सीएम धामी ने ‘लोकल फॉर वोकल’ को बताया विकास की कुंजी
गोपेश्वर। पुलिस लाइन मैदान गोपेश्वर में सात दिवसीय सहकारिता मेला 2025 का शुभारंभ किया गया। मेले का उद्घाटन सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने वर्चुअल माध्यम से किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में थराली विधायक श भूपाल राम टम्टा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद गोपेश्वर के अध्यक्ष संदीप रावत ने की। मेले में भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल, जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र सिंह रावत, वरिष्ठ नागरिक कल्याण परिषद के अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वीडियो संदेश में सहकारिता को आर्थिक व्यवस्था से परे समाज को जोड़ने और छोटे किसानों, महिला समूहों, श्रमिकों और ग्रामीण समुदाय को सशक्त बनाने का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष–2025 और राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष में आयोजित यह मेला “लोकल फॉर वोकल” को बढ़ावा देने और सामूहिक विकास को गति देने का महत्वपूर्ण अवसर है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सहकारिता क्षेत्र को तकनीकी सशक्तीकरण, डिजिटलीकरण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के माध्यम से राष्ट्रीय विकास की मुख्य धारा में नई ऊर्जा मिल रही है।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि सहकारी मेला सामूहिक चेतना का उत्सव है और चमोली जिला अपनी प्राकृतिक विविधता और सामूहिकता की भावना के लिए जाना जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के छह जनपदों में आयोजित सहकारिता मेलों में एक लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया है। सहकारी समितियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण के परिणामस्वरूप 281 महिलाएं अध्यक्ष, 159 उपाध्यक्ष और 2517 महिलाएं संचालक चुनी गई हैं।
चमोली जिला सहकारी बैंक द्वारा अब तक 1370 करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया गया है और जिले में तीन नई शाखाएं खोली जानी हैं। दीन दयाल उपाध्याय योजना के तहत प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को शून्य ब्याज पर ऋण दिया गया है, जिसमें चमोली के 25,767 किसान शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य 10,000 से अधिक “लखपति दीदी” तैयार करना है।
विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि सहकारिता के माध्यम से महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर तेजी से बढ़े हैं और कोविड-19 के बाद हुए रिवर्स पलायन को सहकारिता ने स्थायी आजीविका में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्तवाल ने महिला समूहों द्वारा गांव-गांव में आर्थिक गतिविधियों के विस्तार को सराहनीय बताया। जिला सहकारी बैंक के पूर्व अध्यक्ष गजेन्द्र रावत ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों ने शून्य ब्याज ऋण लेकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है और पैक्स के माध्यम से ग्रामीणों को जरूरी सामान अब गांव में ही उपलब्ध हो पा रहा है।
मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहे, जिनमें राजकीय बालिका इंटर कॉलेज द्वारा स्वागत बंधन, राजकीय महाविद्यालय गोपेश्वर द्वारा लोकनृत्य, टंगसा महिला मंगल दल द्वारा लोकगीत तथा रूद्रेश कला मंच द्वारा वित्तीय समावेशन और साइबर सुरक्षा पर आधारित नृत्य-नाट्य शामिल रहे। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने वित्तीय समावेशन, डिजिटल सुरक्षा और सहकारी व्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
कार्यक्रम में मातृशक्ति सशक्तिकरण ऋण योजना और भारत दर्शन ऋण योजना का विमोचन किया गया। बहुउद्देशीय साधन सहकारी समितियों के माध्यम से 19 लाभार्थियों को 21 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए, जबकि एम-पैक्स, मैठाणा, गौणा, पीपलकोटी, छिनका, गोपेश्वर, मुन्दोली, नलधूरा और तुंगेश्वर समितियों को माइक्रो एटीएम मशीनें प्रदान की गईं। मेले के प्रथम दिवस में बड़ी संख्या में किसानों, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही।
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने एक माह के भीतर सभी लैब चालू करने और पुस्तकालयों हेतु तुरंत बजट जारी करने को कहा
देहरादून। पीएमश्री स्कूलों में कम्प्यूटर लैब एवं पुस्तकालयों के स्थापना में तेजी लायी जाए। कम्प्यूटर लैब अगले एक माह में स्थापित की जाए। यह निर्देश मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में पीएमश्री स्कूलों की समीक्षा के दौरान दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पुस्तकालयों के लिए शीघ्र बजट आवंटित किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि 32 पीएमश्री स्कूलों में एकीकृत विज्ञान प्रयोगशालाओं की स्थापना में भी तेजी लायी जाए। जिनका बजट जारी किया जाना है । एक माह के भीतर बजट जारी कराया जाए। उन्होंने टिंकरिंग लैब शीघ्र उपलब्ध कराए जाने के लिए आईआईटी कानपुर से लगातार संवाद कर निर्धारित समय सीमा के अंदर कार्य को पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी पीएमश्री स्कूलों में खेल के मैदान उपलब्ध कराए जाने पर भी शीघ्रातिशीघ्र कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक के दौरान बताया गया कि प्रदेश में कुल 226 विद्यालयों को पीएमश्री विद्यालयों के रूप में चुना गया है। इसमें 34 प्राथमिक एवं 192 माध्यमिक विद्यालया शामिल हैं। इसके साथ ही 15 और अन्य विद्यालयों को स्वीकृति मिली है। बताया गया कि पीएमश्री के 22 कम्पोनेंट्स में से 16 को 100 प्रतिशत लागू कर लिया गया है। बाकि 6 कम्पोनेंट्स का कार्य विभिन्न चरणों में गतिमान है।
कुंजापुरी मंदिर दर्शन के लिए आए थे यात्री, कई घायल, बचाव कार्य जारी
टिहरी। टिहरी जनपद में कुंजापुरी मंदिर के पास एक बड़ा सड़क हादसा हो गया, जब गुजरात से आए श्रद्धालुओं से भरी एक बस अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई और राहत-बचाव कार्य तेज़ी से शुरू कर दिया गया।
एसडीआरएफ को सूचना मिली कि नरेंद्रनगर क्षेत्र के कुंजापुरी–हिंडोलाखाल मार्ग पर एक यात्री बस करीब 70 मीटर गहरी खाई में गिर गई है। बताया गया कि बस में कुल 29 यात्री सवार थे, जो गुजरात से कुंजापुरी दर्शन के लिए पहुंचे थे। सूचना मिलते ही सेनानायक अर्पण यदुवंशी के निर्देश पर ढालवाला, कोटि कॉलोनी और वाहिनी मुख्यालय से एसडीआरएफ की पाँच टीमें राहत-बचाव कार्य के लिए भेजी गईं।
स्थानीय ग्रामीण भी तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस–प्रशासन के साथ मिलकर घायलों को बाहर निकालने में सहायता करने लगे। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी बृजेश भट्ट ने पुष्टि की कि दुर्घटना में अब तक पाँच लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें चार पुरुष और एक महिला शामिल हैं।
घायल यात्रियों में से तीन को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है, जबकि चार अन्य का उपचार श्रीदेव सुमन उप जिला अस्पताल, नरेंद्रनगर में चल रहा है। शेष 17 यात्रियों को सामान्य चोटें आई हैं और उनकी प्राथमिक चिकित्सा की जा रही है।
भारतीयों के लिए 1000 और विदेशियों के लिए 3000 रुपये रहेगा शुल्क
देहरादून। उत्तराखंड के दो प्रमुख अभयारण्यों—काॅर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व—में अब पर्यटक हाथी पर बैठकर जंगल की रोमांचक सैर का आनंद ले सकेंगे। लंबे समय से प्रतीक्षित इस अनुमति के लिए वन विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। दोनों रिजर्व के चयनित जोनों में सुबह-शाम हाथी सफारी संचालित की जाएगी।
इन जोनों में मिलेगी हाथी सफारी की सुविधा
जारी आदेश के अनुसार कार्बेट टाइगर रिजर्व में बिजरानी और ढिकाला क्षेत्र को हाथी सफारी के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि राजाजी टाइगर रिजर्व के चीला जोन को शामिल किया गया है। सभी स्थानों पर दो-दो घंटे की निर्धारित अवधि में सफारी उपलब्ध रहेगी, जिसका संचालन जिप्सी सफारी के समान समय पर होगा।
भारतीय पर्यटकों के लिए सफारी शुल्क 1000 रुपये, जबकि विदेशी पर्यटकों के लिए 3000 रुपये निर्धारित किया गया है।
राजकीय हाथियों के जरिये चलेगी सफारी
सफारी का संचालन 15 नवंबर से 15 जून तक राजकीय हाथियों के माध्यम से होगा। इसमें आशा, अलबेली, रानी, रंगीली और राधा जैसे प्रशिक्षित हाथी शामिल रहेंगे। अधिकारियों के अनुसार ये हाथी अनुभवशील हैं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सफारी के लिए चयनित किया गया है।
स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने दी थी मंजूरी
हाथी सफारी प्रस्ताव को इसी वर्ष जून में हुई स्टेट वाइल्ड लाइफ बोर्ड की बैठक में स्वीकृति मिली थी। बोर्ड का उद्देश्य है कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों को जंगल, वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक व्यवहार से निकटता से रूबरू होने का मौका मिले। इस पहल से प्रकृति पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री धामी बोले—”उनका बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा”
देहरादून। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में ड्यूटी के दौरान भारतीय सेना के जवान अग्निवीर दीपक सिंह शहीद हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां भारती की सेवा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले उत्तराखंड के इस वीर सपूत का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार को इस कठिन घड़ी में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।
स्वच्छंद घूमने वाली गायों के लिए बनेगा आश्रय स्थल
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने किया शिलान्यास
अल्मोड़ा/दौलाघट। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के दौलाघट में प्रदेश के पहले कान्हावन का शिलान्यास और भूमि पूजन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तराखंड कैबिनेट मंत्री एवं सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रही।
उन्होंने कहा कि यह कान्हावन योजना क्षेत्र की स्वच्छंद घूमने वाली गौमाताओं को आवास, पोषण तथा सुरक्षा प्रदान करेगी। इसके साथ-साथ बायोगैस संयंत्र और गोमूत्र व गोबर से बनने वाले उत्पादों के जरिये स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि जो पशु आमतौर पर फसलों के लिए हानिकारक माने जाते थे, वे गौमाताएं भविष्य में रोजगार का नया माध्यम बनेंगी।
रेखा आर्य ने कहा कि प्रदेश की पहली कान्हावन योजना का शुभारंभ उनके विधानसभा क्षेत्र सोमेश्वर से होना गौरव की बात है। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीण आजीविका के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, ब्लॉक प्रमुख हवालबाग हिमानी, ग्राम प्रधान रमणा सोनी पांडे, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, एनडी जोशी, ललित तिवारी, भुवन चंद्र पांडे, नवीन चंद्र, हरीश रौतेला, गणेश पांडे, विजय बिष्ट, महेंद्र लाल, मुकुल पांडे, ख्याली पांडे, संतोष जोशी, मुकेश जोशी, हरीश उपाध्याय, महेश डांगी, भरत भूषण उपस्थित रहे।
दिव्यांग भाई और विधवा मां की जिम्मेदारी निभा रही प्रियंका के जीवन में लौटी उम्मीद की किरण
देहरादून। आर्थिक संकट से जूझ रही चन्द्रबनी निवासी होनहार इंजीनियर प्रियंका कुकरेती को जिला प्रशासन की पहल पर एक प्रतिष्ठित निजी शैक्षिक संस्थान में लैब ऑफिसर के रूप में नियुक्ति मिली है। पिता के वर्ष 2021 में देहांत और दिव्यांग भाई की जिम्मेदारी के कारण परिवार की परिस्थितियाँ अत्यंत कमजोर हो गई थीं।
बीते अक्टूबर में प्रियंका अपनी माता के साथ जिलाधिकारी सविन बंसल से मिली थीं तथा आर्थिक स्थिति और रोजगार की आवश्यकता से अवगत कराया था। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल राहत देते हुए रायफल फंड से ₹25,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की थी और उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया था।
जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रियंका को निजी शैक्षणिक संस्थान में लैब ऑफिसर के पद पर नियुक्त करवाया। साथ ही, प्रियंका की आगे की उच्च शिक्षा में बाधा न आए, इसके लिए डीएम ने उन्हीं के संस्थान में अगले सत्र में एम.टेक. कार्यक्रम में प्रवेश सुनिश्चित कराने का भी वचन दिया है।
नौकरी मिलने के बाद प्रियंका अपनी माता के साथ जिलाधिकारी को धन्यवाद देने कलेक्ट्रेट पहुँचीं। प्रियंका ने कहा कि प्रशासनिक सहयोग ने उनके जीवन में नई ऊर्जा और उम्मीद जगाई है।
जिलाधिकारी सविन बंसल ने कहा कि प्रतिभाशाली बेटियों की शिक्षा और रोजगार किसी भी परिस्थिति में बाधित नहीं होने दिए जाएंगे। जिला प्रशासन हर संभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
सोमेश्वर में रन फॉर यूनिटी में शामिल हुई कैबिनेट मंत्री
सोमेश्वर। लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर रविवार को सोमेश्वर में ‘रन फॉर यूनिटी’ पैदल यात्रा का आयोजन किया गया। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या अपने निजी आवास से शहीद स्मारक तक आयोजित इस यात्रा में सम्मिलित हुई।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एक धागे में पिरोने का महान कार्य किया था।
उन्होंने कहा कि हम राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए ही सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
रन फॉर यूनिटी में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, मंडल अध्यक्ष सोमेश्वर सुंदर सिंह राणा, मंडल अध्यक्ष ताकुला जगदीश डंगवाल, मंडल अध्यक्ष स्याहीदेवी गणेश जलाल, मंडल अध्यक्ष मजखाली दीपक बोरा, मंडल अध्यक्ष कंडारकुआं हरीश परिहार, मोहन दोसाद, देवेंद्र नयाल, अंजलि जोशी, महेश्वर सिंह, संजीव श्रीवास्तव, खड़क सिंह नेगी, जयंत सिंह कैड़ा, प्रभारी जिला युवा कल्याण अधिकारी पीतांबर प्रसाद सहित कई स्कूलों के बच्चे, शिक्षक और समाजसेवी मौजूद रहे।

पार्टी छोड़ भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष
ताकुला ब्लॉक के कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष शेर सिंह बिष्ट ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। उन्होंने अपने साथियों समेत कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के समक्ष भाजपा की सदस्यता ली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बचीकुची कांग्रेस पार्टी जल्द ही नेता विहीनता की स्थिति की तरफ बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकारों की नीतियों के चलते जनता का जो रुझान है, उसे देखते हुए अब हर कोई भाजपा के साथ आना चाहता है। इस अवसर पर पिंकी आर्या, दीवान राम, ग्राम प्रधान लोद हिमांशु मैनाली, उप प्रधान लोद हेमंत रमोला, ग्राम प्रधान लद्यूडा पंकज पांडे, गांव लोक से सामाजिक कार्यकर्ता मनोज रमोला, ग्राम प्रधान उत्तरौडा घुड़दौड़ा मोहन राम, पूर्व आईबी निदेशक राजेंद्र पांडे, ग्राम प्रधान बंगसर जगदीश तिवारी, ग्राम प्रधान पड़ौलिया मनोज कुमार, गांव गुरा से राकेश जोशी, ग्राम प्रधान डौनी बिशन राम, गांव बचुराडी से कुंवर सिंह रावत ने भी भाजपा की सदस्य ग्रहण की।
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अजमेर स्थित अखिल भारतीय उत्तराखंड धर्मशाला आश्रम, तीर्थराज पुष्कर के द्वितीय तल का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी, स्थानीय नागरिक तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सर्वप्रथम वे तीर्थराज पुष्कर की पवित्र भूमि पर विराजमान सृष्टि के आदि रचयिता, वेदों के प्रणेता भगवान ब्रह्माजी को साष्टांग प्रणाम करते हैं। उन्होंने कहा कि तीर्थराज पुष्कर की इस तपोमय भूमि पर उपस्थित होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य एवं प्रसन्नता का विषय है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक ग्रंथों में पुष्कर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार, गया और प्रयाग को पंचतीर्थ के रूप में वर्णित किया गया है। इनमें भी ब्रह्माजी की यज्ञस्थली पुष्कर को समस्त तीर्थों का गुरु कहा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुष्कर केवल एक तीर्थ नहीं बल्कि सनातन संस्कृति की अनश्वर ज्योति है जो मानवता को सदैव धर्म, तप, त्याग और सद्गुणों के पथ पर चलने की प्रेरणा देती रही है।
उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा का पुण्य तभी पूर्ण माना जाता है जब तीर्थराज पुष्कर के पावन सरोवर में स्नान किया जाए। मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए बताया कि संभवतः इसी आध्यात्मिक महिमा और आभा से प्रेरित होकर उनके माता-पिता ने उनका नाम ‘पुष्कर’ रखा।
मुख्यमंत्री धामी ने आयोजन समिति और प्रवासी उत्तराखंडियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे राजस्थान में नहीं बल्कि देवभूमि के अपने परिजनों के बीच होने का अनुभव कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह धर्मशाला आने वाले समय में श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण आश्रय स्थल बनने के साथ-साथ उत्तराखंड और राजस्थान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक पुनर्जागरण
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की सनातन संस्कृति विश्व पटल पर नई पहचान बना रही है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर, महाकाल लोक, केदारनाथ-बद्रीनाथ धामों के पुनर्निर्माण जैसे कार्यों ने भारतीय आध्यात्मिक धरोहर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सरकार भी पीएम मोदी के मार्गदर्शन में केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, श्रीकृष्ण यमुना तीर्थ सर्किट, हरिद्वार–ऋषिकेश कॉरिडोर, शारदा कॉरिडोर सहित अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य कर रही है। इसके साथ ही दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सांस्कृतिक स्वरूप व सामाजिक सौहार्द की रक्षा हेतु कठोर कदम
मुख्यमंत्री श्री धामी ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड संपूर्ण भारत की आस्था और संस्कृति का केंद्र है। इस पवित्र भूमि के मूल स्वरूप की रक्षा हेतु राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण और कठोर निर्णय लिए हैं | जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध कठोर कानून लागू किया गया। लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी घृणित मानसिकताओं पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दंगारोधी कानून लागू कर दंगाइयों से ही क्षति की भरपाई की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में हरा–नीला–पीला कपड़ा लगाकर सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित कर 10 हजार एकड़ से अधिक भूमि को मुक्त कराया गया। देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई, जिससे सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था सुनिश्चित हुई। प्रदेश में नया कानून लागू कर मदरसा बोर्ड समाप्त किया गया और सभी विद्यालयों में सरकारी बोर्ड मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया। 250 से अधिक अवैध मदरसों को बंद किया गया। “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत धार्मिक स्थलों पर भेष बदलकर पाखंड फैलाने वाले तत्वों पर सख्त कार्रवाई जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य देवभूमि में अलगाववादी सोच नहीं बल्कि ज्ञान और संस्कार के मंदिर स्थापित करना है।
प्रवासी उत्तराखंडियों से आग्रह
मुख्यमंत्री ने उपस्थित उत्तराखंडियों से आह्वान किया कि वे जहाँ भी रहें, अपने राज्य की संस्कृति, पहचान और पूर्वजों की गौरवशाली परंपरा को सदैव गर्व के साथ आगे बढ़ाएं।उन्होंने कहा कि “हमारा संकल्प है कि उत्तराखंड को देश की आध्यात्मिक राजधानी बनाएं। ‘विकल्प रहित संकल्प’ के मंत्र के साथ हम निरंतर आगे बढ़ रहे हैं और इसमें प्रत्येक उत्तराखंडी अपनी निष्ठा एवं परिश्रम के साथ योगदान देगा।”
आश्रम निर्माण में सहयोग हेतु आभार
कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि आश्रम के निर्माण हेतु उत्तराखंड सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए की सहयोग राशि प्रदान की गई थी, जिसके लिए मुख्यमंत्री धामी का हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में ओंकार सिंह लखावत, अध्यक्ष – राजस्थान धरोहर संरक्षण प्राधिकरण एवं वरिष्ठ भाजपा नेता, सुरेश सिंह रावत, विधायक एवं मंत्री – राजस्थान सरकार, लोकबंधु, जिलाधिकारी – अजमेर,
एस. एस. तड़ागी, अध्यक्ष – अखिल भारतीय उत्तराखंड आश्रम, राजेंद्र व्यास व बड़ी संख्या में प्रवासी उत्तराखंडी एवं स्थानीय प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे |
अल्मोड़ा- जिले के सल्ट क्षेत्र में स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डभरा के परिसर में बड़ी मात्रा में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। स्कूल परिसर की झाड़ियों से 161 जिलेटिन जैसी विस्फोटक रॉड बरामद होने के बाद पुलिस व सुरक्षा एजेंसियाँ सतर्क हो गईं और मामले को गंभीरता से जांचने में जुट गई हैं। घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या ये सामग्री किसी वैध निर्माण कार्य के लिए लाई गई थी या फिर इसे किसी असामान्य उद्देश्य से यहाँ रखा गया था।
हाल ही में जिले के विभिन्न हिस्सों में सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहे हैं, जिनमें नियंत्रित विस्फोटक सामग्री का उपयोग आम है। लेकिन इतनी बड़ी मात्रा में जिलेटिन का जंगलनुमा क्षेत्र में बिना सुरक्षा प्रबंध के मिलना अधिकारियों के संदेह को और गहरा कर रहा है। नियमों के अनुसार विस्फोटक सामग्री को लाइसेंस, परमिट और सुरक्षित भंडारण स्थल में ही रखा जा सकता है।
एसएसपी अल्मोड़ा देवेंद्र पींचा ने बताया कि जांच कई दिशाओं में आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह विस्फोटक सामग्री आसपास के किसी निर्माण परियोजना से जुड़ी थी या किसी संवेदनशील गतिविधि के लिए इकट्ठी की गई थी।
घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वाड, थाना पुलिस, एलआईयू तथा आईआरबी टीमों की मदद से पूरे क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान चलाया। स्थानीय निवासियों से पूछताछ की गई और उन्हें किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देने की अपील की गई। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचने की भी सलाह दी।
घटना का खुलासा तब हुआ जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाचार्य सुभाष सिंह ने झाड़ियों में संदिग्ध पैकेट देखे और तुरंत पुलिस को सूचित किया। इसके बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने क्षेत्र को घेरकर तलाशी शुरू की। तलाशी के दौरान दो अलग-अलग स्थानों से कुल 161 बेलनाकार पैकेट बरामद किए गए। उधमसिंह नगर और नैनीताल की बम डिस्पोज़ल टीमें तथा डॉग स्क्वाड (मौली और रैम्बो) ने आइटम की पहचान और खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बम निरोधक दस्ते ने सभी पैकेटों को सुरक्षित तरीके से एकत्र किया और सील पैक कर सुरक्षित स्थान पर रखा। टीम ने पुष्टि की कि ये जिलेटिन रॉड प्रकार की विस्फोटक सामग्री है, जिसे सुरक्षा कारणों से नियमानुसार नष्ट किया जाएगा। पूरे अभियान की रिकॉर्डिंग ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से की गई।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 4(क) एवं 288 बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी संवेदनशील सामग्री स्कूल परिसर तक पहुँची कैसे और इसे वहाँ किसने छिपाया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में तेजी से प्रगति हो रही है और जल्द पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।
