वाहन में तीन लोगों के सवार होने की आशंका
टिहरी। टिहरी गढ़वाल में एक बड़ा हादसा हो गया है। तीनधारा सैनिक होटल के पास एक पिकअप लोडिंग वाहन अनियंत्रित होकर नदी में जा गिरा। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वाहन में संभावित रूप से तीन लोग सवार बताए जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही SDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना की गई। एसआई सावर सिंह के नेतृत्व में पहुंची रेस्क्यू टीम ने देखा कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन नदी में समा चुका है और सतह पर दिखाई नहीं दे रहा है।
ढालवाला पोस्ट से अतिरिक्त टीम रवाना
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ढालवाला पोस्ट से भी एसआई दीपक जोशी के नेतृत्व में एक और एसडीआरएफ टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। दोनों टीमों द्वारा समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।
राफ्ट और डीप डाइविंग से सघन तलाशी
घटनास्थल पर एसडीआरएफ की टीमें राफ्ट और डीप डाइविंग तकनीक की मदद से नदी में सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। नदी के तेज बहाव और गहराई के चलते रेस्क्यू कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। फिलहाल लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
लगातार अपराधों से सहमा दून, लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ी
देहरादून। देहरादून में अपराध की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी कॉम्प्लेक्स का है, जहां सुबह जिम से बाहर निकल रहे एक युवक को अज्ञात हमलावरों ने सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत का माहौल है।
राजधानी में लगातार गोलीकांड, पुलिस पर बढ़ा दबाव
राजधानी में यह कोई पहली घटना नहीं है। महज कुछ दिन पहले तिब्बती मार्केट के बाहर दिनदहाड़े कारोबारी अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सरेआम हुई इस वारदात ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेखौफ बदमाशों ने भीड़भाड़ वाले इलाके में वारदात को अंजाम देकर कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी।
गुंजन हत्याकांड से पहले ही सहमा था शहर
इससे पहले 2 फरवरी को दून शहर गुंजन हत्याकांड से दहल उठा था। दूल्हा बाजार में दिनदहाड़े चापड़ से हत्या की इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था। हालांकि इस मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर विशेष जांच टीम के जरिए रिकॉर्ड समय में चार्जशीट दाखिल की थी, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं से लोगों की चिंता कम नहीं हो सकी।
ऋषिकेश और विकासनगर में भी हत्या की वारदातें
राजधानी के साथ-साथ ऋषिकेश और विकासनगर क्षेत्र भी आपराधिक घटनाओं से अछूते नहीं रहे। ऋषिकेश में प्रीति रावत की गोली मारकर हत्या और विकासनगर में 12वीं की छात्रा मनीषा तोमर की धारदार हथियार से हत्या ने आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
नहर किनारे मिला था छात्रा का शव
29 जनवरी को विकासनगर क्षेत्र की 18 वर्षीय छात्रा मनीषा तोमर का शव ढालीपुर स्थित शक्ति नहर के किनारे झाड़ियों में मिला था। इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया था। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लैन्सडाउन विधानसभा में मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर शासनादेश जारी, मंत्री जोशी ने जताया मुख्यमंत्री का आभार
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से पूर्व सैनिकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार द्वारा पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याणार्थ संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों के लिए आभार व्यक्त किया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों के सम्मान और उनके हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि लैन्सडाउन विधानसभा, जनपद पौड़ी के अंतर्गत दिनांक 05 अक्टूबर, 2025 को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं पर शासनादेश (जीओ) जारी कर दिया गया है। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार भी जताया।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जयहरीखाल का उच्चीकरण किया जाएगा। रा०इ०का० कर्तिया का नाम शहीद कमल रावत के नाम पर रखा जाएगा। हाई स्कूल डोबरियासार का नाम शहीद अनुज नेगी के नाम पर किया जाएगा। गोडला–चिणौँ मार्ग का नाम शहीद किशवानन्द ध्यानी के नाम पर रखा जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जयहरीखाल का नाम शहीद हरीश जोशी के नाम पर किया जाएगा तथा जयहरीखाल–गूमखाल मार्ग का नाम शहीद खुशाल सिंह नेगी के नाम पर किया जाएगा।
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार शहीदों के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और उनके नाम पर संस्थानों एवं मार्गों का नामकरण कर नई पीढ़ी को उनके बलिदान से प्रेरणा लेने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने पूर्व सैनिकों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान हेतु सरकार निरंतर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।
इस अवसर पर रि.कर्नल रघुवीरसिंह भंडारी, कर्नल आर. एस रांगडा, कर्नल नवीन थापा, कैप्टन रमेश सिंह, अशोक सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
पशुलोक में बहुमंजिला भवन सील, खेरिकला व रायवाला में अवैध प्लाटिंग पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत ऋषिकेश में अवैध निर्माण एवं अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए सीलिंग और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही को अंजाम दिया। प्राधिकरण द्वारा यह अभियान क्षेत्र में सुनियोजित विकास सुनिश्चित करने और अनधिकृत निर्माण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। एमडीडीए की टीम ने गली नंबर 10, निर्मल बाग, ब्लॉक-बी, पशुलोक, ऋषिकेश (देहरादून) में श्रवि द्वारा किए जा रहे अवैध बहुमंजिला निर्माण पर कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया। बताया गया कि संबंधित निर्माण बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जो प्राधिकरण की निर्माण संबंधी नियमावली का उल्लंघन है। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल की मौजूदगी में सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की गई।
इसके अतिरिक्त, खेरिकला स्यामपुर, ऋषिकेश में सुनील रावत द्वारा लगभग 05 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। मौके पर बनाई गई अवैध सड़कों एवं भू-खंडों के सीमांकन को हटाते हुए प्लाटिंग को निरस्त किया गया।
इसी क्रम में रायवाला, ऋषिकेश क्षेत्र में संदीप रावत द्वारा लगभग 06 बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लाटिंग पर भी प्राधिकरण ने सख्त रुख अपनाया। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लाटिंग को ध्वस्त किया और संबंधित व्यक्तियों को भविष्य में ऐसी गतिविधियों से दूर रहने की चेतावनी दी।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शहर के सुव्यवस्थित और नियोजित विकास के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है। “एमडीडीए का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि नागरिकों को जागरूक करना भी है, ताकि वे बिना मानचित्र स्वीकृति या विधिक अनुमति के किसी भी निर्माण कार्य में निवेश न करें,” उन्होंने कहा। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की संपत्ति खरीदने से पूर्व प्राधिकरण से विधिवत जानकारी अवश्य प्राप्त करें।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि अवैध निर्माण और प्लाटिंग के विरुद्ध अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है और नियमों के उल्लंघन पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। “हमारा लक्ष्य पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से नियोजित विकास को बढ़ावा देना है। अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई भी की जाएगी,” उन्होंने कहा।
एमडीडीए की इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी पूर्व सूचना के सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे ऋषिकेश सहित समूचे प्राधिकरण क्षेत्र में सुव्यवस्थित और सुरक्षित शहरी विकास सुनिश्चित किया जा सके।
चम्पावत में 64.94 करोड़ से बनेगा ‘सिटी सेंटर’, स्टोरी पार्किंग और शॉपिंग कॉम्प्लैक्स को हरी झंडी
देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में व्यय वित्त समिति की बैठक आयोजित हुई बैठक में विभिन्न विभागों के योजना प्रस्तावों को वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई। मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागीय उच्च अधिकारियों को निर्देश दिये कि निर्माण कार्यों के साथ ही अन्य संबंधित प्रस्तावों के क्रियान्वयन की समय सीमा निर्धारित करते हुए कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराना सुनिश्ति किया जाये।
मुख्य सचिव ने जनपद चम्पावत के अन्तर्गत रोडवेज स्टेशन चम्पावत में आधुनिक सुसज्जित स्टोरी पार्किंग व शॉपिंग कॉम्प्लैक्स के निर्माण लागत रू 64.94 करोड़ के प्रस्तावों को संस्तुति प्रदान करते हुए इसका नाम सिटी सेंटर चम्पावत रखे जाने के निर्देश दिये। उन्होने इसमें यात्रियों एवं स्थानीय जनता को बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने, स्थानीय उत्पादों के विपणन की व्यवस्था तथा पार्किंग स्थल पर रोडवेज की बसों के साथ ही टैक्सी पार्किंग की भी व्यवस्था करने को कहा ताकि इससे आम जनता को और अधिक सुविधा हो सके।
मुख्य सचिव ने जनपद टिहरी गढ़वाल के अन्तर्गत टिहरी मुख्यालय के माल रोड़ में फसाड कार्य रेलिंग्स, पाथ, स्ट्रीट लाइट, शौचालय निर्माण किये जाने आदि के प्रस्तावित कार्याें हेतु 11.25 करोड कि संस्तुति प्रदान करते हुए कहा कि टिहरी नगर में फसाड़ कार्य, रेलिंग्स, पाथ, स्ट्रीट लाईट एवं शौचालय का निर्माण से आम जनमानस/पर्यटकों को सुविधा प्राप्त हो सकेगी।
इसके अतिरिक्त व्यय वित्त समिति की बैठक में मुख्य सचिव द्वारा शैक्षिक सत्र 2025-26 में राज्य के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत समस्त छात्र-छात्राओं को निःशुल्क नोटबुक उपलब्ध कराये जाने हेतु माध्यमिक शिक्षा विभाग हेतु 52.84 करोड़, जनपद चम्पावत के विधानसभा क्षेत्र लोहाघाट में किमतोली से रौशाल मोटर मार्ग में हॉट मिक्स का कार्य हेतु 12.15 करोड, जनपद ऊधम सिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र किच्छा के अन्तर्गत एन०एच०109 में पं० राम सुमेर शुक्ला राजकीय मेडिकल कॉलेज से अटरिया माता मन्दिर मोड, सिडकुल एवं आनंदपुर होते हुए एस0एच044 तक मार्ग के कि०मी०. 5.000 से 12.255 तक पुनः निर्माण कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग को 23.12 करोड़ जनपद ऊधमसिंह नगर के विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र किच्छा के शिमला पिस्तौर कुरैया मोटर मार्ग का पुनर्निर्माण एवं सुधार कार्य हेतु लोक निर्माण विभाग को 20.17 करोड़ की संस्तुति प्रदान की गई।
मुख्य सचिव द्वारा कुम्भ मेला-2027 की व्यवस्थाओं के अन्तर्गत खड़खड़ी शमशान घाट जाने वाले मार्ग पर सूखी नदी पर स्थित कॉजवे के स्थान पर डबल लेन सेतु का निर्माण हेतु शहरी विकास विभाग को 13.22 करोड, कुम्भ मेला-2027 के अन्तर्गत जनपद हरिद्वार में मायापुर स्क्रैप चैनल पर दक्षद्वीप एवं बैरागी कैम्प को जोडने वाले पूर्व निर्मित सेतु के डाउनस्ट्रीम में 60 मी० स्पान स्टील गर्डर डबल लेन सेतु के निर्माण हेतु शहरी विकास विभाग को 12.46 करोड की भी संस्तुति प्रदान की गई।
इस अवसर पर सचिव नितेश झा, डॉ पंकज कुमार पाण्डे, डॉ आर. राजेश कुमार, वी. षणमुगम, विषेश सचिव अजय मिश्रा, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका सहित विभिन्न विभागों के अन्य उच्चाधिकारी उपस्थित थे।
विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख, वितरण लॉस व विद्युत चोरी पर जीरो टॉलरेंस
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में गत वर्षों में पूर्ण की गई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की उपलब्धियों, एडीबी पोषित एवं नॉन-एडीबी पोषित गतिमान परियोजनाओं, मुख्यमंत्री द्वारा शिलान्यास की गई परियोजनाओं, मुख्यमंत्री घोषणा से संबंधित कार्यों तथा आरईसी/पीएफसी पोषित योजनाओं की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। इसके साथ ही वर्ष 2025-26 में अतिरिक्त अंश पूंजी (राज्य सेक्टर एवं SASCI), प्रस्तावित परियोजनाओं हेतु वर्षवार अंश पूंजी की आवश्यकता, पिटकुल के रिसोर्स एडीक्वेसी प्लान/मास्टर प्लान, आपदा मद में क्षतिपूर्ति हेतु धनराशि एवं मानव शक्ति की आवश्यकता जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर गहन चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश: समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
मुख्यमंत्री ने विद्युत वितरण लॉस को न्यूनतम करने, विद्युत चोरी पर सख्ती से रोक लगाने तथा वितरण लॉस में लापरवाही बरतने वालों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
आगामी ग्रीष्मकालीन सीजन को देखते हुए यूजेवीएनएल, पिटकुल एवं यूपीसीएल को अभी से समस्त तैयारियां सुनिश्चित करने, सभी औपचारिकताओं को मार्च तक पूर्ण कर अप्रैल तक परियोजनाओं के शुभारंभ हेतु प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
सीएसआर मद में प्राप्त धनराशि के लिए पृथक खाता खोलकर उसका अधिकतम एवं बहु-रचनात्मक उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया। विभिन्न जनपदों में एडीबी पोषित उपकेंद्रों से संबंधित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। एडीबी पोषित द्वितीय चरण के अंतर्गत बहादराबाद (हरिद्वार), कोटद्वार (पौड़ी), भिकियासैंण (अल्मोड़ा), कपकोट (बागेश्वर) एवं नंदप्रयाग (चमोली) में भूमि आवंटन एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया एक सप्ताह में पूर्ण करने हेतु संबंधित जिला अधिकारियों को निर्देशित किया गया। मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत शिलान्यास की गई सभी परियोजनाओं को तत्काल प्रभाव से पूर्ण करने हेतु निरंतर निगरानी एवं प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
पिटकुल की उल्लेखनीय उपलब्धियां और वित्तीय सुदृढ़ता
पिटकुल के प्रबंध निदेशक पी सी. ध्यानी ने विगत चार वर्षों की प्रमुख उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि आरईसी द्वारा पिटकुल की क्रेडिट रेटिंग को A+ से A++ किए जाने से परियोजना क्रियान्वयन हेतु प्राप्त ऋणों पर 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त छूट मिलेगी, जिसका सीधा लाभ प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को कम टैरिफ के रूप में प्राप्त होगा।
उन्होंने अवगत कराया कि अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त पावर लाइन पत्रिका द्वारा पिटकुल को “पावर लाइन ट्रांस टेक इंडिया अवार्ड-2025” से सम्मानित किया गया है, जो ऊर्जा क्षेत्र के पारेषण क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं वित्तीय वर्ष 2024-25 में न्यूनतम लाइन लॉस के लिए प्रदान किया गया। कुशल प्रबंधन एवं सतत लाभ वृद्धि के परिणामस्वरूप पिटकुल द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 में अब तक का सर्वाधिक ₹1243 करोड़ का लाभांश उत्तराखंड सरकार को दिया गया है। विगत चार वर्षों में कुल 22
परियोजनाएं पूर्ण की गई हैं, जिनमें से 12 परियोजनाएं क्षमता वृद्धि से संबंधित हैं।
एडीबी एवं नॉन-एडीबी पोषित परियोजनाओं में तीव्र प्रगति
वर्तमान में एशियाई विकास बैंक (ADB) पोषित 220 एवं 120 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं मंगलौर, सेलाकुई, आराघर, खटीमा, धौलाखेड़ा, लोहाघाट एवं सरवरखेड़ा में गतिमान हैं। इसके अतिरिक्त नॉन-एडीबी पोषित 400, 220 एवं 132 केवी उप संस्थानों की परियोजनाएं पीपलकोटी, घनसाली, बनबसा, रानीहाट, ऋषिकेश, अल्ट्राटेक एवं सिमली में प्रगति पर हैं।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्धन, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु व आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव पंकज पांडेय, सी रवि शंकर, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, विनय शंकर पाण्डेय, प्रबंध निदेशक उत्तराखंड जल विद्युत निगम डॉ. संदीप सिंघल, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल अनिल कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने गणेश जोशी को गढ़ी कैंट में आयोजित होने वाले पूर्व सैनिक रोजगार मेला कार्यक्रम के लिए किया आमंत्रित
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से आज उनके कैंप कार्यालय में अतिरिक्त महानिदेशक, पुनर्वास निदेशालय (पश्चिमी क्षेत्र) के ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने शिष्टाचार भेंट की।
इस दौरान ब्रिगेडियर सुधीर मलिक ने सैनिक कल्याण मंत्री को महानिदेशालय पुनर्वास, रक्षा मंत्रालय द्वारा देहरादून के जसवंत ग्राउंड, गढ़ी कैंट में 13 से 26 फरवरी तक आयोजित होने वाले पूर्व सैनिकों (ईएसएम) के लिए रोजगार मेला कार्यक्रम हेतु औपचारिक आमंत्रण दिया।

मुलाकात के दौरान पूर्व सैनिकों के पुनर्वास, कौशल विकास एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रितों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे आयोजनों से पूर्व सैनिकों को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने रोजगार मेले के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी किया 2 महीने का पैसा
देहरादून। गुरुवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत लाभार्थियों को 3 करोड़ 5 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि जारी की।
कैंप कार्यालय पर धनराशि लाभार्थियों की खातों में डीबीटी करने के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना में प्रदेश सरकार 2020 से ही कोरोना महामारी के समय अभिभावकों को खो देने वाले बेसहारा बच्चों को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि देती है। इस योजना के तहत नवंबर 25 तक का धन पहले ही जारी कर दिया गया था।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि दिसंबर में 5114 लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 53 लाख 42 हजार रुपए गुरुवार को जारी किए गए हैं। जबकि जनवरी महीने के लिए कुल 5078 लाभार्थियों के 1 करोड़ 52 लाख 34 हजार रुपए की धनराशि जारी की गई है।
इस योजना के तहत लाभार्थी के 21 वर्ष के हो जाने या बालिका लाभार्थियों के विवाह या लाभार्थी के सेवायोजित हो जाने के बाद वह योजना से बाहर हो जाते हैं।
इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन आदि उपस्थित रहे।
पूर्व सैनिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को रखा सैनिक कल्याण मंत्री के समक्ष
देहरादून। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से उनके कैंप कार्यालय में पूर्व सैनिकों ने मुलाकात की। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को सैनिक कल्याण मंत्री के समक्ष रखा। सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने पूर्व सैनिकों को उनकी समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।

इस दौरान पूर्व सैनिकों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए किए जा रहे के लिए आभार भी जताया।
इस अवसर पर पीबीओआर अध्यक्ष शमशेर बिष्ट सहित अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।
विभागीय मंत्री डा. धन सिंह रावत ने विभागीय अधिकारियों के साथ की मंत्रणा
कहा, कार्ययोजना में नवीन योजनाओं को भी करें शामिल
देहरादून। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं संवर्धन के लिये केन्द्र सरकार को वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु करीब एक हजार करोड़ की प्रोग्राम इम्पलीमेंटेशन प्लान (पीआईपी) भेजी जायेगी। जिसमें राज्य की वर्तमान आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये आधा दर्जन नई योजनाओं को भी शामिल किया जायेगा।
सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने शासकीय आवास पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की समीक्षा बैठक ली। जिसमें उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु केन्द्र सरकार को भेजी जाने वाली पीआईपी को लेकर विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की। जिसमें उन्होंने एनएचएम के अंतर्गत पूर्व से संचालित कार्यक्रमों के आलावा आशाओं का मानदेय बढ़ाये जाने, वैक्सीन स्टोरेज हेतु आवश्यक उपकरण, कोल्ड चेन उपकरण, माॅडल इम्युनाइजेशन सेंटर की स्थापना, चारधाम हेतु मोबाइल वैक्सीनेशन वैन, पर्वतीय क्षेत्रों में सेफ्टी पिट्स व वीपीडी सर्विलांस आदि को प्रमुखता से पीआईपी में शामिल करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये।
इसके अलावा उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिये राज्य के सभी सांसदगणों से भी सुझाव आमंत्रित कर पीआइपी में शामिल करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के कुछ विकासखण्डों का चयन कर मोतियाबिंद संभावित मरीजों की शतप्रतिशत जांच करने के निर्देश भी बैठक में दिये। डाॅ. रावत ने प्रत्येक ब्लाॅकों में चिकित्सकों के लिये आवश्यकतानुसार ट्रांजिट हाॅस्टल के निर्माण, वृहद स्तर पर टीकाकरण अभियान का संचालन के निर्देश भी अधिकारियों को दिये।
इस अवसर पर मिशन निदेशक एनएचएम मनुज गोयल ने बताया कि राज्य की आवश्यकताओं के अनुसार पीआईपी तैयार कर शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजी दी जायेगी। जिसमें प्रदेश के सांसदगणों के सुझावों को भी शामिल किया जायेगा।
