सीएम धामी बोले—सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अखंड भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘भारत रत्न’ लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठ सोच और अदम्य साहस के बल पर देश की अनेक रियासतों का एकीकरण कर अखंड एवं सशक्त भारत की नींव रखी। राष्ट्रहित के प्रति उनका अटल संकल्प, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत हैं।उन्होंने कहा कि देश की एकता, अखंडता और समरसता के लिए सरदार पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा।
फसल नुकसान के दावे सबसे ज्यादा
देहरादून। राज्य में वन्यजीवों के हमलों से प्रभावित लोगों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग ने वन्यजीव संघर्ष से जुड़े मुआवजा प्रकरणों के निस्तारण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। लंबे समय से लंबित चल रहे मामलों में अब पीड़ितों को मुआवजा मिल सकेगा।
वन विभाग के पास मानव मृत्यु, घायल होने, फसल नुकसान, पशुधन हानि और भवन क्षति से जुड़े करीब 18 करोड़ रुपये के दावे लंबित थे। पर्याप्त बजट न होने के कारण इन मामलों में भुगतान अटका हुआ था। स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने आपदा मोचन निधि से सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध आपदा प्रबंधन विभाग से किया था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है। इस संबंध में विभाग द्वारा औपचारिक आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
फसल नुकसान के दावे सबसे अधिक
लंबित मुआवजा मामलों में सबसे बड़ी संख्या फसल क्षति से जुड़े प्रकरणों की है। हाथी सहित अन्य वन्यजीवों द्वारा फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया, जिसके लिए लगभग 13 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रस्तावित है। इसके अलावा पशु हानि और मकानों को हुए नुकसान के मामले भी सूची में शामिल हैं।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, मानव मृत्यु से जुड़े पांच मामलों में भी अनुग्रह राशि का भुगतान किया जाना है। अब स्वीकृत धनराशि मिलने के बाद वन विभाग द्वारा चरणबद्ध तरीके से सभी लंबित मुआवजा प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक संबल मिल सकेगा।
देश के विकास में जनसंचार और कम्युनिकेशन की निर्णायक भूमिका- डॉ. निशंक
स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का दूसरा दिन
देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हों। उन्होंने कहा कि जब तक महिलाओं को रोजगार, उद्यमिता और निर्णय प्रक्रिया में समान अवसर नहीं मिलेंगे, तब तक समावेशी विकास की कल्पना अधूरी रहेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनसंचार और पब्लिक रिलेशन आज देश और प्रदेश के विकास का एक प्रभावी माध्यम बन चुका है, जिसके जरिए सरकार और जनता के बीच मजबूत संवाद स्थापित किया जा सकता है।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी रविवार को सहस्रधारा रोड स्थित होटल द एमराल्ड ग्रैंड में आयोजित पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने पीआरएसआई की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था सरकार की नीतियों, योजनाओं और विकास कार्यों को आम जनता तक पहुंचाने में एक सशक्त सेतु का कार्य कर रही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज का युग सूचना और संवाद का है। जनसंचार के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जा सकती है। उन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि पीआर और कम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में महिलाओं के लिए अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पीआर इंडस्ट्री का आकार लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ-साथ यह चुनौती भी है कि सूचना विश्वसनीय, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से जनता तक पहुंचे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने पीआरएसआई के माध्यम से जनसंचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभिन्न एजेंसियों, संस्थानों और व्यक्तियों को सम्मानित भी किया।

जनसंचार देश के विकास की रीढ़ : डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’
पब्लिक रिलेशन सोसाइटी ऑफ इंडिया (पीआरएसआई) के 47वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कहा कि जनसंचार और कम्युनिकेशन देश के विकास की रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि पीआरएसआई जैसी संस्थाएं सरकार और समाज के बीच संवाद की कड़ी को मजबूत कर रही हैं। यह अत्यंत सराहनीय है कि देशभर से पब्लिक रिलेशन इंडस्ट्री से जुड़े विशेषज्ञ एक मंच पर एकत्र होकर भविष्य की चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते तकनीकी परिदृश्य में पीआर इंडस्ट्री को नवाचार, डिजिटल माध्यमों और विश्वसनीयता पर विशेष ध्यान देना होगा, ताकि लोकतंत्र की जड़ें और अधिक मजबूत हो सकें।
उत्तराखंड ने 25 वर्षों में तय की विकास की लंबी यात्रा : पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय
विशिष्ट अतिथि पद्मश्री डॉ. बी.के. संजय ने उत्तराखंड राज्य के 25 वर्षों की विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते ढाई दशकों में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, मेडिकल एजुकेशन और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में उत्तराखंड ने नए मानक स्थापित किए हैं। मूलभूत सुविधाओं में लगातार सुधार हुआ है और राज्य विकास के नए आयाम छू रहा है।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राष्ट्रीय सम्मान
सम्मेलन के दौरान उत्तराखंड के स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए पीआरएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ द्वारा प्रदान किया गया। सम्मान ग्रहण करते हुए डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के मार्गदर्शन में प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में टेलीमेडिसिन सेवाओं का विस्तार किया गया है तथा दुर्गम क्षेत्रों के लिए एयर एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री के नेतृत्व और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को समर्पित है। हमारा लक्ष्य राज्य के अंतिम छोर तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है।
सम्मेलन में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस अवसर पर पीआरएसआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत पाठक ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मेलन के दूसरे दिन गेल के सीईओ संदीप गुप्ता, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार, सचिव मुख्यमंत्री एवं एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी, प्रो. दुर्गेश पंत, संयुक्त निदेशक सूचना नितिन उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार अनुपम त्रिवेदी, डॉ. हिमांशु शेखर, सीआईएमएस के चेयरमैन एडवोकेट ललित जोशी, डॉ. सुरभि दहिया, समिदा देवी, मेजर अतुल देव, सी. रविंद्र रेड्डी सहित देशभर से आए पीआर और मीडिया जगत के अनेक प्रतिष्ठित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को रहा समर्पित
देहरादून/मदनपल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आंध्र प्रदेश के मदनपल्ली में देश के पूर्व प्रधानमंत्री और ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी के राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन देशसेवा, सुशासन और सामाजिक उत्थान को समर्पित रहा। उन्होंने अपने सशक्त नेतृत्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अटूट निष्ठा के माध्यम से भारत की राजनीति को नई दिशा दी। अटल जी के विचार और आदर्श आज भी देश को प्रेरणा देते हैं।

कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पीवीएन माधव, आंध्र प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सत्य कुमार वाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
आरोपी हाशिम के पैर में लगी गोली
खटीमा। तुषार हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। शनिवार देर रात पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में एक आरोपी हाशिम को गिरफ्तार कर लिया गया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। घायल अवस्था में उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी झनकट क्षेत्र में छिपा हुआ था और लंबे समय से फरार चल रहा था।
झनकट क्षेत्र में हुई मुठभेड़
पुलिस को सूचना मिली थी कि हत्याकांड का आरोपी झनकट इलाके में छिपा है। देर रात करीब एक बजे झनकट ईंट भट्ठे के पास पुलिस ने घेराबंदी की। खुद को घिरता देख आरोपी ने पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे काबू में ले लिया गया। सीओ खटीमा विमल रावत ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
विवाद से शुरू हुई थी वारदात
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 10 बजे आश्रम पद्धति स्कूल के पीछे रहने वाला तुषार शर्मा (24) बस स्टॉप के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद था। उसके साथ अभय और सलमान भी थे। इसी दौरान कुछ युवकों से कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस झगड़े के दौरान तीनों युवकों पर चाकुओं से हमला किया गया।
अस्पताल में हुई तुषार की मौत
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को खटीमा उप जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने तुषार शर्मा को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य दो घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया गया।
घटना के बाद शहर में तनाव
शनिवार सुबह युवक की हत्या की खबर फैलते ही इलाके में आक्रोश फैल गया। बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल के पास एकत्र हो गए। इस दौरान एक चाय की दुकान में आगजनी और आसपास की दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सूचना पर पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया। हालात को नियंत्रित करने के लिए क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
पुलिस की अपील
पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है और मामले की जांच जारी है।
निर्धारित समय में सफाई नहीं हुई तो दर्ज होगा मुकदमा- डीएम सविन बंसल
देहरादून। जिले में राजमार्गों और सार्वजनिक स्थलों पर बढ़ती गंदगी को लेकर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने हरिद्वार बाईपास सहित कई प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर भारी मात्रा में कूड़ा-कचरा पाए जाने पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 152 (पूर्व में सीआरपीसी की धारा 133) के तहत आपराधिक नोटिस जारी किए हैं।
स्थलीय निरीक्षण में उजागर हुई गंभीर स्थिति
जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलदार डोईवाला और ऋषिकेश की संयुक्त टीमों ने हरिद्वार बाईपास रोड पर रिस्पना पुल से लच्छीवाला, भानियावाला टोल, एयरपोर्ट रोड, लालतप्पड़ क्षेत्र, रायवाला अंडरपास, ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे सर्विस रोड का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान इन क्षेत्रों में जगह-जगह कूड़े के ढेर पाए गए, जिससे पर्यावरण और भू-जल प्रदूषण का खतरा बढ़ गया है। साथ ही संक्रामक रोग फैलने और वन्य जीवों की आवाजाही से आमजन की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
लोक मार्ग पर न्यूसेन्स मानते हुए कार्रवाई
प्रशासन ने इस स्थिति को लोक मार्ग पर न्यूसेन्स (लोक बाधा) की श्रेणी में माना है। इसके तहत परियोजना निदेशक एनएचएआई, प्रभागीय वनाधिकारी देहरादून, अधिशासी अभियंता एनएच खंड डोईवाला सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सात दिनों के भीतर पूरे क्षेत्र से कूड़े-कचरे का पूर्ण निस्तारण कर स्थायी स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करें।
19 दिसंबर को एसडीएम न्यायालय में पेश होने के आदेश
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को 19 दिसंबर 2025 को एसडीएम न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही साफ-सफाई के कार्य की फोटोग्राफ सहित अनुपालन रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
ग्राम प्रतीतनगर, रायवाला रेलवे स्टेशन और नेशनल हाईवे सर्विस रोड के किनारे गंदगी पाए जाने पर एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर, सहायक वन संरक्षक, लोक निर्माण विभाग ऋषिकेश के अधिशासी अभियंता, जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी और रायवाला रेलवे अधीक्षक को भी नोटिस जारी किए गए हैं।
अनुपालन न होने पर होगी आपराधिक कार्रवाई
जिलाधिकारी सविन बंसल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि तय समयसीमा में निर्देशों का पालन नहीं करने पर स्वतः आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत दोषी पाए जाने पर छह माह तक के कारावास का प्रावधान भी लागू किया जा सकता है।
प्रशासन ने साफ किया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और ऐसे स्थलों पर नियमित निरीक्षण जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर गांव-गांव पहुंचेगी सरकार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में 17 दिसम्बर से 45 दिनों तक ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ अभियान संचालित किया जाएगा। इस अभियान के दौरान विभिन्न न्याय पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में कैंम्प लगाकर आम आदमी से जुडी योजनाओं का लाभ जन सामान्य तक उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जायेगा। इस अभियान में राजस्व, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, समाज कल्याण सहित 23 विभाग शामिल रहेंगे। इस संबंध में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
सामान्य प्रशासन सचिव विनोद कुमार सुमन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को प्रेषित पत्र में प्रदेश में केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जरूरतमंदों लोगों को विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया 17 दिसम्बर से 45 दिनों तक प्रदेश में ‘‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’’ अभियान के अन्तर्गत विभिन्न न्याय पंचायतों में कैम्प लगाकार न्याय पंचायतों, ग्राम पंचायतों में विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए जन सामान्य से आवेदन पत्र प्राप्त करते हुए उस पर कार्यवाही की जाएगी।
सचिव ने बताया कि यह कार्यक्रम न्याय पंचायत के स्तर पर संचालित किया जाएगा और वहां पर बहुउद्देशीय शिविर/कैम्प का आयोजन किया जाएगा। यदि कोई न्याय पंचायत बहुत बड़ी हो तो उस न्याय पंचायत में दो भागों में गांव को विभक्त करते हुए कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।उन्होंने कहा कि इस अभियान के दौरान बहुउद्देशीय शिविर में उपस्थित लोगों को केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की ओर से संचालित की जा रही विभिन्न प्रकार की योजनाओं की जानकारी प्रदान की जाएगी और कैम्प में उपस्थित पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कैम्प के उपरान्त निकट के किसी गांव में सभी अधिकारियों की ओर से भ्रमण किया जाएगा और उस गांव के सभी पात्र व्यक्तियों को केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित करने के लिए आवेदन पत्र भरावाए जाएंगे। उस ग्राम पंचायत के सभी निवासीगण केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की सभी प्रकार की योजनाओं से पूरी तरह से लाभान्वित हो सकें और कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रह सके, इस पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
इस संबंध में उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि शिविर से पूर्व मीडिया के माध्यम से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जनपद में अधिकारियों की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक सप्ताह में कम से कम 02 से 03 कार्य दिवसों में प्रत्येक तहसील की न्याय पंचायतों में यह कैम्प लगाया जाना सुनिश्चित किया जाय। प्रयास किया जाय कि प्रत्येक सप्ताह जनपद में जितनी तहसील है उनकी कम से कम एक-एक न्याय पंचायतों में यह आयोजन किया जाए। यह कार्यक्रम न्यूनतम 45 दिन तक अनिवार्य रूप से सभी न्याय पंचायतों में चलाया जाना है। यदि इस अभियान के दौरान सभी न्याय पंचायतें आच्छादित नहीं हो पाते है तो कार्यकम को तद्नुसार जनपद की ओर से आवश्यकतानुसार इसे आगे भी विस्तारित किया जा सकता है।
उन्होंने निर्देश दिए है कि ग्राम स्तर पर केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित योजनाओं के लाभ से संबंधित क्षेत्र और ग्राम पंचायत में कौन-कौन से लोग वंचित है, इसका पूर्व से ही विभिन्न विभागों के माध्यम से सर्वेक्षण करा लिया जाए और भ्रमण के दौरान इन कमियों को दूर करने की कार्यवाही की जाए और सभी संबंधित से आवेदन पत्र भरावाया जाएं।
पत्र के माध्यम से उन्होंने कहा है कि प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले किसी एक कैम्प में अनिवार्य रूप से जिलाधिकारी स्वयं उपस्थित रहें। अन्य कैम्पों कमशः मुख्य विकास अधिकारी अथवा अपर जिलाधिकारी अथवा उपजिलाधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। आयोजित होने वाले कैम्पों में नामित विभागों के अधिकारीगण कैम्पों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहे और कैम्प के दौरान यह प्रयास किया जाय कि आम जन मानस की समस्याओं का मौके पर ही समाधान सम्भव हो सके।
उन्होंने कहा कि कैम्प लगाये जाने के दो से तीन दिन पूर्व सभी प्रकार के आवेदन पत्र ग्राम स्तर पर उपलब्ध रहें, ताकि आवेदन पत्र भरे जाने में किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। उन्होंने जनपद स्तर पर न्याय पंचायतों में लगाये जाने वाले कैम्पों की रूप-रेखा,कार्य योजना एक सप्ताह में तैयार करते हुए शासन को उपलब्ध कराये जाने के निर्देश दिये है ताकि शासन स्तर के अधिकारियों द्वारा संचालित कैम्पों का औचक निरीक्षण किया जा सकें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्यक्रम के उपरान्त कार्यक्रम की सफलता और कार्यों का विवरण मीडिया को साझा किया जाए। प्रत्येक सप्ताह आयोजित होने वाले कार्यकमों की प्रगति आख्या अनिवार्य रूप से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव कार्यालय और सामान्य प्रशासन विभाग को उपलब्ध कराया जाए।
नाबालिग के साथ संदिग्ध स्थिति और मोबाइल से आपत्तिजनक सामग्री मिलने पर पुलिस से रिपोर्ट तलब
होटलों-गेस्ट हाउसों में रजिस्टर अनिवार्य, पुलिस व हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश
आरोपी के विरुद्ध हो कड़ी कार्रवाई, मामले की हो गंभीर जांच- कुसुम कण्डवाल
देहरादून। देहरादून के शिमला बाईपास निकट एक गेस्ट हाउस में रात तीन बजे एक नाबालिग लड़की के साथ धर्म विशेष के युवक के संदिग्ध अवस्था मे पकड़े जाने और उसके मोबाइल से बड़ी संख्या में लड़कियों की आपत्तिजनक चैट व वीडियो मिलने के मामले में उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लिया है। उन्होंने प्रकरण को अत्यंत गंभीर बताते हुए पुलिस से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है और नाबालिग की सुरक्षा, काउंसलिंग तथा परिजनों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि नाबालिग से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने एसपी सिटी को आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई करने, डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराने तथा गेस्ट हाउस प्रबंधन की भूमिका की भी जांच करने को कहा है। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए गेस्ट हाउसों में पहचान पत्र जांच और रजिस्टर में प्रविष्टि की व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराया जाए।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि यह अत्यंत गंभीर मामला है कि हमारी भोली भाली बच्चियों को धर्म विशेष के लोगो द्वारा अपने जाल में फंसा कर उनके साथ गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया जाना बहुत ही निंदनीय है। ऐसे में संलिप्त सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। आयोग पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
आयोग अध्यक्ष ने प्रकरण को गंभीर बताते हुए कहा कि आयोग की ओर से राज्य के समस्त जनपदों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया जाएगा कि किसी भी होटल, गेस्ट हाउस, रात्रि विश्राम गृह अथवा ठहरने की सभी जगहों पर आने-जाने वाले व्यक्तियों की पंजिका (रजिस्टर) का होना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए, साथ ही उनकी नियमित जांच की जाए।
देहरादून। देहरादून में आयोजित 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस उत्तराखंड के लिए गौरवपूर्ण क्षण लेकर आई। इस राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपर सचिव एवं सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी को सुशासन में उत्कृष्टता हेतु राष्ट्रीय सम्मान प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान प्रशासनिक दक्षता, पारदर्शी शासन व्यवस्था और प्रभावी जनसंचार के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया।
बंशीधर तिवारी ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकारी नीतियों, योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को आम जनता तक सरल, स्पष्ट और प्रभावी ढंग से पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डिजिटल माध्यमों के बेहतर उपयोग, नवाचार और संवेदनशील संचार रणनीतियों के जरिए उन्होंने सुशासन की अवधारणा को और सुदृढ़ किया है।
गौरतलब है कि देहरादून 13 से 15 दिसंबर तक 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस की मेज़बानी कर रहा है, जिसमें देशभर से जनसंपर्क, मीडिया और कम्युनिकेशन क्षेत्र के विशेषज्ञ भाग ले रहे हैं। पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) द्वारा आयोजित यह सम्मेलन “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर केंद्रित है। सम्मेलन में सुशासन, पारदर्शिता, डिजिटल कम्युनिकेशन और राष्ट्र निर्माण में जनसंपर्क की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया जा रहा है। यह आयोजन उत्तराखंड को राष्ट्रीय संवाद के एक प्रभावशाली केंद्र के रूप में स्थापित कर रहा है।
मेधावी छात्र देश के प्रमुख वैज्ञानिक व स्पेस संस्थानों का करेंगे दौरा
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा – 2025 में हाईस्कूल परीक्षा के टॉपर 240 छात्र – छात्राओं के दल को “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण” के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उक्त छात्र- छात्राएं अलग- अलग दलों में विभिन्न राज्यों का भ्रमण करेंगे।
एससीईआरटी ननूरखेड़ा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम” के जरिए प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को भारत की प्रगति, विज्ञान, तकनीक, इतिहास और संस्कृति को प्रत्यक्ष रूप से देखने-समझने का अवसर मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने छात्र -छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि वो अपनी डायरी में यात्रा अनुभव लिखने के साथ उत्तराखंड में पहली बार हुए नवाचारों और उपलब्धियों को भी दर्ज करें। मुख्यमंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने देश में पहली बार यूसीसी लागू कर अन्य राज्यों के लिए एक मॉडल प्रस्तुत किया है। इसी तरह राज्य में पहली बार सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को पहली बार सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति में प्रथम स्थान मिला, इसी तरह, 2023 में कर्तव्य पथ पर आयोजित परेड में उत्तराखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिला, राज्य में पहली बार 27 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी प्रदान की गई है, उत्तराखंड में पहली बार राष्ट्रीय खेलों का भी आयोजन किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई हुई। राज्य में पहली बार 10 हजार हजार एकड़ जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई, साथ ही साथ मदरसा बोर्ड को समाप्त किया गया, इसी तरह उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का पुरस्कार प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षिक भ्रमण से लौटने बाद इस डायरी के आधार पर प्रत्येक जनपद से दो – दो छात्र – छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वर्ष 2024-25 से प्रारम्भ इस कार्यक्रम के प्रथम चरण में 156 छात्रों ने देश के महत्वपूर्ण वैज्ञानिक व तकनीकी संस्थानों का भ्रमण किया, इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या बढ़कर 240 हो गई है। ये प्रतिभान छात्र- छात्राएं इसरो, श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, प्रोफेसर यूआर राव उपग्रह केंद्र, और विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र जैसे संस्थानों का दौरा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने छात्र – छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब वो इन संस्थानों का भ्रमण करेंगे तो उन्हें ये अनुभव होगा कि तकनीक के क्षेत्र में आज का नया भारत कितना आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि किताबों से मिली शिक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन प्रत्यक्ष अनुभव से समझ और दृष्टिकोण में कई गुना वृद्धि होती है। इस यात्रा का एक बड़ा लाभ ये होगा कि छात्र-छात्राओं में टीमवर्क, सामाजिक कौशल और आत्मविश्वास का विकास होगा। इस भ्रमण से प्राप्त अनुभवों को वो जीवनभर याद रखेंगे और उत्तराखंड के ब्रांड एम्बेसेडर के रूप में देश के विभिन्न भागों में हमारी संस्कृति, प्रकृति, खान-पान और पर्यटन की विशेषताओं को साझा करेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि आज का युग ज्ञान और कौशल का युग है। भारत दर्शन शैक्षिक भ्रमण पर जाने वाले छात्र – छात्राएं भविष्य में जिस भी क्षेत्र में जाएंगे अपने ज्ञान और कौशल से वो भविष्य के हमारे वैज्ञानिक, डॉक्टर, इंजीनियर, उद्यमी, कलाकार और नीति निर्माता बनेंगे। मुख्यमंत्री ने छात्र-छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा वो अपने सपनों को हमेशा बड़ा रखें। जीवन में चुनौतियाँ आएंगी, कठिनाइयाँ आएंगी, पर उनसे सीखते हुए आगे बढ़ने से आपको एक न एक दिन अवश्य सफलता मिलेगी।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में शिक्षा विभाग ने इस बार वंदेमातरम के डेढ़ सौ वर्ष पूरे होने के अवसर संविधान दिवस के दिन, 23 हजार स्कूलों में वंदेमातरम गायन किया, जिसमें रिकॉर्ड 21 लाख लोगों ने प्रतिभाग किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अगले वर्ष से शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम में एक हजार प्रतिभाशाली छात्र – छात्राओं को भेजे जाने की अनुमति प्रदान कर दी है।
कार्यक्रम में रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, सचिव रविनाथ रामन, अपर सचिव श्रीमती रंजना राजगुरु, शिक्षा महानिदेशक सुश्री दीप्ति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
