‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान के तहत हरिद्वार में जनसुनवाई; वेतन रोकने वाले निजी अस्पताल प्रबंधन को चिकित्सकों की सैलरी जारी करने के निर्देश
महिला आयोग को कोई हल्के में न ले, निर्देशों पर लापरवाही हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई — कुसुम कंडवाल
कागजी कार्रवाई नहीं, धरातल पर न्याय चाहिए; पीड़ित महिलाओं की फाइलों का प्राथमिकता से करें निस्तारण- कुसुम कंडवाल
हरिद्वार। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के तीसरे दिन आज जनपद हरिद्वार के जिलाधिकारी सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक विशाल जनसुनवाई का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोग की सदस्य विमला नैथानी और कमला जोशी की गरिमामयी उपस्थिति रही। जनसुनवाई के दौरान कुल 18 फरियादियों ने अपनी समस्याओं को आयोग के सम्मुख रखा, जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि चार गंभीर प्रकरणों को आगामी कार्यवाही हेतु आयोग मुख्यालय देहरादून प्रेषित किया गया। इस दौरान निजी अस्पताल(मेट्रो हॉस्पिटल) हरिद्वार में कार्यरत दो महिला चिकित्सकों ने अपना दुख साझा करते हुए बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा पिछले एक वर्ष और नौ महीनों से उनका वेतन रोका गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने अस्पताल प्रबंधन समिति को कड़ा निर्देश जारी किया कि वे 16 मार्च को आयोग में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हों और एक हफ्ते के भीतर दोनों महिला चिकित्सकों का बकाया वेतन, चेक के माध्यम से प्रदान करें।
जनसुनवाई में अन्य गंभीर प्रकरण भी सामने आए, जिनमें एक महिला ने अपने पति के अतिरिक्त संबंधों और दहेज उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई। अध्यक्ष ने इस मामले में तत्काल जांच के आदेश देते हुए दोनों पक्षों को आयोग में तलब किया है। वहीं, एक अनपढ़ विधवा महिला द्वारा अपने जेठ पर संपत्ति हड़पने और हक न देने के आरोप पर अध्यक्ष ने जिलाधिकारी हरिद्वार को निर्देशित किया कि पीड़िता को उसके हिस्से का कब्जा दिलाने हेतु उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मनसा देवी मंदिर मार्ग पर दुकान हटाए जाने से प्रभावित निर्धन महिलाओं की आजीविका के प्रश्न पर अध्यक्ष ने नगर आयुक्त नगर निगम हरिद्वार को स्पष्ट निर्देश दिए कि इन महिलाओं को जीवन यापन के लिए उचित स्थान पर दुकान उपलब्ध कराई जाए। इसके अतिरिक्त, आयोग द्वारा एक पीड़िता को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क अधिवक्ता भी उपलब्ध कराया गया और सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों पर नोडल अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।
सुनवाई के दौरान अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में हिदायत दी कि महिला आयोग के निर्देशों को कोई भी विभाग हल्के में न ले। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग आयोग द्वारा भेजे गए पत्रों पर समयबद्ध तरीके से जांच रिपोर्ट प्रेषित करें और यदि कोई महिला कर्मचारी अपने विभाग की आईसीसी (ICC) कमेटी की जांच से संतुष्ट नहीं है, तो उसकी पुनः निष्पक्ष जांच कराई जाए। सभी विभाग पॉश (POSH) से संबंधित कार्यशालाएं अपने विभागों में अवश्य कराएं। अध्यक्ष ने सभी को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनसुनवाई में वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा के दौरान प्रशासिका द्वारा बताया गया कि इस वर्ष 490 पंजीकृत मामलों में से 488 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक वरीयता के क्रम में मुख्य विकास अधिकारी एल.एन. मिश्रा, एसपी क्राइम निशा यादव, सदस्य सचिव महिला आयोग उर्वशी चौहान, परियोजना निदेशक नलनीत घिल्डियाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी एन.के. हल्दियानी, पुलिस क्षेत्राधिकारी एस.पी. बलूनी, जिला विकास अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी अविनाश भदोरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मवीर सिंह, विधि अधिकारी दयाराम सिंह और लेबर इंस्पेक्टर उपस्थित रहे। इसके साथ ही अध्यक्ष महिला आयोग के निजी सचिव आधार वर्मा सहित वन, पर्यटन, विद्युत एवं अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
प्रेम नगर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन
देहरादून। प्रदेश में लगातार बढ़ती रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की कीमतों के विरोध में यूथ कांग्रेस ने कैंट विधानसभा क्षेत्र के प्रेमनगर चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया।
यह प्रदर्शन यूथ कांग्रेस नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर महंगाई के खिलाफ आवाज बुलंद की।
इस अवसर पर रितेश छेत्री ने कहा कि भाजपा सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, लेकिन सरकार को जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। उन्होंने कहा कि रसोई गैस की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सबसे अधिक असर महिलाओं और गृहस्थी चलाने वाले परिवारों पर पड़ रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन लागत पर पड़ता है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ जाती हैं और महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। इस मौके पर व्यापार मंडल नेता राजेश शर्मा ने कहा कि बढ़ती महंगाई का सीधा असर छोटे व्यापारियों और दुकानदारों पर पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ जाती है, जिसका बोझ अंततः व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों को उठाना पड़ता है।
व्यापार मंडल नेता राजीव पुंज ने कहा कि महंगाई के कारण बाजार की रौनक कम होती जा रही है और व्यापार पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ रहा है। यदि इसी तरह कीमतें बढ़ती रहीं तो छोटे व्यापारियों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। यूथ कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता की आवाज को दबाने की किसी भी कोशिश का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया जाएगा।
इस प्रदर्शन में संजय शर्मा, लाल चंद शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, संगीता गुप्ता, दीवान सिंह बिष्ट, पिया थापा, आशीष देसाई, कैलाश बाल्मीकि, अनिल बस्नेत, विनय शर्मा, अनूप शर्मा, सुखपाल गांधी, अशोक गुप्ता, हेली, कुलदीप नरूला, हरदीप, इशू, मयंक, सोनू बिष्ट, पीयूष जोशी, प्रियांशु गौड़, वंश सूद सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी
देहरादून/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट द्वारा ₹8.69 लाख करोड़ की लागत से ‘जल जीवन मिशन 2.0’ को मंजूरी दिए जाने वाले निर्णय का स्वागत करते हुए सांसद हरिद्वार एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इसे ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताया है।
हरिद्वार सांसद रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गांव, गरीब और किसानों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर ऐतिहासिक कदम उठा रही है। जल जीवन मिशन 2.0 के माध्यम से उत्तराखंड सहित देश के 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक हर घर नल से जल की सुविधा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस योजना से न केवल स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, बल्कि जल सेवाओं के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी, पारदर्शी और टिकाऊ बनाया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, स्वच्छता और जीवन गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा तथा महिलाओं और बच्चों को विशेष रूप से लाभ मिलेगा।
सांसद रावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा है और यह निर्णय उस दिशा में एक और बड़ा कदम है।
उन्होंने इस जनहितैषी और दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का हार्दिक आभार व्यक्त किया।
धामदेवल चिकित्सालय का नाम वीर सैनिक मोहन सिंह महारा के नाम पर रखने की मांग की
भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। बजट विधानसभा सत्र–2026 के दौरान जनपद अल्मोड़ा के विकासखण्ड चौखुटिया से आए जनमानस कल्याण समिति धामदेवल के पदाधिकारियों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र से जुड़े विभिन्न विषयों को सैनिक कल्याण मंत्री जोशी के समक्ष रखा।
पदाधिकारियों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आग्रह किया कि चौखुटिया विकासखण्ड के अंतर्गत ग्राम सभा हाट-झला के मध्य स्थित राजकीय एलोपैथिक चिकित्सालय धामदेवल का नाम वर्ष 1971 के युद्ध के वीर सैनिक मोहन सिंह महारा के नाम पर रखा जाए। इसके साथ ही क्षेत्र में शहीद स्वतंत्रता सेनानी स्थल के निर्माण की भी मांग की गई, ताकि आने वाली पीढ़ियां देश के वीरों के बलिदान से प्रेरणा ले सकें।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए उन्हें सकारात्मक आश्वासन दिया और कहा कि इस संबंध में शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हमेशा से सैनिकों और पूर्व सैनिकों के सम्मान एवं कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व सैनिक रघुवर दत्त, महासचिव प्रताप सहित अन्य पूर्व सैनिक भी उपस्थित रहे।
सीएम धामी ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं का लिया फीडबैक
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में प्रातःकालीन भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनसे आत्मीय संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पूर्व ग्राम प्रधान चंद्र सिंह के प्रतिष्ठान पर रुके और चाय की चुस्कियों के साथ क्षेत्र के लोगों से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं को लेकर फीडबैक भी लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य पहाड़ी क्षेत्रों का संतुलित और सुनियोजित विकास करना है। उन्होंने बताया कि सरकार इकोलॉजी और इकॉनमी के बेहतर समन्वय के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है, ताकि पहाड़ों में रहने वाले लोगों को सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का सकारात्मक असर भी दिखाई दे रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के अच्छे परिणाम को दर्शाते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार प्रदेश के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार काम कर रही है।
बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध – बंशीधर तिवारी
देहरादून- मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान को तेज करते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने धौरण रोड पर अवैध रूप से निर्मित एवं संचालित “हेल्पिंग हेल्थ” नामक हॉस्पिटल पर सीलिंग की कार्रवाई की। जानकारी के अनुसार कुश ऐरन द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र और आवश्यक अनुमति के उक्त निर्माण किया गया था। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में भी संबंधित को नियमों के अनुरूप निर्माण करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन संतोषजनक जवाब और वैध दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के कारण यह कार्रवाई की गई। सीलिंग की इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता शैलेन्द्र सिंह रावत, अवर अभियंता एवं सुपरवाइजर सहित प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही।
इसके अतिरिक्त उपाध्यक्ष के निर्देशों के क्रम में आज एमडीडीए की प्रवर्तन टीम द्वारा पछवादून क्षेत्र के विकासनगर के विभिन्न सेक्टरों में संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान क्षेत्र में हो रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की मौके पर जांच की गई और निर्माणकर्ताओं से मानचित्र स्वीकृति सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की गई। जिन निर्माणकर्ताओं द्वारा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए या संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, उन्हें चिन्हित करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की रणनीति तैयार की जा रही है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अवैध निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृति या निर्धारित मानकों का पालन किए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण करना पूरी तरह अवैध है और ऐसे मामलों में प्राधिकरण नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा। उन्होंने आम जनता और निर्माणकर्ताओं से अपील की कि किसी भी निर्माण कार्य को शुरू करने से पहले प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें। तिवारी ने कहा कि अवैध निर्माण न केवल शहर की नियोजित विकास व्यवस्था को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में जनसुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। इसलिए एमडीडीए द्वारा लगातार निगरानी और प्रवर्तन कार्रवाई की जा रही है।
सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम द्वारा नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिन निर्माण स्थलों पर मानचित्र स्वीकृति या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं पाए जाते हैं, उन्हें चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि विकासनगर सहित पछवादून क्षेत्र में किए गए निरीक्षण में कुछ निर्माणों को चिन्हित किया गया है, जिनके विरुद्ध जल्द ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संस्कृति मंत्री ने सदन को बताया कि यात्रा को सुगम व सुव्यवस्थित बनाने के लिए चल रही हैं तैयारियां
गैरसैंण। प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण एवं जलागम मंत्री सतपाल महाराज ने भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा के प्रथम सत्र 2026 के दूसरे दिन सदन में विधान सभा सदस्य बृजभूषण गैराला द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में कहा कि हिमायली कुंभ के नाम से प्रसिद्ध श्री नंदादेवी राजयात्रा जिसका प्रत्येक 12 वर्ष में आयोजन होता है। उससे सम्बन्धित सभी तैयारियां विभिन्न स्तरों से की जा रही हैं।
धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने सदन को बताया कि नदादेवी राजजात यात्रा को सुगम व सुव्यवस्थित बनाने के लिए मुख्य विकास अधिकारी चमोली को यात्रा अधिकारी नामित किया गया है। जिलाधिकारी चमोली द्वारा नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों हेतु प्रभागीय वनाधिकारी बद्रीनाथ वन प्रभाग गोपेश्वर तथा उप जिलाधिकारी चमोली, कर्णप्रयाग एवं थराली को जोनल मजिस्ट्रेट नामित किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पड़ाव के लिए भी पड़ाव अधिकारियों की तैनाती कर दी गई है।
महाराज ने पूछे गये प्रश्न के उत्तर में सदन को यह भी बताया कि नन्दादेवी राजजात यात्रा के लिए वर्तमान तक सम्बन्धित विभिन्न विभागों द्वारा 48 कार्यों हेतु कुल रू0 109.65 करोड़ (रू० एक सौ नौ करोड़ पैंसठ लाख मात्र) की धनराशि स्वीकृत की गयी है। जिसके क्रम में सम्बन्धित विभागों द्वारा अपने स्तर से कार्य करवाये जा रहे हैं।
इसके अतिरिक्त पर्यटन विभाग, उत्तराखण्ड शासन के पत्र 19 अक्टूबर 2025 द्वारा भी नन्दादेवी राजजात यात्रा की तैयारियों के अन्तर्गत विभिन्न आवश्यक लघु प्रकृति के कार्यों के शीघ्र सम्पादन हेतु जिलाधिकारी चमोली को रू0 20.00 करोड़ (रू० बीस करोड मात्र) की धनराशि निर्गत की गयी है। जिसके सापेक्ष आस्था पथ से लेकर विभिन्न यात्रा पड़ावों में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा एवं अन्य व्यवस्थाओं हेतु सम्बन्धित विभागों द्वारा अपने स्तर से कार्यवाही की जा रही हैं।
योजनाओं की ग्राउंड लेवल पर हो मॉनिटरिंग; पात्र महिलाओं को मिले सरकारी लाभ- कुसुम कंडवाल
पौड़ी में महिला आयोग की जनसुनवाई में 18 मामलों पर हुई कार्रवाई; महिला प्रधानाचार्य के जबरन उत्पीड़न पर खंड शिक्षा अधिकारी के ट्रांसफर के आदेश
शराब पीकर अभद्र व्यवहार करने वाले नर्सिंग अधिकारी पर गिरी गाज; अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने स्पष्टीकरण और स्थानांतरण के दिए निर्देश
पौड़ी गढ़वाल। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान ‘महिला आयोग आपके द्वार’ के दूसरे दिन आज जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास भवन सभागार में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय जनसुनवाई आयोजित की गई। इस विशेष सत्र के दौरान कुल 18 गंभीर प्रकरणों पर विस्तार से सुनवाई की गई,जिसमें से 13 लिखित प्रार्थना पत्र व 5 टेलीफोनिक शिकायतों को सुना गया।
जिनमें से कई संवेदनशील मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों को आगामी कार्रवाई हेतु आयोग में समन के माध्यम से सूचीबद्ध किया गया और कुछ मामलों को त्वरित प्रशासनिक समाधान हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।
जनसुनवाई के दौरान शिक्षा विभाग की एक महिला प्रधानाचार्य द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी पर मानसिक उत्पीड़न और वेतन बाधित करने के आरोपों पर कड़ा संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने जिलाधिकारी स्तर पर जाँच कमेटी गठित करने और आरोपी अधिकारी के तत्काल स्थानांतरण के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिए। इसी क्रम में, यमकेश्वर क्षेत्र से प्राप्त फोटो वायरल करने की शिकायत और पुलिस की शिथिलता पर नाराजगी जताते हुए अध्यक्ष ने उपस्थित पुलिस क्षेत्राधिकारी को दोषियों के विरुद्ध अविलंब मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई के आदेश दिए। वहीं, सीएचसी पाबो में तैनात एक नर्सिंग अधिकारी द्वारा सहकर्मी रोहित रावत पर शराब पीकर अभद्र व्यवहार और सोशल मीडिया पर बदतमीजी करने की शिकायत पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को तत्काल स्पष्टीकरण व स्थानांतरण सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही, 53 वर्षीय पीड़िता मंजू देवी का ई-श्रम कार्ड न बनने की समस्या का मौके पर ही समाधान कराते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान वन स्टॉप सेंटर की समीक्षा में पाया गया कि अप्रैल 2025 से अब तक 540 पंजीकृत मामलों में से 460 का सफल निस्तारण किया जा चुका है।
अंत में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कुसुम कंडवाल ने स्पष्ट किया कि सभी विभागों में ICC कमेटी का नियमित गठन अनिवार्य है। उन्होंने संवेदनशील भाव से कहा कि महिलाएं कार्यस्थल और घर की दोहरी जिम्मेदारी निभाती हैं, अतः उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जनसुनवाई के इस अवसर पर परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास विवेक उपाध्याय, संयुक मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी, पौड़ी जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक रंजीत नेगी, पुलिस क्षेत्राधिकारी सदर पौड़ी तुषार बोरा, विधि अधिकारी महिला आयोग दयाराम सिंह, कमल किशोर रावत, सुषमा रावत, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, प्रोबेशन अधिकारी अरविंद कुमार, निजी सचिव अध्यक्ष, महिला आयोग आधार वर्मा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिवक्ता, सहित विभिन्न विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
अग्निवीरों के भविष्य की सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी- मुख्यमंत्री
गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को भराड़ीसैंण में अग्निवीर सैनिकों के रूप में भर्ती होने वाले कैडेट्स के साथ संवाद किया। संवाद के दौरान कैडेट्स ने मुख्यमंत्री से विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका मुख्यमंत्री ने सहजता से उत्तर दिया।
संवाद के दौरान शंकर सिंह राणा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सैनिक पुत्र होने के कारण आपने सैनिकों के जीवन और गतिविधियों को नजदीक से देखा है, क्या आपका मन सेना में जाने का नहीं हुआ? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना में जाना अन्य सेवाओं की अपेक्षा अत्यंत सम्माननीय माना जाता है। उन्होंने कहा कि वे अपने जीवन को भी एक सैनिक के जीवन की तरह अनुशासित और समर्पित मानकर कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि अपने पिताजी के साथ रहते हुए उन्होंने सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को करीब से देखा है। जिस प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ हमारे सैनिक अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, उसी भावना से वे प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में उत्तराखण्ड की देवतुल्य जनता की सेवा करने का प्रयास करते हैं।
हिमांशु रौतेला ने प्रश्न किया कि प्रदेश के मुखिया होने के नाते आप अपने परिवार को कैसे समय दे पाते हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई व्यक्ति राजनीतिक और सामाजिक जीवन में सक्रिय होता है तो उसकी जिम्मेदारियां बहुत बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मुख्य सेवक के रूप में प्रदेश के सभी लोग उनका परिवार हैं और सभी गांव उनके अपने गांव हैं।
ओ.पी. कण्डारी ने पूछा कि जब हम अग्निवीर के रूप में अपनी सेवा पूरी कर वापस आएंगे, उसके बाद सरकार हमारे रोजगार के लिए क्या व्यवस्था कर रही है? मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने वर्दीधारी पदों पर अग्निवीरों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की है। इसके अतिरिक्त केन्द्र सरकार द्वारा भी अनेक क्षेत्रों में अग्निवीरों को अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हर अग्निवीर के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
रितेश पंवार ने मुख्यमंत्री से पूछा कि आपकी पहचान “धाकड़ धामी” के रूप में क्यों बनी? मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का व्यवहार जनता के साथ सदैव सौम्य होना चाहिए। हालांकि राज्यहित और जनहित में कई बार कठोर और साहसिक निर्णय लेने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है तथा दंगा रोधी कानून भी लागू किया गया है। पिछले चार वर्षों में राज्य सरकार ने जन अपेक्षाओं और प्रदेशहित में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।
अमन सेमवाल ने पूछा कि आपके चेहरे पर हमेशा मुस्कान का क्या राज है? मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें कार्य करने की ऊर्जा और प्रेरणा प्रदेश की जनता के आशीर्वाद से मिलती है। उन्होंने कहा कि सरकार जन अपेक्षाओं के अनुरूप प्रदेश के समग्र विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है और आज अनेक क्षेत्रों में उत्तराखण्ड देश में अग्रणी स्थान पर है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनभावनाओं के अनुरूप राज्य के विकास को नई गति देने के लिए पूरे संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे सैनिक सीमांत और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कठिन परिस्थितियों में देश की सेवा करते हैं। देवभूमि उत्तराखण्ड की विशेषता है कि यहां लगभग हर परिवार से कोई न कोई सदस्य सेना या अर्द्धसैन्य बलों में सेवाएं दे रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना तेजी से आत्मनिर्भर बन रही है। रक्षा क्षेत्र में भारत का निर्यात भी लगातार बढ़ रहा है और भारतीय सेना वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और सक्षम सेना के रूप में स्थापित हुई है। सेना में निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सैनिकों और पूर्व सैनिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। देहरादून में भव्य सैन्यधाम का निर्माण किया जा रहा है, जिसमें राज्य के वीर बलिदानियों की गौरवगाथाएं और स्मृतियां संजोई जाएंगी। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों को अपने अभिभावक के रूप में देखते हैं।
इस अवसर पर यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल अजय कोठियाल (सेनि.), पूर्व सैनिकगण तथा अग्निवीर उपस्थित थे।
होटल-ढाबों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलेंडर
देहरादून। देहरादून में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई में आई रुकावट के कारण शहर में करीब दो दिन का बैकलॉग बन गया है। हालात को देखते हुए फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके।
जानकारी के मुताबिक गैस आपूर्ति में व्यवधान के चलते कई इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपने बुक किए गए सिलिंडरों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला नंबर भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल केवल आवश्यक सेवाओं तक सीमित रखी जाए। इसके तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरी व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
इस निर्णय के चलते फिलहाल शहर के होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिल पाएंगे। इससे व्यापारियों और होटल कारोबारियों को परेशानी होने की संभावना जताई जा रही है।
गैस एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही बैकलॉग खत्म होगा, शहर में गैस की नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से गैस सिलिंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।
