पौड़ी। मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गयी। बैठक में कूड़ा निस्तारण तथा स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।
मंगलवार को आयोजित बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने फूलचट्टी सेवा आश्रम क्षेत्र से प्राप्त शिकायतों का संज्ञान लेते हुए संबंधित स्नान घाटों एवं आसपास के क्षेत्रों में गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध चेतावनी बोर्ड लगाने तथा आवश्यकतानुसार चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गयी कि नगर निगम श्रीनगर में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) हेतु भूमि उपलब्ध हो गयी है। स्वर्गाश्रम क्षेत्र में केएलडी जनवरी माह के अंत तक तथा नीलकंठ क्षेत्र में निर्माणाधीन केएलडी मार्च माह तक प्रारंभ कर दिया जाएगा। पौड़ी में श्रीनगर मार्ग पर लीगेसी वेस्ट निस्तारण को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, जिस पर नगर पालिका पौड़ी को ठोस अपशिष्ट निस्तारण के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। वहीं कोटद्वार में एसटीपी का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी नगर निगम, नगर पालिका एवं नगर पंचायतों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने क्षेत्र से संबंधित कूड़ा निस्तारण का डाटा पेयजल निगम श्रीनगर को उपलब्ध कराएं, ताकि प्रभावी एक्शन प्लान तैयार किया जा सके। उन्होंने कूड़ा उठान वाहनों के मार्ग निर्धारण, कार्ययोजना निर्माण तथा सूखे-गीले कूड़े के पृथक्करण हेतु जन-जागरुकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अब तक की गई कार्यवाही की अनुपालन आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने करने के निर्देश दिए।
बैठक में एसडीओ वन आयशा बिष्ट, जिला पर्यटन विकास अधिकारी खुशाल सिंह नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की लोकप्रिय मंत्री रेखा आर्या के खिलाफ उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी पर BJP कार्यकर्ताओं ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को शिकायत सौंपी हैं। शिकायत में गोदियाल के खिलाफ कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया कि 4 और 6 जनवरी 2026 को गणेश गोदियाल ने फेसबुक और सार्वजनिक मंचों पर मंत्री रेखा आर्या के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।
इसे लोकप्रिय दलित महिला मंत्री की छवि खराब करने का सोची-समझी साजिश करार देते हुए इसे महिला और दलित विरोधी बयान बताया गया है।
शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी निंदनीय और असहनीय है, जो पूरे प्रदेश में दलितों, महिलाओं और आम जनमानस में रोष पैदा कर रही है। अन्य राज्यों में भी इसकी घोर निंदा हो रही है।

शिकायत में ऑडियो, वीडियो पेन ड्राइव और फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट संलग्न किए गए हैं। यह 12 जनवरी 2026 को SSP देहरादून को सौंपी गई, जिसकी प्रति थाना कैंट के प्रभारी निरीक्षक को भी भेजी गई है।
शिकायत पर हस्ताक्षर करने वालों में गजराज सिंह भाकुनी, भुवन जोशी, दीपक आर्या, भूपाल सिंह मेहरा, तुषार गर्ग, वदना आर्या और मीनाक्षी आर्या शामिल हैं।
BJP कार्यकर्ताओं ने गोदियाल के बयान को उनकी महिला-दलित विरोधी मानसिकता का परिचय बताते हुए SSP से तत्काल मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की अपील की है।
इसके साथ ही गणेश गोदियाल के खिलाफ विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर में मंत्री रेखा आर्य के समर्थकों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौराहे पर कांग्रेस व गणेश गोदियाल का पुतला फूंक कर गोदियाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है, साथ ही कहा कि विकास की सोच रखने वाली बीजेपी की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या प्रदेश में लोकप्रिय और जनप्रिय होती जा रही हैं, जिससे कांग्रेस को यह समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करें और कांग्रेस के नेता अनाप-शनाप बाते व अभद्र टिप्पणी कर रहे हैं I साथ ही कहा कि कांग्रेस के पास विकास की कोई सोच नहीं है कांग्रेस ने सिर्फ देश को लूटा है और यह अभद्र टिप्पणी इनकी सोच का परिचायक हैI
देहरादून। प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका निस्तारण किया।
प्रदेश के पर्यटन, लोक निर्माण, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को सुभाष रोड़ स्थित अपने कैम्प कार्यालय में जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका निस्तारण कर दूरभाष पर विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
अक्सर लोग रात में नींद खुलने को मामूली परेशानी मानकर टाल देते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह आदत शरीर की गंभीर गड़बड़ियों की ओर इशारा कर सकती है। लगातार बाधित नींद न सिर्फ दिनभर की थकान बढ़ाती है, बल्कि लंबे समय में यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। चिकित्सा भाषा में बार-बार नींद टूटने की स्थिति को स्लीप फ्रैगमेंटेशन कहा जाता है, जिसे नजरअंदाज करना जोखिम भरा साबित हो सकता है।
क्यों बार-बार टूटती है नींद
रात में नींद बार-बार खुलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सबसे गंभीर कारणों में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया शामिल है, जिसमें सोते समय सांस लेने में रुकावट आती है। इससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर गिरता है और दिमाग आपको जगा देता है। तेज खर्राटे, अचानक सांस घुटने का अहसास या हांफते हुए नींद खुलना इसके प्रमुख लक्षण माने जाते हैं।
दिल और शुगर पर पड़ता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, गहरी नींद की कमी का सीधा असर हृदय पर पड़ता है। बार-बार नींद टूटने से तनाव हार्मोन बढ़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन में गड़बड़ी का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे डायबिटीज का जोखिम बढ़ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी ब्लड शुगर असंतुलन का संकेत हो सकता है।
मानसिक तनाव भी बड़ी वजह
मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद भी नींद की गुणवत्ता को खराब करते हैं। इसके अलावा रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम जैसी समस्या में सोते समय पैरों में बेचैनी, झुनझुनी या खिंचाव महसूस होता है, जिससे नींद बार-बार टूट जाती है। यह परेशानी अक्सर आयरन की कमी या नसों से जुड़ी समस्याओं से संबंधित होती है।
कब हो जाएं सतर्क
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यदि दो हफ्ते या उससे अधिक समय तक रात में नींद बार-बार टूट रही है, तो इसे चेतावनी संकेत मानना चाहिए। समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
बेहतर नींद के लिए जरूरी कदम
अच्छी नींद के लिए नियमित सोने-जागने का समय तय करें, सोने से पहले मोबाइल और स्क्रीन से दूरी बनाएं और तनाव कम करने की कोशिश करें। यदि समस्या बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर स्लीप स्टडी कराना फायदेमंद हो सकता है।
नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
(साभार)
विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश
देहरादून। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैम्प कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ प्रदेश में बारिश न होने से फसलों को नुकसान हो रहे नुकसान की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय मंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश में बारिश न होने के कारण फसलों को हो रहे नुकसान की दृष्टिगत शीघ्र सर्वे कर बारिश न होने से हुए नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
कृषि मंत्री ने कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से इंटीग्रेटेड पैक हाउस निर्माण एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश के 93 राजकीय उद्यानों को पुनर्जीवित (रिवाइब) करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इन उद्यानों को आय सृजन से जोड़ने के लिए ठोस प्रयास किए जाएं। साथ ही जायका परियोजना, कीवी मिशन, एप्पल मिशन और ड्रैगन फ्रूट मिशन के लिए स्पष्ट एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर योजनाबद्ध ढंग से कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मंत्री जोशी ने केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
इस अवसर पर सचिव कृषि डा0 एसएन पांडे, उद्यान निदेशक सुंदर लाल सेमवाल, कैप निदेशक डॉ. नृपेंद्र चौहान, बागवानी मिशन निदेशक महेंद्र पाल, कृषि उपनिदेशक अजय वर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
भालू के हमले से घायल महिला देहरादून रेफर, क्षेत्र में वन विभाग की टीम तैनात
बड़कोट। बड़कोट क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की एक और घटना सामने आई है। जंगल से सटे इलाके में काम कर रही एक महिला पर भालू ने अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और ग्रामीणों की मदद से घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट पहुंचाया गया।
वन विभाग के अनुसार, रवांई रेंज के अंतर्गत अपर वन प्रभाग बड़कोट के क्षेत्र नोनीयाली तोक में यह घटना घटी। घायल महिला की पहचान अमरा देवी पत्नी गजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम बड़कोट के रूप में हुई है। भालू के हमले में महिला को सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों की सलाह पर महिला को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है।
वन विभाग की टीम घटना के बाद से ही क्षेत्र में तैनात है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। वहीं, सीएचसी बड़कोट के प्रभारी चिकित्सक डॉ. अंगद सिंह राणा ने बताया कि महिला की हालत को देखते हुए एहतियातन उसे देहरादून रेफर किया गया है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोहड़ी के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि लोहड़ी का पर्व हर्ष, उल्लास और परंपराओं का प्रतीक है, जो समाज में भाईचारे और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कामना की कि यह पर्व सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, आरोग्यता और नई ऊर्जा लेकर आए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोकपर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आपसी सौहार्द को भी मजबूत करते हैं।
सिटी फॉरेस्ट पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने की दिशा में एमडीडीए का बड़ा कदम
सिटी फॉरेस्ट पार्क में सुरक्षा, सुविधा और संरक्षण पर एमडीडीए का फोकस, उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में लिए गए अहम फैसले
समीक्षा बैठक में सीसीटीवी और कर्मचारियों की व्यवस्था पर जोर, पार्क प्रबंधन को लेकर तय हुई स्पष्ट कार्ययोजना
देहरादून- मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा सिटी फॉरेस्ट पार्क के बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता को सिटी फॉरेस्ट पार्क परिसर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्क के संचालन, रख-रखाव और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक का उद्देश्य सिटी फॉरेस्ट पार्क को आम नागरिकों, पर्यटकों और प्रकृति प्रेमियों के लिए अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना रहा। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सिटी फॉरेस्ट पार्क न केवल एक हरित क्षेत्र है, बल्कि यह देहरादून शहर की पर्यावरणीय धरोहर भी है, जिसकी सुरक्षा और संवर्धन सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कर्मचारियों की पहचान और उपस्थिति व्यवस्था होगी सुदृढ़
उपाध्यक्ष महोदय ने निर्देश दिए कि पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों के लिए आई-कार्ड अनिवार्य किया जाए, जिससे उनकी पहचान सुनिश्चित हो सके। साथ ही पार्क में कार्यरत सभी कर्मचारियों की बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी। इस संबंध में आईटी अनुभाग को शीघ्र आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था होगी और अधिक मजबूत
बैठक में पार्क की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि पार्किंग क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मी तथा पार्क के भीतर अतिरिक्त माली तैनात किए जाएं, ताकि आगंतुकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके साथ ही रात्रि के समय अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके। पार्क के अंतिम छोर पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए वहां सुरक्षा कर्मियों के लिए एक सिक्योरिटी हट का निर्माण अनिवार्य किया गया है। यह कदम पार्क की सीमाओं की निगरानी और नियंत्रण के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सीसीटीवी और प्रकाश व्यवस्था पर विशेष जोर
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि पूरे पार्क क्षेत्र में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं, ताकि पार्क के हर कोने पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। सीसीटीवी इंस्टॉलेशन का कार्य आईटी अनुभाग द्वारा शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्क के भीतर रात्रि में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी अभियंत्रण अनुभाग को दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा के साथ-साथ आगंतुकों को भी किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आपातकालीन और अग्निशमन व्यवस्थाओं को मिलेगा विस्तार
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पार्क परिसर में आपातकालीन सेवाओं से संबंधित आवश्यक हेल्पलाइन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इसके अतिरिक्त पार्क में अग्निशमन व्यवस्था को अनिवार्य रूप से सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगजनी जैसी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
उपाध्यक्ष महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भविष्य में सिटी फॉरेस्ट पार्क के भीतर किसी भी प्रकार के सिविल या कंक्रीट से संबंधित निर्माण कार्य नहीं किए जाएंगे। यह निर्णय पार्क के प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क का उद्देश्य प्रकृति से जुड़ाव और पर्यावरण संरक्षण है, न कि कंक्रीट संरचनाओं का विस्तार।
प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार
बैठक में पार्क से संबंधित स्टॉक रजिस्टर को व्यवस्थित और अद्यतन रखने के निर्देश भी दिए गए। इससे संसाधनों के उपयोग और रख-रखाव में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। संबंधित अनुभागों को समयबद्ध रूप से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। बैठक के अंत में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। उन्होंने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून की पहचान है और इसे सुरक्षित, स्वच्छ एवं पर्यावरण–अनुकूल बनाए रखना एमडीडीए की सामूहिक जिम्मेदारी है। एमडीडीए द्वारा उठाए गए ये कदम न केवल पार्क की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करेंगे, बल्कि आम जनता को एक सुरक्षित, सुंदर और प्रकृति के करीब अनुभव भी प्रदान करेंगे।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क देहरादून शहर की एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण एमडीडीए की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि पार्क को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पर्यावरण–अनुकूल बनाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीसीटीवी, प्रकाश व्यवस्था, बायोमैट्रिक उपस्थिति और अतिरिक्त सुरक्षा तैनाती जैसे कदम पार्क प्रबंधन में पारदर्शिता और अनुशासन लाएंगे। भविष्य में किसी भी प्रकार का कंक्रीट निर्माण नहीं किया जाएगा, ताकि पार्क का प्राकृतिक स्वरूप और जैव विविधता सुरक्षित रह सके।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि सिटी फॉरेस्ट पार्क में दिए गए सभी निर्देशों का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की पहचान, उपस्थिति प्रणाली, स्टॉक रजिस्टर और सुरक्षा व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के लिए संबंधित अनुभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। पार्क में बेहतर प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना एमडीडीए की प्राथमिकता है।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में सूचना विभाग, उत्तराखंड सरकार द्वारा प्रकाशित नववर्ष 2026 के आधिकारिक कैलेंडर का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कैलेंडर के आकर्षक स्वरूप, उत्कृष्ट मुद्रण गुणवत्ता एवं विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि यह कैलेंडर राज्य सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों तथा जनकल्याणकारी नीतियों के साथ-साथ सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी निर्णयों को प्रभावी ढंग से जनमानस तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सूचना विभाग द्वारा प्रकाशित यह कैलेंडर केवल तिथियों का संकलन नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की विकास यात्रा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता एवं जनसेवा के संकल्प को दर्शाने वाला महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कैलेंडर के माध्यम से राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों को एक सुसंगठित एवं रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो आमजन के लिए जानकारीपूर्ण एवं प्रेरणादायी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने सूचना विभाग की टीम को इस उत्कृष्ट प्रकाशन के लिए बधाई देते हुए कहा कि विभाग ने सदैव सरकार और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाई है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि भविष्य में भी सूचना विभाग नवीन तकनीकों, रचनात्मक सोच और नवाचार के साथ जनहितकारी सूचनाओं का व्यापक एवं प्रभावी प्रसार करता रहेगा, ताकि सरकार की योजनाओं और नीतियों की सही जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके।
इस अवसर पर अपर सचिव सूचना बंशीधर तिवारी, उपनिदेशक सूचना मनोज श्रीवास्तव एवं उत्तराखंड मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष गोविन्द सिंह उपस्थित रहे
मत्स्य परियोजनाओं, संग्रहण केंद्र व ग्रामीण समस्याओं पर ग्रामीणों से हुई व्यापक चर्चा
पौड़ी। पौड़ी जनपद के अति दूरस्थ नैनीडांडा विकासखंड में पर्यटन एवं स्वरोजगार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया द्वारा मत्स्य पालन तथा अन्य विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया।
नैनीडांडा क्षेत्र में अपने भ्रमण के दौरान ग्राम पंचायत ओलेथ के ग्राम ब्यूरा में जिलाधिकारी ने बायो फ्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य उत्पादों के संग्रहण हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित करने पर विशेष बल दिया। साथ ही क्षेत्र में पर्यटकों के लिए मत्स्य आउटलेट स्थापित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि मत्स्य आउटलेट से स्थानीय रूप से आमदनी में वृद्धि हो सकती है। उन्होंने आवश्यकता होने पर धनराशि आवंटन का आश्वासन भी दिया।
किसान गोपाल सिंह रावत ने जिलाधिकारी को मत्स्य तालाब का अवलोकन करवाया। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर स्थानीय महिलाओं से जंगली जानवरों, जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल, बिजली पोल एवं पाइप लाइन से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली तथा संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से लैंटाना घास से उत्पन्न समस्याओं को गंभीरता से सुना और इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल किए जाने की बात कही। उन्होंने बताया कि लैंटाना के नियंत्रित संग्रह एवं उपयोग हेतु कलेक्शन सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिससे समस्या के समाधान के साथ-साथ महिलाओं को नियमित आय के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आजीविका संवर्धन की दिशा में एक दीर्घकालिक समाधान साबित होगी।
खंड विकास अधिकारी प्रमोद चंद्र पांडेय ने जिलाधिकारी को बताया कि मनरेगा एवं मत्स्य विभाग के अभिसरण से संचालित योजनाओं के अंतर्गत इस वित्तीय वर्ष में दो इकाइयों का निर्माण किया गया है, जिनकी कुल लागत लगभग 4.5 लाख रुपये रही। इसमें लगभग 2.70 लाख रुपये मत्स्य विभाग, 48 हजार रुपये मनरेगा तथा 1.32 लाख रुपये लाभार्थी अंशदान के माध्यम से व्यय किए गए। उन्होंने बताया कि इन तालाबों को हर हर महादेव समूह तथा जय महादेव समूह संचालित कर रहे हैं।
जिलाधिकारी ने मंडी समिति के सचिव को निर्देशित किया कि तत्काल शंकरपुर स्थित संग्रहण केंद्र का विकासखंड कार्यालय से समझौता ज्ञापन करते हुए सदुपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ऐसे विकासात्मक प्रयासों से पर्यटन, स्वरोजगार और ग्रामीण अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय आजीविका सुदृढ़ होगी। साथ ही यह परियोजनाएं महिलाओं और युवाओं को रोजगार से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देंगी, इसलिए इन्हें हरसंभव प्रोत्साहन दिया जाएगा।
ब्लॉक प्रमुख प्रकीर्ण नेगी, पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय, ग्राम प्रधान ममता रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में खेल मैदान हेतु भूमि चयन पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने बताया कि यदि भूमि विवादमुक्त एवं उपयुक्त पायी जाती है तो वहां खेल मैदान विकसित किया जाएगा।
