देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पार्टी के नव नियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने नितिन नवीन को इस महत्वपूर्ण दायित्व के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित कीं।
भेंट के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का परिचय कराते हुए कुमाऊँ अंचल की पारंपरिक लोककला ऐपण से सुसज्जित, स्थानीय महिलाओं द्वारा हस्तनिर्मित शॉल नितिन नवीन को भेंट की। इस माध्यम से उन्होंने प्रदेश की लोककला, परंपराओं तथा महिला स्वावलंबन की भावना को प्रभावी रूप से रेखांकित किया।
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह जी से भेंट के दौरान उत्तराखंड की विश्वविख्यात लोकनाट्य रम्माण पर आधारित पुस्तक भेंट की थी। इस प्रकार वे निरंतर राष्ट्रीय स्तर पर उत्तराखंड की लोककला, संस्कृति और परंपराओं का सशक्त रूप से प्रचार-प्रसार कर रही हैं।
विधानसभा अध्यक्ष श्रीमती ऋतु खण्डूडी भूषण ने नितिन नवीन को उनके नव दायित्व के लिए सफल, प्रभावी एवं प्रेरणादायी कार्यकाल की मंगलकामनाएँ देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक सशक्त एवं गतिशील बनेगा।
न्याय पंचायत, विधानसभा क्षेत्र, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय, चार चरणों में स्पर्धा
कुल 26 खेल स्पर्धाएं, ट्रॉफी विजेता को मिलेंगे 5 लाख
देहरादून। खेल महाकुंभ इस साल नए प्रारूप में मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025-26 के नाम से आयोजित किया जाएगा और इसकी शुरुआत 23 दिसंबर से होने जा रही है। गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में प्रेसवार्ता के दौरान यह जानकारी दी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि यह प्रतियोगिता न्याय पंचायत, विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तरीय चार चरणों में आयोजित की जाएगी।
प्रतियोगिता के दौरान कुल 26 खेल स्पर्धाएं आयोजित होंगी जिनमें इस बार परंपरागत खेलों को भी जगह दी गई है। चैंपियनशिप का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा और इस दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के साथ विजेता को ₹5 लाख की धनराशि भी दी जाएगी। चैंपियन का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मेडल के आधार पर प्रदान किए गए अंकों के योग से किया जाएगा।
इसके अतिरिक्त सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को 2 लाख और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को ₹1 लाख की नगद इनाम धनराशि दी जाएगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने पर खिलाड़ी को ₹1 लाख की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी।
खेल मंत्री ने बताया कि चैंपियनशिप के लिए रजिस्ट्रेशन 14 अक्टूबर से शुरू कर दिए गए थे, अभी तक 1 लाख 10 हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 22 दिसंबर तक खुले रहेंगे।
दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए अलग प्रतियोगिता
इसके साथ-साथ प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की स्पर्धा अलग से आयोजित की जाएगी। खेल मंत्री ने बताया कि इस श्रेणी के लिए भी रजिस्ट्रेशन शुरू कर दिए गए हैं।
बिना जूते, ट्रैकसूट ना हो कोई खिलाड़ी
गुरुवार को खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय में सभी जनपद के जिलाधिकारी के साथ इस आयोजन को लेकर एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। उन्होंने सभी जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि ट्रायल और खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने साथ ही सर्दी से खिलाड़ियों का बचाव करने के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने, हर खेल स्थल पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को तैनात करने, आवश्यकता पड़ने पर खिलाड़ियों को रात में ठहराने और भोजन आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए।
पांच लोग घायल
नैनीताल। कैंची धाम दर्शन के लिए आ रहे पर्यटकों का सफर दर्दनाक हादसे में बदल गया। पीलीभीत से नैनीताल जिले की ओर जा रही एक कार भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर निगलाट के समीप अचानक अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कार में सवार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को खाई से बाहर निकालकर एंबुलेंस के जरिए भवाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।
तीन की मौत, पांच गंभीर घायल
कोतवाली भवाली के प्रभारी प्रकाश सिंह मेहरा के अनुसार दुर्घटना में कुल आठ लोग घायल हुए थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। अस्पताल पहुंचने से पहले गंगा देवी (56), नैंसी गंगवार (24) और बृजेश कुमारी (26) की मौत हो गई। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
हायर सेंटर रेफर किए गए घायल
सीएचसी भवाली के चिकित्सक डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि दुर्घटना में घायल अन्य पांच लोगों की हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद हल्द्वानी के उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। सभी घायलों का इलाज जारी है।
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक तौर पर वाहन के अनियंत्रित होने को हादसे की वजह माना जा रहा है।
पहाड़ी मार्गों पर सावधानी की अपील
प्रशासन ने पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने, वाहन धीमी गति से चलाने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
उत्तराखण्ड राज्य निगम कर्मचारी महासंघ की बैठक, विनियमितिकरण व वेतनमान को लेकर सरकार से कार्रवाई की मांग
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य निगम कर्मचारी महासंघ की एक अहम बैठक उत्तराखण्ड रोडवेज इम्पलाइज यूनियन के प्रान्तीय कार्यालय, 66 गांधी रोड, देहरादून में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रकाश राणाकोटी ने की, जबकि संचालन प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी द्वारा किया गया। बैठक में महासंघ से जुड़े सभी घटक संगठनों के प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री, कार्यकारिणी पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। बैठक में उत्तराखण्ड परिवहन निगम, जल संस्थान, मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण, स्वजल, वन विकास निगम, गढ़वाल मण्डल विकास निगम, दुग्ध संघ, उत्तराखण्ड जिला पंचायत, बहुउद्देशीय वित्तीय विकास निगम सहित विभिन्न निगमों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में अपने-अपने निगमों से जुड़ी गंभीर समस्याओं को महासंघ के समक्ष रखते हुए सरकार की उदासीनता पर रोष व्यक्त किया।
बैठक में यह प्रमुख रूप से सामने आया कि महासंघ द्वारा पूर्व में मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार को पत्र संख्या 37 दिनांक 09 अक्टूबर 2024 को विस्तृत मांगपत्र प्रेषित किया गया था, लेकिन आज तक उस पर न तो कोई वार्ता हुई और न ही ठोस कार्रवाई। लंबे समय से लंबित मांगों के कारण निगम कर्मचारियों में असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी के चलते बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि पुनः मुख्यमंत्री को मांगपत्र प्रेषित कर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की जाएगी।बैठक में कर्मचारियों के विनियमितिकरण का मुद्दा सबसे प्रमुख रूप से उठाया गया। महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की कि संविदा, तदर्थ, अंशकालिक, दैनिक वेतनभोगी, वर्कचार्ज एवं उपनल कर्मचारियों के विनियमितिकरण के लिए तय की गई कटऑफ तिथि 04 दिसंबर 2018 पर पुनर्विचार किया जाए। महासंघ का कहना है कि वन टाइम सेटलमेंट के अंतर्गत इस कटऑफ तिथि को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2025 किया जाना चाहिए, ताकि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को न्याय मिल सके।
उत्तराखण्ड परिवहन निगम में कार्यरत विशेष श्रेणी के चालक, परिचालक एवं बाह्य स्रोत से कार्यरत तकनीकी कर्मचारियों को विनियमितिकरण नियमावली में शामिल न किए जाने पर भी गहरी नाराजगी जताई गई। पदाधिकारियों ने कहा कि ये कर्मचारी वर्षों से निगम की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्हें आज भी नियमितिकरण का लाभ नहीं मिल पाया है।
सहकारी दुग्ध शालाओं में कार्यरत कर्मचारियों की स्थिति पर भी बैठक में गंभीर चिंता व्यक्त की गई। बताया गया कि इन कर्मचारियों को अब तक सातवें वेतनमान का लाभ नहीं दिया गया है, जबकि छठे वेतनमान के अंतर्गत मिलने वाला महंगाई भत्ता भी पिछले तीन वर्षों से लंबित है। महासंघ ने मांग की कि दुग्ध शालाओं में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अन्य निगमों की भांति सातवें वेतनमान का लाभ दिया जाए और जब तक यह लागू नहीं होता, तब तक रोके गए सभी महंगाई भत्तों का तत्काल भुगतान किया जाए।
उत्तराखण्ड जल संस्थान में बिना सीजन एवं नीति के विरुद्ध किए गए स्थानांतरणों का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। महासंघ ने ऐसे सभी स्थानांतरण आदेशों को तत्काल निरस्त करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक मानसिक, पारिवारिक और आर्थिक परेशानी से राहत मिल सके। इसके अतिरिक्त प्रदेश में परिवहन से जुड़े अवैध संचालन पर पूर्ण रोक लगाने की मांग भी बैठक में जोरशोर से उठाई गई। परिवहन निगम के पदाधिकारियों ने कहा कि अवैध संचालन के कारण निगम को भारी राजस्व हानि हो रही है और इसका सीधा असर कर्मचारियों के भविष्य पर पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रकाश राणाकोटी का बयान
प्रदेश अध्यक्ष सूर्यप्रकाश राणाकोटी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य के विभिन्न निगमों में कार्यरत कर्मचारी वर्षों से सरकार की अनदेखी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि महासंघ द्वारा बार-बार मांगपत्र भेजे जाने के बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। यदि अब भी कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो राज्य निगम कर्मचारी महासंघ आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा के लिए महासंघ किसी भी स्तर पर संघर्ष से पीछे नहीं हटेगा।
प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी का बयान
प्रदेश महामंत्री नन्दलाल जोशी ने कहा कि कर्मचारियों की मांगें पूरी तरह जायज हैं और इन्हें नजरअंदाज करना दुर्भाग्यपूर्ण है। विनियमितिकरण, वेतनमान, महंगाई भत्ता और अवैध संचालन जैसे मुद्दे सीधे कर्मचारियों के जीवन और भविष्य से जुड़े हैं। सरकार को चाहिए कि इन समस्याओं पर गंभीरता से विचार करे और शीघ्र निर्णय ले। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो महासंघ को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बैठक के अंत में उपस्थित सभी घटक संगठनों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने एकजुट होकर कर्मचारियों के हितों के लिए संघर्ष को और तेज करने का संकल्प लिया।
दिसंबर में लगातार खराब हवा, बुजुर्गों और बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
देहरादून। राजधानी देहरादून में हवा अब बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। दिसंबर के मध्य में ही वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है। मंगलवार को देहरादून का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) इस वर्ष का अब तक का सबसे खराब स्तर दर्ज किया गया, जिससे लोगों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार मंगलवार को देहरादून का एक्यूआई 294 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी के करीब है। इससे पहले दीपावली के बाद 20 अक्तूबर को अधिकतम 254 एक्यूआई दर्ज हुआ था। लगातार बढ़ते प्रदूषण ने राजधानी को भी दिल्ली-एनसीआर जैसी स्थिति की ओर धकेल दिया है।
शाम होते ही स्मॉग की चादर, हवा में घुला जहर
दिन ढलने के साथ ही शहर के कई इलाकों में धुंध और स्मॉग छा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ठंडी हवाओं के थमने और प्रदूषक कणों के वातावरण में ठहर जाने से हालात और बिगड़ रहे हैं। देहरादून, जो कभी साफ हवा के लिए जाना जाता था, अब दिसंबर में अधिकांश दिनों तक खराब श्रेणी में दर्ज हो रहा है।
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सोमवार को देहरादून का एक्यूआई 299 तक पहुंच गया था। इस दौरान पीएम 2.5 का स्तर 119.83 और पीएम 10 का स्तर 134.11 दर्ज किया गया। सीपीसीबी की रिपोर्ट में भी बढ़े हुए पीएम 2.5 और पीएम 10 को प्रदूषण का मुख्य कारण बताया गया है।
आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद कम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल वायु गुणवत्ता में त्वरित सुधार के संकेत नहीं हैं। बारिश या तेज हवाओं से ही प्रदूषक कणों को वातावरण से हटाया जा सकता है, लेकिन अगले कुछ दिनों तक ऐसे हालात बनने की संभावना बेहद कम है। ऐसे में हवा की स्थिति और बिगड़ सकती है।
सांस के मरीजों और बुजुर्गों के लिए बढ़ा खतरा
चिकित्सकों का कहना है कि एक्यूआई 200 के पार जाते ही अस्थमा, सीओपीडी, हृदय रोगियों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलने से बचने, मास्क का प्रयोग करने और प्रदूषित इलाकों में अनावश्यक आवाजाही से परहेज करने की सलाह दी गई है।
ऋषिकेश की हवा भी प्रभावित
प्रदूषण का असर ऋषिकेश तक भी पहुंच गया है। मंगलवार को ऋषिकेश का एक्यूआई 105 दर्ज किया गया, जो भले ही खराब श्रेणी में नहीं आता, लेकिन आमतौर पर बेहद स्वच्छ हवा वाले इस क्षेत्र के लिए यह चिंताजनक संकेत है।
पीएम 2.5 और पीएम 10 क्यों हैं खतरनाक
पीएम 10 और पीएम 2.5 हवा में मौजूद सूक्ष्म कण होते हैं। इनमें पीएम 2.5 बेहद बारीक होने के कारण फेफड़ों में गहराई तक जाकर रक्त में मिल सकता है, जिससे सांस, हृदय और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
मैदानी जिलों में कोहरे का अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तराखंड के मैदानी जिलों, खासकर हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में घने कोहरे को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं देहरादून में आंशिक बादल छाए रहने और मौसम शुष्क रहने की संभावना जताई गई है।
मुख्यमंत्री धामी ने व्यक्त किया शोक, पीड़ित परिवार को हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन
देहरादून। दिवंगत वरिष्ठ पत्रकार पंकज मिश्रा की पत्नी लक्ष्मी मिश्रा तथा उनके भाई अरविंद मिश्रा ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट की। इस दौरान उन्होंने दिवंगत पत्रकार से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने परिवार को हरसंभव सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इस प्रकरण में विधि सम्मत कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने और शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा- उपाध्यक्ष एमडीडीए
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अपने अधीन क्षेत्र में अवैध निर्माण और बिना स्वीकृति किए जा रहे विकास कार्यों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए विधिसम्मत कार्रवाई की है। प्राधिकरण द्वारा यह कार्रवाई ग्राम कण्डोगल, कुड़ियाल गाँव, थानों तहसील डोईवाला, देहरादून में स्थित एक प्रकरण में की गई है, जहां बिना अनुमति के पूर्व निर्मित आवासीय भवन के प्रथम एवं द्वितीय तल पर मस्जिद का संचालन किया जा रहा था।
प्राधिकरण के संज्ञान में आने पर यह पाया गया कि विपक्षी प्रबन्धक, इन्तजामिया कमेटी जामा मस्जिद ग्राम कण्डोगल द्वारा लगभग 20 गुणा 40 फीट के क्षेत्रफल में बिना मानचित्र स्वीकृति एवं बिना अनुमति के निर्माण एवं संचालन किया जा रहा है। इस पर एमडीडीए द्वारा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए निर्माण एवं विकास कार्य पर रोक लगा दी गई थी।
प्रकरण में सुनवाई के लिए तिथियां नियत की गईं, लेकिन विपक्षी की ओर से किसी भी तिथि पर कोई संतोषजनक प्रतिउत्तर या आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। अवर अभियन्ता एवं सहायक अभियन्ता की आख्या में यह भी स्पष्ट किया गया कि उत्तराखण्ड मदरसा शिक्षा परिषद, देहरादून के पत्र संख्या 673 दिनांक 25 मार्च 2025 के अनुसार थानो न्याय पंचायत क्षेत्र में कोई भी मदरसा परिषद में पंजीकृत अथवा मान्यता प्राप्त नहीं है। वहीं उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के पत्र संख्या 1493 दिनांक 22 मार्च 2025 में भी संबंधित क्षेत्र में किसी मस्जिद के वक्फ अभिलेखों में दर्ज न होने की पुष्टि की गई है।
विपक्षी द्वारा आज तक कोई शमन मानचित्र प्रस्तुत न किए जाने और बार-बार शिकायतें प्राप्त होने के चलते यह प्रतीत हुआ कि प्रकरण को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है। उपलब्ध अभिलेखों, अभियन्ताओं की आख्या तथा उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम, 1973 की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत प्राधिकरण ने समस्त अवैध निर्माण के विरुद्ध सीलिंग आदेश पारित किए गये थे। जिसे पुलिस बल की मौजूदगी में प्राधिकरण की टीम द्वारा सील कर दिया गया।
उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति किए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि संबंधित प्रकरण में सभी पक्षों को सुनवाई का पूरा अवसर दिया गया, लेकिन नियमों का पालन नहीं किया गया। शहर के सुनियोजित विकास, सुरक्षा और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए ऐसी विधिसम्मत कार्रवाई आवश्यक है और भविष्य में भी यह अभियान जारी रहेगा।
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि यह कार्रवाई उत्तराखण्ड नगर एवं ग्राम नियोजन तथा विकास अधिनियम के तहत की गई है। सभी तकनीकी आख्या और अभिलेखों के आधार पर निर्णय लिया गया है। नियमों के उल्लंघन पर प्राधिकरण आगे भी सख्ती से कार्रवाई करता रहेगा।
उत्तराखण्ड के विकास और सांस्कृतिक विषयों पर हुई चर्चा
देहरादून /नई दिल्ली | उत्तराखण्ड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने आज नई दिल्ली में देश के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने गृह मंत्री से मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया।
भेंट के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने उत्तराखण्ड की समृद्ध लोकसंस्कृति एवं परंपरा की प्रतीक, यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त “रम्माण” लोकनाट्य पर आधारित एक पुस्तक गृह मंत्री को भेंट की। साथ ही उन्होंने इस अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण, संवर्धन एवं विस्तार की आवश्यकता पर अंतरराष्ट्रीय संसदीय अध्ययन, शोध एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी देते हुए राज्य की विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से उन्हें अवगत कराया।
इस अवसर पर कोटद्वार के समग्र विकास, सांस्कृतिक संरक्षण तथा लोक परंपराओं के संवर्धन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक चर्चा हुई। गृह मंत्री अमित शाह ने इन सभी विषयों पर मार्गदर्शन प्रदान करते हुए आवश्यक सहयोग हेतु आश्वस्त किया।
गृह मंत्री द्वारा प्रदान किया गया स्नेह, प्रेरक मार्गदर्शन एवं अमूल्य समय उत्तराखण्ड के सर्वांगीण विकास तथा सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में निरंतर प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने गृह मंत्री अमित शाह के प्रति हार्दिक आभार एवं कृतज्ञता व्यक्त की।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक टिशू कल्चर लैब स्थापित करने के दिए निर्देश
कृषि योजनाओं की समीक्षा बैठक, मंत्री गणेश जोशी ने दिए अहम निर्देश
देहरादून। सूबे के कृषि मंत्री गणेश जोशी ने आज कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ अपने कैंप कार्यालय में बैठक कर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में कृषि मंत्री ने प्रदेश में टिशू कल्चर को बढ़ावा देने पर विशेष जोर देते हुए गढ़वाल एवं कुमाऊं मंडल में एक-एक टिशू कल्चर लैब स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टिशू कल्चर तकनीक किसानों को कम लागत, कम जोखिम और अधिक आय का अवसर प्रदान करेगी। यह खेती को आधुनिक, वैज्ञानिक और व्यावसायिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित होगा।
कृषि मंत्री जोशी ने टिशू कल्चर को प्रोत्साहित करने हेतु विभागीय अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार करने के साथ-साथ किसानों को अधिक लाभ देने वाली फसलों की ओर प्रेरित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के निर्देश दिए। कृषि मंत्री गणेश जोशी ने एरोमा सेक्टर की संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए पहाड़ी क्षेत्रों में लैवेंडर, डेंडेलाइन जैसी फसलों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एरोमा के क्षेत्र में अधिक से अधिक किसानों को जोड़ते हुए नवाचार आधारित कार्य किए जाएं। साथ ही कृषि एवं उद्यान क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं इनोवेटिव कार्य कर रहे निजी संस्थानों को भी योजनाओं से जोड़ने पर बल दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने विदेशी बाजारों में निर्यात होने वाले कृषि एवं उद्यान उत्पादों की अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप जांच के लिए राज्य में टेस्टिंग लैब की डीपीआर शीघ्र तैयार करने तथा इसके लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फूड प्रोसेसिंग यूनिट की स्थापना से संबंधित सभी आवश्यक कागजी कार्यवाही जल्द पूर्ण कर कार्य प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए।
कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से कहा कि सभी योजनाएं समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से धरातल पर उतरें, इसके लिए अधिकारी पूरी निष्ठा और मनोयोग से कार्य करें, ताकि किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।
इस अवसर पर कृषि उद्यान महानिदेशक वंदना सिंह, निदेशक बागवानी मिशन महेंद्र पाल, एके उपाध्याय, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
सोमेश्वर के रैत में किया मिनी स्टेडियम का शिलान्यास
सोमेश्वर/अल्मोड़ा। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने अल्मोड़ा में सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के रैत में मिनी स्टेडियम का शिलान्यास किया। इस स्टेडियम का निर्माण 97.89 लाख रुपए की लागत से किया जा रहा है ।
सोमेश्वर के रैत में मिनी स्टेडियम का शिलान्यास करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के कोने कोने में खेल सुविधाएं पहुंचना उनका प्राथमिक लक्ष्य है जिससे हर घर से खिलाड़ी तैयार करने का सपना पूरा हो सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने सोमेश्वर में खेल मैदान के नाम पर महज एक जमीन का टुकड़ा छोड़कर खानापूर्ति कर ली थी लेकिन मौजूदा सरकार ने इस सपने को साकार करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार जो घोषणा करती है उसे अंजाम तक पहुंच कर ही रहती है।

खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि उच्च स्तरीय खेल सुविधा वाला मिनी स्टेडियम बनने के बाद इस क्षेत्र से राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के तैयार होने का रास्ता साफ होगा।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मण्डल अध्यक्ष सुन्दर राणा, गणेश जलाल, खड़क सिंह, विधायक प्रतिनिधी भुवन जोशी, राजेन्द्र कैडा, अनिल राणा, चन्दन बोरा जी, भरत भाकुनी, विनोद मेहरा, शंकर बिष्ट, वन्दना आर्या, प्रकाश भण्डारी, बहादुर सिंह, नरेन्द्र नेगी, ग्राम प्रधान शंकर राम, गोपाल राणा, सुनील कुमार, कमल कैड़ा, बबलू बोरा, पंकज बजेली, कैलाश राणा, हरीश कुमार, दलीप रौतेला, कैलाश बोरा आदि उपस्थित रहे।
एक्स-रे मशीन का लोकार्पण किया
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को सोमेश्वर में नवनिर्मित उप जिला अस्पताल में एक्स-रे मशीन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जल्द ही यह अस्पताल अपनी पूरी क्षमता के साथ संचालित होने जा रहा है जिसके बाद क्षेत्र की जनता को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब सिर्फ बेहद गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए ही क्षेत्र के लोगों को कहीं बाहर जाने की जरूरत होगी क्योंकि इस अस्पताल में लगभग सभी बीमारियों का उपचार संभव होगा। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अस्पताल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और यहां स्टाफ की नियुक्ति संबंधी औपचारिकताएं पूरी करने की तैयारी चल रही है।
