उत्तरकाशी : जनपद में भारी बारिश के कारण यमुनोत्री हाईवे चौथे दिन भी बंद पड़ा है। जगह-जगह सड़क धंसने और चट्टानी मलबा-बोल्डर आने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पा रही है। ईई मनोज रावत ने बताया कि लगातार कटाव और बोल्डर गिरने से बार-बार दिक्कत आ रही है, बावजूद इसके मार्ग को दुरुस्त करने के प्रयास जारी हैं।
इधर, स्याना चट्टी में यमुना नदी पर बन रही झील की समस्या भी खत्म नहीं हो रही है। नदी एक किनारे से बह रही है लेकिन कुपड़ा खड्ड से आए मलबे व बोल्डरों के एकत्र होने से नदी तल ऊपर उठ गया है, जिससे खतरा बढ़ गया है। सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल का कहना है कि नदी के मुहाने पर अत्यधिक मलबा एकत्र होने और निकासी बाधित होने से यह समस्या बार-बार उत्पन्न हो रही है। वहां मशीनें तैनात की गई हैं।
दूसरी ओर, गंगोत्री हाईवे भी नलूणा के पास भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया है। लगातार स्लाइडिंग के कारण मार्ग खोलने में समय लग रहा है। मशीनरी तैनात कर हाईवे को दुरुस्त करने का काम चल रहा है।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “हमारी डबल इंजन सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि प्रदेश के युवाओं को नशे की लत से दूर रखा जाए और उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने के अवसर दिए जाएं।”
राज्यव्यापी अभियान की शुरुआत
देहरादून समेत हर जिले में पुलिस, एसटीएफ और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई चल रही है। ड्रग्स की तस्करी और खपत पर रोक लगाने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
सख्त कानून और कार्रवाई
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब तक कई जिलों—हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, देहरादून और नैनीताल—में बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई हैं और कई तस्कर जेल भेजे गए हैं।
युवाओं के लिए वैकल्पिक पहल
सरकार ने युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए खेल, स्वरोजगार और स्किल डेवलपमेंट योजनाओं पर भी जोर दिया है। जिला स्तर पर ‘युवा क्लब’ और ‘स्पोर्ट्स एक्टिविटी सेंटर’ स्थापित किए जा रहे हैं, ताकि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगा सकें।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “ड्रग्स सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। इसे खत्म करने के लिए सरकार, समाज और परिवार सभी को मिलकर काम करना होगा। हमारा लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को पूरी तरह ड्रग्स फ्री राज्य बनाया जाए।”
देहरादून: उत्तराखंड की सियासत एक बार फिर गर्म होती दिख रही है। भाजपा संगठन और सरकार के भीतर कैबिनेट विस्तार की सुगबुगाहट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज़ कर दी है। इसी बीच पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार से सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की वरिष्ठ नेताओं से हालिया मुलाक़ातों ने नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
त्रिवेंद्र की मुलाक़ातें बनी चर्चा का विषय
बीते दिनों त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम, पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ से शिष्टाचार भेंट की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन मुलाक़ातों को साधारण बातचीत भर कहना आसान है, लेकिन कैबिनेट विस्तार की आहट में इन्हें नए समीकरणों से भी जोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही उनके संसदीय क्षेत्र हरिद्वार के विकास कार्यों जनसमस्याओं को भी इससे देखकर जोड़ा जा रहा है।
संगठन व सरकार में धामी की पकड़ और मजबूत
वहीं सोशल मीडिया में उड़ रही सत्ता परिवर्तन की अफवाहों पर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कम उम्र में राज्य की कमान संभालने के बाद जिस प्रकार निर्णय लिए हैं, उसने जनता और संगठन दोनों का विश्वास और भी पुख़्ता किया है। उनकी कार्यशैली को लेकर पार्टी में स्पष्ट धारणा है कि धामी एक निर्णायक और स्पष्ट नेतृत्व देने वाले नेता हैं। हाल ही में हुए नगर निगम चुनावों में भी भाजपा ने जिस तरह युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी, उसमें मुख्यमंत्री धामी की सोच और रणनीति साफ़ झलकी। यही वजह है कि संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर धामी की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है।
भाजपा का फोकस – 2027 और कुंभ 2027
राज्य की राजनीति में आने वाले समय के लिए भाजपा ने दो बड़े लक्ष्य तय किए हैं 2027 का कुंभ और विधानसभा चुनाव। पार्टी की रणनीति है कि इन आयोजनों को विकास, रोजगार और बुनियादी ढांचे के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक बनाया जाए। धामी सरकार पहले ही इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठा चुकी है।
संतुलित सक्रियता, लेकिन अंतिम भरोसा धामी पर
विशेषज्ञ मानते हैं कि भाजपा के भीतर समय-समय पर ऐसी हलचलें होना स्वाभाविक है। वरिष्ठ नेता अपने अनुभव और सक्रियता से संगठन को ऊर्जा देते हैं, वहीं युवा नेतृत्व भविष्य की राह तय करता है। उत्तराखंड में यह भूमिका मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बखूबी निभा रहे हैं। फिलहाल, यह साफ़ है कि हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत की सक्रियता चर्चा में है, लेकिन भाजपा के भीतर अंतिम भरोसा और निर्णायक नेतृत्व मुख्यमंत्री धामी पर ही कायम है।
गुंडा एक्ट में बेटों पर केस, जिला बदर तक होगी कार्रवाई
विधवा मां की गुहार पर डीएम ने दिखाई सख्ती
देहरादून: भागीरथपुरम और बंजारावाला की रहने वाली विधवा विजयलक्ष्मी पंवार अपने दो बिगड़ैल बेटों से परेशान होकर सीधे जिलाधिकारी सविन बंसल के पास पहुंचीं। उन्होंने बताया कि उनके दोनों बेटे नशे के आदि हैं, बार-बार मारपीट करते हैं और पैसों की मांग पूरी न होने पर जान से मारने की धमकी देते हैं।
पीड़िता की व्यथा सुनते ही डीएम ने थाना या कचहरी की लंबी प्रक्रिया को दरकिनार करते हुए, गुंडा एक्ट, 1970 की विशेष शक्तियों का प्रयोग किया। इसके तहत दोनों बेटों के खिलाफ केस दर्ज कर नोटिस जारी कर दिया गया। यह जिला स्तर पर पहली बार है जब डीएम कोर्ट ने सीधे गुंडा एक्ट में कार्रवाई की है।
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि बेटों की हरकतों से मां का जीवन असुरक्षित है। डीएम ने दोनों बेटों को 26 अगस्त को पूर्वाह्न 10:30 बजे कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है। निर्देश का पालन न होने पर जिला बदर की कार्रवाई की जाएगी।
सात वर्षीय सूरज सिंह घायल, ग्रामीणों में दहशत का माहौल
पौड़ी गढ़वाल: जिले के सतपुली मल्ली क्षेत्र में देर रात गुलदार ने दहशत फैला दी। रविवार रात करीब 11:30 बजे गुलदार ने एक टैंट फाड़कर अंदर सो रहे सात वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया।
घायल बच्चे की पहचान सूरज सिंह (7 वर्ष), पुत्र तिलक सिंह, निवासी नेपाल के रूप में हुई है। हमले में बच्चे के हाथ पर गहरी चोटें आईं। परिजनों और ग्रामीणों की मदद से बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। आए दिन हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
वन विभाग की कार्रवाई
घटना के बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पिंजरे लगाए हैं। साथ ही ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और क्षेत्र में गश्त भी तेज कर दी गई है ताकि गुलदार की गतिविधियों पर नज़र रखी जा सके।
ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द ही गुलदार को पकड़ने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।
देहरादून : उत्तराखंड की राजनीति में एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार की चर्चा गर्म है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट दोनों ने ही इसके संकेत दिए हैं। राज्य मंत्रिमंडल में इस समय पांच पद रिक्त हैं, जिनमें से चार लंबे समय से खाली हैं जबकि एक पद पूर्व संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी के हालिया दिल्ली दौरे के दौरान पार्टी नेतृत्व से इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा हुई है। माना जा रहा है कि हाईकमान की सहमति मिलते ही मंत्रिमंडल विस्तार पर फैसला हो सकता है। सीएम धामी ने साफ कहा कि कैबिनेट विस्तार को लेकर बातचीत जारी है और निर्णय पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के बाद ही लिया जाएगा। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि “कैबिनेट में खाली पदों को भरने के लिए लंबे समय से कवायद चल रही है, अब इन पदों को जल्द भरा जाएगा।”
संभावित चेहरे
कैबिनेट में जिन विधायकों के नाम चर्चा में हैं उनमें खजान दास, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, विनोद कंडारी, भरत चौधरी, बंशीधर भगत, बिशन सिंह चुफाल और राम सिंह कैड़ा सहित कुछ अन्य नाम शामिल हैं।
भाजपा सूत्रों का मानना है कि नए चेहरों के शामिल होने से सरकार की कार्यशैली में नई ऊर्जा आएगी और संगठन को भी मजबूत आधार मिलेगा।
उत्तरकाशी: धराली के बाद हर्षिल घाटी में रविवार शाम को एक बार फिर तेलगाड नदी के उफान पर आने से हालात गंभीर हो गए। भारी बारिश के बाद नदी में अचानक बढ़े पानी और मलबे ने पूरे क्षेत्र में दहशत फैला दी है। प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए पूरे हर्षिल बाजार, जीएमवीएन गेस्ट हाउस, पुलिस थाना और नदी किनारे के सभी भवनों को खाली करा दिया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेलगाड नदी में लगातार बड़े-बड़े बोल्डर और भारी मलबा आने से भागीरथी नदी का प्रवाह अवरुद्ध होने और झील का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है।
दोपहर बाद हुई तेज बारिश से नदी का रौद्र रूप गंगोत्री हाईवे तक पहुंच गया। कई बार मलबा और तेज धार भागीरथी की ओर बढ़ी, जिससे आर्मी कैंप तक अलर्ट पर रखा गया है।
धराली क्षेत्र में जहां खीरगंगा का मलबा लगातार बहता रहा, वहीं तेलगाड से आ रहे विशाल बोल्डरों ने हर्षिल घाटी के लिए संकट और गहरा कर दिया है। फिलहाल प्रशासन और सेना की टीमें हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश
उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में मौसम एक बार फिर से कहर बरपाने की तैयारी में है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि आने वाले दिनों में देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल के कुछ हिस्सों में भारी से भारी बारिश हो सकती है। इसके लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
वहीं, राज्य के अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। विभाग के मुताबिक, 25 अगस्त को भी पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलधार बारिश के आसार हैं, जबकि 27 अगस्त तक प्रदेशभर में रुक-रुक कर तेज बारिश जारी रह सकती है।
भारी बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतते हुए देहरादून, उत्तरकाशी और चमोली जनपदों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बिना आवश्यकता के यात्रा न करें और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें।
ज्योर्तिमठ मॉडल पर आधारित राहत पैकेज की सिफारिश, आज सरकार को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
उत्तरकाशी- उत्तरकाशी ज़िले के धराली गांव में आई आपदा से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई तीन सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि समिति सोमवार को यह रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। इसमें ज्योर्तिमठ मॉडल को आधार मानकर राहत और पुनर्वास पैकेज देने की सिफारिश की गई है।
गौरतलब है कि 5 अगस्त को खीरगंगा में आए भीषण सैलाब ने धराली गांव को मलबे में तब्दील कर दिया था। इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर सचिव राजस्व डॉ. सुरेंद्र नारायण पांडे की अध्यक्षता में समिति गठित की गई। इसमें यूकाडा के सीईओ डॉ. आशीष चौहान और अपर सचिव वित्त हिमांशु खुराना सदस्य के रूप में शामिल हैं।
समिति ने वर्ष 2023 में ज्योर्तिमठ भू-धंसाव प्रभावितों के पुनर्वास मॉडल का अध्ययन कर धराली के लिए सिफारिशें दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आपदा से कुल 115 परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रभावितों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से सुझाव लेने के बाद समिति ने पुनर्वास स्थलों के तौर पर जांगला, लंका और कोपांग के नाम प्रस्तावित किए हैं।
ज्योर्तिमठ प्रभावितों की तर्ज पर धराली के लिए भी भूमि और मकानों की क्षति पर एकमुश्त समाधान (वन टाइम सेटलमेंट), घर के बदले घर और भूमि के बदले भूमि देने की बात कही गई है। साथ ही अधिकतम 100 वर्ग मीटर तक घर बनाने का प्रावधान और पुनर्वास स्थलों पर 75 वर्ग मीटर तक डुप्लेक्स मकान उपलब्ध कराने का सुझाव भी रिपोर्ट में शामिल है।
पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा, राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की
सीएम धामी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश– समय पर पहुंचे मदद, लापरवाही बर्दाश्त नहीं
थराली (चमोली)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और आवश्यकताओं की जानकारी ली। साथ ही उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया।
सीएम धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रभावितों तक समय पर सहायता पहुँचनी चाहिए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि आपदा की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। प्रशासनिक तंत्र को ग्राउंड जीरो पर सक्रिय रहकर राहत और पुनर्वास कार्यों को तेज़ी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।