ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के संकेत, कोहरे को लेकर अलर्ट जारी
देहरादून- उत्तराखंड में नए साल से पहले मौसम करवट लेने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में 30 और 31 दिसंबर के साथ-साथ एक और दो जनवरी को बारिश और बर्फबारी हो सकती है। वहीं मैदानी इलाकों में ठंड के साथ कोहरे की परेशानी बढ़ने वाली है।
मौसम विभाग ने 29 दिसंबर को देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, चंपावत और नैनीताल के कुछ हिस्सों में सुबह और देर रात को दृश्यता बेहद कम रहने की संभावना जताई गई है। अन्य जिलों में मौसम सामान्य तौर पर शुष्क बना रह सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार कोहरे और ठंडी हवाओं के कारण पहाड़ी के साथ-साथ मैदानी क्षेत्रों में भी ठिठुरन बढ़ेगी। वहीं 30 दिसंबर से दो जनवरी के बीच उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार हैं।
प्रदेश के 3200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने की संभावना अधिक बताई जा रही है, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि तीन जनवरी को प्रदेशभर में मौसम साफ और शुष्क रहने की उम्मीद है।
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार अभियान के तहत आयोजित हुआ बहुउद्देशीय शिविर
पौड़ी। जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के तहत रविवार को विकासखंड पौड़ी की न्याय पंचायत बाड़ा स्थित मिलन केंद्र वजली में बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्रवासियों द्वारा कुल 13 शिकायतें दर्ज करायी गयीं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। वहीं विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से 123 लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिया गया।
मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश की प्रत्येक न्याय पंचायत में जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में पौड़ी जनपद की 115 न्याय पंचायतों में यह शिविर आगामी 18 मार्च 2026 तक आयोजित किए जाएंगे। न्याय पंचायत बाड़ा में आयोजित शिविर की अध्यक्षता संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने की। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रतिभाग कर विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं, जिनमें से कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही कर दिया गया।
शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने प्रतिभाग किया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेशभर में बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।
संयुक्त मजिस्ट्रेट दीक्षिता जोशी ने कहा कि जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार कार्यक्रम के तहत विभाग जनता के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं। विभागीय स्टॉलों के माध्यम से न केवल योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि पात्र लाभार्थियों को तत्काल लाभ भी उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि शिविर में दर्ज अधिकांश शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित विभागों को अग्रसारित किया गया है।
शिविर में कृषि, उद्यान, आयुर्वेदिक एवं यूनानी विभाग, समाज कल्याण, जिला सहकारिता, पंचायतीराज, खाद्य पूर्ति, बाल विकास विभाग, एनआरएलएम, राजस्व सहित कुल 23 विभागों द्वारा स्टॉल लगाए गए थे। इन विभागों के माध्यम से 123 लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख पौड़ी अस्मिता नेगी, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, खंड विकास अधिकारी दृष्टि आनंद, एसडीओ विद्युत गोविंद सिंह रावत, खंड शिक्षाधिकारी मास्टर आदर्श, जेई जिला पंचायत गौरव पांडे सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री ने देश की सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए
नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नैनीताल जनपद के पीएमश्री राजकीय आदर्श इंटर कॉलेज, कोटाबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 129वें संस्करण को सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सुरक्षा, विकास और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2025 के दौरान भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम, ऑपरेशन सिंदूर जैसी उपलब्धियों, खेल, विज्ञान और अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की प्रगति, महाकुंभ और श्रीराम मंदिर में हुए ध्वजारोहण जैसे ऐतिहासिक आयोजनों का उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के प्रति बढ़ती जागरूकता और आपदाओं के समय देशवासियों की सामूहिक संवेदनशीलता एवं एकजुटता को भारत की बड़ी ताकत बताया।

प्रधानमंत्री ने मन की बात के माध्यम से यह संदेश भी दिया कि भारत वर्ष 2026 में नए संकल्पों और नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत को आशा, समाधान और सामर्थ्य के केंद्र के रूप में देख रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम के बाद कहा कि प्रधानमंत्री के विचार देशवासियों को प्रेरणा देने वाले हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार वर्ष 2026 में देवभूमि उत्तराखंड में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित करेगी।
हत्या मामले में पांच आरोपी गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
देहरादून। त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या के मामले को लेकर उत्तराखंड सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को गंभीर बताते हुए स्पष्ट किया है कि प्रदेश में इस तरह की आपराधिक घटनाओं को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले अराजक तत्वों के खिलाफ सरकार कठोर कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले में अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें दो नाबालिग शामिल हैं। नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है। घटना में शामिल एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। उसकी संभावित मौजूदगी के इनपुट मिलने के बाद एक पुलिस टीम को नेपाल भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में रहने वाले प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को कानून के दायरे से बाहर नहीं रहने दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री ने मृतक छात्र एंजेल चकमा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।
रेखा आर्या ने कहा, प्रधानमंत्री का हर संबोधन ऊर्जा और प्रेरणा से भरपूर
देहरादून। देहरादून के करनपुर नगर मंडल में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम “मन की बात” में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का हर संबोधन ऊर्जा, उत्साह व प्रेरणा से परिपूर्ण रहता है। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि आज के कार्यक्रम की सबसे उत्साहजनक बात यह रही कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत देश के खिलाड़ियों की उपलब्धियों को याद करते हुए की।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश में खेलों को अंतिम पायदान पर रखा जाता रहा, चाहे मीडिया की खबरें हों या फिर आम सोच, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने खिलाड़ियों और युवाओं को अपने विजन के केंद्र में रखकर इस परंपरा को बदला है। उन्होंने कहा कि यह सोच बताती है कि नए भारत के निर्माण में युवाओं और खिलाड़ियों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
रेखा आर्या ने कहा कि “मन की बात” के इस अंक में प्रधानमंत्री ने पूरे वर्ष की उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की और स्वाधीनता आंदोलन के उन नायकों को सम्मानपूर्वक याद किया जिन्हें लंबे समय तक भुला दिया गया था। उन्होंने कहा कि इतिहास के इन विस्मृत नायकों को स्मरण कर देश के आत्मसम्मान और स्वाभिमान को नई शक्ति मिलती है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने एंटीबायोटिक के अत्यधिक और गलत इस्तेमाल से पैदा हो रही वैश्विक चुनौती का भी उल्लेख किया और लोगों से सजग रहने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि एंटीबायोटिक के अनियंत्रित उपयोग से एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्या बढ़ रही है, जो आने वाले समय में पूरी मानवता के लिए संकट बन सकती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूक व्यवहार और चिकित्सकीय सलाह के बिना दवाइयों का सेवन न करना समय की मांग है, और प्रधानमंत्री ने इसे जनचर्चा का विषय बनाकर बहुत दूरदर्शी पहल की है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री रेखा आर्या ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आमजन को आगामी नव वर्ष की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में भगवत प्रसाद मकवाना, राजीव राजौरी, रवि कुमार, जितेन्द्र राजौरी, अजय राजौरी, विनोद, लक्ष्मी नारायण, मनोज पटेल, पंकज आहुजा, अमित राजौरी और यशपाल सहित अनेक कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
कुछ दिन पहले ही रुड़की में तैनात हुआ था आरोपी डॉक्टर
रुड़की। सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और भरोसे पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। रुड़की के सिविल अस्पताल में तैनात एक डॉक्टर को विजिलेंस टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई देर रात की बताई जा रही है, जिससे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर पर मरीज से अवैध धन की मांग करने का आरोप था। पीड़ित द्वारा इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से किए जाने के बाद पूरे मामले की गोपनीय रूप से जांच की गई और ट्रैप की योजना तैयार की गई। जैसे ही तय राशि डॉक्टर को दी गई, विजिलेंस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे अस्पताल की इमरजेंसी इकाई से पकड़ लिया।
सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार डॉक्टर ने कुछ ही सप्ताह पहले रुड़की सिविल अस्पताल में कार्यभार संभाला था। इससे पहले उसकी तैनाती मसूरी में बताई जा रही है। विजिलेंस विभाग अब यह भी खंगाल रहा है कि कहीं यह मामला किसी संगठित गतिविधि का हिस्सा तो नहीं है।
कार्रवाई के बाद आरोपी डॉक्टर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किए जाने की प्रक्रिया चल रही है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि डॉक्टर पूर्व में भी इस तरह की शिकायतों में शामिल रहा है या नहीं।
इस घटना के सामने आने के बाद सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीर बताते हुए आगे की कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
गणेश गोदियाल का सरकार पर हमला, सीबीआई जांच की दोहराई मांग
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। मामले में न्याय की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राजधानी देहरादून में जोरदार प्रदर्शन किया और कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी मार्च में शामिल हुए और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
कैंडल मार्च को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता की हत्या सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि यह सत्ता के संरक्षण में दबाए गए सच का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शुरू से ही आरोपियों को बचाने का प्रयास करती रही है, जिससे जनता के बीच सरकार की मंशा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गोदियाल ने कहा कि एक बेटी को न्याय दिलाने में सरकार की उदासीनता बेहद शर्मनाक है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री एवं उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम और भाजपा विधायक रेणु बिष्ट की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इन नामों पर लगातार चर्चाएं होने के बावजूद अब तक किसी भी स्तर पर निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। उन्होंने कहा कि जब भाजपा से जुड़े लोग स्वयं ‘वीआईपी संरक्षण’ की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहे हैं, तो फिर सरकार सीबीआई जांच से पीछे क्यों हट रही है।
इस बीच, अंकिता हत्याकांड को लेकर राज्य की सियासत और तेज हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश संगठन से रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, कांग्रेस का आरोप है कि जब तक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आ पाएगी।
गणेश गोदियाल ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी किसी भी दबाव में झुकने वाली नहीं है और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई अंतिम निर्णय तक जारी रहेगी।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें
दुष्यंत गौतम और रेणु बिष्ट की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई की जाए।
पूरे हत्याकांड की सीबीआई से जांच कराई जाए, जिसकी निगरानी सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करें।
जांच प्रक्रिया को किसी भी वीआईपी, राजनीतिक दबाव या सत्ता संरक्षण से पूरी तरह मुक्त रखा जाए।
देहरादून- कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आज देहरादून के इंद्र रोड स्थित फाइटोकेमिस्ट्री एवं आयुर्वेदा सोसाइटी द्वारा फाइटोकेमिस्ट्री और आयुर्वेद की क्षमता एवं संभावनाओं के विषय पर आयोजित सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया।
इस अवसर पर मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कहा गया 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा कथन आज साकार होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में राज्य को 10वें विश्व आयुर्वेद कांग्रेस एवं आरोग्य एक्सपो के आयोजन का अवसर मिला, जो गत वर्ष देहरादून में सफलतापूर्वक आयोजित हुआ। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया।

मंत्री जोशी ने कहा कि आयुर्वेद भारत की प्राचीन एवं वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति है, जो प्राकृतिक और पारंपरिक तरीकों से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन को बढ़ावा देती है। आयुर्वेद न केवल रोग प्रबंधन में सहायक है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, तंदुरुस्ती और समग्र कल्याण के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। उन्होंने फाइटोकेमिस्ट्री पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह विज्ञान की वह शाखा है, जो पौधों में पाए जाने वाले रासायनिक यौगिकों की संरचना, गुण और उपयोग का अध्ययन करती है। फाइटोकेमिस्ट्री के माध्यम से औषधि विकास, पोषण एवं स्वास्थ्य, कृषि, पौध संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कार्य किए जा रहे हैं।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखण्ड में आयुर्वेद की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हैं। यहां की समृद्ध वनस्पति और जैव विविधता नई औषधियों की खोज के लिए अपार अवसर प्रदान करती है। उन्होंने स्थानीय समुदायों में पीढ़ियों से चले आ रहे पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान के संरक्षण पर बल दिया। मंत्री जोशी ने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि नागरिकों को सुरक्षित और प्राकृतिक चिकित्सा विकल्प उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और फाइटोकेमिस्ट्री के विकास से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने एरोमा एवं एरोमेटिक मेडिसिन के क्षेत्र में भी कार्य करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए बताया कि कृषि, उद्यान और सुगंध पौध केंद्र इस दिशा में सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। इस दौरान कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी को नव वर्ष की अग्रिम बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
इस अवसर पर चेयरमैन एस फारुख, डॉ.आईपी सक्सेना, डॉ. दुर्गेश पंत, वी.के. तिवारी सहित कई लोग उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार मुख्यमंत्री आवास पैंली-पैंली बार उत्तराखण्डी गीत का विमोचन किया
देहरादून- मुख्यमंत्री ने सभी लोक गायकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह गीत जन-जन तक सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को पहुंचाएगा। उन्होंने कहा इन गीतों के माध्यम से समाज में जागरूकता आएगी एवं उत्तराखंड में पहली बार हुए कार्यों से बड़ी संख्या में लोग अवगत हो सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णय अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बन रहे हैं। उन्होंने लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, भाषा और परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारा राज्य, विकास के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। ऐतिहासिक फैसलों और योजनाओं के माध्यम से आम जन को सहूलियत पहुंचाई जा रही है। विभिन्न चुनौतियों के बाद भी राज्य ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, स्टार्टअप, कृषि, रिवर्स पलायन , बागवानी, हर क्षेत्र में नया इतिहास रच रहा है।
“पैली-पैली बार” गीत में उत्तराखण्ड राज्य के इतिहास में पहली बार हुये विकास कार्यों का उल्लेख किया गया है। गीत में नकल विरोधी कानून, वृहद स्तर पर सरकारी जमीनों पर हुये अतिक्रमण को हटाने, धर्मान्तरण और यूसीसी , शीतकालीन यात्रा, पर्यटन व तीर्थाटन को बढावा, आदि कैलाश यात्रा, रिवर्स पलायन, राजस्व वृद्धि, किसानों को प्रदान की जा सुविधाओं, सरकारी सेवाओं में हुई नियुक्तियों जैसे महत्वपूर्ण और विकासपरक योजनाओं का उल्लेख किया गया है।
इस गीत के बोल उत्तराखण्ड के विकास कार्यों को प्रमुखता से उजागर करते हैं और कैसे राज्य का समग्र विकास किया जा रहा है, को भी परिभाषित करते हैं। साथ ही सरकार द्वारा वर्तमान मे चलाए जा रहे अभियान “जन जन की सरकार, जन जन के द्वार” की भावना को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है।
इस गीत में उत्तराखण्ड के प्रमुख लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी, राकेश खनवाल, ललित गित्यार, भूपेन्द्र बसेडा, मनोज सामन्त, चन्द्रप्रकाश एवं लोकगायिका सुश्री खुशी जोशी व सोनम ने सम्मिलित रूप से स्वर प्रदान किया गया है। साथ ही इसकी धुन व गीत भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा एवं संगीत ललित गित्यार द्वारा तैयार किया गया है। विभिन्न गायकों/गायिकाओं द्वारा रचित यह उत्तराखण्डी लोकधुन पर आधारित गीत सुनने में अत्यधिक कर्णप्रिय लग रहा है और सरकार की विकास योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने, विकास कार्यों के प्रति समझ को बढ़ाने तथा जन-जन को विकास योजनाओं के बारे में सुगमता से जानकारी प्रदान करने का भरसक प्रयास किया गया है।
इस अवसर पर दायित्वधारी कैलाश पंत, लोकगायक सौरभ मैठाणी, गोविन्द दिगारी (वर्चुअल), खुशी जोशी दिगारी ( वर्चुअल ) ,भूपेन्द्र बसेडा,ललित गित्यार, राकेश खनवाल, चन्द्रप्रकाश, सुश्री सोनम, कुंदन कोरंगा, बसंत तिवारी, नवीन जोशी, पूरन नगरकोटी, भागीरथी नगरकोटी, मीनाक्षी जोशी, मोहित जोशी, संगीतकार सुरेन्द्र बिष्ट एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 श्रमिकों को हस्तान्तरित की ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हजार की धनराशि
राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का हुआ शुभारंभ
देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की। मुख्यमंत्री ने राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेन्टर में श्रमिकों की सहायता के लिए विशेष व्यवस्था का भी शुभारंभ किया, जिससे श्रमिकों को योजनाओं से संबंधित जानकारी, पंजीकरण तथा अन्य सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकेंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों की हर समस्या का निस्तारण किया जा रहा है। श्रमिकों एवं उनके आश्रितों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिनके माध्यम से उन्हें आर्थिक सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों एवं उनके आश्रितों की आजीविका के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाकर उनके कौशल विकास से भी जोड़ने का कार्य भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिक हमारे राज्य के विकास की सबसे मजबूत नींव हैं। बुनियादी ढांचे के निर्माण में श्रमिकों का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा राज्य सरकार का दायित्व है कि जो लोग प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं उनका एवं उनके परिजनों का भविष्य भी सुरक्षित हो। उन्होंने कहा राज्य के 191 कॉमन सर्विस सेंटरों में श्रमिकों के लिए शुरू की गई विशेष व्यवस्था से अब उन्हें सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। साथ ही ब्लॉक तहसील एवं गांव स्तर में ही सीएससी के माध्यम से श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण और योजनाओं से जुड़ी हर सहायता एक ही स्थान पर मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मकार बोर्ड द्वारा अब तक 51 करोड़ रूपये की धनराशि विगत 06 माह में श्रमिको एवं उनके परिजनों के खातों में हस्तान्तरित की जा चुकी है। पूर्व में कर्मकार बोर्ड द्वारा श्रमिको के पंजीकरण / नवीनीकरण तथा लाभ के आवेदन हेतु विकासखण्ड स्तर पर व्यवस्था का शुभारम्भ भी किया जा चुका है।
श्रम आयुक्त पी.सी. दुम्का ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में बोर्ड द्वारा निरंतर श्रमिकों के हित में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया मुख्यमंत्री द्वारा 4224 लाभार्थी श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से ₹ 12 करोड़ 89 लाख 85 हज़ार की धनराशि हस्तान्तरित की गई है। उन्होंने कहा भविष्य में भी बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री के विजन सरलीकरण समाधान निस्तारण और संतुष्टि के अनुसार ही कार्य किया जाएगा।
इस अवसर पर अध्यक्ष राज्य संविदा श्रम सलहाकार बोर्ड कैलाश पंत, उप श्रम आयुक्त विपिन कुमार, सहायक श्रम आयुक्त धर्मराज, आई०टी० एक्सपर्ट दुर्गा चमोली एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
