जनसुनवाई में 125 शिकायतें दर्ज, भूमि विवाद सबसे अधिक
देहरादून — जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में जनता दर्शन/जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कुल 125 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें अधिकांश मामले भूमि विवादों से संबंधित थे। इसके अलावा सीमांकन, नगर निगम, एमडीडीए, पुलिस, शिक्षा, विद्युत, सिंचाई आदि विभागों से संबंधित समस्याएं भी सामने आईं।
भूमि विवादों पर डीएम ने दिए स्पष्ट निर्देश
जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी मामलों के शीघ्र समाधान हेतु अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सभी मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि संबंधित फरियादियों को की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया जाए।
महिला, बच्चों व बुजुर्गों के प्रकरणों में विशेष संवेदनशीलता की बात
डीएम बंसल ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि महिला, वृद्ध और बच्चों से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए तथा तत्काल संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए। वहीं, मृत्यु प्रमाण पत्र और वारिसाना प्रमाण पत्रों में अनावश्यक देरी न हो इसके लिए सभी उपजिलाधिकारियों व तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि सभी आवेदनों का एक सप्ताह के भीतर निस्तारण करें।
बुजुर्ग महिला को दिलाया जाएगा मकान पर कब्जा
राजेश्वरी देवी (70), जो 60 प्रतिशत दिव्यांग हैं, ने शिकायत की कि उनकी विवाहित बेटी ने उनके घर पर कब्जा कर लिया है। जिलाधिकारी ने तत्काल उपजिलाधिकारी न्याय को निर्देश दिए कि बुजुर्ग महिला को कब्जा दिलाया जाए।
आर्थिक संकट झेल रहे फरियादी को मिलेगा विधिक सहयोग
फरियादी नितिन हेमदान ने भूमि विवाद में न्यायालय से संतोषजनक फैसला न मिलने और खराब आर्थिक स्थिति की बात कही। डीएम ने इस पर संज्ञान लेते हुए सचिव, विधिक सेवा प्राधिकरण को उनकी अपील दर्ज करने व कानूनी सलाह उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
अदालत के आदेशों की अवहेलना पर सख्त रुख
सिमलासग्रांट निवासी 86 वर्षीय किसान प्रीतम सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश के बावजूद विरोधी उनकी जमीन पर कब्जा कर रहा है। डीएम ने उपजिलाधिकारी डोईवाला को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
नगर निगम को जलभराव की समस्या के निस्तारण के निर्देश
करनपुर निवासी बुजुर्ग गौरी रानी ने बताया कि सड़क का लेवल उनके मकान से ऊँचा हो गया है, जिससे बारिश का पानी घर में घुसता है। जिलाधिकारी ने नगर निगम को एक सप्ताह के भीतर कार्यवाही करने व उससे संबंधित अंडरटेकिंग देने के निर्देश दिए।
छात्रा की उच्च शिक्षा के लिए मिलेगा सहयोग
रानीपोखरी निवासी अनिता ने बेटी की बीएससी (आईटी) की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मांगी। डीएम ने प्रोजेक्ट ‘नंदा-सुंदरी’ के तहत मुख्य विकास अधिकारी व जिला विकास अधिकारी को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए।
मृतक कर्मचारी की पत्नी को नौकरी देने की कार्यवाही शुरू
रेनू नामक फरियादी ने बताया कि उनके पति की मृत्यु सेवा काल में हो गई थी। जिलाधिकारी ने नगर आयुक्त को मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
होटल में अवैध शराब परोसने पर कार्रवाई के निर्देश
डांडा लखौंड क्षेत्र के होटल-रेस्टोरेंट में अवैध रूप से शराब परोसे जाने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने आबकारी विभाग को तत्काल जांच कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
देहरादून। प्रदेश के पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि पंचायती राज व्यवस्था हमारे देश की जमीनी स्तर पर लोकतंत्र की मजबूत नींव है। इसलिए हमें गांवों को सशक्त और विकसित करने के लिए पंचायत चुनाव में “गांव की सरकार” बनाने में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए ईमानदार एवं कर्मठ जनप्रतिनिधियों का चुनाव करना चाहिए।
पंचायतीराज मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हरिद्वार जनपद को छोड़ 12 जनपदों में 24 व 28 जुलाई 2025 को दो चरणों में मतदान होगा और 31 जुलाई 2025 को पंचायत चुनावों के परिणाम घोषित होंगे। इसलिए गांव की सरकार के लिए ईमानदार और कर्मठ जनप्रतिनिधि का चुना जाना बेहद जरूरी है। पंचायत चुनाव के लिए हुए 63812 उम्मीदवारों ने विभिन पदों के लिए अपने नामांकन किये हैं। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए 358 पद के सापेक्ष 1907 नामांकन हुए हैं जबकि
क्षेत्र पंचायत सदस्य के 2974 पद के लिए सापेक्ष 11629 नामांकन पत्र दाखिल हुए इसी प्रकार ग्राम प्रधान के लिए 7499 पदों के सापेक्ष 22028 लोगों ने नामांकन किया है और सदस्य ग्राम पंचायत के 55587 पदों के सापेक्ष 28248 लोगों ने नामांकन किया। इससे स्पष्ट है कि हमारी ग्रामीण जनता अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति बेहद जागरूक है।
पंचायतीराज मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण और विकास कार्यों के प्रभावी अनुश्रवण के लिए पंचायती राज निदेशालय और जिला पंचायत अनुश्रवण प्रकोष्ठ जैसी संस्थाओं का गठन किया है। मार्च 2008 में पारित पंचायती अधिनियम के अनुसार, पंचायतों में महिलाओं के लिए आरक्षण को 33% से बढ़ाकर 50% गया है। 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया गया है, जिससे उन्हें अधिक शक्तियां और जिम्मेदारियां मिली हैं।
महाराज ने कहा कि उत्तराखंड में पंचायतों को 29 विषयों के हस्तांतरण की कार्रवाई गतिमान है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग उत्तराखंड द्वारा त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को सशक्त बनाने के उद्देश्य से काम किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में तीन महत्वपूर्ण पहलू शामिल हैं जिसमें पंचायतों को पर्याप्त वित्तीय संसाधन प्रदान करना। पंचायतों को विभिन्न कार्यों और जिम्मेदारियों का हस्तांतरण करना। पंचायतों को आवश्यक मानव संसाधन और क्षमता निर्माण प्रदान करना।
केन्द्र सरकार की ओर से कृषि एवं बागवानी विकास की विभिन्न योजनाओं को 3800 करोड़ रुपए की दी गई सैद्धांतिक सहमति
केन्द्रीय कृषि मंत्री ने की उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना
देहरादून /नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, ग्राम्य विकास एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रदेश की कृषि एवं उससे जुडी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विसतार के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों की कृषि एवं बागवानी आवश्यकताओं तथा किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता हेतु राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई प्रस्तावित योजनाओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड सरकार ने कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगभग 3800 करोड़ रुपये की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं में नवाचार, यंत्रीकरण, तकनीकी समावेशन एवं पारम्परिक कृषि को बढ़ावा देने जैसे विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा राज्य की कृषि संबधि योजनाओं हेतु 3800 करोड की सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ने उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग राज्य के कृषि क्षेत्र को आत्मर्निभर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने हेतु कृषि बाड़ निर्माण के लिए 1,052.80 करोड़ रुपये की आवश्यकता चिह्नित की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य में 10,000 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने हेतु 400 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है, जिससे लघु, सीमांत किसान एवं महिलाएं लाभान्वित होंगी। पारम्परिक पोषक फसलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 134.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य को सीड हब के रूप में विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है। सेब उत्पादन को प्रोत्साहन, भंडारण और विपणन तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु 1,150 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। नकदी फसलों जैसे कीवी के संवर्धन एवं खेती को वन्यजीवों से संरक्षित करने हेतु 894 करोड़ रुपये की आवश्यकता दर्शाई गई है। कृषि व बागवानी क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 885.10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ड्रैगन फ्रूट जैसी कम जोखिम वाली फसलों को प्रोत्साहित हेतु 42 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राज्य सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 36.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सर्वेक्षण के लिए के अंतर्गत 378.50 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही पंतनगर विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने हेतु 14 करोड़ रुपये तथा एग्रीटूरिज्म स्कूल की स्थापना हेतु 14 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 16.11 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेब उत्पादन के दृष्टिगत उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना, कीवी व ड्रैगन फ्रूट मिशन को बढ़ावा देने, सुपर फूड्स (मशरूम व एग्जॉटिक वेजिटेबल्स) हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना के लिए भी केंद्रीय सहायता का अनुरोध केन्द्रीय मंत्री से किया।
मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) 1 व 2 के अवशेष कार्यों की समय सीमा बढ़ाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। साथ ही पी.एम.जी.एस.वाई 4 के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने का आश्वासन दिया। केन्द्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया कि उत्तराखण्ड की कृषि आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लिया जाएगा तथा राज्य के किसानों की समृद्धि हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
बैठक में भारत सरकार के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, भारत सरकार के ग्रामीण विकास सचिव सैलेश कुमार सिंह तथा उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बोले – मुख्यमंत्री खुद को बधाई दे रहे, लेकिन जनता भुगत रही है बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार
चारधाम से लेकर भर्ती घोटाले तक, कांग्रेस ने बांटे ‘नाकामी के खिताब’
देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार वर्ष के कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने 4 वर्ष के मुख्यमंत्रित्वकाल पर अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। जबकि भाजपा के ही सांसद, विधायक और पदाधिकारी सरकार की विफलताओं को लगातार उजागर कर रहे हैं। इसी क्रम में हम भी आज उनकी चार साल की नाकामियों, जन विरोधी नीतियों और देवभूमि की अस्मिता पर हुए प्रहार को कुछ विशेष खिताब समर्पित कर रहे हैं।
करन माहरा ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी और पलायन का खिताब। राज्य में बेरोजगारी और लगातार हो रहे पलायन को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी को यह खिताब दिया जाना चाहिए। महिला अपराधों में उत्तराखंड को अब्बल राज्य बनाने का खिताब- राज्य में पिछले चार साल में महिला अपराधों की बढती घटनाओं ने उत्तराखंड को पर्वतीय राज्यों में देश का नम्बर एक राज्य बना दिया है। चारधाम यात्रा में सर्वाधिक तीर्थ यात्रियों की मृत्यु का खिताब- चारधाम यात्रा में धामी सरकार की अव्यवस्था के चलते दर्जनों यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतों का खिताब- धामी सरकार की लापरवाही के चलते पिछले 25 वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौते पिछले 4 साल के अन्तराल में हुई हैं। अपनी ही सरकार द्वारा लागू किये गये यूसीसी के उलंघन का खिताब- यूसीसी लागू करने का श्रेय तो पुष्कर सिह धामी सरकार लेती है परन्तु उसका पहला उलंघन भी भाजपा के ही पूर्व विधायक द्वारा किया गया। महिला उत्पीड़न एवं शोषण में भाजपा नेताओं की संलिप्तता तथा सरकारी संरक्षण दिया जाना धामी सरकार की प्राथमिकता में रहा है।
केदारनाथ धाम की मर्यादा भंग करने का खिताब- आज तक के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी भी ज्योतिर्लिंग के समानान्तर कोई मंदिर का निर्माण किया गया हो, परन्तु धामी सरकार ने हिन्दुओं की धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाते हुए केदारनाथ मन्दिर की प्रतिकृति दिल्ली में बनाने का प्रयास किया गया। यही नहीं असली मंदिर से सोना चोरी कर उसकी जांच को भी दबाने का काम धामी सरकार ने किया।
करन माहरा ने कहा कि धामी सरकार को खनन माफिया व भू माफिया को संरक्षण देने का खिताब भी दिया जाना चाहिए। राज्य की नदियों में प्रशासन की मिलीभगत से हो रहे खनन में भाजपा नेताओं द्वारा उठाये गये सवालों के बावजूद धामी सरकार ने खनन माफिया को संरक्षण देने का काम किया। उत्तराखंड की भूमि को खुर्द-बुर्द कर भूमाफियाओं और उसमें संलिप्त अपनी पार्टी के नेताओं को बचाने का पूरा श्रेय धामी सरकार को जाता है। राज्य में इन चार सालों में लगातार हुए भर्ती घोटालों में युवाओं के भविष्य के साथ जिस प्रकार का खिलवाड किया गया वह किसी से छुपा नहीं है। राज्य में लम्बे समय से कार्यरत उपनल, आशा, आंगनबाडी कर्मियों की अनदेखी तथा पेंशन स्कीम मे कर्मचारियों का लगातार उत्पीड़न किया गया।
घटिया सड़क निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार। मलिन बस्तियों को उजाड़ने का श्रेय भी धामी सरकार को जाता है। कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के नियमितीकरण की योजना को धता बताते हुए धामी सरकार ने कई क्षेत्रों में मलिन बस्तियों का उजाड़ने का काम किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि धामी सरकार न तो नगर निकाय चुनाव समय पर करा पाई और न ही पंचायत चुनाव समय पर कराये गये। यही नहीं प्रत्येक चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया गया तथा अनैतिक तरीके से चुनाव जीतने का प्रयास करने का खिताब भी धामी सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में धार्मिक सद्भावना को तोडने का प्रयास कर धार्मिक धुर्वीकरण कर लोगों के बीच खाई पैदा कर धर्म के नाम पर राजनैतिक रोटी सेकने का काम धामी सरकार में किया गया।
राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी हैं। जहां मातृशक्ति को शौचालय में प्रसव कराना पड़ रहा है वहीं विद्यार्थी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं तथा उनका भविष्य चौपट हो रहा है।
करन माहरा ने यह भी कहा कि भाजपा की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनामिका शर्मा प्रकरण को दबाने का काम किया जा रहा है, यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाय तो कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब होगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा जेल में बंद महिलाओं को मोबाईल फोन जैसी सुविधायें किसके इशारे पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिस प्रकार अनामिका शर्मा को सरकार और प्रशासन का सहयोग मिल रहा है तथा सरकार जांच को प्रभावित करने का काम कर रही है उससे दाल में काला नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अनामिका शर्मा मामले में सच्चाई को दबाया जा रहा है उसी प्रकार अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी सच को छुपाने का लगातार प्रयास किया गया। यह भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर कर रहा है।
पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, प्रवक्ता शीषपाल सिंह बिष्ट, सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह उपस्थित थे।
6 साल से निष्क्रिय दलों को जारी किया गया नोटिस, 15 दिन में देना होगा जवाब
देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड में बीते 6 साल से निष्क्रिय 6 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। ये सभी वे दल हैं जिन्होंने वर्ष 2019 से अब तक छह वर्षों में एक भी चुनाव में प्रतिभाग नहीं किया है और जिनके कार्यालयों का कोई भौतिक पता भी नहीं मिल पाया है। दलों को इस नोटिस का जवाब 21 जुलाई शाम 5 बजे तक कर दिया है।
आयोग के निर्देशानुसार उत्तराखण्ड में वर्तमान में 42 पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों में से कई दल ऐसे हैं जो पंजीकृत अमान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों (आर यू पी पी) बने रहने की आवश्यक शर्तों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इस संबंध में उत्तराखण्ड के 6 ऐसे दलों की पहचान की गई है। इन दलों की अंतिम डीलिस्टिंग का निर्णय भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लिया जाएगा।
देश में राजनीतिक दलों (राष्ट्रीय/राज्यीय/अमान्यता) का पंजीकरण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत निर्वाचन आयोग द्वारा किया जाता है। भारत निर्वाचन आयोग का उद्देश्य इस पूरे अभ्यास में राजनैतिक व्यवस्था का शुद्धिकरण एवं चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को बढ़ावा देना है।
इन दलों को दिया गया नोटिस
1. भारतीय जनक्रान्ति पार्टी – 12/17 चक्खुवाला, देहरादून
2. हमारी जनमन्च पार्टी – 1/12 न्यू चक्खुवाला, देहरादून
3. मैदानी क्रान्ति दल – मस्जिद वाली गली, माजरा, देहरादून
4. प्रजा मण्डल पार्टी – बर्थवाल निवास, शीतला माता मन्दिर मार्ग, लोवर भक्तियाना श्रीनगर, पौडी गढवाल
5. राष्ट्रीय ग्राम विकास पार्टी – 62 सिविल लाईन, रूडकी हरिद्वार
6. राष्ट्रीय जन सहाय दल – 112-न्यू कनॉट प्लेस, देहरादून
कुमाऊं में गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से मलारी तक होगी आयोजन की योजना
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को मुख्यमंत्री आवास में उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों को पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाई अल्टीट्यूड अल्ट्रा मैराथन की शुरुआत करने के निर्देश दिए। कुमाऊं क्षेत्र में यह मैराथन गुंजी से आदि कैलाश और गढ़वाल में नीति माणा से लेकर मलारी तक आयोजित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस आयोजन को वार्षिक पर्यटन कैलेंडर में शामिल किया जाए और हर वर्ष निर्धारित तिथि पर इसका नियमित आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक सशक्त बनाने के साथ ही तय समय पर प्रभावितों को सहायता राशि उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए। सीमांत एवं पर्वतीय क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़/सोलर फेंसिंग के संबंध में विस्तृत योजना बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली और अपर सचिव बंशीधर तिवारी उपस्थित थे।
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने सोमवार को उपनल (उत्तराखंड पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड) के मुख्य कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्यालय में उपस्थिति पंजिका, फाइल प्रबंधन प्रणाली, शिकायत निवारण प्रक्रिया और सेवा प्रदाय की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया।
सैनिक कल्याण मंत्री जोशी ने अधिकारियों से उपनल द्वारा दी जा रही सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने उपनल के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक और समयबद्ध सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने कहा कि उपनल के माध्यम से पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को रोजगार से जोड़ने का जो उद्देश्य है, उसे पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ क्रियान्वित किया जाना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री ने कुछ अभिलेखों और फाइलों का भी अवलोकन किया तथा अधिकारियों को अनावश्यक देरी से बचने और प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि उपनल की भूमिका पूर्व सैनिकों के पुनर्वास में महत्वपूर्ण है और इस संस्था को पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ कार्य करना चाहिए। इस दौरान मंत्री जोशी ने उपनल कार्यालय के निकट स्थापित हैंडलूम स्टोर का भी निरीक्षण किया और वीर नारियों द्वारा तैयार उत्पादों का अवलोकन किया।
इस दौरान उपनल के प्रबंध निदेशक बिग्रेडियर (सेनि) जेएनएस बिष्ट सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
देहरादून-मसूरी और हल्द्वानी-नैनीताल रूट पर चलेंगे टैम्पो ट्रेवलर वाहन, यात्री सेवा होगी और बेहतर
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय से आयोजित एक समारोह में उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा संचालित की जा रही 20 नई वातानुकूलित यूटीसी मिनी (टैम्पो ट्रेवलर) का फ्लैग ऑफ किया। इनमें से 10 टैम्पो ट्रेवलर वाहन देहरादून-मसूरी और 10 टैम्पो ट्रेवलर वाहन हल्द्वानी नैनीताल रूट पर चलेंगे। इससे नैनीताल- हल्द्वानी और देहरादून – मसूरी के बीच जाम की समस्या में भी कमी आयेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल सफल रही तो, इस तरह की सेवाओं की संख्या और बढ़ाई जायेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैम्प कार्यालय से जीटीसी हेलीपैड तक टैम्पो ट्रेवलर से सफर भी किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वातानुकुलित टैम्पो ट्रैवलर राज्य के परिवहन तंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होंगे। इनसे यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और किफायती यात्रा की सुविधा मिल सकेगी तथा प्रदेश की आर्थिक और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के प्रत्येक क्षेत्र को बेहतर सड़क नेटवर्क और विश्वसनीय परिवहन सेवाओं से जोड़ा जाए। आज डिजिटल टिकटिंग, ऑनलाइन बुकिंग, ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सेवाओं द्वारा परिवहन विभाग जनता को सुलभ यात्रा उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड परिवहन निगम को मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप लगातार तीन वर्षों से परिवहन निगम मुनाफे में हैै।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन निगम के बस बेड़े में जल्द ही इलेक्ट्रिक बसों का भी समावेश किया जायेगा, जिसके लिए बसों की खरीद की प्रक्रिया गतिमान है। सरकार ने अपने कर्मचारियों और चालक-परिचालकों की कई समस्याओं का समाधान किया है। डीए में बढ़ोतरी करना हो, 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करना हो या निगम में भर्तियों के माध्यम से मानव संसाधन बढ़ाना हो, पूरी प्रतिबद्धता के साथ उनके कल्याण के लिए कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, प्रमुख सचिव एवं अध्यक्ष उत्तराखण्ड परिवहन निगम एल. फैनई, एमडी परिवहन निगम श्रीमती रीना जोशी और परिवहन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
गढ़ी कैंट, देहरादून में सीएम धामी ने भूतपूर्व सैनिकों से राज्य के विकास और पर्यावरण संरक्षण पर की चर्चा
जबरन धर्मान्तरण व डेमोग्राफ़िक चेंज पर हमारी सरकार के प्रयासों के साथ जन सहयोग एवं कानूनी रूप से शिकायत हेतु जन जागरूकता भी आवश्यक- सीएम धामी
देहरादून। सीएम धामी ने कहा कि जबरन धर्मान्तरण व डेमोग्राफ़िक चेंज पर हमारी सरकार के प्रयासों के साथ जन सहयोग एवं कानूनी रूप से शिकायत हेतु जन जागरूकता भी आवश्यक है| मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने सख्त दंगा विरोधी कानून लागू करने के साथ, भूमि अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्यवाही व यूसीसी जैसा साहसिक कदम उठाये लेकिन सरकार के इन साहसिक प्रयासों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु व्यापक जनसहयोग की अपेक्षा है|
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट, देहरादून में आयोजित ” विकसित भारत @2047 सामूहिक संवाद- पूर्व सैनिकों के साथ” कार्यक्रम में प्रतिभाग किया | कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के सम्रग विकास के लिए उपस्थित भूतपूर्व सैनिकों से बातचीत की एवं उनके सुझाव लिये |
राष्ट्र-प्रहरी के साथ पर्यावरण प्रहरी भी बने भूतपूर्व सैनिक- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन विभाग को हर डिवीज़न मे 1000 पेड़ लगाने के निर्देश दिए गए हैं | मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ समय पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में ‘’एक पेड़ अपनी मां के नाम’’ अभियान की शुरुआत की है। आज के इस अवसर पर मैं, आप सभी से इस अभियान में भागेदारी निभाने का आह्वान करता हूं क्योंकि आप सभी राष्ट्र-प्रहरी होने के साथ – साथ हमारे पर्यावरण के भी रक्षक हैं। आप जहां भी पेड़ लगाएंगे उसके फलने फूलने की गारंटी भी सदा रहेगी, क्योंकि आप एक सैनिक होने के नाते हमेशा उसका ख्याल भी रखेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मे गत दो माह मे आने वाले पर्यटको की संख्या 38 लाख से अधिक हो गई हैं | प्रधानमंत्री के प्रयासों व सहयोग से राज्य मे शीतकालीन यात्रा एवं आदि कैलाश यात्रा को नई गति मिली है | राज्य मे बेरोजगारी दर 4.2 से कम हो गईं हैं जो राष्ट्रीय औसत से कम है| मानसरोवर यात्रा का समय 7 दिन कम हो चुका है |
सैनिको एवं उनके परिजनों के हित हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम में उपस्थित समस्त पूर्व सैनिकों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए कहा कि सैनिको ने वीरता, शौर्य और समर्पण के साथ देश की रक्षा करते हुए अपने जीवन का महत्वपूर्ण कालखंड बिताया है।सैनिको ने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक और कच्छ से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक हर मोर्चे पर तिरंगे के गौरव और मान को बढ़ाने का कार्य किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रदेश देवभूमि के साथ साथ वीरभूमि भी है, क्योंकि हमारे प्रदेश का लगभग हर परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि हमारे वीर सपूतों ने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने में कभी कोई कसर नहीं छोड़ी।
सैनिक परिवार से होने के कारण पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा – सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं, स्वयं भी एक फौजी का बेटा हूं ,मैनें पूर्व सैनिकों एवं उनके परिवार की समस्याओं और चुनौतियों को नजदीक से देखा और समझा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके हृदय में हमेशा शहीदों और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदनशीलता और समर्पण का भाव रहता है। इसलिए हमने ये प्रयास किया है कि यही भाव हमारी सरकार के काम में भी दिखे।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, ले ज ( से नि) ए के सिंह, मे ज( से नि) के एस राणा, क. बीरेंद्र सिंह राणा, ब्रि. नितेश बिष्ट व बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिक मौजूद थे |
किशोरी की मृत्यु का कारण जानना अत्यंत आवश्यक, सभी तथ्यों की गहन जांच कर आरोपियों के विरुद्ध हो कड़ी कार्रवाई : कुसुम कण्डवाल
देहरादून: डोईवाला क्षेत्र के कुड़कावाला में कल शाम 5 जुलाई को एक दर्दनाक और रहस्यमय घटना, सुसवा नदी के पास स्थित एक क्रेशर में एक नाबालिग कूड़ा बीनने वाली लड़की ने कथित रूप से फांसी लगाकर मृत्यु के मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने त्वरित संज्ञान लिया। कल शाम मामले की जानकारी मिलते ही अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने डोईवाला एसओ से फोन पर घटना में गंभीरता से कार्रवाई व सभी संदिग्धो को कार्रवाई के घेरे में लेने के निर्देश दिए थे।
आज अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने सुसवा नदी किनारे स्थित क्रेशर पर पहुंच कर जानकारी ली तथा डोईवाला थाने में पहुँची। उन्होंने मामले में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जया बलूनी से फोन पर वार्ता करते हुए मामले के अत्यन्त गंभीर होने पर घटना में कड़ी कार्रवाई के लिए कहा साथ ही अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा कि किसी भी बच्ची या किशोरी को इस प्रकार से बंधक बनाना भी गंभीर विषय है, कहीं इसमें कोई अन्य सजिश न हो इस मामले में गंभीरता से गहन जांच होनी चाहिए तथा सभी तथ्यों व सबूतों के आधार पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत दुःखद है, किशोरी द्वारा इस प्रकार बेहद दर्दनाक कदम का उठाना बहुत चिंता का विषय है, मामले में कोई भी ढिलाई न बरती जाए, साथ ही मृतक किशोरी की पोस्टमार्टम/ मेडिकल रिपोर्ट तथा घटना स्थल की फोरेंसिक जांच की रिपोर्ट की जांच के आधार पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
वहीं उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग मामले की जांच इत्यादि की रिपोर्ट भी पुलिस अधिकारियों से मांगेगा। किसी भी किशोरी या युवती से गलत दुर्घटना या जघन्य अपराध आयोग बर्दाश्त नही करेगा।
उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल से फोन पर वार्ता करते हुए मामले में बात की और इस घटना पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा, ताकि कोई भी मामले को या उसकी जांच को प्रभावित न कर सके।
इस दौरान राजेन्द्र तड़ियाल सहित अन्य सामाजिक लोग उपस्थित रहे।
