सड़क मार्ग ठप, थराली-देवाल-नारायणबगड़ ब्लॉकों में स्कूल बंद
सीएम धामी ने जताया दुख, स्थिति पर खुद रख रहे नजर
चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में देर रात बादल फटने से हालात भयावह हो गए। थराली तहसील के टूनरी गदेरा और आसपास के इलाकों में अचानक आए सैलाब ने तबाही मचा दी। थराली बाजार, कोटदीप, चेपड़ों और सागवाड़ा सहित कई जगहों पर मलबा भर गया। घरों और दुकानों को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि कई वाहन मलबे में दब गए।
राहत और बचाव कार्यों के लिए गौचर से एनडीआरएफ और आईटीबीपी, ग्वालदम से एसएसबी की टीमें रवाना हो चुकी हैं। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें भी मौके पर जुटी हैं। जानकारी के अनुसार, एक युवती समेत दो लोग लापता बताए जा रहे हैं।
तहसील परिसर के राड़ीबगड़ क्षेत्र में बरसाती गदेरा उफान पर आ गया जिससे एसडीएम आवास भी मलबे से प्रभावित हुआ। देर रात एसडीएम और अन्य अधिकारी सुरक्षित स्थानों पर पहुंच गए। थराली-ग्वालदम मार्ग और थराली-सागवाड़ा मार्ग भी भूस्खलन और मलबे के कारण बंद हो गए हैं।
सागवाड़ा गांव में एक व्यक्ति और 20 वर्षीय युवती के मलबे में दबने की सूचना है। वहीं, प्रशासन ने भारी बारिश को देखते हुए थराली, देवाल और नारायणबगड़ ब्लॉकों के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है।
सीएम धामी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले में बादल फटने की घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन, एसडीआरएफ और पुलिस राहत-बचाव कार्य में पूरी तरह जुटे हुए हैं और वे स्वयं स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
पुस्तकालयों में महापुरुषों की जीवनी व मैगजीन भी अनिवार्य
देहरादून: प्रोजेक्ट ‘उत्कर्ष’ के तहत जिले के सभी सरकारी स्कूल फर्नीचरयुक्त हो गए हैं और बच्चों को आधुनिक पठन-पाठन व खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रोजेक्ट के तहत 46 विद्यालयों में विद्युत संयोजन, 1248 विद्यालयों में व्हाइट बोर्ड, 348 में पानी की टंकी, 754 में मंकी नेट, 246 में झूले, 337 में बेबी स्लाइड, 46 में वॉलीबॉल कोर्ट, 109 में बैडमिंटन कोर्ट और 93 विद्यालयों में वॉल पेंटिंग कराई गई है। 39 प्राथमिक और 45 माध्यमिक विद्यालय फर्नीचरयुक्त किए गए हैं। हर कक्षा में एलईडी स्क्रीन लगाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।
केजीबीवी कोरवा (कालसी) में डिजिटल बोर्ड, सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट कनेक्शन, रोटीमेकर, वॉटर प्यूरीफायर, डाइनिंग टेबल-कुर्सियां, हीटर और अन्य आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध करा दी गई हैं। छात्रावास में खेल मैदान का समतलीकरण, कोबरा फेंसिंग, पेयजल व वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
बच्चों को मिलेगी आधुनिक शिक्षा और खेल सुविधाएँ
प्रोजेक्ट उत्कर्ष के अंतर्गत 215 राजकीय विद्यालयों को सीएसआर मद से 6801 फर्नीचर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा डीएमएफ, हुडको और ओएनजीसी ने भी विशेष सहयोग दिया है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यालय की लाइब्रेरी में समाचार पत्र, सामान्य ज्ञान की पुस्तकें, महापुरुषों की जीवनियाँ, आत्मकथाएँ और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें अनिवार्य रूप से रखी जाएँ। बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ खेल और कौशल विकास से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार हो सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद कुमार ढौंडियाल, जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
196 पदों पर ग्रेड पे सहित एसीपी लाभ प्रदान करने का आदेश जारी
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के चिकित्सकों को बड़ी राहत और सौगात दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को अब एसडी एसीपी (SD ACP) का लाभ प्रदान किया जाएगा। इस संबंध में स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ हमारे डॉक्टर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर पहाड़ की कठिन परिस्थितियों में भी चिकित्सक पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। उनके हितों का ध्यान रखना हमारी प्राथमिकता है। एसीपी का लाभ मिलने से चिकित्सकों को न केवल आर्थिक मजबूती मिलेगी बल्कि सेवा के प्रति और अधिक समर्पण की भावना भी बढ़ेगी। सरकार हमेशा अपने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ खड़ी है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार के आदेशानुसार प्रांतीय चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्साधिकारियों को एसीपी का लाभ शासनादेश संख्या 654 (दिनांक 14.07.2016) तथा शासनादेश संख्या 154 (दिनांक 04.02.2019) में निहित प्रावधानों के तहत प्रदान किया जाएगा। स्क्रीनिंग कमेटी की संस्तुति के आधार पर इस लाभ की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल 196 पदों का विवरण इस प्रकार है। लेवल 11 में 70 पद स्वीकृत हैं जिनका ग्रेड पे ₹5400 है। लेवल 12 में 56 पद हैं जिनका ग्रेड पे ₹6600 निर्धारित है। लेवल 13 में दो श्रेणियाँ हैं, जिनमें 27 पद ₹7600 ग्रेड पे तथा 43 पद ₹8700 ग्रेड पे वाले हैं। इस प्रकार कुल मिलाकर सभी स्तरों को मिलाकर 196 पद बनते हैं।
इस फैसले से बड़ी संख्या में चिकित्साधिकारियों को लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सशक्त बनाने में मदद मिलेगी।
परेड ग्राउंड में आयोजित होगा राष्ट्रीय खेल दिवस पर रंगारंग समारोह
खेल निदेशालय में आयोजित बैठक में कैबिनेट मंत्री ने की तैयारी की समीक्षा
देहरादून। 38 वे राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को उनकी नगद इनाम धनराशि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के समारोह में प्रदान की जाएगी। इनके अलावा प्रदेश के खिलाड़ियों को कुल मिलाकर लगभग 22 करोड रुपए की धनराशि इस दिन वितरित की जाएगी।
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने शुक्रवार को खेल निदेशालय के सभागार में आयोजित बैठक में इस समारोह की तैयारी की समीक्षा की। बैठक के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि परेड ग्राउंड में 29 अगस्त को भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। जिसमे पांडवाज बैंड की परफॉर्मेंस भी होगी। इसके अलावा योगासन और मलखंब जैसी खेल विधाओं का प्रदर्शन भी समारोह में किया जाएगा।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि समारोह में 38 वे राष्ट्रीय खेल के पदक विजेताओं को उनकी नगद इनाम धनराशि के 11.69 करोड़ रुपए प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के लिए पदक जीतने वाले कुल 432 खिलाड़ियों और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीतने वाले उत्तराखंड के 27 खिलाड़ियों को भी नगद इनाम धनराशि वितरित की जाएगी।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि समारोह में मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के अंतर्गत 8 से 14 वर्ष तक के 3900 चयनित खिलाड़ियों को 1 करोड़ 75 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा मुख्यमंत्री प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य के 14 से 23 वर्ष तक के 2199 चयनित खिलाड़ियों को 3 करोड़ 97 लाख रुपए से ज्यादा की धनराशि डीबीटी की जाएगी। इन दोनों योजनाओं के लाभार्थियों को 3 महीने मई, जून और जुलाई की राशि एक साथ दी जा रही है।
बैठक में खेल निदेशक आशीष चौहान, अपर निदेशक अजय अग्रवाल, उपनिदेशक शक्ति सिंह और महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्राचार्य राजेश मंमगाई आदि उपस्थित रहे।
सीएम धामी ने केंद्रीय मंत्री से की कुंभ 2027 के लिए विकास परियोजनाओं में सहयोग की मांग
देहरादून/नई दिल्ली। उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट की और राज्य के लिए कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश, हरिद्वार और अन्य तीर्थ क्षेत्रों में आगामी कुंभ 2027 को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे के विकास तथा आवास योजनाओं से जुड़े विषयों पर केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के गंगा कॉरिडोर में HT/LT विद्युत लाइनों के भूमिगतकरण और स्वचालन से जुड़े ₹547.83 करोड़ की डीपीआर को RDSS योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने हेतु केंद्रीय मंत्री का आभार जताया। साथ ही हरिद्वार कुंभ क्षेत्र के लिए ₹315 करोड़ के समान प्रस्ताव को भी RDSS योजना में सम्मिलित करते हुए शीघ्र अनुमोदन का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत Whitelisting और Redeemable वाउचर प्रणाली के कारण निजी डेवलपर्स परियोजनाओं में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती 40:40:20 की चरणबद्ध भुगतान प्रणाली को पुनः लागू करने हेतु अनुरोध किया ताकि योजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जा सके।
मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में राज्य में एएचपी घटक के अंतर्गत 15960 आवासीय इकाइयों का निर्माण प्रगति पर है। इनमें से 15281 इकाइयां लाभार्थियों को आवंटित की जा चुकी हैं। परंतु ईडब्ल्यूएस वर्ग के लाभार्थियों की असंगठित आय एवं कम CIBIL स्कोर के कारण अग्रणी बैंकों से ऋण सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि बैंकों, एनबीएफसी, एसएलबीसी और आरबीआई को इस विषय में विशेष दिशा-निर्देश जारी किए जाएं ताकि अधिक से अधिक लाभार्थी योजना का लाभ उठा सकें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ऋषिकेश-गंगा, हरिद्वार-गंगा और टनकपुर स्थित शारदा रिवरफ्रंट को विश्व स्तरीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के रूप में विकसित कर रही है। उन्होंने टीएचडीसी की सीएसआर निधि से ₹100 करोड़ के सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा कि यह प्रयास न केवल “नमामि गंगे” कार्यक्रम को बल देगा, बल्कि सतत पर्यटन और स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा देगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होने पर उत्तराखंड आगामी कुंभ के भव्य, सुरक्षित एवं पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील आयोजन के साथ-साथ आवास एवं आधारभूत संरचना विकास के क्षेत्र में एक नई ऊँचाई प्राप्त करेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।
स्यानाचट्टी के घरों और होटलों में घुसा पानी, लोगों में दहशत
स्यानाचट्टी। उत्तरकाशी जनपद में एक बार फिर कुदरत ने अपना रौद्र रूप दिखाया है। पहले धराली और अब स्यानाचट्टी क्षेत्र भारी मलबे और पत्थरों से प्रभावित हो रहा है। कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और बोल्डर बहकर आने से यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। इसके चलते स्यानाचट्टी के कई घरों और होटलों में पानी घुस गया, जिससे लोगों में दहशत फैल गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने स्यानाचट्टी, कुथनौर और खरादी क्षेत्र के सभी भवनों व होटलों को खाली करवा दिया। अब तक करीब 300 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जा चुका है। वहीं, खतरे की आशंका के कारण कई ग्रामीण अपने मूल गांवों – स्यालना, पुजारगांव, पाली और भंसाड़ी लौट गए हैं।
हालांकि दिन में मौसम साफ होने से कुछ राहत मिली और जलस्तर घटा, लेकिन देर शाम दोबारा भारी मलबा आने से संकट और बढ़ गया। तेज धूप में भी कुपड़ा खड्ड से लगातार मलबा और पत्थर आ रहे हैं, जिसके चलते नदी का प्रवाह रुक-रुककर प्रभावित हो रहा है।
यमुनोत्री हाईवे पर बना पुल भी झील के बढ़ते जलस्तर से आधा डूब चुका है, जिससे राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सिंचाई विभाग की तीन पोकलेन मशीनें नदी का प्रवाह सामान्य करने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन बार-बार मलबा आने से काम अधर में लटका है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि हर बार बारिश में स्यानाचट्टी और आसपास के लोगों को इस भय से जूझना न पड़े। वहीं, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर डटी हुई हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्चुअल माध्यम से जुड़े ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी
देहरादून। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आगामी सितम्बर माह में होने वाले चिंतन शिविर कार्यक्रम के संबंध में आयोजित वर्चुअल बैठक में उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भी वर्चुअल माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में देशभर के विभिन्न राज्यों के ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 4-5 सितम्बर, 2025 को राजस्थान के उदयपुर में प्रस्तावित चिंतन शिविर के सफल आयोजन हेतु सभी राज्यों से सुझाव आमंत्रित किए।
इस अवसर पर प्रदेश के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह चिंतन शिविर ग्रामीण विकास की नीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार ग्राम्य विकास के क्षेत्र में केंद्र की योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मंत्री जोशी ने ग्रामीण आजीविका, स्वावलंबन, स्वरोजगार एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा देने से जुड़े अपने सुझाव भी साझा किए।
इस दौरान मंत्री जोशी ने अधिकारियों को नॉर्थ ईस्ट के हिमालयी राज्यों का अध्ययन करने के भी निर्देश दिए, ताकि पर्वतीय राज्यों में ग्राम्य विकास से संबंधित योजनाओं का बेहतर और व्यावहारिक क्रियान्वयन किया जा सके।
इस अवसर पर आयुक्त ग्राम्य विकास अनुराधा पाल, अपर सचिव ग्राम्य विकास झरना कमठान सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध सिद्धपीठ सुरकंडा देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को 23 अगस्त से 17 सितंबर तक थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा। मंदिर तक पहुँचने के लिए बनाई गई रोपवे सेवा को वार्षिक रख-रखाव और निरीक्षण के लिए 26 दिनों के लिए बंद कर दिया जाएगा।
इस संबंध में जानकारी देते हुए रोपवे सेवा के प्रबंधक सी.बी. सिंह और समन्वयक नरेश बिजल्वाण ने बताया कि 23 अगस्त शनिवार से लेकर अगले महीने 17 सितंबर तक टॉवर, केबिन, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल सिस्टम की गहन जांच और मरम्मत का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस निरीक्षण में देश और विदेश के विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम शामिल होगी, जो लोड कैपेसिटी, विंड प्रेशर, सुरक्षा मानकों समेत सभी तकनीकी पहलुओं की जांच करेगी।
श्रद्धालुओं को चढ़नी होगी डेढ़ किमी खड़ी चढ़ाई
रोपवे बंद रहने की अवधि में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंदिर तक पहुंचने के लिए लगभग 1.5 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई करनी होगी। यह चढ़ाई बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के लिए थोड़ी मुश्किल हो सकती है। प्रबंधकों ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यह कार्य उनकी सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।
तीन गुना बढ़ी है श्रद्धालुओं की संख्या
बता दें कि रोपवे सेवा शुरू होने के बाद से सुरकंडा देवी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या तीन गुना तक बढ़ चुकी है। खासकर बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए यह सेवा बेहद सहायक और सुलभ रही है। इस सेवा ने न केवल यात्रा को आसान बनाया है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा दिया है।
प्रबंधन का संदेश: असुविधा के लिए खेद, सहयोग अपेक्षित
रोपवे प्रबंधन ने कहा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, और सभी तकनीकी निरीक्षण पूर्ण होने के बाद ही सेवा को दोबारा शुरू किया जाएगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से धैर्य और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया से भेंट कर राज्य में खेलों के व्यापक विकास, उच्च स्तरीय खेल अवस्थापना के निर्माण तथा खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की और केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन में केंद्र सरकार से प्राप्त सहयोग के लिए प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस खेल महाकुंभ ने उत्तराखण्ड को एक नई पहचान दिलाई है। इस आयोजन के माध्यम से उत्तराखण्ड ने स्वयं को एक ‘खेलभूमि’ के रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से जिला अल्मोड़ा के डीनापानी में उच्च स्तरीय खेल सुविधा की स्थापना, देहरादून स्थित महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज परिसर में आईस स्केटिंग रिंग का संचालन, जिला नई टिहरी में साहसिक प्रशिक्षण केन्द्र का उच्चीकरण, चंपावत के महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में इंडोर आर्टिफिशियल रॉक क्लाइम्बिंग की सुविधा और राज्य के 95 विकासखण्डों में बहुउद्देशीय क्रीड़ाहॉल के निर्माण के प्रस्ताव स्वीकृत किये जाने का अनुरोध किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उत्तराखण्ड में राज्य का प्रथम खेल विश्वविद्यालय स्थापित किया गया है, जो राज्य एवं देश के खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ खेल से संबंधित शैक्षणिक कोर्सेज़ की सुविधा भी प्रदान करेगा। उन्होंने इस विश्वविद्यालय को एक अग्रणी खेल संस्थान के रूप में विकसित करने हेतु केंद्र सरकार से आवश्यक सहयोग और यथासंभव आर्थिक सहायता/अनुदान प्रदान करने का आग्रह किया।
केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने हर सम्भव सहयोग के प्रति मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को आश्वस्त किया।
विधवा माला देवी को प्रताड़ित करने पर बैंक प्रबंधक पर ₹22 लाख की आरसी जारी
देहरादून। पति की मृत्यु के बाद भी ऋण बीमा लागू न करने और दो बच्चों की असहाय विधवा माता माला देवी को प्रताड़ित करने के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने केनफिन होम लि0 की सम्पत्ति कुर्क कर दी है, जिसकी नीलामी 23 अगस्त को की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बैंक की अमानवीय कार्यप्रणाली और मानसिक उत्पीड़न के मामले को गंभीर मानते हुए जीएमएस रोड स्थित केनफिन होम लि0 शाखा प्रबंधक पर ₹22 लाख की आरसी भी काटी है।
विधवा माला की शिकायत पर कार्रवाई
चुक्खुवाला निवासी माला देवी ने जिलाधिकारी से शिकायत की थी कि उनके पति स्व. उदय शंकर ने मकान खरीदने के लिए केनफिन लि0 से ₹20 लाख का ऋण लिया था, जिसका बीमा भी कराया गया था। अब तक ₹12.22 लाख की किस्तें जमा की जा चुकी थीं। 20 जनवरी 2025 को पति की मृत्यु हो जाने के बाद भी बैंक और बीमा कंपनी ने ऋण निपटाने की कार्रवाई नहीं की और उल्टा उन्हें परेशान किया जा रहा था, जिससे बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही थी।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के संकल्प अनुसार जिला प्रशासन निर्बल जनों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा। बैंकों द्वारा बीमा धोखाधड़ी और आश्रितों को प्रताड़ित करने की घटनाओं पर प्रशासन का कड़ा रुख जारी रहेगा।