक्त की पहचान अरुण (26 वर्ष) पुत्र शशि कपूर, निवासी सपेरा बस्ती, आकाशवाणी केंद्र के पास, थाना नेहरू कॉलोनी देहरादून के रूप में हुई है।
अभियुक्त के विरुद्ध मुकदमा संख्या 39/26, धारा 8/20/27 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि अभियुक्त का आबकारी अधिनियम के तहत पूर्व आपराधिक इतिहास भी रहा है।
बरामदगी विवरण
1 किलो 150 ग्राम गांजा
एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू
600 रुपये नकद
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और देवभूमि को नशा-मुक्त बनाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी।
1 फरवरी से BLO आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की होगी शुरुआत
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड राज्य में प्री एसआईआर गतिविधियां सम्पादित की जा रही हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ बीवीआरसी पुरुषोत्तम के निर्देशन मे बीएलओ आउटरीच अभियान के तहत प्रदेश में प्रत्येक मतदाता तक पंहुच, समन्वय और संवाद स्थापित करने के लिए व्यापक अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत पहले चरण में प्रदेश के 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की जा चुकी है। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश में सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में बीलएओ, ईआरओ सहित पूरी इलेक्शन मशीनरी ने बेहद उत्साहपूर्वक तरीके से 75 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग की है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि बीएलओ आउटरीच अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत 1 फरवरी से की जा रही है। इस अभियान में प्रदेश के युवा एवं महिला मतदाताओं पर विशेष फोकस रहेगा। आउटरीच अभियान के दूसरे चरण को 15 फरवरी 2026 तक सम्पादित किया जाएगा।
“आसानी से सर्च कर सकते हैं 2003 की मतदाता सूची में नाम”
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्री एसआईआर फेज में प्रदेश की वर्तमान मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं की 2003 की मतदाता सूची से मैपिंग की जा रही है। उन्होंने प्रदेश के मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में अपने बीएलओ का सहयोग करें। उन्होंने बताया कि मतदाताओं की सुविधा के लिए वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड की आधिकारिक वेबसाइट ceo.uk.gov.in पर उपलब्ध है, जहां मतदाता अपने विधानसभा क्षेत्र, अपने तथा अपने पिता/पति के नाम के आधार पर मतदाता क्रमांक एवं बूथ संख्या की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही गली, मोहल्लों और एरिया के नाम से भी मतदाता सूची खोजने की सुविधा प्रदान की गई है।
राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से बीएल नियुक्त करने की अपील
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ० विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय राजनैतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट्स (बीएलए) नियुक्त करने की अपील की गई थी।
वर्तमान में प्रदेश के 12070 बीएलए की नियुक्ति की जा चुकी है। उन्होंने राजनैतिक दलों से शतप्रतिशत बीएलए नियुक्त करने की अपील की है।
पंचांग गणना के बाद तय होगी केदारनाथ कपाट खुलने की तारीख
केदारनाथ यात्रा की तैयारियों में जुटा प्रशासन, मार्ग सुधार कार्य तेज
रुद्रप्रयाग। महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि की घोषणा की जाएगी। परंपरा के अनुसार यह तिथि उखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में विधि-विधान और पंचांग गणना के बाद तय की जाती है, जिसमें बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित शामिल होते हैं।
आगामी केदारनाथ यात्रा को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को तेज कर दिया है। विशेष रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े क्षतिग्रस्त और संवेदनशील स्थानों पर मरम्मत और सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जा रहे हैं, ताकि यात्रा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रहे।
जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि यात्रा व्यवस्थाओं को लेकर घोड़ा-खच्चर और डंडी-कंडी संचालकों, बदरीनाथ–केदारनाथ मंदिर समिति, होटल व्यवसायियों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारिक संगठनों के साथ समन्वय बैठकें की जा चुकी हैं। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभागों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कहा कि केदारनाथ यात्रा से पूर्व आवश्यक मूलभूत सुविधाओं, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंध और आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक यात्रा अनुभव उपलब्ध कराया जाए।
जब एक IAS अधिकारी बना अभिभावक, बालिकाओं संग सादगी से मनाया अपना जन्मदिन
हर साल वही जगह, वही मुस्कानें-बच्चियों के बीच जन्मदिन मनाने की परंपरा
देहरादून। प्रशासनिक व्यस्तताओं और औपचारिक आयोजनों से इतर एक संवेदनशील पहल के तहत अपर सचिव मुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) एवं महानिदेशक सूचना एवं लोकसम्पर्क विभाग, आईएएस बंशीधर तिवारी ने अपना जन्मदिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास की बालिकाओं के साथ सादगी एवं संवेदना के साथ मनाया।
उन्होंने यह दिन किसी भव्य आयोजन के बजाय सादगी और सामाजिक सरोकार के साथ देहरादून के बनियावाला क्षेत्र में स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय बालिका छात्रावास में बिताया।
सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस छात्रावास में आईएएस बंशीधर तिवारी अपने परिजनों के साथ पहुंचे, जहां बालिकाओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किए। छात्रावास का माहौल किसी औपचारिक सरकारी कार्यक्रम के बजाय आत्मीय और पारिवारिक नजर आया। इस छात्रावास में अनाथ, एकल अभिभावक वाली तथा सामाजिक रूप से वंचित पृष्ठभूमि से आई बालिकाएं निवास करती हैं, जिन्हें शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा रहा है।

बंशीधर तिवारी ने छात्रावास में बच्चियों के साथ बैठकर केक काटा, उपहार वितरित किए और उनसे उनकी पढ़ाई, रुचियों और भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया। उन्होंने किसी प्रकार का औपचारिक संबोधन नहीं दिया, बल्कि बच्चियों से सहज और अपनत्वपूर्ण बातचीत की।
इस अवसर पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया गया। आईएएस तिवारी ने कहा कि जिस प्रकार एक पौधा समय के साथ विकसित होकर फल और छाया देता है, उसी तरह यदि बालिकाओं को सही मार्गदर्शन, शिक्षा और सहयोग मिले तो वे समाज के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती हैं।
बालिकाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना आवश्यक है और विपरीत परिस्थितियों में भी आत्मविश्वास तथा ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने से सफलता के मार्ग खुलते हैं। उन्होंने बच्चियों को केवल सफल होने तक सीमित न रहकर नेतृत्व क्षमता विकसित करने और समाज के लिए उदाहरण बनने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि वर्तमान समय में जब जन्मदिन अक्सर दिखावे और खर्चीले आयोजनों तक सीमित हो गए हैं, ऐसे में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी द्वारा हर वर्ष अनाथ बालिकाओं के साथ जन्मदिन मनाना समाज के लिए सकारात्मक संदेश देता है। यह पहल प्रशासन के मानवीय और संवेदनशील पक्ष को दर्शाती है तथा बालिकाओं के मन में आत्मविश्वास और उम्मीद का संचार करती है।
धामी सरकार की नीतियों को मिली बड़ी सराहना
देहरादून। देश के प्रतिष्ठित एविएशन आयोजन WINGS INDIA 2026 में उत्तराखंड ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है। हैदराबाद स्थित बेगमपेट एयरपोर्ट में 29 से 31 जनवरी 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय एविएशन इवेंट में उत्तराखंड को ‘Best State for Promotion of Aviation & Ecosystem’ के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा अपनाई गई दूरदर्शी एविएशन नीति, सुदृढ़ हवाई कनेक्टिविटी और पर्वतीय क्षेत्रों में उड्डयन सुविधाओं के प्रभावी विस्तार के लिए प्रदान किया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री की ओर से यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव आशीष चौहान, संजय टोलिया सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और एविएशन सेक्टर से जुड़े गणमान्य मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार ने हवाई सेवाओं को केवल परिवहन तक सीमित न रखते हुए, उन्हें चारधाम यात्रा, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं से जोड़कर एक मजबूत एविएशन इकोसिस्टम विकसित किया है। प्रदेश में केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के लिए हेली सेवाओं का व्यापक विस्तार किया गया है, साथ ही हेलीपोर्ट और हेलीपैड के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
चारधाम यात्रा के दौरान हेली सेवाओं के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों और कम समय में यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम दर्शन की सुविधा मिली, जिसकी सराहना देशभर में हुई। इसके साथ ही सीमांत और दुर्गम पर्वतीय क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने, उड़ान (UDAN) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, एयर स्ट्रिप्स के उन्नयन और हेली-टूरिज्म को बढ़ावा देने के प्रयासों को भी राष्ट्रीय मंच पर विशेष रूप से सराहा गया।
इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उत्तराखंड की जनता, राज्य सरकार की टीम और एविएशन सेक्टर से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में चारधाम यात्रा को और अधिक सुरक्षित, तकनीक-समर्थ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के साथ-साथ उत्तराखंड को देश का अग्रणी एविएशन और हेली-टूरिज्म हब बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान प्रदेश में पर्यटन, निवेश, रोजगार और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत किए जा रहे अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख़्त रुख अपनाते हुए सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्यवाही लगातार जारी है। प्राधिकरण की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृति एवं नियमों के विरुद्ध किए जा रहे किसी भी प्रकार के निर्माण को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी क्रम में देहरादून के प्रगति विहार क्षेत्र में अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की गई। प्रगति विहार लेन संख्या-06, देहरादून में उपेन्द्र कुमार अग्रवाल द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए सीलिंग की कार्यवाही की गई।
वहीं, इसी क्षेत्र में श्रेयष अग्रवाल द्वारा निर्मित अवैध टिन शैड को चिन्हित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई। दोनों ही मामलों में निर्माण प्राधिकरण से बिना स्वीकृति के किए जा रहे थे। उक्त कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर की गई, जिसमें सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता जयदीप राणा एवं प्राधिकरण के सुपरवाइजर मौके पर उपस्थित रहे।
एमडीडीए ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। नियमों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह अभियान शहर को सुनियोजित, सुरक्षित एवं अवैध निर्माण मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपाध्यक्ष एमडीडीए, बंशीधर तिवारी का बयान
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण शहर के सुनियोजित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे निर्माण न केवल शहर की व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में गंभीर समस्याएं भी पैदा करते हैं। एमडीडीए द्वारा लगातार निरीक्षण कर अवैध निर्माणों को चिन्हित किया जा रहा है और उनके विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जा रही है। आमजन से अपील है कि निर्माण से पूर्व प्राधिकरण की स्वीकृति अवश्य लें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सचिव एमडीडीए, मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए द्वारा अवैध निर्माणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा। प्राधिकरण क्षेत्र में बिना अनुमति किए गए निर्माणों को चिन्हित कर सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। यह कदम शहर के सुनियोजित विकास और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। नागरिक सहयोग से ही अवैध निर्माणों पर प्रभावी नियंत्रण संभव है।
देहरादून/नई दिल्ली। सदन मे शून्य काल के माध्यम से राज्यसभा सांसद एवं भाजपा राष्ट्रीय सह कोषाध्यक्ष डा. नरेश बंसल ने देवभूमि उत्तराखण्ड में ग्रामीण पर्यटन के विकास व विश्व प्रसिद्ध चारधाम के अलावा राज्य में अन्य स्थानों पर स्थित धार्मिक महत्व के पुरातन मन्दिर श्रृंखला जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने की मांग सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से की।
डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि ग्रामीण पर्यटन प्रकृति आधारित पर्यटन है जो प्रकृति प्रेमियों के लिए एक लोकप्रिय गंतव्य स्थान होता है। उन्होने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड एक पौराणिक, धार्मिक महत्व प्राकृतिक सौंदर्य के पूर्ण एक अत्यंत सुंदर क्षेत्र है, जो प्राकृतिक सुंदरता के साथ जीवन की हलचल से दूर शांतिपूर्ण विश्राम की तलाश करने वाले पर्यटकों को खूब आकर्षित करता है व खास तौर पर ग्रामीण पर्यटन और गंगा, यमुना, सरस्वती, सरयू नदी विभिन्न नदियों को संजोये विदेशी पर्यटकों और अपने देश के पर्यटकों को बहुत आकर्षित करता है।
डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि यह गंगा स्नान और शांत माहौल के लिए जाना जाता है। विश्राम और पानी के खेल के लिए भी आदर्श है। यह शहर और क्षेत्र पर्यटकों को ट्रेकिंग, कैम्पिंग और समृद्ध वनस्पतियों की खोज का अवसर प्रदान करता है। लाखामण्डल, पाताल भुवनेश्वरी आदि प्राचीन गुफायें, शहीद स्मारक व ऐतिहासिक स्थलों का भी घर है। जो उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भी दर्शाता है। इसके अलावा कई वाटरफाॅल, जगंल और रमणीक स्थल हैं। इसके अलावा काफी पुरातन मन्दिर भी हैं जैसे लाखामण्डल, हनोल, धारी देवी लगभग हर तरफ गांव व शहर में प्राचीन धार्मिक महत्व के चिह्न विराजमान हैं।
डा. नरेश बंसल ने कहा कि इसके अलावा माता गंगा पर सभी स्थानों पर धार्मिक महत्व का कार्य जहां संतोषजनक है, वहीं यमुना नदी पर घाटों का निर्माण, स्नान व्यवस्था व नित्य आरती का ठोस इंतजाम होना बाकी है। यहां पर कई पौराणिक महोत्सव, मेले होते हैं जो कि, काफी सालों से पर्यटकों का आकर्षक स्थल बन चुके हैं।
डा. नरेश बंसल ने सदन मे कहा कि उत्तराखण्ड में ऐसे कई आईडेन्टिफाइड स्थान हैं और अनडेवलप्ड विलेज हैं जिनकों हम डेवलप्ड कर सकते हैं। हम सभी जानते हैं कि पर्यटन के इस रूप के विकास के कारण स्थानीय अर्थव्यवस्था पर जबरदस्त प्रभाव पड़ता है। आने वाले समय में ग्रामीण पर्यटन इस देवभूमि उत्तराखण्ड क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण साधन के रूप में उभरेगा।
डा. नरेश बंसल ने सदन के माध्म से सरकार व पर्यटन मंत्री से आग्रह किया कि, उत्तराखण्ड जो प्रधानमंत्री के दिल में बसा है के सम्पूर्ण पर्यटन विकास खासतौर पर ग्रामीण पर्यटन और यमुना घाटों का निर्माण, पौराणिक मंदिर सर्किट पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उचित कार्यक्रम बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित दें। हमें विश्वास है कि आपके महत्वपूर्ण मार्गदर्शन और उचित वित्तीय सहायता से उत्तराखण्ड की पर्यटन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने के निर्देश
स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने हेतु विभागों को तेजी से कार्य करने के निर्देश
पात्र लोगों को योजनाओं का समय पर एवं पूर्ण लाभ मिले- मुख्यमंत्री
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सचिवालय में कृषि, पशुपालन, पर्यटन एवं उद्योग क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के माध्यम से लोगों को इन योजनाओं की संपूर्ण जानकारी प्रदान की जाए, ताकि वे इनका लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने तथा उन्हें स्वरोजगार के लिए अधिकतम अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लोगों को योजनाओं का समय पर एवं पूरा लाभ मिले, इस पर सभी विभाग विशेष ध्यान दें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आवंटित बजट का पूर्ण आउटकम प्राप्त हो।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च स्तरीय बैठकों के कार्यवृत्त उन्नति पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड किए जाएं। उन्होंने सेब की अतिसघन बागवानी योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस महत्वाकांक्षी योजना को प्रभावी ढंग से संचालित कर निर्धारित लक्ष्यों को समय से प्राप्त किया जाए तथा किसानों को अधिकाधिक प्रोत्साहन प्रदान किया जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसानों से संबंधित देयकों का भुगतान समय पर हो। किसानों को उनके उत्पादन का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहद उत्पादन के क्षेत्र में उत्तराखंड में व्यापक संभावनाएं हैं। इसे देखते हुए ‘हनी मिशन’ के अंतर्गत शहद उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रभावी प्रयास किए जाएं। राज्य में शहद का ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बागवानी एवं मौन पालन के क्षेत्र में जिन राज्यों में अच्छा कार्य हुआ है, उनके अध्ययन हेतु अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की टीमें उन राज्यों में भेजी जाएं।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश के 29 उत्पादों को जी.आई. टैग प्राप्त हुआ है, जिनमें से 18 कृषि एवं कृषि कल्याण से संबंधित हैं। इस वर्ष 25 अन्य उत्पादों को जी.आई. टैग के लिए चिन्हित किया जाएगा। राज्य में 134 करोड़ रुपये की लागत से लागू स्टेट मिलेट पॉलिसी के अंतर्गत मंडुवा, झंगोरा, रामदाना, कौणी एवं चीना को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत प्रथम चरण में 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 24 विकासखंडों तथा द्वितीय चरण में 40 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल के 44 विकासखंडों का चयन किया गया है। प्रथम चरण में 5 हजार से अधिक गांवों को आच्छादित कर लगभग डेढ़ लाख कृषकों को लाभान्वित किया गया है। मिलेट फसलों की क्रय-विक्रय हेतु 216 क्रय केंद्र खोले गए हैं तथा सहकारिता विभाग के अंतर्गत 20 करोड़ रुपये का रिवाल्विंग फंड बनाया गया है। इस वित्तीय वर्ष में 5 हजार मीट्रिक टन के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 5,386 मीट्रिक टन मिलेट फसलों का क्रय किया जा चुका है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना 2.0 के अंतर्गत चार वर्षों में 32 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष 33,620 लाभार्थियों को 202.72 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। आगामी वर्ष में 9 हजार लोगों को लाभान्वित किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पर्यटन विभाग के अंतर्गत दीन दयाल उपाध्याय होम स्टे योजना के तहत चार वर्षों में 780 होम स्टे स्थापित किए गए हैं, जिसके लिए 188.58 करोड़ रुपये का वित्त पोषण किया गया है। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना के अंतर्गत चार वर्षों में एक हजार से अधिक लोगों को लाभान्वित किया गया है, जिसमें कुल 105 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का वित्त पोषण किया गया है। राज्य में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मत्स्य पालन क्षेत्र में 17,450 लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार प्राप्त हुआ है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, दिलीप जावलकर, विनय शंकर पाण्डेय, एस.एन. पाण्डेय, वी. षणमुगम, धीराज गर्ब्याल सहित संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी उपस्थित रहे।
सोलर ऊर्जा से रोशन हुआ गांव, सुरक्षित और सतत विकास की ओर सशक्त कदम
पौड़ी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण सशक्तिकरण के दूरदर्शी विजन को धरातल पर साकार करते हुए विकासखंड बीरोंखाल की ग्राम पंचायत नौगांव ने सोलर ऊर्जा के माध्यम से सतत विकास की एक प्रेरणादायी पहल की है। सीमित संसाधनों के बावजूद दूरदर्शी योजना और सामूहिक प्रयासों से नौगांव आज जिले ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में उभर रहा है।
पूर्व में जहां गांव के अधिकांश मार्ग रात्रि में अंधेरे में डूबे रहते थे, वहीं अब सोलर ऊर्जा की बदौलत पूरा गांव उजाले से जगमगा रहा है। ग्राम पंचायत भवन की छत पर स्थापित तीन किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट से प्रतिदिन लगभग 16 यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। इस ऊर्जा को गांव में स्थापित 40 सोलर स्ट्रीट लाइटों से जोड़ा गया है, जिससे सभी प्रमुख मार्गों, सार्वजनिक स्थलों एवं आवासीय क्षेत्रों में समुचित प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।
ग्राम प्रधान ओमपाल सिंह ने बताया कि यह सोलर प्लांट राज्य वित्त से लगभग दो लाख रुपये की लागत से एक वर्ष पूर्व स्थापित किया गया। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल प्रकाश व्यवस्था सुदृढ़ करना नहीं, बल्कि गांव को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने बताया कि गांव में लगभग 70 परिवार निवास करते हैं और सोलर स्ट्रीट लाइटों से न केवल विद्युत व्यय में कमी आयी है, बल्कि रात्रिकालीन सुरक्षा एवं सुगमता भी सुनिश्चित हुई है।
जिला पंचायतीराज अधिकारी जितेंद्र कुमार ने नौगांव की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्र में सोलर ऊर्जा का प्रभावी उपयोग ग्राम पंचायत की सक्रियता और विकासोन्मुख सोच को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि यह नवाचार अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ग्राम पंचायत नौगांव स्वच्छता के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुकी है। वर्ष 2023–24 में स्वच्छता कार्यों के लिए नौगांव को जनपद स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त हुआ था, जिसके लिए पंचायत को पांच लाख रुपये की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कहा कि नौगांव ग्राम पंचायत द्वारा सौर ऊर्जा के माध्यम से की गयी यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों के कुशल उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। इससे न केवल ऊर्जा की उपलब्धता सुनिश्चित हुई है, बल्कि रात्रिकालीन सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि इस प्रकार के सफल मॉडल को अन्य ग्राम पंचायतों में भी चरणबद्ध रूप से अपनाया जाय, ताकि हर गांव सुरक्षित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर बन सके।
गांव की रीना देवी, मीनाक्षी देवी, रविन्द्र रावत एवं जगदीप सिंह ने बताया कि सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। प्रत्येक मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था होने से सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और ग्रामीणों को सुविधाजनक वातावरण मिला है। ग्रामीणों ने इस पहल को मुख्यमंत्री के विकास विजन से जुड़ा हुआ बताते हुए ग्राम पंचायत के प्रयासों की सराहना की।
नौगांव की यह पहल इस बात का सशक्त प्रमाण है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड का हर गांव हरित, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
