धामी सरकार के निर्देशों से मेडिकल शिक्षा को नई रफ्तार
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के बाद उत्तराखंड में मेडिकल एजुकेशन का विस्तार अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ चुका है। राज्य सरकार हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य की ओर तीव्रता से बढ़ रही है, और उसी अभियान का एक महत्वपूर्ण केंद्र बना है सीमांत पिथौरागढ़। कठिन भूगोल और सीमित संसाधनों के बावजूद यहां राजकीय मेडिकल कॉलेज का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह परियोजना अपने निर्णायक चरण में प्रवेश कर चुकी है।
मेडिकल कॉलेज परिसर अब लगभग पूरा आकार ले चुका है। विशाल इमारतें, सुव्यवस्थित ब्लॉक और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर—यह सब पिथौरागढ़ को पहाड़ का एक प्रमुख चिकित्सा केंद्र बनाने की दिशा में बड़े कदम साबित हो रहे हैं। स्थानीय जनता इस परियोजना को लेकर काफी उत्साहित है। लोगों की मानें तो मेडिकल कॉलेज शुरू होने के बाद अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए हल्द्वानी, देहरादून या बाहरी राज्यों की ओर जाने की मजबूरी खत्म होगी। रोजगार, व्यवसाय और आवागमन के नए अवसर भी जिले में उभरेंगे। सरकार ने 31 मार्च 2026 तक मेडिकल कॉलेज को पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य रखा है। अगर निर्माण की यही गति बनी रही तो यह लक्ष्य समय पर पूरा होता नजर आ रहा है।
पेयजल निगम की नवीनतम प्रगति रिपोर्ट बताती है कि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज के अधिकांश प्रमुख ब्लॉक 70 से 95 प्रतिशत तक पूरे हो चुके हैं। यह न केवल विभाग की कार्यकुशलता का प्रमाण है, बल्कि सीमांत जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का भविष्य भी उज्जवल होने जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार फैकल्टी ब्लॉक, लैबोरेट्री ब्लॉक और परीक्षा–लेक्चर थिएटर ब्लॉक 65 से 80 प्रतिशत तक बन चुके हैं। एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक में भी 45 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन भवनों के लगभग तैयार हो जाने से आने वाले दिनों में फैकल्टी नियुक्ति, विभागों की स्थापना और शैक्षणिक सत्र शुरू करने की दिशा में बड़ा रास्ता साफ होगा।
हॉस्टल भवनों में निर्माण कार्य सबसे तेज रहा है। बॉयज़ हॉस्टल 90 प्रतिशत और गर्ल्स हॉस्टल 80 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। गर्ल्स डाइनिंग ब्लॉक 78 प्रतिशत और बॉयज़ डाइनिंग 35 प्रतिशत निर्माण स्तर पर है। वहीं आवासीय ब्लॉकों में टाइप-6 और टाइप-4 श्रेणियां 85 से 96 प्रतिशत तक पूरी हो चुकी हैं। यह पूरी संरचना मेडिकल कॉलेज के संचालन को सुचारू बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, क्योंकि इससे डॉक्टरों, नर्सों, फैकल्टी और छात्रों को बेहतर रहने की व्यवस्था उपलब्ध होगी।
अस्पताल परिसर में भी प्रगति उल्लेखनीय है। इमरजेंसी ब्लॉक रिमॉडलिंग 90 प्रतिशत और IPD-1 में 75 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। OPD-2 (35%), जूनियर रेजिडेंट हॉस्टल (20%), और इंटर्न होस्टल (25–65%) में काम जारी है। कुछ नए ब्लॉक जैसे IPD-2, IPD-3, नर्स हॉस्टल, BMW ब्लॉक और मोर्चरी अभी शुरुआती चरण में हैं, लेकिन विभाग का दावा है कि जल्द ही इनके निर्माण में भी तेजी आएगी।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि, “पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री धामी की प्राथमिकता वाली परियोजनाओं में शामिल है। सीमांत जिले में अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराना हमारा संकल्प है। अधिकांश प्रमुख ब्लॉकों में तेज़ प्रगति हुई है और शेष कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। हमारा लक्ष्य सिर्फ एक मेडिकल कॉलेज बनाना नहीं, बल्कि इसे राज्य का ‘मॉडल मेडिकल इंस्टीट्यूट’ बनाना है। आने वाले वर्षों में यहाँ चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत केंद्र विकसित होगा।”
महिलाओं के साथ इस प्रकार के कुकृत्य करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शा जाएगा- कुसुम कण्डवाल
राजस्व पुलिस से रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर के निर्देश, दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश
देहरादून/चकराता। चकराता क्षेत्र में छह माह की गर्भवती महिला के साथ दुष्कर्म की घटना की जानकारी मिलने पर उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने स्वतः संज्ञान लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया है। अनुसूचित जाति की पीड़िता ने गांव के ही युवक पर सार्वजनिक शौचालय में जबरन ले जाकर दुष्कर्म करने का गंभीर आरोप लगाया है।
घटना पर अध्यक्ष कण्डवाल ने कहा कि यह अत्यंत दुखद और निन्दनीय मामला है। इस प्रकार की संवेदनशील घटना समाज को झकझोरने वाली है और आरोपियों की घटिया तथा निकृष्ट मानसिकता को दर्शाती है। गर्भवती महिला के साथ इस तरह का कुकृत्य महिला अस्मिता पर सीधा प्रहार है।
संज्ञान लेने के तुरंत बाद अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने उपजिलाधिकारी चकराता क्षेत्र प्रेम लाल को फोन पर वार्ता के क्रम में निर्देशित किया कि यह मामला राजस्व पुलिस से तत्काल रेगुलर पुलिस को ट्रांसफर किया जाए, जिससे निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी जांच सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिलाधिकारी देहरादून को भी मामले में गंभीर, ठोस और कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा है।
इसके अतिरिक्त, अध्यक्ष ने एसपी देहात देहरादून पंकज गैरोला को भी वार्ता करते हुये स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मामला रेगुलर पुलिस के पास आते ही त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए एवम आरोपी से किसी भी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए। अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने कहा “यह मामला किसी भी जाति से पहले महिला की अस्मिता पर आंच और असुरक्षा का है। आयोग महिलाओं के साथ इस प्रकार के कुकृत्य करने वालों को बिल्कुल नहीं बख्शेगा। दोषियों पर कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।”
उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पीड़िता को उचित से उचित चिकित्सा उपचार तत्काल उपलब्ध कराया जाए। गर्भावस्था को देखते हुए उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति पर विशेष ध्यान देने के आदेश जारी किए गए हैं। महिला आयोग ने स्पष्ट किया है कि पूरे मामले की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। पीड़िता को हर संभव न्याय दिलाया जाएगा।
देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। प्राधिकरण क्षेत्रान्तर्गत देहरादून, ऋषिकेश, विकासनगर, शिमला बाईपास सहित कई इलाकों में बीते दिनों महत्वपूर्ण कार्रवाइयाँ की गईं, जिनमें बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण और सीलिंग शामिल रहे। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि राजधानी देहरादून के सुनियोजित विकास और मास्टर प्लान के पालन में किसी भी प्रकार की ढील नहीं बरती जाएगी।
प्राधिकरण ने छरबा इंटर कॉलेज रोड स्थित मधुकर जोशी द्वारा लगभग 50 से 60 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई अमल में लाई। मौके पर अवैध रूप से काटी गई सड़कों और गैर-कानूनी रूप से विकसित हो रहे प्लॉटों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान अवर अभियंता सिद्धार्थ सेमवाल, अमन पाल, सुपरवाइजर टीम तथा पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्राधिकरण टीम ने स्पष्ट कर दिया कि बिना स्वीकृत नक्शे, बिना लेआउट अनुमोदन और नियमों के विपरीत होने वाली किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में एमडीडीए ने शिमला बाईपास रोड स्थित बालाजी एन्क्लेव में दो अलग-अलग अवैध निर्माणों को सील किया। शौकीन द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर प्राधिकरण की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई पूरी की। वहीं जुल्फी एवं अन्य द्वारा किए गए अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई करते हुए भवनों को सील किया गया। यह कार्रवाई संयुक्त सचिव गौरव चटवाल के निर्देशों पर सहायक अभियंता विजय रावत, अवर अभियंता जितेंद्र सिंह एवं सुपरवाइजरों की टीम द्वारा संपन्न की गई।
प्राधिकरण के साथ जनता की सजगता से रुकेगा अवैध निर्माण— बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण शहर के नियोजित विकास के लिए पूर्ण कड़ाई से कार्य कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध कॉलोनाइज़र, अनधिकृत निर्माणकर्ता और बिना अनुमति भूमि काटने वालों पर निरंतर और सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अपील की कि जनता किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण शुरू करने से पूर्व प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य प्राप्त करे, जिससे उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की जटिलता का सामना न करना पड़े। तिवारी ने कहा कि भूखंड या प्लॉट खरीदने से पहले नागरिक प्राधिकरण की वेबसाइट या कार्यालय से उसकी वैधता अवश्य जांच लें। साथ ही यदि कहीं भी अवैध प्लॉटिंग या बिना स्वीकृति निर्माण दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत एमडीडीए को दें।
मास्टर प्लान के अनुरूप शहर के विकास का लक्ष्य — मोहन सिंह बर्निया
सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण की प्राथमिकता देहरादून में नियम-सम्मत निर्माण को प्रोत्साहित करना और अवैध गतिविधियों पर पूर्ण रोक लगाना है। उन्होंने बताया कि मास्टर प्लान को ध्यान में रखते हुए सभी निर्माण गतिविधियों की सतत निगरानी की जा रही है। सचिव ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के अनधिकृत निर्माण, अवैध प्लॉटिंग या नियम-विरुद्ध गतिविधि में शामिल व्यक्तियों पर ध्वस्तीकरण, सीलिंग सहित नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि एमडीडीए की टीमें प्रतिदिन क्षेत्रीय निरीक्षण कर रही हैं और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा रही है, जो लगातार जारी रहेगी।
सीएम धामी बोले—सरदार पटेल की दूरदर्शिता और दृढ़ नेतृत्व ने अखंड भारत की नींव रखी
देहरादून/वडोदरा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुजरात के वडोदरा स्थित साधली में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित यूनिटी मार्च एवं सरदार गाथा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरदार पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और अथक समर्पण से स्वतंत्र भारत की अखंडता की नींव रखी। खेड़ा और बारदोली के किसान आंदोलनों में उनके नेतृत्व ने उन्हें देश का सच्चा जन-नायक स्थापित किया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को नए आयाम मिल रहे हैं और सरदार पटेल के सपनों को मूर्त रूप दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता, अखंडता और गौरव को सुदृढ़ करने की दिशा में केंद्र सरकार निरंतर महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।
इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, गुजरात सरकार के कैबिनेट मंत्री जीतू वाघाणी सहित कई वरिष्ठजन एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
ड्रग टेस्ट में स्टूडेंट पॉजिटिव मिलने पर डीन व कॉलेज स्वामी पर होगी आपराधिक कार्रवाई
देहरादून। जिले में नशीले पदार्थों के बढ़ते खतरे और विद्यार्थियों में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिलाधिकारी सविन बंसल ने सभी शिक्षण संस्थानों में रोस्टरवार ड्रग टेस्टिंग अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के तहत मंगलवार को दूसरे दिन भी उप जिलाधिकारी सदर हरिगिरि के नेतृत्व में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में 150 विद्यार्थियों की रैंडम सैंपलिंग की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा है कि किसी भी स्कूल या कॉलेज में ड्रग टेस्टिंग के दौरान विद्यार्थी पॉजिटिव पाए जाने पर संबंधित डीन या संस्थान प्रबंधक के खिलाफ अपराधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नशामुक्त उत्तराखंड के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासन ने “कड़े और बड़े कदम” उठाए हैं, ताकि किशोरों और युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
ड्रग टेस्टिंग अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की कि वे इस प्रक्रिया को लेकर घबराएँ नहीं, बल्कि प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान का मकसद विद्यार्थियों को नशे से दूर रखना और प्रदेश में नशामुक्त माहौल तैयार करना है।
जिला प्रशासन ने सभी सरकारी और निजी शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग्स कमेटी को सक्रिय करने और उसमें एक छात्र तथा एक छात्रा को प्रतिनिधि के रूप में शामिल करने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही, नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से संबंधित सूचनाओं को प्रोत्साहित करने के लिए स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर हेल्पलाइन नंबरों के पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन हेल्पलाइन में मानस हेल्पलाइन 1933, एनसीवी मानस पोर्टल और जिला डी-एडिक्शन सेंटर हेल्पलाइन 9625777399 शामिल हैं। इन नंबरों पर प्राप्त शिकायतों पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही है।
जिला प्रशासन रायवाला स्थित ओल्ड एज होम में 30 बेड वाले नशामुक्ति एवं मानसिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन कर रहा है। साथ ही एम्स ऋषिकेश के साथ एमओयू कर 10 बेड इंटेंसिव थेरेपी यूनिट को नशामुक्ति मामलों के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा, जिला प्रशासन ने अपने स्तर पर एंटी-ड्रग हेल्पलाइन 9625777399 भी जारी की है, ताकि नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई को और मजबूत बनाया जा सके।
उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग ने वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान, पिथौरागढ़ डीएम को आरोपी प्राध्यापक के विरुद्ध जांच और कठोरतम कार्रवाई के आदेश
पिथौरागढ़। बेरीनाग महाविद्यालय में छात्राओं से छेड़छाड़ के गंभीर व शर्मनाक आरोप के मामले में महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्वतः संज्ञान लिया है। मामले में एक पीड़ित छात्रा द्वारा दर्ज कराई गई लिखित शिकायत के बाद पूरा प्रकरण उजागर होने पर आरोपी प्राध्यापक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा।
इसी बीच, उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कण्डवाल ने वायरल वीडियो के आधार पर घटना को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिलाधिकारी पिथौरागढ़ को फोन पर वार्ता के क्रम में त्वरित, प्रभावी और कठोरतम कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाए और दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त दंड सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा यह घटना अत्यंत निंदनीय है और इससे महाविद्यालय की छात्राओं में असुरक्षा का माहौल पैदा होने की आशंका गहरा गई है। शिक्षण संस्थान जहां सुरक्षित वातावरण और विश्वास का केंद्र होते हैं, वहाँ इस प्रकार की हरकतें न केवल संस्थान की गरिमा को ठेस पहुँचाती हैं, बल्कि छात्राओं के मनोबल पर भी गंभीर प्रभाव डालती हैं।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी पीड़िता को पूर्ण सुरक्षा, सहयोग और मानसिक संबल प्रदान करने का भरोसा दिलाया है।
महिला आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है कि इस मामले पर आयोग लगातार निगरानी रखेगा।
कार्निवाल को सफल बनाने के लिए विभागों को समयबद्ध कार्य योजना तैयार करने के निर्देश
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने मंगलवार को राजपुर रोड स्थित मंथन सभागार में “मसूरी विंटर लाईन कार्निवाल 2025” की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। मसूरी में 24 से 29 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले इस भव्य कार्निवाल को सफलतापूर्वक संपन्न कराने हेतु मंत्री ने संबंधित विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में विंटर लाईन कार्निवाल को आकर्षक और भव्य बनाने के लिए शोभा यात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, एडवेंचर स्पोर्ट्स, प्रतियोगिताएं, गोष्ठियां, पारंपरिक आयोजनों, फूड फेस्टिवल, मोटर बाइक रैली, मैराथन, नेचर वॉक, स्टार गेजिंग, हिस्ट्री वॉक तथा विन्टेज रैली जैसी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा समयबद्ध तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि पहाड़ों की रानी मसूरी में कार्निवाल अवधि के दौरान आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए पार्किंग, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल-विद्युत आपूर्ति, अलाव व्यवस्था और सफाई जैसे सभी प्रबंध समय पर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने स्थानीय कलाकारों और उत्तराखंड की संस्कृति को प्राथमिकता देते हुए सप्ताहभर चलने वाले कार्निवाल में विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कराने पर जोर दिया।
फूड फेस्टिवल के संबंध में मंत्री ने निर्देश दिए कि पहाड़ी व्यंजनों के साथ-साथ मिलेट्स आधारित खाद्य पदार्थ और उनसे बने उत्पादों को विशेष रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि कार्निवाल प्रदेश की संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण अवसर है, इसलिए इनके व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी देहरादून सविन बसल, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित जिला प्रशासन के अधिकारी एवं कार्निवाल समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
काठगोदाम से लौटते समय दुर्घटना, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हल्द्वानी। नैनीताल रोड पर एमबीपीजी कॉलेज के पास केटीएम बाइक अनियंत्रित होकर स्कूटी से टकराकर ठेले में घुस गई। हादसा इतना गंभीर था कि दसवीं कक्षा के छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गौरव गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है।
मृतक की पहचान फूलचौड़ निवासी ललित बिष्ट के पुत्र मयंक बिष्ट (16) के रूप में हुई है, जो कक्षा दसवीं का छात्र था। उसके साथ मौजूद दोस्त गौरव भी गंभीर रूप से घायल हुआ है। दोनों किसी काम से काठगोदाम गए थे और फूलचौड़ वापस लौटते समय यह हादसा हुआ।
दुर्घटना के बाद मयंक को गंभीर हालत में एसटीएच लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मयंक के सिर, सीने और पेट पर गहरी चोटें थीं। टक्कर की तीव्रता इतनी अधिक थी कि उसका सिर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। यह दृश्य देखने वाले लोगों में दहशत फैल गई और अस्पताल में सूचना मिलते ही परिजनों एवं परिचितों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
गौरव को प्राथमिक उपचार के बाद नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसके पैर में फ्रैक्चर होने की पुष्टि हुई है।
भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि बाइक अचानक कैसे अनियंत्रित हुई। पुलिस ने वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
देहरादून। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी से उनके शासकीय आवास में चंपावत निवासी पर्वतारोही वीरेंद्र सिंह सामंत ने भेंट की। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ने उन्हें माउंट एवरेस्ट फतह कर देश और उत्तराखंड का नाम गौरवान्वित करने पर शॉल एवं पौधा भेंट कर सम्मानित किया।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने वीरेंद्र सिंह सामंत के साहस, धैर्य और उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि उत्तराखंड की भूमि वीरों और प्रतिभाओं की जन्मभूमि रही है, और सामंत की यह उपलब्धि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने पर्वतारोही को भविष्य के अभियानों के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

गौरतलब है कि वीरेंद्र सिंह सामंत ने 18 मई 2025 को विश्व की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट पर भारतीय तिरंगा और एनसीसी का ध्वज फहराकर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की थी।
गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद राज्यपाल सचिवालय ने जारी की अधिसूचना
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्यपाल के आधिकारिक आवासों के नाम में बड़ा बदलाव करते हुए देहरादून और नैनीताल स्थित राजभवनों को अब ‘लोक भवन’ नाम देने का निर्णय लागू कर दिया है। जारी अधिसूचना के साथ दोनों भवनों का नाम औपचारिक रूप से बदल गया। शासन स्तर पर बीते कुछ समय से इस परिवर्तन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही थी।
गृह मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद राज्यपाल के सचिव रविनाथ रामन द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार देहरादून और नैनीताल के राजभवन अब तुरंत प्रभाव से लोक भवन कहलाएंगे। यह परिवर्तन सरकारी अभिलेखों, पत्राचार और सभी आधिकारिक प्रयोजनों में लागू होगा।
इस नाम परिवर्तन के पीछे ऐतिहासिक संदर्भ भी जुड़ा है। ‘राजभवन’ शब्द की जड़ें ब्रिटिश शासनकाल में हैं, जब अंग्रेजी प्रशासन अपने उच्चाधिकारियों के आवासों को गवर्नमेंट हाउस कहा करता था। स्वतंत्रता के बाद इन्हीं भवनों को राज्यपालों का आवास घोषित किया गया और समय के साथ इन्हें ‘राजभवन’ के नाम से पहचाना जाने लगा। अब राज्य सरकार ने इस औपनिवेशिक पहचान को बदलते हुए इसे जनता-केन्द्रित नाम लोक भवन देने का फैसला लिया है।

